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                <title>POCSO - दैनिक जागरण</title>
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                <title>बारुईपुर रेप-मर्डर केस में मुख्य आरोपी गिरफ्तार, SIT जांच में कई अहम खुलासे</title>
                                    <description><![CDATA[पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दावा- दुष्कर्म के बाद नाबालिग को जिंदा तालाब में फेंका गया; मामले में तीन गिरफ्तार, जांच तेज।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/main-accused-arrested-in-baruipur-rape-murder-case-many-important-revelations/article-58050"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/baruipur-case.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी आनंद सरदार को गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार देर शाम चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान उसे शहर के बाजार इलाके से पकड़ा गया। अधिकारियों के अनुसार इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। यह मामला सामने आने के बाद इलाके में लगातार तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बच्ची 4 जुलाई को घर से अपनी सहेली के लिए उपहार खरीदने निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिवार ने उसकी तलाश की और कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। अगले दिन सूर्यपुर हाट इलाके के एक तालाब से उसका शव बरामद हुआ, जिसके बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आए शुरुआती निष्कर्षों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। रिपोर्ट के अनुसार बच्ची के फेफड़ों और पेट में पानी मिला है, जिससे आशंका जताई गई कि दुष्कर्म के बाद उसे जीवित अवस्था में तालाब में फेंका गया था। चिकित्सकीय जांच में यह भी सामने आया कि सिर पर गंभीर चोट लगी थी और शरीर के कई हिस्सों पर खरोंच तथा काटने के निशान मिले हैं। प्रारंभिक जांच के मुताबिक सिर पर किसी भारी वस्तु से हमला किया गया था या उसे किसी कठोर सतह पर जोर से पटका गया। अधिक खून बहने और डूबने की वजह से उसकी मौत होने की बात कही गई है। अधिकारियों के अनुसार अंतिम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु के कारणों और घटनाक्रम की पूरी तस्वीर और स्पष्ट होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस जांच में घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। जांचकर्ताओं को कुछ फुटेज में बच्ची चार लोगों के साथ जाती हुई दिखाई दी है। पुलिस इन लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की पुष्टि करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, गवाहों के बयान और फोरेंसिक जांच के आधार पर मामले की हर कड़ी को जोड़ा जा रहा है। इसी बीच मुख्य आरोपी आनंद सरदार की गिरफ्तारी को जांच में अहम सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि उससे पूछताछ के आधार पर आगे और महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा भी सामने आया। बच्ची का शव मिलने के कुछ ही देर बाद भीड़ ने एक ऐसे व्यक्ति को पकड़ लिया, जिस पर इस वारदात में शामिल होने का संदेह था। उसकी पहचान इंद्रजीत तांती के रूप में हुई। भीड़ ने उसकी कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस दौरान इलाके में तनाव बढ़ गया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। पुलिस ने भीड़ की हिंसा से जुड़े मामलों की भी अलग से जांच शुरू की है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील की है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को पीड़ित परिवार से मिलने जाने से रोकने के लिए उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। दूसरी ओर भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे सामान्य सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बताया। घटना के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विभिन्न दल सरकार और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि राज्य पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और तेजी से आगे बढ़ रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक से एक सप्ताह के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा है कि रिपोर्ट में न केवल इस जघन्य अपराध की जांच की प्रगति शामिल होनी चाहिए, बल्कि इसके बाद हुई भीड़ की हिंसा, पुलिस पर हुए हमलों और सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं का भी पूरा विवरण होना चाहिए। आयोग ने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कानूनी कदम समय पर उठाए जाने चाहिए। इस घटना ने एक बार फिर बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार देश में हर वर्ष बच्चों के संरक्षण से जुड़े कानूनों के तहत हजारों मामले दर्ज होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है, क्योंकि कई घटनाएं