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                <title>Pushyamitra Bhargav - दैनिक जागरण</title>
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                <title>इंदौर में बनेगी देश की सबसे बड़ी स्वामी विवेकानंद प्रतिमा, काम अंतिम चरण में</title>
                                    <description><![CDATA[वार्ड-85 में तेजी से चल रहा निर्माण, महापौर ने किया निरीक्षण, अगले महीने भव्य अनावरण की तैयारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/countrys-largest-swami-vivekananda-statue-will-be-built-in-indore/article-57510"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/indore-swami-vivekananda-statue.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">इंदौर में देश की सबसे बड़ी स्वामी विवेकानंद प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। शहर के वार्ड क्रमांक-85 में निर्माणाधीन इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और प्रतिमा के लिए तैयार किए जा रहे विशाल पेडेस्टल का निर्माण लगभग पूरा होने की ओर है। बुधवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ मौके पर पहुंचकर पूरे कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता और तय समयसीमा की विस्तार से जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। नगर निगम के अनुसार प्रतिमा का निर्माण निर्धारित योजना के अनुसार किया जा रहा है। इस समय सबसे अधिक ध्यान प्रतिमा के आधार यानी पेडेस्टल को मजबूत और सुरक्षित बनाने पर दिया जा रहा है। अधिकारियों ने महापौर को बताया कि आधार निर्माण का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और अब अंतिम चरण का काम तेजी से किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान महापौर ने निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए क्योंकि यह परियोजना केवल इंदौर ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण बनने जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने निर्माण स्थल पर मौजूद इंजीनियरों और अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने परियोजना से जुड़े हर चरण की जानकारी ली और पूछा कि किन-किन कार्यों को अभी पूरा किया जाना बाकी है। निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि सभी काम निर्धारित समय के भीतर पूरे कर लिए जाएंगे। यदि मौसम या अन्य किसी कारण से कोई बड़ी बाधा नहीं आती है तो अगले महीने प्रतिमा के भव्य अनावरण की तैयारी पूरी कर ली जाएगी। नगर निगम का कहना है कि अनावरण कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने की योजना भी बनाई जा रही है। स्वामी विवेकानंद देश के उन महान व्यक्तित्वों में गिने जाते हैं जिन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास, राष्ट्रभक्ति और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया। उनके विचार आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। नगर निगम का मानना है कि इतनी विशाल प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं होगी, बल्कि युवाओं को स्वामी विवेकानंद के जीवन और विचारों से जोड़ने का भी माध्यम बनेगी। शहर आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह एक प्रमुख आकर्षण बनने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">निरीक्षण के बाद महापौर ने वार्ड क्रमांक-84 में निर्माणाधीन शासकीय स्कूल का भी दौरा किया। वहां उन्होंने भवन निर्माण की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं प्राथमिकता में हैं और इन्हें समय पर पूरा करना जरूरी है। स्कूल भवन बनने के बाद आसपास के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी। महापौर ने कहा कि इंदौर लगातार विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। शहर में सड़क, शिक्षा, स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधाओं के साथ-साथ सांस्कृतिक और प्रेरणादायक परियोजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उनका कहना था कि स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा शहर की नई पहचान बनेगी और आने वाले वर्षों में यह स्थान पर्यटन और सामाजिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र भी बन सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना इंदौर की प्रतिष्ठा को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या समय रहते दूर की जा सके। सुरक्षा मानकों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है और विशेषज्ञों की देखरेख में निर्माण कार्य आगे बढ़ रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण, हरियाली और नागरिक सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा ताकि यह स्थान लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके। शहर के कई नागरिकों ने भी इस परियोजना का स्वागत किया है। उनका मानना है कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं जितने पहले थे। ऐसे में उनकी विशाल प्रतिमा नई पीढ़ी को प्रेरित करने के साथ-साथ इंदौर की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 13:43:29 +0530</pubDate>
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                <title>सफाई मित्रों के लिए इंदौर नगर निगम की नई योजना, हादसे पर मिलेगा 2.5 लाख तक इलाज सहायता</title>
