<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/global-oil-market/tag-3142" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>global oil market - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/3142/rss</link>
                <description>global oil market RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ट्रम्प ने तेल कंपनियों को दी चेतावनी, पेट्रोल के दाम तुरंत घटाने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का हवाला देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ग्राहकों से अब भी जरूरत से ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं। उन्होंने तेल कंपनियों को जल्द कीमतें कम करने की चेतावनी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/trump-warns-oil-companies-demands-immediate-reduction-in-petrol-prices/article-57415"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/donald-trump-(6).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिका में पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमतों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पेट्रोल बेचने वाली कंपनियों से तुरंत कीमतें कम करने की मांग की है। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट आ चुकी है, लेकिन इसका फायदा आम ग्राहकों तक नहीं पहुंच रहा। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि जब कच्चा तेल करीब 68 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया है, तब भी उपभोक्ताओं से पहले जैसी ऊंची कीमत वसूली जा रही है। उनके मुताबिक यह स्थिति न केवल अनुचित है बल्कि आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी डाल रही है। डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने संदेश में कहा कि पेट्रोल की कीमतों में तुरंत कमी की जानी चाहिए ताकि लोग राहत महसूस कर सकें। उन्होंने तेल कंपनियों से अपील की कि पेट्रोल का दाम करीब 2.50 डॉलर प्रति गैलन तक लाया जाए। ट्रम्प का कहना है कि जब उत्पादन लागत और कच्चे तेल की कीमत घट रही है तो खुदरा कीमतों में भी उसी अनुपात में कमी दिखनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं हो रहा है तो इसका मतलब है कि कंपनियां ग्राहकों से जरूरत से ज्यादा पैसे वसूल रही हैं। उन्होंने इस तरह की स्थिति को गलत बताते हुए कंपनियों को जल्द कदम उठाने की सलाह दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ट्रम्प ने अपने बयान में यह भी कहा कि ग्राहकों से जरूरत से ज्यादा कीमत वसूलना गैरकानूनी है और अगर तेल कंपनियों ने जल्द दाम कम नहीं किए तो उन्हें गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि सरकार इस दिशा में कौन से नए कदम उठा सकती है, लेकिन उन्होंने पहले भी अमेरिकी न्याय विभाग को बड़ी तेल कंपनियों की जांच के निर्देश दिए थे। माना जा रहा है कि यदि कीमतों में जल्द राहत नहीं मिलती है तो प्रशासन की ओर से जांच और निगरानी और सख्त की जा सकती है। पिछले कुछ महीनों में वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। खासतौर पर अमेरिका, इजराइल और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज उछाल आया था। उस समय कई देशों में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें भी बढ़ गई थीं। हालांकि अब हालात पहले की तुलना में कुछ सामान्य हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता हुआ है। इसके बावजूद कई इलाकों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अपेक्षित कमी नहीं आई है। यही मुद्दा ट्रम्प ने अपने बयान में उठाया है। पेट्रोल की खुदरा कीमत केवल कच्चे तेल पर निर्भर नहीं करती। इसमें रिफाइनिंग लागत, परिवहन खर्च, टैक्स, वितरण व्यवस्था और स्थानीय बाजार की स्थिति भी शामिल होती है। कई बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता होने के बावजूद खुदरा स्तर पर कीमतों में बदलाव आने में कुछ समय लग जाता है। इसके बावजूद यदि लंबे समय तक राहत नहीं मिलती है तो उपभोक्ताओं और सरकार दोनों की ओर से सवाल उठना स्वाभाविक माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिका में ईंधन की कीमतें राजनीतिक मुद्दा भी बन जाती हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों का सीधा असर आम लोगों की जेब, महंगाई और परिवहन लागत पर पड़ता है। यही वजह है कि सरकारें अक्सर ईंधन की कीमतों को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी राय रखती हैं। ट्रम्प का ताजा बयान भी ऐसे समय आया है जब महंगाई और ऊर्जा लागत को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। ऐसे में तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है कि वे कीमतों की समीक्षा करें और उपभोक्ताओं को राहत देने पर विचार करें। तेल कंपनियों की ओर से ट्रम्प के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी साफ नहीं है कि आने वाले दिनों में खुदरा पेट्रोल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा या नहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/trump-warns-oil-companies-demands-immediate-reduction-in-petrol-prices/article-57415</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/trump-warns-oil-companies-demands-immediate-reduction-in-petrol-prices/article-57415</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 14:18:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/donald-trump-%286%29.jpg"                         length="109236"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका ने रूसी तेल पर बढ़ाई छूट, क्या भारत को मिल सकता है बड़ा फायदा</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका ने रूसी तेल पर छूट 17 जून तक बढ़ाई। इससे भारत को सस्ते कच्चे तेल की सप्लाई जारी रहने और बाजार स्थिरता का फायदा मिल सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/america-increased-discount-on-russian-oil-can-india-get-big/article-53753"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/us-on-russian-oil-discounts.