<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/indore-cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bfraud-fake-customer-care-scam-google-search-scam-ott-subscription-fraud-online-banking-fraud-cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bcrime-india-upi-scam-indore-police-cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bcell/tag-22128" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Indore Cyber Fraud Fake Customer Care Scam Google Search Scam OTT Subscription Fraud Online Banking Fraud Cyber Crime India UPI Scam Indore Police Cyber Cell - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/22128/rss</link>
                <description>Indore Cyber Fraud Fake Customer Care Scam Google Search Scam OTT Subscription Fraud Online Banking Fraud Cyber Crime India UPI Scam Indore Police Cyber Cell RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गूगल पर मिला फर्जी हेल्पलाइन नंबर, ओटीटी बंद कराने के चक्कर में व्यापारी से ₹1.08 लाख की साइबर ठगी</title>
                                    <description><![CDATA[इंदौर के दवा कारोबारी ने सब्सक्रिप्शन बंद कराने के लिए किया था कॉल, ₹5 का भुगतान करने के कुछ मिनट बाद पति-पत्नी के खातों से कई ट्रांजेक्शन में रकम साफ हो गई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/fake-helpline-number-found-on-google-cyber-fraud-of-%E2%82%B9/article-57985"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/indore-cyber-fraud.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">इंदौर में साइबर ठगों ने एक बार फिर लोगों की ऑनलाइन सेवाओं पर बढ़ती निर्भरता का फायदा उठाते हुए दवा कारोबारी से एक लाख रुपए से अधिक की ठगी कर ली। मामला ओटीटी प्लेटफॉर्म का सब्सक्रिप्शन बंद कराने से जुड़ा है। कारोबारी ने इंटरनेट पर उपलब्ध एक कथित कस्टमर केयर नंबर पर भरोसा किया और उसी कॉल के कुछ देर बाद उनके साथ ऐसा साइबर फ्रॉड हुआ कि देखते ही देखते उनके और उनकी पत्नी के बैंक खातों से कुल 1.08 लाख रुपए निकल गए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ठगों ने बेहद सुनियोजित तरीके से खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर पूरी वारदात को अंजाम दिया।</p>
<p>पुलिस के अनुसार शिकायत इंदौर के गोपाल कॉलोनी निवासी निर्मल नवलानी ने दर्ज कराई है। वे शहर में दवा कारोबार से जुड़े हैं और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म की ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करते हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने अपने एक ओटीटी प्लेटफॉर्म का सब्सक्रिप्शन समाप्त कराने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने कार्यालय से ही इंटरनेट पर संबंधित कंपनी का कस्टमर केयर नंबर तलाशा। सर्च रिजल्ट में दिखाई दिए एक मोबाइल नंबर पर उन्होंने कॉल किया। दूसरी ओर मौजूद व्यक्ति ने बिना किसी संदेह की गुंजाइश छोड़े खुद को संबंधित कंपनी का ग्राहक सेवा अधिकारी बताया और पूरे आत्मविश्वास के साथ बातचीत शुरू की।</p>
<p>बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान कथित कस्टमर केयर प्रतिनिधि ने कहा कि सब्सक्रिप्शन रद्द करने की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी होगी और इसके लिए पहले एक छोटी राशि का भुगतान करना होगा। उसने भरोसा दिलाया कि यह केवल वेरिफिकेशन प्रक्रिया का हिस्सा है और बाद में वापस हो जाएगी। कारोबारी ने उसकी बातों पर विश्वास करते हुए अपने डिजिटल पेमेंट एप के जरिए पांच रुपए ट्रांसफर कर दिए। रकम भेजने के कुछ ही क्षण बाद उनके मोबाइल में असामान्य गतिविधियां शुरू हो गईं। स्क्रीन अचानक काम करना बंद कर गई और फोन कुछ समय तक सामान्य तरीके से संचालित नहीं हो पाया।</p>
<p>पीड़ित ने जब मोबाइल दोबारा चालू किया तो बैंक से लगातार ट्रांजेक्शन के संदेश आने लगे। पहले उनके बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से 8 हजार रुपए निकाले गए। इसके बाद उसी खाते से 50 हजार रुपए का एक और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन हो गया। मामला यहीं नहीं रुका। कुछ ही मिनटों में उनकी पत्नी शारदा नवलानी के बैंक खाते से भी दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 20 हजार और 30 हजार रुपए निकाल लिए गए। इस तरह चार अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 1 लाख 8 हजार रुपए साइबर ठगों के खातों में पहुंच गए।</p>
<p>घटना का एहसास होते ही कारोबारी ने तुरंत बैंक अधिकारियों से संपर्क किया और दोनों बैंक खातों को फ्रीज कराने का अनुरोध किया ताकि आगे किसी अन्य ट्रांजेक्शन को रोका जा सके। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामला स्थानीय पुलिस के पास पहुंचा, जहां जूनी इंदौर थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस अब उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है जिनमें यह रकम ट्रांसफर हुई है। साथ ही डिजिटल ट्रांजेक्शन और कॉल डिटेल्स की भी जांच की जा रही है।</p>
<p>प्रारंभिक जांच में पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि फर्जी कस्टमर केयर नंबर इंटरनेट पर किस तरह अपलोड किया गया था और उसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं। साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में ठग अक्सर सर्च इंजन पर नकली हेल्पलाइन नंबर या फर्जी वेबसाइट डाल देते हैं। जब कोई ग्राहक सहायता के लिए कॉल करता है तो उसे विश्वास में लेकर छोटी राशि जमा कराने, स्क्रीन शेयर कराने या किसी लिंक पर क्लिक कराने जैसी प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसके बाद मोबाइल और बैंकिंग संबंधी जानकारी का दुरुपयोग कर खाते से रकम निकाल ली जाती है।</p>
<p>जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि वारदात के दौरान पीड़ित के मोबाइल में किसी प्रकार का रिमोट एक्सेस या अन्य संदिग्ध गतिविधि हुई थी या नहीं। कई मामलों में साइबर अपराधी ग्राहकों को तकनीकी सहायता देने के नाम पर मोबाइल तक पहुंच हासिल कर लेते हैं और फिर बैंकिंग एप या यूपीआई से जुड़े विवरण का इस्तेमाल कर लेते हैं। हालांकि इस मामले में पुलिस ने अभी किसी एक तरीके की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और डिजिटल फॉरेंसिक जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होने की बात कही जा रही है।</p>
<p>इधर साइबर अपराधों में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए पुलिस लोगों से यह अपील भी करती रही है कि किसी भी कंपनी का कस्टमर केयर नंबर केवल उसके आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से ही लिया जाए। इंटरनेट पर दिखाई देने वाले हर नंबर पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है। अधिकारियों के मुताबिक कई साइबर गिरोह इसी तरीके से लोगों को निशाना बना रहे हैं और छोटी रकम के बहाने बड़े वित्तीय नुकसान पहुंचा रहे हैं।</p>
<p>----</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/fake-helpline-number-found-on-google-cyber-fraud-of-%E2%82%B9/article-57985</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/fake-helpline-number-found-on-google-cyber-fraud-of-%E2%82%B9/article-57985</guid>
                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 10:55:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/indore-cyber-fraud.jpg"                         length="130105"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        