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                <title>Factory Blast - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Factory Blast RSS Feed</description>
                
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                <title>रायपुर फैक्ट्री में भीषण धमाका, 3 मजदूरों की मौत: 200 मीटर दूर तक बिखरे शवों के अंग</title>
                                    <description><![CDATA[उरला की 3डी इनोवेशन फैक्ट्री में हादसे के बाद मचा हड़कंप, कई मजदूर घायल; पुलिस ने शुरू की जांच, सुरक्षा मानकों की होगी पड़ताल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/will-retire-at-the-age-of-62-not-65-high/article-58177"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/raipur-factory-blast.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित 3डी इनोवेशन फैक्ट्री में मंगलवार शाम हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री परिसर में काम कर रहे तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके शरीर के अंग करीब 200 मीटर दूर तक बिखर गए। हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग भी तेज धमाके की आवाज सुनकर घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।</p>
<p style="text-align:justify;">हादसा उरला थाना क्षेत्र के बेंड्री स्थित 3डी इनोवेशन फैक्ट्री में हुआ। विस्फोट के समय फैक्ट्री में कई मजदूर काम कर रहे थे। अचानक हुए जोरदार धमाके से पूरा परिसर हिल गया। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि फैक्ट्री का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और वहां मौजूद मजदूरों में भगदड़ मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विस्फोट किसी बम जैसी आवाज के साथ हुआ, जिसके बाद चारों ओर धूल, धुआं और मलबा फैल गया। हादसे में 25 वर्षीय कमल सिंह, लाल सिंह और 19 वर्षीय अरुण पांडे की मौत हो गई। कमल सिंह को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं लाल सिंह और अरुण पांडे की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतकों में कमल सिंह और लाल सिंह मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के निवासी थे, जबकि अरुण पांडे छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले का रहने वाला था। विस्फोट में कई अन्य मजदूर भी घायल हुए हैं। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने घायलों के बेहतर उपचार के लिए विशेष चिकित्सकीय टीम तैनात की है।</p>
<p style="text-align:justify;">हादसे के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने पूरे परिसर को घेर लिया और राहत अभियान शुरू किया। मलबे के बीच फंसे लोगों की तलाश की गई और यह सुनिश्चित किया गया कि कहीं कोई अन्य मजदूर अंदर तो नहीं रह गया है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर फैक्ट्री परिसर में आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खड़ा हो गया है। प्रारंभिक स्तर पर यह जांच की जा रही है कि फैक्ट्री में औद्योगिक सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। यह भी देखा जा रहा है कि विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ और क्या मशीनों या उत्पादन प्रक्रिया में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी इसके पीछे कारण बनी।पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां फैक्ट्री प्रबंधन, कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही हैं। साथ ही घटनास्थल से तकनीकी साक्ष्य भी एकत्र किए जा रहे हैं। यदि जांच में सुरक्षा नियमों की अनदेखी या प्रबंधन की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि यदि समय-समय पर निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट प्रभावी ढंग से किए जाएं तो इस तरह की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। हादसे के बाद आसपास के उद्योगों में काम करने वाले मजदूरों के बीच भी भय और चिंता का माहौल है।किसी भी फैक्ट्री में विस्फोट जैसी घटना कई कारणों से हो सकती है। इनमें गैस रिसाव, रासायनिक प्रतिक्रिया, दबाव वाले उपकरणों में खराबी, मशीनों का ओवरलोड होना या सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन न करना शामिल हो सकता है। वास्तविक कारणों का पता विस्तृत तकनीकी जांच और फोरेंसिक परीक्षण के बाद ही चल सकेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह पहली बार नहीं है जब छत्तीसगढ़ की किसी औद्योगिक इकाई में इस प्रकार का हादसा हुआ हो। पिछले कुछ वर्षों में भी राज्य की विभिन्न फैक्ट्रियों में विस्फोट और औद्योगिक दुर्घटनाओं की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें अनेक मजदूरों की जान गई। हर घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे, लेकिन समय के साथ अधिकांश मामलों में सुधार की प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सकी। मृतकों के परिजनों का कहना है कि उनके परिवार का सहारा छिन गया है। उन्होंने हादसे की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उचित मुआवजा देने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि यदि सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन किया जाता तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा। साथ ही यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। औद्योगिक क्षेत्र में स्थित अन्य फैक्ट्रियों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा किए जाने की संभावना जताई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 13:20:03 +0530</pubDate>
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                <title>नागपुर फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में कार्रवाई तेज, CEO की तलाश में रायपुर पहुंची पुलिस</title>
