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                <title>Gwalior - दैनिक जागरण</title>
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                <title>रीवा से ग्वालियर के लिए नई ट्रेन शुरू, सांसद प्रतिनिधि ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना</title>
                                    <description><![CDATA[रीवा-ग्वालियर स्पेशल ट्रेन से विंध्य और ग्वालियर अंचल के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी मजबूत, यात्रियों और व्यापारियों में खुशी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/new-train-started-from-rewa-to-gwalior-mp-representative-flagged/article-58263"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/rewa-gwalior-train.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">रीवा के रेल यात्रियों के लिए बुधवार का दिन खास रहा। लंबे समय से रीवा से ग्वालियर के बीच सीधी रेल सेवा की मांग कर रहे लोगों को आखिरकार नई ट्रेन की सौगात मिल गई। बुधवार रात करीब 9 बजे रीवा रेलवे स्टेशन से रीवा-ग्वालियर स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर रीवा सांसद प्रतिनिधि (रेलवे) राजीव खंडेलवाल ने ट्रेन को रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी रही। नई ट्रेन के संचालन को विंध्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि इससे रीवा और ग्वालियर के बीच सीधी रेल सुविधा उपलब्ध हो गई है। ट्रेन रवाना होने के मौके पर स्टेशन परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। रेलवे से जुड़े अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश मीडिया समिति के सदस्य योगेंद्र शुक्ला, महेंद्र प्रताप सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और रेलवे कर्मचारी उपस्थित रहे। ट्रेन के रवाना होते ही यात्रियों ने खुशी जताई और इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/rewa-gwalior-train-(1).jpg" alt="Rewa Gwalior Train" width="1366" height="896"></img></p>
<p>रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रेन संख्या 04191 ने 8 जुलाई को ग्वालियर से अपनी पहली यात्रा शुरू की थी। यह ट्रेन सुबह 7:40 बजे ग्वालियर से रवाना होकर निर्धारित समय पर रीवा पहुंची। इसके बाद बुधवार रात इसे रीवा से वापस ग्वालियर के लिए रवाना किया गया। रेलवे का कहना है कि यह विशेष ट्रेन यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए शुरू की गई है, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होगी। नई स्पेशल ट्रेन में यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। रेलवे ने इसमें कुल 22 एलएचबी कोच लगाए हैं। इनमें 7 स्लीपर क्लास कोच, 4 थर्ड एसी कोच, 3 इकोनॉमी थर्ड एसी कोच, 2 सेकंड एसी कोच, 4 जनरल कोच और 1 दिव्यांगजन के लिए विशेष कोच शामिल है। आधुनिक एलएचबी कोच होने के कारण यात्रियों को अधिक सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न श्रेणियों के डिब्बे शामिल किए जाने से हर वर्ग के यात्रियों को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार यात्रा का विकल्प मिलेगा।</p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/rewa-gwalior-train-(2).jpg" alt="Rewa Gwalior Train" width="1366" height="921"></img></p>
<p>रीवा से ग्वालियर के बीच सीधी रेल सेवा शुरू होने से यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। अब तक इस मार्ग पर यात्रा करने वाले लोगों को कई बार दूसरे शहरों से ट्रेन बदलनी पड़ती थी या लंबी सड़क यात्रा करनी पड़ती थी। नई ट्रेन के संचालन से समय की बचत होगी और यात्रा अधिक सुविधाजनक बनेगी। इसका लाभ छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों को भी मिलेगा, जो नियमित रूप से दोनों शहरों के बीच सफर करते हैं। व्यापारिक दृष्टि से भी इस नई रेल सेवा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रीवा और ग्वालियर दोनों ही मध्य प्रदेश के प्रमुख शहर हैं और इनके बीच व्यापारिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। सीधी रेल सुविधा मिलने से व्यापारियों के लिए आवागमन आसान होगा, जिससे कारोबार को भी गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय व्यापारियों ने रेलवे और केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।</p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/rewa-gwalior-train-(3).jpg" alt="Rewa Gwalior Train" width="1366" height="921"></img></p>
<p>सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी इस नई रेल सेवा को विंध्य क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। उनका कहना है कि रीवा अब मध्य प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों से सीधे रेल नेटवर्क के जरिए जुड़ता जा रहा है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में भी लोगों को फायदा मिलेगा। कई यात्रियों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में इस ट्रेन का नियमित संचालन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर इसकी आवृत्ति भी बढ़ाई जाएगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की संख्या और मांग के आधार पर इस ट्रेन के संचालन की समीक्षा की जाएगी। यदि यात्रियों का अच्छा प्रतिसाद मिलता है तो भविष्य में इस मार्ग पर स्थायी ट्रेन सेवा या अतिरिक्त फेरों पर भी विचार किया जा सकता है। रेलवे लगातार प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए नए प्रयास कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 13:13:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: 'वर्दी पुलिस की, लेकिन दिल अपराधियों के साथ', DGP को एक महीने में सर्कुलर जारी करने का आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[गिरफ्तारी के लिखित कारण नहीं बताने पर जताई कड़ी नाराजगी, कहा- ऐसी लापरवाही से अपराधियों को मिलता है कानूनी फायदा; सभी थाना प्रभारियों और जांच अधिकारियों को चेतावनी जारी करने के निर्देश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/high-courts-strict-comment-on-uniformed-police-but-with-criminals/article-58175"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/madhya-pradesh-high-court-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए राज्य के पुलिस विभाग को बड़ा संदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कुछ पुलिस अधिकारी कानून की रक्षा के लिए वर्दी पहनते जरूर हैं, लेकिन उनके कामकाज से ऐसा लगता है कि उनका झुकाव अपराधियों को बचाने की ओर है। कोर्ट ने इस तरह की लापरवाही को न्याय व्यवस्था और समाज दोनों के लिए गंभीर खतरा बताया है।</p>
<p style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया है कि एक महीने के भीतर सभी थाना प्रभारियों और विवेचना अधिकारियों के लिए सख्त सर्कुलर जारी किया जाए। इस सर्कुलर में स्पष्ट रूप से बताया जाए कि किसी भी आरोपी को गिरफ्तार करते समय उसे गिरफ्तारी के कारण लिखित रूप में देना अनिवार्य है। यदि कोई अधिकारी ऐसा नहीं करता है तो इसे केवल प्रक्रियागत चूक नहीं, बल्कि आरोपी को कानूनी लाभ पहुंचाने की मंशा के रूप में देखा जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया कानून के दायरे में रहकर ही पूरी की जानी चाहिए। यदि पुलिस अधिकारी निर्धारित नियमों का पालन नहीं करते हैं तो इसका सीधा लाभ अपराधियों को अदालत से राहत मिलने के रूप में मिलता है। ऐसी स्थिति में न केवल जांच प्रभावित होती है बल्कि न्यायिक प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े होते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह टिप्पणी जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए की। यह याचिका धर्मेंद्र लोधी ने अपने भाई की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए दायर की थी। याचिकाकर्ता का तर्क था कि पुलिस ने उसके भाई को गिरफ्तार करते समय गिरफ्तारी के कारण लिखित रूप में नहीं बताए, इसलिए गिरफ्तारी को अवैध माना जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान अदालत ने पूरे मामले के रिकॉर्ड का विस्तार से परीक्षण किया। जांच में सामने आया कि संबंधित आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज था और पुलिस ने उसे धारा 50 के तहत आवश्यक लिखित नोटिस दिया था। आरोपी के कब्जे से करीब 86.850 किलोग्राम गांजा भी बरामद किया गया था। इन तथ्यों के आधार पर अदालत ने गिरफ्तारी को वैध माना और याचिका खारिज कर दी।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि अदालत ने यह भी माना कि कई मामलों में पुलिस अधिकारी गिरफ्तारी की अनिवार्य कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं करते। यही वजह है कि कई गंभीर मामलों में आरोपी तकनीकी आधार पर अदालत से राहत हासिल कर लेते हैं। कोर्ट ने कहा कि यदि पुलिस की ओर से गिरफ्तारी के कारण लिखित रूप में नहीं दिए जाते तो यह केवल साधारण लापरवाही नहीं मानी जाएगी, बल्कि यह माना जाएगा कि संबंधित अधिकारी ने जानबूझकर ऐसी चूक की ताकि आरोपी को कानूनी फायदा मिल सके।</p>
