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                <title>Aviation News - दैनिक जागरण</title>
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                <title>जेट फ्यूल महंगा होने से हवाई यात्रा पर असर, किराए बढ़ने के संकेत</title>
                                    <description><![CDATA[मैकिंजी की रिपोर्ट में दावा, वैश्विक सप्लाई दबाव और बढ़ती ईंधन लागत के चलते आने वाले महीनों में एयर टिकट 25% तक महंगे हो सकते हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a3ccd1c3b033/article-56883"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/air-travel-cost.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आने वाले समय में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी जेब कुछ ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है। वैश्विक कंसल्टिंग फर्म मैकिंजी की एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतों और सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों के कारण एयर टिकटों के दाम में 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के कई हिस्सों में जारी भू-राजनीतिक तनाव, रिफाइनरियों की सीमित उत्पादन क्षमता और ईंधन भंडारों को फिर से भरने की कोशिशों ने जेट फ्यूल बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है। इसका सीधा असर एयरलाइंस कंपनियों की लागत पर पड़ रहा है और यदि हालात लंबे समय तक बने रहते हैं तो इसका बोझ यात्रियों तक पहुंच सकता है। एविएशन इंडस्ट्री में ईंधन सबसे बड़ा खर्च माना जाता है। आमतौर पर किसी भी हवाई टिकट की कुल कीमत में लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा केवल फ्यूल कॉस्ट का होता है। ऐसे में जेट फ्यूल के दाम बढ़ने का असर एयरलाइंस के परिचालन खर्च पर तुरंत दिखाई देता है। एयरलाइंस कंपनियां लगातार बढ़ती लागत को लंबे समय तक खुद वहन नहीं कर सकतीं, इसलिए अंततः किराए में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ जाती है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों को लेकर होने वाला हर बदलाव एयर ट्रैवल सेक्टर के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मैकिंजी की रिपोर्ट में ‘क्रैक स्प्रेड’ को भी प्रमुख कारण बताया गया है। क्रैक स्प्रेड वह अंतर होता है जो कच्चे तेल और उससे तैयार होने वाले रिफाइंड उत्पादों की कीमतों के बीच होता है। सामान्य परिस्थितियों में जेट फ्यूल का क्रैक स्प्रेड 20 डॉलर प्रति बैरल या उससे कम रहता है। हालांकि रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2026 के दौरान यह औसतन 50 डॉलर प्रति बैरल से अधिक तक पहुंच सकता है। यदि ऐसा होता है तो एयरलाइंस कंपनियों के लिए ईंधन खरीदना काफी महंगा हो जाएगा और परिचालन लागत में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है। खाड़ी क्षेत्र और प्रमुख एशियाई देशों से जेट फ्यूल की आपूर्ति में कमी भी बाजार को प्रभावित कर रही है। वैश्विक जेट फ्यूल सप्लाई का बड़ा हिस्सा इन्हीं क्षेत्रों से आता है। हाल के महीनों में कई देशों ने अपने रणनीतिक ईंधन भंडार को सुरक्षित रखने के लिए निर्यात पर सीमित नियंत्रण लगाए हैं। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्ध आपूर्ति घट गई है। भारत, चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की नीतियों का असर भी वैश्विक ईंधन व्यापार पर पड़ता है, क्योंकि ये देश ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मौजूदा स्थिति इसलिए भी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि कई बड़ी रिफाइनरियां पहले से ही अपनी अधिकतम क्षमता के करीब काम कर रही हैं। ऐसे में मांग बढ़ने पर उत्पादन को तुरंत बढ़ा पाना आसान नहीं है। सप्लाई और मांग के बीच पैदा हो रहा यह असंतुलन कीमतों को ऊपर बनाए रख सकता है। फिलहाल कई देशों और कंपनियों द्वारा पुराने ईंधन भंडार का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि बाजार में तत्काल कमी न दिखाई दे, लेकिन यह व्यवस्था लंबे समय तक टिकाऊ नहीं मानी जा रही। हालांकि बाजार में कुछ राहत के संकेत भी दिखाई दे रहे हैं। