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                <title>ATP - दैनिक जागरण</title>
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                <title>विम्बलडन में आर्थर फेरी का बड़ा उलटफेर, दिमित्रोव को हराकर पहली बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचे</title>
                                    <description><![CDATA[जैस्मीन पाओलिनी ने भी अंतिम-8 में बनाई जगह, डिफेंडिंग चैंपियन ब्रिटिश जोड़ी ने डबल्स में बरकरार रखी खिताब की उम्मीद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/arthur-ferrys-big-upset-in-wimbledon-defeating-dimitrov-and-reaching/article-58099"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/wimbledon-2026-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">लंदन के प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड क्लब में खेले जा रहे विम्बलडन 2026 का रोमांच लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को टूर्नामेंट में कई ऐसे मुकाबले देखने को मिले, जिन्होंने दर्शकों को हैरान कर दिया। सबसे बड़ा उलटफेर पुरुष एकल वर्ग में देखने को मिला, जहां ब्रिटेन के 23 वर्षीय वाइल्डकार्ड खिलाड़ी आर्थर फेरी ने पूर्व विश्व नंबर-3 ग्रिगोर दिमित्रोव को पांच सेट तक चले बेहद रोमांचक मुकाबले में 7-5, 3-6, 4-6, 6-4, 7-6 (10-7) से हराकर पहली बार विम्बलडन के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। इस जीत के साथ फेरी पूरे टूर्नामेंट के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। यह मुकाबला शुरुआत से ही बेहद संघर्षपूर्ण रहा। पहले सेट में फेरी ने संयमित खेल दिखाते हुए बढ़त बनाई, लेकिन अनुभवी दिमित्रोव ने अगले दो सेट जीतकर मुकाबले पर पकड़ मजबूत कर ली। इसके बाद लगा कि अनुभव युवा खिलाड़ी पर भारी पड़ जाएगा, लेकिन फेरी ने शानदार वापसी करते हुए चौथा सेट अपने नाम किया और निर्णायक पांचवें सेट में दबाव के बीच बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मुकाबला जीत लिया। अंतिम सेट का टाईब्रेक दर्शकों के लिए बेहद रोमांचक रहा, जिसमें फेरी ने 10-7 से जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस जीत के साथ आर्थर फेरी 2014 में निक किर्गियोस के बाद विम्बलडन के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाले पहले वाइल्डकार्ड खिलाड़ी बन गए हैं। घरेलू दर्शकों की मौजूदगी में मिली इस जीत ने उनके आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी है। पूरे सेंटर कोर्ट में मौजूद हजारों दर्शकों ने जीत के बाद खड़े होकर तालियों से उनका स्वागत किया। आर्थर फेरी की यह सफलता इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि कुछ महीने पहले तक उनका करियर मुश्किल दौर से गुजर रहा था। इस साल जनवरी में कैनबरा चैलेंजर टूर्नामेंट के दौरान कोहनी की गंभीर चोट के कारण उन्हें प्रतियोगिता बीच में छोड़नी पड़ी थी। चोट इतनी गंभीर थी कि वे सामान्य सर्विस भी नहीं कर पा रहे थे। लगातार इलाज और कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने कोर्ट पर वापसी की और अब महज 26 सप्ताह बाद विम्बलडन के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचकर अपनी क्षमता का शानदार परिचय दिया है। पूर्व ब्रिटिश नंबर-1 ग्रेग रुसेद्स्की ने भी फेरी के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि युवा खिलाड़ी ने दबाव की परिस्थितियों में जिस परिपक्वता से खेल दिखाया, वह किसी अनुभवी खिलाड़ी से कम नहीं था। अब क्वार्टर फाइनल में उनका मुकाबला इटली के नौवीं वरीयता प्राप्त फ्लेवियो कोबोली से होगा। दोनों खिलाड़ियों के बीच होने वाला मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फेरी की इस जीत का असर उनकी विश्व रैंकिंग पर भी साफ दिखाई देगा। साल की शुरुआत उन्होंने