<p style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस मुख्यालय भोपाल की कार्यप्रणाली पर भी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में पुलिस मुख्यालय ने इसी वर्ष 13 फरवरी 2026 को एक सर्कुलर जारी किया था, जिसमें गिरफ्तारी की प्रक्रिया से जुड़े स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कई थाना प्रभारी और विवेचना अधिकारी इन निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। अदालत ने इसे गंभीर प्रशासनिक विफलता माना।</p>
<p style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल अपराध दर्ज करना नहीं है, बल्कि कानून के अनुरूप जांच करना और दोषियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार करना भी है। यदि जांच अधिकारी ही नियमों की अनदेखी करेंगे तो अपराधियों को सजा दिलाना मुश्किल हो जाएगा और जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा कमजोर पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा कि पुलिस विभाग को ऐसे अधिकारियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए, जो लापरवाही या जानबूझकर की गई चूक के कारण अपराधियों को राहत दिलाने का रास्ता तैयार करते हैं। कोर्ट ने संकेत दिया कि ऐसे मामलों में विभागीय कार्रवाई भी जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई अधिकारी कानून की अनदेखी करने का साहस न कर सके।</p>
<p style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने डीजीपी को निर्देश दिया कि सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों, थाना प्रभारियों और जांच अधिकारियों तक यह संदेश स्पष्ट रूप से पहुंचाया जाए कि गिरफ्तारी के समय कानूनी प्रक्रिया का पालन हर हाल में किया जाना चाहिए। यदि किसी अधिकारी की ओर से दोबारा ऐसी लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस फैसले को पुलिस व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कानून विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत की यह टिप्पणी भविष्य में पुलिस जांच की गुणवत्ता सुधारने और गिरफ्तारी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है। साथ ही इससे उन मामलों में भी कमी आएगी, जहां तकनीकी खामियों के कारण आरोपी अदालत से राहत पाने में सफल हो जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब पुलिस मुख्यालय पर जिम्मेदारी होगी कि वह निर्धारित समय सीमा के भीतर नया सर्कुलर जारी कर सभी अधिकारियों को कानून के प्रावधानों का सख्ती से पालन कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करे। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अदालत के निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव दिखाई देता है और पुलिस व्यवस्था में किस तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 13:19:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्वालियर में 'शक्ति दीदी' अभियान का विस्तार, पांच और महिलाएं बनेंगी फ्यूल डिलीवरी वर्कर</title>
                                    <description><![CDATA[जिला प्रशासन की पहल से 'शक्ति दीदी' की संख्या बढ़कर 123 होगी, आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को सम्मानजनक रोजगार देकर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a48ba035f322/article-57863"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/shakti-didi-campaign.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ग्वालियर में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन का "शक्ति दीदी" अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में शनिवार, 5 जुलाई को पांच और महिलाओं को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। नई नियुक्तियों के बाद जिले में "शक्ति दीदी" के रूप में काम करने वाली महिलाओं की संख्या 118 से बढ़कर 123 हो जाएगी। जिला प्रशासन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ समाज में आत्मविश्वास के साथ अपनी पहचान भी बना सकें। इस अभियान के तहत महिलाओं को शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर फ्यूल डिलीवरी वर्कर के रूप में नियुक्त किया जा रहा है। शुरुआत में इस पहल को लेकर कई तरह की चर्चाएं हुई थीं, लेकिन अब यह अभियान महिला सशक्तिकरण का एक सफल मॉडल बनकर सामने आ रहा है। प्रशासन का मानना है कि रोजगार के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जिला कलेक्टर रुचिका चौहान के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। प्रशासन की योजना है कि अधिक से अधिक जरूरतमंद महिलाओं को इस योजना से जोड़ा जाए ताकि उन्हें स्थायी आय का साधन मिल सके। शनिवार को होने वाले कार्यक्रम में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी अलग-अलग पेट्रोल पंपों पर पहुंचकर महिलाओं को औपचारिक रूप से जिम्मेदारी सौंपेंगे। कलेक्टर रुचिका चौहान दोपहर 12 बजे कम्पू स्थित जैन मोटर्स पेट्रोल पंप पहुंचेंगी, जहां हेमलता, ललिता और प्रियंका को फ्यूल डिलीवरी वर्कर के रूप में नियुक्त किया जाएगा। वहीं वीरपुर स्थित गंगा फिलिंग स्टेशन पर अपर जिला दंडाधिकारी सी.बी. प्रसाद आरती बघेल को "शक्ति दीदी" के रूप में कार्यभार सौंपेंगे। इसके अलावा सिंहपुर रोड, मुरार स्थित मां पेट्रोलियम पर संयुक्त कलेक्टर जुही गर्ग मनीषा को इस अभियान से जोड़ेंगी। प्रशासन के अनुसार सभी महिलाओं को संबंधित पेट्रोल पंपों पर आवश्यक प्रशिक्षण और कार्य से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि वे अपने दायित्वों का बेहतर तरीके से निर्वहन कर सकें।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">"शक्ति दीदी" अभियान की शुरुआत महिलाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। आमतौर पर पेट्रोल पंपों पर पुरुष कर्मचारियों की संख्या अधिक देखने को मिलती थी, लेकिन अब इस अभियान के माध्यम से महिलाएं भी इस क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभा रही हैं। प्रशासन का कहना है कि इन महिलाओं ने अपने कार्य के दौरान अनुशासन, ईमानदारी और ग्राहक सेवा के मामले में सकारात्मक उदाहरण पेश किए हैं। यही कारण है कि अभियान को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। जिन महिलाओं को इस योजना में शामिल किया गया है, उनमें अधिकांश आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आती हैं। नियमित रोजगार मिलने से उनके परिवारों की आय बढ़ी है और वे अपने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर पा रही हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जिला प्रशासन का मानना है कि महिला सशक्तिकरण केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ना सबसे जरूरी कदम है। इसी सोच के साथ "शक्ति दीदी" अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ा है और समाज में उनकी भूमिका पहले से अधिक मजबूत हुई है। कई महिलाएं