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                <title>Public Issue - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Public Issue RSS Feed</description>
                
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                <title>सलकनपुर देवी धाम के प्रबंधन पर विक्रम मस्ताल के सवाल, दान राशि की जांच की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता और अभिनेता विक्रम मस्ताल ने मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता की मांग उठाई, दान राशि और सुरक्षा व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vikram-mastal-questions-on-the-management-of-salkanpur-devi-dham/article-57407"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/salkanpur-temple.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">सीहोर जिले के प्रसिद्ध सलकनपुर विजयासन देवी धाम के प्रबंधन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। बुधनी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी और अभिनेता विक्रम शर्मा मस्ताल ने मंदिर की वित्तीय व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और दान राशि के उपयोग को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर दावा किया कि मंदिर में आने वाले करोड़ों रुपये के चढ़ावे और दान का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग भी की है। हालांकि उनके आरोपों पर मंदिर प्रबंधन या संबंधित प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। विक्रम शर्मा मस्ताल ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में धार्मिक संस्थानों से जुड़े वित्तीय मामलों को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आई हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने सलकनपुर देवी धाम का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि यहां भी दान राशि और वित्तीय प्रबंधन को लेकर कई सवाल लंबे समय से उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी धार्मिक संस्था में जनता की आस्था से जुड़ा धन आता है तो उसका उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है, इसकी जानकारी सार्वजनिक होना आवश्यक है। उन्होंने मंदिर में पहले हुई चोरी की एक घटना का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि मंदिर जैसे संवेदनशील और सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर बड़ी चोरी होना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने पूछा कि घटना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में आखिर कहां चूक हुई और चोरी के मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि चोरी में कितनी राशि या सामग्री का नुकसान हुआ और इस संबंध में जनता को अब तक स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई। विक्रम मस्ताल ने कहा कि सलकनपुर देवी धाम में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु देश-विदेश से पहुंचते हैं। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार मंदिर में नकद दान, आभूषण और अन्य भेंट अर्पित करते हैं। उनका कहना है कि यह धन किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। इसलिए मंदिर की वार्षिक आय, व्यय और विकास कार्यों पर खर्च की जाने वाली राशि का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने मंदिर प्रबंधन समिति की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि लंबे समय से मंदिर के संचालन और प्रबंधन में सीमित लोगों का प्रभाव बना हुआ है और इसमें व्यापक पारदर्शिता दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थानों का संचालन नियमों और पारदर्शी व्यवस्था के तहत होना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की शंका की स्थिति पैदा न हो। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सभी रिकॉर्ड सार्वजनिक कर दिए जाएं तो विवाद अपने आप समाप्त हो सकते हैं। अपने बयान में विक्रम मस्ताल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और जिला प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने मांग की कि मंदिर की वित्तीय व्यवस्था, दान राशि के उपयोग और प्रबंधन से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन से अनुरोध किया कि मंदिर की वार्षिक आय और खर्च का विस्तृत विवरण सार्वजनिक किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं के बीच किसी तरह की भ्रम की स्थिति न रहे। सलकनपुर देवी धाम प्रदेश का प्रमुख धार्मिक स्थल है और यहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर प्रबंधन को लेकर उठने वाले किसी भी सवाल का असर व्यापक स्तर पर देखने को मिल सकता है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी भी पक्ष की ओर से आरोप लगाए जाते हैं तो उनकी जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। विक्रम मस्ताल ने जिन बिंदुओं को उठाया है, उनकी पुष्टि किसी जांच एजेंसी या सक्षम प्राधिकरण द्वारा नहीं की गई है। दूसरी ओर, मंदिर प्रबंधन की ओर से भी अभी तक इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 14:16:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भोपाल में शराब दुकानों का विरोध तेज, स्कूल और मंदिर के पास ठेके पर बवाल</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल शराब दुकान विवाद में अरेरा कॉलोनी और शाहपुरा में प्रदर्शन, नियम उल्लंघन के आरोप शहर में शराब दुकानों की शिफ्टिंग अब बड़ा जनमुद्दा बनती जा रही है। रहवासियों का आरोप—नियमों को नजरअंदाज कर खोले जा रहे ठेके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/protest-against-liquor-shops-intensifies-in-bhopal-ruckus-over-contracts/article-51938"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/mp--(4).jpg" alt=""></a><br /><p>मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शराब दुकानों की नई लोकेशन को लेकर विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को अरेरा कॉलोनी और शाहपुरा इलाके में बड़ी संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अरेरा कॉलोनी में शराब दुकान मंदिर के पास संचालित हो रही है, जबकि शाहपुरा में स्कूल से महज 50 मीटर की दूरी पर ठेका खोला गया है, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।</p>