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अमेरिका ने फिर से रूसी तेल पर दी गई अस्थायी छूट की समय सीमा बढ़ा दी है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब यह 17 जून तक बढ़ा दी गई है। इस फैसले के बाद समुद्र में पहले से मौजूद रूसी कच्चे तेल की खेप को खरीदार देशों तक पहुंचाने की अनुमति दी जाएगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भले ही उस पर प्रतिबंध लगे हों। वैश्विक तेल बाजार पहले से ही काफी अस्थिर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए यह बात भारत जैसे बड़े आयातक देशों के लिए राहत का कारण बन रही है। यह और भी महत्वपूर्ण है जब डीजल और पेट्रोल के बढ़ते दाम आम लोगों को प्रभावित कर रहे हैं और आपूर्ति में लगातार अनिश्चितता बनी हुई है। इसलिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह निर्णय काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अमेरिकी वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह छूट केवल उन्हीं रूसी तेल शिपमेंट पर लागू होगी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो पहले से समुद्र में मौजूद हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि रूस के ऊर्जा निर्यात पर लगे सभी प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि इस कदम से वैश्विक बाजार में कुछ स्थिरता आएगी और उन देशों को मदद मिलेगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो ऊर्जा संकट या महंगे आयात का सामना कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि अमेरिका यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि ईरान और अन्य क्षेत्रों में तनाव के चलते तेल की आपूर्ति पर दबाव न बढ़े</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए यह छूट सीमित समय के लिए दी गई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भारत के दृष्टिकोण से</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस निर्णय का सीधा प्रभाव कच्चे तेल की आपूर्ति पर पड़ेगा। रूस से आने वाला सस्ता तेल अब बिना किसी बड़े कानूनी जोखिम के भारतीय रिफाइनरियों तक पहुंच सकेगा। पिछले कुछ महीनों में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत ने रूस से रिकॉर्ड मात्रा में तेल खरीदा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कई बार यह आयात कुल जरूरत का लगभग आधा हो गया है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार थोड़े समय के लिए छूट बढ़ाने से तेल कंपनियों को दीर्घकालिक योजना बनाने में मुश्किल होती है। इस पर जहाजों की बुकिंग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बीमा और भुगतान व्यवस्था पर भी असर पड़ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे पूरा सिस्टम थोड़ी अस्थिरता में काम करता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दूसरी तरफ</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत सरकार लगातार यह कहती रही है कि उसकी तेल नीति पूरी तरह से बाजार की जरूरतों और कीमतों पर आधारित है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत पहले भी रूस से तेल खरीदता था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">छूट के समय भी खरीद कर रहा है और आगे भी आवश्यकता के अनुसार खरीद जारी रखेगा। भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसकी खरीद किसी अमेरिकी छूट या किसी एक देश की नीति पर निर्भर नहीं है। इस बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बीमा और शिपिंग व्यवस्था में भी बदलाव किए गए हैं ताकि सप्लाई चेन पर कोई असर न पड़े और कच्चे तेल की आवाजाही बिना रुकावट के जारी रह सके।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कुल मिलाकर</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह फैसला ऐसे समय आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार पहले से ही कई दबावों का सामना कर रहा है। अमेरिका की यह छूट भले सीमित हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इसका असर भारत जैसे बड़े उपभोक्ता देश पर सीधे तौर पर देखने को मिल सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर जब घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतें पहले से चर्चा में हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/america-increased-discount-on-russian-oil-can-india-get-big/article-53753</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/america-increased-discount-on-russian-oil-can-india-get-big/article-53753</guid>