अब अपने परिवार की मुख्य कमाने वाली सदस्य बन चुकी हैं। इसके साथ ही समाज में भी महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो रही है और लोग उन्हें हर क्षेत्र में समान अवसर देने की आवश्यकता को समझ रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यदि महिलाओं को सुरक्षित कार्य वातावरण और सम्मानजनक रोजगार मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। पेट्रोल पंप जैसे कार्यस्थलों पर महिलाओं की बढ़ती भागीदारी इसी बदलाव का संकेत है। जिला प्रशासन भविष्य में भी इस अभियान का दायरा बढ़ाने की तैयारी कर रहा है ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद महिलाओं को इसका लाभ मिल सके। प्रशासन का कहना है कि रोजगार के साथ-साथ महिलाओं को प्रशिक्षण, कार्यस्थल पर सुरक्षा और आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। आने वाले समय में यदि अभियान इसी तरह आगे बढ़ता है तो यह अन्य जिलों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल बन सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्वालियर में "शक्ति दीदी" अभियान अब केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं रह गया है, बल्कि यह महिलाओं के आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी का प्रतीक बनता जा रहा है। नई नियुक्तियों के बाद इस अभियान से जुड़ी महिलाओं की संख्या 123 हो जाएगी, जो यह दिखाती है कि जिला प्रशासन महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 14:38:28 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ग्वालियर में 19 साल बताकर दर्ज कराई गुमशुदगी, दस्तावेजों में निकली नाबालिग</title>
                                    <description><![CDATA[नोएडा से बरामद किशोरी ने काउंसिलिंग में खोला बाल विवाह का राज, हाईकोर्ट ने 15 दिन में एफआईआर के दिए निर्देश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/a-missing-person-lodged-in-gwalior-as-19-years-old/article-57198"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gwalior-news-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र में एक गुमशुदगी का मामला उस समय नया मोड़ ले गया, जब पुलिस जिस युवती को बालिग मानकर तलाश रही थी, वह बरामद होने के बाद दस्तावेजों में नाबालिग निकली। मामले की जांच के दौरान यह भी सामने आया कि किशोरी का कम उम्र में ही गुपचुप तरीके से बाल विवाह करा दिया गया था। इस खुलासे के बाद मामला केवल गुमशुदगी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बाल विवाह और पॉक्सो एक्ट से जुड़ी गंभीर कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया। हाईकोर्ट ने भी मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस को 15 दिन के भीतर बाल विवाह कराने वाले सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के सागरताल फेज-2 निवासी एक व्यक्ति ने 12 जून को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी 19 वर्षीय बेटी घर से लापता हो गई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी। सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने दो दिन पहले युवती को उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के नोएडा से बरामद कर लिया। वह बहोड़ापुर निवासी किशन खटीक के साथ मिली। पुलिस दोनों को ग्वालियर लेकर आई और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। मामले में सबसे बड़ा खुलासा उस समय हुआ जब युवती को न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट की प्रक्रिया के दौरान उसकी मार्कशीट और जन्म प्रमाण पत्र की जांच की गई। दस्तावेजों में उसकी उम्र 19 वर्ष नहीं बल्कि 17 वर्ष दर्ज मिली। इसके बाद पूरा मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण गंभीर हो गया। पुलिस ने तत्काल अपनी जांच का दायरा बढ़ाया और किशोरी से काउंसिलिंग कराई गई ताकि पूरे घटनाक्रम की सही जानकारी सामने आ सके।</p>
<p class="isSelectedEnd">काउंसिलिंग के दौरान किशोरी ने जो जानकारी दी, उसने जांच को पूरी तरह नई दिशा दे दी। उसने बताया कि उसके पिता ने उसकी इच्छा के विरुद्ध कम उम्र में ही शादी करा दी थी। वह अपने कथित पति और ससुराल पक्ष के साथ नहीं रहना चाहती थी। इसी कारण उसने घर छोड़ने का फैसला किया और पड़ोस में रहने वाले किशन खटीक के साथ चली गई। प्रारंभिक जांच में पुलिस को भी बाल विवाह की पुष्टि से जुड़े तथ्य मिले हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बाल विवाह किस परिस्थिति में कराया गया और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। इस पूरे मामले में हाईकोर्ट की भी अहम भूमिका रही। युवती के पिता ने पहले पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हैबियस कॉर्पस याचिका दायर की थी। जब युवती बरामद हुई और उसकी वास्तविक उम्र के साथ बाल विवाह का मामला सामने आया तो न्यायालय ने पुलिस को सख्त निर्देश दिए। अदालत ने बहोड़ापुर थाना पुलिस को आदेश दिया कि 15 दिन के भीतर बाल विवाह कराने वाले सभी जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए। अदालत के इस आदेश के बाद पुलिस ने जांच को और तेज कर दिया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस ने किशन खटीक के खिलाफ नाबालिग को अपने साथ ले जाने के मामले में अपहरण और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। वहीं अब जांच का फोकस किशोरी के माता-पिता, कथित पति, ससुराल पक्ष और उन सभी लोगों पर है जो बाल विवाह की प्रक्रिया में शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में उनकी भूमिका सामने आती है तो बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत अलग से मामला दर्ज किया जाएगा। बहोड़ापुर थाना प्रभारी आलोक परिहार ने बताया कि नोएडा से बरामद किशोरी की उम्र दस्तावेजों के अनुसार 17 वर्ष है। जांच के दौरान बाल विवाह की पुष्टि हुई है और न्यायालय के निर्देशों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस सभी दस्तावेजों और बयानों की जांच कर रही है ताकि किसी भी दोषी को कानून से बचने का मौका न मिले। कानूनी रूप से बाल विवाह प्रतिबंधित होने के बावजूद कई स्थानों पर ऐसे मामले सामने आते रहते हैं। बाल विवाह से न केवल बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन होता है, बल्कि उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर भी गंभीर असर पड़ता है। ऐसे मामलों में परिवार के साथ-साथ विवाह कराने वाले लोगों की भी जिम्मेदारी तय होती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 13:56:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पति ने मारपीट के बाद जबरन तेजाब पिलाया, गर्भवती महिला की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[ग्वालियर में गर्भवती महिला की मौत से पहले वीडियो में पति पर मारपीट, प्रताड़ना और जबरन तेजाब पिलाने के गंभीर आरोप लगाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/pregnant-woman-dies-after-husband-assaults-her-and-forces-her/article-56994"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gwalior-woman-death.