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                <title>Ujjain News - दैनिक जागरण</title>
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                            <item>
                <title>MP Monsoon Update: 45 जिलों में बारिश का अलर्ट, अगले 48 घंटे में भोपाल-उज्जैन पहुंचेगा मानसून</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार तेज होने के संकेत, कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी; भोपाल-उज्जैन संभाग को जल्द राहत मिलने की संभावना]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/mp-monsoon-update-rain-alert-in-45-districts-monsoon-will/article-57039"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/mp-monsoon-update.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">भोपाल समेत मध्य प्रदेश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बदलने वाला है।अगले दो दिन राज्य के लिए अहम माने जा रहे हैं क्योंकि मानसून की सक्रियता बढ़ने के संकेत मिले हैं।मध्य प्रदेश में दक्षिण</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">पश्चिम मानसून की प्रगति के साथ मौसम विभाग ने </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">45</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi"> जिलों के लिए बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। अगले </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">48</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi"> घंटे के भीतर भोपाल और उज्जैन संभाग में मानसून के पहुंचने की संभावना जताई गई है। मौसम प्रणाली के सक्रिय होने के कारण कई हिस्सों में हल्की</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">फुलकी<span>  </span>बारिश और कुछ क्षेत्रों में तेज वर्षा दर्ज हो सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार राज्य में अब तक मानसून सामान्य गति से थोड़ा पीछे चल रहा है</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">लेकिन आने वाले दिनों में इसमें तेजी आने के संकेत हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="en-in" xml:lang="en-in">IMD </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">के अनुसार पश्चिमी और दक्षिणी मध्य प्रदेश के कई जिलों में पहले से ही वर्षा गतिविधियां बढ़ी हैं। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और उमस से लोगों राहत मिलने लगी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि मौजूदा सिस्टम के प्रभाव से मानसून आगे बढ़कर मध्य क्षेत्र को कवर करेगा। </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">राज्य में एक जून से अब तक औसत वर्षा सामान्य रूप से कम दर्ज की गई है। कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य स्तर से नीचे बना हुआ है</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">हालांकि पिछले </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">24</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi"> घंटों की गतिविधियों ने स्थिति में कुछ सुधार नज़र है।</span></p>
<h5 class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">ज्यादा असर कहां </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">?</span></strong></h5>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="en-in" xml:lang="en-in">IMD</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi"> के अनुमान के अनुसार इंदौर</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">नर्मदापुरम</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">मालवा और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां ज्यादा सक्रिय रह सकती हैं। वहीं भोपाल और उज्जैन संभाग में अगले </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">48</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi"> घंटे के भीतर मानसून की औपचारिक आगमन होने की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर ग्वालियर</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">चंबल और रीवा</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">सागर संभाग के कुछ हिस्सों को अभी कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है। </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">तेज हवाओं और गरज</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">-</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">चमक के साथ बारिश का दौर कई जिलों में स्थानीय स्तर पर प्रभाव डाल सकता है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले क्षेत्रों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in"> </span></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">किसानों और शहरों पर असर :-</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">मानसून की सक्रियता कृषि गतिविधियों के लिए राहत की खबर मानी जा रही है। खरीफ फसलों की बुआई की तैयारी कर रहे किसानों को पर्याप्त नमी मिलने की उम्मीद है। वहीं शहरी इलाकों में बारिश के साथजलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है। </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">IMD</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">का कहना है कि शुरुआती मानसूनी दौर में अल्प अवधि में अधिक बारिश की स्थिति बन सकती है। </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">IMD </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">ने लोगों को नियमितमौसम अपडेट देखते रहने की सलाह दी है। यदि वर्तमान स्थति रूप</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">सक्रिय बनी रहती है तो आने वाले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश के बड़े हिस्से में मानसून पूरी तरह फैल सकता है। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="en-in" xml:lang="en-in">MP Monsoon Update </span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Kokila, 'sans-serif';" xml:lang="hi">फिलहाल प्रदेश के लिए राहत और सतर्कता दोनों का संकेत लेकर आया है</span><span lang="hi" style="font-size:10.5pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">|</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">मानसून की शुरुआत के साथ ही अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम तेजी से बदल सकता है। कई स्थानों पर सुबह धूप रहने के बाद दोपहर या शाम के समय अचानक बादल छाने और तेज बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। ऐसे में लोगों को घर से निकलने से पहले मौसम का ताजा अपडेट जरूर देखना चाहिए। खासकर उन इलाकों में जहां नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं या जलभराव की समस्या रहती है, वहां अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। बारिश बढ़ने के साथ बिजली गिरने की घटनाओं में भी इजाफा हो सकता है। मौसम विभाग ने किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि गरज-चमक के दौरान खुले खेतों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। वहीं शहरों में तेज बारिश के दौरान सड़क पर जलभराव होने से यातायात प्रभावित हो सकता है। वाहन चालकों को भी सावधानी से सफर करने की सलाह दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि क्षेत्र के लिए यह दौर काफी अहम माना जा रहा है। अच्छी बारिश होने पर सोयाबीन, धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुआई में तेजी आने की उम्मीद है। कई जिलों में किसान पहले से खेत तैयार कर चुके हैं और अब पर्याप्त वर्षा का इंतजार कर रहे हैं। यदि अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय बना रहता है तो खेती-किसानी को बड़ा लाभ मिल सकता है। वहीं लंबे समय से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को भी राहत मिलने की संभावना है।  