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                <title>Government Schemes - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Government Schemes RSS Feed</description>
                
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                <title>सरकारी योजनाओं से आम आदमी को मिल रही नई उम्मीद, बदलाव की रफ्तार बढ़ाने की जरूरत</title>
                                    <description><![CDATA[सरकारी योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होता है जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/opinion/the-common-man-is-getting-new-hope-from-government-schemes/article-58448"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/government-schemes.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">सरकारें किसी भी देश में केवल कानून बनाने या प्रशासन चलाने के लिए नहीं होतीं, बल्कि उनका सबसे बड़ा दायित्व आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाना भी होता है। इसी सोच के साथ समय-समय पर केंद्र और राज्य सरकारें अलग-अलग योजनाएं शुरू करती हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य गरीब, किसान, मजदूर, महिला, युवा, बुजुर्ग, छात्र और छोटे कारोबारियों जैसे हर वर्ग तक सुविधाएं पहुंचाना होता है। मेरा मानना है कि अगर सरकारी योजनाओं को सही तरीके से लागू किया जाए और पात्र लोगों तक बिना किसी बाधा के उनका लाभ पहुंचे, तो वे करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। पिछले कुछ वर्षों में कई ऐसी योजनाएं सामने आई हैं, जिनका असर गांव से लेकर शहर तक देखने को मिला है। हालांकि चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं, लेकिन यह भी सच है कि योजनाओं ने लाखों परिवारों के लिए नई उम्मीद जगाई है।</p>
<p style="text-align:justify;">सबसे बड़ा सकारात्मक पक्ष यह है कि सरकारी योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सहारा देने का काम करती हैं। जब किसी गरीब परिवार को इलाज के लिए आर्थिक मदद मिलती है, किसान को खेती के लिए सहायता मिलती है या किसी छात्र को छात्रवृत्ति मिलती है, तो उसका सीधा असर उसके जीवन पर पड़ता है। कई परिवार ऐसे हैं जिनके लिए सरकारी सहायता किसी संकट के समय सबसे बड़ा सहारा साबित होती है। यही कारण है कि सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का महत्व लगातार बढ़ा है। यदि कोई परिवार आर्थिक कठिनाइयों से गुजर रहा हो और उसे समय पर सरकारी सहायता मिल जाए, तो वह मुश्किल दौर से आसानी से बाहर निकल सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मेरा मानना है कि सरकारी योजनाओं का दूसरा बड़ा फायदा यह है कि वे समाज में समान अवसर देने की दिशा में काम करती हैं। हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति एक जैसी नहीं होती। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वह कमजोर वर्ग को आगे बढ़ने का मौका दे। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाएं लोगों को आत्मनिर्भर बनने में मदद करती हैं। जब किसी युवा को कौशल प्रशिक्षण मिलता है या किसी महिला को अपना छोटा व्यवसाय शुरू करने के लिए सहायता मिलती है, तो उसका लाभ केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का महत्व और भी अधिक दिखाई देता है। गांवों में सड़क, बिजली, पानी, आवास, शौचालय, सिंचाई और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं ने लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने की कोशिश की है। पहले जिन सुविधाओं के लिए लोगों को वर्षों तक इंतजार करना पड़ता था, अब कई जगहों पर उनमें तेजी आई है। हालांकि हर क्षेत्र की स्थिति एक जैसी नहीं है, लेकिन जहां योजनाओं का सही क्रियान्वयन हुआ है, वहां बदलाव साफ दिखाई देता है। यही वजह है कि विकास की चर्चा में सरकारी योजनाओं की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण मानी जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग ने भी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद की है। आज कई योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में पहुंच रहा है। इससे बिचौलियों की भूमिका कम हुई है और पारदर्शिता बढ़ी है। ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल सत्यापन और समय-समय पर निगरानी जैसी व्यवस्थाओं ने प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक आसान बनाया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग अब डिजिटल सेवाओं का उपयोग करना सीख रहे हैं, जिससे सरकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच बेहतर हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि केवल योजना बनाना ही पर्याप्त नहीं है। मेरा मानना है कि किसी भी योजना की असली सफलता उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। कई बार जानकारी के अभाव, दस्तावेजों की कमी, तकनीकी दिक्कतों या प्रशासनिक देरी के कारण पात्र लोगों को समय पर लाभ नहीं मिल पाता। कुछ दूरदराज के इलाकों में आज भी लोग यह नहीं