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ग्वालियर में एक 26 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला ने अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते हुए एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने अपने पति पर मारपीट, मानसिक प्रताड़ना और जबरन तेजाब पिलाने का आरोप लगाया। इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। फिलहाल वीडियो की सत्यता, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है। यह मामला थाटीपुर थाना क्षेत्र की न्यू मेहर कॉलोनी का है। यहां रहने वाली 26 वर्षीय निशा राठौर को 22 जून को गंभीर हालत में जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में कई दिनों तक उनका इलाज चला, लेकिन बुधवार शाम उन्होंने दम तोड़ दिया। महिला की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है, वहीं पूरे इलाके में इस घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और हर पहलू को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मौत से पहले सामने आए वीडियो में निशा बेहद कमजोर हालत में दिखाई देती हैं। वीडियो में वह कहती हैं कि पिछले तीन-चार दिनों से उनके पति गजेंद्र राठौर लगातार उनके साथ मारपीट कर रहे थे। उनका आरोप है कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और विरोध करने पर जबरन तेजाब पिला दिया गया। वीडियो में महिला ने अपनी पीड़ा बताते हुए पति को अपनी हालत का जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि वीडियो में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महिला के परिजनों ने भी पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि शादी के बाद से ही निशा को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उनका दावा है कि निशा ने कई बार अपने साथ हो रही मारपीट और मानसिक उत्पीड़न की जानकारी उन्हें दी थी। परिजनों के मुताबिक घटना से पहले भी महिला ने अपनी मां को फोन कर परेशानी बताई थी। उनका आरोप है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती तो शायद आज निशा की जान बच सकती थी। परिजनों ने यह भी बताया कि निशा करीब दो महीने की गर्भवती थीं। उन्होंने इसकी जानकारी अपनी मां सुनीता राठौर को भी दी थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि गर्भावस्था की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार जांच में किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि यह पहली बार नहीं था जब महिला ने पति के खिलाफ शिकायत की थी। करीब ढाई साल पहले, 31 दिसंबर 2023 को निशा ने थाटीपुर थाने में दहेज की मांग, मारपीट और प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई थी। उस समय दोनों पक्षों को बुलाकर समझाइश दी गई थी। पति ने लिखित रूप से यह भरोसा भी दिया था कि भविष्य में वह पत्नी के साथ किसी तरह की मारपीट या प्रताड़ना नहीं करेगा। उसने यह भी लिखा था कि यदि आगे ऐसी कोई घटना होती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">निशा और गजेंद्र राठौर की शादी 1 मई 2022 को हुई थी। शादी के शुरुआती कुछ समय बाद से ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गए थे। घरेलू कलह, आपसी अनबन और प्रताड़ना की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रहीं। परिवार के लोगों का कहना है कि कई बार समझौते की कोशिश भी हुई, लेकिन रिश्ते में तनाव लगातार बना रहा। अब महिला की मौत के बाद पुराने विवाद भी जांच का हिस्सा बन गए हैं। मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला की मौत के बाद सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं। वीडियो की फोरेंसिक जांच, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड, परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों को एक साथ जोड़कर पूरे मामले की जांच की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है और जांच पूरी होने का इंतजार कर रही है। यह घटना एक बार फिर घरेलू हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि किसी महिला द्वारा पहले शिकायत दर्ज कराई जाती है और बाद में उसी परिवार में इस तरह की गंभीर घटना सामने आती है तो ऐसे मामलों की संवेदनशील निगरानी और समय पर हस्तक्षेप की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 13:23:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>देर रात शराब बिक्री पर पुलिस की कार्रवाई, दुकान के बाहर जुटी भीड़ को डंडे मारकर हटाया</title>
                                    <description><![CDATA[ग्वालियर के थाटीपुर इलाके का वीडियो वायरल, खिड़की से शराब बेचने और पुलिस के बल प्रयोग पर उठे सवाल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/police-action-on-liquor-sale-late-at-night-the-crowd/article-56790"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gwalior-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शहर के थाटीपुर थाना क्षेत्र में देर रात शराब दुकान पर हुई पुलिस कार्रवाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पुलिसकर्मी शराब खरीदने के लिए दुकान के बाहर खड़े लोगों को डंडे दिखाकर और कुछ मामलों में डंडे मारकर वहां से भगाते नजर आ रहे हैं। घटना सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे की बताई जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद एक तरफ देर रात शराब बिक्री को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पुलिस द्वारा की गई सख्ती भी चर्चा का विषय बन गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक थाटीपुर क्षेत्र स्थित एक शराब दुकान का मुख्य शटर निर्धारित समय के बाद बंद कर दिया गया था, लेकिन अंदर से खिड़की के जरिए ग्राहकों को शराब बेची जा रही थी। बताया जा रहा है कि इसी वजह से दुकान के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। देर रात होने के बावजूद ग्राहकों की आवाजाही जारी थी और धीरे-धीरे वहां भीड़ बढ़ने लगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में इस तरह की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं, जहां दुकानें आधिकारिक समय समाप्त होने के बाद भी चोरी-छिपे शराब बेचती हैं। हालांकि इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि गश्त के दौरान पुलिस टीम की नजर दुकान के बाहर लगी भीड़ पर पड़ी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पहले लोगों को वहां से हटने के लिए कहा। कुछ देर तक समझाइश का दौर चला, लेकिन जब भीड़ कम नहीं हुई तो पुलिस ने सख्त रवैया अपनाया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी हाथ में डंडा लेकर लोगों को वहां से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। जैसे ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, वहां मौजूद कई लोग भागने लगे। कुछ लोग सड़क किनारे और आसपास की गलियों की तरफ दौड़ते दिखाई दिए। वीडियो में थाटीपुर थाने में पदस्थ एसआई के.के. पाराशर भी नजर आ रहे हैं, जो भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास करते दिखते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना का पूरा दृश्य शराब दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गया। यही फुटेज बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया। वीडियो के वायरल होते ही लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कुछ लोगों का कहना है कि यदि नियमों के विरुद्ध शराब बिक्री हो रही थी तो कार्रवाई जरूरी थी, जबकि कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि भीड़ को हटाने के लिए बल प्रयोग की जरूरत थी या नहीं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने देर रात शराब बिक्री को लेकर भी चिंता जताई और प्रशासन से ऐसे मामलों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्थानीय निवासियों के अनुसार इलाके में कुछ शराब दुकानों के खिलाफ पहले भी समय सीमा के बाद शराब बेचने की शिकायतें की जा चुकी हैं। उनका कहना है कि कई बार शटर बंद कर अंदर से खिड़की या छोटे रास्तों के जरिए शराब बेची जाती है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है। देर रात लोगों की भीड़ जुटने से शोर-शराबा बढ़ता है और सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी पैदा होती हैं। इसी वजह से क्षेत्र के लोगों ने कई बार प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मामले में पुलिस का कहना है कि उन्हें देर रात नियमों के उल्लंघन की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंची और वहां मौजूद लोगों को हटाया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अवैध तरीके से शराब बिक्री और निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि शराब दुकान संचालक के खिलाफ तत्काल कोई मामला दर्ज किया गया है या नहीं। इस संबंध में आगे की जांच जारी रहने की बात कही जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के बाद शराब दुकान की खिड़की भी बंद कराई गई। पुलिस टीम के पहुंचने और कार्रवाई शुरू होने के बाद अधिकांश लोग वहां से चले गए। लेकिन इस पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद बहस का नया दौर शुरू हो गया है। कुछ लोग इसे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि पुलिस को कार्रवाई के दौरान संयम बरतना चाहिए था। खासकर उन लोगों को लेकर सवाल उठ रहे हैं जिनके डंडे लगने की बात सामने आई है।वहीं प्रशासन की निगाह अब इस बात पर भी है कि क्या वास्तव में निर्धारित समय के बाद शराब बिक्री हो रही थी और यदि ऐसा हुआ है तो संबंधित संचालकों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 13:29:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जिंदा है या मर गया देखने महिला बनकर अस्पताल पहुंचा आरोपी, पत्नी ने पहचानकर पकड़वाया</title>
