<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/police-action/tag-2252" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Police Action - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/2252/rss</link>
                <description>Police Action RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ठाणे अस्पताल में डॉक्टर से मारपीट मामले में शिवसेना पार्षद गिरफ्तार, डॉक्टर ने डर के कारण छोड़ा शहर</title>
                                    <description><![CDATA[महिला डॉक्टर को थप्पड़ मारने और मेडिकल स्टाफ से मारपीट के आरोप में शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद समेत चार आरोपी गिरफ्तार, घटना के बाद डॉक्टर ने नौकरी से दिया इस्तीफा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/shiv-sena-councilor-arrested-for-assault-on-doctor-in-thane/article-58289"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/thane-hospital.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र के ठाणे जिले में सरकारी अस्पताल के भीतर डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गंभीर रूप ले चुका है। कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के शास्त्री नगर अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ कथित मारपीट करने के आरोप में शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद रमेश म्हात्रे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके साथ मौजूद तीन अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया है। घटना के बाद अस्पताल में काम करने वाले एक डॉक्टर ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया और सुरक्षा का हवाला देते हुए ठाणे छोड़ने का फैसला किया। डॉक्टर का कहना है कि अब वह कभी इस शहर में वापस आकर काम नहीं करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">यह घटना सोमवार को शास्त्री नगर अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (NICU) में हुई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उस समय NICU के सभी बेड भरे हुए थे। इसी कारण ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर सृष्टि बाविस्कर और डॉ. वैभव सालुंखे ने नवजात के परिजनों को किसी दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी थी ताकि बच्चे का समय पर इलाज हो सके। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक डॉक्टरों का कहना था कि अस्पताल में फिलहाल जगह उपलब्ध नहीं है और मरीज के हित में दूसरे अस्पताल ले जाना बेहतर रहेगा। बताया जा रहा है कि डॉक्टरों की इस सलाह से परिजन नाराज हो गए। कुछ ही देर बाद उन्होंने स्थानीय शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को अस्पताल बुला लिया। आरोप है कि पार्षद अपने तीन समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से तीखी बहस करने लगे। विवाद कुछ ही मिनटों में हाथापाई में बदल गया। अस्पताल में मौजूद सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपियों ने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ धक्का-मुक्की की, थप्पड़ और घूंसे मारे तथा अस्पताल के कर्मचारियों को धमकाया।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के दौरान महिला डॉक्टर के साथ भी अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप है। अस्पताल के कर्मचारियों के मुताबिक जब महिला डॉक्टर किसी को फोन कर मदद मांगने की कोशिश कर रही थीं, तभी आरोपी ने उनका मोबाइल छीन लिया और कथित तौर पर उन्हें थप्पड़ भी मारा। इस पूरी घटना से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। मरीजों और उनके परिजनों में भी दहशत का माहौल बन गया। बाद में अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसियां अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों में नाराजगी देखी गई। मारपीट का शिकार हुए एक डॉक्टर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि घटना के बाद वह खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है और ठाणे छोड़ दिया है। डॉक्टर ने कहा कि यहां ऐसा माहौल बन गया है, जहां डॉक्टर स्वतंत्र रूप से अपना काम नहीं कर सकते। उनका कहना था कि उन्हें लगातार डर बना हुआ है और ऐसा महसूस हो रहा है कि आरोपी या उनके समर्थक उन पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह अब कभी ठाणे वापस नहीं लौटेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉक्टर के इस बयान ने स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस तेज कर दी है। चिकित्सा संगठनों और डॉक्टरों के विभिन्न समूहों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अस्पतालों में डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी सुरक्षित नहीं रहेंगे तो इसका सीधा असर मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था पर पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र सरकार में उद्योग मंत्री उदय सामंत ने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और आरोपी पार्षद को फटकार लगाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी महिला डॉक्टर पर हाथ उठाना पूरी तरह गलत है और शिवसेना इस तरह की घटना का समर्थन नहीं करती। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच में किसी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं किया गया है और कानून अपना काम कर रहा है। शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं ने भी सार्वजनिक रूप से घटना की आलोचना की है। कल्याण से सांसद श्रीकांत शिंदे सहित पार्टी के कई नेताओं ने कहा कि डॉक्टरों के साथ हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। वहीं ठाणे के सांसद नरेश म्हास्के ने जानकारी दी कि पार्टी ने आरोपी पार्षद रमेश म्हात्रे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी स्तर पर भी पूरे मामले की समीक्षा की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/shiv-sena-councilor-arrested-for-assault-on-doctor-in-thane/article-58289</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/shiv-sena-councilor-arrested-for-assault-on-doctor-in-thane/article-58289</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:13:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/thane-hospital.jpg"                         length="178616"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>10 साल की शादी, जंजीरों में कैद और अत्याचार; पुलिस पहुंची तो मिली आजादी</title>
                                    <description><![CDATA[राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र में महिला ने पति पर जंजीर से बांधकर मारपीट और गर्म सरिए से दागने का आरोप लगाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/satyakatha/10-years-of-marriage-imprisonment-in-chains-and-torture-got/article-57568"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/khilchipur-police.jpg" alt=""></a><br /><p>मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में घरेलू हिंसा का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस से लेकर पूरे इलाके को झकझोर दिया। खिलचीपुर थाना क्षेत्र के छीपीपुरा गांव की रहने वाली 30 वर्षीय मांगीबाई तंवर 12 जून की रात गले में लोहे की जंजीर और ताला लटकाए किसी तरह थाने पहुंचीं। उनके शरीर पर चोटों के निशान थे, कमर, कूल्हे और जांघ पर जलने के घाव दिखाई दे रहे थे, जबकि पैरों के तलवे भी बुरी तरह जख्मी थे। महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति ने उसे घर में खंभे से जंजीर से बांध रखा था ताकि वह शिकायत करने बाहर न जा सके। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी पति सरदार सिंह तंवर को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक मांगीबाई की शादी करीब दस वर्ष पहले राजस्थान के मनोहर थाना क्षेत्र के बिरजीपुरा गांव निवासी सरदार सिंह तंवर से हुई थी। महिला का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति शराब पीकर उसके साथ मारपीट करने लगा था। शुरुआत में उसने परिवार बचाने की कोशिश में सब कुछ सहन किया, लेकिन समय के साथ अत्याचार बढ़ते गए। महिला के अनुसार 10 जून की दोपहर पति नशे की हालत में घर पहुंचा और खाना मांगने लगा। खाना देने में थोड़ी देर होने पर उसने गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर डंडे से बेरहमी से पीटा। इसके बाद कथित तौर पर महिला के गले में भारी लोहे की जंजीर डालकर उसे घर के आंगन में बने खंभे से ताला लगाकर बांध दिया गया। पीड़िता का आरोप है कि पति ने गैस चूल्हे पर लोहे का सरिया गर्म कर उसके शरीर के कई हिस्सों को दाग दिया। महिला ने यह भी बताया कि उसे करीब 24 घंटे तक न खाना दिया गया और न ही पानी। इस दौरान लगातार धमकाया गया कि यदि उसने पुलिस में शिकायत की तो अंजाम और भी बुरा होगा।</p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/domestic-violence.jpg" alt="Domestic Violence" width="1366" height="1273"></img></p>
