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                <title>Real Estate - दैनिक जागरण</title>
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                <title>शाहरुख खान ने खरीदा अपना पहला आशियाना, 37 करोड़ में पूरी बिल्डिंग के बने मालिक</title>
                                    <description><![CDATA[पंचशील पार्क स्थित उसी घर से जुड़ी हैं शादी के बाद की यादें, जहां शाहरुख और गौरी ने साथ बिताए थे शुरुआती दिन; गौरी खान ने घर को दिया खास अंदाज।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/shahrukh-khan-bought-his-first-house-for-37-crores-and/article-58491"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/shah-rukh-khan-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान ने एक बार फिर अपने दिल के बेहद करीब रही यादों को संजोने वाला बड़ा फैसला लिया है। राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके पंचशील पार्क में स्थित वह घर, जहां शादी के बाद उन्होंने और गौरी खान ने अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत की थी, अब पूरी तरह उनके नाम हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक शाहरुख खान ने इस रिहायशी इमारत के दूसरे और तीसरे फ्लोर को करीब 37 करोड़ रुपये में खरीद लिया है। इससे पहले इस भवन का बेसमेंट और पहला फ्लोर उनके स्वामित्व में था। नए सौदे के बाद अब पूरी चार मंजिला इमारत का मालिकाना हक शाहरुख खान के पास आ गया है। यह संपत्ति सिर्फ एक रियल एस्टेट निवेश नहीं, बल्कि अभिनेता और उनके परिवार की अनगिनत निजी यादों से जुड़ी एक भावनात्मक धरोहर भी मानी जा रही है। लंबे समय से यह घर उनके परिवार के लिए खास महत्व रखता रहा है और अब पूरे भवन के मालिक बनने के बाद इस घर से उनका रिश्ता और भी मजबूत हो गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार यह प्रॉपर्टी दक्षिण दिल्ली के सबसे प्रतिष्ठित और महंगे रिहायशी इलाकों में गिने जाने वाले पंचशील पार्क में स्थित है। करीब 1,200 वर्ग गज में फैली इस संपत्ति की बाजार में काफी ऊंची कीमत मानी जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में हुए इस सौदे की कुल कीमत लगभग 37 करोड़ रुपये है। भूमि का मूल्यांकन लगभग 34 हजार रुपये प्रति वर्गफुट के आसपास बताया गया है। शाहरुख खान पहले से इस भवन के बेसमेंट और पहले फ्लोर के मालिक थे। अब दूसरे और तीसरे फ्लोर खरीदने के बाद पूरी इमारत का स्वामित्व उनके पास आ गया है। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण दिल्ली के इस इलाके में संपत्ति की मांग लगातार बढ़ रही है और यहां का बाजार देश के सबसे प्रीमियम रियल एस्टेट क्षेत्रों में शामिल है। ऐसे में यह खरीद केवल भावनात्मक नहीं बल्कि निवेश के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि इस संपत्ति को लेकर सबसे अधिक चर्चा इसकी आर्थिक कीमत से ज्यादा उससे जुड़ी यादों को लेकर हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">शाहरुख खान और गौरी खान की शादी 25 अक्टूबर 1991 को हुई थी। दोनों ने कोर्ट मैरिज, पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाज और निकाह सहित तीन अलग-अलग तरीकों से विवाह किया था। शादी के बाद दोनों ने कुछ समय इसी घर में बिताया था। बाद में शाहरुख अपने फिल्मी करियर को आगे बढ़ाने के लिए मुंबई चले गए और वहीं से उनके संघर्ष और सफलता की नई कहानी शुरू हुई। बावजूद इसके, दिल्ली का यह घर हमेशा उनके जीवन का एक अहम हिस्सा बना रहा। गौरी खान कई बार इस घर से जुड़े अपने अनुभव साझा कर चुकी हैं। उन्होंने बताया था कि दिल्ली उनका मायका है और इस शहर से उनका गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। इसी वजह से उन्होंने अपनी मां के घर के पास यह घर खरीदा और अपनी पसंद के अनुसार इसे डिजाइन भी किया। पेशे से इंटीरियर डिजाइनर गौरी खान ने इस घर के हर हिस्से को बेहद सोच-समझकर तैयार किया है। उन्होंने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि घर का हर कमरा परिवार की अलग-अलग यादों को समेटे हुए है। बच्चों के बचपन से लेकर परिवार के साथ बिताए खास पलों तक, हर कोने की अपनी कहानी है। घर में बनाई गई 'नॉस्टैल्जिया वॉल' इसकी सबसे खास पहचान मानी जाती है। इस दीवार पर बच्चों के बचपन से जुड़ी कई यादगार चीजें सहेजकर रखी गई हैं। इसमें सुहाना खान के मेकअप ब्रश, आर्यन खान का बैडमिंटन रैकेट, अबराम का पहला जन्मदिन उपहार और शाहरुख खान के बनाए कुछ आर्टवर्क शामिल हैं। इसके अलावा परिवार से जुड़े पुराने पोस्टकार्ड और एंटीक सजावटी वस्तुएं भी यहां फ्रेम कर लगाई गई हैं। गौरी ने इसे घर का सबसे पसंदीदा हिस्सा बताया था क्योंकि यह पूरे परिवार की यादों को एक जगह संजोकर रखता है।</p>
<p style="text-align:justify;">फिल्मी दुनिया में सुपरस्टार बनने के बाद शाहरुख खान का स्थायी निवास मुंबई का प्रसिद्ध बंगला 'मन्नत' बन गया, लेकिन दिल्ली वाला यह घर हमेशा उनकी निजी जिंदगी की शुरुआती यादों का हिस्सा रहा। यही कारण है कि उन्होंने समय के साथ इस पूरी इमारत का स्वामित्व अपने पास रखने का निर्णय लिया। फिल्मी प्रशंसकों के लिए भी यह घर विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यही वह जगह है जहां से शाहरुख और गौरी ने अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत की थी। माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह संपत्ति खान परिवार के लिए केवल एक घर नहीं बल्कि पारिवारिक विरासत के रूप में भी अहम भूमिका निभाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 16:50:29 +0530</pubDate>
