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                <title>LHB Coaches - दैनिक जागरण</title>
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                <title>रीवा से ग्वालियर के लिए नई ट्रेन शुरू, सांसद प्रतिनिधि ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना</title>
                                    <description><![CDATA[रीवा-ग्वालियर स्पेशल ट्रेन से विंध्य और ग्वालियर अंचल के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी मजबूत, यात्रियों और व्यापारियों में खुशी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/new-train-started-from-rewa-to-gwalior-mp-representative-flagged/article-58263"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/rewa-gwalior-train.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">रीवा के रेल यात्रियों के लिए बुधवार का दिन खास रहा। लंबे समय से रीवा से ग्वालियर के बीच सीधी रेल सेवा की मांग कर रहे लोगों को आखिरकार नई ट्रेन की सौगात मिल गई। बुधवार रात करीब 9 बजे रीवा रेलवे स्टेशन से रीवा-ग्वालियर स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर रीवा सांसद प्रतिनिधि (रेलवे) राजीव खंडेलवाल ने ट्रेन को रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी रही। नई ट्रेन के संचालन को विंध्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि इससे रीवा और ग्वालियर के बीच सीधी रेल सुविधा उपलब्ध हो गई है। ट्रेन रवाना होने के मौके पर स्टेशन परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। रेलवे से जुड़े अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश मीडिया समिति के सदस्य योगेंद्र शुक्ला, महेंद्र प्रताप सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और रेलवे कर्मचारी उपस्थित रहे। ट्रेन के रवाना होते ही यात्रियों ने खुशी जताई और इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/rewa-gwalior-train-(1).jpg" alt="Rewa Gwalior Train" width="1366" height="896"></img></p>
<p>रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रेन संख्या 04191 ने 8 जुलाई को ग्वालियर से अपनी पहली यात्रा शुरू की थी। यह ट्रेन सुबह 7:40 बजे ग्वालियर से रवाना होकर निर्धारित समय पर रीवा पहुंची। इसके बाद बुधवार रात इसे रीवा से वापस ग्वालियर के लिए रवाना किया गया। रेलवे का कहना है कि यह विशेष ट्रेन यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए शुरू की गई है, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होगी। नई स्पेशल ट्रेन में यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। रेलवे ने इसमें कुल 22 एलएचबी कोच लगाए हैं। इनमें 7 स्लीपर क्लास कोच, 4 थर्ड एसी कोच, 3 इकोनॉमी थर्ड एसी कोच, 2 सेकंड एसी कोच, 4 जनरल कोच और 1 दिव्यांगजन के लिए विशेष कोच शामिल है। आधुनिक एलएचबी कोच होने के कारण यात्रियों को अधिक सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न श्रेणियों के डिब्बे शामिल किए जाने से हर वर्ग के यात्रियों को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार यात्रा का विकल्प मिलेगा।</p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/rewa-gwalior-train-(2).jpg" alt="Rewa Gwalior Train" width="1366" height="921"></img></p>
<p>रीवा से ग्वालियर के बीच सीधी रेल सेवा शुरू होने से यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। अब तक इस मार्ग पर यात्रा करने वाले लोगों को कई बार दूसरे शहरों से ट्रेन बदलनी पड़ती थी या लंबी सड़क यात्रा करनी पड़ती थी। नई ट्रेन के संचालन से समय की बचत होगी और यात्रा अधिक सुविधाजनक बनेगी। इसका लाभ छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों को भी मिलेगा, जो नियमित रूप से दोनों शहरों के बीच सफर करते हैं। व्यापारिक दृष्टि से भी इस नई रेल सेवा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रीवा और ग्वालियर दोनों ही मध्य प्रदेश के प्रमुख शहर हैं और इनके बीच व्यापारिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। सीधी रेल सुविधा मिलने से व्यापारियों के लिए आवागमन आसान होगा, जिससे कारोबार को भी गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय व्यापारियों ने रेलवे और केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।</p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/rewa-gwalior-train-(3).jpg" alt="Rewa Gwalior Train" width="1366" height="921"></img></p>
<p>सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी इस नई रेल सेवा को विंध्य क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। उनका कहना है कि रीवा अब मध्य प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों से सीधे रेल नेटवर्क के जरिए जुड़ता जा रहा है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में भी लोगों को फायदा मिलेगा। कई यात्रियों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में इस ट्रेन का नियमित संचालन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर इसकी आवृत्ति भी बढ़ाई जाएगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की संख्या और मांग के आधार पर इस ट्रेन के संचालन की समीक्षा की जाएगी। यदि यात्रियों का अच्छा प्रतिसाद मिलता है तो भविष्य में इस मार्ग पर स्थायी ट्रेन सेवा या अतिरिक्त फेरों पर भी विचार किया जा सकता है। रेलवे लगातार प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए नए प्रयास कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 13:13:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>रानी कमलापति-अगरतला स्पेशल में लगेंगे एलएचबी कोच, 23 जुलाई से यात्रियों को मिलेगा अधिक सुरक्षित और आरामदायक सफर</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम मध्य रेलवे ने रानी कमलापति-अगरतला स्पेशल एक्सप्रेस में आईसीएफ कोचों की जगह आधुनिक एलएचबी कोच लगाने का फैसला किया है। नई रेक के साथ यात्रियों को बेहतर सुरक्षा, कम झटके और अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/6a468fced6f05/article-57710"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/rani-kamalapati-agartala-special.