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                <title>New Delhi - दैनिक जागरण</title>
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                <description>New Delhi RSS Feed</description>
                
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                <title>निजी सुरक्षा उद्योग के लिए गृह मंत्रालय का बड़ा कदम, PSARA अनुपालन और कारोबार आसान बनाने पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली में गृह मंत्रालय की PSARA संयुक्त कार्यशाला में 400 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में निजी सुरक्षा उद्योग के लिए नियमों को सरल बनाने, लाइसेंस प्रक्रिया, प्रशिक्षण और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर व्यापक चर्चा हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/home-ministrys-big-step-for-private-security-industry-national-workshop/article-57340"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/psara.jpg" alt=""></a><br /><p>देश में निजी सुरक्षा उद्योग को अधिक संगठित, पारदर्शी और व्यवसाय के अनुकूल बनाने की दिशा में गृह मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के मार्गदर्शन में निजी सुरक्षा कंपनियों के विभिन्न संगठनों ने 25 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित संविधान क्लब में <strong>"PSARA अनुपालन और लागू करने पर संयुक्त कार्यशाला"</strong> का आयोजन किया। इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न राज्यों के नियंत्रण अधिकारी, डीजीपी एवं एडीजीपी स्तर के पुलिस अधिकारी तथा निजी सुरक्षा उद्योग से जुड़े 400 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।</p>
<p>कार्यशाला का उद्देश्य <strong>निजी सुरक्षा एजेंसी (विनियमन) अधिनियम, 2005 (PSARA)</strong> के प्रभावी क्रियान्वयन, उद्योग के समक्ष मौजूद व्यावहारिक चुनौतियों के समाधान तथा निजी सुरक्षा क्षेत्र के लिए "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" को बढ़ावा देना था। यह मंच सरकार और उद्योग जगत के बीच संवाद, सहयोग और नीति सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ।</p>
<p> </p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-29-at-5.10.14-pm.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-06-29 at 5.10.14 PM" width="1600" height="1067"></img></p>
<p> </p>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत <strong>CAPSI (सेंट्रल एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट सिक्योरिटी इंडस्ट्री)</strong> के अध्यक्ष <strong>कुंवर विक्रम सिंह</strong> के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने और महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में निजी सुरक्षा उद्योग की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने सरकार और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी बल दिया।</p>
<p>इसके बाद गृह मंत्रालय में पुलिस आधुनिकीकरण विभाग की <strong>उप सचिव सुश्री कृति गर्ग (IAS)</strong> ने विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने PSARA के विभिन्न प्रावधानों, सरकार की अपेक्षाओं और निजी सुरक्षा उद्योग को अधिक सक्षम एवं व्यवस्थित बनाने के लिए किए जा रहे सुधारों की जानकारी साझा की। उन्होंने राज्यों में कानून के प्रभावी और समान क्रियान्वयन की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।</p>
<p> </p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-29-at-5.10.15-pm.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-06-29 at 5.10.15 PM" width="1600" height="1067"></img></p>
<p> </p>
<p>कार्यशाला के दौरान आयोजित पैनल चर्चा में <strong>FICCI, SAI, KSSA, BSRU</strong> सहित विभिन्न उद्योग संगठनों और निजी सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए। चर्चा में लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाने, नियमों के अनुपालन, सुरक्षा गार्डों के प्रशिक्षण, कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता, डिजिटल प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने तथा विभिन्न राज्यों में एक समान मानकों को लागू करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।</p>
<p>एक विशेष सत्र में विभिन्न राज्यों के नियंत्रण अधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा कानून के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा की। इसके बाद आयोजित खुले प्रश्नोत्तर सत्र में उद्योग प्रतिनिधियों ने सीधे सरकारी अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं और सुझाव रखे, जिससे संवाद और समाधान की दिशा में सकारात्मक माहौल बना।</p>
