<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/raipur-municipal-corporation-raipur-nagar-nigam-meeting-raipur-civic-issues-waterlogging-raipur-sanitation-raipur-illegal-construction-raipur-municipal-general-meeting-chhattisgarh-news/tag-22135" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Raipur Municipal Corporation Raipur Nagar Nigam Meeting Raipur Civic Issues Waterlogging Raipur Sanitation Raipur Illegal Construction Raipur Municipal General Meeting Chhattisgarh News - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/22135/rss</link>
                <description>Raipur Municipal Corporation Raipur Nagar Nigam Meeting Raipur Civic Issues Waterlogging Raipur Sanitation Raipur Illegal Construction Raipur Municipal General Meeting Chhattisgarh News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रायपुर नगर निगम की बैठकों पर उठे सवाल, लंबी बहसों के बाद भी शहर की समस्याएं जस की तस</title>
                                    <description><![CDATA[मार्च से अब तक तीन सामान्य और विशेष बैठकों में घंटों चर्चा हुई, लेकिन जलभराव, सफाई, अतिक्रमण और नागरिक सुविधाओं पर असर नहीं दिखा; आज फिर विशेष सामान्य सभा में इन्हीं मुद्दों पर होगी बहस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/questions-raised-on-raipur-municipal-corporation-meetings-problems-of-the/article-57998"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/raipur-nagar-nigam-meeting.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">रायपुर नगर निगम की सामान्य और विशेष सामान्य सभाएं एक बार फिर चर्चा में हैं। मार्च से लेकर अब तक निगम की तीन अहम बैठकों में बजट, प्रशासनिक प्रस्तावों और विभिन्न एजेंडों पर लंबी बहस हुई, लेकिन शहर की रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान को लेकर कोई बड़ा परिणाम सामने नहीं आया। इसी बीच मानसून की शुरुआत होते ही राजधानी के कई हिस्सों में जलभराव, गंदगी, जाम नालियां और खराब सड़कों जैसी शिकायतें सामने आने लगीं। ऐसे में सोमवार को बुलाई गई विशेष सामान्य सभा पर सभी की निगाहें टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस बार शहर से जुड़े बुनियादी मुद्दे सदन में प्रमुखता से उठेंगे और पार्षद अपने-अपने वार्डों की समस्याओं को प्रशासन के सामने रखेंगे।</p>
<p>नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार सोमवार की बैठक में पेयजल आपूर्ति, सफाई व्यवस्था, नालों की सफाई, अवैध प्लॉटिंग, अवैध निर्माण, अतिक्रमण और मानसून के दौरान नागरिक सुविधाओं से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी। शहर के जिन इलाकों में बारिश के बाद जलभराव की समस्या सामने आई है, वहां की स्थिति की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल है। पार्षदों से अपने-अपने वार्डों की समस्याओं और सुझावों के साथ बैठक में शामिल होने को कहा गया है। निगम प्रशासन भी विभिन्न विभागों से रिपोर्ट तैयार करवा चुका है, ताकि सदन में उठने वाले सवालों के जवाब दिए जा सकें।</p>
<p>इस बैठक से पहले विपक्ष लगातार यह सवाल उठा रहा है कि पिछले कुछ महीनों में हुई बैठकों का आम नागरिकों को कितना लाभ मिला। विपक्षी पार्षदों का कहना है कि मार्च से अब तक हुई तीन प्रमुख बैठकों में कुल मिलाकर करीब 18 घंटे से अधिक समय तक चर्चा हुई, लेकिन शहर की बुनियादी समस्याओं के समाधान की दिशा में अपेक्षित प्रगति दिखाई नहीं दी। उनका आरोप है कि सदन में कई बार राजनीतिक बहसें ज्यादा होती हैं, जबकि नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे पीछे छूट जाते हैं।</p>
<p>30 मार्च को नगर निगम की सामान्य सभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया गया था। करीब 2130 करोड़ रुपए के इस बजट में महिलाओं के लिए विशेष सुविधाओं, शहरी विकास, पार्कों के संरक्षण, पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने और विभिन्न विकास कार्यों की घोषणाएं की गई थीं। बजट पर सुबह से शाम तक लंबी चर्चा चली और पार्षदों ने कई सुझाव भी दिए। हालांकि विपक्ष का कहना है कि चार महीने बीतने के बाद भी बजट में की गई कई महत्वपूर्ण घोषणाओं पर जमीनी स्तर पर काम शुरू नहीं हो सका है।</p>