<p>प्रदर्शन में स्थानीय रहवासी, जनप्रतिनिधि और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता शामिल हुए। लोगों ने बैनर-पोस्टर लेकर नारेबाजी की और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।</p>
<h5><strong>नियमों पर सवाल</strong></h5>
<p>अरेरा कॉलोनी के रहवासियों का कहना है कि जिस जगह शराब दुकान संचालित हो रही है, वह पूरी तरह आवासीय क्षेत्र है, लेकिन वहां व्यावसायिक गतिविधि चलाई जा रही है। इसे मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 और नगर निगम अधिनियम 1956 का उल्लंघन बताया जा रहा है।</p>
<p>स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस मामले में पिछले एक साल से जिला प्रशासन, नगर निगम और आबकारी विभाग को शिकायतें दी जा चुकी हैं। यहां तक कि मानव अधिकार आयोग में भी मामला पहुंचा, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।</p>
<h5><strong>सामाजिक असर की चिंता</strong></h5>
<p>रहवासियों ने आरोप लगाया कि शराब दुकान के कारण इलाके में भीड़, शोर-शराबा और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ गया है। इससे महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर असर पड़ रहा है और रोजमर्रा की आवाजाही भी मुश्किल हो गई है।</p>
<p>शाहपुरा इलाके में भी स्थिति इसी तरह की बताई जा रही है, जहां स्कूल के पास शराब दुकान खोले जाने से अभिभावकों और छात्रों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बच्चों के वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।</p>
<p>भोपाल के कई इलाकों—जैसे अवधपुरी, कोलार रोड, सेमराकलां और ईंटखेड़ी—में भी शराब दुकानों के खिलाफ पिछले कुछ समय से विरोध प्रदर्शन जारी है। कई स्थानों पर लोग लगातार धरना दे रहे हैं और ठेकों को हटाने की मांग कर रहे हैं।</p>
<p>हालांकि प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार शिकायतों की जांच की जा रही है।</p>
<p>शहर में बढ़ते विरोध से यह साफ है कि शराब दुकानों की लोकेशन तय करने में स्थानीय संवेदनशीलता और नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह मुद्दा अब पब्लिक इंटरेस्ट स्टोरी बन चुका है और स्थानीय राजनीति को भी प्रभावित कर सकता है।</p>
<p>रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसमें ठेकों की तालाबंदी तक शामिल हो सकती है। आने वाले दिनों में प्रशासन का रुख और कार्रवाई इस विवाद की दिशा तय करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 16:15:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुर्ग के गांवों में जल संकट गहराया, अवैध शराब पर भी उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[दुर्ग जल संकट के बीच ग्रामीणों का आरोप—पानी की कमी, अवैध शराब से बिगड़ रहा माहौल गांवों में पानी की किल्लत ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर सामने आया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/water-crisis-deepens-in-durg-villages-questions-raised-on-illegal/article-51934"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/cg-news-(33).jpg" alt=""></a><br /><p>छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के कई गांव इन दिनों गंभीर जल संकट से जूझ रहे हैं, जहां लोगों को पीने के पानी के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर अंजोरा (ढाबा) गांव में हालात सबसे अधिक खराब बताए जा रहे हैं। यहां लगभग 3000 की आबादी के लिए सिर्फ एक बोरवेल ही पानी का सहारा है, जिससे बेहद कम क्षमता में पानी निकलता है। ग्रामीणों का कहना है कि सुबह 4 बजे से ही पानी भरने के लिए कतार लग जाती है, जो देर रात तक जारी रहती है। इसी बीच गांव में अवैध शराब की खुलेआम बिक्री ने स्थिति को और चिंताजनक बना दिया है।</p>
<p>ग्रामीणों के मुताबिक, पानी की कमी के कारण उनका दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं तक पानी के लिए घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं। रोजगार और बच्चों की पढ़ाई पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है, क्योंकि दिन का बड़ा हिस्सा पानी जुटाने में ही निकल जाता है।</p>
<h5><strong>पानी के लिए जंग</strong></h5>
<p>गांव में जल संकट इतना गंभीर है कि एक-एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले साल 31 लाख रुपए की लागत से शिवनाथ नदी से पानी लाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन समय पर काम शुरू नहीं हुआ।</p>
<p>ग्रामीणों का आरोप है कि योजना का लाभ उन्हें नहीं मिला और पैसा बेकार चला गया। कुछ लोगों का कहना है कि नदी का पानी केवल डेम में जमा किया जा रहा है, जो पीने योग्य नहीं है।</p>
<h5><strong>अवैध शराब पर नाराजगी</strong></h5>
<p>जल संकट के साथ-साथ गांव में अवैध शराब की बिक्री भी बड़ा मुद्दा बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां पानी के लिए तरसना पड़ रहा है, वहीं शराब आसानी से उपलब्ध है।</p>