                                    <description><![CDATA[ड्यूटी के दौरान दुर्घटना का शिकार होने वाले सफाई मित्रों, ड्रेनेज और सीवरेज कर्मचारियों को गंभीरता के आधार पर 25 हजार से 2.50 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/indore-municipal-corporations-new-scheme-for-safai-mitras-in-case/article-57409"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/indore-municipal-corporation.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंदौर नगर निगम ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था संभालने वाले सफाई मित्रों के हित में एक अहम फैसला लिया है। अब ड्यूटी के दौरान दुर्घटना का शिकार होने वाले सफाई मित्रों और ड्रेनेज-सीवरेज सफाई कार्य में लगे कर्मचारियों को इलाज के लिए आर्थिक सहायता मिलेगी। नगर निगम की इस नई योजना के तहत हादसे की गंभीरता के आधार पर 25 हजार रुपये से लेकर 2.50 लाख रुपये तक की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस योजना की घोषणा करते हुए कहा कि सफाई मित्र शहर की स्वच्छता व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी सुरक्षा व स्वास्थ्य को लेकर नगर निगम पूरी तरह गंभीर है। लंबे समय से ऐसी व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही थी, क्योंकि कई बार सफाई कार्य के दौरान घायल होने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों को इलाज के खर्च के लिए आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। पिछले कुछ वर्षों में इंदौर में ड्रेनेज और सीवरेज लाइन की सफाई के दौरान कई दुर्घटनाएं सामने आई हैं। कहीं जहरीली गैस के रिसाव से कर्मचारी घायल हुए तो कहीं नालों और सड़कों की सफाई के दौरान हादसे हुए। कई मामलों में कर्मचारियों को लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा, जबकि कुछ घटनाओं में गंभीर चोटों के कारण परिवारों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ गया। नगर निगम के सामने लगातार यह मांग उठ रही थी कि सफाई मित्रों के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे दुर्घटना के बाद इलाज में देरी न हो और कर्मचारियों को तत्काल राहत मिल सके। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह नई योजना तैयार की गई है। अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं बल्कि सफाई मित्रों को यह भरोसा दिलाना भी है कि संकट की स्थिति में नगर निगम उनके साथ खड़ा रहेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नई व्यवस्था के तहत सहायता राशि दुर्घटना की गंभीरता के अनुसार तय की जाएगी। यदि किसी कर्मचारी को सामान्य चोट लगती है और उपचार की आवश्यकता होती है तो उसे 25 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। अगर दुर्घटना गंभीर श्रेणी की होती है और डॉक्टर की सलाह के अनुसार लंबे इलाज की जरूरत पड़ती है, तो एक लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, अत्यंत गंभीर दुर्घटना की स्थिति में उपचार के लिए अधिकतम 2.50 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाएगी। नगर निगम का कहना है कि सहायता राशि जारी करने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है, ताकि घायल कर्मचारी को समय पर इलाज मिल सके। दुर्घटना की सूचना और प्रारंभिक दस्तावेज मिलने के बाद सहायता राशि स्वीकृत करने की कार्रवाई शुरू की जा सकेगी। इस योजना की एक खास बात यह भी है कि इसका लाभ केवल स्थायी कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। नगर निगम ने साफ किया है कि दैनिक वेतनभोगी, विनियमित और स्थायी सभी सफाई मित्र इस योजना के दायरे में आएंगे। यानी शहर की सफाई व्यवस्था से जुड़े हर कर्मचारी को जरूरत पड़ने पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी। सफाई मित्र लंबे समय से कठिन और जोखिम भरे माहौल में काम करते रहे हैं। कई बार उन्हें सीवर लाइन, ड्रेनेज चैंबर और गहरे नालों में उतरकर सफाई करनी पड़ती है, जहां गैस रिसाव, फिसलन या अन्य हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है। ऐसे में यह योजना उनके लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर लगातार देश का सबसे स्वच्छ शहर बनता रहा है और इसके पीछे सफाई मित्रों की मेहनत सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ रखने वाले इन कर्मचारियों का सम्मान करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उनके अनुसार, कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले कर्मचारियों को यदि किसी दुर्घटना का सामना करना पड़ता है तो इलाज के लिए आर्थिक चिंता नहीं होनी चाहिए। यही सोच इस योजना के पीछे है। नगर निगम का मानना है कि इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को संकट की घड़ी में आर्थिक संबल मिलेगा और वे बेहतर इलाज करा सकेंगे। शहर में सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी पिछले कुछ समय से लगातार जोर दिया जा रहा है। सुरक्षा उपकरणों के उपयोग, प्रशिक्षण और आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल पर भी निगम काम कर रहा है। हालांकि, जोखिम वाले कार्यों में दुर्घटनाओं की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं की जा सकती। ऐसे में आर्थिक सहायता की यह योजना कर्मचारियों के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी। सफाई मित्रों से जुड़े संगठनों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है और इसे कर्मचारियों के हित में उठाया गया सकारात्मक कदम बताया है। उनका कहना है कि यदि योजना का प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन हुआ तो इससे कई परिवारों को कठिन समय में राहत मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 14:17:11 +0530</pubDate>
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