प्रदेश में मानसून की रफ्तार अब धीरे-धीरे बढ़ रही है और आने वाले सप्ताह में मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्से पूरी तरह मानसूनी गतिविधियों की चपेट में आ सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 16:18:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>उज्जैन में जुलूस के दौरान युवकों में मारपीट, वीडियो वायरल</title>
                                    <description><![CDATA[मोहर्रम से पहले घोड़े के जुलूस में बेगमबाग क्षेत्र में भिड़ंत, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा सतर्कता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/video-of-fight-between-youths-during-procession-in-ujjain-goes/article-56463"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ujjain-violence.jpg" alt=""></a><br /><div class="text-base my-auto mx-auto [--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-xs,calc(var(--spacing)*4))] @w-sm/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-sm,calc(var(--spacing)*6))] @w-lg/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-lg,calc(var(--spacing)*16))] px-(--thread-content-margin)">
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<div class="markdown prose dark:prose-invert wrap-break-word w-full light markdown-new-styling">
<p style="text-align:justify;">उज्जैन में मोहर्रम से पहले निकलने वाले पारंपरिक घोड़ा जुलूस के दौरान बीती रात अचानक हालात बिगड़ गए और बेगमबाग क्षेत्र में युवकों के बीच हुई मारपीट का वीडियो अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। 18 जून की रात करीब 12 बजे का बताया जा रहा यह मामला उस वक्त सामने आया जब जुलूस घोड़ा कोट मोहल्ला से होते हुए महाकाल चौराहा और बेगमबाग इलाके से गुजर रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर जुलूस में शामिल कुछ युवकों के बीच कहासुनी शुरू हुई जो देखते ही देखते झगड़े में बदल गई और फिर स्थिति इतनी बिगड़ गई कि लाठी-डंडे चलने लगे। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि कई युवक एक-दूसरे पर डंडों से हमला कर रहे हैं और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। बताया जा रहा है कि भीड़भाड़ वाले इस जुलूस में एक दर्जन से ज्यादा युवक इस विवाद में शामिल हो गए थे और कुछ ही मिनटों में पूरा माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जुलूस सामान्य तरीके से आगे बढ़ रहा था लेकिन बेगमबाग इलाके में पहुंचते ही अचानक कुछ युवकों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। शुरुआत में आवाजें तेज हुईं और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी, लेकिन कुछ ही देर में मामला बेकाबू हो गया। लोगों का कहना है कि भीड़ अधिक होने और नियंत्रण की कमी के कारण स्थिति तेजी से बिगड़ती चली गई। कई युवक हाथों में डंडे लिए नजर आए और एक-दूसरे पर हमला करते दिखे, जिससे आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। कुछ देर के लिए सड़क पर पूरी तरह अफरा-तफरी का माहौल बन गया और जुलूस की गति भी रुक गई। बताया जा रहा है कि इस दौरान कुछ लोगों ने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और मामले ने तूल पकड़ लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">यह पूरा जुलूस गरीब नवाज क्षेत्र से शुरू हुआ था और शहर के प्रमुख इलाकों से गुजरते हुए आगे बढ़ रहा था। रात का समय होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग जुलूस देखने के लिए सड़कों पर मौजूद थे। इसी बीच अचानक हुए विवाद ने माहौल को पूरी तरह बदल दिया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहले भी इस तरह के जुलूसों में हल्की-फुल्की कहासुनी की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन इस बार मामला अपेक्षाकृत ज्यादा गंभीर हो गया क्योंकि इसमें लाठी-डंडों का इस्तेमाल हुआ और स्थिति कुछ समय के लिए पूरी तरह अनियंत्रित हो गई। हालांकि घटना के बाद किसी बड़े घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वायरल वीडियो में जो दृश्य सामने आए हैं उन्होंने लोगों में चिंता जरूर बढ़ा दी है। कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि इतने संवेदनशील मौके पर सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था और मजबूत क्यों नहीं की गई थी। वहीं दूसरी ओर प्रशासन और पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन वायरल वीडियो और स्थानीय जानकारी के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने यह भी माना है कि आगामी मोहर्रम को देखते हुए अब सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किया जाएगा। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने की बात कही है कि आगे होने वाले सभी जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराए जाएं और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए लगातार निगरानी रखी जाएगी।</p>
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</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 12:49:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>महाकाल मंदिर में युवक से मारपीट, पहचान जांच पर विवाद बढ़ा</title>
                                    <description><![CDATA[उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर में भस्मारती कतार के दौरान हुई घटना, सोशल मीडिया वीडियो से मामला गरमाया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/youth-assaulted-in-mahakal-temple-controversy-over-identity-check-increases/article-56164"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ujjain-murder-case-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर परिसर में देर रात हुई एक घटना ने धार्मिक नगरी में तनाव और चर्चा दोनों को बढ़ा दिया है। भस्मारती की चलित कतार में खड़े एक युवक के साथ मारपीट का आरोप सामने आया है, जिसके बाद मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और पुलिस को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा। घटना 16 और 17 जून की दरमियानी रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है, जब मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद थी और कतार धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान अचानक हुए विवाद ने माहौल को असहज बना दिया और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई।</p>
