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                <title>Fire Accident - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Fire Accident RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दौसा में भीषण सड़क हादसा, बस-ट्रेलर टकराए 8 यात्रियों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ऋषिकेश से इंदौर जा रही बस ट्रेलर से टकराई, दोनों वाहनों में आग लगी, कई यात्री जिंदा जले]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/horrific-road-accident-in-dausa-bus-trailer-collided-8-passengers-died/article-57490"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/dausa-bus-accident.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। ऋषिकेश से इंदौर जा रही एक स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ ही मिनटों में दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई और आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में 8 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 21 लोग घायल हो गए हैं। घायलों का इलाज दौसा जिला अस्पताल में जारी है, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसा मंगलवार रात करीब 2:30 बजे कोलवा थाना क्षेत्र के तनावड़ जीरो पॉइंट के पास हुआ। पुलिस के अनुसार बस तेज रफ्तार में थी और पीछे से ट्रेलर में जा घुसी। टक्कर के बाद दोनों वाहनों में अचानक आग भड़क उठी, जिससे यात्रियों को बाहर निकलने का मौका भी नहीं मिल सका। कई लोग बस के अंदर ही फंस गए और आग की लपटों में घिर गए। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेज थी कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों और कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया है कि हादसे के बाद बचाव कार्य में देरी हुई। इंदौर निवासी यात्री चंद्रप्रकाश गुप्ता ने बताया कि आग लगने के बाद उन्होंने अपनी पत्नी को बचाने की कोशिश की, लेकिन वह सीट में फंस गईं और बेहोश हो गईं। उन्होंने कहा कि मदद के लिए पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग को फोन किया गया, लेकिन करीब एक घंटे तक कोई सहायता नहीं पहुंची, जिससे स्थिति और भयावह हो गई। कई यात्रियों ने किसी तरह बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। पुलिस के मुताबिक हादसे में 8 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से 6 यात्रियों की मौत आग में झुलसने से हुई, जबकि 2 लोगों ने गंभीर चोटों के कारण दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। घायलों में कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। हादसे में ट्रेलर चालक और उसका सहायक भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। कुल 21 घायलों में से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि बस चालक को झपकी आने के कारण यह हादसा हुआ होगा, हालांकि वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं कुछ स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि बस के स्टोरेज बॉक्स में सिगरेट के पैकेट रखे थे, जिससे आग तेजी से फैल गई, लेकिन पुलिस ने अभी इस दावे की पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है। हादसे के बाद दोनों वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गए। आग बुझने के बाद करीब तीन घंटे तक घटनास्थल पर जांच जारी रही। एफएसएल टीम और पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिकता घायलों का इलाज और मृतकों की पहचान करना है। दौसा जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और राहत कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। वहीं कुछ यात्री अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 11:22:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स की पाइपलाइन में भीषण आग, 15 लोग झुलसे, रेल सेवा प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल के हल्दिया में नेफ्था पाइपलाइन में विस्फोट के बाद लगी आग रिहायशी इलाके तक पहुंची, कई ट्रेनें रद्द और कुछ का संचालन बदला गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/major-fire-in-haldia-petrochemicals-pipeline-15-people-burnt-rail/article-57412"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/haldia-fire.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के हल्दिया में सोमवार देर रात बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स की नेफ्था सप्लाई पाइपलाइन में हुए विस्फोट के बाद भीषण आग लग गई, जिसकी चपेट में आसपास का रिहायशी इलाका भी आ गया। हादसे में कम से कम 15 लोग झुलस गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई देता रहा।  यह हादसा सोमवार देर रात करीब 2:45 बजे हुआ। आग सबसे पहले हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स की नेफ्था पाइपलाइन में दिखाई दी और कुछ ही समय में उसने आसपास के क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। पाइपलाइन के नजदीक स्थित हल्दिया नगर पालिका के वार्ड-13 के चिरंजीबपुर इलाके में कई मकानों तक आग और गर्मी का असर पहुंचा। स्थानीय लोगों ने धमाके जैसी तेज आवाज सुनने के बाद बाहर निकलकर देखा तो इलाके में आग की ऊंची लपटें उठ रही थीं। इसके बाद तुरंत पुलिस, दमकल और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी गई। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। आग में झुलसे सभी घायलों को तत्काल हल्दिया सब-डिविजनल अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से पांच लोगों की हालत को देखते हुए उन्हें तमलुक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया। चिकित्सकों के अनुसार दो घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में जारी है। अन्य घायलों का भी अस्पताल में उपचार चल रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><img alt="2Q=="></img></p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><br />आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की 12 से अधिक गाड़ियों को मौके पर लगाया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद भी आग पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकी थी। दमकल कर्मियों ने आसपास के क्षेत्रों को खाली कराकर आग को और फैलने से रोकने का प्रयास किया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील भी की। हादसे का असर रेलवे संचालन पर भी पड़ा। जिस स्थान पर पाइपलाइन में आग लगी, उसके बेहद पास से हल्दिया-दुर्गाचक रेल लाइन गुजरती है। आग की वजह से रेलवे की ओवरहेड बिजली लाइन और अन्य उपकरण प्रभावित हुए, जिसके चलते रेल सेवाओं को तत्काल रोक दिया गया। दक्षिण पूर्व रेलवे ने बताया कि सुरक्षा कारणों से हल्दिया और दुर्गाचक के बीच ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से बंद किया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार हल्दिया-हावड़ा लोकल ट्रेन को रद्द कर दिया गया, जबकि हावड़ा-हल्दिया लोकल का संचालन केवल दुर्गाचक तक किया गया। इसके अलावा हल्दिया-पांसकुड़ा लोकल ट्रेन को हल्दिया के बजाय दुर्गाचक से शुरू किया गया। रेलवे की तकनीकी टीमें क्षतिग्रस्त ओवरहेड उपकरणों की मरम्मत में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही ट्रेनों का संचालन सामान्य किया जाएगा। घटना के कारणों को लेकर फिलहाल जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि आग किस वजह से लगी, इसका अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच की जा रही है। दूसरी ओर हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स ने भी घटना पर आधिकारिक बयान जारी किया है। कंपनी ने हादसे में लोगों के घायल होने पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रभावित लोगों और स्थानीय प्रशासन को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।<br /><br /><img alt="2Q=="></img></p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कंपनी के अनुसार प्रारंभिक जानकारी से यह संकेत मिला है कि घटना पाइपलाइन के उस हिस्से के आसपास हुई, जहां पहले भी नेफ्था चोरी की गतिविधियों की आशंका जताई जाती रही है। हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। कंपनी ने यह भी बताया कि नेफ्था अत्यधिक ज्वलनशील हाइड्रोकार्बन होता है और इसके संपर्क में जरा सी चिंगारी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। यही वजह है कि कंपनी समय-समय पर स्थानीय लोगों को पाइपलाइन के आसपास किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या अवैध गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी देती रही है। सुरक्षा मानकों का पालन करना ऐसे औद्योगिक क्षेत्रों में बेहद आवश्यक माना जाता है। नेफ्था कच्चे तेल के शोधन के दौरान प्राप्त होने वाला हल्का तरल हाइड्रोकार्बन मिश्रण है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से पेट्रोकेमिकल उद्योग में कच्चे माल के रूप में किया जाता है। यह अत्यधिक ज्वलनशील होता है और पेट्रोल जैसी तेज गंध रखता है। इसी कारण इसके भंडारण और परिवहन के दौरान विशेष सुरक्षा उपाय अपनाए जाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 14:17:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नोएडा की हाईराइज सोसाइटी में AC ब्लास्ट से भीषण आग, दहशत</title>
                                    <description><![CDATA[सेक्टर-119 अरण्य सोसाइटी की 21वीं मंजिल पर आग, तीन फ्लैट चपेट में; फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियां मौके पर, सीएम योगी ने दिए निर्देश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/6a4200d5102d8/article-57277"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/noida-fire-accident.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">नोएडा में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया जब सेक्टर-119 स्थित अरण्य सोसाइटी की एक 24 मंजिला इमारत में अचानक भीषण आग लग गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक 21वें फ्लोर पर लगे एक फ्लैट में AC ब्लास्ट हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते आसपास के कम से कम तीन फ्लैट इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद पूरी सोसाइटी में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। यह घटना सुबह करीब साढ़े 8 बजे की बताई जा रही है। आग लगते ही ऊपरी मंजिलों से धुएं का घना गुबार उठने लगा और कुछ ही मिनटों में पूरी बिल्डिंग के एक हिस्से में धुआं भर गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक आग की लपटें इतनी तेज थीं कि खिड़कियों से बाहर तक दिखाई देने लगीं। कई लोगों ने घबराकर सीढ़ियों के जरिए नीचे उतरने की कोशिश की, जबकि कुछ लोग बालकनी और अन्य सुरक्षित स्थानों पर फंस गए।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><img alt="Z"></img></p>
<p>सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। दमकल विभाग की टीम लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही है, लेकिन ऊंची इमारत होने के कारण राहत और बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। फिलहाल बिल्डिंग को खाली कराया जा रहा है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है, हालांकि कुछ लोग धुएं की वजह से असहज महसूस कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि आग लगने के बाद आसपास की इमारतों में रहने वाले लोग भी मदद के लिए सामने आए। कुछ लोगों ने पाइप और बाल्टियों के जरिए ऊपर की मंजिलों तक पानी पहुंचाने की कोशिश की ताकि आग को फैलने से रोका जा सके। लेकिन आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि शुरुआती प्रयास नाकाफी साबित हुए। घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाएं। साथ ही घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन को हर स्तर पर सतर्क रहने और किसी भी तरह की लापरवाही न करने के निर्देश भी दिए गए हैं।</p>
<p><img alt="Z"></img></p>