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की आवाजाही सामान्य होने से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के दाम हाल के दिनों में नीचे आए हैं, जिससे ऊर्जा क्षेत्र को कुछ राहत मिली है। जानकारों का मानना है कि यदि तेल आपूर्ति सामान्य बनी रहती है और बड़े भू-राजनीतिक संकट नहीं उभरते हैं तो जेट फ्यूल की कीमतों पर दबाव कुछ कम हो सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसके बावजूद विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि केवल कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से पूरी समस्या का समाधान नहीं होगा। जेट फ्यूल की कीमतें केवल क्रूड ऑयल पर निर्भर नहीं करतीं, बल्कि रिफाइनिंग क्षमता, लॉजिस्टिक्स, भंडारण और वैश्विक मांग जैसे कई कारकों से प्रभावित होती हैं। इसलिए निकट भविष्य में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना बनी हुई है। एयरलाइंस कंपनियां भी बाजार की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और लागत प्रबंधन के लिए अलग-अलग रणनीतियों पर काम कर रही हैं। भारत जैसे तेजी से बढ़ते एविएशन बाजार के लिए यह स्थिति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। देश में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यदि एयर टिकट महंगे होते हैं तो इसका असर पर्यटन, व्यापारिक यात्राओं और आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। खासतौर पर त्योहारी सीजन और छुट्टियों के दौरान यात्रा की योजना बनाने वाले लोगों को अधिक खर्च का सामना करना पड़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 12:16:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भोपाल आने वाली इंडिगो फ्लाइट का टेक-ऑफ अंतिम क्षणों में रोका गया, यात्रियों में मची हलचल</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई एयरपोर्ट पर रनवे पर रफ्तार पकड़ चुके विमान में तकनीकी संकेत मिलने के बाद पायलट ने रोकी उड़ान, करीब ढाई घंटे की देरी से भोपाल पहुंची फ्लाइट]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/take-off-of-indigo-flight-coming-to-bhopal-was-stopped-at/article-55503"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/indigo-flight-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मुंबई से भोपाल आने वाली इंडिगो की एक उड़ान मंगलवार को उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब टेक-ऑफ के अंतिम चरण में विमान को अचानक रोकना पड़ा। यह फैसला ऐसे समय लिया गया जब विमान रनवे पर पूरी गति से आगे बढ़ रहा था और कुछ ही सेकंड में हवा में उड़ान भरने वाला था। अचानक लगाए गए ब्रेक से विमान में बैठे यात्रियों के बीच कुछ देर के लिए घबराहट का माहौल बन गया। हालांकि पायलट की सतर्कता और सुरक्षा मानकों के पालन के चलते एक संभावित जोखिम को समय रहते टाल दिया गया। घटना मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की है, जहां से इंडिगो की एयरबस ए-321 नियो फ्लाइट भोपाल के लिए रवाना होने वाली थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">जानकारी के अनुसार विमान ने दोपहर करीब 3:50 बजे टेक-ऑफ की प्रक्रिया शुरू की थी। एयर ट्रैफिक कंट्रोल से अनुमति मिलने के बाद विमान रनवे पर तेजी से आगे बढ़ने लगा। इसी दौरान पायलट को सिस्टम में किसी तकनीकी गड़बड़ी का संकेत प्राप्त हुआ। विमानन नियमों के अनुसार ऐसी स्थिति में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। पायलट ने तत्काल निर्णय लेते हुए टेक-ऑफ को निरस्त कर दिया और विमान को सुरक्षित रूप से रनवे पर रोक लिया। विमान की गति काफी अधिक होने के कारण अचानक ब्रेक लगने से कई यात्रियों को तेज झटका महसूस हुआ।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विमान में मौजूद यात्रियों को पहले कुछ समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। विमान के अचानक रुकने के बाद कुछ मिनटों तक असमंजस की स्थिति बनी रही। कई यात्रियों ने बाद में बताया कि उस क्षण उन्हें लगा कि कोई गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। नियमित हवाई यात्रा करने वाले कुछ यात्रियों ने भी इसे असामान्य अनुभव बताया। हालांकि विमान चालक दल ने स्थिति को नियंत्रित रखा और यात्रियों को शांत रहने की सलाह दी।