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                <title>Registration - दैनिक जागरण</title>
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                <title>बड़े कचरा उत्पादकों का ऑनलाइन पंजीयन अनिवार्य, सीपीसीबी पोर्टल से होगी निगरानी</title>
                                    <description><![CDATA[शहरी निकायों को बल्क वेस्ट जनरेटर्स की पहचान कर जल्द रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और नियमों के पालन पर रहेगा फोकस।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/online-registration-of-big-waste-producers-mandatory-monitoring-will-be/article-58082"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/cpcb-portal.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों को निर्देश जारी किए हैं कि उनके क्षेत्र में संचालित सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स यानी बड़े स्तर पर कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों का अनिवार्य रूप से ऑनलाइन पंजीयन कराया जाए। इसके लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के केंद्रीकृत ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। विभाग का कहना है कि इससे प्रदेश में कचरा प्रबंधन की निगरानी मजबूत होगी और यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि बड़े संस्थान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा जारी परिपत्र में सभी नगर निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे सभी संस्थानों की पहचान करें, जो बड़ी मात्रा में ठोस कचरा उत्पन्न करते हैं। इनमें अस्पताल, होटल, बड़े आवासीय परिसर, शैक्षणिक संस्थान, औद्योगिक इकाइयां, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और अन्य बड़े संस्थान शामिल हैं। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन सभी का पंजीयन सीपीसीबी के ऑनलाइन पोर्टल पर कराना अनिवार्य होगा। विभाग ने इस प्रक्रिया को जल्द पूरा करने पर जोर दिया है ताकि नई व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू हो सके।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का यह केंद्रीकृत पोर्टल एक जून 2026 से लागू हो चुका है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत अब बड़े कचरा उत्पादकों का पंजीयन इसी पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। इस डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य केवल रिकॉर्ड तैयार करना नहीं है, बल्कि कचरे के उत्पादन से लेकर उसके संग्रहण, पृथक्करण, परिवहन और अंतिम निपटान तक की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करना भी है। इससे संबंधित विभागों को वास्तविक समय में जानकारी उपलब्ध होगी और नियमों का पालन सुनिश्चित करने में आसानी होगी। विभाग का मानना है कि शहरी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती आबादी और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण कचरे की मात्रा लगातार बढ़ रही है। यदि बड़े स्तर पर कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थान अपने स्तर पर वैज्ञानिक तरीके से उसका प्रबंधन नहीं करते हैं, तो इसका सीधा असर पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसी वजह से अब ऐसे संस्थानों को अपनी जिम्मेदारी तय करनी होगी। उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कचरे का स्रोत पर पृथक्करण किया जाए और उसका निपटान निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">इस नई व्यवस्था से स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। नगर निगम और नगर पालिकाओं को अपने क्षेत्र में सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स का सर्वे कर सूची तैयार करनी होगी। इसके बाद उनका ऑनलाइन पंजीयन कराया जाएगा और समय-समय पर उनकी गतिविधियों की निगरानी भी की जाएगी। यदि कोई संस्थान नियमों का पालन नहीं करता है या बिना पंजीयन के कार्य करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि इससे कचरा प्रबंधन प्रणाली अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनेगी। बताया जा रहा है कि इस व्यवस्था का एक प्रमुख उद्देश्य स्रोत पर कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित करना भी है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र किया जाए और उसका वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण किया जाए, तो लैंडफिल पर दबाव कम होगा और पुनर्चक्रण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सकेगी। इससे पर्यावरण प्रदूषण कम होगा और संसाधनों का बेहतर उपयोग भी संभव होगा। इसी बीच राज्य में पर्यावरण संरक्षण को लेकर हाल के दिनों में कई अन्य सख्त कदम भी उठाए गए हैं। करीब 19 दिन पहले छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने बैटरी वेस्ट के अवैध कारोबार के खिलाफ भी सख्ती दिखाई थी। मंडल ने स्पष्ट किया था कि बिना पंजीयन और आवश्यक दस्तावेजों के पुरानी बैटरियों की खरीद-बिक्री, संग्रहण, भंडारण और परिवहन पूरी तरह अवैध माना जाएगा। बैटरी वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2022 के तहत केवल पंजीकृत संस्थाओं को ही बैटरी अपशिष्ट के संग्रहण और रीसाइक्लिंग की अनुमति है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 13:37:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>NEET PG 2026 परीक्षा 30 अगस्त को होगी, NBEMS ने जारी किया पूरा शेड्यूल</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड ने NEET PG 2026 की परीक्षा तिथि घोषित की, 1 जुलाई से आवेदन प्रक्रिया शुरू, 21 जुलाई तक भर सकेंगे फॉर्म।