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                <title>Caracas - दैनिक जागरण</title>
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                <title>वेनेजुएला में फिर 5.6 तीव्रता का भूकंप, मौतों का आंकड़ा 1430 पहुंचा, हजारों अब भी लापता</title>
                                    <description><![CDATA[लगातार आ रहे झटकों से बढ़ी तबाही, राहत और बचाव अभियान जारी; भारत समेत कई देशों ने भेजी मदद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/6a40c99786e64/article-57184"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/venezuela-earthquake-(4).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वेनेजुएला में भूकंप का संकट लगातार गहराता जा रहा है। रविवार को एक बार फिर 5.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जिससे पहले से तबाह इलाकों में दहशत और बढ़ गई। यूरो-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के मुताबिक, इस बार भूकंप का केंद्र अरागुआ तट के पास समुद्र में लगभग 30 किलोमीटर की गहराई में था। इससे पहले 24 जून को 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए थे, जबकि शनिवार को भी 4.9 तीव्रता का झटका महसूस किया गया था। लगातार आ रहे झटकों के कारण राहत कार्य प्रभावित हो रहे हैं और कई इमारतें, जो पहले से कमजोर हो चुकी थीं, अब पूरी तरह ढह गई हैं। अब तक इस आपदा में 1430 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि भूकंप आने के 72 घंटे बाद भी करीब 68,900 लोग लापता हैं। बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं, लेकिन समय बीतने के साथ उम्मीदें कम होती जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़े भूकंप के बाद शुरुआती 48 से 72 घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इसी दौरान जीवित लोगों को सुरक्षित निकालने की संभावना सबसे अधिक रहती है। कई प्रभावित इलाकों में हालात बेहद कठिन बने हुए हैं। राहत टीमों की संख्या जरूरत के मुकाबले कम पड़ रही है। ऐसे में स्थानीय लोग अपने परिजनों की तलाश खुद कर रहे हैं। कई जगहों पर परिवार हथौड़े, फावड़े और दूसरे साधारण औजारों की मदद से मलबा हटाते दिखाई दे रहे हैं। कहीं कोई अपने बेटे को ढूंढ रहा है तो कहीं कोई अपने माता-पिता के जिंदा मिलने की उम्मीद में लगातार मलबा हटाने में जुटा है। हालात ऐसे हैं कि लोग बिना थके घंटों तक राहत कार्य में लगे हुए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राजधानी कराकस सहित कई शहरों में सैकड़ों इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है। हजारों घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं, जबकि कई इमारतें रहने लायक नहीं बची हैं। बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़कर सड़कों, पार्कों और खुले मैदानों में अस्थायी टेंट लगाकर रहने को मजबूर हैं। बिजली और पानी जैसी बुनियादी सेवाएं भी कई इलाकों में प्रभावित हैं। सरकारी बिजली कंपनी के कर्मचारी क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों की मरम्मत में जुटे हुए हैं, लेकिन लगातार आफ्टरशॉक आने से काम में दिक्कतें आ रही हैं। वेनेजुएला सरकार का कहना है कि राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। अमेरिका, मेक्सिको, कोलंबिया, अल सल्वाडोर, स्विट्जरलैंड समेत कई देशों से बचावकर्मी मौके पर पहुंचे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 861 से अधिक अंतरराष्ट्रीय बचावकर्मी प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी 25 अंतरराष्ट्रीय सर्च एंड रेस्क्यू टीमों के करीब 1000 आपातकालीन कर्मियों को भेजने की घोषणा की है। भारी मशीनें, दमकल विभाग की टीमें और मेडिकल स्टाफ लगातार प्रभावित इलाकों तक पहुंचाए जा रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारत ने भी वेनेजुएला की मदद के लिए 'ऑपरेशन अमिस्ताद' शुरू किया है। स्पेनिश भाषा में 'अमिस्ताद' का अर्थ दोस्ती होता है। इस अभियान के तहत भारतीय वायुसेना के दो C-17 ग्लोबमास्टर विमानों से लगभग 35 टन राहत सामग्री भेजी गई है। इनमें आवश्यक दवाइयां, मेडिकल उपकरण और राहत सामग्री शामिल हैं। इसके साथ ही 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल यूनिट की 41 सदस्यीय मेडिकल टीम भी वेनेजुएला पहुंची है। डॉक्टरों और नर्सों की यह टीम घायलों का इलाज करेगी और जरूरत पड़ने पर अस्थायी अस्पताल भी स्थापित करेगी। राहत कार्यों के सामने सबसे बड़ी चुनौती देश के मुख्य एयरपोर्ट का क्षतिग्रस्त होना है। इंटरनेशनल रेस्क्यू कमेटी (IRC) की चीफ एलिनोर रेक्स ने बताया कि एयरपोर्ट को नुकसान पहुंचने के कारण बड़ी मात्रा में राहत सामग्री प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने में काफी मुश्किलें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश कोलंबिया में पर्याप्त राहत सामग्री उपलब्ध है, लेकिन उसे वेनेजुएला तक पहुंचाने में परिवहन सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। आने वाले दिनों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां और अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) के अनुसार, इस भीषण भूकंप से करीब 67.6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें लगभग 20 लाख लोग राजधानी कराकस में रहते हैं। हजारों परिवार बेघर हो चुके हैं और अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं। स्कूल, अस्पताल और कई सरकारी इमारतें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 14:10:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वेनेजुएला भूकंप में 235 से ज्यादा मौतें, मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी</title>
