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                <title>Civic News - दैनिक जागरण</title>
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                            <item>
                <title>रायपुर में अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर, 3 एकड़ की अवैध प्लाटिंग भी ध्वस्त</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम ने जलभराव रोकने और अवैध निर्माण पर सख्ती दिखाते हुए पंडरी, सुखराम नगर और ब्रम्हदेईपारा में अतिक्रमण हटाया, अवैध प्लाटिंग पर भी बड़ी कार्रवाई की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/bulldozer-runs-on-illegal-encroachments-in-raipur-illegal-plotting-of/article-58486"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/raipur-news-(3).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">रायपुर में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या और लगातार बढ़ रहे अवैध कब्जों के खिलाफ नगर निगम ने बड़ा अभियान चलाया। निगम की टीम ने शुक्रवार को शहर के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करते हुए नालों पर किए गए अतिक्रमण हटाए, अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया और बिना अनुमति किए गए निर्माणों पर बुलडोजर चलाया। इस अभियान के तहत पंडरी कपड़ा बाजार के दुर्गा नगर क्षेत्र में नाले पर बने अवैध पाटे को तोड़ा गया, जबकि सुखराम नगर में करीब तीन एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को भी ध्वस्त कर दिया गया। निगम अधिकारियों का कहना है कि बारिश के मौसम में नालों पर कब्जों के कारण जल निकासी बाधित होती है, जिससे आसपास की बस्तियों में जलभराव की स्थिति बनती है। इसी को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि शहर में बिना अनुमति किए गए कब्जों, अवैध प्लाटिंग और जल निकासी में बाधा बनने वाले निर्माणों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर विभिन्न जोनों की टीमों ने जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से कार्रवाई को अंजाम दिया। प्रशासन का कहना है कि शहर को जलभराव मुक्त बनाने और नियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।</p>
<p>कार्रवाई की शुरुआत पंडरी स्थित प्रकाश होलसेल मार्केट के सामने से की गई, जहां नाले पर करीब 100 वर्गफीट का अवैध पाटा बनाकर कब्जा किया गया था। नगर निगम के अनुसार संबंधित दुकान संचालक ने नाले के ऊपर निर्माण कर लिया था, जिससे नाले की नियमित सफाई प्रभावित हो रही थी। बारिश के दौरान यही अतिक्रमण दुर्गा नगर और आसपास की बस्तियों में जलभराव की बड़ी वजह बन रहा था। शिकायतों और निरीक्षण के बाद निगम की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की सहायता से अवैध निर्माण को हटा दिया। अधिकारियों ने बताया कि मानसून में नालों की सफाई और पानी की निर्बाध निकासी प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी कारण ऐसे सभी निर्माणों को हटाया जा रहा है, जो जल निकासी में बाधा बन रहे हैं। इसके साथ ही नगर निगम की जोन-1 नगर निवेश विभाग की टीम ने संत कबीर दास वार्ड क्रमांक-3 के सुखराम नगर में दो अलग-अलग स्थानों पर लगभग तीन एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग के खिलाफ भी कार्रवाई की। मौके पर पहुंची टीम ने प्लाटिंग के लिए बनाई गई मुरम सड़क को काट दिया, प्रवेश मार्ग बंद कर दिया और तैयार की गई नींव को भी ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य अवैध कॉलोनियों के विकास को शुरुआती स्तर पर ही रोकना है, ताकि भविष्य में लोगों को किसी प्रकार की कानूनी या मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े। नगर निगम ने संबंधित भूमि के वास्तविक स्वामित्व की जानकारी प्राप्त करने के लिए रायपुर तहसीलदार को पत्र भी भेजा है। भूमि मालिक की जानकारी मिलने के बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>इसी अभियान के दौरान वीर शिवाजी वार्ड क्रमांक-16 के ब्रम्हदेईपारा क्षेत्र में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। यहां नाले के किनारे बनाई गई एक अवैध झोपड़ी को हटाया गया, जिससे पानी की निकासी प्रभावित हो रही थी। निगम अधिकारियों के अनुसार मानसून में शहर के संवेदनशील इलाकों में जलभराव रोकने के लिए ऐसे सभी अवैध निर्माणों की पहचान की जा रही है। नगर निगम का कहना है कि बिना अनुमति किए गए निर्माण न केवल शहर की व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि