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                <title>Recruitment - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Recruitment RSS Feed</description>
                
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                <title>असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में NOC विवाद, हाईकोर्ट ने 120 दिन में मांगी जांच रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[राजनीति शास्त्र के सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति पर उठे सवाल, उच्च शिक्षा सचिव और सीजीपीएससी को पूरे मामले की जांच कर तय समय में निर्णय लेने के निर्देश।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/noc-controversy-in-assistant-professor-recruitment-high-court-asked-for/article-58488"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/chhattisgarh-high-court-(10).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति प्रक्रिया में कथित अनियमितता के मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च शिक्षा विभाग और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) को विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की जांच कर 120 दिनों के भीतर उचित निर्णय लिया जाए। मामला राजनीति शास्त्र विषय में सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति से जुड़ा है, जहां आरोप लगाया गया है कि हरियाणा सरकार में पहले से कार्यरत एक उम्मीदवार को आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के बिना ही नियुक्ति दे दी गई। इस मामले को लेकर रायगढ़ निवासी अली हसन ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अदालत ने याचिका पर सुनवाई के बाद कहा कि यदि नियुक्ति प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब उच्च शिक्षा सचिव और सीजीपीएससी को पूरे रिकॉर्ड की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करनी होगी। माना जा रहा है कि यह फैसला भविष्य की सरकारी नियुक्तियों में पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर महत्वपूर्ण माना जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">याचिकाकर्ता अली हसन ने अपनी याचिका में बताया कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने वर्ष 2019 में राजनीति शास्त्र विषय के सहायक प्राध्यापक के 59 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद वर्ष 2021 में अंतिम चयन सूची प्रकाशित की गई, जिसमें अली हसन को अनारक्षित वर्ग की प्रतीक्षा सूची में पहला स्थान मिला। चयन सूची का अध्ययन करने के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि मुख्य चयन सूची में शामिल रंजन तिवारी पहले से हरियाणा सरकार के उच्चतर शिक्षा निदेशालय में सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। इसके बाद अली हसन ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत हरियाणा सरकार से संबंधित जानकारी मांगी। आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार रंजन तिवारी 13 फरवरी 2020 से हरियाणा के महेंद्रगढ़ स्थित शासकीय महाविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के रूप में सेवा दे रहे थे। याचिका में दावा किया गया कि उन्होंने छत्तीसगढ़ में नियुक्ति के लिए अपने वर्तमान नियोक्ता से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं किया था और न ही उसे प्रस्तुत किया गया। इसके बावजूद 29 अप्रैल 2022 को उनकी नियुक्ति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भाटापारा, जिला बलौदाबाजार में कर दी गई। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह नियुक्ति सेवा नियमों और भर्ती प्रक्रिया की शर्तों के विपरीत है।</p>
<p style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि सरकारी या अर्ध-सरकारी संस्थानों में कार्यरत अभ्यर्थियों के लिए नई नियुक्ति स्वीकार करने से पहले संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होता है। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि किसी भी कर्मचारी की सेवा स्थिति स्पष्ट रहे और नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे। याचिका में यह भी कहा गया कि भर्ती नियमों के अनुसार यदि कोई अभ्यर्थी गलत जानकारी देता है या आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करता, तो उसकी नियुक्ति रद्द की जा सकती है और उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई भी संभव है। मामले को मजबूत करने के लिए याचिकाकर्ता ने भाटापारा शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय से सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी भी अदालत के समक्ष रखी। कॉलेज प्रशासन ने अपने जवाब में स्वीकार किया कि रंजन तिवारी ने 23 मई 2022 को कार्यभार ग्रहण किया था, लेकिन उनके कार्यालय रिकॉर्ड में नियोक्ता का अनापत्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं है। इस तथ्य को अदालत ने भी गंभीरता से लिया। मामले की सुनवाई जस्टिस राकेश मोहन पांडे की एकल पीठ में हुई। अदालत ने तत्काल नियुक्ति रद्द करने का आदेश नहीं दिया, बल्कि उच्च शिक्षा सचिव और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को निर्देश दिया कि वे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करें और उपलब्ध दस्तावेजों, सेवा नियमों तथा संबंधित तथ्यों के आधार पर 120 दिनों के भीतर अंतिम निर्णय लें। हाईकोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि सरकारी नियुक्तियों में नियमों का पालन अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की प्रक्रिया संबंधी चूक को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस आदेश के बाद अब सभी की निगाहें जांच प्रक्रिया पर टिकी हैं। यदि जांच में याचिकाकर्ता के आरोप सही पाए जाते हैं तो नियुक्ति पर प्रभाव पड़ सकता है और प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थियों के अधिकारों पर भी निर्णय लिया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 16:50:03 +0530</pubDate>
