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                <title>Passenger Safety - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Passenger Safety RSS Feed</description>
                
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                <title>रानी कमलापति-अगरतला स्पेशल में लगेंगे एलएचबी कोच, 23 जुलाई से यात्रियों को मिलेगा अधिक सुरक्षित और आरामदायक सफर</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम मध्य रेलवे ने रानी कमलापति-अगरतला स्पेशल एक्सप्रेस में आईसीएफ कोचों की जगह आधुनिक एलएचबी कोच लगाने का फैसला किया है। नई रेक के साथ यात्रियों को बेहतर सुरक्षा, कम झटके और अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/6a468fced6f05/article-57710"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/rani-kamalapati-agartala-special.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">पूर्वोत्तर भारत की यात्रा करने वाले रेल यात्रियों के लिए राहत और सुविधा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। पश्चिम मध्य रेलवे ने रानी कमलापति-अगरतला स्पेशल एक्सप्रेस में पुराने आईसीएफ (इंटीग्रल कोच फैक्ट्री) कोचों की जगह आधुनिक एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोच लगाने का निर्णय लिया है। रेलवे के अनुसार यह बदलाव 23 जुलाई 2026 से लागू होगा। गाड़ी संख्या 01665 रानी कमलापति-अगरतला स्पेशल का संचालन इस तारीख से एलएचबी रेक के साथ शुरू होगा, जबकि वापसी दिशा में गाड़ी संख्या 01666 अगरतला-रानी कमलापति स्पेशल में 26 जुलाई 2026 से नए कोच लगाए जाएंगे। रेलवे का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य यात्रियों को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक रेल यात्रा उपलब्ध कराना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">रेलवे अधिकारियों के मुताबिक एलएचबी कोच वर्तमान समय की आधुनिक तकनीक पर आधारित होते हैं और इन्हें पारंपरिक आईसीएफ कोचों की तुलना में अधिक सुरक्षित माना जाता है। इन कोचों में बेहतर सस्पेंशन सिस्टम होने के कारण सफर के दौरान झटके कम महसूस होते हैं। साथ ही इनमें अत्याधुनिक ब्रेकिंग सिस्टम लगाया गया है, जिससे ट्रेन की रुकने की क्षमता बेहतर होती है। दुर्घटना की स्थिति में भी एलएचबी कोचों की संरचना इस प्रकार तैयार की जाती है कि कोच एक-दूसरे पर चढ़ने की संभावना काफी कम रहती है। यही कारण है कि भारतीय रेलवे पिछले कुछ वर्षों से चरणबद्ध तरीके से लंबी दूरी की अधिकांश ट्रेनों में एलएचबी कोच शामिल कर रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पश्चिम मध्य रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि रानी कमलापति और अगरतला के बीच चलने वाली यह ट्रेन मध्यप्रदेश को पूर्वोत्तर भारत से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण रेल सेवाओं में शामिल है। इस ट्रेन में हर वर्ष बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। ऐसे में आधुनिक एलएचबी कोच लगाए जाने से यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा और सुरक्षा मानकों में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार नई एलएचबी रेक में कुल 22 कोच होंगे। इनमें 4 सामान्य द्वितीय श्रेणी के डिब्बे, 8 स्लीपर कोच, 5 एसी थर्ड एसी कोच, 1 एसी थर्ड इकोनॉमी कोच, 2 एसी सेकेंड टियर कोच, 1 गार्ड सह लगेज एवं ब्रेक वैन और 1 जनरेटर कार शामिल रहेगी। इस संरचना के जरिए विभिन्न श्रेणी के यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है ताकि सामान्य श्रेणी से लेकर वातानुकूलित श्रेणी तक सभी यात्रियों को बेहतर यात्रा सुविधा मिल सके।</p>
<p class="isSelectedEnd">एलएचबी कोचों की एक और विशेषता उनकी अधिकतम गति क्षमता भी है। इन कोचों को उच्च गति पर भी अधिक स्थिरता के साथ चलने के लिए डिजाइन किया गया है। हालांकि किसी ट्रेन की वास्तविक गति ट्रैक, सिग्नल व्यवस्था और परिचालन नियमों पर निर्भर करती है, फिर भी एलएचबी कोचों की वजह से सफर पहले की तुलना में अधिक संतुलित और आरामदायक माना जाता है। इसके अलावा इन कोचों में शोर कम होता है और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान कंपन भी अपेक्षाकृत कम महसूस होता है। यही वजह है कि रेलवे लगातार अपनी प्रमुख ट्रेनों में पुराने आईसीएफ कोचों को हटाकर एलएचबी कोचों से बदल रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">रानी कमलापति-अगरतला स्पेशल मध्यप्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण रेल सेवा है। इस ट्रेन का उपयोग नौकरी, शिक्षा, व्यापार, पर्यटन और पारिवारिक कारणों से यात्रा करने वाले हजारों यात्री करते हैं। एलएचबी कोच लगने के बाद विशेष रूप से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि बेहतर सस्पेंशन, आधुनिक ब्रेकिंग प्रणाली और उन्नत सुरक्षा