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                <title>Rajasthan News - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Rajasthan News RSS Feed</description>
                
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                <title>दशकों पुराना नर्मदा जल विवाद खत्म, चार राज्यों के बीच ऐतिहासिक समझौता; अमित शाह बोले- पानी का लाभ पूरे देश को मिलेगा</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान ने सरदार सरोवर परियोजना से जुड़े वित्तीय विवाद पर वन-टाइम सेटलमेंट समझौते पर किए हस्ताक्षर, वर्षों से लंबित भुगतान और दावों का हुआ अंतिम निपटारा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/6a4dd35b49837/article-58133"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/narmada-water-dispute.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">नई दिल्ली में मंगलवार को देश के सबसे लंबे समय से चले आ रहे अंतरराज्यीय जल विवादों में से एक नर्मदा जल विवाद का महत्वपूर्ण समाधान सामने आया। सरदार सरोवर परियोजना की निर्माण लागत, मुआवजा और विभिन्न राज्यों के बीच वित्तीय दावों को लेकर वर्षों से चल रही खींचतान आखिरकार समाप्त हो गई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों ने वन-टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के साथ परियोजना से जुड़े सभी लंबित वित्तीय मामलों के अंतिम निपटारे का रास्ता साफ हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">समझौते पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हस्ताक्षर किए। बैठक में केंद्र सरकार और चारों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। लंबे समय से लंबित इस विवाद के समाधान को सहकारी संघवाद की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जल किसी एक राज्य की संपत्ति नहीं बल्कि पूरे देश की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि पानी चाहे किसी भी राज्य में उपयोग हो, उसका लाभ अंततः भारत के किसानों और नागरिकों को ही मिलता है। उनके अनुसार राज्यों के बीच सहयोग की भावना से ही देश के संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव है और यही विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमित शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने और वर्षों पुराने विवादों को समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सहकारी संघवाद केवल एक विचार नहीं बल्कि व्यवहार में दिखाई देने वाला मॉडल बन चुका है। कई राज्यों में बेहतर समन्वय के कारण जल विवादों सहित अन्य जटिल मामलों का समाधान तेजी से हो रहा है। सरदार सरोवर परियोजना देश की सबसे महत्वपूर्ण बहुउद्देश्यीय नदी परियोजनाओं में गिनी जाती है। इस परियोजना से गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान को सिंचाई, पेयजल तथा बिजली उत्पादन के क्षेत्र में बड़ा लाभ मिला है। लाखों किसानों को सिंचाई सुविधा मिली है जबकि अनेक शहरों और गांवों में पेयजल की उपलब्धता भी बेहतर हुई है। राजस्थान के कई सूखा प्रभावित क्षेत्रों तक नर्मदा का पानी पहुंचने के बाद खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि परियोजना के निर्माण के दौरान लागत, पुनर्वास, मुआवजा और हिस्सेदारी को लेकर चारों राज्यों के बीच लंबे समय तक मतभेद बने रहे। नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण के फैसलों के बाद भी कई वित्तीय दावे लंबित थे, जिन पर लगातार चर्चा चल रही थी। अब वन-टाइम सेटलमेंट के जरिए इन सभी विवादों को समाप्त करने पर सहमति बनी है। समझौते के बाद हालांकि मध्य प्रदेश को आर्थिक दृष्टि से अपेक्षित लाभ नहीं मिला। राज्य सरकार ने सरदार सरोवर बांध के कारण प्रभावित भूमि और मुआवजे के आधार पर लगभग 7,669 करोड़ रुपये का दावा किया था। लेकिन नए समझौते के अनुसार मध्य प्रदेश को उल्टे गुजरात सरकार को लगभग 550 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। इस पहलू को लेकर प्रदेश में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2019 में सरदार सरोवर बांध पहली बार अपनी पूर्ण क्षमता तक भरने के बाद मध्य प्रदेश के डूब क्षेत्र का वास्तविक आकलन सामने आया। पहले जहां 178 गांव प्रभावित बताए गए थे, वहीं बाद में यह संख्या बढ़कर 192 गांव हो गई। डूब क्षेत्र में हजारों हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि जलमग्न हुई, जिससे प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे का मुद्दा और अधिक महत्वपूर्ण बन गया था। इसी आधार पर मध्य प्रदेश ने संशोधित मुआवजे की मांग रखी थी। गृह मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर अन्य अंतरराज्यीय जल विवादों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में