<p class="isSelectedEnd">पीड़िता के अनुसार जब आरोपी पंचायत बुलाने के लिए घर से बाहर गया तो उसने मौके का फायदा उठाया। पास में पड़े पत्थर से काफी देर तक ताले पर वार करने के बाद वह खंभे से खुद को छुड़ाने में सफल रही। हालांकि जंजीर उसके गले में ही लटकी रही। वह जंगल और खेतों के रास्ते पैदल निकल पड़ी, लेकिन रास्ता भटक गई। महिला का आरोप है कि रास्ते में उसका पति फिर मिल गया और उसे वापस घर ले जाकर दोबारा बांध दिया। इसके बाद रात में जब आरोपी शराब के नशे में सो गया तो उसने एक बार फिर पत्थर की मदद से ताला तोड़ा और सीधे खिलचीपुर थाने की ओर निकल गई। कई किलोमीटर पैदल चलने के बाद रात करीब दस बजे वह थाने पहुंची। वहां मौजूद पुलिसकर्मी उसकी हालत देखकर हैरान रह गए। पुलिस ने सबसे पहले उसके गले से जंजीर हटवाई, भोजन और पानी उपलब्ध कराया तथा मेडिकल परीक्षण कराया। जांच में शरीर पर चोट और जलने के निशानों का परीक्षण कराया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/khilchipur-police.jpg" alt="Khilchipur Police" width="1366" height="1010"></img></p>
<p class="isSelectedEnd">अधिकारियों के अनुसार महिला के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर तत्काल कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी कमल सिंह गेहलोत के निर्देशन में पुलिस टीम गांव पहुंची और आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास, गलत तरीके से बंधक बनाने, मारपीट, गंभीर चोट पहुंचाने, आपराधिक धमकी और वैवाहिक क्रूरता सहित भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। महिला को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। मांगीबाई ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि शादी के पांच साल बाद उनका एक बच्चा हुआ था, जिसकी तीन महीने की उम्र में बीमारी के कारण मौत हो गई। इसके बाद उनकी कोई संतान नहीं हुई। महिला का आरोप है कि इसके बाद पति का व्यवहार और अधिक हिंसक हो गया तथा वह आए दिन शराब पीकर मारपीट करता था। इस बार उसने तय किया कि वह चुप नहीं रहेगी और किसी भी तरह पुलिस तक पहुंचेगी। गांव के कुछ लोगों ने भी पुलिस को बताया कि आरोपी अक्सर शराब के नशे में विवाद करता था और गाली-गलौज करता था। हालांकि पुलिस का कहना है कि गांव में फैली अन्य चर्चाओं की अलग से जांच की जाएगी और फिलहाल कार्रवाई महिला की शिकायत तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि घरेलू हिंसा के मामलों को गंभीरता से लिया जाता है और किसी भी पीड़ित को डरने की जरूरत नहीं है। यदि किसी महिला के साथ इस तरह की घटना होती है तो वह तत्काल पुलिस या महिला हेल्पलाइन से संपर्क करे। इस मामले में भी महिला के साहस और समय पर पुलिस तक पहुंचने से कार्रवाई संभव हो सकी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सत्यकथा</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/satyakatha/10-years-of-marriage-imprisonment-in-chains-and-torture-got/article-57568</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/satyakatha/10-years-of-marriage-imprisonment-in-chains-and-torture-got/article-57568</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 00:36:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/khilchipur-police.jpg"                         length="254305"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम मंदिर चढ़ावा मामले में सियासी हलचल, अयोध्या में कांग्रेस नेताओं पर पुलिस की कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर अयोध्या में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले पुलिस ने कई नेताओं पर एहतियाती कार्रवाई की, जबकि मामले की जांच भी लगातार आगे बढ़ रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/political-stir-in-ram-temple-offering-case-police-action-against/article-57413"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ayodhya-ram-mandir.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राम मंदिर में चढ़ावा प्रबंधन से जुड़े मामले को लेकर अयोध्या में मंगलवार को राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ अयोध्या पहुंचे थे। पार्टी की ओर से मंदिर ट्रस्ट कार्यालय के बाहर विरोध कार्यक्रम की घोषणा की गई थी। इससे पहले सोमवार देर रात पुलिस ने अजय राय को अयोध्या के एक होटल में रोक दिया। बाद में उन्हें कृषि विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस ले जाया गया। प्रशासन ने इसे एहतियाती कदम बताया। इसी दौरान कांग्रेस के कुछ अन्य नेताओं और जनप्रतिनिधियों को भी उनके आवास पर ही रोक दिया गया, ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। मंगलवार दोपहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राम जन्मभूमि परिसर की ओर बढ़ने की कोशिश की। पुलिस ने मंदिर क्षेत्र से पहले टेढ़ी बाजार इलाके में बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया। इस दौरान कुछ देर के लिए धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। हालात को देखते हुए पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर वहां से हटा दिया। पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। अधिकारियों का कहना है कि संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम पहले से किए गए थे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उधर, अजय राय की पत्नी रीना राय ने वाराणसी से एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने अपने पति की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और कहा कि वह जल्द से जल्द उनसे मिलने की उम्मीद कर रही हैं। कांग्रेस की ओर से भी कहा गया कि पार्टी इस मुद्दे पर अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखेगी। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और सभी फैसले उसी के अनुसार लिए गए। इस बीच चढ़ावा प्रबंधन से जुड़े मामले की जांच भी लगातार आगे बढ़ रही है। जांच के क्रम में राम मंदिर परिसर में लंबे समय से तैनात रेडियो ऑपरेशन अधिकारी (आरएमओ) अर्जुन देव का तबादला गोरखपुर कर दिया गया है। वह करीब 17 वर्षों से अयोध्या में तैनात थे। उनकी जिम्मेदारी मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी नेटवर्क की निगरानी से जुड़ी थी। बताया जाता है कि चढ़ावा गिनती वाले कक्ष सहित पूरे मंदिर परिसर में लगे लगभग 1600 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी भी उनके कार्यक्षेत्र में शामिल थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"> विशेष जांच दल (एसआईटी) इस पूरे मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी देखी जा रही है। अर्जुन देव की लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। प्रशासन की ओर से अभी तक इस पर कोई विस्तृत आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। जांच के सिलसिले में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय से भी पुलिस ने पूछताछ की। जानकारी के अनुसार उनसे यह जानने का प्रयास किया गया कि उन्हें मामले की जानकारी पहली बार कब मिली और उसके बाद क्या कदम उठाए गए। इससे पहले इस मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत अदालत ने 14 दिन के लिए बढ़ा दी थी। जांच एजेंसियां अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। इसके बाद राज्य सरकार ने 13 जून को विशेष जांच दल का गठन किया। 