सुविधाओं के कारण यात्रा का अनुभव पहले की तुलना में काफी बेहतर होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">भारतीय रेलवे पिछले कुछ वर्षों से अपने नेटवर्क का आधुनिकीकरण करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। रेलवे स्टेशनों के विकास, नई वंदे भारत ट्रेनों के संचालन, आधुनिक सिग्नल प्रणाली, ट्रैक अपग्रेडेशन और एलएचबी कोचों के विस्तार जैसे कदम इसी रणनीति का हिस्सा हैं। यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना भी रेलवे की प्राथमिकताओं में शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने आईसीएफ कोचों की जगह एलएचबी कोचों का उपयोग बढ़ने से दुर्घटनाओं के दौरान होने वाले नुकसान को कम करने में भी मदद मिलेगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाते समय ट्रेन के कोच संयोजन और अन्य परिचालन संबंधी जानकारी पर ध्यान दें। 23 जुलाई से रानी कमलापति से अगरतला जाने वाली ट्रेन और 26 जुलाई से वापसी दिशा की सेवा नए एलएचबी रेक के साथ संचालित होगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 06:08:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ट्रेन में किन्नरों का हंगामा, वीडियो वायरल होने के बाद दो गुटों में विवाद</title>
                                    <description><![CDATA[बिलासपुर रेल मंडल से गुजरने वाली ट्रेनों में यात्रियों से बदसलूकी और उगाही के आरोप, वायरल वीडियो के बाद राजा और रजिया गुट आमने-सामने, थाने में भी चला हंगामा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/dispute-between-two-groups-after-video-of-eunuchs-ruckus-in/article-56299"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bilaspur-train-video.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेल मंडल से गुजरने वाली ट्रेनों में किन्नरों द्वारा यात्रियों के साथ कथित बदसलूकी और जबरन पैसे मांगने का मामला सामने आया है। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ किन्नर ट्रेन के कोच के भीतर आपत्तिजनक तरीके से डांस करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामला केवल यात्रियों से उगाही के आरोपों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि किन्नर समुदाय के दो गुटों के बीच चल रहा पुराना विवाद भी खुलकर सामने आ गया। हालात ऐसे बने कि दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए और बाद में मामला थाने तक पहुंच गया। बिलासपुर में लंबे समय से किन्नर समुदाय के दो अलग-अलग गुट सक्रिय हैं। इनमें राजा किन्नर और रजिया किन्नर के नेतृत्व वाले समूह शामिल हैं। दोनों गुटों के बीच क्षेत्रीय वर्चस्व और ट्रेनों में पैसे मांगने के अधिकार को लेकर पहले से तनाव बना हुआ था। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से दोनों पक्ष सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के खिलाफ वीडियो और पोस्ट साझा कर रहे थे, जिससे विवाद लगातार बढ़ता जा रहा था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसी बीच एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कुछ किन्नर ट्रेन के डिब्बे के अंदर यात्रियों के बीच नाचते और अश्लील हरकतें करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कुछ यात्रियों के असहज होने की बात भी सामने आई है। आरोप लगाया गया कि पैसे नहीं देने पर यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। वीडियो वायरल होते ही लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं और मामला चर्चा का विषय बन गया। वायरल वीडियो को लेकर दोनों गुटों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। बताया जा रहा है कि एक दिन पहले राजा किन्नर के समर्थकों और रजिया किन्नर के कुछ चेलों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट की नौबत आ गई। इस घटना के बाद माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। स्थानीय स्तर पर भी दोनों पक्षों के समर्थक एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाने लगे। मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार राजा किन्नर के समूह के सदस्य मुख्य रूप से कोटा-पेंड्रा रोड रूट की ट्रेनों में यात्रियों से पैसे मांगते हैं। वहीं रजिया किन्नर के समूह के सदस्य बिलासपुर, बिल्हा, रायपुर और रायगढ़ रूट पर सक्रिय बताए जाते हैं। इसी क्षेत्रीय बंटवारे को लेकर भी दोनों पक्षों में काफी समय से खींचतान चल रही है। कई लोगों का कहना है कि ट्रेनों में यात्रियों से पैसे मांगने को लेकर दोनों गुटों के बीच प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली पूजा नाम की एक किन्नर ने पूरे मामले पर सफाई भी दी है। उनका कहना है कि वीडियो हाल का नहीं बल्कि करीब चार महीने पुराना है। पूजा के अनुसार हाल में हुए विवाद के बाद उन्हें और उनके समूह को बदनाम करने की नीयत से इस