<p> </p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-29-at-5.10.15-pm-(1).jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-06-29 at 5.10.15 PM (1)" width="1600" height="1067"></img></p>
<p> </p>
<p>कार्यक्रम का मुख्य संबोधन गृह मंत्रालय में <strong>संयुक्त सचिव (पुलिस आधुनिकीकरण) श्री आर. प्रसन्ना (IAS)</strong> ने दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार निजी सुरक्षा उद्योग को देश की समग्र सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण भाग मानती है और इसे अधिक सक्षम, पारदर्शी तथा आधुनिक बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और उद्योग के बीच इस प्रकार का सहयोग भविष्य में सुरक्षा क्षेत्र के विकास को नई गति देगा।</p>
<p>कार्यशाला के समापन पर इस बात पर सहमति बनी कि PSARA के प्रभावी क्रियान्वयन, नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने, उद्योग की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान, बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था तथा सरकार और निजी सुरक्षा क्षेत्र के बीच मजबूत समन्वय के लिए ठोस सिफारिशें तैयार की जाएंगी। इन सुझावों से न केवल निजी सुरक्षा उद्योग को मजबूती मिलेगी, बल्कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को भी दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 17:33:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दैनिक जागरण]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Quad बैठक के बाद जयशंकर का बड़ा ऐलान, भारत-अमेरिका बनाएंगे खास मिनरल फ्रेमवर्क</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली में हुई Quad बैठक के बाद एस जयशंकर ने भारत-अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ धातुओं पर नए फ्रेमवर्क का ऐलान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/jaishankars-big-announcement-after-quad-meeting-india-america-will-create-special/article-54231"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/quad,-s.-jaishankar-india-us-relations.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नई दिल्ली में मंगलवार को </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">Quad <span lang="hi" xml:lang="hi">देशों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका खास खनिजों और दुर्लभ धातुओं की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए एक नया द्विपक्षीय ढांचा तैयार कर रहे हैं। इस बैठक में अमेरिका</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने भी भाग लिया। चर्चा में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समुद्री सहयोग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साइबर सुरक्षा</span>, AI <span lang="hi" xml:lang="hi">तकनीक और वैश्विक सप्लाई चेन पर गहराई से बात की गई। वैश्विक तनाव और मध्य पूर्व की स्थितियों का असर भी प्रमुख विषय रहा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बैठक के बाद</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">संयुक्त प्रेस बयान में जयशंकर ने कहा कि चारों देशों के बीच समन्वय लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि समुद्री निगरानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लॉजिस्टिक्स नेटवर्क</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंडरसी केबल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशिक्षण और आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है और इसे और भी मजबूत किया जाएगा। विदेश मंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति हमेशा से रही है। उन्होंने ये भी बताया कि वर्तमान वैश्विक हालात के मद्देनज़र</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक भरोसेमंद और मजबूत सप्लाई चेन बनाना बहुत जरूरी हो गया है। इसी दिशा में भारत और अमेरिका के बीच नया ढांचा तैयार किया जा रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बैठक के बाद दो बड़ी समुद्री सुरक्षा पहलों का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">‘<span lang="hi" xml:lang="hi">इंडो-पैसिफिक समुद्री निगरानी सहयोग पहल</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">शुरू हो रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे सदस्य देशों के बीच समुद्री सूचनाओं का आदान-प्रदान बेहतर होगा। इसके अलावा</span>, ‘<span lang="hi" xml:lang="hi">इंडो-पैसिफिक समुद्री क्षेत्र जागरूकता पहल</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">का विस्तार किया जाएगा ताकि क्षेत्रीय देशों को रियल टाइम समुद्री डेटा मिल सके। रुबियो ने भारत को </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">क्वाड एट सी</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">मिशन के अगले चरण की मेज़बानी के लिए धन्यवाद भी दिया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में तेजी से बदलते हालात को देखते हुए </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">Quad <span lang="hi" xml:lang="hi">की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने बताया कि क्षेत्र में रणनीतिक तनाव बढ़ रहा है और ऊर्जा सुरक्षा पर भी दबाव है। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े हालात का हवाला देते हुए समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता बनाए रखने पर जोर दिया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बैठक के बाद</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत और अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ धातुओं के खनन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रोसेसिंग और रिसाइक्लिंग को लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। जयशंकर ने कहा कि यह ढांचा सप्लाई चेन को और अधिक लचीला और सुरक्षित बनाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साथ ही निवेश और तकनीकी सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। सूत्रों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इलेक्ट्रिक व्हीकल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सेमीकंडक्टर और हाईटेक सेक्टर में इन खनिजों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस समझौते को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 14:19:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दिल्ली मेट्रो में सीएम मोहन यादव ने किया सफर, ईंधन बचत का दिया संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[सीएम मोहन यादव ने दिल्ली मेट्रो में सफर कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा दिया। पीएम मोदी की अपील के बाद ईंधन बचत और काफिला घटाने पर जोर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/cm-mohan-yadav-traveled-in-delhi-metro-and-gave-the/article-53429"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/delhi-metro-mohan-yadav.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नई दिल्ली में गुरुवार को कुछ खास ही देखने को मिला जब मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीवीआईपी काफिले की बजाय दिल्ली मेट्रो में सफर करने का फैसला किया। सुनने में आया है कि यह कदम प्रधानमंत्री की मितव्ययता और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की अपील के संदर्भ में उठाया गया। सीएम ने दिल्ली के शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन से एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन तक आम यात्रियों के साथ सफर किया और इस दौरान उनसे बातचीत करते रहे। अचानक मुख्यमंत्री को देख कुछ यात्रियों के लिए ये एक नई चीज़ थी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जल्दी ही माहौल सामान्य हो गया और बातचीत शुरू हो गई। सीएम ने लोगों से उनके अनुभव साझा करने को कहा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मेट्रो के उपयोग पर उनकी राय जानी और ये भी समझने की कोशिश की कि कैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट उनकी ज़िंदगी को आसान बना रहा है। कई यात्रियों ने खुलकर अपनी बात कही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ ने समय की बचत की बात की तो कुछ ने ट्रैफिक से राहत की। पूरे सफर के दौरान माहौल औपचारिक से ज्यादा बातचीत का रहा। इसे एक प्रतीकात्मक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है कि आम लोगों की तरह सफर करना न सिर्फ संभव है बल्कि व्यावहारिक भी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर बड़े शहरों में जहां ट्रैफिक और ईंधन की खपत की समस्या है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी हलचल मचा दी है और लोग इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मोहित यादव पहले से ही केंद्र की अपील के बाद सरकारी स्तर पर मितव्ययता और ईंधन बचत को लेकर सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने इस दिशा में कई गाइडलाइंस भी तैयार की हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वर्चुअल बैठकों को प्राथमिकता देना और सरकारी काफिलों में वाहनों की संख्या को घटाना शामिल है। सीएम का कहना है कि देश की आर्थिक मजबूती और विदेशी निर्भरता कम करने के लिए हर स्तर पर छोटे बदलाव करने की जरूरत है। इसी सोच के तहत अब उनके काफिले में गाड़ियों की संख्या भी घटाई गई है और पहले की तुलना में लगभग आधी गाड़ियां ही इस्तेमाल हो रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो अब 8 वाहनों तक सीमित बताई जा रही हैं। सूत्रों का कहना है कि आगे जाकर मंत्रियों और विभागीय अधिकारियों को भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट और कम ईंधन खपत वाले विकल्पों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अनावश्यक यात्रा और खर्च को रोका जा सके इसीलिए कुछ बैठकों को वर्चुअल मोड में करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इस निर्णय के बाद प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है कि ये मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि इसे पूरी तरह लागू करना आसान नहीं होगा।