<p>इसके बाद अप्रैल में हुई सामान्य सभा में कई प्रशासनिक प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में कुल 14 एजेंडे रखे गए, जिनमें अधिकांश प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिए गए। इनमें वेंडिंग जोन का विकास, निगम की संपत्तियों का उपयोग, विभिन्न सरकारी संस्थाओं को भूमि उपलब्ध कराना, दुकानों के पट्टे और शहर की सड़कों व चौक-चौराहों के नामकरण जैसे विषय शामिल थे। बैठक कई घंटे तक चली, लेकिन बाद में इन प्रस्तावों पर अमल की गति को लेकर भी सवाल उठने लगे। विशेष रूप से वेंडिंग जोन और दुकानदारों के पुनर्व्यवस्थापन जैसे विषयों पर अभी तक अपेक्षित प्रगति नहीं होने की बात कही जा रही है।</p>
<p>अप्रैल के अंतिम सप्ताह में महिला सशक्तिकरण विषय पर विशेष सामान्य सभा आयोजित की गई थी। यह बैठक राज्यभर में आयोजित विशेष बैठकों की श्रृंखला का हिस्सा थी। इस दौरान महिला अधिकारों, प्रतिनिधित्व और सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि विपक्ष का कहना है कि इस बैठक का सीधा लाभ शहर के नागरिकों को नहीं मिला, क्योंकि इसमें स्थानीय विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े विषय चर्चा के केंद्र में नहीं थे।</p>
<p>नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि विशेष सामान्य सभा का उपयोग केवल विशेष परिस्थितियों या अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों के लिए किया जाना चाहिए। उनके अनुसार जलापूर्ति, सफाई, अतिक्रमण और अवैध निर्माण जैसे विषय निगम के नियमित प्रशासनिक कार्य हैं, जिनके लिए अलग से विशेष बैठक बुलाने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। विपक्ष का यह भी कहना है कि कई बार बैठकों का एजेंडा राजनीतिक प्राथमिकताओं के आधार पर तय किया जाता है।</p>
<p>दूसरी ओर सत्तापक्ष का कहना है कि मानसून के दौरान शहर की परिस्थितियों को देखते हुए विशेष सामान्य सभा बुलाना आवश्यक था, ताकि सभी जनप्रतिनिधियों के सुझाव लेकर तत्काल निर्णय लिए जा सकें। निगम प्रशासन का दावा है कि बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम किया जा रहा है और जहां भी समस्याएं सामने आई हैं, वहां संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>राजनीतिक हलकों में रविवार को हुई भाजपा पार्षद दल की बैठक भी चर्चा का विषय बनी रही। पार्टी सूत्रों के मुताबिक बैठक में पार्षदों को यह निर्देश दिए गए कि सदन में विकास कार्यों में देरी या अन्य समस्याओं को लेकर यदि सवाल उठाने हों तो उनका केंद्र प्रशासनिक अमला हो। बैठक में यह भी कहा गया कि चर्चा के दौरान महापौर, मेयर इन काउंसिल, राज्य सरकार या पार्टी की कार्यप्रणाली को लेकर सार्वजनिक टिप्पणी से बचा जाए। इस बैठक में महापौर मीनल चौबे, भाजपा जिला संगठन के पदाधिकारी और पार्षद मौजूद रहे। इसी दौरान डीडी नगर वार्ड के पार्षद आशु चंद्रवंशी को भाजपा पार्षद दल का सचेतक भी नियुक्त किया गया।</p>
<p>नगर निगम की सोमवार को होने वाली विशेष सामान्य सभा को लेकर राजनीतिक माहौल पहले से ही गरमाया हुआ है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपने-अपने मुद्दों की तैयारी कर ली है। माना जा रहा है कि जलभराव, सफाई व्यवस्था, पेयजल संकट, अतिक्रमण, अवैध निर्माण और शहर की अन्य नागरिक समस्याओं को लेकर सदन में तीखी बहस देखने को मिल सकती है। प्रशासन की ओर से भी विभिन्न विभागों के अधिकारियों को बैठक में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए जाने वाले सवालों का जवाब तत्काल दिया जा सके।</p>
<p>----</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/questions-raised-on-raipur-municipal-corporation-meetings-problems-of-the/article-57998</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/questions-raised-on-raipur-municipal-corporation-meetings-problems-of-the/article-57998</guid>
                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 11:35:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/raipur-nagar-nigam-meeting.jpg"                         length="155661"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        