<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sri-krishna-janmasthan/tag-30213" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Sri Krishna Janmasthan - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/30213/rss</link>
                <description>Sri Krishna Janmasthan RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर धूमधाम से मनी जन्माष्टमी</title>
                                    <description><![CDATA[मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर जन्माष्टमी का पर्व भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। ‘हरि बोल’ के जयकारों के बीच महाआरती 12:10 बजे तक हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/festival-festival/janmashtami-celebrated-with-great-pomp-at-shri-krishnas-birthplace-in/article-63182"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-09/n-(31).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर आधी रात तक भजन-कीर्तन और नृत्य से भक्तिमय रहा माहौल। शनिवार तड़के श्रद्धालुओं ने ‘हरि बोल’ के जयकारों के साथ भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया।</p>
<p class="isSelectedEnd">भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में जन्माष्टमी का पर्व शुक्रवार देर रात और शनिवार तड़के पूरे उत्साह एवं धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। <strong>श्रीकृष्ण जन्मस्थान</strong> परिसर में ढोल, मंजीरे और मृदंग की धुन के साथ ‘हरि बोल’ के जयकारे गूंजते रहे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों पर नृत्य करते हुए भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव में हिस्सा लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भगवान कृष्ण के जन्म की स्मृति में मनाई जाती है। हिंदू धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान कृष्ण को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। मथुरा में इस पर्व का विशेष धार्मिक महत्व है, क्योंकि इसे भगवान कृष्ण की जन्मस्थली माना जाता है।</p>
<h4><strong>आधी रात तक चला उत्सव</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर जन्माष्टमी समारोह शुक्रवार देर रात शुरू हुआ। जैसे-जैसे मध्यरात्रि का समय नजदीक आया, मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भक्ति और उत्साह बढ़ता गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">भक्तों ने सामूहिक रूप से भजन और कीर्तन किया। ढोल, मंजीरे और मृदंग की आवाज के बीच श्रद्धालु नृत्य करते नजर आए। पूरे परिसर में धार्मिक उल्लास का माहौल बना रहा।</p>
<h4><strong>‘हरि बोल’ के जयकारे गूंजे</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">समारोह के दौरान श्रद्धालुओं ने लगातार <strong>‘हरि बोल’</strong> का उद्घोष किया। भक्ति संगीत और जयकारों से श्रीकृष्ण जन्मस्थान का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">देर रात तक चले कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने भगवान कृष्ण के प्रति अपनी आस्था प्रकट की और जन्मोत्सव के विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।</p>
<h4><strong>12:10 बजे तक हुई महाआरती</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव <strong>कपिल शर्मा</strong> ने बताया कि शुक्रवार देर रात हुए समारोह के बाद शनिवार रात 12:10 बजे तक <strong>महाआरती</strong> की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">महाआरती जन्माष्टमी समारोह का प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान रही। इसके दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और उन्होंने भगवान कृष्ण की आराधना की।</p>
<h4><strong>कृष्ण जन्मोत्सव का विशेष महत्व</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">जन्माष्टमी को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार उनका जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि में हुआ था।</p>
<p class="isSelectedEnd">मथुरा और आसपास के ब्रज क्षेत्र में जन्माष्टमी का विशेष महत्व है। यहां मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।</p>
<h4><strong>मथुरा में भक्तिमय माहौल</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">श्रीकृष्ण जन्मस्थान के अलावा मथुरा और ब्रज क्षेत्र के अन्य धार्मिक स्थलों पर भी जन्माष्टमी को लेकर उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना की और भगवान कृष्ण के दर्शन किए।</p>
<p class="isSelectedEnd">जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए तैयारियां की गईं।</p>
<h4><strong>रात में बढ़ा श्रद्धालुओं का उत्साह</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">जन्माष्टमी समारोह में मध्यरात्रि का समय सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। जैसे-जैसे कृष्ण जन्म का समय करीब आया, श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भक्तों का उत्साह और बढ़ गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">ढोल और मृदंग की थाप के बीच श्रद्धालु नृत्य करते रहे और भक्ति गीतों में शामिल हुए। महाआरती के साथ समारोह का प्रमुख धार्मिक चरण संपन्न हुआ।</p>
<h4><strong>आस्था का प्रमुख केंद्र</strong></h4>
<p class="isSelectedEnd">मथुरा का श्रीकृष्ण जन्मस्थान देश और दुनिया के कृष्ण भक्तों के लिए प्रमुख धार्मिक केंद्रों में शामिल है। जन्माष्टमी के अवसर पर यहां आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं।</p>
<p>इस बार भी देर रात तक चले जन्मोत्सव ने परिसर को भक्ति, संगीत और धार्मिक उत्साह से भर दिया। ‘हरि बोल’ के जयकारों और महाआरती के साथ भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पर्व त्यौहार</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/festival-festival/janmashtami-celebrated-with-great-pomp-at-shri-krishnas-birthplace-in/article-63182</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/festival-festival/janmashtami-celebrated-with-great-pomp-at-shri-krishnas-birthplace-in/article-63182</guid>
                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 12:56:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-09/n-%2831%29.jpg"                         length="274915"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep.P]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        