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                <title>इंदौर समाचार - दैनिक जागरण</title>
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                <description>इंदौर समाचार RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>री-NEET 2026: रीवा में प्लास से निकाली चेन-बटन, भोपाल में सेकंडों की देरी पर नहीं मिली एंट्री</title>
                                    <description><![CDATA[एमपी में री-NEET परीक्षा सख्त सुरक्षा के बीच। रीवा में मेटल बटन निकालने के लिए प्लास-पेचकस का इस्तेमाल। भोपाल में सेकंडों की देरी पर छात्र बाहर।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/re-neet-2026-chain-button-taken-out-from-the-plas-in-rewa/article-56574"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/re-neet-ug-2026-pliers-used-to-remove-pant-chains-and-buttons-in-rewa;-morena-student&#039;s-centre-changed-from-gwalior-to-bhopal-at-last-minute-(2).jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>एमपी के 30 जिलों के 283 केंद्रों पर एक लाख से अधिक अभ्यर्थी दे रहे परीक्षा, सख्त सुरक्षा के बीच 1:30 बजे बंद हुए गेट</strong></p>
<p dir="ltr">रविवार को मध्य प्रदेश में री-NEET UG 2026 परीक्षा अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की गई। प्रदेश के 30 जिलों के 283 परीक्षा केंद्रों पर एक लाख से अधिक मेडिकल अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं।</p>
<p dir="ltr">भोपाल में 32 केंद्रों पर 13,774 अभ्यर्थी हैं, जबकि इंदौर में सबसे अधिक 14,000 से अधिक अभ्यर्थी हैं। जबलपुर में 23 केंद्रों पर 10,426, ग्वालियर में 25 केंद्रों पर 5,000 अभ्यर्थी हैं। छिंदवाड़ा में 4,303, गुना में 1,839, विदिशा में 1,709, नर्मदापुरम में 1,283 और अशोकनगर में 865 अभ्यर्थी हैं।</p>
<p dir="ltr">परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन-पेपर मोड में हो रही है। सुबह 11 बजे से रिपोर्टिंग, बायोमेट्रिक सत्यापन और फ्रिस्किंग शुरू हुई, जो 1:30 बजे तक जारी रहेगी। 1:30 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।</p>
<p dir="ltr">अभ्यर्थियों को मोबाइल, ब्लूटूथ, ईयरफोन, स्मार्ट वॉच या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को केंद्र में ले जाने की सख्त मनाही है।</p>
<p dir="ltr"> रीवा: प्लास-पेचकस से निकाली गईं पैंट की चेन और बटन</p>
<p dir="ltr">रीवा जिले में 13 केंद्रों पर 5,399 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। सुबह 11:30 बजे से प्रवेश शुरू हुआ। अभ्यर्थियों की मेटल डिटेक्टर और मैनुअल फ्रिस्किंग के जरिए सघन जांच की गई।</p>
<p dir="ltr">सुरक्षा इतनी सख्त थी कि कई अभ्यर्थियों की पैंट की चेन और बटन तक प्लास और पेचकस की मदद से निकाले गए, उसके बाद ही उन्हें प्रवेश मिला। चेन, धातु के बटन, कलावा, गहने और अन्य धातु की वस्तुएं बाहर उतरवा ली गईं। कड़ी जांच के कारण कुछ केंद्रों पर अफरा-तफरी भी देखने को मिली। 50% महिला पुलिसकर्मी तैनात की गईं।</p>
<p dir="ltr"> भोपाल: सेकंडों की देरी पर छात्रों को नहीं मिली एंट्री</p>
<p dir="ltr">भोपाल के सरोजिनी सुभाष उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय में महज 30-40 सेकंड की देरी पर अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया। परिजनों ने नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि केंद्र के बाहर मार्गदर्शन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।</p>