हरियाणा-राजस्थान जल विवाद और किशाऊ बांध परियोजना जैसे मामलों में भी सहमति बनी है। उनका कहना था कि राज्यों के बीच विवाद जितनी जल्दी समाप्त होंगे, उतनी ही तेजी से विकास परियोजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 10:13:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दौसा में भीषण सड़क हादसा, बस-ट्रेलर टकराए 8 यात्रियों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ऋषिकेश से इंदौर जा रही बस ट्रेलर से टकराई, दोनों वाहनों में आग लगी, कई यात्री जिंदा जले]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/horrific-road-accident-in-dausa-bus-trailer-collided-8-passengers-died/article-57490"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/dausa-bus-accident.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। ऋषिकेश से इंदौर जा रही एक स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ ही मिनटों में दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई और आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में 8 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 21 लोग घायल हो गए हैं। घायलों का इलाज दौसा जिला अस्पताल में जारी है, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसा मंगलवार रात करीब 2:30 बजे कोलवा थाना क्षेत्र के तनावड़ जीरो पॉइंट के पास हुआ। पुलिस के अनुसार बस तेज रफ्तार में थी और पीछे से ट्रेलर में जा घुसी। टक्कर के बाद दोनों वाहनों में अचानक आग भड़क उठी, जिससे यात्रियों को बाहर निकलने का मौका भी नहीं मिल सका। कई लोग बस के अंदर ही फंस गए और आग की लपटों में घिर गए। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेज थी कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों और कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया है कि हादसे के बाद बचाव कार्य में देरी हुई। इंदौर निवासी यात्री चंद्रप्रकाश गुप्ता ने बताया कि आग लगने के बाद उन्होंने अपनी पत्नी को बचाने की कोशिश की, लेकिन वह सीट में फंस गईं और बेहोश हो गईं। उन्होंने कहा कि मदद के लिए पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग को फोन किया गया, लेकिन करीब एक घंटे तक कोई सहायता नहीं पहुंची, जिससे स्थिति और भयावह हो गई। कई यात्रियों ने किसी तरह बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। पुलिस के मुताबिक हादसे में 8 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से 6 यात्रियों की मौत आग में झुलसने से हुई, जबकि 2 लोगों ने गंभीर चोटों के कारण दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। घायलों में कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। हादसे में ट्रेलर चालक और उसका सहायक भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। कुल 21 घायलों में से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि बस चालक को झपकी आने के कारण यह हादसा हुआ होगा, हालांकि वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं कुछ स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि बस के स्टोरेज बॉक्स में सिगरेट के पैकेट रखे थे, जिससे आग तेजी से फैल गई, लेकिन पुलिस ने अभी इस दावे की पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है। हादसे के बाद दोनों वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गए। आग बुझने के बाद करीब तीन घंटे तक घटनास्थल पर जांच जारी रही। एफएसएल टीम और पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिकता घायलों का इलाज और मृतकों की पहचान करना है। दौसा जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और राहत कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। वहीं कुछ यात्री अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 11:22:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टेलीग्राम बैन के बीच NEET का फर्जी पेपर बेचने वाला गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान के भीलवाड़ा से छात्र हिरासत में, अमेरिकी VPN के जरिए चला रहा था चैनल; दिल्ली हाईकोर्ट ने टेलीग्राम पर रोक जारी रखने को सही ठहराया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/amidst-telegram-ban-seller-of-fake-neet-paper-arrested/article-56409"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/neet-re-exam-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">NEET री-एग्जाम से पहले पेपर लीक और फर्जी प्रश्नपत्र बेचने की कोशिशों पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं। इसी बीच राजस्थान के भीलवाड़ा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने परीक्षा सुरक्षा को लेकर चल रही चिंताओं को फिर बढ़ा दिया है। टेलीग्राम पर प्रतिबंध के बावजूद एक छात्र कथित तौर पर NEET का फर्जी पेपर बेचने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आरोपी अमेरिकी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क यानी VPN का इस्तेमाल कर टेलीग्राम चला रहा था और उसके चैनल का नाम "पेपर माफिया" रखा गया था।