पुराने वीडियो को दोबारा सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है और इसके पीछे आपसी रंजिश मुख्य कारण है। विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्ष शिकायत लेकर तोरवा थाना पहुंचे। लेकिन वहां भी मामला शांत नहीं हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार थाने के भीतर ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। एक-दूसरे पर आरोप लगाने का सिलसिला चलता रहा और कुछ समय के लिए माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। समर्थकों की मौजूदगी के कारण थाने में हंगामे जैसी स्थिति बन गई। पुलिसकर्मियों को बीच-बचाव करना पड़ा ताकि स्थिति और न बिगड़े। स्थानीय लोगों का कहना है कि विवाद के दौरान काफी देर तक शोर-शराबा चलता रहा। कुछ लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और कहा कि शुरुआत में हालात को नियंत्रित करने में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई गई। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों को समझाइश दी गई और बाद में मामला शांत कराया गया। अधिकारियों के अनुसार दोनों गुटों के बीच आपसी समझौता हो गया है, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और वायरल वीडियो की भी पड़ताल की जा रही है। यह भी जांच का विषय है कि वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया था और इसे दोबारा वायरल करने के पीछे किसका हाथ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 15:06:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नर्मदा एक्सप्रेस में 90 हजार की चोरी, सो रही महिला का बैग और पर्स लेकर फरार हुआ चोर</title>
                                    <description><![CDATA[उज्जैन से बिलासपुर के बीच हुई वारदात, बाथरूम में मिला खाली पर्स; रायगढ़ पहुंचकर महिला ने दर्ज कराई शिकायत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/90-thousand-rupees-stolen-in-narmada-express-the-thief-escaped/article-56098"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/narmada-express-theft.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायगढ़ की रहने वाली एक महिला नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन में चोरी का शिकार हो गई। महिला अपने पति के साथ उज्जैन से बिलासपुर की यात्रा कर रही थी, तभी देर रात अज्ञात चोर ने उसका पर्स और बैग पार कर दिया। बैग में मोबाइल चार्जर, पावर बैंक, कॉस्मेटिक सामान, कपड़े और अन्य जरूरी सामग्री रखी हुई थी। महिला के अनुसार चोरी हुए सामान की कुल कीमत करीब 90 हजार रुपए है। घटना के बाद महिला ने रायगढ़ पहुंचकर जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रायगढ़ के इंदिरा नगर क्षेत्र स्थित केशर परिसर कॉलोनी में रहने वाली 34 वर्षीय पद्मावती थवाईत अपने पति अरुण कुमार थवाईत के साथ शनिवार को उज्जैन से बिलासपुर आने के लिए नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हुई थीं। दोनों बी-4 कोच में सीट नंबर 5 और 6 पर यात्रा कर रहे थे। यात्रा सामान्य रूप से चल रही थी और रात करीब 12 बजे के बाद दोनों अपनी सीट पर सो गए। बताया जा रहा है कि महिला ने अपना पर्स तकिए के पीछे रखा था, जबकि बैग सीट के नीचे रखा हुआ था। रात के समय ट्रेन में अधिकांश यात्री सो रहे थे और इसी दौरान अज्ञात चोर ने मौके का फायदा उठाकर चोरी की घटना को अंजाम दे दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महिला ने पुलिस को बताया कि सुबह करीब 6 बजे जब उसकी आंख खुली, तब ट्रेन नीवार स्टेशन के आसपास पहुंच रही थी। नींद खुलने के बाद उसने सबसे पहले अपने सामान की ओर देखा तो पर्स और बैग दोनों गायब मिले। शुरुआत में उसे लगा कि शायद सामान कहीं खिसक गया होगा, लेकिन काफी तलाश करने के बाद भी कुछ पता नहीं चला। इससे महिला और उसके पति की चिंता बढ़ गई। दोनों ने आसपास मौजूद यात्रियों से भी पूछताछ की, लेकिन किसी को घटना की जानकारी नहीं थी। काफी देर तक खोजबीन करने के बाद ट्रेन के एक बाथरूम में महिला का पर्स मिला। हालांकि पर्स पूरी तरह खाली था। उसमें रखी नकदी और अन्य जरूरी सामान गायब था। बैग का भी कहीं कोई पता नहीं चला। महिला को तब यह स्पष्ट हो गया कि किसी अज्ञात चोर ने उसका सामान चोरी कर लिया है। चोरी की इस घटना से महिला और उसका परिवार परेशान हो गया, क्योंकि बैग में दैनिक उपयोग की कई जरूरी वस्तुएं रखी हुई थीं। यात्रा के दौरान इस तरह की घटना होने से वे काफी तनाव में आ गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के बाद महिला और उसके पति बिलासपुर पहुंचे। वहां तत्काल रायगढ़ जाने वाली ट्रेन उपलब्ध होने के कारण उन्होंने उसी समय बिलासपुर में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। बाद में रायगढ़ पहुंचने के बाद उन्होंने जीआरपी थाने जाकर पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत मिलने के बाद जीआरपी पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 305(सी) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और ट्रेन के रूट, यात्रियों की जानकारी तथा उपलब्ध अन्य तथ्यों के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा। रेल यात्रियों के बीच इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों का कहना है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में रात के समय चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। खासकर स्लीपर और एसी कोच में सफर करने वाले यात्री भी अब सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। कई बार चोर रात के समय सो रहे यात्रियों को निशाना बनाते हैं और स्टेशन आने से पहले ही सामान लेकर फरार हो जाते हैं। ऐसे मामलों में चोरी का पता सुबह होने पर चलता है, जिससे आरोपी तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दरअसल यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ दिनों में ट्रेनों में चोरी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। करीब एक सप्ताह पहले बिलासपुर-रायगढ़ मेमू ट्रेन में यात्रा कर रही एक महिला का सोने का मंगलसूत्र चोरी हो गया था। महिला अपनी बेटी के साथ अकलतरा जा रही थी, तभी भीड़ का फायदा उठाकर किसी ने उसका मंगलसूत्र पार कर दिया। इसी तरह ओडिशा के सिंदरिया निवासी शेख इमामुद्दीन भी ट्रेन यात्रा के दौरान चोरी का शिकार हुए थे। वे बलसाड़-पुरी एक्सप्रेस के बी-1 कोच में सफर कर रहे थे, जहां अज्ञात चोर उनका बैग लेकर फरार हो गया था। बैग में लैपटॉप, पर्स, क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत करीब 45 हजार रुपए का सामान रखा हुआ था। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों में गश्त बढ़ाई जानी चाहिए और संदिग्ध लोगों पर नजर रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाना चाहिए। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों को भी सफर के दौरान अपने सामान की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना चाहिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 15:56:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ट्रेन में अब हर टिकट चेकिंग होगी रिकॉर्ड, नए पहनावे के साथ दिखेंगे TTE</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय रेलवे अब TTE को बॉडी कैमरा देगा। टिकट चेकिंग की पूरी रिकॉर्डिंग होगी, जिससे विवाद और फर्जी शिकायतों पर रोक लगेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/now-every-ticket-will-be-checked-in-the-train-records/article-53468"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/indian-railways-new-rule-tte-ticket-checking.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भारतीय रेलवे एक नई व्यवस्था पर काम कर रहा है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका उद्देश्य ट्रेनों में टिकट चेकिंग को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है। इसके लिए रेलवे ने ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर या </span>TTE <span lang="hi" xml:lang="hi">के लिए बॉडी कैमरा सिस्टम शुरू करने का फैसला लिया है। शुरुआत में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ मंडलों में इसका पायलट प्रोजेक्ट भी चल रहा है। उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में लंबी दूरी की ट्रेनों में टिकट जांच के समय होने वाली सभी गतिविधियां कैमरे में कैद होंगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह कदम यात्रियों और </span>TTE <span lang="hi" xml:lang="hi">दोनों की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए उठाया गया है। कई बार ट्रेन में टिकट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीट या जुर्माने को लेकर बहस होने लगती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो विवाद में बदल सकती है। ऐसे मामलों में अब वीडियो रिकॉर्डिंग सबूत के तौर पर काम आ सकेगी। रेलवे को लंबे समय से टिकट चेकिंग के दौरान अभद्र व्यवहार और झूठी शिकायतों की शिकायते मिल रही थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रेलवे द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे बॉडी कैमरों में कई आधुनिक फीचर्स हैं। अधिकारियों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये कैमरे </span>HD <span lang="hi" xml:lang="hi">वीडियो के साथ-साथ ऑडियो भी रिकॉर्ड कर सकेंगे। रात के समय के लिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इन कैमरों में नाइट विजन फीचर दिया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कम रोशनी में भी गतिविधियों को स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड किया जा सकेगा। इनकी बैटरी क्षमता भी काफी महत्वपूर्ण