<p>दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नोएडा जैसी हाईराइज सोसाइटियों में आग बुझाने के लिए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और आर्टिकुलेटिंग वाटर टावर जैसी आधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं। ये मशीनें 30 से 42 मीटर तक की ऊंचाई तक प्रभावी रूप से आग बुझाने में सक्षम हैं, जो लगभग 10 फ्लोर तक कवर करती हैं। हालांकि इससे अधिक ऊंचाई वाली इमारतों के लिए अभी भी संसाधनों की कमी महसूस की जाती है। नोएडा में 72 और 102 मीटर तक पहुंचने वाली नई हाइड्रोलिक मशीनों की खरीद प्रक्रिया चल रही है, लेकिन वे अभी सेवा में शामिल नहीं हुई हैं। शहर की सबसे ऊंची इमारतों में शामिल सुपरनोवा टावर जैसे प्रोजेक्ट्स में आग से निपटने की क्षमता को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। यहां मौजूदा हाइड्रोलिक सिस्टम सीमित ऊंचाई तक ही काम कर पाते हैं, जबकि पूरी इमारत इससे कहीं ज्यादा ऊंची है। इसी बीच यह भी सामने आया है कि पिछले कुछ हफ्तों में नोएडा की हाईराइज सोसाइटियों में आग लगने की यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले 5 जून को सेक्टर-74 की एक सोसाइटी में भी कई फ्लैटों में आग लगने की घटना हुई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने हाईराइज बिल्डिंग्स की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 12:35:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कौशांबी टोल प्लाजा पर LPG टैंकर में भीषण आग, चालक की मौत; कई लोग झुलसे</title>
                                    <description><![CDATA[सिहोरी टोल प्लाजा पर एलपीजी टैंकर टकराने के बाद लगी आग से कई वाहन जलकर राख, पांच टोल कर्मचारी गंभीर रूप से झुलसे, हादसे की जांच शुरू।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/massive-fire-in-lpg-tanker-at-kaushambi-toll-plaza-driver/article-57014"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/sirohi-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में शुक्रवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। कोखराज थाना क्षेत्र स्थित सिहोरी टोल प्लाजा पर एक एलपीजी टैंकर अनियंत्रित होकर टोल संरचना से टकरा गया। टक्कर के कुछ ही क्षण बाद टैंकर में आग लग गई और देखते ही देखते पूरा इलाका धुएं और आग की लपटों से घिर गया। हादसे में टैंकर चालक की मौत हो गई, जबकि टोल प्लाजा पर मौजूद कई कर्मचारी झुलस गए। आग की चपेट में आकर टोल परिसर में खड़ी 16 मोटरसाइकिलें और दो कारें भी पूरी तरह जल गईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह रोकना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा सुबह करीब छह बजे हुआ। बताया जा रहा है कि टैंकर कानपुर से प्रतापगढ़ की ओर जा रहा था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक वाहन अचानक नियंत्रण खो बैठा और टोल प्लाजा से टकरा गया। टक्कर के बाद गैस रिसाव होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके तुरंत बाद तेज धमाके के साथ आग फैल गई। कुछ ही मिनटों में आग ने टोल परिसर के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के समय टोल प्लाजा पर कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मौजूद थे। आग तेजी से फैलने के कारण कई कर्मचारियों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया और वे झुलस गए। घायलों को तत्काल स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से झुलसे पांच कर्मचारियों को प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका विशेष बर्न वार्ड में इलाज चल रहा है। टैंकर चालक वाहन से बाहर निकलने में सफल हो गया है, लेकिन आग बुझने के बाद जब राहत दल ने टैंकर की जांच की तो चालक का शव अंदर मिला। आग इतनी भीषण थी कि शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और चालक की पहचान की पुष्टि की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले इलाके में हल्की बारिश हुई थी। हालांकि दुर्घटना का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। वाहन की तकनीकी स्थिति, चालक का नियंत्रण कैसे बिगड़ा और गैस रिसाव किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी विस्तृत जांच विशेषज्ञ टीम करेगी। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि कई किलोमीटर दूर से धुआं दिखाई दे रहा था। घटना के बाद टोल प्लाजा के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने तुरंत दोनों तरफ का यातायात रोक दिया। सूचना मिलते ही जिले की फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके बाद धीरे-धीरे एक लेन को यातायात के लिए खोला गया और बाद में ट्रैफिक सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू हुई। टोल कर्मचारियों के अनुसार आग टोल प्लाजा के यार्ड तक पहुंच गई, जहां कर्मचारियों की निजी गाड़ियां खड़ी थीं। आग की चपेट में आकर 16 मोटरसाइकिलें और दो कारें पूरी तरह जल गईं। पास स्थित अन्य संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचा। प्रशासन अब नुकसान का आकलन कर रहा है। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। तकनीकी विशेषज्ञों और संबंधित विभागों को भी जांच के लिए बुलाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि घटना को लेकर किसी भी तरह की अपुष्ट जानकारी या अफवाहों पर भरोसा न करें। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सभी तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 14:29:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल में पटाखा दुकान में भीषण आग, धमाकों से दहला बैरागढ़ रोड</title>