                <pubDate>Tue, 19 May 2026 11:57:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/us-on-russian-oil-discounts.jpg"                         length="122781"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत पहुंचने से पहले ईरानी तेल टैंकर ने बदला रास्ता, 6 लाख बैरल लेकर चीन की ओर मुड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ऑयल टैंकर भारत आते-आते चीन मुड़ गया, जानिए पेमेंट विवाद और अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच इस बड़े फैसले की वजह।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/before-reaching-india-iranian-oil-tanker-changed-its-route-and/article-50099"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/crude-oil-tanker-iran.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अमेरिका-ईरान तनाव के बीच वैश्विक तेल बाजार से जुड़ी एक अहम घटना सामने आई है, जिसने ऊर्जा कारोबार को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। भारत की ओर बढ़ रहा एक ईरानी कच्चे तेल से भरा टैंकर अचानक अपना रास्ता बदलकर चीन की तरफ मुड़ गया। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक हालात पहले से ही संवेदनशील बने हुए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">वाडिनार पोर्ट के करीब पहुंचकर बदला रास्ता</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">मिली जानकारी के अनुसार, यह टैंकर गुजरात के वाडिनार पोर्ट के काफी करीब पहुंच चुका था और उम्मीद जताई जा रही थी कि यह जल्द ही भारत पहुंच जाएगा। हालांकि, अंतिम समय में जहाज ने अपनी दिशा बदल दी और अब इसका नया गंतव्य चीन के शैनडोंग प्रांत का डोंगयिंग बताया जा रहा है। शिप ट्रैकिंग डेटा से इस बदलाव की पुष्टि हुई है, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पेमेंट विवाद बना बड़ी वजह</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">ट्रेड से जुड़े सूत्रों का मानना है कि इस अचानक बदलाव के पीछे भुगतान से जुड़ी समस्याएं प्रमुख कारण हो सकती हैं। जानकारी के मुताबिक, तेल विक्रेता अब पहले की तरह उधार में तेल देने को तैयार नहीं हैं और तत्काल भुगतान की मांग कर रहे हैं। ऐसे में यदि खरीदार और विक्रेता के बीच वित्तीय सहमति नहीं बनती, तो डील अधर में लटक जाती है, जैसा कि इस मामले में संभव नजर आ रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">टैंकर में मौजूद था भारी मात्रा में तेल</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">रिपोर्ट्स के अनुसार, इस टैंकर में करीब 6 लाख बैरल ईरानी कच्चा तेल लदा हुआ था। यह खेप भारत के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही थी, खासकर इसलिए क्योंकि भारत पिछले कई वर्षों से ईरान से तेल आयात नहीं कर रहा है। ऐसे में इस संभावित डील को लेकर बाजार में पहले से ही उत्सुकता बनी हुई थी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अमेरिकी प्रतिबंधों का असर</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिकी प्रतिबंध भी एक अहम भूमिका निभा रहे हैं। अमेरिका ने हाल ही में ईरानी तेल पर लगे कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी राहत दी थी, ताकि पहले से भरे टैंकर अपने गंतव्य तक पहुंच सकें और वैश्विक आपूर्ति संतुलित बनी रहे। लेकिन इसके बावजूद, प्रतिबंधों से जुड़े जोखिम अब भी व्यापारिक निर्णयों को प्रभावित कर रहे हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">डार्क फ्लीट और बदलती रणनीति</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">तेल व्यापार में शामिल कुछ टैंकर अक्सर अपनी लोकेशन बदलकर असली गंतव्य छिपाने की कोशिश करते हैं, जिन्हें डार्क फ्लीट कहा जाता है। हालांकि, इस मामले में जहाज की शुरुआती दिशा साफ तौर पर भारत की ओर थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि अंतिम समय में परिस्थितियां बदली हैं। अगर शुरुआत से ही गंतव्य चीन होता, तो जहाज का मार्ग अलग होता।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">क्या भारत आ सकता है यह तेल?</span></strong></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भुगतान से जुड़ी समस्याएं सुलझ जाती हैं, तो यह तेल अभी भी भारत की ओर मोड़ा जा सकता है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि भारत में कौन-सी रिफाइनरी इस तेल को खरीदने वाली थी, लेकिन बाजार की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/before-reaching-india-iranian-oil-tanker-changed-its-route-and/article-50099</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/before-reaching-india-iranian-oil-tanker-changed-its-route-and/article-50099</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 17:28:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/crude-oil-tanker-iran.jpg"                         length="183945"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान जंग का असर एशिया पर: थाईलैंड में लिफ्ट बंद, पाकिस्तान में मंत्रियों की विदेश यात्राओं पर रोक</title>
                                    <description><![CDATA[तेल और गैस सप्लाई बाधित होने से कई एशियाई देशों में ऊर्जा संकट गहराया, सरकारों ने ईंधन बचाने के लिए सख्त कदम उठाए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/impact-of-iran-war-on-asia-lift-closed-in-thailand/article-47902"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/mp---2026-03-11t105822.823.jpg" alt=""></a><br /><p>ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच जारी संघर्ष का असर अब एशिया के कई देशों में दिखाई देने लगा है। तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने के कारण कम से कम नौ एशियाई देशों में ऊर्जा संकट की स्थिति बन गई है। हालात से निपटने के लिए कई सरकारों ने ईंधन बचाने और खर्च कम करने के उद्देश्य से सख्त कदम लागू किए हैं।</p>
<hr />
<h5><strong>थाईलैंड में ऊर्जा बचत के लिए सख्त नियम</strong></h5>