बारिश के दौरान नागरिकों के लिए गंभीर समस्याएं भी पैदा करते हैं। इसलिए भविष्य में भी अवैध प्लाटिंग, अतिक्रमण और जल निकासी में बाधा बनने वाले निर्माणों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे बिना अनुमति किसी भी प्रकार का निर्माण या प्लाटिंग न करें और नगर नियोजन से जुड़े नियमों का पालन करें। अधिकारियों ने कहा कि शहर के सुनियोजित विकास, बेहतर जल निकासी व्यवस्था और सुरक्षित आवासीय वातावरण के लिए अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। नगर निगम लगातार ऐसे क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है, जहां अवैध प्लाटिंग या नालों पर कब्जे की शिकायतें मिल रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 16:49:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रायपुर में प्रॉपर्टी टैक्स पर छूट का आज आखिरी दिन, निगम ने करदाताओं से की समय पर भुगतान की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[30 जून तक संपत्तिकर जमा करने पर मिलेगी अधिकतम 6.25 प्रतिशत की छूट, एक दिन पहले विशेष अभियान में 1070 संपत्तियों से 1.55 करोड़ रुपये से ज्यादा की वसूली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/today-is-the-last-day-of-exemption-on-property-tax/article-57429"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-property-tax.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">रायपुर नगर निगम क्षेत्र के प्रॉपर्टी मालिकों के लिए मंगलवार का दिन काफी अहम है। वित्त वर्ष 2025-26 के संपत्तिकर पर मिलने वाली छूट का आज आखिरी दिन है। नगर निगम ने शहर के सभी करदाताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर अधिकतम 6.25 प्रतिशत की छूट का लाभ जरूर उठाएं। निगम प्रशासन का कहना है कि समय पर टैक्स जमा करने से न केवल नागरिकों को आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि शहर के विकास कार्यों के लिए आवश्यक राजस्व भी समय पर उपलब्ध हो सकेगा। यही वजह है कि अंतिम दिन लोगों से अधिक से अधिक संख्या में टैक्स जमा कराने के लिए सभी जोनों में विशेष व्यवस्था की गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">छूट की समय सीमा समाप्त होने से ठीक एक दिन पहले सोमवार को नगर निगम ने व्यापक स्तर पर राजस्व वसूली अभियान चलाया। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर सभी जोनों की राजस्व टीमों ने शहर के अलग-अलग इलाकों में पहुंचकर करदाताओं से संपर्क किया और लंबित संपत्तिकर जमा कराने की कार्रवाई की। इस अभियान का असर भी देखने को मिला। निगम के अनुसार केवल एक दिन में 1070 संपत्तियों से कुल 1 करोड़ 55 लाख 63 हजार 119 रुपये का संपत्तिकर जमा कराया गया। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम दिन भी बड़ी संख्या में करदाता टैक्स जमा करने पहुंच सकते हैं, इसलिए सभी जोनों में कर्मचारियों को सतर्क रहने और भुगतान प्रक्रिया को आसान बनाने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">नगर निगम का मानना है कि समय पर टैक्स वसूली से शहर में चल रहे विकास कार्यों को गति मिलती है। सड़क निर्माण, नाली व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, पेयजल, सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए संपत्तिकर नगर निगम की आय का प्रमुख स्रोत माना जाता है। ऐसे में हर वर्ष शुरुआती महीनों में करदाताओं को छूट देकर समय पर टैक्स जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इस बार भी 30 जून तक पूरा टैक्स जमा करने वाले लोगों को अधिकतम 6.25 प्रतिशत तक की छूट देने का प्रावधान रखा गया है। निगम का कहना है कि इस सुविधा का लाभ उठाकर करदाता भविष्य में अतिरिक्त आर्थिक बोझ से भी बच सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">सोमवार को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान अलग-अलग जोनों में अच्छी राजस्व वसूली दर्ज की गई। निगम के आंकड़ों के अनुसार जोन-9 में सबसे अधिक 196 संपत्तियों से करीब 20.55 लाख रुपये जमा हुए। इसके बाद जोन-4 में 90 संपत्तियों से 20.85 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। जोन-8 में 120 संपत्तियों से लगभग 18.96 लाख रुपये, जोन-5 में 119 संपत्तियों से 15.03 लाख रुपये और जोन-10 में 136 संपत्तियों से 12.06 लाख रुपये की वसूली की गई। वहीं जोन-7 में 64 संपत्तियों से 11.01 लाख रुपये और जोन-3 में 90 संपत्तियों से लगभग 10.98 लाख रुपये का टैक्स