सामाजिक डर, बदनामी या अन्य कारणों से दर्ज ही नहीं हो पातीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 11:59:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नर्मदापुरम में नशे में स्कूल पहुंचा शिक्षक निलंबित, बच्चों से अभद्र व्यवहार के आरोप पर केस दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[इटारसी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय का मामला, शिक्षक पर छात्र-छात्राओं से दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोप; मेडिकल रिपोर्ट में नशे की पुष्टि के बाद विभागीय कार्रवाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/teacher-reached-school-drunk-in-narmadapuram-case-registered-against-him/article-57832"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/narmadapuram.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय से सामने आए मामले ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इटारसी के आदिवासी विकासखंड केसला के एक गांव स्थित प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक गोपाल गिरी गोस्वामी पर स्कूल में शराब के नशे में पहुंचने, बच्चों के साथ मारपीट करने और छात्राओं से कथित रूप से अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगे हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में स्कूल पहुंच गए और शिक्षक के व्यवहार के वीडियो बनाकर अधिकारियों तक पहुंचाए। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के साथ बाल संरक्षण कानून के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं जनजातीय कार्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से शिक्षक को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार घटना गुरुवार की बताई जा रही है, जब शिक्षक कथित रूप से नशे की हालत में स्कूल पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे और बच्चों के सामने अनुचित व्यवहार कर रहे थे। आरोप है कि उन्होंने एक छात्र से अपने जूते साफ करने के लिए कहा और उसे अनुचित तरीके से व्यवहार करने के लिए मजबूर करने की कोशिश की। वहीं एक छात्रा को अनुचित संबोधन से बुलाने और अन्य छात्राओं के साथ भी आपत्तिजनक व्यवहार करने के आरोप लगाए गए हैं। मामले के सामने आने के बाद पूरे गांव में नाराजगी फैल गई और अभिभावकों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ग्रामीणों का आरोप है कि यह पहली बार नहीं था जब शिक्षक पर इस तरह के आरोप लगे हों। उनका कहना है कि वह लंबे समय से शराब के नशे में स्कूल आते थे और बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार करते थे, लेकिन इस बार घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला अधिकारियों तक पहुंच गया। आरोप यह भी है कि शिक्षक ने बीड़ी लाने से इनकार करने पर एक छात्र के साथ मारपीट की। घटना के बाद स्कूल पहुंचे ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और शिक्षा विभाग को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी आशा मौर्य, बीआरसी रत्ना सोनिया और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने अभिभावकों और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। इसके बाद जिला शिक्षा विभाग के निर्देश पर केसला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने बच्चों और उनके अभिभावकों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की। अधिकारियों के अनुसार बच्चों की काउंसलिंग भी कराई जा रही है ताकि घटना के बाद उनके मन में पैदा हुआ डर और मानसिक तनाव कम किया जा सके। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच संवेदनशीलता के साथ की जा रही है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। घटना से जुड़े वीडियो भी जांच का हिस्सा बनाए गए हैं। शिक्षा विभाग ने भी स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को भेजी जाएगी ताकि आगे की विभागीय कार्रवाई की जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">केसला थाना प्रभारी राहुल रैकवार ने बताया कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ भारतीय कानून की संबंधित धाराओं और बाल संरक्षण से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान मेडिकल परीक्षण भी कराया गया, जिसमें शिक्षक के नशे में होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग विवेक नागवंशी ने तत्काल प्रभाव से शिक्षक को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। शिक्षा विभाग का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और विद्यालय का वातावरण सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुचित व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बीईओ आशा मौर्य ने बताया कि पालकों, बच्चों और स्कूल से जुड़े अन्य लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। सभी तथ्यों को रिपोर्ट में शामिल कर कलेक्टर को भेजा जाएगा। यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने स्कूलों में शिक्षकों की नियमित निगरानी, समय-समय पर निरीक्षण और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त व्यवस्था लागू करने की मांग की है। वहीं प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 11:51:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रायगढ़ में नाबालिग को भगाकर दुष्कर्म करने वाला आरोपी गिरफ्तार, शादी का झांसा देकर ले गया</title>
