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                <title>रेलवे का रिजर्वेशन सिस्टम होगा हाईटेक, अब एक मिनट में 1.25 लाख टिकट होंगे बुक</title>
                                    <description><![CDATA[CRIS ने किया नए रिजर्वेशन सिस्टम का ऐलान, AI तकनीक से कम होगी सर्वर पर लोड और तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान हैंग होने की समस्या से मिलेगी राहत।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/railways-reservation-system-will-be-hi-tech-now-125-lakh-tickets/article-57614"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/indian-railways.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">भारतीय रेलवे जल्द ही अपने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। इस अपग्रेड के बाद टिकट बुकिंग की क्षमता मौजूदा व्यवस्था की तुलना में पांच गुना तक बढ़ जाएगी। नए सिस्टम के जरिए एक मिनट में करीब 1.25 लाख टिकट बुक किए जा सकेंगे, जबकि अभी यह क्षमता लगभग 25 हजार टिकट प्रति मिनट है। रेलवे का मानना है कि इस बदलाव से बढ़ती यात्री संख्या के बीच टिकट बुकिंग पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान होगी। खासकर तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर आने वाली तकनीकी दिक्कतों में काफी कमी आने की उम्मीद है। इस नई व्यवस्था की जानकारी सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) ने अपने 41वें स्थापना दिवस के अवसर पर दी। अधिकारियों के अनुसार भारतीय रेलवे लगातार डिजिटल तकनीकों को अपनाकर अपनी सेवाओं को आधुनिक बना रहा है। टिकट बुकिंग सिस्टम का यह अपग्रेड भी उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन टिकट बुक कराने वाले यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। ऐसे में कई बार सर्वर पर अचानक अधिक लोड आने से वेबसाइट धीमी पड़ जाती है या हैंग होने लगती है। सबसे ज्यादा परेशानी तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान देखने को मिलती है, जब कुछ ही मिनटों में लाखों लोग एक साथ लॉग इन कर टिकट बुक करने की कोशिश करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रेलवे अधिकारियों का कहना है कि नया सिस्टम इस बढ़ती मांग को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इसकी प्रोसेसिंग क्षमता काफी अधिक होगी, जिससे एक साथ बड़ी संख्या में आने वाले अनुरोधों को बिना रुकावट के पूरा किया जा सकेगा। इससे टिकट बुकिंग का समय घटेगा और यात्रियों को बेहतर डिजिटल अनुभव मिलेगा। रेलवे को उम्मीद है कि नए सिस्टम के लागू होने के बाद तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान वेबसाइट या ऐप के बार-बार क्रैश होने जैसी शिकायतें काफी हद तक खत्म हो जाएंगी। रेलवे ने डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने के लिए पिछले वर्ष 'रेलवन' नाम से सुपर ऐप भी लॉन्च किया था। यह ऐप यात्रियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर कई तरह की रेलवे सेवाएं उपलब्ध कराता है। अधिकारियों के अनुसार लॉन्च के बाद से इस ऐप को यात्रियों का अच्छा समर्थन मिला है। अब तक इसे 4.35 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है और इसके माध्यम से हर दिन औसतन 10 लाख से ज्यादा ट्रांजैक्शन किए जा रहे हैं। रेलवे का कहना है कि ऐप का सरल इंटरफेस और तेज काम करने की क्षमता यात्रियों को बेहतर अनुभव दे रही है। आने वाले समय में नए रिजर्वेशन सिस्टम के साथ इस ऐप की कार्यक्षमता भी और बेहतर होने की संभावना है। भारतीय रेलवे अब केवल टिकट बुकिंग तक ही तकनीक का इस्तेमाल सीमित नहीं रखना चाहता। रेलवे अपने कई अहम कार्यों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का उपयोग तेजी से बढ़ा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक AI तकनीक की मदद से ट्रेनों और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर की निगरानी पहले से अधिक प्रभावी होगी। इससे किसी तकनीकी खराबी का पता पहले ही लगाया जा सकेगा और समय रहते मरम्मत की जा सकेगी। इसका सीधा फायदा यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेन संचालन की विश्वसनीयता पर पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">रेलवे का मानना है कि भविष्य में AI आधारित सिस्टम ट्रेनों के रखरखाव की प्रक्रिया को पूरी तरह बदल सकते हैं। अभी कई बार उपकरणों में खराबी आने के बाद मरम्मत की जाती है, लेकिन नई तकनीक संभावित खराबी का पहले ही संकेत दे सकेगी। इससे दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और ट्रेनों की समयबद्धता में भी सुधार आएगा। रेलवे के लिए यह बदलाव केवल तकनीकी उन्नयन नहीं बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स के प्रबंध निदेशक जीवीएल सत्य कुमार ने कहा कि रेलवे का उद्देश्य केवल नई तकनीक अपनाना नहीं है, बल्कि उसका लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंचाना है। चाहे नया रेलवन ऐप हो, आधुनिक रिजर्वेशन सिस्टम हो या AI आधारित तकनीक, इन सभी का मकसद यात्रियों को बेहतर, तेज और भरोसेमंद सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि डिजिटल बदलाव के इस दौर में रेलवे लगातार ऐसे समाधान विकसित कर रहा है, जो भविष्य की जरूरतों को भी पूरा कर सकें। रेलवे के इस नए कदम को देश के करोड़ों यात्रियों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। हर दिन लाखों लोग ऑनलाइन टिकट बुक करते हैं और त्योहारों, छुट्टियों या तत्काल बुकिंग के समय बढ़ते दबाव के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नई तकनीक लागू होने के बाद टिकट बुकिंग प्रक्रिया पहले से अधिक तेज, स्थिर और भरोसेमंद होने की उम्मीद है। साथ ही AI आधारित सिस्टम रेलवे संचालन को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 11:27:12 +0530</pubDate>
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