<p dir="ltr">एडिशनल एसपी ने कहा, "इन्हें अंदर भेजना मेरे हाथ में नहीं है।" पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नंबर 2 में ठीक 1:30 बजे गेट बंद कर दिए गए। गेट बंद होने के बाद भी तीन अभ्यर्थी बाहर खड़े रहे।</p>
<p dir="ltr">एक छात्र अपना आधार कार्ड घर भूल गया। उसने व्हाट्सएप पर डिजिटल कॉपी मंगवाई, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने डिजिटल कॉपी स्वीकार नहीं की। उसे मूल आधार कार्ड लाने के लिए वापस जाना पड़ा।</p>
<p dir="ltr"> इंदौर: पुलिसकर्मी की मदद से छात्रा समय पर पहुंची केंद्र</p>
<p dir="ltr">इंदौर में रिया नाम की छात्रा अपना आधार कार्ड हॉस्टल में भूल गई थी। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बाल विनय मंदिर में ड्यूटी पर तैनात पलासिया थाने की उपनिरीक्षक अभिरुचि ने छात्रा की मदद की। उन्होंने परिजनों से व्हाट्सएप पर आधार कार्ड की कॉपी मंगवाई और छात्रा को समय पर प्रवेश दिलाया।</p>
<p dir="ltr">एसजीएसआईटीएस केंद्र पर एक छात्र को कान की बाली उतारनी पड़ी। सुरक्षाकर्मियों ने मेटल डिटेक्टर से सघन जांच की।</p>
<p dir="ltr"> मुरैना: ग्वालियर से भोपाल बदला सेंटर, छात्र को करनी पड़ी यात्रा</p>
<p dir="ltr">मुरैना निवासी धर्मेंद्र प्रजापति का परीक्षा केंद्र पहले ग्वालियर में था, लेकिन अंतिम समय में एनटीए ने उसे बदलकर भोपाल कर दिया। उन्हें ग्वालियर से भोपाल तक का सफर तय करना पड़ा। "बदलाव से थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन समय रहते व्यवस्था कर ली," उन्होंने कहा।</p>
<p dir="ltr">मुरैना में 7 परीक्षा केंद्र हैं और 180 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।</p>
<p dir="ltr"> छतरपुर: गलत केंद्र पहुंचा छात्र, 22 किमी दूर था असली सेंटर</p>
<p dir="ltr">एक छात्र पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, छतरपुर को अपना केंद्र समझकर पहुंच गया। दस्तावेज जांच के दौरान पता चला कि उसका वास्तविक केंद्र नौगांव में था - 22 किलोमीटर दूर। वह तुरंत बाइक से नौगांव की ओर रवाना हो गया।</p>
<p dir="ltr"> सतना: पानी की बोतलों के रैपर हटवाए, टॉप्स उतरवाए</p>
<p dir="ltr">सतना के परीक्षा केंद्रों पर सख्त जांच हुई। पानी की बोतलों के रैपर हटवाए गए। कान में टॉप्स पहनकर पहुंची छात्राओं को उन्हें उतारना पड़ा। एक अभ्यर्थी के जूते बाहर रखवा दिए गए और उसे नंगे पैर ही प्रवेश दिया गया।</p>
<p dir="ltr"> छात्रों की आवाज: 'एक प्रतिशत भी भरोसा नहीं'</p>
<p dir="ltr">छात्रों ने पेपर लीक प्रकरण पर चिंता और निराशा व्यक्त की। दिव्यानी परिहार, जो भोपाल में परीक्षा दे रही थीं, ने कहा कि वे तीन साल से तैयारी कर रही हैं और पिछली परीक्षा अच्छी गई थी, लेकिन रद्द होने के बाद वापस आनी पड़ी।</p>
<p dir="ltr">एक छात्र ने कहा: "दोबारा एग्जाम देने में बुरा लग रहा है। ये भी नहीं पता कि इस बार एग्जाम हो पाएगा या ये पेपर भी लीक हो जाएगा।"</p>
<p dir="ltr">गुना में एक छात्र ने कहा: "पिछले डेढ़ महीने तनाव और अनिश्चितता से भरे रहे हैं। पेपर लीक जैसी घटनाओं ने हमारी मेहनत और मानसिक स्थिति पर असर डाला है।"</p>
<p dir="ltr">प्राची ने कहा कि उनकी तैयारी अच्छी है, लेकिन पेपर लीक को लेकर "एक प्रतिशत भी भरोसा नहीं"।</p>
<p dir="ltr">प्रणवी उपाध्याय, जो जेईई की तैयारी कर रही हैं, ने भारतीय शिक्षा प्रणाली को "बहुत गंदी" बताया और कहा कि पेपर लीक लाखों छात्रों के सपने तोड़ते हैं।</p>
<p dir="ltr"> री-परीक्षा क्यों?</p>
<p dir="ltr">NEET-UG परीक्षा 3 मई 2026 को हुई थी। पेपर लीक के आरोपों के बाद NTA ने 12 मई को इसे रद्द कर दिया। CBI मामले की जांच कर रही है। आज की परीक्षा दोबारा आयोजित की जा रही है।</p>