जमा कराया गया। इसके अलावा शहर के अन्य जोनों में भी राजस्व वसूली अभियान लगातार जारी रहा। अधिकारियों के अनुसार यह आंकड़े बताते हैं कि नागरिकों ने समय सीमा समाप्त होने से पहले टैक्स जमा कराने में रुचि दिखाई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">नगर निगम ने केवल टैक्स वसूली तक ही अपने प्रयास सीमित नहीं रखे हैं। निगम प्रशासन ने सभी जोन अधिकारियों को व्यावसायिक संपत्तियों की जांच करने के भी निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि जहां टैक्स निर्धारण वास्तविक उपयोग के अनुरूप नहीं है या किसी प्रकार की विसंगति सामने आती है, वहां नियमानुसार संशोधन की कार्रवाई की जाए। निगम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से सही दर पर संपत्तिकर प्राप्त हो और राजस्व संग्रह में किसी तरह की कमी न रहे। आने वाले दिनों में इस संबंध में विशेष सर्वे और जांच अभियान भी चलाए जाने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि कई बार लोग अंतिम तारीख निकल जाने के बाद टैक्स जमा कराने पहुंचते हैं, जिससे उन्हें मिलने वाली छूट का लाभ नहीं मिल पाता। इसलिए नागरिकों से बार-बार अपील की जा रही है कि वे अंतिम दिन का इंतजार किए बिना समय रहते टैक्स जमा करें। निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद सामान्य नियम लागू होंगे और छूट का लाभ उपलब्ध नहीं रहेगा। ऐसे में जिन लोगों का संपत्तिकर अभी तक जमा नहीं हुआ है, उनके लिए आज का दिन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p>रायपुर नगर निगम का मानना है कि नागरिकों की भागीदारी से ही शहर के विकास कार्यों को लगातार आगे बढ़ाया जा सकता है। संपत्तिकर से प्राप्त राशि का उपयोग शहर में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने, स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने, नई परियोजनाओं को गति देने और सार्वजनिक सेवाओं के विस्तार में किया जाता है। इसलिए समय पर टैक्स जमा करना केवल कानूनी जिम्मेदारी ही नहीं बल्कि शहर के विकास में नागरिकों का प्रत्यक्ष योगदान भी माना जाता है। निगम प्रशासन को उम्मीद है कि अंतिम दिन बड़ी संख्या में करदाता आगे आएंगे और उपलब्ध छूट का लाभ उठाते हुए अपना संपत्तिकर जमा करेंगे। इससे नगर निगम के राजस्व में बढ़ोतरी होगी और विकास योजनाओं को समय पर वित्तीय सहायता मिल सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 15:41:35 +0530</pubDate>
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                <title>कबीर जयंती पर रायपुर में मांस-मटन बिक्री पर रोक, उल्लंघन पर होगी जब्ती</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम ने जारी किए सख्त निर्देश, होटल और रेस्टोरेंट भी निगरानी के दायरे में, स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरे शहर में करेंगी निरीक्षण]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/6a42378c29b81/article-57313"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/kabir-jayanti.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायपुर में कबीर जयंती के अवसर पर सोमवार 29 जून को मांस-मटन की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। रायपुर नगर निगम ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए पूरे नगर निगम क्षेत्र में सभी पशुवध गृहों और मांस-मटन की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मौके पर कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी दुकान, होटल या अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान में मांस-मटन की बिक्री या परोसने की पुष्टि होती है तो संबंधित सामग्री जब्त करने के साथ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। नगर निगम की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह फैसला नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देशों के पालन में लिया गया है। हर वर्ष की तरह इस बार भी कबीर जयंती के दिन धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए शहर में मांस-मटन के विक्रय पर रोक लगाने का निर्णय किया गया है। आदेश पूरे नगर निगम क्षेत्र में प्रभावी रहेगा और सभी संबंधित व्यापारियों को इसका पालन करना अनिवार्य होगा। निगम अधिकारियों ने बताया कि पहले ही संबंधित दुकानदारों और पशुवध गृह संचालकों को इसकी जानकारी दे दी गई है ताकि किसी तरह की परेशानी की स्थिति पैदा न हो।