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                <title>School Timing - दैनिक जागरण</title>
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                <title>छत्तीसगढ़ में स्कूलों की एक समान टाइमिंग की मांग, शिक्षा सचिव को भेजा गया पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने शनिवार को हायर सेकेंडरी स्कूलों में भी मॉर्निंग शिफ्ट लागू करने की मांग उठाई, कहा- अलग-अलग समय से पढ़ाई और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/letter-sent-to-education-secretary-demanding-uniform-timing-of-schools/article-58069"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/chhattisgarh-schools.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों के संचालन समय को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र लिखकर राज्य के सभी सरकारी स्कूलों की टाइमिंग एक जैसी करने की मांग की है। फेडरेशन का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में प्राथमिक, माध्यमिक और हायर सेकेंडरी स्कूल अलग-अलग समय पर संचालित हो रहे हैं, जिससे न केवल शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी लगातार दिक्कतें सामने आ रही हैं। संगठन ने विशेष रूप से शनिवार के दिन हायर सेकेंडरी स्कूलों को भी मॉर्निंग शिफ्ट में संचालित करने का सुझाव दिया है ताकि पूरे शिक्षा तंत्र में समान व्यवस्था लागू हो सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फेडरेशन के अनुसार राज्य में युक्तियुक्तकरण (रैशनलाइजेशन) और संकुल व्यवस्था लागू होने के बाद अधिकांश प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों को हायर सेकेंडरी स्कूलों से जोड़ा गया है। इसके कारण एक ही परिसर या संकुल के अंतर्गत कई स्तर के विद्यालय संचालित हो रहे हैं। लेकिन अलग-अलग समय पर स्कूल खुलने और बंद होने से समन्वय में परेशानी आ रही है। शिक्षकों, प्राचार्यों और कर्मचारियों को एक साथ बैठकर योजनाएं बनाने, समीक्षा बैठकें करने और प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पत्र में कहा गया है कि वर्तमान समय में शिक्षकों की जिम्मेदारी केवल कक्षाओं में पढ़ाने तक सीमित नहीं रह गई है। उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, ऑनलाइन पोर्टलों पर जानकारी दर्ज करना, परीक्षा संबंधी कार्य, छात्रवृत्ति प्रक्रिया, वित्तीय दस्तावेज तैयार करना, कार्यालयीन रिकॉर्ड का संधारण और अन्य प्रशासनिक कार्य भी करने पड़ते हैं। इसके अलावा समय-समय पर संकुल स्तर और विभागीय बैठकों में भी शामिल होना आवश्यक होता है। अलग-अलग स्कूलों की अलग-अलग टाइमिंग होने के कारण इन सभी कार्यों को समय पर पूरा करना चुनौतीपूर्ण बन जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फेडरेशन का मानना है कि यदि शनिवार को हायर सेकेंडरी स्कूलों को भी सुबह की पाली में संचालित किया जाए और सभी सरकारी स्कूलों का समय समान कर दिया जाए तो शिक्षकों और कर्मचारियों को प्रशासनिक कार्यों के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। इससे बैठकें आयोजित करना, लंबित रिपोर्ट तैयार करना, अगले सप्ताह की शैक्षणिक योजना बनाना और विभागीय निर्देशों का पालन करना अधिक व्यवस्थित तरीके से संभव होगा। संगठन का कहना है कि इस बदलाव से विद्यार्थियों की पढ़ाई पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा, बल्कि शैक्षणिक व्यवस्था और अधिक सुव्यवस्थित होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई लोगों का भी मानना है कि एक समान समय व्यवस्था से विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकता है। संकुल व्यवस्था के तहत कई कार्यक्रम संयुक्त रूप से आयोजित किए जाते हैं, जिनमें अलग-अलग विद्यालयों के शिक्षक और विद्यार्थी शामिल होते हैं। यदि सभी स्कूलों की टाइमिंग एक जैसी होगी तो ऐसे कार्यक्रमों का संचालन आसान होगा और अनावश्यक समय की बर्बादी भी नहीं होगी। साथ ही विभागीय निरीक्षण, प्रशिक्षण कार्यक्रम और समीक्षा बैठकें भी अधिक प्रभावी ढंग से आयोजित की जा सकेंगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फेडरेशन ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि कई बार अलग-अलग समय के कारण प्राचार्यों और शिक्षकों को अतिरिक्त समय तक स्कूल में रुकना पड़ता है। इससे कार्य का दबाव बढ़ता है और नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया प्रभावित होती है। संगठन का कहना है कि यदि पूरे राज्य में एक समान समय व्यवस्था लागू की जाती है तो कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी और विद्यालय प्रबंधन को भी बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 12:54:12 +0530</pubDate>
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