<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/crpf/tag-21747" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>CRPF - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/21747/rss</link>
                <description>CRPF RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>शोपियां एनकाउंटर में लश्कर कमांडर जाकिर अहमद ढेर, पांच दिन बाद मिली बड़ी सफलता</title>
                                    <description><![CDATA[पहलगाम आतंकी हमले के बाद जारी हिट लिस्ट में था शामिल, शोपियां के चनापोरा इलाके में सेना, पुलिस और CRPF का संयुक्त ऑपरेशन जारी, एक अन्य आतंकी की तलाश तेज।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/lashkar-commander-zakir-ahmed-killed-in-shopian-encounter-big-success/article-58166"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/shopian-encounter.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकवाद के खिलाफ चल रहे बड़े अभियान के बीच सुरक्षाबलों को अहम सफलता मिली है। पांच दिनों से लगातार चल रहे संयुक्त ऑपरेशन के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर जाकिर अहमद गनी को मार गिराया गया। बुधवार को चनापोरा इलाके से उसका शव बरामद किया गया। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, जाकिर उन 14 स्थानीय आतंकियों की सूची में शामिल था, जिसे पहलगाम आतंकी हमले के बाद तैयार किया गया था। इस कार्रवाई को दक्षिण कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। हालांकि ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि सुरक्षाबलों को आशंका है कि लश्कर का एक और आतंकी लतीफ भट अब भी इलाके में छिपा हो सकता है। इसी वजह से पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान लगातार जारी है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती भी की गई है। शनिवार शाम खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली थी कि चनापोरा क्षेत्र में कुछ आतंकवादी छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। शुरुआती दौर में आतंकियों की ओर से बीच-बीच में फायरिंग की गई, जिसके बाद ऑपरेशन को और व्यापक बनाया गया। घने जंगलों, बागानों और आसपास के पहाड़ी इलाकों में लगातार तलाशी चलती रही। सुरक्षाबलों ने संभावित भागने के सभी रास्तों पर अतिरिक्त जवान तैनात किए और रात के समय निगरानी के लिए विशेष उपकरणों तथा रोशनी की व्यवस्था भी की गई। कई दिनों की सघन तलाश के बाद बुधवार को जाकिर अहमद गनी का शव बरामद किया गया। अधिकारियों के अनुसार शव की पहचान और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">संयुक्त अभियान में सेना की राष्ट्रीय राइफल्स की कई इकाइयों के अलावा स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और सीआरपीएफ की बटालियनें शामिल रहीं। आतंकवाद विरोधी अभियानों में विशेषज्ञ मानी जाने वाली सेना की विक्टर फोर्स ने भी इस ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सुरक्षाबलों ने गांवों, बागानों और आसपास के इलाकों में लगातार तलाशी लेते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर बनाए रखी। अधिकारियों के मुताबिक ऑपरेशन पूरी तरह खुफिया इनपुट के आधार पर संचालित किया गया और नागरिकों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा गया। फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि कोई आतंकी बचकर निकल न सके। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार जाकिर अहमद गनी कुलगाम जिले के मतलहामा गांव का रहने वाला था। वह पिछले कुछ वर्षों से दक्षिण कश्मीर और पीर पंजाल क्षेत्र में सक्रिय था। जांच एजेंसियों का दावा है कि उसका संबंध पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क से भी रहा है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से पहले भी उसके खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी थी और अक्टूबर 2025 में अदालत के माध्यम से नोटिस जारी किया गया था। हाल के महीनों में उसका नाम पहलगाम आतंकी हमले की जांच के दौरान भी सामने आया था। यही कारण था कि पहलगाम हमले के बाद जिन 14 स्थानीय आतंकियों की सूची सुरक्षा एजेंसियों ने तैयार की थी, उनमें जाकिर का नाम प्रमुखता से शामिल था।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों के मुताबिक जाकिर के मारे जाने से दक्षिण कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। सुरक्षा रिकॉर्ड के अनुसार वह वर्ष 2024 से संगठन के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा था। वहीं लतीफ भट पिछले वर्ष संगठन में शामिल हुआ था और उसके भी इलाके में छिपे होने की आशंका जताई जा रही है। इसी कारण सुरक्षाबल पूरे क्षेत्र में अभियान जारी रखे हुए हैं। पुलिस और सेना का कहना है कि जब तक क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं हो जाता, तब तक तलाशी अभियान जारी रहेगा। पहलगाम आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ लगातार बड़े अभियान चलाए जा रहे हैं। पिछले एक वर्ष के दौरान विभिन्न अभियानों में कई शीर्ष आतंकवादी मारे गए हैं और उनके ठिकानों को ध्वस्त किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों के साथ-साथ उनके सहयोगियों और लॉजिस्टिक नेटवर्क पर भी लगातार कार्रवाई कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर आतंकवाद को समर्थन देने वाले तंत्र को भी चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यही वजह है कि कई इलाकों में आतंकियों के मददगारों के खिलाफ भी अभियान चलाए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि जाकिर अहमद गनी के मारे जाने के बाद पहलगाम हमले के बाद तैयार की गई 14 आतंकियों की सूची में शामिल अब तक नौ आतंकवादी ढेर किए जा चुके हैं। बाकी बचे आतंकियों की तलाश के लिए अभियान लगातार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और किसी भी आतंकी संगठन को घाटी में दोबारा मजबूत होने का मौका नहीं दिया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/lashkar-commander-zakir-ahmed-killed-in-shopian-encounter-big-success/article-58166</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/lashkar-commander-zakir-ahmed-killed-in-shopian-encounter-big-success/article-58166</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 12:06:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/shopian-encounter.jpg"                         length="226313"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गांदरबल में सोनमर्ग सुरंग के पास CRPF वाहन पलटा, छह जवान घायल</title>