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस पूरी घटना को प्रधानमंत्री की हालिया अपील से भी जोड़ा जा रहा है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें उन्होंने देशवासियों से ईंधन की बचत और सार्वजनिक परिवहन के अधिक इस्तेमाल की बात की थी। नरेंद्र मोदी की इस अपील के बाद कई राज्यों में विभिन्न स्तरों पर पहल दिखाई दे रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन मध्यप्रदेश का यह कदम खासकर चर्चा में है क्योंकि यहां मुख्यमंत्री खुद ही मैदान में उतरकर संदेश दे रहे हैं। ये प्रतीकात्मक कदम जनता के बीच एक अलग संदेश देते हैं और लोगों को अपने व्यवहार पर विचार करने के लिए प्रेरित करते हैं। दिल्ली मेट्रो में सीएम की यह यात्रा इसी संदर्भ में देखी जा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां एक तरफ शहरी जीवन की व्यस्तता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो दूसरी तरफ संसाधनों की बचत का सवाल भी लगातार उठता रहता है। कुल मिलाकर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह पूरा घटनाक्रम एक राजनीतिक संदेश से ज्यादा एक व्यवहारिक अपील के तौर पर सामने आ रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो आने वाले दिनों में और भी चर्चाओं को जन्म दे सकता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 15:14:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम एशिया तनाव BRICS में गूंजा, ईरान बोला- US-इजरायल की हरकतों की हो निंदा</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली BRICS बैठक में ईरान ने अमेरिका-इजरायल की निंदा की मांग की। जयशंकर ने पश्चिम एशिया संकट पर चिंता जताई और शांति की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/west-asia-tension-echoed-in-brics-iran-said-%E2%80%93-us-israels/article-53347"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-14t151151.621.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नई दिल्ली में चल रही </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">BRICS <span lang="hi" xml:lang="hi">बैठक के दौरान अचानक पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का मुद्दा छा गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर गंभीर आरोप लगाते हुए सदस्य देशों से खुलकर निंदा करने की मांग की। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरगची ने कहा कि मौजूदा हालात सिर्फ एक देश से जुड़े नहीं हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का मामला बन चुके हैं। उनका कहना था कि पश्चिम एशिया में हो रही घटनाओं में अंतरराष्ट्रीय कानूनों की अनदेखी साफ नजर आती है और ऐसे में </span>BRICS <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे मंच को इस पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। कई कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ईरान के इस बयान ने माहौल को गंभीर और संवेदनशील बना दिया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि यह मुद्दा अब केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रह गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि भू-राजनीतिक टकराव से भी जुड़ता दिख रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अरगची ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया एक नई वैश्विक व्यवस्था की ओर बढ़ रही है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें ग्लोबल साउथ के देशों की भूमिका बढ़ती जा रही है। उन्होंने </span>BRICS <span lang="hi" xml:lang="hi">को इस बदलती व्यवस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक बताया और कहा कि यह समूह अब सिर्फ आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रह गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि वैश्विक राजनीति में भी इसकी भूमिका बढ़ रही है। इसी दौरान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने अमेरिका और इजरायल पर कई आरोप लगाए और कहा कि इन देशों की नीतियों ने क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित किया है। उन्होंने यह भी बताया कि पश्चिमी देशों के खिलाफ ईरान की स्थिति को केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से नहीं देखना चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि यह विकासशील देशों के हितों से भी जुड़ा है। बैठक में उन्होंने यह मांग की कि </span>BRICS <span lang="hi" xml:lang="hi">देश बिना किसी शर्त के अमेरिका और इजरायल की उन कार्रवाइयों की निंदा करें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्हें ईरान अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन मानता है। उनके बयान के बाद चर्चा का रुख कूटनीतिक तनाव की ओर मुड़ गया और कई प्रतिनिधियों ने इसे गंभीर वैश्विक चिंता का विषय बताया।