जानते कि वे किन योजनाओं के लिए पात्र हैं और आवेदन कैसे करें। इसलिए सरकार के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की भी जिम्मेदारी है कि वे लोगों तक सही जानकारी पहुंचाएं और प्रक्रिया को सरल बनाएं। यह भी जरूरी है कि योजनाओं की समय-समय पर समीक्षा हो। बदलती जरूरतों के अनुसार उनमें सुधार किया जाए और लोगों से मिलने वाले सुझावों को भी महत्व दिया जाए। यदि किसी योजना में कमी दिखाई देती है तो उसे स्वीकार कर बेहतर बनाया जाना चाहिए। इससे न केवल योजनाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी बल्कि आम लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा। पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमित निगरानी किसी भी सरकारी योजना की सफलता के सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मेरी राय में सरकारी योजनाएं केवल आर्थिक सहायता देने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे लोगों को सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी देती हैं। जब कोई छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करता है, कोई किसान बेहतर उत्पादन करता है, कोई महिला अपना व्यवसाय शुरू करती है या किसी गरीब परिवार को पक्का घर मिलता है, तो यह केवल एक व्यक्ति की सफलता नहीं होती बल्कि पूरे समाज के विकास की दिशा में उठाया गया कदम होता है। इसलिए जरूरी है कि योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। अंततः मेरा मानना है कि सरकारी योजनाएं आम आदमी के जीवन में बड़ा बदलाव लाने की क्षमता रखती हैं। उनकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वे कितनी ईमानदारी, पारदर्शिता और गति के साथ लागू की जाती हैं। यदि सरकार, प्रशासन और नागरिक मिलकर अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से पालन करें, तो सरकारी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि देश के विकास और लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का मजबूत आधार बनेंगी। यही किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जानी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपीनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 00:02:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>एमपी को नंबर-1 बनाने की तैयारी, सीएम मोहन यादव ने समीक्षा बैठक में अफसरों को दिया बड़ा टास्क</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री मोहन यादव ने समीक्षा बैठक में नर्मदा मिशन, जल संरक्षण, किसानों, पर्यटन और सरकारी कार्यों को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/preparation-to-make-mp-number-1-cm-mohan-yadav-gave-a/article-53523"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/cm-mohan-yadav-review-meeting.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मध्यप्रदेश को देश के शीर्ष राज्यों में लाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय में एक बड़ी समीक्षा बैठक की। इस बैठक में विभिन्न विभागों की गतिविधियों</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">योजनाओं की प्रगति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और ज़मीनी चुनौतियों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं का प्रभाव लोगों तक पहुंचना चाहिए और हर विभाग को अपनी ज़िम्मेदारी गंभीरता से लेनी चाहिए। अधिकारियों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बैठक में प्रशासनिक कार्यों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जल संरक्षण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रामीण विकास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">धार्मिक पर्यटन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर दिशा-निर्देश जारी किए गए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेशवासियों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने विभागों को निर्देश दिया कि जिन जिलों या क्षेत्रों में प्रगति धीमी है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां विशेष ध्यान दिया जाए। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नर्मदा समग्र मिशन के लिए अलग नोडल विभाग और स्पेशल सेल बनाने की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत स्तर तक लोगों को नर्मदा अभियान से जोड़ा जाए। साथ ही अमरकंटक और अन्य प्रमुख नदी उद्गम स्थलों के संरक्षण पर जोर दिया गया। बैठक में यह भी कहा गया कि प्राकृतिक सौंदर्य को बनाए रखने के लिए उद्गम स्थलों के आसपास अनियंत्रित निर्माण कम किए जाएं और दूर सैटेलाइट टाउनशिप विकसित की जाएं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ग्रामीण क्षेत्रों में स्वामित्व योजना के तहत महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने पर भी सरकार का जोर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आबादी भूमि की नि:शुल्क रजिस्ट्री अभियान चलाकर पूरी की जाए और पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। गर्मी को देखते हुए