<p>पूर्व सरपंच और अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में 8–10 लोग अवैध शराब के कारोबार से जुड़े हैं और इस पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हो रही। उनका कहना है कि इससे गांव का सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है और युवा पीढ़ी पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।</p>
<p>पुलिस और प्रशासन ने हालांकि इन आरोपों को खारिज किया है। अधिकारियों के अनुसार, अवैध शराब के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जा रही है और गश्त बढ़ाई गई है।</p>
<p>दुर्ग जिले के अन्य गांवों—जैसे पाटन क्षेत्र के औरी, उतई के मुड़पार, मर्रा, चुनकट्टा और आसपास के इलाकों में भी पानी की कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं। गर्मी बढ़ने के साथ यह समस्या और गंभीर होती जा रही है।</p>
<p>पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और दोषियों पर कार्रवाई की जा रही है। वहीं जनप्रतिनिधियों ने जल संरक्षण और जल प्रबंधन को लेकर योजनाओं में तेजी लाने की बात कही है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 15:53:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्लीनमैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस का IPO आज खुला, 25 फरवरी तक बोली; न्यूनतम निवेश 14,742</title>
                                    <description><![CDATA[रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की कंपनी 3,100 करोड़ जुटाने के लक्ष्य के साथ बाजार में; कर्ज चुकाने और कॉर्पोरेट जरूरतों पर फोकस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/cleanmax-enviro-energy-solutions-ipo-opens-today-bid-till-25th/article-46955"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-02/desh-(34).jpg" alt=""></a><br /><p>रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र की कंपनी <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">क्लीनमैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस</span></span> का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) आज से निवेशकों के लिए खुल गया। निवेशक 25 फरवरी तक बोली लगा सकेंगे। कंपनी इस इश्यू के जरिए करीब 3,100 करोड़ रुपये जुटाने की योजना लेकर आई है। प्राइस बैंड 1,000 से 1,053 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है और न्यूनतम 14 शेयरों के एक लॉट के लिए ऊपरी दायरे पर 14,742 रुपये का निवेश करना होगा।</p>
<p>इश्यू में फ्रेश शेयर के साथ ऑफर फॉर सेल (OFS) दोनों शामिल हैं। कंपनी के अनुसार, फ्रेश इश्यू से प्राप्त लगभग 1,122.6 करोड़ रुपये का उपयोग कंपनी और उसकी सहायक इकाइयों के कर्ज के आंशिक या पूर्ण भुगतान में किया जाएगा, जबकि शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों पर खर्च होगी। रिटेल निवेशकों के लिए 35% कोटा निर्धारित है, 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स और 15% नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के लिए आरक्षित रखा गया है।</p>
<p>इश्यू के बुक-रनिंग लीड मैनेजर के रूप में <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">एक्सिस कैपिटल</span></span>, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">जेपी मॉर्गन</span></span> और <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">एसबीआई कैपिटल मार्केट्स</span></span> नियुक्त हैं। कंपनी के शेयर <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">बीएसई</span></span> और <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">एनएसई</span></span> पर सूचीबद्ध होंगे। IPO से पहले प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के माध्यम से कंपनी 1,500 करोड़ रुपये जुटा चुकी है, जिसमें <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">टेमासेक</span></span> और <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">बैन कैपिटल</span></span> जैसे निवेशकों की भागीदारी रही।</p>
<p>उद्योग आकलनों के अनुसार, कंपनी कमर्शियल और इंडस्ट्रियल (C&amp;I) रिन्यूएबल एनर्जी समाधान और नेट-जीरो पहलों पर केंद्रित है। <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">क्रिसिल</span></span> की रिपोर्ट के मुताबिक 31 अक्टूबर 2025 तक कंपनी की परिचालन क्षमता 2.80 गीगावाट रही, जबकि 3.17 गीगावाट की अतिरिक्त परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। कार्बन क्रेडिट और स्वच्छ ऊर्जा अनुबंधों पर बढ़ता कॉर्पोरेट फोकस कंपनी के लिए मांग का आधार बना हुआ है।</p>
<p>बाजार विश्लेषकों का मानना है कि हरित ऊर्जा में निवेश की वैश्विक प्रवृत्ति और भारत में ऊर्जा संक्रमण की नीतियां ऐसे इश्यू को समर्थन दे रही हैं। हालांकि, मूल्यांकन, ब्याज दरों की दिशा और सेक्टर-विशिष्ट जोखिमों पर निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।</p>
<p>आगे की स्थिति में, सब्सक्रिप्शन स्तर, संस्थागत भागीदारी और लिस्टिंग गेन पर बाजार की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी। निवेशकों के लिए आवंटन और संभावित लिस्टिंग प्रदर्शन आने वाले दिनों में हिन्दी न्यूज़ पोर्टल्स और वित्तीय मंचों पर प्रमुख चर्चा का विषय रहेंगे।</p>
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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 09:43:10 +0530</pubDate>
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