                                    <description><![CDATA[हलालपुरा स्थित पटाखा दुकान में तड़के लगी आग, लगातार होते रहे विस्फोट, 70 फीट तक उठीं लपटें, तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पाया गया काबू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bairagarh-road-shaken-by-massive-fire-explosions-in-firecracker-shop/article-55712"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bhopal-fire-news-(2).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भोपाल के बैरागढ़ रोड स्थित हलालपुरा इलाके में शुक्रवार तड़के एक पटाखा दुकान में लगी भीषण आग ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। आग इतनी भयावह थी कि दुकान में रखे पटाखों के कारण लगातार धमाके होते रहे और आग की लपटें करीब 70 फीट तक आसमान में उठती दिखाई दीं। देर रात हुए इस हादसे ने आसपास के लोगों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। राहत की बात यह रही कि घटना उस समय हुई जब सड़क पर आवाजाही बेहद कम थी, वरना बड़ा जनहानि वाला हादसा हो सकता था।</p>
<p style="text-align:justify;"> हलालपुरा में सुंदर वन गार्डन के सामने स्थित सोनी पटाखा दुकान में सुबह करीब साढ़े तीन बजे आग लगने की सूचना मिली। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। दुकान में बड़ी मात्रा में पटाखों का स्टॉक रखा हुआ था, जिसके कारण आग लगते ही तेज धमाकों का सिलसिला शुरू हो गया। आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि धमाकों की आवाज काफी दूर तक सुनाई दे रही थी और कई लोग नींद से जागकर घरों से बाहर निकल आए।</p>
<p style="text-align:justify;">आग की सूचना मिलते ही फतेहगढ़, बैरागढ़, गांधीनगर और अन्य फायर स्टेशनों से दमकल वाहन मौके पर पहुंच गए। लेकिन पटाखों में लगातार हो रहे विस्फोटों की वजह से आग बुझाने का काम आसान नहीं था। दमकल कर्मियों को सुरक्षित दूरी बनाकर काम करना पड़ा। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ समय के लिए पूरा इलाका धुएं और आग की रोशनी से भर गया।</p>
<p style="text-align:justify;">फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आग पर पूरी तरह काबू पाने में करीब साढ़े तीन घंटे का समय लगा। सुबह सात बजे के आसपास स्थिति नियंत्रण में आ सकी। हालांकि तब तक दुकान में रखा लगभग पूरा सामान जलकर राख हो चुका था। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है और इसकी जांच की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना स्थल की एक और गंभीर बात यह रही कि जिस दुकान में आग लगी वह मुख्य सड़क से सटी हुई थी। दिन के समय इस मार्ग पर भारी ट्रैफिक रहता है और सड़क किनारे बड़ी संख्या में वाहन भी खड़े रहते हैं। इसके अलावा दुकान के पास ही पेट्रोल पंप भी मौजूद है। ऐसे में यदि आग दिन के समय लगती या आसपास की दूसरी दुकानों तक फैल जाती तो स्थिति और अधिक खतरनाक हो सकती थी।</p>
<p style="text-align:justify;">हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। सुरक्षा के मद्देनजर सड़क के एक हिस्से पर यातायात रोक दिया गया ताकि कोई वाहन या व्यक्ति आग की चपेट में न आ सके। पुलिस और प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी। लगातार उड़ते पटाखों और चिंगारियों के कारण इलाके में काफी देर तक खतरे की स्थिति बनी रही।</p>
<p style="text-align:justify;">आग को नियंत्रित करने के लिए बिजली कंपनी की टीम को भी बुलाया गया। एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई ताकि किसी प्रकार का शॉर्ट सर्किट या अन्य दुर्घटना न हो। इसके बाद दमकल कर्मियों ने अधिक प्रभावी तरीके से आग बुझाने का काम जारी रखा। सुबह तक दुकान से धुआं निकलता रहा और आसपास के इलाके में जले हुए पटाखों की गंध महसूस की जाती रही।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि हलालपुरा क्षेत्र में बड़ी संख्या में पटाखा कारोबार से जुड़ी दुकानें हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है। घटना के बाद कई लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पटाखा दुकानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच की जाए और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं। पटाखों से जुड़े गोदामों और दुकानों में आग लगने की घटनाएं अक्सर बड़ी तबाही का कारण बन सकती हैं। ऐसे स्थानों पर अग्निशमन उपकरण, सुरक्षित भंडारण व्यवस्था और आपातकालीन निकासी योजनाओं का होना बेहद आवश्यक है। इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों की समीक्षा की आवश्यकता को सामने ला दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 13:57:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायगढ़ में भीषण सड़क हादसा: दो कोयला लदे ट्रेलरों की टक्कर में चालक जिंदा जला, दूसरे ने कूदकर बचाई जान</title>
                                    <description><![CDATA[तमनार क्षेत्र में शाम को हुआ दर्दनाक हादसा, टक्कर के बाद दोनों वाहनों में लगी आग; मृत चालक की पहचान में जुटी पुलिस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/horrific-road-accident-in-raigarh-driver-burnt-alive-in-collision/article-54869"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raigarh-accident.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। तमनार थाना क्षेत्र के झिंकाबहाल गांव के पास दो कोयला लदे ट्रेलरों की आमने-सामने की टक्कर के बाद भीषण आग लग गई। हादसा इतना भयावह था कि एक ट्रेलर चालक आग की चपेट में आ गया और जिंदा जलकर उसकी मौत हो गई, जबकि दूसरे ट्रेलर का चालक समय रहते वाहन से कूद गया और अपनी जान बचाने में सफल रहा। घटना मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे की बताई जा रही है। दुर्घटना के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। आग की ऊंची लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>टक्कर के बाद धू-धू कर जले ट्रेलर</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों ट्रेलर तेज रफ्तार में अपने-अपने मार्ग पर चल रहे थे। अचानक झिंकाबहाल के पास दोनों वाहनों की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों ट्रेलरों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और कुछ ही क्षणों में उनमें आग लग गई। कोयले से लदे होने के कारण आग तेजी से फैल गई। एक ट्रेलर का चालक केबिन में ही फंस गया और बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। आग ने देखते ही देखते पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर मौजूद लोग चालक को बचाने का प्रयास करते रहे, लेकिन आग की तीव्रता के कारण कोई भी वाहन के करीब नहीं पहुंच सका।