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई और मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसी दिन मंदिर ट्रस्ट से जुड़े दो पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद से जांच लगातार जारी है और संबंधित दस्तावेजों व अन्य पहलुओं की भी समीक्षा की जा रही है। अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह कड़ी रखी गई है और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती जारी है। वहीं जांच एजेंसियां उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर अपनी कार्रवाई आगे बढ़ा रही हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/political-stir-in-ram-temple-offering-case-police-action-against/article-57413</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/political-stir-in-ram-temple-offering-case-police-action-against/article-57413</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 14:17:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/ayodhya-ram-mandir.jpg"                         length="123423"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली में 11 वर्षीय बच्ची की हत्या मामले में जांच तेज, आरोपी से पूछताछ जारी</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, घटनाक्रम और सबूतों के आधार पर मामले की कई पहलुओं से जांच जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/investigation-intensified-in-the-murder-case-of-11-year-old/article-56863"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/delhi-crime-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दिल्ली में 11 वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले ने राजधानी को झकझोर कर रख दिया है। घटना सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश है और लोग दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़कर यह समझने की कोशिश की जा रही है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बच्ची अपने परिवार के साथ सड़क किनारे सो रही थी। परिवार मूल रूप से बिहार का रहने वाला बताया जा रहा है और आर्थिक तंगी के कारण फुटपाथ पर रहने को मजबूर था। पुलिस के अनुसार घटना देर रात की है। बच्ची अपने माता-पिता और अन्य परिजनों के साथ सो रही थी, तभी वह अचानक लापता हो गई। परिजनों ने जब बच्ची को आसपास नहीं पाया तो उसकी तलाश शुरू की और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस की कई टीमें सक्रिय हो गईं। शुरुआती जांच में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। अधिकारियों के मुताबिक कुछ फुटेज में एक संदिग्ध वाहन दिखाई दिया, जिसके बाद जांच उसी दिशा में आगे बढ़ाई गई। वाहन की पहचान होने के बाद पुलिस ने उसके रूट और मूवमेंट की जानकारी जुटाई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले। तकनीकी निगरानी और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के आधार पर संदिग्ध चालक की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी और अन्य साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है। मामले से जुड़े सभी तथ्यों को वैज्ञानिक तरीके से परखा जा रहा है ताकि अदालत में मजबूत केस पेश किया जा सके। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी दावे को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। इस मामले में सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि पीड़ित परिवार बेहद कमजोर आर्थिक स्थिति में जीवन बिता रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार परिवार पहले किराए के मकान में रहता था, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उसे वह मकान छोड़ना पड़ा। इसके बाद परिवार फुटपाथ पर रहने लगा। घटना के बाद आसपास के लोगों ने भी गहरा दुख जताया है। कई सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि ऐसे परिवारों के लिए सुरक्षित आश्रय और बेहतर सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि बच्चों की सुरक्षा को लेकर इस तरह के जोखिम कम किए जा सकें।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में फोरेंसिक जांच को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। घटनास्थल से जुटाए गए नमूनों और अन्य साक्ष्यों को विशेषज्ञों के पास भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद जांच को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा पुलिस आरोपी की गतिविधियों, उसके संपर्कों और उसके पिछले रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी पहले भी विभिन्न मामलों में कानून के दायरे में आ चुका है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पुराने मामलों से जुड़ी सभी जानकारियों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपी पेशे से कैब चालक था। इसी कारण पुलिस उन कंपनियों से भी जानकारी जुटा रही है जिनसे वह जुड़ा हुआ था। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि भर्ती और सत्यापन की प्रक्रिया में किन मानकों का पालन किया गया था। इस पहलू की जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि सार्वजनिक परिवहन और कैब सेवाओं का इस्तेमाल बड़ी संख्या में लोग करते हैं। सुरक्षा से जुड़ी किसी भी कमी की पहचान भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद कर सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। साथ ही बच्चों की सुरक्षा के लिए और अधिक प्रभावी उपाय लागू करने की मांग की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसे हालात बनने से पहले रोकथाम के उपाय भी उतने ही जरूरी हैं। विशेष रूप से उन बच्चों पर ध्यान देने की आवश्यकता है जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं और जिनकी सुरक्षा के संसाधन सीमित होते हैं। पुलिस का कहना है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और सभी पहलुओं की निष्पक्ष पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपुष्ट खबरों और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचने की अपील की है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस केवल पुष्टि किए गए तथ्यों को ही सार्वजनिक कर रही है। राजधानी में हुई इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा, सामाजिक असमानता और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/investigation-intensified-in-the-murder-case-of-11-year-old/article-56863</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/investigation-intensified-in-the-murder-case-of-11-year-old/article-56863</guid>
                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 11:19:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/delhi-crime-news.jpg"                         length="171971"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में ISI से जुड़े संदिग्ध की गिरफ्तारी, जांच तेज</title>
                                    <description><![CDATA[जांजगीर-चांपा में किरायेदार सत्यापन के दौरान पकड़ा गया आरोपी, विदेशी नेटवर्क से संपर्क के आरोप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/isi-related-suspect-arrested-in-chhattisgarh-investigation-intensified/article-56642"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/isi-suspect-arrest.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े होने के संदेह में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 21 जून को अकलतरा थाना क्षेत्र में किरायेदार सत्यापन अभियान के दौरान की गई, जब पुलिस टीम संदिग्ध गतिविधियों की जांच के लिए एक मकान पर पहुंची थी। शुरुआती जांच के बाद मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया और आरोपी के मोबाइल से विदेशी संपर्कों के संकेत मिलने का दावा किया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की तह तक जाने की कोशिश कर रही है और कई स्तरों पर जांच जारी है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान सेवक सिंह के रूप में हुई है, जो पंजाब के तरनतारन जिले के पट्टी इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है। वह पिछले कुछ समय से जांजगीर-चांपा के अकलतरा क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था। एसपी विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर जिले में संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई थी, इसी दौरान किरायेदारों के वेरिफिकेशन अभियान के तहत पुलिस को उसकी मौजूदगी की सूचना मिली। मौके पर पहुंची टीम ने जब उससे पूछताछ की तो उसके जवाबों में कई विरोधाभास सामने आए, जिसके बाद शक और गहरा गया।