<p style="text-align:justify;"> महाराष्ट्र के पुणे क्षेत्र का रहने वाला एक 26 वर्षीय युवक अपनी एक महिला मित्र के साथ उज्जैन दर्शन के लिए आया था। दोनों ने महाकाल मंदिर में भस्मारती में शामिल होने की योजना बनाई थी और इसी वजह से वे देर रात हरसिद्धि चौराहे के पास लगी कतार में खड़े थे। बताया गया है कि युवक ने अपने माथे पर चंदन का त्रिपुंड लगाया हुआ था और “महाकाल” नाम भी अंकित किया हुआ था, ताकि वह धार्मिक वातावरण के अनुसार दर्शन में शामिल हो सके। लेकिन कतार के दौरान कुछ लोगों को उस पर संदेह हुआ और पहचान को लेकर सवाल उठने लगे। शुरुआती बातचीत के बाद स्थिति धीरे-धीरे तनावपूर्ण होती चली गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद तब बढ़ा जब कुछ लोगों ने युवक से उसका पहचान पत्र दिखाने की मांग की। आधार कार्ड देखने के बाद यह बात सामने आई कि युवक किसी अन्य समुदाय से है, जिसके बाद वहां मौजूद कुछ लोगों के बीच बहस और आक्रोश की स्थिति बन गई। आरोप है कि इसके बाद भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने युवक के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान युवक लगातार खुद को बचाने और स्थिति को शांत करने की कोशिश करता रहा, लेकिन भीड़ के बीच हालात बिगड़ते गए। कतार में मौजूद अन्य श्रद्धालु भी अचानक हुई इस घटना से हैरान रह गए और कुछ देर के लिए वहां अव्यवस्था फैल गई।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पूरी घटना के दौरान कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया और विभिन्न स्तरों पर प्रतिक्रिया शुरू हो गई। कुछ लोग इसे सुरक्षा और संदेह से जुड़ा मामला बता रहे हैं, जबकि कई लोग इसे भीड़ के हाथों कानून अपने हाथ में लेने की घटना के रूप में देख रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस चल रही है और अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने घटना के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए युवक को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और उससे पूरी घटना की जानकारी ली। स्थानीय थाना प्रभारी के अनुसार, अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन पुलिस ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है। वायरल वीडियो और मौके पर मौजूद लोगों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच यह भी जानकारी सामने आई है कि घटना के समय मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण स्थिति को तुरंत नियंत्रित करने में कुछ कठिनाई आई। प्रशासन अब यह भी समीक्षा कर रहा है कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से कैसे निपटा जाए ताकि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनी रहे। घटना के बाद मंदिर क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। स्थानीय स्तर पर इस घटना ने लोगों के बीच मिश्रित प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। कुछ लोग इसे एक गलतफहमी का परिणाम बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे गंभीर सामाजिक मुद्दा मान रहे हैं। धार्मिक स्थलों पर पहचान और सुरक्षा को लेकर पहले भी बहस होती रही है, और यह घटना उस चर्चा को एक बार फिर सामने ले आई है। वहीं, युवक के साथ आई महिला मित्र और उसके परिजनों को भी सूचना दी गई है, और पुलिस सभी पक्षों से बातचीत कर स्थिति को स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 12:36:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>उज्जैन में पत्नी ने हथौड़े से पति की हत्या, पुलिस ने किया खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[उन्हेल थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद के बाद 24 घंटे में हत्या का पर्दाफाश, पत्नी गिरफ्तार, पूछताछ में कबूल किया जुर्म]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/wife-murdered-husband-with-hammer-in-ujjain-police-revealed/article-56163"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ujjain-murder-case.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">उज्जैन जिले के उन्हेल थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां घरेलू विवाद के बाद एक महिला ने अपने ही पति की हथौड़े से हत्या कर दी। पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा महज 24 घंटे के भीतर वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कर दिया है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोग इस वारदात को लेकर हैरान हैं कि घरेलू विवाद इतना खतरनाक रूप कैसे ले सकता है। यह मामला 16 जून का बताया जा रहा है, जब 32 वर्षीय विक्रम लोहार का शव उसके घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। शव पर सिर में गंभीर चोटों के निशान थे, जिससे साफ संकेत मिल रहे थे कि उसकी हत्या की गई है। घटना की सूचना मिलते ही उन्हेल थाना प्रभारी संतोष चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की गई। शुरुआती जांच के बाद मृतक के पिता अशोक लोहार की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) टीम, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉड को भी जांच में शामिल किया। घटनास्थल से मिले सबूतों और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस को शक मृतक की पत्नी माधुरी उर्फ राधिका पर गया। इसके बाद पुलिस ने महिला से गहन पूछताछ शुरू की, जिसमें शुरुआत में वह लगातार बयान बदलती रही, लेकिन बाद में टूट गई और उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था। महिला ने बताया कि उसका पति विक्रम अक्सर उसके साथ मारपीट करता था और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। घटना वाली रात भी दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद गुस्से में आकर महिला ने देर रात एक बड़ा कदम उठा लिया। बताया जा रहा है कि जब पति सो रहा था, तभी उसने हथौड़े से उसके सिर पर कई वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के बाद सुबह जब घर में हलचल नहीं दिखी तो आसपास के लोगों को शक हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। जांच के दौरान घर के अंदर मिले सबूतों ने पुलिस को शुरुआती दिशा दी और धीरे-धीरे मामला पत्नी की ओर केंद्रित होता गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी साक्ष्य और फॉरेंसिक रिपोर्ट ने जांच को मजबूत किया। मोबाइल डेटा, घटनास्थल की स्थिति और पूछताछ के दौरान दिए गए बयानों में विरोधाभास के आधार पर पुलिस ने महिला को हिरासत में लिया। इसके बाद सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की विवेचना चल रही है और हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह केवल घरेलू विवाद का मामला है या इसके पीछे कोई और वजह भी जुड़ी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विक्रम और उसकी पत्नी के बीच पहले भी विवाद की बातें सामने आती रही थीं, लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि मामला इतना गंभीर रूप ले लेगा। घटना के बाद पड़ोस में डर और चर्चा का माहौल है। पुलिस का कहना है कि घरेलू हिंसा के मामलों में अक्सर तनाव बढ़ने पर ऐसे गंभीर अपराध सामने आते हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि परिवारों में बढ़ते विवादों को समय रहते सुलझाना बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके। आरोपी महिला न्यायिक हिरासत में है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले की तस्वीर और साफ हो जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 12:35:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उज्जैन से उठी राम मंदिर ट्रस्ट भंग करने की मांग, पीएम को भेजा पत्र; CBI जांच की भी अपील</title>