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>दूसरे चालक ने दिखाई सूझबूझ</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हादसे के दौरान दूसरे ट्रेलर के चालक ने तुरंत स्थिति को समझते हुए वाहन से छलांग लगा दी। इसी वजह से उसकी जान बच गई। हालांकि हादसे के बाद वह मौके से चला गया। पुलिस अब उससे संपर्क स्थापित करने और घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि दूसरे चालक का बयान दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>फायर ब्रिगेड और पुलिस ने संभाला मोर्चा</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना की सूचना मिलते ही तमनार पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। आग इतनी भीषण थी कि उसे नियंत्रित करने में काफी समय और मेहनत लगी। दमकल कर्मियों ने लगातार प्रयास कर आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद जले हुए ट्रेलर के अंदर से चालक का शव बरामद किया गया। शव पूरी तरह झुलस जाने के कारण उसकी पहचान तत्काल नहीं हो सकी। पुलिस पहचान सुनिश्चित करने के लिए दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>दोनों वाहनों में लदा था कोयला</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एक ट्रेलर गारे 4/6 माइंस क्षेत्र से कोयला लेकर डोंगामौआ की ओर जा रहा था। वहीं दूसरा ट्रेलर ओडिशा की दिशा से किसी औद्योगिक इकाई अथवा पावर प्लांट की ओर बढ़ रहा था। कोयला परिवहन के लिए उपयोग किए जाने वाले भारी वाहनों की बड़ी संख्या इस मार्ग से गुजरती है। ऐसे में यह मार्ग पहले भी कई बार सड़क दुर्घटनाओं का गवाह बन चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही और तेज रफ्तार के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पुलिस कर रही दुर्घटना के कारणों की जांच</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">तमनार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसा तेज रफ्तार, लापरवाही, ओवरटेकिंग या किसी अन्य तकनीकी कारण से हुआ। घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों, वाहन के अवशेषों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस हादसे ने एक बार फिर भारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और सड़क सुरक्षा नियमों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में ट्रकों और ट्रेलरों की लगातार आवाजाही के कारण विशेष निगरानी और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है। रात्रि के समय वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और वाहनों की नियमित तकनीकी जांच कराने की जरूरत बताई जा रही है। सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने से ऐसी दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। पुलिस मृत चालक की पहचान सुनिश्चित करने में जुटी हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। पहचान होने के बाद परिजनों को सूचना दी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 17:02:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली होटल अग्निकांड: 6 मंजिला इमारत में लगी भीषण आग</title>
                                    <description><![CDATA[मालवीय नगर के होटल हादसे ने उजागर की लापरवाही, फायर एनओसी और सुरक्षा मानकों की जांच शुरू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/delhi-hotel-fire-a-massive-fire-broke-out-in-a/article-54880"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/delhi-hotel-fire.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार सुबह हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। प्रेस एन्क्लेव रोड स्थित छह मंजिला होटल ‘फ्लरिश स्टे’ में लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की बताई जा रही है, जो मध्य एशिया और अफ्रीकी देशों से जुड़े थे। इस हादसे ने एक बार फिर राजधानी में भवन सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह करीब 8:50 बजे होटल के ग्राउंड फ्लोर पर संचालित रेस्टोरेंट में अचानक आग लग गई। शुरुआती लपटें देखते ही देखते पूरी इमारत में फैल गईं। कुछ ही समय में होटल के ऊपरी कमरों और बेसमेंट तक धुआं और आग पहुंच गई, जिससे अंदर ठहरे लोग फंस गए।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>जान बचाने के लिए ऊंचाई से कूदे लोग</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">हादसे के दौरान सामने आए वीडियो बेहद भयावह थे। कई लोग तीसरी और चौथी मंजिल से अपनी जान बचाने के लिए नीचे कूदते दिखाई दिए। स्थानीय नागरिकों ने तत्काल मानवता का परिचय देते हुए नीचे गद्दे और अन्य सामान बिछाए, ताकि कूदने वालों की जान बचाई जा सके। धुएं और आग के बीच फंसे लोगों की चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा। कुछ लोग होटल की खिड़कियों और छतों पर खड़े होकर मदद की गुहार लगाते नजर आए। कई विदेशी नागरिक धुएं से घिरे हुए दिखाई दिए, जिनका बाद में रेस्क्यू किया गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>40 लोगों को सुरक्षित निकाला गया</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से करीब 40 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इनमें कई लोग गंभीर रूप से झुलसे हुए थे, जिन्हें तत्काल मैक्स अस्पताल, एम्स और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। बेसमेंट में भी कई लोग फंसे हुए थे। फायर ब्रिगेड की टीम ने विशेष अभियान चलाकर वहां से छह से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू अभियान के दौरान दिल्ली पुलिस के लगभग 10 जवान भी घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>फायर ब्रिगेड को करना पड़ा कड़ी मशक्कत</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाके के कारण राहत कार्य में शुरुआती चुनौतियां सामने आईं। हालांकि घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। दमकल अधिकारियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। कई