                                    <description><![CDATA[दोहरे भूकंप से सैकड़ों मौतें, हजारों घायल; राहत और बचाव अभियान में जुटी दुनिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/more-than-235-dead-in-venezuela-earthquake-search-continues-for/article-56978"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/venezuela-earthquake-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="zlAe0W_TextBase zlAe0W_Text" style="text-align:justify;">वेनेजुएला में आए भीषण दोहरे भूकंप ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इन भूकंपों में कम से कम 235 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई लोग अब भी लापता हैं और आशंका जताई जा रही है कि बड़ी संख्या में लोग मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। राहत और बचाव दल लगातार रात भर अभियान चला रहे हैं, लेकिन समय तेजी से निकलता जा रहा है और जीवित लोगों को तलाशने की उम्मीद धीरे-धीरे कम होती जा रही है। सबसे ज्यादा तबाही तटीय शहर ला ग्वाइरा, राजधानी कराकास और आसपास के इलाकों में देखने को मिली है। कई इमारतें पूरी तरह ढह गईं, सड़कें टूट गईं और हजारों परिवार बेघर हो गए। जिन लोगों के घर बच भी गए हैं, वे आफ्टरशॉक्स के डर से खुले मैदानों में रात गुजारने को मजबूर हैं। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार यह वेनेजुएला में एक सदी से भी अधिक समय में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक माना जा रहा है।</p>
<p class="zlAe0W_TextBase zlAe0W_Text" style="text-align:justify;">कराकास की रहने वाली ओरिआना वेलास्केज़ अपने पिता की तलाश में तटीय शहर काराबालेडा पहुंचीं। उन्होंने वहां के हालात को देखकर कहा कि पूरा इलाका किसी युद्ध क्षेत्र जैसा लग रहा था। उनके अनुसार उन्होंने रास्ते में कई शव देखे और जिस इमारत में उनके पिता रहते थे, वह पूरी तरह ढह चुकी थी। स्वयंसेवी बचावकर्मी मलबे में लोगों की तलाश करते दिखाई दिए। वेलास्केज़ ने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि उनके जीवन में ऐसा दिन आएगा। देर रात तक उन्हें अपने पिता का कोई पता नहीं चल पाया और उन्होंने अगले दिन भी खोज जारी रखने की बात कही। भूकंप के बाद अस्पतालों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। कई जगह डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की कमी की खबरें भी सामने आ रही हैं। घायल लोगों का इलाज अस्थायी शिविरों और खुले मैदानों में किया जा रहा है। बिजली और संचार सेवाएं भी कई इलाकों में प्रभावित हुई हैं, जिससे राहत कार्यों में मुश्किलें बढ़ गई हैं।</p>
<p class="zlAe0W_TextBase zlAe0W_Text" style="text-align:justify;">यह आपदा ऐसे समय में आई है जब वेनेजुएला पहले से ही आर्थिक और राजनीतिक संकट से जूझ रहा है। लंबे समय से जारी आर्थिक कठिनाइयों के कारण देश की बुनियादी सेवाएं दबाव में थीं और अब इस प्राकृतिक आपदा ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। कई विशेषज्ञों का कहना है कि पुनर्वास और पुनर्निर्माण का काम बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। दुनिया भर से मदद पहुंचनी शुरू हो गई है। कई देशों ने राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और बचाव दल भेजने की घोषणा की है। अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों ने भी प्रभावित इलाकों में सहायता पहुंचाने की तैयारी तेज कर दी है। विदेशी सहायता के लिए वित्तीय मदद की घोषणाएं लगातार हो रही हैं, हालांकि विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि शुरुआती 72 घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं और इसी अवधि में अधिकतम लोगों को जीवित बचाया जा सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई इलाकों में अब भी भारी मशीनरी की जरूरत है क्योंकि हाथों से मलबा हटाने में बहुत समय लग रहा है। कई परिवार अपने प्रियजनों की तलाश में अस्पतालों, राहत शिविरों और ढही हुई इमारतों के आसपास भटकते नजर आ रहे हैं। कुछ लोग तस्वीरें लेकर घूम रहे हैं ताकि किसी तरह अपने रिश्तेदारों का पता चल सके। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन व्यवस्थाएं लागू कर दी हैं और सेना को भी राहत कार्यों में लगाया गया है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही उन इलाकों से दूर रहने को कहा गया है जहां इमारतों के गिरने का खतरा बना हुआ है। भूकंप ने सिर्फ इमारतें नहीं गिराईं, बल्कि हजारों परिवारों की जिंदगी भी बदल दी है। जिन लोगों ने अपने घर, कारोबार या प्रियजन खो दिए हैं, उनके लिए आने वाले दिन बेहद कठिन होंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 11:33:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>वेनेजुएला में 39 सेकेंड में दो बड़े भूकंप, 164 की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[7.5 और 7.2 तीव्रता के झटकों से 60 सेकेंड तक कांपी धरती, 971 घायल, देश में इमरजेंसी घोषित और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/two-major-earthquakes-in-39-seconds-in-venezuela-164-dead/article-56953"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/venezuela-earthquake.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में बुधवार शाम महज 39 सेकेंड के अंतराल में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी है। पहले 7.2 तीव्रता का झटका और उसके ठीक एक मिनट के भीतर 7.5 तीव्रता का दूसरा बड़ा झटका दर्ज किया गया। इन दोनों झटकों के बाद करीब 60 सेकेंड तक धरती लगातार हिलती रही, जिससे लोगों में दहशत फैल गई और कई शहरों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन भूकंपों का केंद्र पश्चिमी वेनेजुएला के तटीय इलाके के पास बताया जा रहा है, जो राजधानी कराकस से लगभग 290 किलोमीटर दूर है। झटकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसका असर राजधानी कराकस सहित कई बड़े शहरों तक महसूस किया गया। कई इमारतें या तो ढह गईं या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं। कराकस एयरपोर्ट की छत का हिस्सा गिरने की भी पुष्टि हुई है, जिससे यात्रियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। अब तक की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इस प्राकृतिक आपदा में 164 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 971 लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई लोग अभी भी लापता हैं और आशंका जताई जा रही है कि मलबे के नीचे बड़ी संख्या में लोग फंसे हो सकते हैं। रेस्क्यू टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं, लेकिन कई इलाकों में सड़कें टूटने और मलबा जमा होने के कारण पहुंचने में कठिनाई हो रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भूकंप के बाद कम से कम 20 आफ्टरशॉक्स भी दर्ज किए गए हैं, जिससे लोगों में डर और बढ़ गया है। कई इलाकों में लोग घरों से बाहर निकलकर खुले मैदानों में रात बिताने को मजबूर हैं। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। यह भूकंप ऐसे समय में आया जब देश में राष्ट्रीय अवकाश था और लोग ऐतिहासिक स्वतंत्रता दिवस मना रहे थे। इसी कारण अधिकतर लोग अपने घरों में मौजूद थे, जिससे हताहतों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह झटके किसी सामान्य कार्य दिवस पर आते तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिकी जियोलॉजिकल एजेंसी के अनुमान के अनुसार, इस भूकंप से बड़े पैमाने पर जनहानि की आशंका है। रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग 44 प्रतिशत संभावना है कि मृतकों की संख्या 10,000 से अधिक हो सकती है, जबकि 30 प्रतिशत संभावना यह भी जताई गई है कि यह आंकड़ा एक लाख तक पहुंच सकता है। हालांकि ये अनुमान प्रारंभिक हैं और स्थिति की गंभीरता पर लगातार अपडेट जारी किए जा रहे हैं। वेनेजुएला सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है। कार्यवाहक राष्ट्रपति ने सभी आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर दिया है और सेना को राहत कार्यों में लगाया गया है। अस्पतालों में घायलों के इलाज के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं और मेडिकल टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भूकंप का सबसे ज्यादा असर ला गुआइरा और आसपास के इलाकों में देखा गया है, जहां कई रिहायशी इमारतें गिर गई हैं। मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक झटके इतने तेज थे कि कुछ ही सेकेंड में इमारतें हिलने लगीं और देखते ही देखते कई ढह गईं। कराकस एयरपोर्ट पर भी स्थिति गंभीर रही, जहां छत का हिस्सा गिरने के बाद यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। धूल और मलबे के कारण एयरपोर्ट संचालन भी प्रभावित हुआ है। कई उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह भूकंप पिछले कई दशकों में इस क्षेत्र का सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जा रहा है। इससे पहले 1900 में 7.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। 126 साल बाद आए इस भयानक झटके ने पूरे देश को झकझोर दिया है। भूकंप के बाद कई शहरों में बिजली और संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। राहत और बचाव दल लगातार मलबा हटाने और फंसे लोगों को निकालने में जुटे हुए हैं। हालांकि लगातार आफ्टरशॉक्स के कारण बचाव कार्यों में बाधा आ रही है। स्थानीय प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां मिलकर स्थिति को संभालने की कोशिश कर रही हैं। राहत शिविर लगाए जा रहे हैं और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 17:48:35 +0530</pubDate>
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