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटना के बाद विमान को रनवे से हटाकर पार्किंग बे तक ले जाया गया। वहां तकनीकी विशेषज्ञों और इंजीनियरों की टीम ने विमान की विस्तृत जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में यह सुनिश्चित किया गया कि उड़ान सुरक्षा से जुड़ी कोई गंभीर समस्या मौजूद तो नहीं है। एयरलाइन के तकनीकी कर्मचारियों ने कई स्तरों पर परीक्षण किए और विमान के सभी महत्वपूर्ण सिस्टम की जांच की गई। इस प्रक्रिया में काफी समय लग गया, जिसके कारण उड़ान निर्धारित समय से काफी पीछे हो गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस फ्लाइट में कुल 221 यात्री सवार थे। इनमें हज यात्रा से लौट रहे लगभग 25 यात्री भी शामिल थे। भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए परिजन और रिश्तेदार काफी संख्या में पहले से मौजूद थे। फ्लाइट के विलंबित होने के कारण उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों को शुरुआत में देरी का कारण स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया था, जिससे यात्रियों के परिजनों की चिंता भी बढ़ गई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">करीब एक घंटे बाद यात्रियों को विमान के भीतर स्थिति की जानकारी दी गई। एयरलाइन की ओर से बताया गया कि तकनीकी संकेत मिलने के कारण सुरक्षा जांच की जा रही है और सभी आवश्यक परीक्षण पूरे होने के बाद ही विमान को उड़ान भरने की अनुमति दी जाएगी। इसके बाद इंजीनियरों ने विमान को दोबारा उड़ान के लिए फिट घोषित किया। सभी जांच पूरी होने के बाद शाम 6:26 बजे विमान ने पुनः मुंबई से उड़ान भरी और रात करीब 7:40 बजे भोपाल पहुंचा। टेक-ऑफ के अंतिम क्षणों में उड़ान रोकना सामान्य स्थिति नहीं होती, लेकिन यह प्रक्रिया सुरक्षा प्रोटोकॉल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि पायलट को किसी भी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी या असामान्य संकेत मिलता है तो टेक-ऑफ को रोकना ही सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार कई बार मामूली तकनीकी संकेत भी बड़े जोखिम का कारण बन सकते हैं, इसलिए विमान चालक दल ऐसे मामलों में कोई जोखिम नहीं लेता।</p>
<p> एयरलाइन की ओर से तकनीकी गड़बड़ी की प्रकृति को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। हालांकि घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि आधुनिक विमानन व्यवस्था में सुरक्षा मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। यात्रियों को भले ही कुछ घंटों की असुविधा का सामना करना पड़ा हो, लेकिन समय रहते लिया गया निर्णय उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 13:53:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>जबलपुर से मुंबई और बेंगलुरु उड़ानों में कटौती, इंडिगो ने जारी किया नया शेड्यूल</title>
                                    <description><![CDATA[ईंधन लागत बढ़ने का असर हवाई सेवाओं पर, यात्रियों को किराया और उपलब्धता दोनों की चिंता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/indigo-cuts-flights-from-jabalpur-to-mumbai-and-bengaluru-releases/article-54734"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/jabalpur-flight-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">जबलपुर से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले दिनों में कुछ मुश्किलें बढ़ सकती हैं। निजी विमानन कंपनी इंडिगो ने जबलपुर से मुंबई और बेंगलुरु के लिए संचालित अपनी उड़ानों के शेड्यूल में बदलाव करते हुए उड़ानों की संख्या कम करने का फैसला किया है। कंपनी की ओर से जारी नए शेड्यूल के अनुसार अब ये उड़ानें सप्ताह के चुनिंदा दिनों में ही संचालित होंगी। अब तक प्रतिदिन उपलब्ध रहने वाली कुछ सेवाएं सीमित कर दी गई हैं, जिससे यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना पहले से अधिक सावधानी से बनानी होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">एविएशन सेक्टर पर बढ़ती ईंधन लागत का असर लगातार दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक तनाव के कारण विमानन कंपनियों का परिचालन खर्च बढ़ा है। इसका असर अब छोटे और मध्यम शहरों को जोड़ने वाली घरेलू उड़ानों पर भी देखने को मिल रहा है। जबलपुर जैसे शहर, जहां हवाई यात्रा की मांग लगातार बढ़ रही थी, वहां भी उड़ानों में कटौती का निर्णय यात्रियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इंडिगो द्वारा जारी नए शेड्यूल के मुताबिक 16 जून से 30 जून के बीच जबलपुर से मुंबई और बेंगलुरु की उड़ानों में बदलाव लागू रहेगा। पहले जहां मुंबई और बेंगलुरु के लिए नियमित उड़ानें संचालित हो रही थीं, वहीं अब उनकी संख्या घटा दी गई है। नए कार्यक्रम के अनुसार मुंबई से जबलपुर और जबलपुर से मुंबई की उड़ानें सप्ताह में केवल चार दिन संचालित होंगी। इसी तरह बेंगलुरु रूट पर भी उड़ानों की संख्या सीमित कर दी गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जानकारी के अनुसार अब जबलपुर से बेंगलुरु के लिए उड़ान सप्ताह में चार दिन सोमवार, बुधवार, शनिवार और रविवार को उपलब्ध रहेगी। वहीं मुंबई के लिए उड़ानें मंगलवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को