कमरों में धुआं भर जाने से लोग बेहोश हो गए, जिससे मौतों की संख्या बढ़ गई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>होटल में सुरक्षा नियमों की अनदेखी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। जानकारी के अनुसार फ्लरिश स्टे गेस्ट हाउस को ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ योजना के तहत केवल छह कमरों के संचालन की अनुमति दी गई थी। लेकिन वास्तविकता में वहां लगभग 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे। सबसे गंभीर बात यह सामने आई है कि होटल के पास वैध फायर एनओसी (No Objection Certificate) नहीं थी। इसके अलावा भवन में प्रवेश और निकास का केवल एक ही संकरा रास्ता था, जिससे आपात स्थिति में लोगों के बाहर निकलने में भारी दिक्कत हुई। यदि पर्याप्त आपातकालीन निकास मार्ग और आधुनिक अग्निशमन व्यवस्था होती, तो इतनी बड़ी जनहानि को रोका जा सकता था।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>विदेशी नागरिकों की मौत से बढ़ी चिंता</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">हादसे में मारे गए लोगों में अधिकांश विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने अभी तक उनकी आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है। विदेश मंत्रालय और संबंधित दूतावासों को भी घटना की जानकारी दी गई है। यह होटल राजधानी के प्रमुख अस्पतालों एम्स और मैक्स अस्पताल के नजदीक स्थित था। इलाज के लिए दिल्ली आने वाले मरीजों के परिजन अक्सर यहां ठहरते थे, इसलिए होटल में देश-विदेश के लोगों की आवाजाही बनी रहती थी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पिछले छह महीनों में 66 मौतें</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली में आग की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। आंकड़ों के अनुसार पिछले छह महीनों में अलग-अलग अग्निकांडों में 66 लोगों की जान जा चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि व्यावसायिक इमारतों, होटल और गेस्ट हाउसों में सुरक्षा मानकों की नियमित जांच और सख्त अनुपालन बेहद जरूरी है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>जांच के आदेश, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली प्रशासन ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। फायर विभाग, पुलिस और नगर निकाय संयुक्त रूप से यह पता लगाने में जुटे हैं कि आग लगने की वास्तविक वजह क्या थी और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किन स्तरों पर हुआ। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में लापरवाही या नियमों की अनदेखी साबित होती है तो होटल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली का यह भीषण अग्निकांड केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी का दर्दनाक परिणाम है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 17:00:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल के करोंद में घर में लगी आग, AC ब्लास्ट से मचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[कोरल कासा बंगलो में देर रात शॉर्ट सर्किट के बाद आग भड़की, समय रहते परिवार बाहर निकला, बड़ा हादसा टला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/6a1678f6ae4eb/article-54275"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/bhopal-fire-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भोपाल के करोंद इलाके में मंगलवार रात एक घर में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। निशातपुरा थाना क्षेत्र स्थित कोरल कासा बंगलो के एक मकान में आग लगने के बाद एयर कंडिशनर में ब्लास्ट हो गया, जिससे आग तेजी से पूरे घर में फैल गई। घटना में गृहस्थी का लगभग पूरा सामान जलकर खाक हो गया। हालांकि समय रहते परिवार के लोग घर से बाहर निकल आए, जिससे बड़ा हादसा टल गया।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार घटना रात करीब 10 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले घर के भीतर धुआं उठता दिखाई दिया और कुछ ही देर में आग की लपटें तेज हो गईं। इसी दौरान एयर कंडिशनर में जोरदार धमाका हुआ, जिससे आसपास के लोग भी घबरा गए। धमाके की आवाज सुनकर मोहल्ले के लोग घरों से बाहर निकल आए। घर में मौजूद परिवार ने हालात बिगड़ते देख तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। घटना की सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई, जिसके बाद दमकल की टीम मौके पर पहुंची। फायर फाइटर पंकज यादव सहित टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।</p>
<p style="text-align:justify;">आग इतनी तेज थी कि घर के अंदर रखा फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़े और अन्य घरेलू सामग्री पूरी तरह जल गई। आग की वजह से घर के कई हिस्सों को भी नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। स्थानीय पार्षद लकी राय और आसपास के रहवासियों ने भी आग बुझाने में मदद की। रहवासियों ने पानी और अन्य संसाधनों की व्यवस्था कर दमकल टीम का सहयोग किया। आग लगने के दौरान इलाके में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया था।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>शॉर्ट सर्किट की आशंका</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">फायर ब्रिगेड की प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार आग की शुरुआत बिजली से जुड़े हिस्से से हुई और बाद में एयर कंडिशनर के ब्लास्ट के कारण लपटें तेजी से फैल गईं।</p>