                                    <description><![CDATA[विशाखापट्टनम और संबलपुर में ले जाकर बनाया शारीरिक संबंध, पुलिस ने अभियान चलाकर युवती को सकुशल बरामद किया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/in-raigarh-the-accused-who-abducted-and-raped-a-minor/article-57215"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raigarh-crime-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी पहले किशोरी को आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम और उसके बाद ओडिशा के संबलपुर लेकर गया था। लगातार बदलती लोकेशन और तकनीकी निगरानी के बीच पुलिस ने कई दिनों तक तलाश अभियान चलाया और आखिरकार नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर लिया। मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। कोतरारोड़ थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने 27 अप्रैल 2026 को अपनी 17 वर्षीय बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 25 अप्रैल की रात परिवार के सभी सदस्य घर में सो रहे थे। देर रात करीब दो बजे जब परिजन उठे तो घर का मुख्य दरवाजा खुला मिला और बेटी अपने कमरे में नहीं थी। परिवार ने रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद आशंका जताई गई कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने बहला-फुसलाकर उसे अपने साथ ले गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धारा के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर युवती की तलाश शुरू की। प्रारंभिक जांच में उसकी लोकेशन आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में मिली। पुलिस टीम वहां रवाना होने की तैयारी कर रही थी, तभी जानकारी मिली कि दोनों ओडिशा के संबलपुर की ओर चले गए हैं। पुलिस ने तुरंत अपनी रणनीति बदली और संबलपुर के लिए रवाना हुई। इसी बीच आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा, जिससे पुलिस के सामने चुनौती और बढ़ गई। इसके बावजूद तकनीकी निगरानी जारी रखी गई और विभिन्न राज्यों की पुलिस से भी आवश्यक समन्वय किया गया। लगातार प्रयासों के बाद 26 जून 2026 को पुलिस को अहम सफलता मिली। कोड़ातराई क्षेत्र में दबिश देकर पुलिस ने नाबालिग किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। मौके से संदेही धीरज निराला उर्फ नानू (19) को भी हिरासत में लिया गया। इसके बाद दोनों को रायगढ़ लाकर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार किशोरी ने पूछताछ में बताया कि आरोपी ने उससे शादी करने का वादा किया था और इसी भरोसे पर वह उसके साथ चली गई। इसके बाद आरोपी उसे विशाखापट्टनम और फिर ओडिशा के संबलपुर लेकर गया, जहां उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 87 और 65(1) के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 6 भी जोड़ दी। पूछताछ पूरी होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में मेडिकल रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों के आधार पर आगे की जांच जारी रहेगी। यदि जांच में अन्य तथ्य सामने आते हैं तो आवश्यक कानूनी धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। पुलिस के अनुसार इस पूरे मामले में तकनीकी निगरानी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। लगातार बदलती लोकेशन के बावजूद टीम ने मोबाइल ट्रैकिंग और अन्य तकनीकी माध्यमों का उपयोग कर आरोपी तक पहुंच बनाई। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई और विभिन्न राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय बेहद जरूरी होता है। इसी वजह से युवती को सुरक्षित बरामद करने में सफलता मिली। रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि जिले में अभियान "संवेदना" के तहत गुम हुए बच्चों और किशोरियों की जल्द से जल्द सुरक्षित बरामदगी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही उन्हें बहला-फुसलाकर ले जाने, मानव तस्करी, यौन अपराध और अन्य गंभीर मामलों में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और दोषियों को कानून के दायरे में लाना है। इस मामले में भी लगातार प्रयास के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 15:40:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ग्वालियर में 19 साल बताकर दर्ज कराई गुमशुदगी, दस्तावेजों में निकली नाबालिग</title>