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने जब उसके मोबाइल फोन की जांच की तो उसमें पाकिस्तान, सऊदी अरब और कुछ अन्य देशों के नंबरों से लगातार संपर्क के संकेत मिले। इसके साथ ही वॉट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए संदिग्ध बातचीत के भी सबूत मिलने का दावा किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी कुछ समय से विदेशी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और उससे छत्तीसगढ़ के संवेदनशील इलाकों, लोगों और वाहनों से जुड़ी जानकारियां साझा करने की आशंका है। हालांकि इन सभी बिंदुओं की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है। मामले में सबसे गंभीर पहलू तब सामने आया जब पूछताछ में यह संकेत मिले कि आरोपी का संपर्क पाकिस्तान स्थित कुछ ISI समर्थित नेटवर्क से हो सकता है। पुलिस के मुताबिक उसके मोबाइल से कई वॉट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और वीडियो कॉल के निशान मिले हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह संपर्क किस स्तर का था और इसका उद्देश्य क्या था। पुलिस का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तकनीकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी बात सामने आई है कि आरोपी ड्रोन के जरिए हथियार मिलने की योजना से जुड़ा हो सकता है, हालांकि पुलिस ने इसे अभी केवल आशंका बताया है। अधिकारियों के अनुसार यह दावा किया गया है कि यदि हथियार उपलब्ध कराए जाते तो उनका उपयोग किसी टारगेट किलिंग जैसी गतिविधि में किया जा सकता था, लेकिन इसकी पुष्टि फिलहाल नहीं की जा सकी है। सुरक्षा एजेंसियां इस पहलू को बेहद गंभीरता से जांच रही हैं और किसी भी संभावित खतरे को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिला पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 152 और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। साथ ही उसके मोबाइल और डिजिटल उपकरणों को जब्त कर साइबर विशेषज्ञों की टीम को जांच सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह मामला किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल से जुड़ा है या फिर यह केवल सीमित संपर्कों तक ही सीमित है।स्थानीय स्तर पर इस गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस प्रशासन ने किरायेदार सत्यापन प्रक्रिया को और सख्त करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का मानना है कि बाहरी राज्यों से आने वाले व्यक्तियों की निगरानी और समय पर वेरिफिकेशन बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/isi-related-suspect-arrested-in-chhattisgarh-investigation-intensified/article-56642</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/isi-related-suspect-arrested-in-chhattisgarh-investigation-intensified/article-56642</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 14:09:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/isi-suspect-arrest.jpg"                         length="120778"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिलासपुर में ओडिशा के चेन स्नैचिंग गिरोह का पर्दाफाश, 6 गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[बिलासपुर पुलिस ने महिलाओं को निशाना बनाने वाले अंतरराज्यीय चेन स्नैचिंग गिरोह के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, गिरोह के 3 सदस्य अभी भी फरार हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/chain-snatching-gang-of-odisha-busted-in-bilaspur-6-arrested/article-56641"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bilaspur-chain-snatching.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में महिलाओं के गले से सोने की चेन झपटकर फरार होने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने ओडिशा से आए इस गिरोह के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। यह गिरोह पिछले कुछ समय से शहर में सक्रिय था और खासकर सुबह के समय अकेली महिलाओं को निशाना बनाकर वारदातों को अंजाम दे रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले शहर में किराए का मकान लेकर रहते थे और फिर इलाके की रेकी कर सुनियोजित तरीके से लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे। एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि शहर में पिछले कुछ दिनों से लगातार चेन स्नैचिंग की घटनाएं सामने आ रही थीं। शुरुआती जांच में पुलिस को यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि यह एक ही गिरोह है या अलग-अलग घटनाएं हैं, लेकिन बाद में मिले CCTV फुटेज ने पूरे मामले की कड़ी जोड़ दी। फुटेज में एक बिना नंबर की स्कूटी लगातार अलग-अलग इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों में दिखाई दी। इसी आधार पर पुलिस ने जांच तेज की और अलग-अलग थानों की घटनाओं को जोड़ते हुए पूरे नेटवर्क को समझने की कोशिश शुरू की। पुलिस को जांच के दौरान सिरगिट्टी और तोरवा थाना क्षेत्र में हुई तीन अलग-अलग वारदातों का लिंक मिला। इन सभी घटनाओं में तरीका एक जैसा था, जिसमें सुबह के समय अकेली महिलाओं को निशाना बनाया जाता था। आरोपी स्कूटी पर आते थे, झपट्टा मारते और कुछ ही सेकंड में चेन लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस ने बताया कि गिरोह का तरीका बेहद संगठित और योजनाबद्ध था, जिससे शुरुआत में उन्हें पकड़ना मुश्किल हो रहा था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी वारदात से पहले कई दिनों तक इलाके की रेकी करते थे और महिलाओं की दिनचर्या पर नजर रखते थे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को स्थानीय स्तर पर भी एक मददगार का पता चला। गणेश नगर, सिरगिट्टी निवासी नवीन साहू की भूमिका सामने आई, जिसने अपने ओडिशा के साथियों को बिलासपुर में बुलाया और उन्हें रहने की सुविधा भी उपलब्ध कराई। पूछताछ में सामने आया कि वह गिरोह को इलाके की जानकारी देने और संभावित टारगेट की पहचान में भी मदद कर रहा था। पुलिस ने इसी आधार पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया और उसके बाद पूरे नेटवर्क की कड़ियां तेजी से खुलने लगीं। पुलिस के अनुसार यह गिरोह केवल बिलासपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि यह अंतरराज्यीय नेटवर्क के रूप में अलग-अलग राज्यों में सक्रिय रहता था। आरोपी पहले किसी शहर में जाकर किराए का मकान लेते, फिर स्थानीय सहयोगियों की मदद से इलाके को समझते और उसके बाद वारदात को अंजाम देते थे। वारदात के दौरान वे बिना नंबर की स्कूटी का इस्तेमाल करते थे ताकि पहचान छिपी रहे और पुलिस को ट्रैकिंग में दिक्कत हो। लूट के बाद वे मुख्य सड़कों या हाईवे के रास्ते तुरंत फरार हो जाते थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह विशेष रूप से उन महिलाओं को निशाना बनाता था जो सुबह अकेले टहलने निकलती थीं या घर के बाहर किसी काम में व्यस्त रहती थीं। आरोपियों का तरीका पूरी तरह से सुनियोजित था और वे हर कदम सोच-समझकर उठाते थे। इसी वजह से शुरुआती दिनों में यह समझना मुश्किल हो गया था कि वारदातें किस पैटर्न में हो रही हैं। लेकिन CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के बाद पूरा मामला साफ हो गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गिरफ्तार आरोपियों में शिव सिंह, शक्ति प्रसाद, प्रमोद सिंह, अतुल मुंडा, बसंता खड़िया और नवीन साहू शामिल हैं। सभी आरोपियों की उम्र 18 से 32 वर्ष के बीच है और अधिकांश ओडिशा के सुंदरगढ़ और संबलपुर जिलों के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की स्कूटी भी जब्त कर ली है। पूछताछ में आरोपियों ने तीन अलग-अलग वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने इस मामले में लूट और चेन स्नैचिंग के अलावा संगठित अपराध और आपराधिक षड्यंत्र की धाराएं भी जोड़ी हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के संगठित गिरोह शहर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनते हैं और इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/chain-snatching-gang-of-odisha-busted-in-bilaspur-6-arrested/article-56641</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/chain-snatching-gang-of-odisha-busted-in-bilaspur-6-arrested/article-56641</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 14:09:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/bilaspur-chain-snatching.jpg"                         length="168418"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिंदा है या मर गया देखने महिला बनकर अस्पताल पहुंचा आरोपी, पत्नी ने पहचानकर पकड़वाया</title>