पेयजल व्यवस्था की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि हर ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर पानी की उपलब्धता पर नजर रखी जाए। जल संरक्षण को जनअभियान बनाने की बात भी बैठक में उठी। यह सुझाव दिया गया है कि सरकार गांवों और शहरों में स्थानीय लोगों को जल संरक्षण गतिविधियों में जोड़ने के लिए अलग अभियान चला सकती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बैठक में धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक परियोजनाओं पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने चित्रकूट धाम के विकास को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एक संयुक्त बैठक करने का उल्लेख किया। मंदाकिनी नदी में पानी का प्रवाह बनाए रखने के लिए योजना बनाई जा रही है। साथ ही ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग क्षेत्रों के विकास पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को श्रीराम वन गमन पथ और श्री कृष्ण पाथेय जैसी परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए। महाकाल महालोक समेत बड़े धार्मिक स्थलों पर होमगार्ड व्यवस्था को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">किसानों और युवाओं से जुड़े निर्णय भी बैठक में सामने आए। मुख्यमंत्री ने खंडवा और बुरहानपुर मंडियों में कपास उत्पादक किसानों के लिए मंडी शुल्क को एक रुपए से घटाकर 55 पैसे करने के निर्देश दिए। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को राहत मिलेगी और पड़ोसी महाराष्ट्र के समान शुल्क होने से व्यापार में आसानी होगी। इसके अलावा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में सेक्टर आधारित प्रशिक्षण शुरू करने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों को स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार देने की दिशा में कदम बढ़ाने चाहिए। राजधानी भोपाल के मंत्रालय भवनों में लागू बायोमैट्रिक उपस्थिति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने इसे पूरे प्रदेश के सरकारी कार्यालयों में लागू करने की बात कही।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 16:05:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर MP में बड़ी तैयारी, मोहन सरकार दे सकती है कई सौगातें</title>
                                    <description><![CDATA[मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर मध्यप्रदेश की मोहन सरकार किसान, आदिवासी और महिलाओं के लिए नई सौगातों की तैयारी में जुटी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/on-completion-of-12-years-of-modi-government-big-preparations/article-52950"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-08t184014.091.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%B2-5-%E0%A4%AE%E0%A4%88-2026-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95,-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9,-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AD-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AD---2026-05-08t184014.091.jpg" alt="Madhya Pradesh BJP Mohan Yadav"></img>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने जा रहे हैं। मई 2026 में सरकार 13वें साल में प्रवेश करेगी और इसे लेकर बीजेपी संगठन से लेकर एनडीए शासित राज्यों तक अलग-अलग स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। मध्यप्रदेश की मोहन सरकार भी इस मौके को राजनीतिक और प्रशासनिक तौर पर खास बनाने की तैयारी में जुटी दिखाई दे रही है। भोपाल में लगातार बैठकों का दौर चल रहा है और बताया जा रहा है कि सरकार जनता के बीच नई योजनाओं और पुराने कामों की उपलब्धियों को बड़े स्तर पर ले जाने की रणनीति बना रही है। खास बात यह है कि इसी महीने मोहन यादव सरकार के भी ढाई साल पूरे हो रहे हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे में दोनों अवसरों को जोड़कर बड़ा संदेश देने की तैयारी मानी जा रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों को जनहित योजनाओं का नया खाका तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का फोकस खास तौर पर किसान</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">आदिवासी और महिलाओं पर रहेगा। बताया जा रहा है कि दुग्ध उत्पादकों को मिलने वाले लाभ का दायरा बढ़ाया जा सकता है ताकि ग्रामीण इलाकों में आय बढ़ाने की कोशिश हो सके। वहीं आदिवासी क्षेत्रों में जमीन के मालिकाना हक से जुड़े मामलों को तेजी से निपटाने पर भी जोर रहेगा। सरकार उन इलाकों में सड़क</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिजली और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की योजना पर भी काम कर रही है जहां अब तक बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह नहीं पहुंच पाई हैं। अधिकारियों के अनुसार महिलाओं को छोटे व्यवसाय और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए भी नई पहल सामने आ सकती है। लघु उद्योगों को अतिरिक्त छूट देने और कृषि आधारित उद्योगों में किसानों की भागीदारी बढ़ाने को लेकर भी चर्चा चल रही है। हालांकि अभी तक इन योजनाओं को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन विभागों से तैयारी करने को कहा गया है।