संचालित की जाएंगी। इससे उन यात्रियों को विशेष रूप से परेशानी हो सकती है जो व्यवसाय, शिक्षा, चिकित्सा या अन्य जरूरी कारणों से नियमित रूप से इन शहरों की यात्रा करते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">उड़ानों में कटौती का असर केवल समय-सारणी तक सीमित नहीं है। यात्रियों की जेब पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ने लगा है। विमानन कंपनियों ने कई रूटों पर किराए में बढ़ोतरी की है। जबलपुर से मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद और इंदौर जाने वाले यात्रियों को अब पहले की तुलना में अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है। कई मामलों में टिकट की कीमतों में चार हजार से आठ हजार रुपये तक का अंतर देखा जा रहा है। अचानक बढ़े किराए ने मध्यम वर्गीय यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">यात्रियों का कहना है कि पहले से सीमित विकल्पों वाले शहरों में उड़ानों की संख्या कम होने से टिकट मिलना भी कठिन हो सकता है। यदि किसी दिन की उड़ान रद्द हो जाए या सीटें भर जाएं तो यात्रियों को अगले उपलब्ध दिन का इंतजार करना पड़ सकता है। इससे व्यापारिक यात्राओं और जरूरी कामों पर भी असर पड़ सकता है। खासतौर पर दक्षिण भारत और महाराष्ट्र जाने वाले यात्रियों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एयरलाइन कंपनियां लगातार बढ़ती परिचालन लागत से जूझ रही हैं। विमान ईंधन की कीमतें कुल खर्च का बड़ा हिस्सा होती हैं। जब ईंधन महंगा होता है तो कंपनियां लागत कम करने के लिए कम लाभ वाले रूटों पर उड़ानों की संख्या घटाने का विकल्प चुनती हैं। इसके अलावा विमान उपलब्धता, रखरखाव खर्च और यात्री भार भी किसी रूट के संचालन को प्रभावित करते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि विमानन कंपनियों का कहना है कि यह बदलाव स्थायी नहीं है। यदि आने वाले समय में यात्रियों की संख्या बढ़ती है और परिचालन लागत नियंत्रित होती है तो उड़ानों की संख्या फिर से बढ़ाई जा सकती है। एयरलाइन उद्योग लगातार बाजार की स्थिति और मांग का मूल्यांकन करता है और उसी आधार पर अपने नेटवर्क में बदलाव करता है। फिलहाल कंपनियां उन रूटों पर अधिक ध्यान दे रही हैं जहां यात्रियों की संख्या और राजस्व अपेक्षाकृत अधिक है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जबलपुर शहर पिछले कुछ वर्षों में हवाई संपर्क के मामले में तेजी से विकसित हुआ है। दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु और इंदौर जैसे प्रमुख शहरों से सीधी उड़ानों ने यात्रियों को बड़ी सुविधा दी थी। ऐसे में उड़ानों की संख्या में कमी को लेकर स्थानीय व्यापारिक संगठनों और यात्रियों ने भी चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि बेहतर हवाई संपर्क किसी भी शहर के आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए जरूरी होता है। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे यात्रा की योजना पहले से बनाएं और टिकट समय रहते बुक कर लें। उड़ानों की सीमित उपलब्धता और बढ़ते किराए को देखते हुए अंतिम समय में टिकट लेना महंगा पड़ सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 13:35:01 +0530</pubDate>
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                <title>इंडिगो को चौथी तिमाही में ₹2,536 करोड़ का घाटा, किराए बढ़ाने के संकेत</title>
                                    <description><![CDATA[महंगे फ्यूल, रुपये की कमजोरी और परिचालन चुनौतियों से बढ़ा दबाव, यात्रियों पर पड़ सकता है अतिरिक्त बोझ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/indigos-loss-of-%E2%82%B9-2536-crore-in-the-fourth-quarter/article-54572"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/indigo-q4-loss-2026.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">इंडिगो एयरलाइन की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं और इस बार आंकड़ों ने बाजार का ध्यान अपनी ओर खींचा है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन को जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही में 2,536 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने 3,068 करोड़ रुपए का मुनाफा दर्ज किया था। एक साल के भीतर मुनाफे से घाटे में पहुंचना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि एविएशन सेक्टर इस समय कई मोर्चों पर दबाव झेल रहा है। हालांकि कंपनी का कुल कारोबार बढ़ा है, लेकिन बढ़ती लागत और बाहरी