विश्व रैंकिंग में 185वें स्थान से की थी, लेकिन अब क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के बाद उनकी रैंकिंग कम से कम 63वें स्थान तक पहुंचना तय माना जा रहा है। इसके अलावा उन्हें लगभग 4.80 लाख पाउंड यानी करीब 5.2 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि भी मिलेगी। बेहतर रैंकिंग मिलने के बाद अब उन्हें भविष्य के ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों के मुख्य ड्रॉ में सीधे प्रवेश मिलने की संभावना भी बढ़ गई है। महिला एकल वर्ग में भी इटली की स्टार खिलाड़ी और 2024 की फाइनलिस्ट जैस्मीन पाओलिनी ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने फिलीपींस की 21 वर्षीय एलेक्जेंड्रा ईला को तीन सेट तक चले मुकाबले में 6-4, 4-6, 6-3 से हराकर अंतिम-8 में जगह बनाई। एलेक्जेंड्रा ईला ने पिछले दौर में पूर्व चैंपियन इगा स्वियातेक को हराकर बड़ा उलटफेर किया था, इसलिए उनसे काफी उम्मीदें थीं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पाओलिनी और ईला के बीच मुकाबला काफी संतुलित रहा। दूसरे सेट में ईला ने शानदार वापसी कर मैच बराबरी पर ला दिया था, लेकिन तीसरे और निर्णायक सेट में अनुभव ने युवा खिलाड़ी पर बढ़त बना ली। आठवें गेम में ईला की दो महत्वपूर्ण गलतियों का फायदा उठाते हुए पाओलिनी ने बढ़त हासिल की और फिर मुकाबला अपने नाम कर लिया। अब क्वार्टर फाइनल में उनका सामना यूक्रेन की मार्ता कोस्त्युक से होगा। पुरुष युगल वर्ग में भी ब्रिटेन के खिलाड़ियों ने अपने घरेलू दर्शकों को खुश होने का मौका दिया। मौजूदा चैंपियन जूलियन कैश और लॉयड ग्लासपूल की तीसरी वरीय जोड़ी ने पेट्र नौजा और नील ओबरलीटनर को 6-3, 3-6, 7-5 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। इस जीत के साथ ब्रिटिश जोड़ी लगातार दूसरा विम्बलडन खिताब जीतने से अब केवल तीन जीत दूर रह गई है। मैच के बाद लॉयड ग्लासपूल ने कहा कि पिछले वर्ष की सफलता ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि वे खिताब बचाने के दबाव में नहीं हैं, बल्कि हर मुकाबले को नई चुनौती मानकर खेल रहे हैं। टीम का लक्ष्य लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर ट्रॉफी अपने नाम करना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 14:47:10 +0530</pubDate>
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                <title>21 साल की एलेक्जेंड्रा ईला ने विंबलडन में रचा इतिहास, डिफेंडिंग चैंपियन इगा स्वियातेक को हराकर पहुंचीं प्री-क्वार्टर फाइनल</title>
                                    <description><![CDATA[तीन साल पहले स्वियातेक से मिला था ‘100% देने’ का संदेश, अब उसी खिलाड़ी को हराकर फिलीपींस की पहली ग्रैंड स्लैम प्री-क्वार्टर फाइनलिस्ट बनीं एलेक्जेंड्रा ईला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/21-year-old-alexandra-ila-created-history-in-wimbledon-by/article-57929"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/alexandra-eala.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">विंबलडन 2026 में शनिवार को महिला एकल वर्ग में ऐसा बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जिसने टेनिस जगत को चौंका दिया। फिलीपींस की 21 वर्षीय युवा खिलाड़ी एलेक्जेंड्रा ईला ने सेंटर कोर्ट पर मौजूदा चैंपियन और दुनिया की तीसरी वरीयता प्राप्त इगा स्वियातेक को सीधे सेटों में 7-6 (9), 6-2 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ईला किसी भी ग्रैंड स्लैम के महिला एकल प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली फिलीपींस की पहली खिलाड़ी बन गई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मैच खत्म होते ही एलेक्जेंड्रा ईला भावुक हो गईं। जीत का अंतिम अंक हासिल करते ही उनके हाथ से रैकेट छूट गया और वह कोर्ट पर घुटनों के बल बैठ गईं। उनकी आंखों में खुशी के आंसू साफ दिखाई दे रहे थे। यह जीत उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मुकाबले की सबसे खास बात यह रही कि तीन वर्ष पहले यही इगा स्वियातेक एलेक्जेंड्रा ईला को प्रेरित कर रही थीं। फ्रेंच ओपन जीतने के बाद स्वियातेक राफेल नडाल अकादमी पहुंची थीं, जहां ईला अपनी पढ़ाई पूरी कर रही थीं। ग्रेजुएशन समारोह में स्वियातेक ने ईला को डिप्लोमा सौंपा था और अपने संबोधन में कहा था, "जो भी करना, उसमें अपना 100 प्रतिशत देना।"</p>