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                <title>8 साल का इंतजार खत्म, छत्तीसगढ़ के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को मिलेगी सरकारी नौकरी</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति ने वर्ष 2018-19 और 2019-20 के उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन को दी मंजूरी, अधिसूचना के बाद नियुक्ति प्रक्रिया होगी शुरू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/8-years-wait-is-over-156-outstanding-players-of-chhattisgarh/article-57540"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/chhattisgarh-sports-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के खेल जगत के लिए एक बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आई है। लंबे समय से सरकारी नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे प्रदेश के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों का इंतजार अब समाप्त होने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित उच्च स्तरीय समिति की बैठक में वर्ष 2018-19 और 2019-20 के उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन को अंतिम मंजूरी दे दी गई। इस फैसले के बाद जल्द ही चयनित खिलाड़ियों की सूची सामान्य प्रशासन विभाग को भेजी जाएगी और अधिसूचना जारी होते ही सरकारी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह निर्णय उन खिलाड़ियों के लिए राहत लेकर आया है, जो पिछले करीब आठ वर्षों से अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे। खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इन खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और विभिन्न प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में प्रदेश का नाम रोशन किया है। अब सरकार की ओर से उन्हें सरकारी सेवा में अवसर देकर उनके योगदान का सम्मान किया जाएगा। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्ष 2018-19 और 2019-20 के लिए उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किए जाने हेतु निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए थे। सभी आवेदनों की नियमों और तय मानकों के अनुसार विस्तृत जांच की गई। जांच पूरी होने के बाद 156 खिलाड़ियों को पात्र पाया गया, जिनके चयन पर उच्च स्तरीय समिति ने अपनी अंतिम मुहर लगा दी। बताया गया कि चयनित खिलाड़ी प्रदेश के 20 विभिन्न खेलों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनमें कई ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाया है। अब सूची सामान्य प्रशासन विभाग को भेजी जाएगी, जिसके बाद नियुक्ति संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य सरकार के अनुसार इससे पहले भी 182 खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित कर सरकारी सेवा का लाभ दिया जा चुका है। अब नए 156 खिलाड़ियों के चयन के बाद सरकारी नौकरी पाने वाले उत्कृष्ट खिलाड़ियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे प्रदेश के युवा खिलाड़ियों में भी सकारात्मक संदेश जाएगा कि खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को उचित सम्मान और अवसर प्रदान किए जाते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि चयनित खिलाड़ियों की भूमिका केवल सरकारी नौकरी तक सीमित न रहे। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों के अनुभव और प्रतिभा का उपयोग खेल प्रशिक्षण, नई प्रतिभाओं को तैयार करने और उभरते खिलाड़ियों के मार्गदर्शन में भी किया जाना चाहिए। इससे प्रदेश में मजबूत खेल संस्कृति विकसित होगी और युवा खिलाड़ियों को अनुभवी खिलाड़ियों से सीखने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश में खेलों के लिए ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां गांव से लेकर राज्य स्तर तक प्रतिभाओं की समय रहते पहचान हो सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेल प्रतिभाओं की खोज के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि किसी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी को अवसरों की कमी का सामना न करना पड़े।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक खेल सुविधाओं का विस्तार करने, नई खेल अकादमियों की स्थापना करने और खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उनका मानना है कि यदि खिलाड़ियों को उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाएं और नियमित प्रशिक्षण मिलेगा तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। सरकार का उद्देश्य केवल सरकारी नौकरी उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि प्रदेश में खेलों का समग्र विकास करना भी है। इसके लिए खेल मैदानों, प्रशिक्षण केंद्रों और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले समय में प्रदेश के विभिन्न जिलों में खेल सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी सेवा मिलने से युवाओं का खेलों के प्रति आकर्षण बढ़ेगा। इससे अभिभावकों का भरोसा भी मजबूत होगा कि खेलों में करियर बनाने वाले बच्चों के लिए भविष्य सुरक्षित हो सकता है। यह निर्णय खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ प्रदेश में खेल संस्कृति को नई दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य सरकार का यह फैसला उन खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगा जो विभिन्न खेलों में मेहनत कर रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का सपना देख रहे हैं। सरकारी नौकरी मिलने से खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और वे भविष्य में भी खेलों से जुड़े रहकर नई पीढ़ी को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दे सकेंगे। अब सभी की निगाहें सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने पर टिकी हैं। अधिसूचना जारी होने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी और लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में शामिल होने का अवसर मिलेगा। खिलाड़ियों और उनके परिवारों में इस फैसले को लेकर खुशी का माहौल है। खेल जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि यह निर्णय प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और भविष्य में बेहतर खेल परिणाम हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 16:40:55 +0530</pubDate>
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