                                    <description><![CDATA[नोएडा से बरामद किशोरी ने काउंसिलिंग में खोला बाल विवाह का राज, हाईकोर्ट ने 15 दिन में एफआईआर के दिए निर्देश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/a-missing-person-lodged-in-gwalior-as-19-years-old/article-57198"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gwalior-news-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र में एक गुमशुदगी का मामला उस समय नया मोड़ ले गया, जब पुलिस जिस युवती को बालिग मानकर तलाश रही थी, वह बरामद होने के बाद दस्तावेजों में नाबालिग निकली। मामले की जांच के दौरान यह भी सामने आया कि किशोरी का कम उम्र में ही गुपचुप तरीके से बाल विवाह करा दिया गया था। इस खुलासे के बाद मामला केवल गुमशुदगी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बाल विवाह और पॉक्सो एक्ट से जुड़ी गंभीर कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया। हाईकोर्ट ने भी मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस को 15 दिन के भीतर बाल विवाह कराने वाले सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के सागरताल फेज-2 निवासी एक व्यक्ति ने 12 जून को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी 19 वर्षीय बेटी घर से लापता हो गई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी। सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने दो दिन पहले युवती को उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के नोएडा से बरामद कर लिया। वह बहोड़ापुर निवासी किशन खटीक के साथ मिली। पुलिस दोनों को ग्वालियर लेकर आई और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। मामले में सबसे बड़ा खुलासा उस समय हुआ जब युवती को न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट की प्रक्रिया के दौरान उसकी मार्कशीट और जन्म प्रमाण पत्र की जांच की गई। दस्तावेजों में उसकी उम्र 19 वर्ष नहीं बल्कि 17 वर्ष दर्ज मिली। इसके बाद पूरा मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण गंभीर हो गया। पुलिस ने तत्काल अपनी जांच का दायरा बढ़ाया और किशोरी से काउंसिलिंग कराई गई ताकि पूरे घटनाक्रम की सही जानकारी सामने आ सके।</p>
<p class="isSelectedEnd">काउंसिलिंग के दौरान किशोरी ने जो जानकारी दी, उसने जांच को पूरी तरह नई दिशा दे दी। उसने बताया कि उसके पिता ने उसकी इच्छा के विरुद्ध कम उम्र में ही शादी करा दी थी। वह अपने कथित पति और ससुराल पक्ष के साथ नहीं रहना चाहती थी। इसी कारण उसने घर छोड़ने का फैसला किया और पड़ोस में रहने वाले किशन खटीक के साथ चली गई। प्रारंभिक जांच में पुलिस को भी बाल विवाह की पुष्टि से जुड़े तथ्य मिले हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बाल विवाह किस परिस्थिति में कराया गया और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। इस पूरे मामले में हाईकोर्ट की भी अहम भूमिका रही। युवती के पिता ने पहले पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हैबियस कॉर्पस याचिका दायर की थी। जब युवती बरामद हुई और उसकी वास्तविक उम्र के साथ बाल विवाह का मामला सामने आया तो न्यायालय ने पुलिस को सख्त निर्देश दिए। अदालत ने बहोड़ापुर थाना पुलिस को आदेश दिया कि 15 दिन के भीतर बाल विवाह कराने वाले सभी जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए। अदालत के इस आदेश के बाद पुलिस ने जांच को और तेज कर दिया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस ने किशन खटीक के खिलाफ नाबालिग को अपने साथ ले जाने के मामले में अपहरण और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। वहीं अब जांच का फोकस किशोरी के माता-पिता, कथित पति, ससुराल पक्ष और उन सभी लोगों पर है जो बाल विवाह की प्रक्रिया में शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में उनकी भूमिका सामने आती है तो बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत अलग से मामला दर्ज किया जाएगा। बहोड़ापुर थाना प्रभारी आलोक परिहार ने बताया कि नोएडा से बरामद किशोरी की उम्र दस्तावेजों के अनुसार 17 वर्ष है। जांच के दौरान बाल विवाह की पुष्टि हुई है और न्यायालय के निर्देशों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस सभी दस्तावेजों और बयानों की जांच कर रही है ताकि किसी भी दोषी को कानून से बचने का मौका न मिले। कानूनी रूप से बाल विवाह प्रतिबंधित होने के बावजूद कई स्थानों पर ऐसे मामले सामने आते रहते हैं। बाल विवाह से न केवल बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन होता है, बल्कि उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर भी गंभीर असर पड़ता है। ऐसे मामलों में परिवार के साथ-साथ विवाह कराने वाले लोगों की भी जिम्मेदारी तय होती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/a-missing-person-lodged-in-gwalior-as-19-years-old/article-57198</link>
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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 13:56:54 +0530</pubDate>
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