                                    <description><![CDATA[अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज पर उठाए सवाल, कहा- आस्था से जुड़े मामले में पूरी पारदर्शिता जरूरी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/demand-for-dissolution-of-ram-mandir-trust-raised-from-ujjain/article-56078"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ram-mandir-trust-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि के प्रबंधन को लेकर सामने आई कथित अनियमितताओं की चर्चाओं के बीच उज्जैन से एक नई मांग उठी है। अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने राम मंदिर ट्रस्ट को भंग करने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा है। संगठन ने पत्र में मामले की सीबीआई जांच कराने, दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और ट्रस्ट के पुनर्गठन पर विचार करने की मांग की है। इस मुद्दे को लेकर धार्मिक और सामाजिक क्षेत्रों में चर्चा तेज हो गई है। महासंघ का कहना है कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इसके संचालन से जुड़ा हर फैसला पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश शर्मा ने उज्जैन में मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि राम मंदिर का निर्माण केवल एक धार्मिक परियोजना नहीं था, बल्कि यह देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं और दशकों लंबे संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए लोगों ने बढ़-चढ़कर आर्थिक सहयोग किया था। कई श्रद्धालुओं ने नकद दान दिया तो कई लोगों ने सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं मंदिर को समर्पित कीं। ऐसे में यदि दान राशि के उपयोग या उसके प्रबंधन को लेकर किसी प्रकार के सवाल सामने आते हैं तो उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि लोगों की आस्था से जुड़े मामले में हर पहलू स्पष्ट होना चाहिए ताकि किसी भी तरह की शंका की स्थिति न बने।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महेश शर्मा ने कहा कि हाल के दिनों में विभिन्न माध्यमों से राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज को लेकर सवाल उठे हैं। भले ही इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई हो, लेकिन जिस तरह की चर्चाएं सामने आई हैं, उससे श्रद्धालुओं के मन में जिज्ञासा और चिंता दोनों पैदा हुई हैं। उन्होंने कहा कि यदि सब कुछ नियमों के अनुसार हुआ है तो जांच से सच्चाई सामने आएगी और यदि कहीं कोई गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक संस्थानों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए समय-समय पर पारदर्शिता जरूरी होती है। राम मंदिर परिसर में विभिन्न स्थानों पर दान पेटियां स्थापित हैं, जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार दान करते हैं। इसके अलावा मंदिर ट्रस्ट को ऑनलाइन और अन्य माध्यमों से भी बड़ी मात्रा में आर्थिक सहयोग प्राप्त होता है। ऐसे में दान राशि के प्रबंधन और उपयोग को लेकर लोगों की स्वाभाविक रुचि बनी रहती है। महासंघ का मानना है कि यदि किसी प्रकार की शिकायत या संदेह सामने आता है तो उसकी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए, जिससे पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महासंघ के राष्ट्रीय सचिव रूपेश मेहता ने भी ट्रस्ट के पुनर्गठन का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन और मंदिर निर्माण से जुड़े परिवारों के प्रतिनिधियों को ट्रस्ट में शामिल करने पर विचार किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि ऐसे परिवारों ने वर्षों तक आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और कई लोगों ने व्यक्तिगत स्तर पर बड़े त्याग किए। कुछ परिवार ऐसे भी हैं जिनके सदस्य आंदोलन के दौरान विभिन्न परिस्थितियों में प्रभावित हुए थे। ऐसे लोगों की भागीदारी से ट्रस्ट का स्वरूप और अधिक जनभावनाओं से जुड़ा हुआ दिखाई देगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रूपेश मेहता ने कहा कि ट्रस्ट में शामिल किए जाने वाले लोगों का चयन उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर होना चाहिए। उनका कहना है कि मंदिर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत करने के लिए व्यापक प्रतिनिधित्व जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी धार्मिक संस्था की मजबूती केवल उसके संसाधनों से नहीं बल्कि लोगों के विश्वास से तय होती है। इसलिए ट्रस्ट की संरचना और कार्यप्रणाली दोनों में पारदर्शिता दिखाई देना आवश्यक है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में महासंघ ने कथित वित्तीय अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग को प्रमुखता से रखा है। संगठन का कहना है कि देश की सर्वोच्च जांच एजेंसियों में शामिल सीबीआई यदि मामले की जांच करती है तो निष्पक्षता को लेकर किसी प्रकार का विवाद नहीं रहेगा। साथ ही जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, वे सभी पक्षों के लिए स्वीकार्य होंगे। महासंघ ने यह भी कहा है कि यदि आरोप गलत साबित होते हैं तो इससे ट्रस्ट की छवि और मजबूत होगी, जबकि अनियमितता मिलने की स्थिति में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। इस पूरे मामले को लेकर अभी तक राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि धार्मिक और सामाजिक संगठनों के बीच इस विषय पर चर्चा जारी है। कई लोग इसे पारदर्शिता से जुड़ा मुद्दा मान रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों का इंतजार किया जाना चाहिए। फिलहाल महासंघ की मांग के बाद यह मुद्दा फिर से चर्चा के केंद्र में आ गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 13:39:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उज्जैन में वंदे भारत ट्रेन पर पथराव, 5 कोचों के शीशे टूटे</title>
