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                <title>India Australia - दैनिक जागरण</title>
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                <description>India Australia RSS Feed</description>
                
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                <title>भारत में पहली बार विदेशी क्रिकेट लीग का मुकाबला, चेन्नई में होगा बिग बैश लीग का ओपनिंग मैच</title>
                                    <description><![CDATA[मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया बड़ा ऐलान, ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान खेल सहयोग को नई दिशा; इसके बाद न्यूजीलैंड दौरे पर होंगे रवाना।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/for-the-first-time-in-india-a-foreign-cricket-league/article-58346"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/narendra-modi-(6).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेल सहयोग को नई ऊंचाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐतिहासिक घोषणा की है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित टी-20 प्रतियोगिता बिग बैश लीग (BBL) का उद्घाटन मुकाबला इस वर्ष 12 दिसंबर को चेन्नई में खेला जाएगा। यह पहली बार होगा जब किसी विदेशी क्रिकेट लीग का आधिकारिक मैच भारतीय धरती पर आयोजित किया जाएगा। इस फैसले को दोनों देशों के बीच खेल संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने यह घोषणा अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे के तीसरे और अंतिम दिन मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) के दौरे के दौरान की। इस अवसर पर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ सहित दोनों देशों के कई वरिष्ठ अधिकारी और खेल जगत की हस्तियां मौजूद थीं। एमसीजी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने क्रिकेट को दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया केवल रणनीतिक और आर्थिक साझेदार ही नहीं हैं, बल्कि क्रिकेट दोनों देशों के लोगों को भावनात्मक रूप से भी जोड़ता है। उन्होंने कहा कि भारत में बिग बैश लीग का मुकाबला आयोजित होना इस मजबूत मित्रता का नया प्रतीक होगा और इससे खेल संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">चेन्नई को इस ऐतिहासिक मुकाबले की मेजबानी मिलने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। शहर लंबे समय से क्रिकेट का प्रमुख केंद्र रहा है और यहां के दर्शकों का खेल के प्रति उत्साह पूरी दुनिया में जाना जाता है। आधुनिक स्टेडियम, उत्कृष्ट सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों का अनुभव चेन्नई को इस आयोजन के लिए उपयुक्त बनाता है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय प्रशंसकों को पहली बार किसी विदेशी फ्रेंचाइजी लीग का आधिकारिक मुकाबला अपने देश में देखने का अवसर मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">बिग बैश लीग दुनिया की सबसे लोकप्रिय टी-20 क्रिकेट प्रतियोगिताओं में गिनी जाती है। इसमें ऑस्ट्रेलिया के विभिन्न शहरों की फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा लेती हैं और दुनिया भर के कई स्टार खिलाड़ी इसमें खेलते हैं। भारत में इसके उद्घाटन मैच के आयोजन से दोनों देशों के क्रिकेट बोर्डों के बीच सहयोग और मजबूत होने की संभावना है। साथ ही भविष्य में अन्य अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए भी नए रास्ते खुल सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ स्टेडियम का भ्रमण किया। उन्होंने प्रसिद्ध शेन वॉर्न स्टैंड का भी दौरा किया और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास की उपलब्धियों की जानकारी ली। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने युवा क्रिकेट खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनकी जर्सियों पर हस्ताक्षर कर उनका उत्साह बढ़ाया। प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया के प्रतीक माने जाने वाले लोकप्रिय कंगारू कैरेक्टर ‘रूबी द रू’ से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के खेल संबंधों को और मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव मिलेगा और खेल पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पिछले कुछ वर्षों में क्रिकेट संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देशों के खिलाड़ी एक-दूसरे की घरेलू लीगों में भी हिस्सा लेते रहे हैं। भारतीय खिलाड़ी बिग बैश लीग में भले नियमित रूप से नहीं खेलते हों, लेकिन इस लीग की लोकप्रियता भारत में लगातार बढ़ी है। ऐसे में भारत में इसके आधिकारिक मैच का आयोजन क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा केवल खेल तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, साइबर सुरक्षा और अंतरिक्ष सहयोग सहित कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच समझौतों को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया। क्रिकेट को भी उन्होंने दोनों देशों के लोगों को जोड़ने वाला सबसे प्रभावी सांस्कृतिक माध्यम बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद प्रधानमंत्री अपने छह दिवसीय विदेश दौरे के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड रवाना होंगे। वहां उनकी यात्रा की शुरुआत द्विपक्षीय वार्ताओं से होगी, जिसमें दोनों देशों के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर आगे चर्चा की जाएगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री एक व्यापार सम्मेलन, खेल कार्यक्रम और भारतीय समुदाय के विशेष आयोजन में भी हिस्सा लेंगे। ऑकलैंड में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में करीब 40 हजार भारतीय मूल के लोगों के शामिल होने की संभावना है। भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए ‘किया ओरा मोदी’ नाम से विशेष कार्यक्रम तैयार किया है। यह यात्रा इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि करीब चार दशक बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड के आधिकारिक दौरे पर पहुंच रहा है। इससे पहले वर्ष 1986 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने न्यूजीलैंड का दौरा किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 10:07:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत-ऑस्ट्रेलिया यूरेनियम समझौते पर मुहर, स्वच्छ ऊर्जा और गगनयान मिशन को मिलेगी नई ताकत</title>
                                    <description><![CDATA[पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज की बैठक में रक्षा, ऊर्जा, स्पेस, क्रिटिकल मिनरल्स और नई तकनीकों पर कई अहम समझौते हुए, भारत को मिलेगा ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/india-australia-uranium-agreement-approved-clean-energy-and-gaganyaan-mission-will/article-58288"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/india-australia-uranium-deal.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों में एक और बड़ा अध्याय जुड़ गया है। मेलबर्न में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक के बाद दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण समझौतों की घोषणा की। सबसे अहम फैसला भारत को ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम की आपूर्ति का रहा, जिसे भारत के स्वच्छ ऊर्जा कार्यक्रम और भविष्य की परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इसके अलावा रक्षा सहयोग, व्यापार, स्पेस टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल मिनरल्स, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों ने साझेदारी को नई दिशा देने का फैसला किया। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया से मिलने वाला यूरेनियम भारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशन को मजबूती देगा। उन्होंने बताया कि दोनों देश मिलकर क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर विकसित करेंगे, जिससे भविष्य की हाई-टेक इंडस्ट्री और ऊर्जा क्षेत्र को लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि ऑस्ट्रेलिया के कोकोस (कीलिंग) द्वीप पर भारत के लिए स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल स्थापित किया जाएगा। इससे भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन को तकनीकी सहायता और बेहतर ट्रैकिंग सुविधा मिल सकेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">यह समझौता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत अब तक केवल चार देशों से यूरेनियम का आयात करता था। ऑस्ट्रेलिया इस सूची में शामिल होने वाला पांचवां देश बन गया है। दुनिया के सबसे बड़े यूरेनियम भंडार वाले देशों में ऑस्ट्रेलिया का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। ऐसे में भारत को लंबे समय तक स्थिर और भरोसेमंद आपूर्ति मिलने की संभावना बढ़ गई है।