पुलिस के अनुसार गिरफ्तार छात्र की पहचान आकाश चौधरी के रूप में हुई है। वह भीलवाड़ा के पटेल नगर क्षेत्र का रहने वाला है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम के जरिए छात्रों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा कर रहा था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसके पास कोई वास्तविक पेपर था या वह केवल छात्रों से पैसे ऐंठने के लिए फर्जीवाड़ा कर रहा था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस पूरे घटनाक्रम के बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने भी टेलीग्राम को बड़ा झटका दिया है। केंद्र सरकार द्वारा टेलीग्राम पर लगाई गई अस्थायी रोक के खिलाफ दाखिल याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत ने माना कि सरकार के पास सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत ऐसे कदम उठाने का अधिकार है। न्यायालय ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षा के दौरान यदि किसी डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग की आशंका हो तो सरकार आवश्यक कदम उठा सकती है। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी माना कि मामले की समीक्षा संबंधित समिति द्वारा की गई थी और सरकार का फैसला बिना विचार के नहीं लिया गया। हालांकि सुनवाई के दौरान यह सवाल भी उठा कि कुछ लोगों की गतिविधियों की वजह से करोड़ों उपयोगकर्ताओं पर प्रभाव डालना कितना उचित है। इसके बावजूद अदालत ने फिलहाल सरकार के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। री-NEET परीक्षा को लेकर देशभर में सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सख्त कर दी गई है। पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए इस बार कई नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। भारतीय वायुसेना भी इस अभियान का हिस्सा बनी हुई है। अधिकारियों के अनुसार पिछले चार दिनों में 200 से अधिक उड़ानों के माध्यम से प्रश्नपत्रों को देश के 20 से ज्यादा स्थानों तक पहुंचाया गया है। प्रश्नपत्रों को हाई-टेक डिजिटल लॉक और रियल टाइम जीपीएस ट्रैकिंग वाले विशेष कंटेनरों में रखा गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि इन बॉक्सों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ होने पर तुरंत कंट्रोल रूम में अलर्ट पहुंच जाएगा। इसके लिए चौबीसों घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई है। परीक्षा संचालन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया गया है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना समाप्त की जा सके।परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न राज्यों ने भी विशेष इंतजाम किए हैं। दिल्ली में छात्रों को डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावकों के लिए कूलिंग जोन बनाए जा रहे हैं जहां पेयजल, ओआरएस और अन्य सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। मध्यप्रदेश में रेलवे द्वारा विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा ताकि छात्र समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकें।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">तेलंगाना सरकार ने भी परीक्षार्थियों के लिए राज्य परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की घोषणा की है। वहीं मुंबई में लोकल ट्रेनों का पूरा शेड्यूल जारी रहेगा और परीक्षा के दिन किसी भी प्रमुख रूट पर मेगा ब्लॉक नहीं लगाया जाएगा। रेलवे और परिवहन विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दिन छात्रों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग के साथ परीक्षा सुरक्षा की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। VPN जैसी तकनीकों के जरिए लोग कई बार प्रतिबंधित प्लेटफॉर्म तक पहुंच बना लेते हैं। हालांकि VPN का उपयोग अपने आप में गैरकानूनी नहीं है, लेकिन यदि इसका इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के लिए किया जाए तो संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। NEET देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। इसी परीक्षा के आधार पर देशभर के मेडिकल, डेंटल, आयुष और नर्सिंग संस्थानों में प्रवेश दिया जाता है। हर वर्ष लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं और उनके भविष्य का फैसला इसी परीक्षा के परिणामों पर निर्भर करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 15:54:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एमपी के दो टीआई समेत 100 पर FIR, ड्रग्स फैक्ट्री कार्रवाई पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान की अदालत ने घाटाखेड़ी गांव में हुई NDPS कार्रवाई को संदिग्ध माना, जांच रिपोर्ट के आधार पर मध्य प्रदेश पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/questions-raised-on-drugs-factory-action-against-100-including-two/article-56075"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/mp-police-fir.