                                    <description><![CDATA[घायल मजदूर पर चाकू से जानलेवा हमला करने के बाद हाल जानने पहुंचा था आरोपी, अस्पताल में मची अफरा-तफरी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/the-accused-reached-the-hospital-posing-as-a-woman-to/article-56637"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gwalior-crime.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल (जेएएच) परिसर स्थित हजार बिस्तर अस्पताल में रविवार को उस समय अजीब स्थिति बन गई, जब एक युवक महिला का भेष बनाकर सर्जिकल वार्ड में पहुंच गया। शुरुआत में अस्पताल में मौजूद लोगों को कुछ समझ नहीं आया, लेकिन थोड़ी ही देर बाद उसकी पहचान ऐसे आरोपी के रूप में हुई जिसने एक मजदूर पर चाकू से जानलेवा हमला किया था। घायल मजदूर की पत्नी ने उसकी चाल-ढाल और हावभाव देखकर उसे पहचान लिया। इसके बाद वार्ड में हंगामा मच गया और लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस के अनुसार मामला कंपू थाना क्षेत्र से जुड़ा है। हजीरा के चार शहर का नाका इलाके में रहने वाला 32 वर्षीय देवेन्द्र मौर्य मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। शनिवार और रविवार की दरमियानी रात वह अपनी पत्नी रचना मौर्य और अन्य मजदूरों के साथ गुढ़ा-गुढ़ी नाका क्षेत्र में वॉल पुट्टी से भरे ट्रक को खाली करने गया था। देर रात तक काम चलता रहा और काम पूरा होने के बाद देवेन्द्र अपने कुछ साथियों के साथ वहां से निकल गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">देवेन्द्र अपने परिचित पप्पू भदौरिया और धर्मेन्द्र भदौरिया के साथ शराब पीने बैठा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी नशे में थे और गाली-गलौज कर रहे थे। देवेन्द्र ने जब इसका विरोध किया तो बात तेजी से बढ़ गई। कुछ ही देर में विवाद इतना गंभीर हो गया कि आरोपियों ने चाकू निकाल लिया और उस पर हमला कर दिया। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार आरोपियों ने देवेन्द्र के सीने, पेट, गर्दन और हाथ पर कई वार किए। अचानक हुए हमले से वह संभल नहीं पाया और खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह उसे बचाया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जेएएच के हजार बिस्तर अस्पताल में भर्ती कर लिया, जहां उसका इलाज जारी है। उसकी हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है और डॉक्टर लगातार निगरानी कर रहे हैं। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने घायल की पत्नी रचना मौर्य की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इसी बीच रविवार को एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने सभी को हैरान कर दिया। बताया जा रहा है कि वारदात के बाद आरोपी धर्मेन्द्र भदौरिया को यह डर सताने लगा कि कहीं घायल देवेन्द्र की मौत न हो जाए। उसे आशंका थी कि यदि ऐसा हुआ तो उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हो सकता है। इसी वजह से वह घायल की स्थिति जानने अस्पताल पहुंच गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस से बचने और पहचान छिपाने के लिए उसने महिला का भेष धारण किया। आरोपी सलवार-सूट पहनकर अस्पताल पहुंचा और सीधे उस सर्जिकल वार्ड तक जा पहुंचा जहां देवेन्द्र का इलाज चल रहा था। वार्ड में मौजूद लोगों को शुरू में उस पर कोई शक नहीं हुआ, लेकिन देवेन्द्र की पत्नी रचना की नजर जैसे ही उस पर पड़ी, उसे कुछ अजीब लगा। उसने आरोपी की कद-काठी, चलने के तरीके और चेहरे के हावभाव को ध्यान से देखा और तुरंत पहचान लिया कि यह वही व्यक्ति है जिसने उसके पति पर हमला किया था। रचना ने बिना देर किए शोर मचाना शुरू कर दिया। उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर अस्पताल में मौजूद अन्य लोग और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंच गए। खुद को घिरता देख आरोपी वहां से भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन लोगों ने उसका पीछा किया और कुछ ही दूरी पर पकड़ लिया। इसके बाद उसे अस्पताल सुरक्षा कर्मियों की निगरानी में रखा गया और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कंपू थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और आरोपी धर्मेन्द्र भदौरिया को हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके। वहीं दूसरा आरोपी पप्पू भदौरिया अभी भी फरार है। उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कंपू थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार ने बताया कि शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। घायल का इलाज जारी है और उसकी मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों को भी हैरान कर दिया। लोगों के बीच चर्चा का विषय यह रहा कि आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए महिला का भेष बनाकर अस्पताल तक पहुंच गया, लेकिन घायल की पत्नी की सतर्कता के कारण वह पुलिस के शिकंजे से बच नहीं सका।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 14:08:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ग्वालियर के तिघरा डैम में डूबे दो MBBS छात्र, एक का शव मिला, दूसरे की तलाश जारी</title>
                                    <description><![CDATA[पिकनिक मनाने गए मेडिकल छात्रों के ग्रुप में मातम, प्रतिबंधित क्षेत्र में नहाने के दौरान हुआ हादसा; SDRF की टीम लगातार चला रही सर्च ऑपरेशन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/two-mbbs-students-drowned-in-tighra-dam-gwalior-body-of/article-55898"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gwalior-tigra-dam.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ग्वालियर के तिघरा डैम में शनिवार शाम हुआ एक दर्दनाक हादसा पूरे मेडिकल कॉलेज और छात्र समुदाय को झकझोर गया। गजराराजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) के MBBS सेकेंड ईयर के दो छात्र डैम के गहरे पानी में डूब गए। देर रात तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक छात्र का शव बरामद कर लिया गया, जबकि दूसरे छात्र की तलाश रविवार को भी जारी रही। बताया जा रहा है कि दोनों छात्र अपने दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने डैम पहुंचे थे, जहां अचानक यह हादसा हो गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना शनिवार शाम करीब 7 बजे तिघरा डैम के कच्ची पार इलाके में हुई। यह क्षेत्र सामान्य लोगों के लिए प्रतिबंधित माना जाता है और यहां आवाजाही की अनुमति नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक गजराराजा मेडिकल कॉलेज के आठ छात्र-छात्राओं का एक समूह घूमने के लिए यहां पहुंचा था। समूह में चार छात्र और चार छात्राएं शामिल थीं। सभी लोग डैम के बोट क्लब क्षेत्र से करीब तीन किलोमीटर दूर कच्ची पार इलाके तक चले गए थे। इसी दौरान बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी आयुष श्रीवास्तव और सागर जिले के बीना निवासी गोपाल अग्रवाल पानी के किनारे पहुंचे और नहाने के लिए नीचे उतर गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों छात्र पानी में आगे बढ़ते हुए अचानक गहरे हिस्से में पहुंच गए। बताया जा रहा है कि फिसलन और असंतुलन के कारण उनका पैर फिसल गया और वे देखते ही देखते गहराई में समा गए। उस समय उनके अन्य साथी ऊपर मौजूद थे और उन्हें हादसे की जानकारी तब हुई जब काफी देर तक दोनों वापस नहीं लौटे। दोस्तों ने आसपास तलाश शुरू की तो किनारे पर दोनों छात्रों के कपड़े और जूते सलीके से रखे मिले। इसके बाद सभी को अनहोनी की आशंका हुई और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सूचना मिलते ही तिघरा थाना पुलिस, स्थानीय प्रशासन और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। रात होते ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। डैम की गहराई, कीचड़ और पथरीले हिस्सों के कारण खोज अभियान में काफी मुश्किलें सामने आईं। इसके बावजूद स्थानीय गोताखोरों और SDRF जवानों ने हाई-पावर लाइट और बोट की मदद से रातभर सर्चिंग जारी रखी। कई घंटों की मशक्कत के बाद गोपाल अग्रवाल का शव बरामद कर लिया गया, लेकिन आयुष श्रीवास्तव का अब तक कोई पता नहीं चल सका।