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग इस दौरान विशेष निगरानी रखेगा। अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई केवल मांस-मटन की दुकानों तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि शहर के होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की भी जांच की जाएगी। यदि किसी स्थान पर मांसाहारी भोजन बेचते या परोसते हुए पाया गया तो मौके पर ही सामग्री जब्त की जाएगी और संचालक के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई होगी। निगम का कहना है कि आदेश का उद्देश्य केवल प्रतिबंध लागू करना नहीं बल्कि उसका प्रभावी पालन सुनिश्चित करना भी है। नगर निगम ने सभी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों और स्वच्छता निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी है। सुबह से लेकर देर शाम तक अलग-अलग टीमें बाजारों, व्यावसायिक इलाकों और प्रमुख खाद्य प्रतिष्ठानों का दौरा करेंगी। अधिकारी यह भी देखेंगे कि कहीं बंद दुकान के नाम पर अवैध रूप से बिक्री तो नहीं की जा रही। यदि ऐसी कोई शिकायत मिलती है तो तत्काल जांच कर कार्रवाई की जाएगी। निगम ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं आदेश का उल्लंघन होता दिखाई दे तो उसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें। बताया जा रहा है कि पिछले वर्षों में भी विशेष अवसरों पर इस तरह के प्रतिबंध लागू किए जाते रहे हैं और अधिकांश व्यापारियों ने प्रशासन के निर्देशों का पालन किया है। इस बार भी नगर निगम को उम्मीद है कि व्यापारी और होटल संचालक नियमों का सम्मान करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक अवसरों पर शांति और व्यवस्था बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध केवल कबीर जयंती के दिन प्रभावी रहेगा। इसके बाद सामान्य दिनों की तरह मांस-मटन की बिक्री पूर्व निर्धारित नियमों के अनुसार की जा सकेगी। हालांकि प्रतिबंध के दौरान किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरे दिन सक्रिय रहेंगी और कार्रवाई की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजेंगी। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सभी नागरिकों और व्यापारियों का सहयोग जरूरी है। शहर में जारी इस आदेश के बाद मांस-मटन कारोबार से जुड़े व्यापारियों ने भी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। कई दुकानदारों ने पहले ही ग्राहकों को सूचना देना शुरू कर दिया है कि कबीर जयंती के दिन उनकी दुकानें बंद रहेंगी। वहीं होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को भी अपने मेन्यू में आवश्यक बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि लोगों के सहयोग से आदेश का शांतिपूर्ण तरीके से पालन होगा और पूरे दिन किसी तरह की अप्रिय स्थिति सामने नहीं आएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 16:56:30 +0530</pubDate>
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                <title>रायपुर में टैक्स नहीं चुकाने वालों पर निगम सख्त, 4 परिसर सील; एक दिन में 1.33 करोड़ की वसूली</title>
                                    <description><![CDATA[634 संपत्तियों से संपत्तिकर वसूला गया, 30 जून तक एकमुश्त टैक्स जमा करने पर 6.25 प्रतिशत की छूट; बकायादारों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/corporation-strict-on-non-payment-of-tax-in-raipur-4-premises/article-57166"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-municipal-corporation-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायपुर नगर निगम ने बकाया संपत्तिकर वसूली अभियान को और तेज करते हुए एक ही दिन में बड़ी कार्रवाई की है। निगम ने 634 संपत्तियों से कुल 1 करोड़ 33 लाख 20 हजार 157 रुपये का संपत्तिकर वसूल किया। वहीं लंबे समय से टैक्स जमा नहीं करने वाले संपत्तिधारकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए चार आवासीय-सह-व्यावसायिक परिसरों को सील कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान एक संपत्ति मालिक ने मौके पर ही बकाया राशि का भुगतान कर दिया, जिसके बाद निगम अधिकारियों ने आगे की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की। नगर निगम ने साफ संकेत दिए हैं कि जो लोग समय पर टैक्स जमा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ आने वाले दिनों में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। नगर निगम का यह अभियान शहर में राजस्व संग्रह बढ़ाने और बकाया कर की