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश और राजस्थान की पुलिस व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें मध्य प्रदेश के दो थाना प्रभारियों समेत करीब 100 लोगों के खिलाफ राजस्थान में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला जनवरी 2026 में राजस्थान के झालावाड़ जिले के डग थाना क्षेत्र के घाटाखेड़ी गांव में हुई कथित ड्रग्स फैक्ट्री कार्रवाई से जुड़ा हुआ है। उस समय मध्य प्रदेश पुलिस ने बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और ड्रग्स बनाने की सामग्री बरामद करने का दावा किया था, लेकिन अब अदालत के आदेश और जांच रिपोर्ट के बाद पूरी कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। चौमहला कोर्ट ने 13 जून को दिए अपने आदेश में उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद मामला दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद डग थाने में आगर कोतवाली थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, बड़ौद थाना प्रभारी रूप सिंह राजपूत, एसआई राखी गुर्जर, एएसआई अजय जाट समेत करीब 100 ज्ञात और अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच आगे बढ़ने पर अन्य लोगों की पहचान भी की जाएगी और जरूरत पड़ने पर धाराओं में भी बढ़ोतरी हो सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पूरा मामला 21 जनवरी 2026 से शुरू हुआ था, जब आगर पुलिस ने फैजान नाम के युवक को कथित रूप से 330 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में फैजान ने बताया था कि यह मादक पदार्थ राजस्थान के घाटाखेड़ी गांव निवासी शाहिर, मुनव्वर और ताहिर से लाया गया था। इसके बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने 28 जनवरी को बड़ी कार्रवाई का दावा करते हुए 80 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ घाटाखेड़ी गांव में दबिश दी थी। उस समय पुलिस ने कहा था कि वहां से भारी मात्रा में ड्रग्स और उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई है। कार्रवाई के दौरान शाहिर खान और मुनव्वर उर्फ राजा को गिरफ्तार भी किया गया था। उस समय तत्कालीन एसपी विनोद कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे बड़ी सफलता बताया था। उन्होंने दावा किया था कि मौके से हथियार, मशीनें और ड्रग्स निर्माण से जुड़ा सामान बरामद हुआ है। लेकिन जैसे-जैसे मामले की जांच आगे बढ़ी, कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने पुलिस की कार्रवाई को संदेह के घेरे में ला दिया। जांच में पाया गया कि जब्त किया गया कुछ सामान बिल्कुल नया दिखाई दे रहा था, जिस पर सवाल उठे थे। इसके अलावा यह दावा भी किया गया था कि कार्रवाई में राजस्थान पुलिस शामिल थी, जबकि जांच के दौरान सामने आया कि स्थानीय पुलिस को इस कार्रवाई की कोई पूर्व जानकारी ही नहीं थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मामले में सबसे बड़ा सवाल कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर उठा। पुलिस ने कहा था कि पूरे ऑपरेशन की रिकॉर्डिंग ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से की गई थी, लेकिन जांच के दौरान ऐसी कोई वीडियोग्राफी उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। इतना ही नहीं, पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज समय और सीसीटीवी फुटेज में भी बड़ा अंतर पाया गया। रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तारियां और जब्ती की कार्रवाई सुबह 4:40 बजे से 5:40 बजे के बीच हुई थी, जबकि जांच में सामने आया कि मध्य प्रदेश पुलिस की टीम सुबह 5:05 बजे तक ही उस इलाके में मौजूद थी। ऐसे में इतने कम समय में NDPS अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने को लेकर सवाल खड़े हुए। गिरफ्तार आरोपियों के पिता हमीद खान ने शुरुआत से ही कार्रवाई को फर्जी बताया था। उनका आरोप था कि मध्य प्रदेश पुलिस ने बिना स्थानीय पुलिस को सूचना दिए उनके घर में प्रवेश किया, परिवार के सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार किया और उनके बेटों को झूठे मामले में फंसाया। इसके बाद उन्होंने 21 फरवरी 2026 को चौमहला कोर्ट में परिवाद दायर किया। अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए झालावाड़ पुलिस अधीक्षक को जांच के आदेश दिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद्र मीणा को सौंपी गई। उन्होंने मध्य प्रदेश जाकर कार्रवाई में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान तलाशी, गिरफ्तारी और जब्ती से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिले। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कई दावों की पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों से नहीं हो सकी। इन्हीं तथ्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। अब डग थाना पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगी और रिपोर्ट अदालत को सौंपेगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल प्रक्रियागत त्रुटियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ गंभीर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 13:25:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>जयपुर में सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ मारपीट, विरोध प्रदर्शन के दौरान हंगामा</title>
                                    <description><![CDATA[शहीद स्मारक पर नीट पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन में अचानक भीड़ ने किया हमला, पुलिस ने कई युवकों को हिरासत में लिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/cjp-founder-abhijit-deepke-assaulted-uproar-during-protest-in-jaipur/article-56037"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/abhijeet-deepke-jaipur-incident.jpg" alt=""></a><br /><div class="qMYqUG_convSearchResultHighlightRoot">
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<div class="markdown prose dark:prose-invert wrap-break-word w-full light markdown-new-styling">
<p style="text-align:justify;">जयपुर में सोमवार को उस वक्त माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ शहीद स्मारक पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान मारपीट की घटना सामने आई। यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में कथित खामियों और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन कुछ ही पलों में स्थिति पूरी तरह बदल गई और भीड़ के बीच अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और मंच के आसपास लगातार नारेबाजी चल रही थी। इसी दौरान अभिजीत दीपके अपने कुछ समर्थकों के साथ भीड़ के बीच मौजूद थे। बताया जा रहा है कि वह अपने समर्थकों के कंधों पर बैठकर लोगों को संबोधित करने या भीड़ का अभिवादन कर रहे थे, तभी अचानक कुछ युवकों ने आगे बढ़कर उन पर हमला कर दिया। यह घटना इतनी तेजी से हुई कि शुरुआती कुछ सेकंड में किसी को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के बाद वहां मौजूद समर्थकों और अन्य कार्यकर्ताओं में गुस्सा फैल गया। देखते ही देखते धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू हो गई। कुछ लोगों ने हमलावरों को पकड़ने की कोशिश की, वहीं कुछ ने स्थिति को शांत करने का प्रयास भी किया। मौके पर कुछ देर के लिए अव्यवस्था फैल गई और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे। आसपास मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है, जिसमें भीड़ के बीच अचानक हुई झड़प और अफरा-तफरी को साफ देखा जा सकता है। वीडियो में लोगों को एक-दूसरे की तरफ दौड़ते और चिल्लाते हुए देखा गया, जबकि कुछ लोग स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे हैं। इस वायरल वीडियो ने घटना को और अधिक चर्चा में ला दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के तुरंत बाद सीजेपी कार्यकर्ताओं ने हमलावरों को पकड़कर कथित रूप से उनकी पिटाई भी की। हालांकि इसी बीच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंच से अपील की कि किसी भी तरह की हिंसा का जवाब हिंसा से नहीं दिया जाना चाहिए और हमलावरों को छोड़ दिया जाए। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं है बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों को उठाना है। मामले को लेकर सीजेपी के मीडिया प्रभारी अभिषेक जैन ने दावा किया कि हमले में शामिल युवकों को पुलिस ने मौके से हिरासत में ले लिया है। वहीं जयपुर दक्षिण के डीसीपी राजर्षि राज वर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कुल पांच लोगों को डिटेन किया गया है, जिनमें तीन युवक सीधे तौर पर मारपीट की घटना में शामिल पाए गए हैं। पुलिस फिलहाल यह जांच कर रही है कि इन युवकों का किसी संगठन से कोई संबंध है या नहीं और क्या यह हमला अचानक हुआ या इसके पीछे कोई योजना थी।