<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/news/tag-3915" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>news - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/3915/rss</link>
                <description>news RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दिग्विजय सिंह का ऐलान: महाकाल से अयोध्या तक करेंगे 1000 किमी पदयात्रा, राम मंदिर चंदे का हिसाब मांगेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[2 अक्टूबर से शुरू होगी यात्रा, कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी; यात्रा को गैर-राजनीतिक बताते हुए सोशल मीडिया से दूरी बनाने की घोषणा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a48b697e584e/article-57851"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/digvijaya-singh.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे की पारदर्शिता को लेकर बड़ा ऐलान किया है। भोपाल में शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वह आगामी 2 अक्टूबर से उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर से अयोध्या की राम जन्मभूमि तक करीब 1000 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकालेंगे। दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह यात्रा पूरी तरह गैर-राजनीतिक होगी और इसका उद्देश्य किसी दल या संगठन के खिलाफ अभियान चलाना नहीं, बल्कि राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे का सार्वजनिक हिसाब मांगना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा के दौरान कांग्रेस का प्रचार नहीं किया जाएगा और न ही वे फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर) या किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करेंगे। उनके अनुसार उन्होंने स्वयं भी राम मंदिर निर्माण के लिए 1.11 लाख रुपये का योगदान दिया था और आज भी उस दान की रसीद तथा चेक की प्रति उनके पास सुरक्षित है। उनका कहना है कि जिन श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ दान दिया है, उन्हें यह जानने का अधिकार है कि उस धन का उपयोग किस प्रकार किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दिग्विजय सिंह ने बताया कि पदयात्रा शुरू होने से पहले वह वरिष्ठ अधिवक्ताओं से कानूनी सलाह लेंगे। उन्होंने कहा कि 5 या 6 जुलाई को वकीलों से चर्चा के बाद अयोध्या जाकर अदालत में याचिका दायर करने की तैयारी है। उनका कहना है कि न्यायालय से राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित धन का पूरा लेखा-जोखा प्रस्तुत करने की मांग की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय न्यायालय और जांच प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। दिग्विजय सिंह का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं के प्रति लोगों की आस्था बहुत गहरी होती है, इसलिए आर्थिक मामलों में भी स्पष्टता बनी रहनी चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पदयात्रा में उन सभी लोगों का स्वागत होगा जिन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग दिया था। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन या आम नागरिक को यदि चंदे के उपयोग में पारदर्शिता की अपेक्षा है तो वह इस यात्रा में शामिल हो सकता है। उनके अनुसार यात्रा के दौरान वह अपने साथ दान की रसीद और चेक की प्रतियां भी रखेंगे ताकि यह दिखाया जा सके कि उन्होंने स्वयं भी इस अभियान में योगदान दिया था। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों ने भगवान राम के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए स्वेच्छा से दान दिया था और ऐसे में यदि चंदे के उपयोग को लेकर कोई सवाल उठते हैं तो उनका समाधान भी पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अदालत में किसी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी साबित होती है तो वह अपना दिया गया चंदा वापस लेकर उसे किसी मान्यता प्राप्त धार्मिक पीठ या शंकराचार्य के न्यास को दान कर देंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दिग्विजय सिंह ने उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर क्षेत्र में बने एक गेस्ट हाउस का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना और उससे जुड़े आर्थिक पहलुओं पर भी पारदर्शिता होनी चाहिए। उनका कहना था कि धार्मिक स्थलों से जुड़ी सभी संस्थाओं और ट्रस्टों के आर्थिक लेन-देन का समय-समय पर सार्वजनिक विवरण उपलब्ध होना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत हो। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मांग केवल एक ट्रस्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी धार्मिक ट्रस्टों के लिए समान रूप से पारदर्शिता लागू होनी चाहिए। उन्होंने अपने घर के बाहर एक तख्ती लगाने की भी घोषणा की, जिस पर लिखा होगा कि "मेरे घर में चंदा चोरों का प्रवेश निषिद्ध है।" इसे उन्होंने प्रतीकात्मक संदेश बताया। दिग्विजय सिंह ने दोहराया कि उनकी पूरी यात्रा शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में होगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को निशाना बनाना नहीं बल्कि दानदाताओं के मन में उठ रहे सवालों को उचित मंच पर रखना है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a48b697e584e/article-57851</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a48b697e584e/article-57851</guid>