                                    <description><![CDATA[गदा पुलिया के पास वारदात, CCTV में संदिग्ध दिखे; RPF ने केस दर्ज कर जांच शुरू की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/stone-pelting-on-vande-bharat-train-in-ujjain-glass-of/article-54306"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/vande-bharat-train-stone-pelting.jpg" alt=""></a><br /><p>उज्जैन में सोमवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब सुपरफास्ट वंदे भारत ट्रेन पर अज्ञात बदमाशों ने पथराव कर दिया। उज्जैन रेलवे स्टेशन से करीब 200 मीटर दूर गदा पुलिया और नीलगंगा रेलवे ट्रैक के बीच यह घटना हुई, जिसमें ट्रेन के पांच से अधिक कोचों के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p>घटना शाम करीब 7:30 बजे की है, जब वंदे भारत ट्रेन तेज गति से गुजर रही थी। इसी दौरान ट्रैक किनारे मौजूद कुछ युवकों ने अचानक ट्रेन पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। पथराव इतना तेज था कि कई कोचों के विंडो ग्लास और पिलर ग्लास टूट गए, जिससे ट्रेन में सवार यात्रियों में दहशत फैल गई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस घटना में ट्रेन के कोच C/6, C/7, C/8, C/9, E/1 और E/2 को नुकसान पहुंचा है। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी यात्री को चोट नहीं आई, लेकिन अचानक हुए हमले से कुछ देर के लिए कोचों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।</p>
<h5><strong>CCTV में दिखे संदिग्ध</strong></h5>
<p>घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज में कुछ संदिग्ध युवक रेलवे ट्रैक के आसपास ट्रेन के आने से पहले घूमते हुए नजर आ रहे हैं। फुटेज में यह भी दिखता है कि जैसे ही ट्रेन नजदीक पहुंचती है, युवक पथराव शुरू कर देते हैं और मौके से भाग जाते हैं। रेलवे सुरक्षा बल ने CCTV फुटेज को कब्जे में लेकर आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि यह सुनियोजित नहीं बल्कि मौके पर किया गया हमला हो सकता है, हालांकि सभी एंगल से जांच की जा रही है।</p>
<h5><strong>यात्रियों में फैली दहशत</strong></h5>
<p>पथराव के दौरान ट्रेन में बैठे यात्रियों के बीच अचानक जोरदार आवाजें सुनाई दीं और कांच टूटने से कोचों में डर का माहौल बन गया। कई यात्रियों ने तुरंत अपने मोबाइल से घटना की जानकारी रेलवे हेल्पलाइन और अधिकारियों को दी। कुछ यात्रियों के अनुसार पत्थर इतनी तेजी से आ रहे थे कि कुछ समय तक समझ ही नहीं आया कि क्या हो रहा है। हालांकि ट्रेन को रोकने की जरूरत नहीं पड़ी और यह अपने निर्धारित समय पर आगे रवाना हो गई।</p>
<h5><strong>RPF की जांच तेज</strong></h5>
<p>घटना की सूचना मिलते ही उप निरीक्षक जयवीर सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। लेकिन तब तक आरोपी वहां से फरार हो चुके थे। रेलवे पुलिस ने प्रभावित कोचों का निरीक्षण कर यात्रियों से बयान दर्ज किए हैं। इसके साथ ही आसपास के इलाके में लगे अन्य CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।</p>
<h5><strong>सुरक्षा पर उठे सवाल</strong></h5>
<p>वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड और हाई-सिक्योरिटी ट्रेन पर पथराव की घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत है, क्योंकि पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। रेल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि दोषियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिए हैं कि ट्रैक के आसपास निगरानी और बढ़ाई जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 13:05:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाबा महाकाल की भस्म आरती में पंचामृत पूजन, दिव्य श्रृंगार के दर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[उज्जैन के महाकाल मंदिर में तड़के हुई भस्म आरती, भांग-चंदन और रजत आभूषणों से सजे बाबा महाकाल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/6a1688937fb88/article-54288"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/mahakal-bhasma-aarti-(3)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार तड़के होने वाली भस्म आरती के दौरान भक्तिभाव और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। अलसुबह मंदिर के कपाट खुलते ही बाबा महाकाल के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे। परंपरा के अनुसार सबसे पहले वीरभद्र जी को प्रणाम कर स्वस्ति वाचन किया गया। इसके बाद विधिवत अनुमति लेकर चांदी द्वार खोला गया और गर्भगृह के पट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले गए। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, घंटियों और डमरू की ध्वनि से पूरा वातावरण शिवमय हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">भस्म आरती की शुरुआत बाबा महाकाल के अभिषेक से हुई। मंदिर के पुजारियों ने भगवान का पूर्व श्रृंगार उतारकर जलाभिषेक किया। इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और विभिन्न फलों के रस से तैयार पंचामृत से विशेष पूजन संपन्न कराया गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार पंचामृत पूजन भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है और इससे भक्तों को सुख-समृद्धि तथा आध्यात्मिक शांति की प्राप्ति होती है। पूजन के दौरान गर्भगृह में मौजूद पुजारी वैदिक मंत्रों के साथ विधिविधान से अनुष्ठान करते रहे, जबकि नंदी हाल और मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु ‘हर हर महादेव’ के जयकारे लगाते रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">पंचामृत पूजन के बाद भगवान महाकाल की कर्पूर आरती की गई। आरती के समय मंदिर परिसर का दृश्य अत्यंत मनोहारी दिखाई दिया। जलती हुई कर्पूर की लौ और शिव स्तुति के स्वर ने भक्तों को आध्यात्मिक भाव से भर दिया। इसके बाद बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। भगवान को भांग, चंदन और सुगंधित इत्र से अलंकृत किया गया। साथ ही शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाल और रुद्राक्ष माला धारण कराई गई। विभिन्न प्रकार के सुगंधित पुष्पों से बाबा का अलौकिक श्रृंगार किया गया, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">मंदिर प्रशासन के अनुसार प्रतिदिन होने वाली भस्म आरती में बाबा महाकाल को अलग-अलग स्वरूपों में सजाया जाता है। बुधवार की आरती में पारंपरिक शिव स्वरूप के साथ विशेष भस्म श्रृंगार आकर्षण का केंद्र रहा। नंदी हाल में भी विशेष पूजन किया गया। यहां नंदी महाराज का स्नान, ध्यान और पूजन विधिवत संपन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने नंदी जी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की प्रार्थना की।</p>
<p style="text-align:justify;">उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती देश और दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। यह भारत की सबसे प्रसिद्ध धार्मिक परंपराओं में शामिल मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बाबा महाकाल को अर्पित की जाने वाली भस्म जीवन और मृत्यु के सनातन सत्य का प्रतीक है। मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। यही कारण है कि देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु हर दिन तड़के होने वाली इस आरती में शामिल होने उज्जैन पहुंचते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">महाकाल मंदिर की भस्म आरती का उल्लेख कई धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं में मिलता है। कहा जाता है कि भगवान शिव श्मशानवासी और विरक्त स्वरूप में पूजे जाते हैं, इसलिए उन्हें भस्म अर्पित की जाती है। इस परंपरा को देखने और अनुभव करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु महीनों पहले ऑनलाइन बुकिंग कराते हैं। मंदिर प्रशासन के मुताबिक भस्म आरती में शामिल होने के लिए देश के अलग-अलग राज्यों के अलावा विदेशों से भी श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल को ड्रायफ्रूट, फल और मिष्ठान का भोग भी लगाया गया। इसके बाद महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से पारंपरिक विधि से बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की गई। पुजारियों ने बताया कि भस्म अर्पण की यह परंपरा सदियों पुरानी है और इसे विशेष नियमों के साथ संपन्न कराया जाता है। आरती के दौरान मंदिर में मौजूद श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ अनुष्ठान में शामिल हुए।</p>