यूरेनियम एक ऐसा खनिज है जिसका उपयोग मुख्य रूप से परमाणु ऊर्जा उत्पादन में किया जाता है। परमाणु बिजली संयंत्रों में यूरेनियम ईंधन के रूप में इस्तेमाल होता है, जिससे बड़ी मात्रा में बिजली पैदा की जाती है। इसके अलावा उच्च स्तर तक संवर्धित यूरेनियम का उपयोग परमाणु हथियारों के निर्माण में भी किया जाता है। हालांकि भारत द्वारा आयात किया जाने वाला यूरेनियम मुख्य रूप से असैन्य यानी बिजली उत्पादन और ऊर्जा जरूरतों के लिए उपयोग किया जाएगा। भारत पहले से ही अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के नियमों के तहत असैन्य परमाणु कार्यक्रम चला रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत लगातार अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए स्वच्छ और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर जोर दे रहा है। कोयले और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। देश में कई नए परमाणु बिजली संयंत्रों की योजना पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं के लिए लगातार और पर्याप्त मात्रा में यूरेनियम की आवश्यकता होगी। यही कारण है कि भारत अलग-अलग देशों के साथ दीर्घकालिक आपूर्ति समझौते कर रहा है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों की तुलना क्रिकेट से करते हुए कहा कि दोनों देशों का संबंध समय के साथ और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं की मुलाकातें क्रिकेट की तरह होती हैं। एजेंडा वनडे मैच की तरह स्पष्ट होता है, फैसले टी-20 की तरह तेजी से लिए जाते हैं और दोनों देशों की साझेदारी टेस्ट क्रिकेट की तरह लंबी और मजबूत है। उनके इस बयान को दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे और रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर भी दोनों देशों की साझा सोच का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों आतंकवाद को पूरी मानवता के लिए गंभीर खतरा मानते हैं और इस चुनौती से निपटने के लिए आपसी सहयोग लगातार मजबूत किया जा रहा है। रक्षा और सुरक्षा सहयोग को भी आगे बढ़ाने पर दोनों देशों ने सहमति जताई है।ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि अब तक दोनों देशों की सप्लाई चेन तो जुड़ी हुई थी, लेकिन नीतियों में पर्याप्त समन्वय नहीं था। उन्होंने कहा कि नए समझौते इस दूरी को कम करेंगे और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देंगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 के भारत-ऑस्ट्रेलिया परमाणु सहयोग समझौते के तहत अब भारत को यूरेनियम निर्यात की व्यवस्था पर औपचारिक हस्ताक्षर किए गए हैं। बैठक के दौरान दोनों देशों ने ऑस्ट्रेलिया-भारत साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन पार्टनरशिप (PACTS) शुरू करने की भी घोषणा की। इस पहल के तहत दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नई तकनीकों के विकास पर मिलकर काम करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था में इन क्षेत्रों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी और यह साझेदारी दोनों देशों को तकनीकी रूप से और मजबूत बनाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान कई अन्य कार्यक्रम भी आयोजित हुए। उन्होंने मेलबर्न में विक्टोरिया की गवर्नर मार्गरेट गार्डनर से मुलाकात की, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया-भारत सीईओ फोरम में भाग लेकर दोनों देशों के उद्योगपतियों और निवेशकों से चर्चा की। कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री अल्बनीज ने नरेंद्र मोदी के साथ सेल्फी भी ली, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनीं। मेलबर्न में भारतीय समुदाय ने भी प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भारत और ऑस्ट्रेलिया की साझा विरासत को प्रदर्शित किया गया। प्रसिद्ध डिडगेरिडू वादक रॉन मरे और तबला वादक डॉ. सैम इवांस की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय से मुलाकात के दौरान कहा कि विदेशों में बसे भारतीय दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:13:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ऑस्ट्रेलिया में पीएम मोदी बोले- भारत और ऑस्ट्रेलिया की मजबूत साझेदारी दोनों देशों के भविष्य के लिए जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[मेलबर्न में भारत-ऑस्ट्रेलिया CEO फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने निवेश, व्यापार, स्वच्छ ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग बढ़ाने पर दिया जोर, आज 40 हजार से अधिक भारतवंशियों से करेंगे मुलाकात।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/pm-modi-said-in-australia-strong-partnership-between-india/article-58242"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/_narendra-modi-australia-visit.