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में चल रहा बढ़ता तनाव</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर खतरा और ऊर्जा आपूर्ति पर असर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत फिलिस्तीन मुद्दे पर दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन करता है और क्षेत्र में शांति स्थापना के लिए कूटनीतिक प्रयासों को जरूरी मानता है। उन्होंने लेबनान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीरिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सूडान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यमन और लीबिया जैसे देशों में चल रहे संकटों का भी जिक्र किया और कहा कि इन संघर्षों का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जयशंकर ने यह भी कहा कि शांति को टुकड़ों में नहीं बांटा जा सकता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान हर देश की जिम्मेदारी है। नई दिल्ली में 14 और 15 मई को हो रही इस </span>BRICS <span lang="hi" xml:lang="hi">बैठक में वैश्विक आर्थिक व्यवस्था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा चुनौतियों और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा जारी है। भारत ने इस वर्ष </span>BRICS <span lang="hi" xml:lang="hi">की अध्यक्षता संभाली है और वह लगातार संतुलित और संवाद आधारित कूटनीति की वकालत कर रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 15:38:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भाजपा नेता की पहल पर रीवा-दुर्ग ट्रेन का मुद्दा दिल्ली पहुंचा, रेल मंत्री से हुई चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा नेता ने रेल मंत्री से रीवा-दुर्ग एक्सप्रेस ट्रेन और पार्थिव देह परिवहन सुविधा की मांग की, विंध्य क्षेत्र को राहत की उम्मीद।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/on-the-initiative-of-bjp-leader-the-issue-of-rewa-durg/article-53042"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-10t123421.386.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नई दिल्ली में रीवा-दुर्ग एक्सप्रेस ट्रेन की मांग एक बार फिर सुर्खियों में है। भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय मंत्री गौरव तिवारी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर विंध्य क्षेत्र के यात्रियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं को सामने रखा। मुलाकात के दौरान उन्होंने साफ तौर पर रीवा से दुर्ग</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">भिलाई और रायपुर तक सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग उठाई। साथ ही पार्थिव देह के सम्मानजनक और कम खर्च वाले परिवहन की सुविधा का मुद्दा भी उन्होंने रेल मंत्री के सामने रखा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">गौरव तिवारी ने बताया कि रीवा संभाग और पूरे विंध्य क्षेत्र से हर साल हजारों लोग रोजगार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा और व्यापार के लिए छत्तीसगढ़ के औद्योगिक शहरों का रुख करते हैं। अभी स्थिति यह है कि सीधी रेल सेवा उपलब्ध नहीं होने की वजह से यात्रियों को कई जगह ट्रेन बदलनी पड़ती है। इस वजह से सफर लंबा भी हो जाता है और खर्च भी बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह परेशानी वर्षों से बनी हुई है और इसका असर आम यात्रियों पर लगातार पड़ रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नई दिल्ली में हुई इस मुलाकात के दौरान रीवा-दुर्ग एक्सप्रेस ट्रेन की मांग को प्रमुखता से रखा गया। बताया गया कि अगर यह ट्रेन शुरू होती है तो विंध्य और छत्तीसगढ़ के बीच सीधा रेल संपर्क मजबूत होगा। इससे न सिर्फ यात्रियों को सुविधा मिलेगी बल्कि व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में भी आवाजाही आसान हो जाएगी। सूत्रों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस प्रस्ताव को ध्यान से सुना और इस पर सकारात्मक विचार करने का भरोसा भी दिया है। हालांकि अभी तक किसी औपचारिक घोषणा की पुष्टि नहीं हुई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मुलाकात में सिर्फ यात्री ट्रेन का मुद्दा ही नहीं उठा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि एक बेहद संवेदनशील विषय भी सामने आया। गौरव तिवारी ने कहा कि कई बार महानगरों में रहने वाले लोगों की मृत्यु के बाद पार्थिव देह को घर तक लाने में परिवारों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आर्थिक बोझ और व्यवस्थागत दिक्कतें ऐसे समय में परिवारों को और ज्यादा कठिन स्थिति में डाल देती हैं। उन्होंने रेलवे से आग्रह किया कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे पार्थिव देह का परिवहन सम्मानजनक तरीके से और कम खर्च में हो सके।