                                    <description><![CDATA[जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोनमर्ग सुरंग के निकट सीआरपीएफ का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में छह जवान घायल हुए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद सीआरपीएफ कैंप और अस्पताल में भर्ती कराया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/crpf-vehicle-overturned-near-sonamarg-tunnel-in-darbal-six-soldiers/article-57768"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/crpf-vehicle-accident.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में शुक्रवार को एक सड़क दुर्घटना में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के छह जवान घायल हो गए। यह हादसा श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित सोनमर्ग सुरंग के पास हुआ, जहां सीआरपीएफ का एक वाहन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से फिसल गया और पलट गया। दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा बलों और राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया और सभी घायल जवानों को सुरक्षित बाहर निकाला। अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना उस समय हुई जब सीआरपीएफ का वाहन नियमित ड्यूटी के दौरान सोनमर्ग क्षेत्र से गुजर रहा था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक वाहन का संतुलन बिगड़ने के कारण वह सड़क से फिसल गया और पलट गया। हादसे में वाहन में सवार छह जवान घायल हो गए। राहत की बात यह रही कि किसी भी जवान की हालत गंभीर नहीं बताई गई है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, सीआरपीएफ और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। बचाव दल ने वाहन में फंसे जवानों को बाहर निकाला और मौके पर ही प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। इसके बाद सभी घायलों को बेहतर इलाज के लिए गुंड स्थित सीआरपीएफ शिविर भेजा गया। कुछ जवानों को अतिरिक्त चिकित्सकीय जांच के लिए नजदीकी अस्पताल भी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि वाहन का संतुलन बिगड़ने के कारण यह दुर्घटना हुई। हालांकि दुर्घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था, इसका पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हादसा सड़क की स्थिति, तकनीकी खराबी, मौसम या किसी अन्य कारण से हुआ। जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग जम्मू-कश्मीर का एक महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। इसी मार्ग से लद्दाख क्षेत्र तक आवश्यक आपूर्ति, सेना के वाहन और नागरिक यातायात संचालित होता है। सोनमर्ग सुरंग के आसपास का क्षेत्र पहाड़ी होने के कारण यहां वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बारिश, फिसलन और घुमावदार रास्तों की वजह से इस मार्ग पर समय-समय पर सड़क दुर्घटनाएं भी सामने आती रही हैं। सुरक्षा बलों के वाहन भी नियमित रूप से इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। अधिकारियों के अनुसार सभी छह घायल जवानों की हालत फिलहाल स्थिर है। चिकित्सकों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है। किसी भी जवान को गंभीर या जानलेवा चोट नहीं आई है। सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घायल जवानों की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्रों में भी स्थानांतरित किया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्थानीय पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है और वाहन की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है। जांच अधिकारी दुर्घटना के समय की परिस्थितियों, चालक के बयान और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसके अलावा सड़क की स्थिति और मौसम संबंधी पहलुओं को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।सोनमर्ग और गांदरबल क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। अमरनाथ यात्रा, सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा और लद्दाख की ओर सैन्य गतिविधियों के कारण इस मार्ग पर सुरक्षा बलों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। इसी कारण सड़क सुरक्षा और वाहनों की तकनीकी जांच को लेकर विशेष सावधानी बरती जाती है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की जांच के बाद भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता सभी घायल जवानों के बेहतर इलाज और दुर्घटना के कारणों की निष्पक्ष जांच करना है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/crpf-vehicle-overturned-near-sonamarg-tunnel-in-darbal-six-soldiers/article-57768</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/crpf-vehicle-overturned-near-sonamarg-tunnel-in-darbal-six-soldiers/article-57768</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 15:09:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/crpf-vehicle-accident.jpg"                         length="197454"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        