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन देशों के दौरे के तहत इन दिनों ऑस्ट्रेलिया में हैं। गुरुवार को उन्होंने मेलबर्न में आयोजित भारत-ऑस्ट्रेलिया CEO फोरम और इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस रिसेप्शन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों के बीच आर्थिक, रणनीतिक और व्यापारिक रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत और ऑस्ट्रेलिया का भरोसेमंद साझेदार के रूप में साथ आगे बढ़ना दोनों देशों के लिए ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रही है। वैश्विक अनिश्चितता, सप्लाई चेन में रुकावट, ऊर्जा संकट और बदलती आर्थिक परिस्थितियों के बीच भरोसेमंद साझेदारों की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे समय में भारत और ऑस्ट्रेलिया का सहयोग दोनों देशों को नए अवसरों तक पहुंचाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों ने विश्वास और सहयोग के आधार पर मजबूत साझेदारी की नींव रखी है, जिसे अब और आगे बढ़ाने का समय है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने स्वच्छ ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने और वर्ष 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित करने के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रहा है। इस दिशा में ऑस्ट्रेलिया की तकनीक, खनिज संसाधन और विशेष रूप से यूरेनियम की उपलब्धता दोनों देशों के सहयोग को नई मजबूती दे सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने निवेश के क्षेत्र में भी ऑस्ट्रेलियाई उद्योग जगत को भारत आने का न्योता दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में बंदरगाह, हवाई अड्डे, सड़क, रेलवे, लॉजिस्टिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है। इन क्षेत्रों में ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों के लिए निवेश के बड़े अवसर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि भारत लगातार व्यापार और निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रहा है, जिसका लाभ वैश्विक निवेशकों को मिल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के राज्यों, विश्वविद्यालयों, छोटे शहरों और उद्योगों के बीच प्रत्यक्ष साझेदारी बढ़ाने का भी सुझाव दिया। उनका कहना था कि यदि राज्य-से-राज्य और सेक्टर-से-सेक्टर सहयोग को बढ़ावा दिया जाए तो इसका सीधा फायदा व्यापार, शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में देखने को मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर भी आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौते (ECTA) के लागू होने के बाद ऑस्ट्रेलिया को भारत का निर्यात लगभग दोगुना हो गया है। यह दोनों देशों के मजबूत आर्थिक संबंधों का प्रमाण है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि व्यापक व्यापार समझौते की दिशा में आगे बढ़ने से दोनों देशों के कारोबारियों और निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। कार्यक्रम के बाद ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आत्मीय मुलाकात की। दोनों नेताओं ने एक साथ सेल्फी भी खिंचवाई, जिसकी तस्वीरें चर्चा का विषय बनीं। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर अनौपचारिक बातचीत भी हुई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में आयोजित भारतीय समुदाय का कार्यक्रम माना जा रहा है। यहां करीब 40 हजार से अधिक भारतवंशियों के शामिल होने की संभावना है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम को संबोधित करेंगे और भारतीय समुदाय से संवाद करेंगे। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीयों के बीच इस कार्यक्रम को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के बीच औपचारिक द्विपक्षीय बैठक भी होगी। इस बैठक में व्यापार, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, शिक्षा, तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे कई अहम विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है। इसके अलावा दोनों देशों के प्रमुख उद्योगपतियों और कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ भी बैठकें प्रस्तावित हैं, जिनमें निवेश और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री के स्वागत के दौरान मेलबर्न में भारतीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। भारतीय समुदाय की ओर से पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। कथक नृत्य, तबला वादन और ऑर्केस्ट्रा के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में "वंदे मातरम्" की प्रस्तुति ने विशेष आकर्षण पैदा किया। प्रधानमंत्री ने भी भारतीय समुदाय की गर्मजोशी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच आर्थिक, रणनीतिक और तकनीकी सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। ऐसे में इस यात्रा से व्यापार, निवेश, रक्षा और ऊर्जा जैसे कई क्षेत्रों में नए समझौतों और साझेदारी की संभावनाएं बढ़ गई हैं। ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद प्रधानमंत्री अपने विदेश दौरे के अगले चरण में न्यूजीलैंड रवाना होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 11:04:37 +0530</pubDate>
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