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस मांग को लेकर यह भी कहा गया कि यदि रेलवे विशेष व्यवस्था या सुविधा शुरू करता है तो शोकग्रस्त परिवारों को बड़ी राहत मिल सकती है। फिलहाल इस विषय पर भी विचार करने की बात सामने आई है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन किसी नीति बदलाव की आधिकारिक जानकारी अभी नहीं आई है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 May 2026 13:15:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>NCERT की कक्षा 8 की किताब पर विवाद, ‘ज्यूडीशियल करप्शन’ अध्याय हटेगा, बिक्री पर रोक</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली में स्पष्टीकरण: अनजाने में हुई त्रुटि; Exploring Society: India and Beyond Part 2 का संशोधित संस्करण सत्र 2026–27 से]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/controversy-over-ncerts-class-8-book-judicial-corruption-chapter-will/article-47190"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-02/desh---2026-02-26t093913.792.jpg" alt=""></a><br /><div class="flex flex-col text-sm pb-25">

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<p>नई दिल्ली में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तक में शामिल ‘ज्यूडीशियल करप्शन’ विषय पर उठे विवाद के बाद किताब की बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी है। परिषद ने स्वीकार किया कि संबंधित अध्याय में कुछ सामग्री अनजाने में शामिल हो गई थी, जिसे अब विशेषज्ञों से परामर्श लेकर संशोधित किया जाएगा। संशोधित संस्करण शैक्षणिक सत्र 2026–27 से छात्रों को उपलब्ध कराने की योजना है।</p>
<p>कौन, क्या, कब और क्यों—NCERT ने 24 फरवरी को नई पाठ्यपुस्तक जारी की थी, जिसका उपयोग आगामी शैक्षणिक सत्र से होना था। पुस्तक के एक अध्याय में न्यायिक व्यवस्था की चुनौतियों के संदर्भ में भ्रष्टाचार, लंबित मामलों और न्यायाधीशों की कमी का उल्लेख किया गया था। सामग्री सार्वजनिक होने के बाद विभिन्न स्तरों पर आपत्तियाँ उठीं। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने समीक्षा कर वितरण रोकने के निर्देश दिए और परिषद ने औपचारिक रूप से खेद व्यक्त किया।</p>
<p>कैसे और आगे क्या—NCERT ने अपने बयान में कहा कि पाठ्यपुस्तकों का उद्देश्य संवैधानिक मूल्यों, संस्थागत सम्मान और लोकतांत्रिक भागीदारी की समझ विकसित करना है। परिषद ने स्पष्ट किया कि किसी संवैधानिक संस्था की गरिमा को कमतर दिखाने का कोई इरादा नहीं था। विवादित सामग्री की समीक्षा कर अध्याय को पुनर्लेखित किया जाएगा और मानक शैक्षणिक प्रक्रिया के तहत अनुमोदन के बाद ही पुस्तक फिर से जारी होगी।</p>
<p>पृष्ठभूमि—नई पाठ्यपुस्तकें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के अनुरूप तैयार की जा रही हैं। महामारी के बाद पाठ्यक्रमों का पुनर्गठन किया गया है, जिसके तहत कई विषयों को अद्यतन किया गया। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि संस्थागत विषयों पर सामग्री तैयार करते समय संतुलन और संदर्भ का विशेष ध्यान आवश्यक होता है, ताकि छात्रों में तथ्यात्मक समझ विकसित हो और संस्थाओं के प्रति भरोसा भी बना रहे।</p>
<p>प्रतिक्रिया और विश्लेषण—कानूनी और शैक्षणिक समुदाय के एक वर्ग ने निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि संवेदनशील विषयों पर अकादमिक प्रस्तुति सटीक और संतुलित होनी चाहिए। वहीं, शिक्षा क्षेत्र के कुछ विशेषज्ञों ने पारदर्शी समीक्षा प्रक्रिया और सार्वजनिक संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि पाठ्यक्रम निर्माण में भरोसा मजबूत हो।</p>
<p>पब्लिक इंटरेस्ट—यह घटनाक्रम शिक्षा प्रणाली, पाठ्यक्रम निर्माण और संस्थागत विश्वसनीयता से जुड़े व्यापक सवालों को सामने लाता है। आज की ताज़ा ख़बरें, भारत समाचार अपडेट और सरकारी अपडेट के संदर्भ में यह मामला शिक्षा नीति और शैक्षणिक सामग्री की गुणवत्ता पर राष्ट्रीय स्तर की बहस को प्रभावित कर सकता है।</p>
<p>आगे की स्थिति—NCERT के अनुसार संशोधित अध्याय विशेषज्ञों की सलाह से तैयार होगा और अंतिम स्वीकृति के बाद ही स्कूलों में लागू किया जाएगा। तब तक संबंधित पुस्तक का वितरण स्थगित रहेगा और स्कूलों को अद्यतन संस्करण की प्रतीक्षा करनी होगी।</p>
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                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 09:42:28 +0530</pubDate>
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