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                <title>रायपुर में महिला डॉक्टर से 51 लाख की ठगी, अधूरा मकान छोड़ फरार हुआ बिल्डर</title>
                                    <description><![CDATA[रायपुर में महिला डॉक्टर से 51 लाख लेने के बाद बिल्डर अधूरा मकान छोड़ फरार हुआ, पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/6a3e48496e113/article-57038"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-builder-fraud.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायपुर में मकान बनाने का सपना एक महिला डॉक्टर के लिए बड़ी आर्थिक और मानसिक परेशानी में बदल गया। राजधानी के तेलीबांधा थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले में आरोप है कि एक बिल्डर ने मकान निर्माण के नाम पर 51 लाख रुपए से ज्यादा की रकम लेने के बाद काम अधूरा छोड़ दिया और अपना दफ्तर बंद कर फरार हो गया। पीड़ित महिला डॉक्टर की शिकायत पर पुलिस ने बिल्डर और उसके पिता के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक साजिश सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल दोनों आरोपियों की तलाश जारी है। शिकायत के मुताबिक पीड़िता डॉ. स्नेहलता दास भाठागांव स्थित साईं विला कॉलोनी में रहती हैं और पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने वर्ष 2021 में सड्डू स्थित अविनाश कैपिटल्स होम्स-2 में करीब 1489 वर्गफीट का प्लॉट खरीदा था। अपना घर बनाने के उद्देश्य से उन्होंने 16 मार्च 2023 को यूके कॉन्सेप्ट डिजाइनर के संचालक मोहित सोलंकी के साथ निर्माण अनुबंध किया। समझौते के अनुसार 22 मई 2024 तक मकान पूरी तरह तैयार कर उन्हें सौंपा जाना था। शुरुआत में निर्माण कार्य चलता रहा, लेकिन कुछ समय बाद इसकी रफ्तार धीमी हो गई और आखिरकार काम पूरी तरह बंद हो गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महिला डॉक्टर का कहना है कि मकान निर्माण की कुल लागत 51,00,916 रुपए तय की गई थी। इसके लिए उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक से 45 लाख रुपए का होम लोन लिया। इसके अलावा अपनी वर्षों की बचत और रिश्तेदारों से उधार लेकर कुल 51,31,887 रुपए बैंकिंग माध्यम से बिल्डर के खाते में जमा करा दिए। उन्हें उम्मीद थी कि तय समय पर उनका घर बनकर तैयार हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आरोप है कि पूरी रकम मिलने के बावजूद बिल्डर ने केवल मकान का ढांचा तैयार किया और प्लास्टर, ईंट का काम, फर्श, बिजली, पाइपलाइन, पेंटिंग तथा अन्य जरूरी निर्माण कार्य अधूरे छोड़ दिए। पीड़िता के अनुसार जब उन्होंने बार-बार निर्माण कार्य पूरा करने के लिए बिल्डर से संपर्क करने की कोशिश की तो पहले अलग-अलग बहाने बनाए गए। बाद में उसका मोबाइल फोन बंद आने लगा। कुछ दिनों बाद जब वह उसके कार्यालय पहुंचीं तो वहां ताला लगा मिला। आसपास के लोगों से जानकारी लेने पर पता चला कि कार्यालय बंद कर दिया गया है। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत करने का फैसला किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महिला डॉक्टर का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम का असर केवल आर्थिक रूप से ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी उन पर पड़ा है। जिस मकान के लिए उन्होंने बैंक से बड़ा लोन लिया, उसकी हर महीने ईएमआई चुकानी पड़ रही है। इसके साथ ही ब्याज, बिजली बिल, टैक्स और अन्य खर्च भी लगातार जारी हैं। अधूरे मकान को रहने लायक बनाने के लिए अब उन्हें करीब 30 से 35 लाख रुपए अतिरिक्त खर्च करने होंगे। उनका कहना है कि जीवनभर की जमा पूंजी और उधार लेकर घर बनाने का सपना देखा था, लेकिन अब वही सपना सबसे बड़ी परेशानी बन गया है। शिकायत मिलने के बाद तेलीबांधा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बिल्डर मोहित सोलंकी और उसके पिता गुलाब सिंह सोलंकी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक साजिश की धाराओं में अपराध दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार बैंक ट्रांजेक्शन, निर्माण अनुबंध, भुगतान से जुड़े दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। साथ ही दोनों आरोपियों की तलाश भी की जा रही है ताकि उनसे पूछताछ कर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रारंभिक जांच में पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इसी तरह अन्य लोगों के साथ भी धोखाधड़ी तो नहीं की गई। यदि जांच में ऐसे और मामले सामने आते हैं तो उन्हें भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में दिए गए सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रायपुर में सामने आया यह मामला उन लोगों के लिए भी एक चेतावनी माना जा रहा है जो मकान निर्माण के लिए निजी बिल्डरों या ठेकेदारों के साथ अनुबंध करते हैं। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले कंपनी की विश्वसनीयता, पुराने प्रोजेक्ट, कानूनी दस्तावेज और भुगतान की शर्तों की पूरी जांच करना जरूरी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 16:18:27 +0530</pubDate>
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