                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 14:38:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/digvijaya-singh.jpg"                         length="120916"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान की अमेरिका को बड़ी धमकी, अमेरिका से जुड़े तेल ठिकानों को राख में बदल देंगे!</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के बीच ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। तेल ठिकानों पर हमले जारी रहे तो अमेरिकी ऊर्जा सुविधाओं को नष्ट करने की धमकी, होर्मुज नाकाबंदी से वैश्विक तेल संकट गहराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/irans-big-threat-to-america-will-turn-americas-oil-bases/article-48183"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/iran-us-war-.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मध्य-पूर्व में जारी तनाव अब लगातार गहराता जा रहा है। पिछले लगभग पंद्रह दिनों से चल रहे संघर्ष के बीच ईरान ने अमेरिका के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है। ईरान ने साफ कहा है कि यदि उसके तेल से जुड़े बुनियादी ढांचे पर हमले जारी रहे तो वह अमेरिका से जुड़ी तेल और ऊर्जा सुविधाओं को पूरी तरह तबाह कर देगा। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और बढ़ गई है</span><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">क्योंकि इस संघर्ष का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">युद्ध के बढ़ते दायरे से वैश्विक चिंता</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मध्य-पूर्व में शुरू हुआ यह संघर्ष अब केवल क्षेत्रीय विवाद तक सीमित नहीं रह गया है। दो सप्ताह से अधिक समय से जारी हमलों और जवाबी कार्रवाई ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। कई अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह टकराव इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर रूप से पड़ सकता है। खासकर ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ने की आशंका लगातार जताई जा रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ईरान की अमेरिका को कड़ी चेतावनी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि अगर उनके तेल प्रतिष्ठानों पर किसी भी प्रकार का हमला जारी रहता है तो वे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी कंपनियों से जुड़ी ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाएंगे। उनका कहना है कि ऐसी कार्रवाई के बाद ये प्रतिष्ठान पूरी तरह नष्ट हो सकते हैं। इस चेतावनी ने पहले से ही संवेदनशील स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी रणनीतिक पकड़ बनाए रखेगा। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने हाल ही में जारी बयान में कहा कि वे अपने पिता सैय्यद अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला लेने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि होर्मुज क्षेत्र में नाकाबंदी जारी रहेगी</span><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दुनिया के तेल व्यापार पर बड़ा असर</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">विशेषज्ञों के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यहां से वैश्विक तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। इस मार्ग में किसी भी तरह की रुकावट अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को तेजी से बढ़ा सकती है। वर्तमान हालात में भी तेल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है और कई देशों में ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भारत सहित कई देशों पर पड़ सकता है प्रभाव</span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह संकट और लंबा खिंचता है तो भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। तेल की कीमतों में वृद्धि से महंगाई बढ़ने और आर्थिक गतिविधियों पर दबाव पड़ने की संभावना भी जताई जा रही है। ऐसे में दुनिया के कई देश इस तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज करने की जरूरत महसूस कर रहे हैं।</span></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">---------------------------------</span></p>
<p><strong>हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –</strong><br />🔴 <strong>व्हाट्सएप चैनल</strong>: <a class="decorated-link" href="https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V">https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V</a><br />🔴 <strong>फेसबुक</strong>: <a class="decorated-link" href="https://www.facebook.com/dainikjagranmpcgofficial/">Dainik Jagran MP/CG Official</a><br />🟣 <strong>इंस्टाग्राम</strong>: <a class="decorated-link" href="https://www.dainikjagranmpcg.com/admin/post/post/@dainikjagranmp.cg">@dainikjagranmp.cg</a><br />🔴 <strong>यूट्यूब</strong>: <a class="decorated-link" href="https://www.youtube.com/@dainikjagranmpcgdigital">Dainik Jagran MPCG Digital</a></p>
<p>📲 <strong>सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।</strong><br /><strong>👉 आज ही जुड़िए</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/irans-big-threat-to-america-will-turn-americas-oil-bases/article-48183</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/irans-big-threat-to-america-will-turn-americas-oil-bases/article-48183</guid>
                <pubDate>Sat, 14 Mar 2026 17:13:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-03/iran-us-war-.jpg"                         length="107752"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        