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रविवार सुबह एक बार फिर बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार डैम के जिस हिस्से में दोनों छात्र डूबे हैं, वहां पानी की गहराई 40 से 50 फीट तक बताई जा रही है। साथ ही नीचे चट्टानें और कीचड़ होने के कारण गोताखोरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिर भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि लापता छात्र का जल्द पता लगाया जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना की सूचना मिलते ही दोनों छात्रों के परिजनों को भी जानकारी दे दी गई थी। रविवार सुबह गोपाल अग्रवाल के परिवार के सदस्य ग्वालियर पहुंच गए। वहीं आयुष श्रीवास्तव के परिजन बिहार से ग्वालियर के लिए रवाना हो चुके हैं। मेडिकल कॉलेज परिसर में भी इस हादसे की खबर फैलते ही शोक का माहौल बन गया। छात्र और शिक्षक दोनों ही इस घटना से स्तब्ध नजर आए। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे कॉलेज परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है। कॉलेज प्रशासन लगातार प्रभावित परिवारों के संपर्क में बना हुआ है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मृतक छात्र गोपाल अग्रवाल के परिजनों ने बताया कि वह परिवार का सबसे छोटा सदस्य था और सभी का बेहद लाड़ला था। गोपाल ने वर्ष 2024 में पहली ही कोशिश में NEET परीक्षा पास कर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश हासिल किया था। परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं। उसके बड़े भाई उसकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठा रहे थे और चाहते थे कि वह एक सफल डॉक्टर बने। लेकिन एक पल में सब कुछ बदल गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 14:30:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भोपाल-ग्वालियर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को मिली रफ्तार, 80 किमी घटेगी दूरी</title>
                                    <description><![CDATA[नए 4-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के लिए इसी महीने डीपीआर टेंडर होंगे जारी, सफर का समय भी करीब डेढ़ से दो घंटे तक कम होने की उम्मीद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/bhopal-gwalior-greenfield-corridor-gets-speed-distance-will-reduce-by-80/article-55713"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bhopal-gwalior-greenfield-corridor.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। भोपाल और ग्वालियर के बीच नया 4-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है और इसके लिए इसी महीने टेंडर जारी किए जाने की तैयारी चल रही है। नया कॉरिडोर बनने के बाद भोपाल और ग्वालियर के बीच की दूरी में करीब 80 किलोमीटर तक की कमी आएगी, जिससे यात्रा करने वाले लोगों को समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वर्तमान में भोपाल से ग्वालियर पहुंचने के लिए लगभग 425 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। सड़क मार्ग से यह सफर आमतौर पर सात से आठ घंटे में पूरा होता है। हालांकि प्रस्तावित ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनने के बाद यह दूरी घटकर लगभग 340 से 350 किलोमीटर रह जाएगी। अधिकारियों के अनुसार नए मार्ग के जरिए दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय भी घटकर करीब साढ़े पांच घंटे रह सकता है। इससे न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी बल्कि माल परिवहन की लागत में भी कमी आने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) इस परियोजना को बीओटी यानी बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर मॉडल पर विकसित करने की योजना बना रहा है। प्रारंभिक स्तर पर परियोजना की रूपरेखा तैयार कर ली गई है और अब डीपीआर तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। यदि सभी प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी होती हैं तो अगले तीन वर्षों के भीतर इस कॉरिडोर का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे यातायात दबाव को देखते हुए नए वैकल्पिक मार्गों की जरूरत महसूस की जा रही है। खासकर ऐसे शहरों के बीच जहां आर्थिक, प्रशासनिक और व्यावसायिक गतिविधियां अधिक हैं। भोपाल प्रदेश की राजधानी है जबकि ग्वालियर उत्तर मध्य प्रदेश का एक प्रमुख शहर माना जाता है। दोनों शहरों के बीच प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं। ऐसे में एक तेज और आधुनिक सड़क संपर्क लंबे समय से आवश्यक माना जा रहा था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महाराष्ट्र में विकसित कुछ आधुनिक सड़क परियोजनाओं के अध्ययन के बाद मध्य प्रदेश में भी इसी तरह के ग्रीनफील्ड कॉरिडोर विकसित करने पर सहमति बनी। राज्य सरकार और एमपीआरडीसी पहले से कई बड़े ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। इनमें भोपाल-इंदौर, भोपाल-मंदसौर, सागर-सतना, सागर-जबलपुर और जबलपुर-आशापुर कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। कई परियोजनाओं की डीपीआर तैयार की जा चुकी है जबकि कुछ योजनाएं प्रारंभिक चरण में हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एमपीआरडीसी के प्रबंध संचालक भरत यादव के अनुसार प्रदेश में सड़क नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उनका कहना है कि जिन मार्गों पर यातायात का दबाव तेजी से बढ़ रहा है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जा रहा है। ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनने से यात्रा समय कम होगा, सड़क सुरक्षा बेहतर होगी और परिवहन क्षेत्र को नई गति मिलेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रदेश में प्रस्तावित अन्य ग्रीनफील्ड परियोजनाएं भी काफी महत्वाकांक्षी मानी जा रही हैं। भोपाल-मंदसौर कॉरिडोर की लंबाई लगभग 256 किलोमीटर प्रस्तावित है और इसकी अनुमानित लागत 11,550 करोड़ रुपए आंकी गई है। इस मार्ग पर 13 इंटरचेंज विकसित किए जाने की योजना है और वर्ष 2029-30 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह सागर-सतना कॉरिडोर की लंबाई 218.20 किलोमीटर होगी, जिस पर करीब 9,850 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद यात्रा समय छह से सात घंटे के बजाय करीब साढ़े तीन घंटे रह जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जबलपुर-आशापुर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर भी प्रदेश की बड़ी परियोजनाओं में शामिल है। लगभग 256 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर 17 हजार करोड़ रुपए से अधिक खर्च का अनुमान लगाया गया है। इसके साथ ही मौजूदा सड़क नेटवर्क को भी मजबूत करने की योजना बनाई गई है ताकि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं होते बल्कि इनके आसपास आर्थिक गतिविधियों का भी विस्तार होता है। नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित होते हैं, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होता है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। भोपाल-ग्वालियर कॉरिडोर के मामले में भी ऐसी ही संभावनाएं देखी जा रही हैं। सड़क बनने के बाद दोनों शहरों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है और मध्य प्रदेश के कई जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बीओटी मॉडल की बात करें तो इसमें परियोजना लागत का 20 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 20 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। शेष 60 प्रतिशत निवेश निर्माण एजेंसी या निजी भागीदार द्वारा किया जाता है। इसके बदले उन्हें तय अवधि तक टोल संग्रह का अधिकार दिया जाता है। सरकार का मानना है कि इस मॉडल से बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट बिना अतिरिक्त वित्तीय दबाव के तेजी से पूरे किए जा सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 13:57:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्वालियर में 3.92 करोड़ के विकास कार्यों का आज भूमिपूजन करेंगे ऊर्जा मंत्री तोमर</title>