                                    <description><![CDATA[घायल मजदूर पर चाकू से जानलेवा हमला करने के बाद हाल जानने पहुंचा था आरोपी, अस्पताल में मची अफरा-तफरी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/the-accused-reached-the-hospital-posing-as-a-woman-to/article-56637"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gwalior-crime.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल (जेएएच) परिसर स्थित हजार बिस्तर अस्पताल में रविवार को उस समय अजीब स्थिति बन गई, जब एक युवक महिला का भेष बनाकर सर्जिकल वार्ड में पहुंच गया। शुरुआत में अस्पताल में मौजूद लोगों को कुछ समझ नहीं आया, लेकिन थोड़ी ही देर बाद उसकी पहचान ऐसे आरोपी के रूप में हुई जिसने एक मजदूर पर चाकू से जानलेवा हमला किया था। घायल मजदूर की पत्नी ने उसकी चाल-ढाल और हावभाव देखकर उसे पहचान लिया। इसके बाद वार्ड में हंगामा मच गया और लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस के अनुसार मामला कंपू थाना क्षेत्र से जुड़ा है। हजीरा के चार शहर का नाका इलाके में रहने वाला 32 वर्षीय देवेन्द्र मौर्य मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। शनिवार और रविवार की दरमियानी रात वह अपनी पत्नी रचना मौर्य और अन्य मजदूरों के साथ गुढ़ा-गुढ़ी नाका क्षेत्र में वॉल पुट्टी से भरे ट्रक को खाली करने गया था। देर रात तक काम चलता रहा और काम पूरा होने के बाद देवेन्द्र अपने कुछ साथियों के साथ वहां से निकल गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">देवेन्द्र अपने परिचित पप्पू भदौरिया और धर्मेन्द्र भदौरिया के साथ शराब पीने बैठा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी नशे में थे और गाली-गलौज कर रहे थे। देवेन्द्र ने जब इसका विरोध किया तो बात तेजी से बढ़ गई। कुछ ही देर में विवाद इतना गंभीर हो गया कि आरोपियों ने चाकू निकाल लिया और उस पर हमला कर दिया। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार आरोपियों ने देवेन्द्र के सीने, पेट, गर्दन और हाथ पर कई वार किए। अचानक हुए हमले से वह संभल नहीं पाया और खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह उसे बचाया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जेएएच के हजार बिस्तर अस्पताल में भर्ती कर लिया, जहां उसका इलाज जारी है। उसकी हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है और डॉक्टर लगातार निगरानी कर रहे हैं। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने घायल की पत्नी रचना मौर्य की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इसी बीच रविवार को एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने सभी को हैरान कर दिया। बताया जा रहा है कि वारदात के बाद आरोपी धर्मेन्द्र भदौरिया को यह डर सताने लगा कि कहीं घायल देवेन्द्र की मौत न हो जाए। उसे आशंका थी कि यदि ऐसा हुआ तो उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हो सकता है। इसी वजह से वह घायल की स्थिति जानने अस्पताल पहुंच गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस से बचने और पहचान छिपाने के लिए उसने महिला का भेष धारण किया। आरोपी सलवार-सूट पहनकर अस्पताल पहुंचा और सीधे उस सर्जिकल वार्ड तक जा पहुंचा जहां देवेन्द्र का इलाज चल रहा था। वार्ड में मौजूद लोगों को शुरू में उस पर कोई शक नहीं हुआ, लेकिन देवेन्द्र की पत्नी रचना की नजर जैसे ही उस पर पड़ी, उसे कुछ अजीब लगा। उसने आरोपी की कद-काठी, चलने के तरीके और चेहरे के हावभाव को ध्यान से देखा और तुरंत पहचान लिया कि यह वही व्यक्ति है जिसने उसके पति पर हमला किया था। रचना ने बिना देर किए शोर मचाना शुरू कर दिया। उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर अस्पताल में मौजूद अन्य लोग और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंच गए। खुद को घिरता देख आरोपी वहां से भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन लोगों ने उसका पीछा किया और कुछ ही दूरी पर पकड़ लिया। इसके बाद उसे अस्पताल सुरक्षा कर्मियों की निगरानी में रखा गया और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कंपू थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और आरोपी धर्मेन्द्र भदौरिया को हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके। वहीं दूसरा आरोपी पप्पू भदौरिया अभी भी फरार है। उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कंपू थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार ने बताया कि शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। घायल का इलाज जारी है और उसकी मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों को भी हैरान कर दिया। लोगों के बीच चर्चा का विषय यह रहा कि आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए महिला का भेष बनाकर अस्पताल तक पहुंच गया, लेकिन घायल की पत्नी की सतर्कता के कारण वह पुलिस के शिकंजे से बच नहीं सका।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/the-accused-reached-the-hospital-posing-as-a-woman-to/article-56637</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/the-accused-reached-the-hospital-posing-as-a-woman-to/article-56637</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 14:08:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/gwalior-crime.jpg"                         length="108581"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिलासपुर में चाकू की नोक पर स्कूटी और नकदी की लूट, नाबालिग समेत तीन आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[रात में घर लौट रहे युवक पर पीछे से हमला कर गिराया, चाकू अड़ाकर छीनी स्कूटी और कैश; पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपियों को दबोचा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/three-accused-including-a-minor-arrested-for-looting-scooter-and/article-56395"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bilaspur-loot-case.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बिलासपुर के चकरभाठा थाना क्षेत्र में एक युवक से चाकू की नोक पर स्कूटी और नकदी लूटने का मामला सामने आया है। रात के समय घर लौट रहे युवक पर तीन बदमाशों ने पीछे से हमला कर दिया और उसे सड़क पर गिरा दिया। इसके बाद आरोपियों ने चाकू अड़ाकर उससे नकदी छीन ली और उसकी स्कूटी लेकर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके कब्जे से लूटी गई संपत्ति भी बरामद कर ली है।  ग्राम सेंवार निवासी सुनील यादव सिरगिट्टी स्थित एक कोल्डड्रिंक्स कंपनी में हाउसकीपिंग कर्मचारी के रूप में कार्यरत है। मंगलवार रात करीब साढ़े दस बजे वह अपनी स्कूटी से काम खत्म कर घर लौट रहा था। बताया जा रहा है कि जब वह चकरभाठा थाना क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी पीछे से बाइक पर सवार तीन युवक उसके पास पहुंचे। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता, एक आरोपी ने उसे थप्पड़ मार दिया। अचानक हुए हमले से उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर पड़ा। सड़क पर गिरने के बाद तीनों बदमाश उसके पास पहुंच गए और उसे घेर लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोपियों ने उसकी जेब की तलाशी ली और उसमें रखी नकदी निकाल ली। इस दौरान एक बदमाश ने मोबाइल की टॉर्च जलाकर उसका चेहरा भी देखा। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि आरोपियों में एक युवक की आंखें बड़ी थीं और उसका रंग सांवला था, जबकि दूसरा दाढ़ी वाला और कद में छोटा था। तीसरा आरोपी गोरा और पतला-दुबला बताया गया है। इनमें से एक ने उसकी गर्दन पर चाकू अड़ा दिया था, जिससे वह पूरी तरह डर गया और विरोध नहीं कर सका। इसी बीच दूसरे आरोपी ने उसकी जेब से पैसे निकाल लिए। लूटपाट के बाद तीनों बदमाश उसकी स्कूटी लेकर वहां से निकल गए। हालांकि कुछ दूरी तय करने के बाद वे फिर वापस लौटे और युवक को धमकाने लगे। बताया जा रहा है कि उन्होंने दोबारा चाकू निकालकर डराने की कोशिश की ताकि वह किसी तरह का पीछा न कर सके। इसी दौरान नगपुरा की ओर से एक कार आ रही थी, जिसकी तेज रोशनी देखकर आरोपी घबरा गए। हालात बदलते देख वे स्कूटी और नकदी लेकर तेजी से सिरगिट्टी की दिशा में भाग निकले। घटना के बाद पीड़ित ने तत्काल डायल 112 को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आसपास के इलाकों में आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों के अनुसार सीएसपी निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में चकरभाठा थाना और एसीसीयू की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटना स्थल के आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की, संदिग्धों की जानकारी जुटाई और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। लगातार की गई छानबीन के बाद पुलिस को आरोपियों के सिरगिट्टी के नयापारा क्षेत्र में रहने की जानकारी मिली।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने देर रात और बुधवार सुबह विभिन्न ठिकानों पर दबिश दी। इसके बाद तीनों आरोपियों को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रकाश यादव उर्फ रवि यादव (20), रोहन दास (21) और एक नाबालिग के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू, लूट की रकम में से 395 रुपए और पीड़ित की प्लेजर मोपेड बरामद कर ली है। आरोपियों के खिलाफ लूट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। वहीं नाबालिग आरोपी के मामले में किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में रात्रिकालीन गश्त बढ़ाई जा रही है ताकि इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/three-accused-including-a-minor-arrested-for-looting-scooter-and/article-56395</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/three-accused-including-a-minor-arrested-for-looting-scooter-and/article-56395</guid>