<p dir="ltr">प्रश्नपत्र ले जाने वाले वाहनों में GPS ट्रैकिंग, CRPF एस्कॉर्ट, CCTV निगरानी, आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और अतिरिक्त बायोमेट्रिक मशीनें लगाई गई हैं। देशभर के 551 शहरों और 14 विदेशी शहरों में 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 14:40:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दैनिक जागरण]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>MYH के पीछे 25,000 वर्ग फुट अतिक्रमण हटाया गया, अवैध मस्जिद संरचनाओं को ध्वस्त किया</title>
                                    <description><![CDATA[इंदौर प्रशासन ने MYH के पीछे मस्जिद के नाम पर बनी 25,000 वर्ग फुट अवैध संरचनाओं को ध्वस्त कर सरकारी जमीन मुक्त की। ताजा इंदौर समाचार अपडेट।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/25000-square-feet-encroachment-behind-myh-removed-illegal-mosque-structures/article-47433"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/25,000-sq-ft-encroachment-cleared-behind-myh-as-illegal-mosque-structures-demolished-(1).jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr">इंदौर में एक बड़े अतिक्रमण विरोधी अभियान में प्रशासन ने शनिवार को महाराजा यशवंतराव अस्पताल (MYH) के पीछे और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के पास सरकारी जमीन से लगभग 25,000 वर्ग फुट अतिक्रमण हटा दिया। मस्जिद के नाम पर बनी अवैध संरचनाओं को भारी मशीनों से ध्वस्त किया गया, जो सार्वजनिक संपत्ति को वापस लाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।</p>
<p dir="ltr">अभियान सुबह 7:30 बजे शुरू हुआ और करीब डेढ़ घंटे चला। वरिष्ठ अधिकारी जैसे एसडीएम घनश्याम धनगर, तहसीलदार कमलेश कुशवाह, अतिरिक्त डीसीपी रामस्नेही मिश्रा, एसीपी तुषार सिंह और नगर निगम जोनल अधिकारी गीतेश तिवारी ने टीमों के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। दो पॉक्लेन मशीनें, तीन जेसीबी, 100 से अधिक निगम कर्मचारी और 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।</p>
<p dir="ltr">कर्मचारियों ने बाउंड्री वॉल, कॉमन टॉयलेट, हॉल का आगे का हिस्सा और बगल का गार्डन क्षेत्र हटा दिया। कुछ स्थानीय लोग इकट्ठा होकर विरोध करने लगे, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें समझाया और कार्रवाई जारी रही। मस्जिद समिति को अब हॉल के बाकी हिस्से को सात दिनों के अंदर खुद हटाने का निर्देश दिया गया है।</p>
<p dir="ltr">अदालत के आदेश ने कार्रवाई का रास्ता साफ किया  </p>
<p dir="ltr">पूरी कार्रवाई तहसीलदार अदालत के स्पष्ट आदेश पर की गई। तहसीलदार कमलेश कुशवाह ने वक्फ बोर्ड और मस्जिद प्रबंधन समिति के दावों को खारिज कर दिया। उनके आदेश में कहा गया कि 1985 में केवल 300 वर्ग फुट निर्माण की अनुमति दी गई थी। लेकिन सालों में यह अवैध रूप से बढ़कर लगभग 30,000 वर्ग फुट हो गया था।</p>
<p dir="ltr">रिकॉर्ड्स के अनुसार, जमीन जूनी इंदौर तहसील के सीआरपी लाइन क्षेत्र में है, ब्लॉक नंबर 12 (नया सर्वे 38)। यह नजूल रिकॉर्ड्स में सरकारी जमीन के रूप में दर्ज है और रेजिडेंसी क्षेत्र के असर्व्ड हिस्से में आती है। मामला एक स्थानीय निवासी की शिकायत के बाद अदालत पहुंचा था।</p>
<p dir="ltr">जांच में दस्तावेज में छेड़छाड़ का खुलासा  </p>
<p dir="ltr">जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि 9 सितंबर 1985 की मूल अनुमति पत्र में मस्जिद निर्माण केवल 300 वर्ग फुट के लिए था। गूगल सैटेलाइट इमेजेस से भी शुरुआती संरचना छोटी होने की पुष्टि हुई। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेज में "मस्जिद" शब्द बाद में अलग हैंडराइटिंग में जोड़ा गया लगता है।</p>
