<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/communal-harmony/tag-4464" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Communal Harmony - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/4464/rss</link>
                <description>Communal Harmony RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>इंदौर में ईद पर काजी की अपील, गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करें</title>
                                    <description><![CDATA[नमाजियों ने हाथ उठाकर जताया समर्थन, पानी बचाने और नशे से दूर रहने का संदेश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a17cb9ba773f/article-54386"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/indore-eid-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में ईद-उल-अजहा के मौके पर सांप्रदायिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की एक बार फिर खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। सदर बाजार स्थित ईदगाह में ईद की नमाज से पहले शहर काजी डॉ. इशरत अली ने समाज को एकता, सद्भाव और जिम्मेदारी का संदेश दिया। उन्होंने खुले मंच से गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग रखी, जिसका वहां मौजूद हजारों नमाजियों ने हाथ उठाकर समर्थन किया। इसके बाद शांतिपूर्ण माहौल में ईद की नमाज अदा की गई और लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ईदगाह में सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग नमाज के लिए पहुंचने लगे थे। नमाज शुरू होने से पहले शहर काजी ने अपने संबोधन में सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर बात की। उन्होंने कहा कि गाय को लेकर समाज में कई तरह की धारणाएं और विवाद देखने को मिलते हैं, लेकिन इसे देश की धरोहर के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि “गाय को हमसाया कौम के लोग बड़े एहतराम से देखते हैं। मुसलमानों पर यह इल्जाम लगाया जाता है कि वे गाय काटकर खाते हैं। अब लंबे समय से मांग उठ रही है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। हम मांग करते हैं कि गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाए, ताकि उसके कटने पर पाबंदी लग सके।”</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">काजी की इस अपील के बाद ईदगाह में मौजूद नमाजियों ने हाथ उठाकर समर्थन जताया। वहां मौजूद लोगों ने इसे सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान का संदेश बताया। कई लोगों का कहना था कि इस तरह की पहल समाज में सकारात्मक माहौल बनाने में मदद करती है और विभिन्न समुदायों के बीच भरोसा मजबूत होता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शहर काजी ने अपने संबोधन में पर्यावरण और जल संरक्षण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने लोगों से बारिश के पानी को बचाने और उसे जमीन में उतारने की अपील की। उन्होंने कहा कि पानी की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है और इसका समाधान केवल सरकार या प्रशासन के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने कहा, “यह मत सोचिए कि सब सरकार करेगी। प्रशासन आता-जाता रहता है, लेकिन हमें और आपको भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।” काजी ने लोगों से घरों और मोहल्लों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी व्यवस्था अपनाने की सलाह दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं में बढ़ते नशे को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज समाज में सबसे ज्यादा समस्याएं नशे के कारण पैदा हो रही हैं। नशा युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर रहा है और परिवारों को तोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि समाज को इस बुराई से मिलकर लड़ना होगा। काजी ने यह भी कहा कि कुछ लोग पैसे के लालच में नशे का कारोबार कर रहे हैं, जिससे नई पीढ़ी प्रभावित हो रही है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और अपने भविष्य पर ध्यान देने की अपील की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंदौर की ईद इस बार एक और वजह से खास रही। यहां दशकों पुरानी परंपरा को एक बार फिर निभाया गया। पिछले 50 सालों से ईद के मौके पर एक हिंदू परिवार शहर काजी को उनके घर से ईदगाह तक लाने और वापस छोड़ने की जिम्मेदारी निभाता आ रहा है। इस बार भी सत्यनारायण सलवाडिया और उनके परिवार ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया। जब शहर काजी अपने घर से बाहर आए तो हिंदू परिवार के लोगों ने फूलों की माला पहनाकर उनका स्वागत किया और ईद की मुबारकबाद दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसके बाद विशेष रूप से सजाई गई बग्घी और कार के जरिए शहर काजी को सम्मानपूर्वक सदर बाजार ईदगाह तक लाया गया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। लोगों ने इसे इंदौर की साझा संस्कृति और भाईचारे की मिसाल बताया। पिछले वर्षों में भी यह परंपरा चर्चा का विषय रही है। पिछली ईद पर शहर काजी को विंटेज कार से ईदगाह लाया गया था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ईद के मौके पर शहर में सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया। सभी प्रमुख चौराहों, ईदगाहों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया था। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए भी निगरानी रखी गई। अधिकारियों के मुताबिक पूरे शहर में त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।</p>