</span></span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इधर सरकार के भीतर भी गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा के लिए 8 मई से 10 मई के बीच विभागवार बैठकें तय की हैं। कहा जा रहा है कि कई मंत्री इन बैठकों को लेकर दबाव में हैं क्योंकि सरकार अपने ढाई साल के कामकाज का पूरा रिपोर्ट कार्ड तैयार कर रही है। इसी बीच निगम-मंडलों और प्राधिकरणों में राजनीतिक नियुक्तियों की चर्चा भी गर्म है। मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें भी भोपाल के राजनीतिक गलियारों में लगातार सुनाई दे रही हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव दिल्ली पहुंचे और बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात की। उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन से भी भेंट की</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की गईं। इसके बाद से भोपाल में राजनीतिक चर्चाओं का दौर और तेज हो गया है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 18:42:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>MP में फर्जी BPL कार्डधारियों पर बड़ा एक्शन, राशन कार्ड से कटेंगे 1.50 लाख परिवारों के नाम</title>
                                    <description><![CDATA[MP News: राजधानी में 1.50 लाख फर्जी BPL कार्डधारियों की पहचान शुरू, मकान सर्वे के बाद सूची से हटाए जा सकते हैं नाम।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/big-action-against-fake-bpl-card-holders-in-mp-names/article-52865"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-07t164619.070.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राजधानी में अब फर्जी तरीके से बनाए गए </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">BPL <span lang="hi" xml:lang="hi">कार्डों पर बड़ा एक्शन होने जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर चल रही तैयारी के मुताबिक शहर के करीब 1.50 लाख परिवारों के नाम गरीबी रेखा सूची से हटाए जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जो पक्के मकानों में रह रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अच्छी आर्थिक स्थिति में हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन सालों से बीपीएल कार्ड के जरिए सरकारी योजनाओं का फायदा ले रहे थे। अब जनगणना अभियान और मकान सर्वे के दौरान ऐसे परिवारों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई शहर के सभी 85 वार्डों में की जा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां कच्चे और पक्के मकानों की अलग-अलग मैपिंग हो रही है। इसी दौरान बीपीएल श्रेणी में दर्ज परिवारों की वास्तविक स्थिति भी देखी जा रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जांच में बड़ी संख्या में ऐसे मकान सामने आए हैं जो पूरी तरह पक्के हैं और जिनमें रहने वाले परिवार आर्थिक रूप से कमजोर श्रेणी में नहीं आते। इसके बावजूद इनके पास बीपीएल कार्ड मौजूद हैं। सूत्रों का कहना है कि कई मामलों में गलत दस्तावेज लगाकर कार्ड बनवाए गए थे। अब मकान सर्वे के दौरान इन परिवारों को विशेष निगरानी सूची में रखा गया है। प्रशासन पहले इन परिवारों को नोटिस देकर सुनवाई का मौका देगा। यदि संबंधित परिवार यह साबित नहीं कर पाते कि वे वास्तव में गरीबी रेखा के पात्र हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उनका नाम सूची से हटा दिया जाएगा और कार्ड भी निरस्त कर दिए जाएंगे। शहर में इस खबर के बाद कई इलाकों में लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे सही कदम बता रहे हैं तो कुछ का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता से होनी चाहिए ताकि पात्र गरीब परिवार प्रभावित न हों।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बीपीएल कार्ड सूची को लेकर भी प्रशासन की कार्यप्रणाली सवालों में रही है। जानकारी के मुताबिक साल 2021 तक जिले में बीपीएल कार्डधारियों की सूची सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध रहती थी। आम लोग भी वहां जाकर जानकारी देख सकते थे। लेकिन जैसे-जैसे फर्जी कार्डधारियों के मामले सामने आने लगे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सूची को सार्वजनिक पोर्टल से हटा दिया गया। अब केवल आवेदनकर्ता ही अपने आधार नंबर या आवेदन नंबर के जरिए स्थिति जांच सकता है। अधिकारियों का कहना है कि इस बार सर्वे के दौरान डेटा का क्रॉस वेरिफिकेशन भी किया जाएगा ताकि गलत तरीके से लाभ लेने वालों की पहचान आसानी से हो सके।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 17:22:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 21 प्रस्तावों को दी मंजूरी, 53 हजार करोड़ की योजनाएं रहेंगी जारी</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 53 हजार करोड़ की योजनाओं को 2031 तक जारी रखने का फैसला किया। 