                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 15:12:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/bilaspur-loot-case.jpg"                         length="164686"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुर्ग में साइबर ठगी नेटवर्क पर बड़ा एक्शन, 6 आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[म्यूल अकाउंट के जरिए साइबर ठगी की रकम का लेन-देन, 30 संदिग्ध खाताधारकों की जांच जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/big-action-on-cyber-fraud-network-in-durg-6-accused/article-56298"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/durg-cyber-fraud-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दुर्ग जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत उतई पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ऐसे छह लोगों को गिरफ्तार किया है जो कथित तौर पर साइबर ठगी से जुड़े पैसों के लेन-देन के लिए अपने बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगों द्वारा ठगी की रकम को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए किया जाता था। मामले का खुलासा तब हुआ जब भारत सरकार के गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल और पुलिस मुख्यालय से कुछ संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी स्थानीय पुलिस को मिली। इसके बाद जांच शुरू की गई और धीरे-धीरे एक ऐसे नेटवर्क का पता चला, जो लंबे समय से सक्रिय बताया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान उतई क्षेत्र में संचालित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के कुछ खातों को चिन्हित किया गया। इन खातों के लेन-देन की पड़ताल करने पर कई संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं। बताया जा रहा है कि खातों में बड़ी मात्रा में ऐसी रकम जमा की गई थी, जिसका संबंध साइबर ठगी के मामलों से था। खाते में पैसा आने के बाद उसे तुरंत अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था या फिर नकद निकाल लिया जाता था। साइबर अपराध की दुनिया में ऐसे खातों को म्यूल अकाउंट कहा जाता है, जिनका इस्तेमाल अवैध धन को इधर-उधर करने के लिए किया जाता है। पुलिस ने जांच के आधार पर इन खातों को म्यूल अकाउंट के रूप में चिह्नित किया और उनसे जुड़े लोगों की जानकारी जुटानी शुरू की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि वर्ष 2024 से लेकर 2026 तक इन खातों में लगातार संदिग्ध ट्रांजेक्शन होती रही। बैंक रिकॉर्ड और वित्तीय गतिविधियों के विश्लेषण के बाद पुलिस को यह आशंका हुई कि यह कोई सामान्य बैंकिंग गतिविधि नहीं बल्कि संगठित तरीके से चलाया जा रहा नेटवर्क है। अधिकारियों ने बैंकिंग दस्तावेज, खातों की केवाईसी जानकारी और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री की जांच की। इसके आधार पर छह खाताधारकों की पहचान की गई, जिनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक और मोबाइल सिम कार्ड अन्य लोगों को इस्तेमाल करने के लिए दिए थे। पुलिस के अनुसार आरोपी इसके बदले आर्थिक लाभ प्राप्त करते थे। उन्हें खाते उपलब्ध कराने के एवज में कुछ राशि दी जाती थी। साइबर ठग इन खातों का इस्तेमाल अलग-अलग राज्यों या शहरों में की गई ऑनलाइन ठगी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए करते थे। विशेषज्ञों का मानना है कि साइबर अपराधियों के लिए ऐसे खाते बेहद महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि इनके जरिए ठगी के पैसों का स्रोत और अंतिम गंतव्य छिपाने में मदद मिलती है। यही कारण है कि हाल के वर्षों में म्यूल अकाउंट के खिलाफ कार्रवाई को साइबर अपराध नियंत्रण का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गिरफ्तार किए गए आरोपियों में भूपेन्द्र हिरवानी (23), नवलेश्वर पाटले (35), पवन सिंह (32), आकाश चंद्राकर (37), अर्पण शुक्ला (23) और मुकेश सिंह (23) शामिल हैं। सभी आरोपी भिलाई के सेक्टर-7 क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की पासबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल सिम कार्ड और बैंक खातों से जुड़े अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की फोरेंसिक और तकनीकी जांच भी कराई जा रही है ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआती चरण है और मामले की जांच अभी जारी है। अब तक कुल 30 संदिग्ध खाताधारकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन खातों का इस्तेमाल करने वाले मुख्य साइबर अपराधी कौन हैं और उनका नेटवर्क किन राज्यों तक फैला हुआ है। अधिकारियों का मानना है कि आगे की जांच में कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। साइबर अपराध लगातार बदलते स्वरूप में सामने आ रहे हैं और अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में पुलिस आम लोगों से भी सतर्क रहने की अपील कर रही है। अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक या सिम कार्ड किसी अन्य के उपयोग के लिए नहीं देना चाहिए। ऐसा करना न केवल वित्तीय जोखिम पैदा करता है बल्कि व्यक्ति को कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/big-action-on-cyber-fraud-network-in-durg-6-accused/article-56298</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/big-action-on-cyber-fraud-network-in-durg-6-accused/article-56298</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 15:06:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/durg-cyber-fraud-%281%29.jpg"                         length="269619"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर में सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ मारपीट, विरोध प्रदर्शन के दौरान हंगामा</title>
                                    <description><![CDATA[शहीद स्मारक पर नीट पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन में अचानक भीड़ ने किया हमला, पुलिस ने कई युवकों को हिरासत में लिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/cjp-founder-abhijit-deepke-assaulted-uproar-during-protest-in-jaipur/article-56037"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/abhijeet-deepke-jaipur-incident.jpg" alt=""></a><br /><div class="qMYqUG_convSearchResultHighlightRoot">
<div>

<div class="text-base my-auto mx-auto pb-10 [--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-xs,calc(var(--spacing)*4))] @w-sm/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-sm,calc(var(--spacing)*6))] @w-lg/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-lg,calc(var(--spacing)*16))] px-(--thread-content-margin)">
<div class="[--thread-content-max-width:40rem] @w-lg/main:[--thread-content-max-width:48rem] mx-auto max-w-(--thread-content-max-width) flex-1 group/turn-messages focus-visible:outline-hidden relative flex w-full min-w-0 flex-col agent-turn">
<div class="flex max-w-full flex-col gap-4 grow">
<div class="min-h-8 text-message relative flex w-full flex-col items-end gap-2 text-start break-words whitespace-normal outline-none keyboard-focused:focus-ring [.text-message+&amp;]:mt-1">
<div class="flex w-full flex-col gap-1 empty:hidden">
<div class="markdown prose dark:prose-invert wrap-break-word w-full light markdown-new-styling">