<p style="text-align:justify;">फायर फाइटर पंकज यादव ने बताया कि आग तेजी से फैलने के कारण परिवार को सामान निकालने का मौका नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि एसी में धमाका होने के बाद आग ने घर के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। दमकल टीम ने आग बुझाने के साथ आसपास के मकानों को भी सुरक्षित किया ताकि लपटें अन्य घरों तक न पहुंचें। कुछ समय के लिए इलाके की बिजली सप्लाई भी सावधानी के तौर पर बंद की गई थी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>गर्मी में बढ़ रहे आग के मामले</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">भोपाल में बढ़ती गर्मी के बीच आग लगने की घटनाओं में भी इजाफा देखा जा रहा है। फायर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लगातार एसी, कूलर और अन्य बिजली उपकरणों के अधिक उपयोग से शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है। पुराने वायरिंग सिस्टम, ओवरलोड बिजली कनेक्शन और खराब उपकरण आग की बड़ी वजह बन सकते हैं। ऐसे में लोगों को समय-समय पर बिजली फिटिंग और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच करानी चाहिए। फायर विभाग ने लोगों से अपील की है कि घरों में सुरक्षा उपायों का ध्यान रखें और किसी भी तरह की स्पार्किंग या बिजली संबंधी खराबी को नजरअंदाज न करें। अधिकारियों का कहना है कि समय पर सतर्कता बरतने से बड़े हादसों को रोका जा सकता है। घटना के बाद स्थानीय लोग भी दहशत में हैं। रहवासियों का कहना है कि यदि परिवार समय रहते बाहर नहीं निकलता तो बड़ा हादसा हो सकता था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 10:59:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक डीजल की शीशी बनी मौत की वजह, कुम्हारी आगकांड में जांच रिपोर्ट ने खोले कई राज</title>
                                    <description><![CDATA[दुर्ग के कुम्हारी अग्निकांड जांच में खुलासा हुआ कि गैस रिसाव और सिलेंडर ब्लास्ट से 4 लोगों की मौत हुई। डीजल की शीशी से आग तेजी से फैली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/a-diesel-bottle-became-the-cause-of-death-investigation-report/article-53956"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/durg-fire-tragedy-gas-cylinder-blast.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">12<span lang="hi" xml:lang="hi"> मई को दुर्ग जिले के कुम्हारी इलाके के खपरी गांव में हुए भयानक अग्निकांड की जांच रिपोर्ट के बाद इस हादसे के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। शुरुआत में यह आशंका जताई गई थी कि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अब प्रशासनिक जांच में खुलासा हुआ है कि घर में रखे गैस सिलेंडर के रेगुलेटर से गैस लीक हो रही थी। गैस कमरे में फैल गई और किसी चिंगारी के कारण अचानक आग लग गई। देखते ही देखते झोपड़ी आग की लपटों में घिर गई। रिपोर्ट के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महज ढाई मिनट के अंदर पूरा घर जलने लगा और चार लोगों की मौत हो गई। बताया गया है कि घर में रखी एक छोटी डीजल की बोतल ने आग को और भयानक बना दिया था।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शुरूआती जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनिल वैष्णव ने उसी दिन सुबह गैस सिलेंडर भरवाकर घर लाया था। उनका परिवार कई दिनों से चूल्हे पर खाना बना रहा था क्योंकि घर में गैस खत्म हो गई थी। सिलेंडर को घर के अंदर रखने के कुछ समय बाद ही रेगुलेटर से गैस रिसने लगी। जांच टीम का मानना है कि गैस पूरे कमरे में फैल चुकी थी और इसी दौरान किसी कारणवश चिंगारी आई। फिर आग इतनी तेजी से फैल गई कि अंदर मौजूद लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिला। सिलेंडर के विस्फोट से स्थिति और भी बिगड़ गई। आसपास के लोगों ने बचाने की कोशिश की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन लपटें बहुत तेज थीं। घटना पास के सीसीटीवी कैमरों में भी रिकॉर्ड हुई है। अधिकारियों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि कई महत्वपूर्ण सबूत मौके पर ही नष्ट हो गए। राख के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनकी रिपोर्ट अभी बाकी है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस हादसे में अनिल वैष्णव</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनकी बेटियां लक्ष्मी और चांदनी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और दो साल की मासूम गोपिका की भी जलकर मौत हो गई थी। गोपिका कुछ महीने पहले ही अपनी नानी के घर आई थी। परिवार के सदस्यों ने बताया कि बच्ची की आंखों में सफेद दाग की समस्या थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका इलाज रायपुर एम्स में होना था। उसके पिता नंदकिशोर आर्थिक तंगी के बावजूद उसकी चिकित्सा कराने की कोशिश कर रहे थे। हादसे वाले दिन भी वह वेतन लेने रायपुर गया था ताकि बेटी का इलाज करवा सके। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जांच टीम ने बिजली विभाग से भी जानकारी जुटाई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि </span>1 <span lang="hi" xml:lang="hi">मई से </span>12 <span lang="hi" xml:lang="hi">मई के बीच इलाके में बिजली के खंभों से चिंगारी निकलने या शॉर्ट सर्किट की कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई थी। मौके पर मिले बिजली के उपकरण भी सामान्य हालत में पाए गए। तहसीलदार रवि विश्वकर्मा की अध्यक्षता में गठित टीम ने आसपास के लोगों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रत्यक्षदर्शियों और परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए। पुलिस जांच में किसी विवाद या आपराधिक एंगल की बात सामने नहीं आई है। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा है कि अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 12:25:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छिंदवाड़ा में डिस्पोजल फैक्ट्री में भीषण आग, दो झुलसे, लाखों का नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[रात 2 बजे लगी आग ने पूरी फैक्ट्री को चपेट में लिया, दमकल की 5 गाड़ियों ने 4 घंटे में पाया काबू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/major-fire-in-disposal-factory-in-chhindwara-two-burnt-loss/article-51008"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/chhindwara-fire-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में सोमवार तड़के एक डिस्पोजल फैक्ट्री में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। सोनपुर रोड स्थित इस फैक्ट्री में रात करीब 2 बजे आग भड़की, जिसने कुछ ही समय में पूरी यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में फैक्ट्री संचालक दीपक साहू समेत दो लोग झुलस गए, जबकि करीब 50 लाख रुपए से अधिक के नुकसान का अनुमान है।</p>