<p style="text-align:justify;">तीन साल बाद वही छात्रा अपने आदर्श को विंबलडन जैसे प्रतिष्ठित मंच पर हराकर नई कहानी लिख चुकी है। यह पल खेल जगत के सबसे प्रेरणादायक क्षणों में से एक माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मैच जीतने के बाद एलेक्जेंड्रा ईला ने कहा कि यह जीत केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे फिलीपींस की है। उन्होंने कहा कि बचपन से उनके देश के लोगों ने उनका समर्थन किया और वही उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा। ईला ने अपनी जीत अपने परिवार और उन सभी छोटी लड़कियों को समर्पित की, जो बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं। उन्होंने कहा कि बचपन में वह स्कूल के बाद रफल्ड मोजे और चमकने वाले जूते पहनकर अभ्यास के लिए जाती थीं। आज का दिन उसी संघर्ष का परिणाम है।</p>
<p style="text-align:justify;">फिलीपींस में टेनिस के लिए पर्याप्त ग्रास कोर्ट उपलब्ध नहीं थे। ऐसे में एलेक्जेंड्रा ईला ने बास्केटबॉल कोर्ट पर अभ्यास किया। उन्होंने बताया कि कोर्ट के पीछे लगे बास्केटबॉल हूप्स की वजह से वह ज्यादा पीछे नहीं जा सकती थीं, क्योंकि टकराने का डर रहता था। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने लगातार मेहनत की और आज दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता हासिल कर ली। उनकी यह यात्रा युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">दो घंटे 15 मिनट तक चले मुकाबले में ईला ने शुरुआत से ही आत्मविश्वास भरा खेल दिखाया। पहला सेट बेहद रोमांचक रहा और टाईब्रेक तक पहुंचा। इस दौरान उन्होंने दो सेट प्वाइंट बचाए और 7-6 (9) से बढ़त बना ली। दूसरे सेट में ईला ने आक्रामक रणनीति अपनाई और स्वियातेक को वापसी का कोई अवसर नहीं दिया। दमदार सर्विस, सटीक ग्राउंड स्ट्रोक और बेहतरीन कोर्ट कवरेज की बदौलत उन्होंने दूसरा सेट 6-2 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">यह पहला मौका नहीं है जब एलेक्जेंड्रा ईला ने इगा स्वियातेक को हराया हो। इससे पहले भी वह पिछले वर्ष मियामी ओपन में स्वियातेक को मात दे चुकी हैं। लगातार दूसरी जीत ने साबित कर दिया कि ईला अब केवल उभरती हुई खिलाड़ी नहीं, बल्कि बड़ी प्रतियोगिताओं में शीर्ष खिलाड़ियों को चुनौती देने वाली मजबूत दावेदार बन चुकी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हार के बाद इगा स्वियातेक ने ईला के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण मौकों पर एलेक्जेंड्रा ने उनसे बेहतर खेल दिखाया और जीत की पूरी हकदार रहीं। पिछले वर्ष विंबलडन का खिताब जीतने वाली स्वियातेक इस बार अपने खिताब का बचाव नहीं कर सकीं। इसके साथ ही 2016 में सेरेना विलियम्स के बाद लगातार दो बार महिला एकल विंबलडन जीतने वाली खिलाड़ी का इंतजार भी जारी रहेगा। इस ऐतिहासिक जीत के बाद एलेक्जेंड्रा ईला अब प्री-क्वार्टर फाइनल में 13वीं वरीयता प्राप्त जैस्मिन पाओलिनी का सामना करेंगी। शानदार फॉर्म में चल रही ईला से अब फिलीपींस के खेल प्रेमियों को नई उम्मीदें हैं। यदि वह इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखती हैं, तो विंबलडन में और भी बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 15:43:34 +0530</pubDate>
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