                                    <description><![CDATA[गांधी नगर और बहोड़ापुर क्षेत्र में सीवर, सड़क, नाली व पार्क विकास कार्यों की रखेंगे आधारशिला, शुक्रवार को स्वच्छता एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी होंगे शामिल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/energy-minister-tomar-will-perform-bhoomi-pujan-today-for-development/article-55603"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gwalior-development-works.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ग्वालियर में विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर गुरुवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में करीब 3 करोड़ 92 लाख रुपए की लागत से होने वाले निर्माण एवं विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे उपनगर ग्वालियर के कई वार्डों में पहुंचकर सड़क, सीवर लाइन, नाली निर्माण और पार्कों के विकास से जुड़े कार्यों की आधारशिला रखेंगे। दिनभर चलने वाले कार्यक्रमों के बाद वे आनंद नगर सी-ब्लॉक स्थित माता मंदिर में रात्रि विश्राम करेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार ऊर्जा मंत्री शाम 5 बजे वार्ड क्रमांक-32 स्थित गांधी नगर पार्क में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां लगभग 1 करोड़ 98 लाख रुपए की लागत से प्रस्तावित नई सीवर लाइन के संधारण कार्य का भूमिपूजन किया जाएगा। लंबे समय से क्षेत्र के लोगों द्वारा सीवर व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग की जा रही थी। माना जा रहा है कि इस कार्य के पूरा होने के बाद स्थानीय निवासियों को जल निकासी से जुड़ी समस्याओं से काफी राहत मिलेगी। इसके साथ ही क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई अन्य विकास कार्यों की भी शुरुआत की जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान गांधी नगर की विभिन्न सड़कों और गलियों के डामरीकरण कार्यों की भी आधारशिला रखी जाएगी। इनमें 60 लाख 14 हजार रुपए की लागत से सड़क डामरीकरण तथा 81 लाख 12 हजार रुपए की लागत से अलग-अलग गलियों में डामरीकरण कार्य शामिल हैं। इसके अलावा 3 लाख 82 हजार रुपए की लागत से नाली निर्माण कराया जाएगा। स्थानीय स्तर पर इन कार्यों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि बरसात के मौसम में जलभराव और खराब सड़कों की समस्या अक्सर सामने आती रही है। विकास कार्यों के शुरू होने से क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और दैनिक सुविधाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गांधी नगर क्षेत्र में सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी कई योजनाएं शामिल की गई हैं। वार्ड क्रमांक-32 के सभी पार्कों में नए उपकरण लगाने के लिए 13 लाख 16 हजार रुपए की लागत से कार्य कराया जाएगा। इसके साथ ही सार्वजनिक सुलभ कॉम्प्लेक्स की मरम्मत और उन्नयन पर 12 लाख 56 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि इन कार्यों से स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी और सार्वजनिक स्थलों की स्थिति में भी सुधार होगा। पार्कों में नए उपकरण लगाए जाने से बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी, जबकि सार्वजनिक कॉम्प्लेक्स के सुधार से स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसके बाद ऊर्जा मंत्री शाम करीब 6 बजे बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-3 स्थित शहीद सरमन सिंह पार्क पहुंचेंगे। यहां 23 लाख 60 हजार रुपए की लागत से होने वाले पार्क सौंदर्यीकरण कार्य का भूमिपूजन किया जाएगा। पार्क के विकास के तहत हरित क्षेत्र को बढ़ाने, बैठने की सुविधाएं विकसित करने और अन्य आवश्यक सुधार कार्य किए जाने की योजना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्क के विकसित होने से आसपास के नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक स्थान उपलब्ध होगा और क्षेत्र की सुंदरता भी बढ़ेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गुरुवार रात ऊर्जा मंत्री आनंद नगर सी-ब्लॉक स्थित माता मंदिर में विश्राम करेंगे। वहीं अगले दिन शुक्रवार सुबह 7 बजे वे मंदिर परिसर में आयोजित स्वच्छता एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र बढ़ाने और स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी कार्यक्रम में मौजूदगी रहने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्वालियर में प्रस्तावित इन विकास कार्यों को स्थानीय बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सड़क, सीवर, नाली और पार्कों से जुड़े कार्यों के शुरू होने से संबंधित क्षेत्रों के हजारों नागरिकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। प्रशासन का कहना है कि स्वीकृत योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के प्रयास किए जाएंगे ताकि लोगों को जल्द से जल्द सुविधाओं का लाभ मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 12:36:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>ग्वालियर में हैवानियत की हदें पार: 15 साल की छात्रा से गैंगरेप के बाद हत्या</title>
                                    <description><![CDATA[प्यार के झांसे में फंसाकर भिंड से ग्वालियर लाया था प्रेमी, 50 हजार रुपये में सौदा करने का विरोध करने पर घोंटा गला; तीनों आरोपी गिरफ्तार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/gang-rape-and-murder-of-a-15-year-old-girl/article-54730"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gwalior-gangrape-case.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मध्यप्रदेश के ग्वालियर से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक 15 साल की नौवीं कक्षा की छात्रा के साथ उसके ही प्रेमी और उसके दो दोस्तों ने मिलकर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। दरिंदगी यहीं नहीं रुकी, जब नाबालिग ने अपनी अस्मत का सौदा होते देखा और विरोध किया, तो आरोपियों ने बेरहमी से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद कानून की गिरफ्त से बचने और सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने मृतका के शव पर पेट्रोल छिड़ककर उसे पहाड़ी पर ही जला दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी समेत तीनों दरिंदों को गिरफ्तार कर लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह पूरी खौफनाक वारदात भिंड और ग्वालियर जिले के बीच अंजाम दी गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भिंड जिले के मौ की रहने वाली 15 वर्षीय छात्रा का पिछले एक साल से रामू गुर्जर नाम के युवक से संपर्क था। दोनों की मुलाकात झांकरी स्कूल के पास हुई थी और छात्रा रामू पर अंधविश्वास करती थी। इसी प्यार के भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी रामू गुर्जर 28 मई को नाबालिग को बहला-फुसलाकर उसके घर से भगा ले गया। वह उसे बाइक पर बैठाकर करीब 61 किलोमीटर दूर ग्वालियर लेकर आया। ग्वालियर पहुंचने के बाद रामू ने अपने दो दोस्तों, अरुण कुशवाहा और गौरव कुशवाहा से संपर्क किया, जो जनकगंज थाना क्षेत्र में गुप्तेश्वर पहाड़ी के नीचे रहते थे।</p>