<p style="text-align:justify;">जयपुर में सोमवार को उस वक्त माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ शहीद स्मारक पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान मारपीट की घटना सामने आई। यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में कथित खामियों और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन कुछ ही पलों में स्थिति पूरी तरह बदल गई और भीड़ के बीच अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और मंच के आसपास लगातार नारेबाजी चल रही थी। इसी दौरान अभिजीत दीपके अपने कुछ समर्थकों के साथ भीड़ के बीच मौजूद थे। बताया जा रहा है कि वह अपने समर्थकों के कंधों पर बैठकर लोगों को संबोधित करने या भीड़ का अभिवादन कर रहे थे, तभी अचानक कुछ युवकों ने आगे बढ़कर उन पर हमला कर दिया। यह घटना इतनी तेजी से हुई कि शुरुआती कुछ सेकंड में किसी को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के बाद वहां मौजूद समर्थकों और अन्य कार्यकर्ताओं में गुस्सा फैल गया। देखते ही देखते धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू हो गई। कुछ लोगों ने हमलावरों को पकड़ने की कोशिश की, वहीं कुछ ने स्थिति को शांत करने का प्रयास भी किया। मौके पर कुछ देर के लिए अव्यवस्था फैल गई और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे। आसपास मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है, जिसमें भीड़ के बीच अचानक हुई झड़प और अफरा-तफरी को साफ देखा जा सकता है। वीडियो में लोगों को एक-दूसरे की तरफ दौड़ते और चिल्लाते हुए देखा गया, जबकि कुछ लोग स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे हैं। इस वायरल वीडियो ने घटना को और अधिक चर्चा में ला दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के तुरंत बाद सीजेपी कार्यकर्ताओं ने हमलावरों को पकड़कर कथित रूप से उनकी पिटाई भी की। हालांकि इसी बीच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंच से अपील की कि किसी भी तरह की हिंसा का जवाब हिंसा से नहीं दिया जाना चाहिए और हमलावरों को छोड़ दिया जाए। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं है बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों को उठाना है। मामले को लेकर सीजेपी के मीडिया प्रभारी अभिषेक जैन ने दावा किया कि हमले में शामिल युवकों को पुलिस ने मौके से हिरासत में ले लिया है। वहीं जयपुर दक्षिण के डीसीपी राजर्षि राज वर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कुल पांच लोगों को डिटेन किया गया है, जिनमें तीन युवक सीधे तौर पर मारपीट की घटना में शामिल पाए गए हैं। पुलिस फिलहाल यह जांच कर रही है कि इन युवकों का किसी संगठन से कोई संबंध है या नहीं और क्या यह हमला अचानक हुआ या इसके पीछे कोई योजना थी।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को अब और मजबूत कर दिया गया है ताकि आगे किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने। पूरे मामले की जांच अलग-अलग पहलुओं से की जा रही है, जिसमें सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो भी शामिल किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह के हमले उनकी आवाज को दबा नहीं सकते। उन्होंने इसे डर और कायरता की निशानी बताया और कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेंगे। दीपके ने यह भी दोहराया कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं बल्कि सिस्टम में सुधार के लिए है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी एक बार फिर से उठाई।</p>
<p style="text-align:justify;">दीपके ने अपने बयान में कहा कि वह गांधी और आंबेडकर के विचारों से प्रेरित हैं और उनकी लड़ाई हमेशा अहिंसक और लोकतांत्रिक तरीकों से ही आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश हो सकती हैं, लेकिन इससे उनके इरादे नहीं बदलेंगे। सीजेपी के अन्य प्रवक्ताओं ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि हमले में शामिल कुछ लोग किसी राजनीतिक दल से जुड़े हो सकते हैं, हालांकि उन्होंने इस बारे में कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया। उनका कहना है कि सभी संदिग्ध चेहरों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इधर, राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। कुछ नेताओं ने इस घटना की निंदा की है और इसे लोकतांत्रिक विरोध पर हमला बताया है। वहीं कुछ ने कहा है कि किसी भी तरह की हिंसा स्वीकार नहीं की जा सकती, चाहे कारण कुछ भी हो। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर तीखी बहस देखने को मिल रही है। जयपुर पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और सभी संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। </p>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>

</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/cjp-founder-abhijit-deepke-assaulted-uproar-during-protest-in-jaipur/article-56037</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/cjp-founder-abhijit-deepke-assaulted-uproar-during-protest-in-jaipur/article-56037</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 11:19:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/abhijeet-deepke-jaipur-incident.jpg"                         length="200970"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीएसयूपी कॉलोनी में पुलिस का बड़ा सर्च ऑपरेशन, 300 घरों की जांच</title>
                                    <description><![CDATA[करीब 100 पुलिसकर्मियों ने चलाया अभियान, गुंडे-बदमाशों, किरायेदारों और संदिग्ध लोगों का किया गया सत्यापन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/big-search-operation-of-police-in-bsup-colony-investigation-of/article-55990"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-police-search-operation.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायपुर के पश्चिम जोन स्थित बीएसयूपी कॉलोनी में सोमवार सुबह पुलिस ने व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाकर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान करीब 100 पुलिस अधिकारियों और जवानों की टीम ने 300 से अधिक मकानों की जांच की। अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में रहने वाले गुंडा-बदमाशों, निगरानीशुदा अपराधियों, किरायेदारों और संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन करना था। अचानक शुरू हुए इस अभियान से पूरे इलाके में हलचल का माहौल रहा और बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।  यह अभियान पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) संदीप पटेल के निर्देश पर चलाया गया। इसकी निगरानी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारियों ने की। सुबह करीब 8 बजे शुरू हुए इस ऑपरेशन में पुलिस की अलग-अलग टीमों ने कॉलोनी के विभिन्न ब्लॉकों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर सघन जांच की। टीमों ने घर-घर जाकर निवासियों से जानकारी ली और वहां रहने वाले लोगों के दस्तावेजों की भी जांच की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अभियान के दौरान पुलिस का विशेष फोकस उन लोगों पर रहा जो किराये या अस्थायी रूप से क्षेत्र में रह रहे हैं। अधिकारियों ने किरायेदारों के पहचान पत्र, निवास संबंधी दस्तावेज और अन्य जरूरी जानकारी का सत्यापन किया। इसके अलावा बाहरी राज्यों और जिलों से आकर रहने वाले लोगों के बारे में भी विस्तृत जानकारी जुटाई गई। पुलिस का मानना है कि कई बार अपराधी किरायेदार बनकर या अस्थायी रूप से रहकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं, इसलिए ऐसे सत्यापन अभियान सुरक्षा की दृष्टि से बेहद जरूरी हैं। सर्च ऑपरेशन के दौरान गुंडा-बदमाशों, निगरानीशुदा अपराधियों और आदतन अपराधियों की गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। जिन लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है, उन्हें चिन्हित कर पुलिस अधिकारियों ने सख्त चेतावनी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, अवैध गतिविधियों में शामिल होने या शांति भंग करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ तत्काल और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने केवल जांच-पड़ताल ही नहीं की, बल्कि लोगों से सीधे संवाद भी स्थापित किया। अधिकारियों ने कॉलोनी के रहवासियों से बातचीत कर उन्हें सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। लोगों को अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंचाने की अपील की गई। साथ ही यह भी कहा गया कि घरेलू सहायकों, कर्मचारियों और किरायेदारों का पुलिस सत्यापन अवश्य कराया जाए ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। स्थानीय