आर्थिक परिस्थितियों ने मुनाफे की तस्वीर पूरी तरह बदल दी। इंडिगो ने साफ संकेत दिए हैं कि बढ़ती फ्यूल लागत का असर अब यात्रियों की जेब पर भी पड़ सकता है और आने वाले समय में हवाई किरायों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">कंपनी के मुताबिक घाटे की सबसे बड़ी वजह एविएशन टरबाइन फ्यूल यानी एटीएफ की बढ़ती कीमतें रहीं। इसके अलावा भारतीय रुपए में आई कमजोरी ने भी कंपनी के खर्च को बढ़ाया। एयरलाइन उद्योग में विमान लीज, मेंटेनेंस और कई अन्य भुगतान डॉलर में किए जाते हैं, ऐसे में रुपए की गिरावट सीधे लागत बढ़ाती है। इस तिमाही में कंपनी पर लगभग 250 करोड़ रुपए का एकमुश्त शुल्क भी आया, जिससे वित्तीय परिणाम और प्रभावित हुए। इन चुनौतियों के बावजूद इंडिगो का परिचालन राजस्व बढ़कर 22,438 करोड़ रुपए पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 22,152 करोड़ रुपए था। यानी यात्रियों की मांग बनी रही, लेकिन बढ़ती लागत ने कमाई का बड़ा हिस्सा खा लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का असर पूरी दुनिया के एविएशन सेक्टर पर दिखाई दे रहा है। इंडिगो ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में आई अस्थिरता के कारण जेट फ्यूल महंगा हुआ है। ऐसे हालात में एयरलाइन अब घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों रूटों पर किरायों को समायोजित करने की तैयारी कर रही है। कंपनी का मानना है कि यदि लागत लगातार बढ़ती रही तो उसका कुछ हिस्सा टिकट कीमतों में शामिल करना जरूरी होगा। इसका असर आने वाले महीनों में यात्रियों को महसूस हो सकता है, खासकर व्यस्त यात्रा सीजन के दौरान।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी बीच इंडिगो अब फ्यूल हेजिंग की रणनीति पर भी विचार कर रही है। यह एक ऐसी व्यवस्था होती है जिसके जरिए एयरलाइंस भविष्य की ईंधन कीमतों को पहले से तय करके अचानक बढ़ने वाले खर्च से खुद को बचाने की कोशिश करती हैं। दुनिया की कई बड़ी एयरलाइंस लंबे समय से इस मॉडल का इस्तेमाल कर रही हैं। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि ईंधन लागत सबसे बड़ा अनिश्चित कारक बनी हुई है और जोखिम कम करने के लिए विभिन्न विकल्पों का अध्ययन किया जा रहा है। यदि यह रणनीति लागू होती है तो भविष्य में कीमतों में अचानक उछाल का असर कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">कंपनी ने वित्तीय मोर्चे पर एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इंडिगो के बोर्ड ने लगभग 450 मिलियन डॉलर के प्रीपेमेंट को मंजूरी दी है। यह राशि उसकी सहायक कंपनी इंटरग्लोब एविएशन फाइनेंशियल सर्विसेज को दी जाएगी। इस फंड का उपयोग विमान, इंजन और अन्य एविएशन उपकरण खरीदने में किया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे कंपनी धीरे-धीरे अपने खुद के एविएशन एसेट्स बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ेगी और लंबे समय में लीज पर निर्भरता कम हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया ने कहा कि बीता वित्त वर्ष बेहद चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन इसके बावजूद कारोबार की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है। उनके अनुसार कंपनी की क्षमता में 9.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई और कुल आय में छह प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई। उन्होंने यह भी कहा कि यदि विदेशी मुद्रा के उतार-चढ़ाव और एकमुश्त खर्चों को अलग कर दिया जाए तो कंपनी ने लगभग 7,500 करोड़ रुपए का लाभ कमाया है। प्रबंधन का दावा है कि इंडिगो की बैलेंस शीट मजबूत है और कंपनी के पास पर्याप्त नकदी उपलब्ध है।</p>
<p style="text-align:justify;">परिचालन आंकड़ों में कुछ कमजोरी भी दिखाई दी है। तिमाही के दौरान यात्रियों की संख्या 1.1 प्रतिशत घटकर 31.6 मिलियन रह गई। प्रति किलोमीटर कमाई यानी यील्ड में भी 2.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई और यह 5.20 रुपए पर आ गई। वहीं पैसेंजर लोड फैक्टर 85.8 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल की तुलना में कम है। इसका मतलब है कि उड़ानों में सीटों की भराव क्षमता थोड़ी घटी है। फिर भी एविएशन उद्योग के मानकों के अनुसार यह आंकड़ा अभी भी मजबूत माना जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">शेयर बाजार में भी नतीजों से पहले दबाव देखने को मिला। इंटरग्लोब एविएशन का शेयर कारोबार के अंत में गिरावट के साथ बंद हुआ। पिछले छह महीनों में शेयर में उल्लेखनीय कमजोरी दर्ज की गई है। हालांकि कंपनी का बाजार पूंजीकरण अब भी 1.71 लाख करोड़ रुपए के आसपास बना हुआ है, जो इसकी मजबूत बाजार स्थिति को दर्शाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 14:57:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला, स्विस एयर विमान के इंजन में आग</title>
