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                <title>Hydropower Projects - दैनिक जागरण</title>
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                <title>नेपाल में बाढ़ का कहर: मौतों का आंकड़ा 1,344 पहुंचा, हजारों अब भी लापता</title>
                                    <description><![CDATA[नेपाल पुलिस के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 843 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 501 मानव अवशेष मिले हैं; राहत और तलाश अभियान जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/flood-wreaks-havoc-in-nepal-death-toll-reaches-1344-thousands/article-63162"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-09/nepal-flood.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। नेपाल पुलिस के शनिवार के ताजा आंकड़ों के अनुसार आपदा में मौतों की संख्या बढ़कर 1,344 हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक अब तक 843 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 501 मानव अवशेष भी मिले हैं। बड़ी संख्या में शवों और अवशेषों की पहचान की प्रक्रिया प्रभावित इलाकों में जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार करीब 4,898 लोग अब भी लापता हैं। ऐसे में राहत और बचाव दल मलबे से लोगों की तलाश में जुटे हैं। बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। यह आपदा नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हुई एक बर्फ और चट्टान के बड़े हिमस्खलन के बाद आई अचानक बाढ़ से जुड़ी बताई गई है। तेज पानी के साथ मलबा और चट्टानें नीचे की ओर आईं, जिससे बस्तियों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">बाढ़ का असर नेपाल के हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स पर भी पड़ा है। कई परियोजनाओं में काम करने वाले कर्मचारी लापता हुए हैं और कुछ लोग सुरंगों के भीतर फंस गए थे। शुक्रवार को त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से नौ दिन बाद दो कर्मचारियों को जिंदा बाहर निकाला गया, जिससे बचाव अभियान में उम्मीद जगी है। नेपाल में जारी खोज अभियान में भारतीय टीमें भी मदद कर रही हैं। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार बाढ़ के बाद 169 भारतीयों को बचाया जा चुका है, जबकि 275 भारतीयों के अब भी लापता होने की जानकारी दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">आपदा के बाद अब प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य संबंधी चिंता भी बढ़ रही है। बाढ़ प्रभावित बिदुर में पीने के पानी के स्रोतों में E. coli पाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। बचाव एजेंसियां मलबे, सुरंगों और दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं। मृतकों की पहचान के लिए DNA नमूने भी जुटाए जा रहे हैं, जबकि कई शवों की पहचान अभी बाकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 11:18:32 +0530</pubDate>
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