<p style="text-align:justify;">बुधवार की भस्म आरती में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल और मंदिर प्रशासन के कर्मचारी तैनात रहे। श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर अपने परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि भस्म आरती के दर्शन मात्र से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंदिर प्रशासन के अनुसार सामान्य दिनों की तुलना में इन दिनों श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। सावन, महाशिवरात्रि और विशेष धार्मिक अवसरों पर यहां लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। उज्जैन का श्री महाकालेश्वर मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि मध्यप्रदेश के धार्मिक पर्यटन का भी बड़ा आकर्षण माना जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 11:51:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाकाल भस्म आरती में दिखा अद्भुत श्रृंगार, चंद्र-त्रिपुंड से सजे बाबा</title>
                                    <description><![CDATA[उज्जैन महाकाल मंदिर में 24 मई की भस्म आरती में बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार हुआ। श्रद्धालुओं ने सुबह आरती में शामिल होकर दर्शन किए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/amazing-makeup-seen-in-mahakal-bhasma-aarti-baba-adorned-with/article-54090"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/mahakal-bhasma-aarti-(7).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><strong>Mahakal Bhasma Aarti:</strong> </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में रविवार तड़के भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का विशेष और आकर्षक श्रृंगार किया गया। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर सुबह करीब 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिसके बाद गर्भगृह में पूजा-अर्चना की प्रक्रिया शुरू हुई। भस्म आरती में शामिल होने के लिए देर रात से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर में पहुंचने लगी थी। सुबह होते-होते पूरा परिसर </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">“</span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जय श्री महाकाल</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">” </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">के जयकारों से गूंज उठा। बताया जा रहा है कि छुट्टी का दिन होने के कारण बाहर से आने वाले भक्तों की संख्या भी सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा रही।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मंदिर के पुजारियों ने सबसे पहले गर्भगृह में विराजित देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। फिर दूध</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दही</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">घी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक संपन्न हुआ। पूजा के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार लगातार चलता रहा। भांग</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">चंदन और सुगंधित द्रव्यों से बाबा का श्रृंगार किया गया। इस बार मस्तक पर चंद्र और त्रिपुंड अर्पित किया गया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिसने श्रृंगार को और दिव्य स्वरूप दे दिया। गर्भगृह में मौजूद श्रद्धालु लगातार भगवान के दर्शन करने की कोशिश करते नजर आए। कई लोग मोबाइल में इस पल को कैद करते भी दिखाई दिए</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हालांकि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंदिर प्रशासन लगातार निगरानी करता रहा।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भस्म अर्पण की प्रक्रिया शुरू होने से पहले प्रथम घंटाल बजाया गया और हरिओम का जल अर्पित किया गया। इसके बाद मंत्रों के बीच ध्यान पूजन हुआ। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर परंपरा अनुसार भस्म रमाई गई। मंदिर के अंदर उस समय का माहौल काफी आध्यात्मिक दिखाई दिया। आरती पूरी होने के बाद बाबा महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रजत की मुण्डमाल</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रुद्राक्ष की मालाएं और पुष्प अर्पित किए गए। सुगंधित फूलों से पूरा गर्भगृह महक उठा था। श्रद्धालु नंदी महाराज के दर्शन के लिए भी लंबी कतार में लगे दिखाई दिए। कई भक्त नंदी के कान में अपनी मनोकामनाएं कहते नजर आए। अधिकारियों के अनुसार सुबह की भस्म आरती शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और दर्शन व्यवस्था भी सामान्य बनी रही। मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए गए थे।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 11:15:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>23 मई महाकाल भस्म आरती: राजा स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, उमड़े श्रद्धालु</title>
                                    <description><![CDATA[उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में 23 मई की भस्म आरती में बाबा महाकाल का दिव्य राजा स्वरूप श्रृंगार हुआ। सुबह से उमड़े श्रद्धालु।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/23rd-may-mahakal-bhasma-aarti-baba-mahakal-dressed-as-king/article-54005"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/mahakal-bhasma-aarti-(6).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के 23 मई को भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल का बेहद आकर्षक और दिव्य श्रृंगार किया गया। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर सुबह करीब 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उसके बाद गर्भगृह में पूजा और खास अनुष्ठान शुरू हुए। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें नजर आईं। कई भक्त भस्म आरती में शामिल होने के लिए देर रात से ही मंदिर पहुंच गए थे। महाकाल भस्म आरती के समय पूरा परिसर </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">'</span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हर-हर महादेव</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">' </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">और </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">'</span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जय बाबा महाकाल</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">' </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">के जयकारों से गूंजता रहा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">धार्मिक विधियों के तहत पुजारियों ने सबसे पहले गर्भगृह में विराजमान देवी-देवताओं का पूजन किया। फिर भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। मंदिर की परंपरा के अनुसार दूध</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दही</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">घी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। आज के श्रृंगार में खास तौर पर भांग</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">चंदन और सुगंधित पुष्पों का उपयोग किया गया। भगवान महाकाल को राजा स्वरूप में सजाया गया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिसमें रजत का मुकुट</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रुद्राक्ष की माला और मुण्डमाल आकर्षण का केंद्र बना। आरती के समय गर्भगृह का दृश्य बेहद अलौकिक लग रहा था। मंदिर में मौजूद श्रद्धालु लगातार दर्शन करने की कोशिश करते नजर आए।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भस्म अर्पण से पहले परंपरा के अनुसार पहले घंटा बजाया गया और हरिओम का जल अर्पित किया गया। मंत्रोच्चार के बीच बाबा महाकाल का ध्यान किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़ों से ढंककर भस्म रमाई गई। इसी दौरान मंदिर परिसर में मौजूद भक्तों ने नंदी महाराज के दर्शन भी किए। कई लोग नंदी के कान में अपनी मनोकामनाएं कहते नजर आए। सुबह होते-होते मंदिर परिसर भक्तों से पूरी तरह भर चुका था। सप्ताहांत और खास तारीख होने के कारण दर्शनार्थियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रही। मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था के लिए अतिरिक्त इंतजाम भी किए थे। उज्जैन का सुबह का माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आ रहा था और दूर-दूर से आए श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन कर भावुक दिखे।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 10:09:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>महाकाल भस्म आरती में दिखा महाकालेश्वर का दिव्य रूप, त्रिशूल-त्रिनेत्र से हुआ बाबा का श्रृंगार</title>
                                    <description><![CDATA[उज्जैन महाकाल मंदिर में 21 मई की भस्म आरती में बाबा महाकाल का त्रिशूल, त्रिनेत्र और त्रिपुंड से विशेष श्रृंगार किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/divine-form-of-mahakaleshwar-seen-in-mahakal-bhasma-aarti-baba/article-53843"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/ujjain-mahakal-bhasma-aarti.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><strong>Ujjain Mahakal Bhasma Aarti:</strong> उज्जैन के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार 21 मई की सुबह भक्ति और श्रद्धा का एक विशेष माहौल था। ज्येष्ठ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर सुबह करीब 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए और इसके बाद बाबा महाकाल की भस्म आरती शुरू हुई। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें नजर आ रही थीं। कई भक्त तो रात से ही दर्शन के इंतज़ार में बैठे थे। महाकाल आरती के समय पूरा मंदिर </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">'</span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जय श्री महाकाल</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">' </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">के नारे से गूंज उठा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शुरुआत में</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मंदिर के पुजारियों ने सबसे पहले गर्भगृह में स्थित देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक हुआ। फिर दूध</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दही</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">घी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शहद और फलों के रस से बनाए गए पंचामृत से अभिषेक किया गया। मंदिर के अंदर मंत्रोच्चार और घंटियों की ध्वनि के बीच माहौल पूरी तरह से भक्तिमय बना रहा। बताया गया कि आज के विशेष श्रृंगार में भगवान महाकाल के मस्तक पर त्रिशूल</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">त्रिनेत्र और त्रिपुंड अर्पित किए गए</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिसने श्रद्धालुओं का ध्यान खासतौर पर आकर्षित किया। भांग</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">चंदन और सुगंधित फूलों से बाबा का आकर्षक श्रृंगार किया गया।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भस्म अर्पण की प्रक्रिया से पहले पहले घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया। इसके बाद मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया और कपूर आरती हुई। परंपरा के अनुसार ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढकने के बाद भस्म लगाई गई। इसके बाद शेषनाग का रजत मुकुट</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रजत की मूंडमाल और रुद्राक्ष की मालाएं अर्पित की गईं। मंदिर प्रशासन के अनुसार सुबह की इस भस्म आरती में देश के विभिन्न हिस्सों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। कई भक्त नंदी महाराज के कान में अपनी इच्छाएँ बताते नजर आए। मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष इंतज़ाम किए गए थे। सुबह होते-होते पूरा परिसर श्रद्धालुओं से भर गया और हर तरफ केवल बाबा महाकाल के जयकारे सुनाई दे रहे थे। महाकाल आरती के दर्शन के लिए आए लोगों का कहना था कि तड़के होने वाली यह आरती आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">यही वजह है कि रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 10:03:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>महाकाल भस्म आरती में दिव्य श्रृंगार, त्रिनेत्र-त्रिपुंड से सजा बाबा का स्वरूप</title>