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/neet-pg-2026-exam-will-be-held-on-30th-august/article-57637"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/neet-pg-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">मेडिकल पोस्टग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में प्रवेश की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने NEET PG 2026 परीक्षा की तारीख का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। जारी नोटिस के मुताबिक NEET PG 2026 का आयोजन 30 अगस्त 2026 को देशभर के निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराया जाएगा। इसके साथ ही बोर्ड ने आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा शहर की जानकारी और परिणाम की संभावित तारीख भी जारी कर दी है। लंबे समय से परीक्षा कार्यक्रम का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए अब तैयारी को अंतिम चरण में ले जाने का समय आ गया है। NBEMS की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 1 जुलाई 2026 से सूचना बुलेटिन उपलब्ध करा दिया गया है। इसी दिन शाम 5 बजे से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। उम्मीदवार 21 जुलाई 2026 की रात 11:55 बजे तक आवेदन पत्र जमा कर सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को सूचना बुलेटिन ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है, ताकि पात्रता, दस्तावेज, फीस और अन्य नियमों से जुड़ी किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। हर साल बड़ी संख्या में उम्मीदवार अधूरी जानकारी या दस्तावेजों में गलती के कारण आवेदन प्रक्रिया के दौरान दिक्कतों का सामना करते हैं। ऐसे में इस बार भी बोर्ड ने समय रहते सभी दिशा-निर्देश पढ़ने की अपील की है।</p>
<p style="text-align:justify;">NEET PG देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है। इसी परीक्षा के आधार पर एमडी, एमएस और पीजी डिप्लोमा जैसे पोस्टग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में दाखिला दिया जाता है। सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया इसी परीक्षा के परिणाम के आधार पर पूरी होती है। ऐसे में हर वर्ष लाखों MBBS स्नातक इस परीक्षा में शामिल होते हैं। इस बार भी देशभर से बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के आवेदन करने की संभावना है। परीक्षा एक ही दिन और एक ही शिफ्ट में कंप्यूटर आधारित प्रणाली के तहत आयोजित की जाएगी। NBEMS की ओर से जारी कैलेंडर के अनुसार 11 अगस्त 2026 को उम्मीदवारों को उनके परीक्षा शहर की जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। इसके बाद निर्धारित समय पर एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे, जिनमें परीक्षा केंद्र, रिपोर्टिंग समय और परीक्षा से जुड़े अन्य जरूरी निर्देश होंगे। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि परीक्षा शहर आवंटित होने के बाद यात्रा और रहने की व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित कर लें, ताकि परीक्षा वाले दिन किसी प्रकार की असुविधा न हो। पिछले वर्षों में कई उम्मीदवारों को अंतिम समय में यात्रा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा था।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/bhopal-noida-flight-(1).jpg" alt="NEET 2026" width="1366" height="1498"></img></p>
<p style="text-align:justify;">इस बार भी परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर आधारित होगी। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह कड़ी रहने की संभावना है। परीक्षा में प्रवेश से पहले पहचान पत्र, एडमिट कार्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, स्मार्ट वॉच, मोबाइल फोन या अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं को परीक्षा केंद्र के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। बोर्ड की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश एडमिट कार्ड जारी होने के साथ उपलब्ध कराए जाएंगे। उम्मीदवारों को समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है। NBEMS ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा से जुड़ी पात्रता, फीस संरचना, परीक्षा योजना और अन्य सभी महत्वपूर्ण जानकारियां सूचना बुलेटिन में उपलब्ध हैं। ऐसे में आवेदन करने से पहले प्रत्येक उम्मीदवार को इन्हें ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए। आवेदन भरने में जल्दबाजी करने के बजाय सभी दस्तावेजों की जांच करने के बाद ही फॉर्म जमा करना बेहतर रहेगा। विशेष रूप से नाम, जन्मतिथि, मेडिकल रजिस्ट्रेशन और अन्य विवरणों में किसी प्रकार की गलती आगे चलकर परेशानी का कारण बन सकती है। परीक्षा परिणाम को लेकर भी बोर्ड ने संभावित समयसीमा जारी कर दी है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार 30 सितंबर 2026 तक NEET PG 2026 का परिणाम घोषित किया जाएगा। इसके बाद काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें ऑल इंडिया कोटा और राज्य कोटा की सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। परिणाम घोषित होने के बाद योग्य उम्मीदवार अपनी रैंक के आधार पर विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा और परिणाम के बीच लगभग एक महीने का अंतर रखने से मूल्यांकन और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को समय पर पूरा किया जा सकेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 12:52:52 +0530</pubDate>
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