वसूली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए संपत्तिकर जमा कराने को लेकर लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। निगम का कहना है कि समय पर कर संग्रह होने से शहर में सड़क, नाली, सफाई, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास कार्यों को गति मिलती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विशेष अभियान में सभी जोनों की राजस्व टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में बकायादारों से संपर्क किया। इस दौरान कई लोगों ने स्वेच्छा से बकाया कर जमा किया, जबकि कुछ स्थानों पर निगम की सख्ती भी देखने को मिली। आंकड़ों के अनुसार कुल 634 संपत्तियों से 1.33 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूली गई। जोनवार प्रदर्शन में जोन-10 सबसे आगे रहा, जहां 103 संपत्तियों से 22.11 लाख रुपये का कर संग्रह किया गया। इसके अलावा जोन-7 से 16.12 लाख रुपये, जोन-8 से 13.51 लाख रुपये और जोन-2 से 13.36 लाख रुपये की वसूली दर्ज की गई। सबसे सख्त कार्रवाई जोन-6 में देखने को मिली। यहां वार्ड-61 के चार ऐसे आवासीय-सह-व्यावसायिक परिसरों को सील कर दिया गया, जिनके मालिक लंबे समय से संपत्तिकर का भुगतान नहीं कर रहे थे। निगम अधिकारियों ने बताया कि कई बार नोटिस देने और समय देने के बावजूद कर जमा नहीं किया गया था। इसके बाद नियमानुसार सीलबंदी की कार्रवाई की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सीलबंदी के दौरान एक दिलचस्प स्थिति भी सामने आई। जैसे ही निगम की टीम ने कार्रवाई शुरू की, एक संपत्तिधारक ने तुरंत बकाया राशि का आंशिक भुगतान कर दिया। मौके पर ही 33,175 रुपये जमा किए गए। अधिकारियों का कहना है कि कई बार सख्त कार्रवाई के बाद ही लोग बकाया कर जमा करने के लिए आगे आते हैं। हालांकि जिन लोगों ने अब तक कर जमा नहीं किया है, उनके खिलाफ आगे भी सीलबंदी, कुर्की और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने शहर के नागरिकों से अपील की है कि वे 30 जून से पहले अपना संपत्तिकर जमा कर विशेष छूट का लाभ उठाएं। निगम के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 का संपत्तिकर एकमुश्त जमा करने वाले करदाताओं को 6.25 प्रतिशत की विशेष छूट दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह सुविधा नागरिकों को समय पर कर भुगतान के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दी गई है। निगम ने कर भुगतान की प्रक्रिया को भी पहले की तुलना में आसान बनाया है। अब नागरिक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से अपना संपत्तिकर जमा कर सकते हैं। ऑनलाइन भुगतान की सुविधा मिलने से लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं, जबकि ऑफलाइन भुगतान के लिए भी सभी जोन कार्यालयों में आवश्यक व्यवस्था की गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नगर निगम का मानना है कि समय पर टैक्स जमा होने से शहर के विकास कार्यों के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे। निगम अधिकारियों के अनुसार, संपत्तिकर शहर के विकास का प्रमुख राजस्व स्रोत है। इसी राशि से सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट, पेयजल व्यवस्था, सफाई, सीवरेज और अन्य जनसुविधाओं से जुड़े कार्य किए जाते हैं। इसलिए सभी नागरिकों का समय पर कर भुगतान करना शहर के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। गौरतलब है कि यह पहला बड़ा अभियान नहीं है। इससे पहले 19 जून को भी नगर निगम ने 525 संपत्तियों से 1 करोड़ 3 लाख 12 हजार 440 रुपये की वसूली की थी। लगातार दूसरे सफल अभियान के बाद निगम प्रशासन का उत्साह बढ़ा है और अब अंतिम तिथि से पहले अधिक से अधिक करदाताओं से बकाया राशि वसूलने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि आगामी दिनों में उन संपत्तियों की सूची तैयार की जा रही है, जिन पर लंबे समय से कर बकाया है। ऐसे मामलों में पहले नोटिस जारी किए जाएंगे और उसके बाद भी भुगतान नहीं होने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की कार्रवाई से बचने का सबसे आसान तरीका समय पर कर जमा करना है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 17:36:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>रायपुर में अवैध नल कनेक्शन नियमित कराने का शुल्क बढ़ा, कांग्रेस ने उठाए सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम की नई योजना के तहत घरेलू कनेक्शन वैध कराने के लिए 20,882 रुपये जमा करने होंगे, विपक्ष ने आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/congress-raised-questions-on-increase-in-fee-for-regularizing-illegal/article-57127"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-water-connection.