                                    <description><![CDATA[उज्जैन के महाकाल मंदिर में 20 मई की भस्म आरती विशेष श्रृंगार के साथ संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन किए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/babas-form-decorated-with-divine-makeup-trinetra-tripund-in-mahakal-bhasma/article-53809"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/mahakal-bhasma-aarti-(4).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><strong>Mahakal Bhasma Aarti:</strong> उज्जैन के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार तड़के बाबा महाकाल की भस्म आरती श्रद्धा और परंपरा के साथ संपन्न हुई। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर सुबह करीब 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। उसके बाद गर्भगृह में विशेष पूजा शुरू हुई। सुबह-सुबह ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर के बाहर देखी गईं। भक्त दूर-दूर से बाबा महाकाल के दर्शन के लिए रात से ही मंदिर परिसर में जुटने लगे थे। इस बार की भस्म आरती में भगवान महाकाल को आकर्षक और दिव्य श्रृंगार किया गया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">“</span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जय श्री महाकाल</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">” </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मंदिर के पुजारियों ने पहले गर्भगृह में स्थापित देवी-देवताओं का पूजन किया। फिर भगवान महाकाल का जलाभिषेक हुआ। इसके बाद उन्हें दूध</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दही</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">घी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। मंदिर की पारंपरिक व्यवस्था के तहत भांग</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">चंदन और सुगंधित द्रव्यों से बाबा का श्रृंगार किया गया। मस्तक पर त्रिनेत्र</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">त्रिपुंड और चंद्र अर्पित किया गया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिसने श्रृंगार को और भी दिव्य बना दिया। ऐसा कहा जा रहा है कि आरती के दौरान गर्भगृह का दृश्य बेहद अलौकिक था। श्रद्धालु लगातार हाथ जोड़कर दर्शन करते रहे। कई लोग इस पल को अपने मोबाइल में कैद करने की कोशिश कर रहे थे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लेकिन गर्भगृह के भीतर नियमों का पालन कराया गया।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भस्म अर्पण की प्रक्रिया शुरू होने से पहले मंदिर में प्रथम घंटाल बजाया गया और हरिओम का जल अर्पित कर मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का ध्यान किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढक कर भस्म लगाई गई। इसके बाद भगवान को शेषनाग का रजत मुकुट</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रजत की मुण्डमाल</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रुद्राक्ष की माला और पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। सुगंधित फूलों और आभूषणों से किया गया अलंकरण श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करता रहा। सुबह होते-होते मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में बदल गया। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन भी किए और उनके कान में अपनी मनोकामनाएं कही। अधिकारियों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भस्म आरती का आयोजन शांतिपूर्वक हुआ। मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था के लिए अतिरिक्त इंतजाम भी किए थे। उज्जैन में इस समय श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है और महाकाल मंदिर में हर दिन बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 10:01:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>19 मई महाकाल भस्म आरती में हुआ दिव्य श्रृंगार, भस्म, चंदन और रजत मुकुट से सजे बाबा महाकालेश्वर</title>
                                    <description><![CDATA[उज्जैन के महाकाल मंदिर में 19 मई की भस्म आरती में बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार हुआ। श्रद्धालुओं ने जयकारों के बीच दर्शन किए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/baba-mahakaleshwar-adorned-with-ashes-sandalwood-and-silver-crown-was/article-53727"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/mahakal-bhasma-aarti-(3).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><strong>Mahakal Bhasma Aarti: </strong>विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार 19 मई की सुबह भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का भव्य श्रृंगार किया गया। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर सुबह करीब 4 बजे मंदिर के दरवाजे खोले गए</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">और उसके बाद श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी। भस्म आरती में भाग लेने के लिए भक्त देर रात से ही लाइन में खड़े दिखे। मंदिर के गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा की प्रक्रिया शुरू हुई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिससे पूरा माहौल शिवमय हो गया। खबर है कि इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने भी आरती में भाग लेकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मंदिर के दरवाजे खुलते ही पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। फिर पंचामृत से अभिषेक हुआ</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिसमें दूध</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दही</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">घी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शहद और फलों का रस शामिल था। इसके अलावा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बाबा का विशेष श्रृंगार भांग</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">चंदन और सुगंधित द्रव्यों से किया गया। आरती से पहले पहले घंटाल बजाकर हरिओम जल अर्पित किया गया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">और मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का ध्यान किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढककर परंपरा के अनुसार भस्म अर्पित की गई। फिर शेषनाग का रजत मुकुट</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रजत की मुण्डमाल</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रुद्राक्ष की माला और फूलों की माला भगवान को अर्पित की गई। गर्भगृह का दृश्य उस समय बेहद भव्य नजर आ रहा था। कई श्रद्धालु मोबाइल में इस पल को कैद करने की कोशिश में थे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के चलते गर्भगृह में खास नजर रखी गई।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सुबह होते-होते मंदिर का परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूब गया। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने नंदी हॉल और सभा मंडप से बाबा महाकाल के दर्शन किए। श्रद्धालु नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं बताते हुए नजर आए। मंदिर परिसर में लगातार </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">“</span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जय श्री महाकाल</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">” </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">के नारों की गूंज सुनाई देती रही। भस्म आरती के दौरान सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को लेकर खास इंतजाम किए गए थे ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। उज्जैन में इन दिनों श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और सुबह की भस्म आरती में शामिल होने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से बड़ी संख्या में बुकिंग हो रही है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 09:30:52 +0530</pubDate>
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