<p>थाईलैंड सरकार ने सरकारी दफ्तरों में बिजली बचाने के लिए लिफ्ट के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है और कर्मचारियों को सीढ़ियों का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कर्मचारियों को सूट-टाई जैसे औपचारिक कपड़े पहनने से भी मना किया गया है, ताकि एयर कंडीशनर का उपयोग कम किया जा सके।</p>
<p>सरकार ने एयर कंडीशनर का तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने का निर्देश दिया है। साथ ही सरकारी कर्मचारियों को जहां संभव हो वहां वर्क फ्रॉम होम करने की सलाह दी गई है। अधिकारियों के अनुसार देश के पास फिलहाल लगभग 95 दिनों का ऊर्जा भंडार उपलब्ध है।</p>
<hr />
<h5><strong>पाकिस्तान में खर्च कम करने की योजना</strong></h5>
<p>पाकिस्तान सरकार ने भी बढ़ती तेल कीमतों के बीच सरकारी खर्च में कटौती की घोषणा की है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंत्रियों और सलाहकारों की विदेश यात्राओं पर अस्थायी रोक लगा दी है। इसके अलावा मंत्रियों ने दो महीने तक वेतन नहीं लेने का फैसला किया है और सांसदों की सैलरी में 25 प्रतिशत कटौती की जाएगी।</p>
<p>सरकार ने सरकारी वाहनों के ईंधन उपयोग में 50 प्रतिशत कमी करने और कई दफ्तरों को सीमित दिनों तक खोलने का फैसला किया है। स्कूलों को भी अस्थायी रूप से बंद किया गया है ताकि ऊर्जा खपत कम हो सके।</p>
<hr />
<h5><strong>बांग्लादेश और वियतनाम में भी ऊर्जा बचत उपाय</strong></h5>
<p>बांग्लादेश ने बिजली और ईंधन की खपत कम करने के लिए देश की सभी यूनिवर्सिटीज बंद करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही ईंधन की जमाखोरी रोकने के लिए पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर सीमाएं तय की गई हैं।</p>
<p>वहीं वियतनाम सरकार ने कंपनियों से कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने की अपील की है, जिससे ईंधन की खपत कम हो सके और ऊर्जा बचत में मदद मिले।</p>
<hr />
<h5><strong>कई देशों ने ऊर्जा सुरक्षा के लिए कदम बढ़ाए</strong></h5>
<p>चीन ने संभावित संकट को देखते हुए कच्चे तेल की खरीद बढ़ाकर अपने रणनीतिक भंडार मजबूत करने शुरू कर दिए हैं। साउथ कोरिया घरेलू ईंधन कीमतों पर नियंत्रण के लिए प्राइस कैप लगाने की तैयारी कर रहा है, जबकि जापान ने जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय तेल भंडार से कच्चा तेल जारी करने की योजना बनाई है।विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाली वैश्विक तेल सप्लाई बाधित होने के कारण यह संकट और गहरा सकता है।</p>
<p>--------------------</p>
<ul>
<li>
<p><strong>हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –</strong><br />🔴 <strong>व्हाट्सएप चैनल</strong>: <a class="decorated-link" href="https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V">https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V</a><br />🔴 <strong>फेसबुक</strong>: <a class="decorated-link" href="https://www.facebook.com/dainikjagranmpcgofficial/">Dainik Jagran MP/CG Official</a><br />🟣 <strong>इंस्टाग्राम</strong>: <a class="decorated-link" href="https://www.dainikjagranmpcg.com/admin/post/post/@dainikjagranmp.cg">@dainikjagranmp.cg</a><br />🔴 <strong>यूट्यूब</strong>: <a class="decorated-link" href="https://www.youtube.com/@dainikjagranmpcgdigital">Dainik Jagran MPCG Digital</a></p>
<p>📲 <strong>सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।</strong><br /><strong>👉 आज ही जुड़िए\</strong></p>
</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/impact-of-iran-war-on-asia-lift-closed-in-thailand/article-47902</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/impact-of-iran-war-on-asia-lift-closed-in-thailand/article-47902</guid>
                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 11:00:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-03/mp---2026-03-11t105822.823.jpg"                         length="127218"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, पाकिस्तान हुआ बेहाल, अब लगा रहा है राहत की गुहार</title>
                                    <description><![CDATA[मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 118 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। इसका सीधा असर पाकिस्तान पर पड़ा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/69ae92282d660/article-47762"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/pakistan-oil-crisis.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी ने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को और कठिन बना दिया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल की सप्लाई और शिपिंग रूट पर खतरा बढ़ गया है</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम तेजी से चढ़ रहे हैं। इसका सीधा असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जहां पहले से ही आर्थिक चुनौतियां मौजूद हैं। तेल की कीमतों में उछाल के कारण पाकिस्तान का आयात बिल बढ़ने की आशंका है और सरकार को नई आर्थिक रणनीति बनाने की जरूरत महसूस हो रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया है। सोमवार को वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत </span>118.22<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। वहीं </span>WTI <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">क्रूड की कीमत भी शुक्रवार के </span>90.90<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> डॉलर के बंद