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायपुर नगर निगम ने शहर में वर्षों से चल रहे अवैध नल कनेक्शनों को नियमित करने के लिए विशेष अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। निगम का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य जलकर राजस्व बढ़ाना और सभी जल उपभोक्ताओं को आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल करना है। हालांकि योजना की घोषणा के साथ ही इसे लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। घरेलू अवैध नल कनेक्शन को वैध कराने के लिए 20 हजार रुपये से अधिक की राशि तय किए जाने पर कांग्रेस ने निगम प्रशासन और राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि पहले इसी प्रक्रिया के लिए केवल 600 रुपये शुल्क लिया जाता था, जबकि अब आम लोगों पर भारी आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार रायपुर शहर में लगभग 3.50 लाख संपत्तियां हैं, लेकिन इनमें से केवल 2.21 लाख संपत्तियों के नल कनेक्शन ही निगम के रिकॉर्ड में वैध रूप से दर्ज हैं। इसका मतलब यह है कि करीब 90 हजार संपत्तियों में ऐसे जल कनेक्शन हैं जो वर्षों से पानी की आपूर्ति ले रहे हैं, लेकिन उनका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। निगम प्रशासन का मानना है कि ऐसे कनेक्शनों की वजह से जलकर के रूप में मिलने वाला राजस्व प्रभावित हो रहा है और इससे नगर निगम को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी जोन कार्यालय अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध जल कनेक्शनों की पहचान करें और उन्हें नियमित करने की प्रक्रिया तेज करें। इसी उद्देश्य से 'एकमुश्त जलकर निपटान योजना' लागू की गई है। इस योजना के तहत 15 जुलाई से 15 अक्टूबर 2026 तक नागरिकों को अपने अवैध नल कनेक्शन नियमित कराने का अवसर मिलेगा। निगम ने इसे अंतिम मौका बताया है और स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा के बाद कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">योजना के अनुसार आधा इंच के घरेलू नल कनेक्शन को वैध कराने के लिए 5 हजार रुपये नियमितीकरण शुल्क और 15,882 रुपये वैध कनेक्शन शुल्क देना होगा। इस तरह कुल 20,882 रुपये एकमुश्त जमा करने होंगे। वहीं व्यावसायिक उपयोग के लिए आधा इंच के कनेक्शन पर 15 हजार रुपये नियमितीकरण शुल्क और 15,882 रुपये कनेक्शन शुल्क मिलाकर कुल 30,882 रुपये का भुगतान करना होगा। निगम ने यह भी साफ किया है कि पूरी राशि एक बार में जमा करनी होगी। इसके अलावा संबंधित संपत्ति की यूनिक आईडी से कनेक्शन को लिंक करना और निर्धारित प्रारूप में अनुबंध करना भी अनिवार्य रहेगा। नगर निगम का कहना है कि इस अभियान के पूरा होने के बाद अवैध कनेक्शनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति निर्धारित अवधि के भीतर आवेदन नहीं करता है तो उसका जल कनेक्शन काटा जा सकता है। इसके साथ ही नियमितीकरण शुल्क की तीन गुना तक जुर्माना राशि भी वसूली जा सकती है। अधिकारियों के अनुसार इस कदम का उद्देश्य सभी उपभोक्ताओं को नियमों के दायरे में लाना और जल वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी ओर कांग्रेस ने इस योजना को आम लोगों के हितों के खिलाफ बताते हुए विरोध शुरू कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में अवैध नल कनेक्शन को वैध कराने के लिए केवल 600 रुपये का शुल्क लिया जाता था। अब उसी प्रक्रिया के लिए 20 हजार रुपये से अधिक की राशि तय कर दी गई है, जिससे मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवार जो वर्षों से पानी का उपयोग कर रहे हैं, उनके लिए इतनी बड़ी राशि एक साथ जमा करना आसान नहीं होगा। नगर निगम का पक्ष है कि जल वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित बनाने और राजस्व बढ़ाने के लिए यह अभियान जरूरी है। अधिकारियों का कहना है कि वैध कनेक्शन होने से भविष्य में उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की कानूनी या प्रशासनिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही जल आपूर्ति से जुड़ी योजनाओं का लाभ भी केवल पंजीकृत उपभोक्ताओं तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 14:07:14 +0530</pubDate>
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