<p style="text-align:justify;">योजना के मुताबिक, तीनों आरोपी छात्रा को लेकर सुनसान और करीब 500 फीट ऊंची गुप्तेश्वर पहाड़ी पर चले गए। पहाड़ी पर पहुंचकर सबसे पहले तीनों आरोपियों ने जमकर शराब पी। इसके बाद मुख्य आरोपी रामू ने छात्रा के साथ जबरन दुष्कर्म किया। इसी दौरान रामू की हैवानियत इस कदर बढ़ गई कि वह अपनी ही प्रेमिका को अपने दोस्त अरुण कुशवाहा को महज 50 हजार रुपये में बेचने का सौदा करने लगा। एक मासूम लड़की जिसे उम्मीद थी कि वह अपने प्यार के साथ सुरक्षित है, उसने जब खुद का सौदा होते सुना तो वह दंग रह गई। नाबालिग ने इस घिनौने सौदे का पूरी ताकत से विरोध किया और चीखने-चिल्लाने लगी।</p>
<p style="text-align:justify;">विरोध से बौखलाए आरोपियों ने पहले तो छात्रा के साथ मारपीट की, और फिर रामू के एक और साथी ने उसके साथ दरिंदगी की। पीड़िता लगातार रो रही थी और मदद की गुहार लगा रही थी, लेकिन सुनसान पहाड़ी पर उसकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं था। बदनामी और पकड़े जाने के डर से रात करीब 11:30 बजे आरोपियों ने छात्रा के ही दुपट्टे से उसका गला घोंट दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद तीनों आरोपी रात के अंधेरे में वहां से भाग निकले। अगले दिन सुबह, पुलिस को गुमराह करने और अपराध का कोई सबूत न छोड़ने की नीयत से तीनों आरोपी दोबारा पहाड़ी पर पहुंचे और शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा तब हुआ जब मृतका के परिजनों ने भिंड के मौ थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जब मामले की तफ्तीश शुरू की और कॉल डिटेल्स खंगाली, तो रामू गुर्जर का नाम सामने आया। पुलिस ने संदेह के आधार पर रामू को हिरासत में लिया और जब उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया। उसने रोते हुए अपना गुनाह कबूल कर लिया और पूरी खौफनाक दास्तान पुलिस के सामने उगल दी। रामू के कबूलनामे के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसके दोनों साथियों अरुण और गौरव कुशवाहा को भी दबोच लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 13:34:21 +0530</pubDate>
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                <title>प्रेमी जोड़े की मौत से उठे कई सवाल, वीडियो में परिजनों पर लगाए गंभीर आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[ग्वालियर के चर्चित मामले से जुड़े युवक-युवती की मौत के बाद सामने आए वीडियो, पुलिस सभी पहलुओं की जांच में जुटी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/many-questions-raised-by-the-death-of-the-loving-couple/article-54716"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gwalior-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">ग्वालियर जिले से जुड़े एक प्रेमी जोड़े की मौत का मामला अब कई नए सवाल खड़े कर रहा है। सांक नदी क्षेत्र से युवक और युवती के शव मिलने के बाद सामने आए वीडियो ने पूरे घटनाक्रम को और अधिक चर्चा में ला दिया है। मृतक युवक भूपेंद्र धाकड़ और युवती राधा चौबे ने मौत से पहले सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो अपलोड किए थे, जिनमें उन्होंने अपने परिवार के कुछ सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने वीडियो को जांच का हिस्सा बनाया है और मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल शुरू कर दी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रारंभिक जानकारी के अनुसार भूपेंद्र धाकड़ मुरैना जिले के कैलारस क्षेत्र का रहने वाला था, जबकि राधा चौबे दतिया की निवासी थी। दोनों के बीच पिछले करीब दो वर्षों से प्रेम संबंध बताए जा रहे हैं। दोनों अलग-अलग समुदाय से थे और उनके रिश्ते को लेकर परिवारों में लंबे समय से असहमति बनी हुई थी। बताया जा रहा है कि परिवार की नाराजगी के बावजूद दोनों लगातार संपर्क में थे और साथ रहने का प्रयास कर रहे थे। इस संबंध को लेकर पहले भी विवाद की स्थिति बन चुकी थी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में भूपेंद्र ने अपनी मौत के लिए अपने पिता, पत्नी और परिवार के कुछ अन्य सदस्यों को जिम्मेदार बताया है। वीडियो में उसने दावा किया कि उस पर सोना चोरी करने के झूठे आरोप लगाए जा रहे थे। उसने यह भी कहा कि जिस सोने को लेकर विवाद था, उसे परिवार की जानकारी में बैंक में गिरवी रखा गया था। वहीं एक अन्य वीडियो में राधा चौबे ने भी परिवार के लोगों पर मानसिक दबाव बनाने और झूठे आरोप लगाने की बात कही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">वीडियो में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी तक आधिकारिक रूप से नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि वीडियो की सत्यता, उसमें किए गए दावों और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा। अधिकारियों के अनुसार डिजिटल साक्ष्यों के साथ-साथ परिवार के सदस्यों और अन्य संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि भूपेंद्र और राधा पहले एक चर्चित स्पाई कैमरा और ब्लैकमेलिंग प्रकरण में आरोपी रह चुके थे। वर्ष 2025 में दोनों की गिरफ्तारी हुई थी और जांच के दौरान उनके मोबाइल फोन से कई वीडियो मिलने का दावा किया गया था। इस मामले के कारण दोनों लंबे समय तक चर्चा में रहे थे। बाद में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद वे जेल से बाहर आए थे। माना जा रहा है कि इस प्रकरण का प्रभाव भी उनके निजी जीवन और सामाजिक परिस्थितियों पर पड़ा था। परिजनों के अनुसार भूपेंद्र ने कुछ वर्ष पहले अपने पिता से आर्थिक सहायता लेकर जौरा क्षेत्र में एक होटल शुरू किया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात राधा से हुई और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। बाद में परिवार ने उसकी शादी सरस्वती नाम की युवती से करवा दी। शादी के बाद उसकी एक बेटी भी हुई, लेकिन राधा से उसका संपर्क बना रहा। यही बात परिवार में तनाव का कारण बनती रही। समय के साथ विवाद और बढ़ता गया और दोनों पक्षों के बीच संबंध लगातार खराब होते चले गए।</p>
<p class="isSelectedEnd">भूपेंद्र के पिता ने भी अपनी ओर से कई आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि परिवार में जेवरों को लेकर विवाद था और उन्होंने इस संबंध में कानूनी कार्रवाई की बात कही थी। उनके अनुसार घटना वाले दिन भूपेंद्र ने उनसे फोन पर बात की थी। इसके कुछ समय बाद वीडियो रिकॉर्ड किए गए। परिवार का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। पुलिस को सांक नदी क्षेत्र से दोनों के शव बरामद हुए। इसके बाद पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिए गए। शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला माना है, हालांकि वीडियो सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह मामला केवल एक आपराधिक जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि पारिवारिक विवाद, सामाजिक दबाव, रिश्तों में तनाव और कानूनी विवाद जैसे कई पहलुओं को भी सामने लाता है। घटना के बाद स्थानीय क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर किन परिस्थितियों ने दोनों को इस स्थिति तक पहुंचाया। फिलहाल सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद इस पूरे मामले की कई परतें खुल सकती हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। सभी वीडियो, कॉल रिकॉर्ड, पारिवारिक विवादों और पूर्व घटनाओं की विस्तार से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और इस दुखद घटना के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 12:35:39 +0530</pubDate>
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