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">पूर्वोत्तर भारत की यात्रा करने वाले रेल यात्रियों के लिए राहत और सुविधा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। पश्चिम मध्य रेलवे ने रानी कमलापति-अगरतला स्पेशल एक्सप्रेस में पुराने आईसीएफ (इंटीग्रल कोच फैक्ट्री) कोचों की जगह आधुनिक एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोच लगाने का निर्णय लिया है। रेलवे के अनुसार यह बदलाव 23 जुलाई 2026 से लागू होगा। गाड़ी संख्या 01665 रानी कमलापति-अगरतला स्पेशल का संचालन इस तारीख से एलएचबी रेक के साथ शुरू होगा, जबकि वापसी दिशा में गाड़ी संख्या 01666 अगरतला-रानी कमलापति स्पेशल में 26 जुलाई 2026 से नए कोच लगाए जाएंगे। रेलवे का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य यात्रियों को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक रेल यात्रा उपलब्ध कराना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">रेलवे अधिकारियों के मुताबिक एलएचबी कोच वर्तमान समय की आधुनिक तकनीक पर आधारित होते हैं और इन्हें पारंपरिक आईसीएफ कोचों की तुलना में अधिक सुरक्षित माना जाता है। इन कोचों में बेहतर सस्पेंशन सिस्टम होने के कारण सफर के दौरान झटके कम महसूस होते हैं। साथ ही इनमें अत्याधुनिक ब्रेकिंग सिस्टम लगाया गया है, जिससे ट्रेन की रुकने की क्षमता बेहतर होती है। दुर्घटना की स्थिति में भी एलएचबी कोचों की संरचना इस प्रकार तैयार की जाती है कि कोच एक-दूसरे पर चढ़ने की संभावना काफी कम रहती है। यही कारण है कि भारतीय रेलवे पिछले कुछ वर्षों से चरणबद्ध तरीके से लंबी दूरी की अधिकांश ट्रेनों में एलएचबी कोच शामिल कर रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पश्चिम मध्य रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि रानी कमलापति और अगरतला के बीच चलने वाली यह ट्रेन मध्यप्रदेश को पूर्वोत्तर भारत से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण रेल सेवाओं में शामिल है। इस ट्रेन में हर वर्ष बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। ऐसे में आधुनिक एलएचबी कोच लगाए जाने से यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा और सुरक्षा मानकों में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार नई एलएचबी रेक में कुल 22 कोच होंगे। इनमें 4 सामान्य द्वितीय श्रेणी के डिब्बे, 8 स्लीपर कोच, 5 एसी थर्ड एसी कोच, 1 एसी थर्ड इकोनॉमी कोच, 2 एसी सेकेंड टियर कोच, 1 गार्ड सह लगेज एवं ब्रेक वैन और 1 जनरेटर कार शामिल रहेगी। इस संरचना के जरिए विभिन्न श्रेणी के यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है ताकि सामान्य श्रेणी से लेकर वातानुकूलित श्रेणी तक सभी यात्रियों को बेहतर यात्रा सुविधा मिल सके।</p>
<p class="isSelectedEnd">एलएचबी कोचों की एक और विशेषता उनकी अधिकतम गति क्षमता भी है। इन कोचों को उच्च गति पर भी अधिक स्थिरता के साथ चलने के लिए डिजाइन किया गया है। हालांकि किसी ट्रेन की वास्तविक गति ट्रैक, सिग्नल व्यवस्था और परिचालन नियमों पर निर्भर करती है, फिर भी एलएचबी कोचों की वजह से सफर पहले की तुलना में अधिक संतुलित और आरामदायक माना जाता है। इसके अलावा इन कोचों में शोर कम होता है और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान कंपन भी अपेक्षाकृत कम महसूस होता है। यही वजह है कि रेलवे लगातार अपनी प्रमुख ट्रेनों में पुराने आईसीएफ कोचों को हटाकर एलएचबी कोचों से बदल रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">रानी कमलापति-अगरतला स्पेशल मध्यप्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण रेल सेवा है। इस ट्रेन का उपयोग नौकरी, शिक्षा, व्यापार, पर्यटन और पारिवारिक कारणों से यात्रा करने वाले हजारों यात्री करते हैं। एलएचबी कोच लगने के बाद विशेष रूप से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि बेहतर सस्पेंशन, आधुनिक ब्रेकिंग प्रणाली और उन्नत सुरक्षा सुविधाओं के कारण यात्रा का अनुभव पहले की तुलना में काफी बेहतर होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">भारतीय रेलवे पिछले कुछ वर्षों से अपने नेटवर्क का आधुनिकीकरण करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। रेलवे स्टेशनों के विकास, नई वंदे भारत ट्रेनों के संचालन, आधुनिक सिग्नल प्रणाली, ट्रैक अपग्रेडेशन और एलएचबी कोचों के विस्तार जैसे कदम इसी रणनीति का हिस्सा हैं। यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना भी रेलवे की प्राथमिकताओं में शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने आईसीएफ कोचों की जगह एलएचबी कोचों का उपयोग बढ़ने से दुर्घटनाओं के दौरान होने वाले नुकसान को कम करने में भी मदद मिलेगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाते समय ट्रेन के कोच संयोजन और अन्य परिचालन संबंधी जानकारी पर ध्यान दें। 23 जुलाई से रानी कमलापति से अगरतला जाने वाली ट्रेन और 26 जुलाई से वापसी दिशा की सेवा नए एलएचबी रेक के साथ संचालित होगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 06:08:17 +0530</pubDate>
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