21 प्रस्तावों में पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, स्वास्थ्य और सामाजिक योजनाएं शामिल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/madhya-pradesh-cabinet-approved-21-proposals-schemes-worth-rs-53/article-52280"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/mp-cabinet-decisions.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को हुई मोहन कैबिनेट की बैठक में 53 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को 2031 तक जारी रखने का फैसला किया। बैठक में मध्य प्रदेश आतंकवादी एवं उच्छेदक गतिविधियां और संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक, 2010 को वापस लेने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही खरीफ 2020 में खरीदी गई 7.73 लाख मीट्रिक टन शेष धान के ई-ऑक्शन के निराकरण और भारतीय वन सेवा के अंतर्गत प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के एक पद के सृजन को भी स्वीकृति मिली।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए दीर्घकालिक वित्तीय प्रतिबद्धता तय की है। उन्होंने कहा कि बैठक में कुल 21 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें लोक निर्माण विभाग की 26,311 करोड़ रुपये की पांच बड़ी परियोजनाएं, सिंचाई योजनाएं, स्वास्थ्य क्षेत्र के निर्माण कार्य, सामाजिक कल्याण योजनाएं और प्रशासनिक प्रस्ताव शामिल रहे। कैबिनेट ने राज्य के बुनियादी ढांचे, सिंचाई क्षमता और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">कैबिनेट ने शाजापुर जिले की लखुंदर उच्च दाब सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को प्रशासकीय स्वीकृति दी। इस परियोजना से उज्जैन और शाजापुर जिले में करीब 9 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई संभव होगी।<span>  </span>स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कई अहम प्रस्ताव मंजूर हुए। गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल में 134 पीजी सीट वृद्धि योजना के तहत 80 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों को कार्योत्तर स्वीकृति दी गई। वहीं, श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के विस्तार के लिए 174 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई।</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">कैबिनेट ने सामाजिक कल्याण से जुड़े कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की दिल्ली छात्रावास योजना को जारी रखने का निर्णय लिया गया। इसके तहत दिल्ली के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले मध्य प्रदेश के ओबीसी छात्र-छात्राओं को अब 10 हजार रुपये प्रतिमाह सहायता मिलेगी। इसके अलावा 38,901 आंगनबाड़ी भवनों में विद्युत व्यवस्था के लिए 80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">कैबिनेट ने हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में कर्मचारियों और अधिकारियों से जुड़े दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी मंजूर किए। इनमें शकूर खान को पेंशन देने और संजय कुमार गुप्ता सहित अन्य याचिकाकर्ताओं को अमीन पद का वेतनमान स्वीकृत करने का निर्णय शामिल है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 17:16:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>MP गेहूं उपार्जन 2026: मंडियों में किसानों को हर सुविधा देने के सख्त निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश; उपार्जन केंद्रों पर पानी, छाया, तौल और भुगतान व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/mp-wheat-procurement-2026-strict-instructions-to-provide-every-facility/article-52139"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/mohan-yadav-(2).jpg" alt=""></a><br /><p>मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन प्रक्रिया को सुचारु और किसान अनुकूल बनाने के लिए राज्य सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Mohan Yadav</span></span> ने स्पष्ट किया है कि मंडियों में उपज बेचने आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी उपार्जन केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं और खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से संचालित हो।</p>
<p><strong>क्या है सरकार का निर्देश</strong><br />मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टरों से कहा कि उपार्जन केंद्रों पर तौल कांटे, हम्माल, छाया और पीने के पानी जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही गेहूं खरीदी, परिवहन, भंडारण और किसानों के भुगतान की प्रतिदिन निगरानी की जाए।</p>
<p>यह बैठक मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से आयोजित की गई, जिसमें प्रदेशभर के कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारी जुड़े। बैठक में गेहूं, चना और मसूर की खरीदी व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।</p>