<p>घटना के समय फैक्ट्री परिसर में बने मकान में संचालक अपने परिवार के साथ मौजूद थे। आग की जानकारी मिलते ही अफरा-तफरी मच गई। परिवार के एक बुजुर्ग सदस्य आग की चपेट में आ गए, जिन्हें बचाने के प्रयास में दीपक साहू भी घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और इलाज के लिए भेजा गया।</p>
<p>आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। नगर निगम के चार पानी के टैंकर भी लगाए गए। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में पॉलीथिन और डिस्पोजल सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैलती रही और उसे नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 6 बजे आग पर काबू पाया गया, हालांकि अंदर से धुआं उठता रहा।</p>
<p>इस दौरान एक बड़ा हादसा टल गया। फैक्ट्री परिसर में रखे गैस सिलेंडर और डीजल को समय रहते बाहर निकाल लिया गया। यदि ये ज्वलनशील सामग्री आग की चपेट में आ जाती, तो नुकसान और भी अधिक हो सकता था।</p>
<p>परिजनों के अनुसार, घर में रखी करीब 28 लाख रुपए की नकद राशि को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन फैक्ट्री का अधिकांश सामान जलकर खाक हो गया। आग की चिंगारियों से पास के खेतों में खड़ी फसल को भी नुकसान पहुंचा है।</p>
<p>घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। नायब तहसीलदार ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है, हालांकि शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है।</p>
<p>कोतवाली निरीक्षक आशीष कुमार ने बताया कि एहतियात के तौर पर दमकल टीम को मौके पर तैनात रखा गया है, ताकि दोबारा आग भड़कने की स्थिति से निपटा जा सके। प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है और पीड़ित परिवार को राहत देने की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 11:31:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र में तार फैक्ट्री में भीषण आग, कावेरी इंडस्ट्री में हड़कंप; जनहानि नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[खमतराई थाना क्षेत्र की घटना, फायर ब्रिगेड और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक घंटे में आग पर काबू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/6986f1cfde098/article-45583"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-02/lifestyel----2026-02-07t134715.168.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रायपुर।</strong>छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र में आज दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खमतराई थाना क्षेत्र स्थित कावेरी इंडस्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। तार निर्माण से जुड़ी इस फैक्ट्री से उठता घना धुआं कई किलोमीटर दूर से दिखाई दिया। आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। समय रहते फैक्ट्री को खाली करा लिया गया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।</p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय फैक्ट्री परिसर से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और फैक्ट्री के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। चूंकि परिसर में तार, ऑयल, केमिकल और अन्य ज्वलनशील सामग्री रखी हुई थी, इसलिए आग तेजी से फैलती चली गई। आग की लपटें ऊंची उठने लगीं, जिससे आसपास की इकाइयों में भी दहशत फैल गई।</p>
<p><strong>तत्परता से खाली कराई गई फैक्ट्री</strong><br />मौके पर मौजूद निरीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की संयुक्त टीम ने तुरंत फैक्ट्री परिसर को खाली कराया। कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई। इस सतर्कता के चलते कोई भी व्यक्ति आग की चपेट में नहीं आया।</p>
<p>दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर तैनात की गईं। करीब एक घंटे तक चली कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका। आग बुझाने के दौरान दमकल कर्मियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, क्योंकि फैक्ट्री के अंदर मौजूद ज्वलनशील पदार्थ आग को बार-बार भड़काने का कारण बन रहे थे।</p>
<p><strong>10 किलोमीटर दूर तक दिखा धुआं</strong><br />आग की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका धुआं लगभग 10 किलोमीटर दूर तक नजर आया। घटना के दौरान आसपास की फैक्ट्रियों के कर्मचारी और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए। पुलिस ने स्थिति को देखते हुए लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की और अनावश्यक भीड़ को हटाया।</p>
<p><strong>शॉर्ट सर्किट की आशंका</strong><br />प्राथमिक जांच में आग लगने का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही की जा सकेगी। आग की वजह से फैक्ट्री में रखे कच्चे माल और मशीनरी को नुकसान पहुंचा है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है।</p>
<p><strong>प्रशासन अलर्ट, कूलिंग का काम जारी</strong><br />घटना के बाद प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर मौजूद रहीं। एहतियातन कूलिंग का काम जारी रखा गया, ताकि दोबारा आग भड़कने की कोई संभावना न रहे। मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।</p>
<p>यह घटना एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अहमियत को रेखांकित करती है। प्रशासन ने फैक्ट्री प्रबंधन को सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।</p>
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                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Feb 2026 14:01:16 +0530</pubDate>
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