                                    <description><![CDATA[टेकऑफ के दौरान तकनीकी खराबी, 6 यात्री घायल; सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/major-accident-averted-at-delhi-airport-fire-in-engine-of/article-52147"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/delhi-airport-incident.jpg" alt=""></a><br /><p>राष्ट्रीय राजधानी के <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा</span></span> पर आज तड़के एक बड़ा विमान हादसा टल गया, जब <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Swiss International Air Lines</span></span> की फ्लाइट LX147 के इंजन में टेकऑफ के दौरान आग लग गई। पायलट की तत्परता से उड़ान तुरंत रोक दी गई, जिससे विमान में सवार 228 यात्रियों और क्रू मेंबर्स की जान बच गई। इस घटना में 6 यात्री घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।</p>
<p>बताया जा रहा है कि फ्लाइट LX147 दिल्ली से ज्यूरिख के लिए रवाना हो रही थी। रविवार सुबह करीब 1 बजे विमान रनवे पर टेकऑफ की प्रक्रिया में था, तभी उसके एक इंजन में अचानक खराबी आ गई और उसमें आग लग गई। स्थिति को गंभीर देखते हुए पायलट ने तत्काल उड़ान रद्द कर दी और आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू किया गया।</p>
<p>घटना के बाद विमान में सवार यात्रियों को इमरजेंसी स्लाइड और सीढ़ियों की मदद से बाहर निकाला गया। इस दौरान कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना, लेकिन क्रू मेंबर्स ने स्थिति को नियंत्रित रखा। एयरपोर्ट प्रशासन और आपातकालीन सेवाएं तुरंत सक्रिय हो गईं और आग पर काबू पा लिया गया।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, विमान एक एयरबस A330 था, जिसमें कुल 228 यात्री और 4 शिशु सवार थे। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।</p>
<p>एयरलाइन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उड़ान के दौरान तकनीकी समस्या सामने आने पर सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए टेकऑफ रोकने का निर्णय लिया गया। कंपनी ने इस घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की है। तकनीकी विशेषज्ञ जल्द ही दिल्ली पहुंचकर विमान की विस्तृत जांच करेंगे।</p>
<p>घटना के बाद यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक उड़ानों और होटल में ठहरने की व्यवस्था की जा रही है। एयरलाइन ने कहा है कि सभी प्रभावित यात्रियों से संपर्क बनाए रखा जा रहा है और उनकी यात्रा को जल्द पूरा कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 15:52:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>2 घंटे तक लैंड नहीं कर सकी हैदराबाद-हुबली फ्लाइट, यात्रियों में फैली दहशत</title>
                                    <description><![CDATA[हैदराबाद-हुबली फ्लाइट खराब मौसम के कारण 2 घंटे हवा में रही और बेंगलुरु डायवर्ट हुई। यात्रियों के डर के वीडियो वायरल हुए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/hyderabad-hubli-flight-could-not-land-for-2-hours-panic-spread/article-51681"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/hyderabad-hubli-flight.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">हैदराबाद से हुबली जा रही Fly-91 एयरलाइन की फ्लाइट IC3401 को रविवार शाम खराब मौसम के कारण निर्धारित समय पर लैंडिंग नहीं मिल सकी और करीब दो घंटे तक हवा में होल्ड पर रखना पड़ा। यह हैदराबाद-हुबली फ्लाइट दोपहर 3 बजे रवाना हुई थी और इसे शाम 4:30 बजे हुबली पहुंचना था, लेकिन मौसम बिगड़ने के चलते विमान पहले हुबली के आसमान में करीब एक घंटे तक चक्कर लगाता रहा। इसके बाद स्थिति अनुकूल न होने पर पायलट ने सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत फ्लाइट को बेंगलुरु डायवर्ट कर दिया, जहां इसे शाम 6:30 बजे सुरक्षित उतारा गया। इस दौरान फ्लाइट में सवार 22 यात्री घबराए नजर आए और कई लोग रोते व प्रार्थना करते दिखे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">रिपोर्ट्स के अनुसार, विमान जब हुबली के नजदीक पहुंचा तो वहां मौसम तेजी से बिगड़ गया। तेज हवाओं और खराब विजिबिलिटी के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने तत्काल लैंडिंग