<p><strong>कैसे बढ़ेगी खरीदी क्षमता</strong><br />सरकार ने उपार्जन केंद्रों की क्षमता 1000 क्विंटल प्रतिदिन से बढ़ाकर 2250 क्विंटल कर दी है। साथ ही, स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई कर दी गई है। अब छोटे, सीमांत, मध्यम और बड़े सभी वर्गों के किसान स्लॉट बुक कर अपनी उपज बेच सकेंगे।</p>
<p><strong>किसानों को क्या मिलेगा लाभ</strong><br />प्रदेश में वर्तमान में 3516 उपार्जन केंद्र संचालित हैं। अब तक 8.55 लाख किसानों ने स्लॉट बुकिंग कराई है, जिनमें से करीब 3.96 लाख किसानों से 16.60 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। इसके एवज में 2527 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। किसानों को यह सुविधा भी दी गई है कि वे अपने जिले के किसी भी उपार्जन केंद्र पर उपज बेच सकते हैं।</p>
<p><strong>अन्य फैसले और व्यवस्थाएं</strong><br />मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक केंद्र पर कम से कम 6 इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे उपलब्ध हों और सात दिन की खरीदी के लिए पर्याप्त बारदान (बोरी) उपलब्ध रखा जाए। चना और मसूर की खरीदी मंडी के शेड के अंदर करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि असमय बारिश से नुकसान न हो।</p>
<p>इसके अलावा, केंद्र सरकार द्वारा गेहूं की गुणवत्ता मानकों में कुछ राहत दी गई है। चमक विहीन गेहूं की सीमा में 50% तक छूट और अल्प विकसित दानों की सीमा 6% से बढ़ाकर 10% कर दी गई है।</p>
<p><strong>क्यों अहम है यह पहल</strong><br /> इन कदमों से किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा होगी और भुगतान में पारदर्शिता आएगी। इससे मंडियों में भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा और किसानों का समय बचेगा।</p>
<p>सरकार ने स्पष्ट किया है कि खरीदी प्रक्रिया के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टरों को नियमित समीक्षा और फील्ड विजिट के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 14:47:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>MP किसान योजनाएं: किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार का बड़ा प्लान</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘किसान कल्याण वर्ष’ में नई योजनाओं का ऐलान किया; MSP, बोनस, बिजली और सिंचाई पर फोकस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/mp-farmer-schemes-governments-big-plan-to-increase-the-income/article-52130"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/mohan-yadav.jpg" alt=""></a><br /><p>मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई अहम योजनाओं और फैसलों की घोषणा की है। मुख्यमंत्री <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Mohan Yadav</span></span> ने कहा कि प्रदेश के विकास की आधारशिला किसान हैं और उनकी समृद्धि के बिना आर्थिक प्रगति संभव नहीं है। इसी उद्देश्य से राज्य में ‘किसान कल्याण वर्ष’ के तहत नई पहलें लागू की जा रही हैं।</p>
<p><strong>क्या हैं प्रमुख घोषणाएं</strong><br />सरकार ने इस वर्ष गेहूं खरीदी का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। यह वृद्धि किसानों की उपज को बेहतर मूल्य दिलाने और उनकी आय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए स्लॉट बुकिंग की अवधि 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई कर दी गई है, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।</p>
<p><strong>किसानों को कैसे मिलेगा फायदा</strong><br />राज्य सरकार ने दलहन और तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाए हैं। उड़द की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जाएगी, साथ ही किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जाएगा। सरसों के लिए भावांतर योजना लागू करने से बाजार में बेहतर दाम मिलने लगे हैं।</p>
<p><strong>बिजली और सिंचाई पर फोकस</strong><br />सरकार ने किसानों को सस्ती और सुगम बिजली उपलब्ध कराने के लिए नई योजनाएं शुरू की हैं। किसानों को मात्र 5 रुपये में कृषि पंप कनेक्शन देने की पहल की गई है। वहीं ‘कृषक मित्र योजना’ के तहत 90 प्रतिशत सब्सिडी पर सोलर पंप दिए जा रहे हैं, जिससे किसान ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बन सकेंगे।</p>
<p><strong>भू-अर्जन और मुआवजा नीति</strong><br />भूमि अधिग्रहण के मामलों में भी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब किसानों को उनकी जमीन के बदले चार गुना तक मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। यह कदम किसानों के अधिकारों की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।</p>
<p><strong>क्यों है यह योजना अहम</strong><br />इन योजनाओं से किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होगी। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से खेती अधिक लाभकारी बनने की संभावना है।</p>