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को अब और मजबूत कर दिया गया है ताकि आगे किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने। पूरे मामले की जांच अलग-अलग पहलुओं से की जा रही है, जिसमें सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो भी शामिल किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह के हमले उनकी आवाज को दबा नहीं सकते। उन्होंने इसे डर और कायरता की निशानी बताया और कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेंगे। दीपके ने यह भी दोहराया कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं बल्कि सिस्टम में सुधार के लिए है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी एक बार फिर से उठाई।</p>
<p style="text-align:justify;">दीपके ने अपने बयान में कहा कि वह गांधी और आंबेडकर के विचारों से प्रेरित हैं और उनकी लड़ाई हमेशा अहिंसक और लोकतांत्रिक तरीकों से ही आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश हो सकती हैं, लेकिन इससे उनके इरादे नहीं बदलेंगे। सीजेपी के अन्य प्रवक्ताओं ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि हमले में शामिल कुछ लोग किसी राजनीतिक दल से जुड़े हो सकते हैं, हालांकि उन्होंने इस बारे में कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया। उनका कहना है कि सभी संदिग्ध चेहरों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इधर, राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। कुछ नेताओं ने इस घटना की निंदा की है और इसे लोकतांत्रिक विरोध पर हमला बताया है। वहीं कुछ ने कहा है कि किसी भी तरह की हिंसा स्वीकार नहीं की जा सकती, चाहे कारण कुछ भी हो। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर तीखी बहस देखने को मिल रही है। जयपुर पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और सभी संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। </p>
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                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 11:19:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पचपदरा रिफाइनरी की यूनिट में लगी भीषण आग, कल पीएम मोदी करने वाले थे लोकार्पण</title>
                                    <description><![CDATA[पचपदरा रिफाइनरी में आग की बड़ी घटना, पीएम मोदी के दौरे से पहले हड़कंप मचा। कारणों की जांच जारी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/major-accident-before-pm-visit-24-hours-before-inauguration-massive/article-51693"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/_rajasthan-pachpadra-refinery-fire.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">राजस्थान के बालोतरा जिले स्थित पचपदरा रिफाइनरी में सोमवार दोपहर अचानक लगी भीषण आग ने पूरे परिसर में अफरा-तफरी मचा दी। यह घटना ऐसे समय हुई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को यहां प्रस्तावित लोकार्पण समारोह में शामिल होने वाले हैं। पचपदरा रिफाइनरी में आग लगते ही काले धुएं का घना गुबार आसमान में फैल गया, जिसे कई किलोमीटर दूर से देखा गया। मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों, तकनीकी टीमों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तुरंत हलचल तेज हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आग रिफाइनरी की एक यूनिट में लगी, जहां से लपटें तेजी से उठीं। राहत की बात यह है कि अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन भारी आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">अधिकारियों के अनुसार, दोपहर के समय एक यूनिट में अचानक स्पार्किंग या तकनीकी कारणों से आग भड़क उठी। पचपदरा रिफाइनरी में आग लगते ही इन-हाउस फायर सेफ्टी सिस्टम सक्रिय हो गया और तुरंत दमकल टीमों को अलर्ट किया गया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">करीब दर्जनों फायर टेंडर और हाइड्रेंट सिस्टम के जरिए आग बुझाने का काम जारी है। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए रिफाइनरी के संवेदनशील हिस्सों को खाली कराया गया और आसपास के इलाकों में एहतियात बढ़ा दी गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">पचपदरा रिफाइनरी देश की महत्वपूर्ण ऊर्जा परियोजनाओं में से एक मानी जाती है। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित लोकार्पण को लेकर पिछले कई दिनों से यहां बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही थीं। सूत्रों के मुताबिक, पूरे परिसर को हाई-सिक्योरिटी जोन में तब्दील किया गया था, जहां एसपीजी और राज्य पुलिस की तैनाती की गई थी। ऐसे में पचपदरा रिफाइनरी में आग की घटना ने सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">आधिकारिक बयान</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने के प्रयास तेजी से जारी हैं और विशेषज्ञ टीमों को मौके पर बुलाया गया है। एचपीसीएल और रिफाइनरी प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है और विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।</span></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब देश-भर की नजरें इस लोकार्पण कार्यक्रम पर टिकी हैं। पचपदरा रिफाइनरी में आग ने सुरक्षा प्रोटोकॉल और तकनीकी तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की औद्योगिक इकाइयों में छोटी तकनीकी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। फिलहाल, इस घटना से कार्यक्रम की टाइमिंग या स्वरूप पर क्या असर पड़ेगा, इसे लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 18:38:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रचंड हेलिकॉप्टर में राष्ट्रपति की ऐतिहासिक उड़ान, सीमावर्ती क्षेत्र का हवाई निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन से को-पायलट के रूप में उड़ीं राष्ट्रपति; सैनिकों को संदेश—आत्मनिर्भर भारत की शक्ति का प्रतीक ‘प्रचंड’]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/presidents-historic-flight-in-prachanda-helicopter-aerial-inspection-of-border/article-47301"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-02/desh---2026-02-27t115405.974.jpg" alt=""></a><br /><p>राजस्थान के <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">जैसलमेर</span></span> स्थित वायुसेना स्टेशन से शुक्रवार को <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">द्रौपदी मुर्मू</span></span> ने स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर ‘प्रचंड’ में को-पायलट के रूप में उड़ान भरकर देश के रक्षा इतिहास में नया अध्याय जोड़ा। करीब 25 मिनट की उड़ान के दौरान राष्ट्रपति ने सीमावर्ती क्षेत्रों और पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज का हवाई निरीक्षण किया तथा कॉकपिट से देश के नाम संदेश जारी कर सैनिकों के साहस और समर्पण को सलाम किया।</p>
<p>राष्ट्रपति सुबह निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं, जहां वरिष्ठ वायुसेना अधिकारियों ने उन्हें हेलिकॉप्टर की तकनीकी विशेषताओं और उड़ान प्रक्रिया की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने ग्रुप कैप्टन एन.एस. बहुआ के साथ उड़ान भरी। उड़ान के दौरान हेलिकॉप्टर ने रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सीमावर्ती इलाकों के ऊपर से गुजरते हुए सुरक्षा तैयारियों का आकलन किया।</p>
<p>जैसलमेर के ऐतिहासिक किले के ऊपर से गुजरते हुए राष्ट्रपति ने रेडियो संदेश में कहा कि स्वदेशी रक्षा तकनीक देश की आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने वीर सैनिकों को धन्यवाद देते हुए राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा के प्रति विश्वास व्यक्त किया।</p>
<p>वायुसेना अधिकारियों के अनुसार यह उड़ान आगामी सैन्य अभ्यास ‘वायु शक्ति-2026’ से पहले की औपचारिक निरीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा थी। शाम को पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान अपनी मारक क्षमता और सटीक लक्ष्यभेदन कौशल का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम में रक्षा प्रतिष्ठान के वरिष्ठ अधिकारी और राज्य नेतृत्व भी उपस्थित रहने वाले हैं।</p>
<p>रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि संवैधानिक प्रमुख का इस प्रकार सैन्य प्लेटफॉर्म का प्रत्यक्ष अनुभव लेना प्रतीकात्मक महत्व के साथ व्यावहारिक संदेश भी देता है। इससे सैनिकों का मनोबल बढ़ता है और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को लेकर जनविश्वास मजबूत होता है।</p>
<p>राष्ट्रपति इससे पहले भी लड़ाकू विमानों में उड़ान भर चुकी हैं, जिससे सैन्य क्षमताओं के प्रति उनकी सक्रिय रुचि स्पष्ट होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में यह पहल रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण संकेत देती है।</p>
<p>सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और समन्वय व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा रहा है। आने वाले समय में सैन्य अभ्यासों और तकनीकी उन्नयन के माध्यम से रक्षा क्षमता को और मजबूत करने पर जोर रहेगा। </p>
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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 11:58:34 +0530</pubDate>
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