की अनुमति नहीं दी। पायलट ने विमान को सुरक्षित ऊंचाई पर होल्ड में रखा और लगातार स्थिति का आकलन करते रहे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">करीब एक घंटे तक इंतजार के बाद भी मौसम में सुधार नहीं हुआ, जिसके चलते फ्लाइट को डायवर्ट करने का निर्णय लिया गया। बेंगलुरु एयरपोर्ट पर विमान सुरक्षित लैंड हुआ और बाद में रात 11 बजे उसी फ्लाइट को हुबली के लिए रवाना किया गया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">यात्रियों में घबराहट</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कई यात्री स्पष्ट रूप से डरे हुए दिखते हैं। कुछ लोग रोते हुए और भगवान से प्रार्थना करते नजर आए, जबकि कुछ अन्य यात्री एक-दूसरे को ढांढस बंधाते रहे।</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">वीडियो में ‘ओह माय गॉड</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;" xml:lang="en-us">’</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us"> </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">जैसी आवाजें सुनाई देती हैं और एक यात्री पायलट से बेंगलुरु या बेलगाम ले जाने की अपील करता सुनाई देता है। वहीं, केबिन क्रू और पायलट यात्रियों को शांत रहने और निर्देशों का पालन करने की अपील करते रहे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">आधिकारिक बयान</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">एयरलाइन के अधिकारियों के अनुसार, इस हैदराबाद-हुबली फ्लाइट में किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी नहीं थी। कंपनी ने स्पष्ट किया कि डायवर्जन केवल खराब मौसम के कारण किया गया और यह पूरी तरह से निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं के अनुरूप था।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">एयरलाइन ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर तकनीकी गड़बड़ी से जुड़ी खबरें भ्रामक और बेबुनियाद हैं। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रही और सभी आवश्यक कदम समय पर उठाए गए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला है। इसी कारण उड़ानों के संचालन पर असर पड़ रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इसी दिन मुंबई से कोल्हापुर जा रही एक अन्य फ्लाइट को भी खराब मौसम के चलते गोवा डायवर्ट करना पड़ा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">प्रभाव और विश्लेषण</span></strong></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">इस घटना ने एक बार फिर खराब मौसम के दौरान एयर ट्रैफिक प्रबंधन और यात्री सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया है। हालांकि डायवर्जन एक सामान्य और सुरक्षित प्रक्रिया है, लेकिन यात्रियों के लिए यह अनुभव तनावपूर्ण हो सकता है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 16:58:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुणे एयरपोर्ट पर एयरफोर्स जेट की हार्ड लैंडिंग, 8 घंटे बाधित रहा ऑपरेशन</title>
                                    <description><![CDATA[91 फ्लाइट्स रद्द, सुबह 7:30 बजे के बाद धीरे-धीरे सामान्य हुई सेवाएं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/hard-landing-of-air-force-jet-at-pune-airport-disrupted/article-51536"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/pune-airport-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>रात पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भारतीय वायुसेना के एक लड़ाकू विमान की हार्ड लैंडिंग के बाद एयरपोर्ट का संचालन करीब आठ घंटे तक प्रभावित रहा। रात करीब 10:30 बजे हुई इस घटना के चलते रनवे को तत्काल बंद करना पड़ा, जिससे कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।</p>
<p>वायुसेना ने बताया कि विमान सुरक्षित है और उसमें सवार क्रू पूरी तरह सुरक्षित है। घटना के बाद रनवे की जांच और मरम्मत का काम तुरंत शुरू किया गया। एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 7:30 बजे से उड़ानें दोबारा शुरू कर दी गईं, लेकिन पूरे दिन शेड्यूल सामान्य होने में समय लग सकता है।</p>
<p>एयरपोर्ट डायरेक्टर के मुताबिक, इस घटना के कारण कुल 91 फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं। इनमें सबसे ज्यादा असर इंडिगो की उड़ानों पर पड़ा, जिनकी 65 फ्लाइट्स कैंसिल हुईं। इसके अलावा एयर इंडिया, स्पाइसजेट, अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानें भी प्रभावित रहीं। अचानक हुए इस बदलाव के चलते कई यात्री एयरपोर्ट पर ही फंसे रहे, जबकि कुछ को अपनी यात्रा टालनी पड़ी।</p>