<p><strong>डेयरी और उर्वरक क्षेत्र में पहल</strong><br />सरकार प्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। अब तक 1752 नई दुग्ध समितियों का गठन किया जा चुका है और प्रतिदिन 10 लाख किलोग्राम से अधिक दूध संकलन हो रहा है। किसानों को 1600 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान भी किया गया है।</p>
<p>उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त भंडारण किया गया है और वितरण प्रणाली को डिजिटल बनाया जा रहा है, जिससे किसानों को आसानी से खाद मिल सके।</p>
<p>सरकार का लक्ष्य कृषि क्षेत्र में नवाचार और तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि इन योजनाओं से प्रदेश के किसान आत्मनिर्भर बनेंगे और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में अहम भूमिका निभाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 13:58:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>MP कैबिनेट फैसले: मरीज परिजनों के लिए शेल्टर होम, किसानों को 4 गुना मुआवजा</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल में हुई बैठक में बड़ा फैसला, मेडिकल कॉलेजों में सुविधाएं बढ़ेंगी और किसानों को राहत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/mp-cabinet-decisions-shelter-home-for-patients-families-4-times/article-51849"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/mp-news-(59).jpg" alt=""></a><br /><p>मध्य प्रदेश कैबिनेट के अहम फैसलों ने स्वास्थ्य और किसानों दोनों के लिए राहत का रास्ता खोल दिया है। सरकार ने मरीजों के परिजनों के लिए सस्ती सुविधा और किसानों के लिए मुआवजे में बड़ा इजाफा किया है।</p>
<p>मध्य प्रदेश की राजधानी <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">भोपाल</span></span> में बुधवार को मुख्यमंत्री <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">मोहन यादव</span></span> की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में सबसे बड़ा फैसला यह रहा कि अब राज्य के मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के लिए शेल्टर होम बनाए जाएंगे। इन शेल्टर होम में परिजनों को सस्ती दरों पर ठहरने और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।</p>
<p>सरकार का मानना है कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों के साथ उनके परिजनों को अक्सर ठहरने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए यह व्यवस्था शुरू की जा रही है। यह योजना वर्तमान मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ निर्माणाधीन संस्थानों में भी लागू होगी।</p>
<p>इसके अलावा कैबिनेट ने अगले पांच वर्षों में मेडिकल सुविधाओं को मजबूत करने का भी निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार, राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब और ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं विकसित करने के लिए करीब 2000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।</p>
<p>सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि शेल्टर होम के निर्माण और संचालन में सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी होगी। सरकार जमीन उपलब्ध कराएगी, जबकि निर्माण और अन्य व्यवस्थाएं संस्थाएं स्वयं करेंगी। परिजनों के लिए शुल्क एक समिति द्वारा तय किया जाएगा, जिससे यह सुविधा आम लोगों की पहुंच में बनी रहे।</p>
<p>इसी बैठक में किसानों के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया। कैबिनेट ने ‘फैक्टर-2’ लागू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण की स्थिति में किसानों को चार गुना तक मुआवजा मिलेगा। यह कदम किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने और विकास कार्यों में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।</p>
<p>राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास को भी प्राथमिकता दी गई है। विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए करीब 33 हजार करोड़ रुपए के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">उज्जैन</span></span> क्षेत्र में 157 करोड़ रुपए की सिंचाई परियोजना को भी स्वीकृति मिली है, जिससे 35 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा।</p>
<p>कैबिनेट ने शिक्षा और सामाजिक योजनाओं पर भी फोकस किया है। कक्षा 6वीं और 9वीं के विद्यार्थियों को साइकिल वितरण के लिए अगले पांच वर्षों में 990 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। वहीं शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों के विकास के लिए 1200 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।</p>
<p>इसके साथ ही ‘सीएम केयर योजना 2026’ को जारी रखने का फैसला भी लिया गया है, जिस पर अगले पांच सालों में 3628 करोड़ रुपए खर्च होंगे। अधिकारियों के मुताबिक, यह योजना राज्य में स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।</p>