निवासियों ने भी इस कार्रवाई का स्वागत किया। कई लोगों का कहना था कि ऐसे अभियान नियमित रूप से होने चाहिए, जिससे क्षेत्र में अपराधियों पर नजर रखी जा सके और आम नागरिक खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करें। कुछ लोगों ने यह भी बताया कि पुलिस की मौजूदगी से असामाजिक तत्वों में डर का माहौल बनता है और अपराध की घटनाओं में कमी आती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस तरह के आकस्मिक अभियान का मकसद केवल अपराधियों की पहचान करना नहीं है, बल्कि आम लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा मजबूत करना भी है। पुलिस का मानना है कि जब कानून व्यवस्था की मौजूदगी लगातार महसूस होती है तो अपराधी गतिविधियों पर स्वतः अंकुश लगता है। यही वजह है कि समय-समय पर ऐसे विशेष अभियान चलाए जाते हैं। अभियान के दौरान कॉलोनी के कई हिस्सों में दस्तावेजों की जांच, लोगों से पूछताछ और सार्वजनिक स्थानों की निगरानी की गई। पुलिस ने यह भी सुनिश्चित किया कि क्षेत्र में कोई संदिग्ध गतिविधि या अवैध गतिविधि संचालित न हो रही हो। जांच के दौरान कई लोगों को आवश्यक दस्तावेज साथ रखने और समय पर सत्यापन कराने की सलाह भी दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">रायपुर पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में शहर के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी इसी तरह के सर्च और सत्यापन अभियान चलाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। बीएसयूपी कॉलोनी में चलाया गया यह अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसने एक बार फिर पुलिस की सक्रियता और अपराध के प्रति सख्त रुख को सामने रखा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/big-search-operation-of-police-in-bsup-colony-investigation-of/article-55990</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/big-search-operation-of-police-in-bsup-colony-investigation-of/article-55990</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:05:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/raipur-police-search-operation.jpg"                         length="272491"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रीवा में वकील से पुलिस की मारपीट का VIDEO वायरल, सड़क पर घसीटकर थाने ले जाने के आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[आदिवासी परिवार की जमीन पर कार्रवाई के दौरान हुआ विवाद, अधिवक्ता ने पुलिस पर कपड़े फाड़ने और जान से मारने की आशंका जताई, प्रशासन ने जांच के दिए संकेत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/video-of-police-assaulting-a-lawyer-in-rewa-goes-viral/article-55717"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/rewa-lawyer-assault.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">रीवा में पुलिस और एक अधिवक्ता के बीच हुए विवाद का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। दो दिन पहले हुई घटना का वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी अधिवक्ता नीरज वर्मा को कॉलर पकड़कर सड़क पर घसीटते और धक्का-मुक्की करते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान आसपास लोगों की भीड़ भी मौजूद थी। वीडियो वायरल होने के बाद अधिवक्ता संगठनों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटना समान थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां प्रशासनिक टीम एक आदिवासी परिवार की जमीन पर कार्रवाई करने पहुंची थी। बताया जा रहा है कि प्रशासन संबंधित जमीन पर बने मकान को हटाने की कार्रवाई कर रहा था। इसी दौरान अधिवक्ता नीरज वर्मा मौके पर पहुंचे और उन्होंने कार्रवाई का विरोध करते हुए जमीन से जुड़े दस्तावेज अधिकारियों को दिखाने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मौके पर काफी देर तक बहस होती रही और फिर हालात अचानक बिगड़ गए।</p>
<p class="isSelectedEnd">वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि अधिवक्ता कुछ दस्तावेज हाथ में लेकर पुलिसकर्मियों से बात कर रहे हैं। इसी बीच पुलिसकर्मी उन्हें पकड़कर आगे बढ़ाते हैं। कुछ पुलिसकर्मी उनकी कॉलर पकड़कर सड़क पर ले जाते दिखाई देते हैं। वीडियो में धक्का-मुक्की की स्थिति भी नजर आ रही है। घटना के दौरान अधिवक्ता के कपड़े फटने की बात भी सामने आई है। अधिवक्ता का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनकी वकालती यूनिफॉर्म और काला कोट तक फाड़ दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">अधिवक्ता नीरज वर्मा का कहना है कि जिस जमीन पर कार्रवाई की जा रही थी, वह आदिवासी पट्टे की भूमि है। उनके अनुसार श्यामलाल कोल, बृजलाल कोल, बबलू कोल और अर्जुन कोल के नाम पर यह जमीन कई दशक पहले से दर्ज है। उन्होंने दावा किया कि संबंधित मामले में अपील लंबित थी और न्यायिक प्रक्रिया पूरी हुए बिना मकान गिराने की कार्रवाई की जा रही थी। इसी वजह से वह दस्तावेज लेकर मौके पर पहुंचे थे ताकि प्रशासन को स्थिति से अवगत कराया जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd">नीरज वर्मा ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने कार्रवाई पर सवाल उठाए तो पुलिसकर्मियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया मानो वह कोई गंभीर अपराधी हों। अधिवक्ता का कहना है कि उन्हें जबरन पकड़कर थाने ले जाया गया और कई घंटों तक वहीं बैठाए रखा गया। उनका आरोप है कि उस समय उन्हें अपनी जान का भी खतरा महसूस हो रहा था। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।</p>
<p class="isSelectedEnd">दूसरी ओर पुलिस ने इन आरोपों को खारिज किया है। समान थाना प्रभारी विजय सिंह का कहना है कि प्रशासनिक टीम विधिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कर रही थी। उनके अनुसार अधिवक्ता लगातार शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहे थे और अधिकारियों के काम में हस्तक्षेप कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि उन्हें कई बार समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन जब स्थिति सामान्य नहीं हुई तो कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें मौके से हटाकर थाने ले जाया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू तब सामने आया जब कार्रवाई के आधार को लेकर सवाल उठे। बताया गया कि जब अधिकारियों से मकान हटाने के लिए कथित कोर्ट आदेश की प्रति मांगी गई तो मौके पर उसे प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इससे कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। प्रशासन का कहना है कि संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है और पूरे घटनाक्रम की समीक्षा होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">एसडीएम अनुराग तिवारी ने कहा है कि मामले की नए सिरे से जांच कराई जाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उपलब्ध दस्तावेजों और प्रशासनिक प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार यदि कहीं प्रक्रिया संबंधी त्रुटि पाई जाती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय स्तर पर भी लोग पूरे घटनाक्रम को लेकर सवाल उठा रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">वीडियो सामने आने के बाद यह मामला केवल पुलिस और अधिवक्ता के बीच विवाद तक सीमित नहीं रह गया है। अब इसमें प्रशासनिक कार्रवाई, आदिवासी परिवार की जमीन, बेदखली प्रक्रिया और सरकारी अधिकारों के इस्तेमाल जैसे कई मुद्दे जुड़ गए हैं। दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं। एक ओर अधिवक्ता खुद के साथ अन्याय होने की बात कह रहे हैं तो दूसरी ओर पुलिस अपनी कार्रवाई को नियमों के अनुरूप बता रही है। अब सबकी नजर प्रशासन की प्रस्तावित जांच पर टिकी हुई है। जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और वायरल वीडियो की परिस्थितियों को किस तरह देखा जाता है, यह आने वाले दिनों में साफ हो सकेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/video-of-police-assaulting-a-lawyer-in-rewa-goes-viral/article-55717</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/video-of-police-assaulting-a-lawyer-in-rewa-goes-viral/article-55717</guid>
                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 13:59:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/rewa-lawyer-assault.jpg"                         length="204579"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        