<p dir="ltr">एसडीएम घनश्याम धनगर ने पुष्टि की कि जमीन सरकार की है और प्रशासन सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "यह कार्रवाई एक मजबूत संदेश देती है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।"</p>
<p dir="ltr">यह मुद्दा अभी क्यों महत्वपूर्ण है  </p>
<p dir="ltr">इंदौर में सरकारी और सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ लगातार अभियान चल रहा है। MYH और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल जैसे व्यस्त अस्पतालों में पहले से ही जगह की कमी है, इसलिए 25,000 वर्ग फुट मुक्त करने से बेहतर सिविक सुविधाएं, पार्किंग या हरे-भरे क्षेत्र विकसित करने की संभावनाएं खुल गई हैं।</p>
<p dir="ltr">स्थानीय निवासियों ने इस कदम का स्वागत किया और कहा कि इससे व्यस्त अस्पताल क्षेत्र में पहुंच और सुरक्षा में सुधार होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जहां भी सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण मिलेंगे, वहां इसी तरह के अभियान जारी रहेंगे।</p>
<p dir="ltr">यह सफल इंदौर अतिक्रमण हटाने का अभियान जिला प्रशासन की पारदर्शी शासन और कानून के शासन पर फोकस को फिर से उजागर करता है। नागरिक अब आने वाले महीनों में साफ-सुथरी, अतिक्रमण-मुक्त सार्वजनिक जगहों की उम्मीद कर सकते हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 16:00:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दैनिक जागरण]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुत्र-हंता होलिका: इंदौर में आज जलेगी सूचना सेठ और 10 आरोपी माताओं के चेहरों वाली होली, बढ़ा विवाद</title>
                                    <description><![CDATA[इंदौर की संस्था पौरुष आज शाम 4 बजे 'पुत्र-हंता होलिका' का दहन करेगी, जिसमें सूचना सेठ समेत 11 महिलाओं के चेहरे होंगे। जानिए क्या है पूरा मामला और क्यों हो रहा है विरोध।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/son-hunter-holika-will-be-burnt-in-indore-today-holi-with/article-47431"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/indore-&#039;putra-hanta&#039;-holika-sparks-debate-effigy-of-suchana-seth,-10-other-accused-mothers-to-be-burned-on-march-2-(1).jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr">इंदौर में 'पुत्र-हंता होलिका' आज: सूचना सेठ समेत 11 आरोपी माताओं के चेहरे वाले पुतले का दहन, हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद आयोजन जारी</p>
<p dir="ltr">मध्य प्रदेश के इंदौर में आज यानी 2 मार्च को होलिका दहन के मौके पर एक विवादित आयोजन होने जा रहा है, जिसने पूरे देश का ध्यान खींचा है। यहां पुरुष अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था 'पौरुष' द्वारा 'पुत्र-हंता होलिका' का दहन किया जाएगा, जिसमें बेंगलुरु की AI सीईओ सूचना सेठ समेत देश भर की 11 उन महिलाओं के चेहरे लगे हैं, जिन पर अपने ही मासूम बच्चों की हत्या के जघन्य आरोप हैं ।</p>
<p dir="ltr">यह आयोजन महालक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड के सामने शाम 4 बजे किया जाएगा। संस्था का दावा है कि यह 'मॉडर्न हत्यारी होलिका दहन' समाज को एक कड़ा संदेश देने और बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए किया जा रहा है । हालांकि, यह घटना अपनी संवेदनशील थीम और कानूनी प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों के चलते चर्चा में है।</p>
<p dir="ltr">क्या है 'पुत्र-हंता होलिका' का कॉन्सेप्ट?</p>