<p>सरकार के इन फैसलों को सार्वजनिक हित से जुड़ा बड़ा कदम माना जा रहा है। जहां एक ओर मरीजों के परिजनों को राहत मिलेगी, वहीं किसानों को आर्थिक मजबूती और विकास परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में इन योजनाओं के क्रियान्वयन पर खास नजर रहेगी, क्योंकि इनका सीधा असर आम जनता पर पड़ने वाला है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 14:38:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिडिल-ईस्ट संकट के बीच पीएम मोदी ने किए बड़े ऐलान, आम लोगों को मिलेंगी कई सुविधाएं</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/amidst-middle-east-crisis-pm-modi-made-big-announcements-common-people/article-47873"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/modi-government-announcements.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और सुधारों को मंजूरी दी गई। बैठक में विशेष रूप से पश्चिम एशिया में जारी तनाव के प्रभावों पर चर्चा की गई और मंत्रियों व मंत्रालयों को निर्देश दिए गए कि वे सहयोगात्मक तरीके से काम करें ताकि किसी भी तरह की चुनौती का असर देशवासियों पर कम से कम पड़े। सरकार ने सभी मंत्रालयों को किसी भी संभावित स्थिति के लिए पूरी तैयारी सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जल जीवन मिशन का विस्तार और बजट वृद्धि</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन (</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">JJM) <span lang="hi" xml:lang="hi">को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने की मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार ने इस योजना के कुल बजट को बढ़ाकर 8.7 लाख करोड़ रुपये करने का निर्णय लिया है। पहले यह योजना 2019 से 2024 तक लागू थी और अब तक लगभग 12.6 करोड़ ग्रामीण घरों को नल के जरिए पीने का पानी उपलब्ध कराया जा चुका है। केंद्र सरकार ने अब बुनियादी ढांचे के निर्माण के अलावा सेवा वितरण और गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है। इसके तहत अगले तीन महीनों में राज्यों के साथ अलग-अलग समझौते (</span>MoU) <span lang="hi" xml:lang="hi">किए जाएंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि संरचनात्मक सुधार सुनिश्चित किए जा सकें।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मदुरै एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कैबिनेट ने मदुरै एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित करने की मंजूरी भी दी। पहले से ही मदुरै से दुबई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अबू धाबी और कोलंबो के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित हो रही हैं और कई एयरलाइनों ने यहां से सेवाओं का विस्तार करने में रुचि दिखाई है। सरकार के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मदुरै एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं मौजूद हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें कस्टम्स नोटिफिकेशन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इमिग्रेशन जांच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हेल्थ और क्वारंटीन अरेंजमेंट शामिल हैं। इस निर्णय से क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे मीनाक्षी अम्मन मंदिर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">थिरुपरनकुंड्रम मुरुगन मंदिर और रामेश्वरम मंदिर तक पहुंच आसान होगी। साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑटोमोबाइल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रबर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केमिकल और ग्रेनाइट जैसे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और मदुरै शहर एक प्रमुख शैक्षणिक और स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में और मजबूत होगा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दिवाला कानून और कंपनी कानून में संशोधन</span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">IBC), <span lang="hi" xml:lang="hi">2016 और कंपनी एक्ट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">2013 में संशोधनों को मंजूरी दी। इन बदलावों में दिवाला समाधान के लिए आवेदन प्रक्रिया को तेज करने और समय सीमा कम करने के प्रावधान शामिल हैं। पिछले साल अगस्त में मंत्रालय ने आईबीसी में संशोधन के लिए विधेयक लोकसभा में पेश किया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे बाद में चयन समिति को भेजा गया था। चयन समिति ने दिसंबर 2025 में अपनी रिपोर्ट संसद में प्रस्तुत की। वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले महीने कहा कि सरकार बजट सत्र के दूसरे चरण में आईबीसी (अमेंडमेंट) बिल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">2025 पेश करेगी।</span></span></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><span lang="hi" xml:lang="hi">------------------------</span></span></p>
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                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Mar 2026 22:22:35 +0530</pubDate>
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