                                    <description><![CDATA[एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के सीईओ और उनके भाई की गिरफ्तारी के लिए नागपुर पुलिस ने रायपुर में कई ठिकानों पर छापेमारी की, दोनों आरोपी नहीं मिले।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/action-intensified-in-nagpur-factory-blast-case-police-reached-raipur/article-57416"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/nagpur-factory-blast.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नागपुर फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। महाराष्ट्र के नागपुर में स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के विस्फोटक निर्माण संयंत्र में हुए भीषण हादसे की जांच के सिलसिले में नागपुर पुलिस की एक टीम सोमवार को रायपुर पहुंची। टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) आलोक संपत सिंह चौधरी और उनके भाई संजय संपत सिंह चौधरी की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। हालांकि दोनों आरोपी पुलिस को नहीं मिले और फिलहाल उनकी तलाश जारी है। नागपुर पुलिस ने रायपुर की देवेंद्र नगर थाना पुलिस की सहायता से दोनों आरोपियों के आवास और कंपनी से जुड़े कार्यालयों में तलाशी अभियान चलाया। पुलिस के पास दोनों के खिलाफ पहले से स्थायी गिरफ्तारी वारंट मौजूद है। अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय के आदेश के पालन में यह कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान दोनों भाइयों का कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद उनकी तलाश और तेज कर दी गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह पूरा मामला 1 मार्च 2026 को नागपुर स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के गोला-बारूद और डेटोनेटर निर्माण संयंत्र में हुए भीषण विस्फोट से जुड़ा है। इस हादसे में 23 कर्मचारियों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री परिसर का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था और आसपास के क्षेत्र में भी इसका असर देखा गया था। घटना के बाद राहत एवं बचाव दल ने कई घंटों तक अभियान चलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया था। हादसे के बाद नागपुर पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की। जांच के दौरान फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था, संचालन प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर कई पहलुओं की जांच की गई। पुलिस ने जांच के आधार पर कंपनी के सीईओ आलोक संपत सिंह चौधरी, उनके भाई संजय संपत सिंह चौधरी तथा अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या, सबूत छिपाने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ने के बाद दोनों आरोपियों ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया था। हालांकि बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके बाद 23 मार्च 2026 को कलमेश्वर कोर्ट ने दोनों के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया। साथ ही उनके नाम पर लुक-आउट सर्कुलर (एलओसी) भी जारी किया गया, ताकि देश से बाहर जाने की किसी भी संभावित कोशिश को रोका जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हाल के दिनों में यह मामला एक बार फिर चर्चा में आया है। इसकी वजह अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा एसबीएल एनर्जी लिमिटेड और उसके सीईओ पर लगाए गए प्रतिबंध बताए जा रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने कंपनी पर सूडान में जारी गृहयुद्ध के दौरान कथित रूप से विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति से जुड़े आरोपों के आधार पर कार्रवाई की है। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित भारतीय एजेंसियों की ओर से अलग से कोई आधिकारिक निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मामला चर्चा में आने के बाद नागपुर पुलिस ने भी अपने लंबित प्रकरण में आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में रायपुर में छापेमारी की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और उनके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायपुर के सिविल लाइन एसीपी रमाकांत साहू ने बताया कि नागपुर पुलिस की टीम स्थायी गिरफ्तारी वारंट की तामील के लिए रायपुर आई थी। स्थानीय पुलिस ने पूरी कार्रवाई में सहयोग किया और दोनों आरोपियों के संभावित ठिकानों पर संयुक्त रूप से तलाशी ली गई। हालांकि दोनों आरोपी मौके पर नहीं मिले। उन्होंने कहा कि आगे भी जरूरत पड़ने पर पुलिस की ओर से सहयोग जारी रहेगा। पुलिस के अनुसार आरोपियों की तलाश केवल रायपुर तक सीमित नहीं है। उनके संभावित अन्य ठिकानों की भी जानकारी जुटाई जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर दूसरे राज्यों में भी कार्रवाई की जा सकती है। जांच एजेंसियां इस बात का भी पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों आरोपी फिलहाल कहां मौजूद हैं और क्या वे लगातार अपना ठिकाना बदल रहे हैं। फैक्ट्री ब्लास्ट में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिजनों की ओर से भी लगातार निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाती रही है। इस मामले को लेकर श्रमिक संगठनों ने भी समय-समय पर सुरक्षा मानकों के पालन और औद्योगिक इकाइयों की जवाबदेही का मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन किया जाता तो इतने बड़े हादसे से बचा जा सकता था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 14:34:37 +0530</pubDate>
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