<p dir="ltr">संस्था के अध्यक्ष एडवोकेट अशोक दशोरा ने बताया कि यह थीम पौराणिक कथा पर आधारित है, लेकिन इसमें बदलाव किया गया है। पौराणिक कथा में राक्षस राजा हिरण्यकश्यप ने अपने भक्त पुत्र प्रह्लाद को मारने के लिए अपनी बहन होलिका को आग में बैठाया था, जो जलकर खाक हो गई। इस परंपरागत प्रतीक को आधुनिक संदर्भ देते हुए, 'पुत्र-हंता होलिका' में होलिका के चेहरे की जगह उन महिला आरोपियों के चेहरे होंगे जिन पर अपने बच्चों की हत्या का आरोप है ।</p>
<p dir="ltr">किन महिलाओं के चेहरे होंगे शामिल?</p>
<p dir="ltr">संस्था के अनुसार, इस होलिका में देश भर से चुनी गईं 11 महिला आरोपियों के चेहरे होंगे। इसमें सबसे केंद्र में बेंगलुरु की सूचना सेठ का चेहरा होगा, जिसके आसपास अन्य दस महिलाओं के चेहरे होंगे ।</p>
<p dir="ltr">- सूचना सेठ (बेंगलुरु/गोवा): बेंगलुरु की AI स्टार्टअप सीईओ सूचना सेठ पर अपने 4 वर्षीय बेटे की हत्या का आरोप है। आरोप है कि उसने जनवरी 2024 में गोवा का एक होटल में अपने बेटे की हत्या कर दी और शव के टुकड़े कर एक सूटकेस में भर दिए थे ।</p>
<p dir="ltr">- अन्य आरोपी महिलाएं: इनके अलावा उत्तर प्रदेश की सीमा, मुस्कान, प्रियंका और दुर्गावती, तमिलनाडु की भारती व शरण्य, राजस्थान की संजू, ग्वालियर की ज्योति राठौर, हरियाणा की पूनम और गुजरात की सुनीता शर्मा के नाम शामिल हैं ।</p>
<p dir="ltr">संस्था 'पौरुष' का तर्क: सामाजिक जागृति या सनसनीखेज?</p>
<p dir="ltr">15 वर्षों से इंदौर में सक्रिय संस्था पौरुष का दावा है कि वह झूठे दहेज केस, घरेलू हिंसा, भरण-पोषण और बाल हिरासत जैसे मामलों में फंसे परिवारों की मदद करती है । संस्था के सदस्य मिलिंद अग्रवाल के अनुसार, "समाज में फैली गंदी सोच को उजागर करने और परिवारों को तबाही से बचाने के लिए यह आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कानून में बच्चों को पिता से मिलने के लिए महीने में सिर्फ तीन घंटे की सुविधा देना अन्याय है ।"</p>
<p dir="ltr">कानूनी बहस और हाईकोर्ट का पूर्व आदेश</p>
<p dir="ltr">यह पहली बार नहीं है जब संस्था इस तरह का विवादित आयोजन कर रही है। इससे पहले दशहरा पर संस्था ने सोनम रघुवंशी नाम की एक महिला का पुतला दहन करने की योजना बनाई थी, जिस पर उसकी मां संगीता रघुवंशी ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रोक लगाने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने उस आयोजन पर रोक लगाते हुए कहा था कि "ऐसा कृत्य लोकतांत्रिक रूप से पूरी तरह से अस्वीकार्य है" और जब तक अदालत में किसी का दोष सिद्ध नहीं हो जाता, तब तक ऐसी कार्रवाई नहीं की जा सकती ।</p>
<p dir="ltr">इस बार के आयोजन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि 'पुत्र-हंता होलिका' में शामिल अधिकांश महिलाओं पर मुकदमे अभी लंबित हैं और अदालत ने उन्हें दोषी नहीं ठहराया है। हालांकि, संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि दो महिलाओं को निचली अदालत से फांसी की सजा हो चुकी है ।</p>
<p dir="ltr">जहां एक ओर इंदौर में होलिका दहन की तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं 'पुत्र-हंता होलिका' का यह आयोजन बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीकात्मक पर्व को एक नया और विवादित मोड़ दे रहा है। संस्था का कहना है कि यह आयोजन बच्चों के खिलाफ अपराध और महिला कानूनों के दुरुपयोग पर बहस छेड़ने के लिए है, लेकिन यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह कदम न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए सामाजिक संदेश देने में सफल होता है या फिर यह एक नई कानूनी उलझन को जन्म देता है। फिलहाल, 2 मार्च की शाम इंदौर के महालक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड पर सबकी निगाहें टिकी होंगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 15:51:18 +0530</pubDate>
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