<p>प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि विमान के लैंडिंग गियर में तकनीकी समस्या आ गई थी। लैंडिंग के दौरान इसी वजह से विमान सामान्य तरीके से उतर नहीं पाया और रनवे पर जोर से टकराया। हालांकि किस प्रकार का लड़ाकू विमान था, इसकी आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।</p>
<p>हार्ड लैंडिंग ऐसी स्थिति होती है जब विमान सामान्य से ज्यादा जोर के साथ रनवे पर उतरता है। इससे विमान के साथ-साथ रनवे को भी नुकसान पहुंच सकता है। इसी कारण सुरक्षा के लिहाज से तुरंत संचालन रोकना जरूरी होता है, ताकि आगे की उड़ानों में किसी तरह का जोखिम न रहे।</p>
<p>यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हवाई यात्रा में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और एयरपोर्ट पहले से ही दबाव में हैं। ऐसे में छोटी तकनीकी गड़बड़ी भी बड़े स्तर पर असर डाल सकती है।</p>
<p>फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं और धीरे-धीरे सभी सेवाएं सामान्य हो रही हैं। अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि यात्रियों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 12:43:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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                <title>हवाई सफर में दर्दनाक घटना: महिला की मौत के बाद 13 घंटे तक विमान में रहा शव</title>
                                    <description><![CDATA[ब्रिटिश एयरवेज फ्लाइट में टेकऑफ के एक घंटे बाद मौत, यात्रियों ने बदबू और असुविधा की शिकायत की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/tragic-incident-in-air-travel-after-womans-death-dead-body/article-48730"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/international-(40).jpg" alt=""></a><br /><div class="flex flex-col text-sm pb-25">

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<p>आज  <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">British Airways</span></span> की एक लंबी दूरी की फ्लाइट में उस समय असामान्य स्थिति पैदा हो गई, जब टेकऑफ के करीब एक घंटे बाद एक 60 वर्षीय महिला यात्री की मौत हो गई। इसके बाद उनका शव पूरे 13 घंटे तक विमान में ही रखा रहा, जिससे पीछे बैठे यात्रियों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ा।</p>
<p>यह घटना हॉन्गकॉन्ग से लंदन जा रही उड़ान में हुई। फ्लाइट क्रू ने महिला को बचाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहने पर शव को कंबल में लपेटकर विमान के पिछले हिस्से यानी गैली में रख दिया गया। गैली वह जगह होती है जहां क्रू मेंबर्स यात्रियों के लिए भोजन और पेय पदार्थ तैयार करते हैं।</p>
<p>यात्रियों के अनुसार, शव को जिस स्थान पर रखा गया था, वहां फर्श गर्म था, जिसके कारण समय के साथ बदबू फैलने लगी। खासतौर पर पीछे बैठे यात्रियों ने इससे काफी परेशानी की शिकायत की। हालांकि, क्रू ने स्थिति को नियंत्रित रखने और अन्य यात्रियों को कम से कम प्रभावित करने की कोशिश की।</p>
<p>फ्लाइट के पायलट ने विमान को बीच रास्ते में डायवर्ट करने के बजाय तय गंतव्य लंदन तक जारी रखने का निर्णय लिया। एविएशन नियमों के अनुसार, किसी यात्री की मृत्यु को हर स्थिति में इमरजेंसी नहीं माना जाता, जब तक कि अन्य यात्रियों या विमान की सुरक्षा पर सीधा खतरा न हो।</p>
<p>लंदन पहुंचने के बाद पुलिस और मेडिकल टीम विमान में दाखिल हुई। जांच प्रक्रिया के चलते यात्रियों को लगभग 45 मिनट तक सीटों पर ही बैठाए रखा गया। इसके बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं।</p>
<p>एयरलाइन ने अपने बयान में कहा कि उसने सभी अंतरराष्ट्रीय दिशा-निर्देशों का पालन किया और इस कठिन समय में वह मृतक महिला के परिवार के साथ खड़ी है।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">International Air Transport Association</span></span> (IATA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, ऐसी स्थिति में पहले यात्री को बचाने की पूरी कोशिश की जाती है। मृत्यु की पुष्टि होने के बाद शव को ढककर अलग स्थान पर रखा जाता है और लैंडिंग तक सुरक्षित रखा जाता है।</p>
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                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 13:24:11 +0530</pubDate>
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