स्तर से लगभग </span>30<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> प्रतिशत बढ़कर </span>118.21<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। तेल की कीमतों में यह तेजी वैश्विक बाजार में बढ़ती चिंताओं को दर्शाती है</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">खासकर तब जब ऊर्जा आपूर्ति और प्रमुख शिपिंग मार्गों में व्यवधान की आशंका बनी हुई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पाकिस्तान के तेल आयात बिल पर बढ़ेगा दबाव</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पाकिस्तान के वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने कहा है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव इसी तरह बना रहता है तो पाकिस्तान का मासिक तेल आयात बिल करीब </span>600<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> मिलियन डॉलर तक बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि तेल की बढ़ती कीमतें देश की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर डाल सकती हैं। पाकिस्तान पहले ही विदेशी मुद्रा भंडार की कमी और बढ़ते कर्ज के बोझ से जूझ रहा है</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ऐसे में ऊर्जा आयात पर बढ़ने वाला खर्च सरकार के लिए नई चुनौती बन सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong>IMF <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">से राहत की उम्मीद</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">तेल की कीमतों में आई तेजी के बीच पाकिस्तान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (</span>IMF) <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">से राहत की उम्मीद जताई है। सरकार पेट्रोलियम लेवी में राहत देने के विकल्प पर विचार कर रही है और इस संबंध में </span>IMF <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">से बातचीत भी की जा रही है। पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि सरकार आर्थिक दबाव को कम करने के लिए हर संभव उपायों पर काम कर रही है। साथ ही उन्होंने देश के विदेशी मुद्रा भंडार को स्थिर रखने के लिए ईंधन की खपत कम करने की अपील भी की है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल कीमतों में तेजी के बीच पाकिस्तान सरकार ने </span>7<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> मार्च को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में </span>55<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी। इस फैसले का असर आम जनता और उद्योगों दोनों पर पड़ने की संभावना है। ईंधन महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ेगी</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिसका असर महंगाई पर भी देखने को मिल सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">----------------------------------</span></p>
<p><strong>हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –</strong><br />🔴 <strong>व्हाट्सएप चैनल</strong>: <a class="decorated-link" href="https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V">https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V</a><br />🔴 <strong>फेसबुक</strong>: <a class="decorated-link" href="https://www.facebook.com/dainikjagranmpcgofficial/">Dainik Jagran MP/CG Official</a><br />🟣 <strong>इंस्टाग्राम</strong>: <a class="decorated-link" href="https://www.dainikjagranmpcg.com/admin/post/post/@dainikjagranmp.cg">@dainikjagranmp.cg</a><br />🔴 <strong>यूट्यूब</strong>: <a class="decorated-link" href="https://www.youtube.com/@dainikjagranmpcgdigital">Dainik Jagran MPCG Digital</a></p>
<p>📲 <strong>सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।</strong><br /><strong>👉 आज ही जुड़िए</strong></p>
<p class="MsoNormal">LNG <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सप्लाई और शिपिंग रूट को लेकर चिंता</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने बताया कि सोमवार को तीन पेट्रोलियम शिपमेंट पाकिस्तान पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि </span>LNG <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सप्लाई में संभावित रुकावट चिंता का विषय बनी हुई है। उन्होंने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट के अलावा वैकल्पिक समुद्री मार्गों को लेकर ओमान</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के साथ बातचीत जारी है ताकि ईंधन आपूर्ति में किसी तरह की बाधा न आए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बढ़ते संकट के बीच सरकार की तैयारी</span></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">तेल की कीमतों में तेजी से पाकिस्तान सरकार पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। सरकार इमरजेंसी योजनाओं पर काम कर रही है ताकि बढ़ते आयात बिल और ऊर्जा संकट के असर को कम किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं तो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/69ae92282d660/article-47762</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/69ae92282d660/article-47762</guid>
                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 16:57:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-03/pakistan-oil-crisis.jpg"                         length="147845"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        