<p style="text-align:justify;">नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से मुलाकात की और भाईचारे का संदेश दिया। बच्चों और युवाओं में खास उत्साह दिखाई दिया। बाजारों में भी दिनभर रौनक बनी रही। ईद के इस मौके पर इंदौर से जो तस्वीर सामने आई, उसने एक बार फिर यह दिखाया कि सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान की भावना आज भी लोगों के बीच मजबूत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a17cb9ba773f/article-54386</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a17cb9ba773f/article-54386</guid>
                <pubDate>Thu, 28 May 2026 11:44:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/indore-eid-news.jpg"                         length="215403"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्वालियर में 116 ईदगाह-मस्जिदों में अदा हुई ईद की नमाज, भाईचारे के साथ मनाया गया पर्व</title>
                                    <description><![CDATA[सुबह 7:30 से 9:30 बजे तक विशेष नमाज, लोगों ने गले मिलकर दी मुबारकबाद; बाजारों में दिखी रौनक, 1500 जवान रहे तैनात]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/eid-prayers-were-offered-in-116-eidgah-mosques-in-gwalior-the/article-48664"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/mp-news-(18).jpg" alt=""></a><br /><p>मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में ईद-उल-फितर का पर्व शनिवार को शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में मनाया गया। शहर की 116 ईदगाहों और मस्जिदों में सुबह 7:30 से 9:30 बजे के बीच मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सामूहिक रूप से विशेष नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और देश-दुनिया में अमन-चैन की दुआ मांगी।</p>
<p>नमाज में बड़ी संख्या में युवा, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हुए। आयोजन के दौरान धार्मिक अनुशासन और सामाजिक सौहार्द की झलक साफ दिखाई दी।</p>
<h5><strong>सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश</strong></h5>
<p>ईद के मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सामाजिक एकता का संदेश देते हुए हिंदू समाज के लोगों को भी सिवैयों पर आमंत्रित किया। लोगों ने कहा कि वे दीपावली और होली की तरह इस त्योहार को भी आपसी भाईचारे के साथ मना रहे हैं।</p>
<p>कुछ लोगों ने अन्य शहरों में सामने आई घटनाओं का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया कि ग्वालियर में ईद पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाई गई। नमाज के दौरान किसी प्रकार की नारेबाजी या विवाद की स्थिति नहीं बनी।</p>
<h5><strong>सुरक्षा के कड़े इंतजाम</strong></h5>
<p>ईद के अवसर पर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शहरभर में करीब 1500 पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात किए गए थे।</p>
<p>संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी गई, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अफवाह को रोका जा सके। प्रशासन ने बताया कि सभी स्थानों पर नमाज शांतिपूर्वक संपन्न हुई और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।</p>
<h5><strong>बाजारों में दिखी रौनक</strong></h5>
<p>ईद के त्योहार का असर शहर के बाजारों में भी साफ नजर आया। ईद से पहले ही बाजारों में फैनी, सेवइयां, कपड़े और गहनों की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई थी।</p>
<p>त्योहार के दिन भी लोग खरीदारी करते नजर आए। व्यापारियों के अनुसार इस बार बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। बाजारों में उत्साह और चहल-पहल का माहौल बना रहा, जिससे स्थानीय कारोबार को भी फायदा मिला।</p>
<h5><strong>क्यों मनाई जाती है ईद</strong></h5>
<p>ईद-उल-फितर रमजान के महीने के रोजों के समापन के बाद मनाई जाती है। इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं और जरूरतमंदों को फित्रा देकर सामाजिक समानता का संदेश देते हैं।मीठी सेवइयां खिलाकर खुशियां साझा करना इस पर्व की प्रमुख परंपरा है, जो आपसी प्रेम और सौहार्द को मजबूत बनाती है।</p>
<p>प्रशासन ने बताया कि शहर में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी जारी रहेगी। त्योहार के बाद भी पुलिस सतर्क रहेगी, ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे।</p>
<p>-----------------------</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/eid-prayers-were-offered-in-116-eidgah-mosques-in-gwalior-the/article-48664</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/eid-prayers-were-offered-in-116-eidgah-mosques-in-gwalior-the/article-48664</guid>
                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 12:01:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-03/mp-news-%2818%29.jpg"                         length="213941"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        