है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">रेलवे का कहना है कि एक बार चार्ज करने पर ये करीब 20 घंटे तक काम कर सकते हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये फीचर्स खास महत्व रखते हैं। कैमरों को टैंपर-प्रूफ भी बनाया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि रिकॉर्डिंग में छेड़छाड़ ना हो सके। खबर है कि मुंबई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वॉल्टेयर और रायपुर मंडल में इस सिस्टम का ट्रायल चल रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कुछ </span>TTE <span lang="hi" xml:lang="hi">को विशेष प्रशिक्षण देकर कैमरों के इस्तेमाल की जिम्मेदारी दी गई है। प्रारंभिक फीडबैक सकारात्मक रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अगर अच्छे परिणाम सामने आए तो इसे दूसरे मंडलों में भी लागू किया जा सकता है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रेलवे अधिकारियों का मानना है कि बॉडी कैमरा सिस्टम लागू होने से ट्रेनों में अनुशासन में वृद्धि होगी। कई बार यात्रियों और टिकट जांच कर्मचारियों के बीच कहासुनी होती है। कुछ मामलों में</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोशल मीडिया पर आधी जानकारी के साथ वीडियो वायरल होने से विवाद और बढ़ जाता है। अब जब सभी रिकॉर्डिंग उपलब्ध होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो घटनाओं की सही तस्वीर सामने आ सकेगी। रेलवे का मानना है कि यह सिस्टम ईमानदारी से काम करने वाले </span>TTE <span lang="hi" xml:lang="hi">के लिए भी फायदेमंद साबित होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि अगर उन पर गलत आरोप लगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो रिकॉर्डिंग उनके पक्ष में साबित हो सकती है। यात्रियों को भी उम्मीद है कि कैमरों की मौजूदगी से टिकट जांच के दौरान व्यवहार में सुधार आएगा। पिछले कुछ वर्षों में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय रेलवे लगातार तकनीक पर आधारित बदलावों पर जोर दे रहा है। ऑनलाइन टिकटिंग</span>, AI <span lang="hi" xml:lang="hi">निगरानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्मार्ट स्टेशन और फेस रिकग्निशन जैसी सुविधाओं के बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब बॉडी कैमरा सिस्टम को भी उसी श्रृंखला में शामिल किया जा रहा है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इसे देशभर में कब तक लागू किया जाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन रेलवे की इस पहल को बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 18:05:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रीवा स्टेशन पर बड़ी चूक: लिफ्ट में 3 घंटे तक फंसे 10 यात्री, मची अफरा-तफरी</title>
                                    <description><![CDATA[रीवा स्टेशन पर इतवारी ट्रेन के 10 यात्री लिफ्ट में 3 घंटे फंसे रहे। मेंटेनेंस लापरवाही से हुई घटना, सभी यात्री सुरक्षित निकाले गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/major-mistake-at-rewa-station-10-passengers-stuck-in-lift/article-52815"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ-(90).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रीवा रेलवे स्टेशन पर शनिवार को उस वक्त अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब प्लेटफॉर्म नंबर-2 की लिफ्ट में करीब 10 यात्री फंस गए। यह सभी यात्री इतवारी ट्रेन से आए हुए थे और लिफ्ट के जरिए प्लेटफॉर्म से नीचे उतरने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन जैसे ही लिफ्ट कुछ मीटर ऊपर-नीचे हुई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह अचानक बीच रास्ते में ही अटक गई और दरवाजे भी लॉक हो गए। अंदर मौजूद यात्रियों में घबराहट फैल गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर जब यह पता चला कि बाहर निकलने का कोई आसान रास्ता नहीं है। इस पूरे मामले में रीवा स्टेशन लिफ्ट में फंसे यात्रियों को निकालने में करीब तीन घंटे का समय लग गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब जाकर स्थिति सामान्य हो सकी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लिफ्ट में फंसे यात्रियों में एक महिला चिकित्सक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक तीन साल की मासूम बच्ची और कुछ बुजुर्ग भी शामिल थे। जैसे-जैसे समय बीतता गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंदर का माहौल और भी तनावपूर्ण होता गया। बताया जा रहा है कि लिफ्ट में उस समय मेंटेनेंस का काम चल रहा था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन वहां कोई स्पष्ट सूचना बोर्ड या चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए थे। इसी वजह से यात्री अनजाने में लिफ्ट में चढ़ गए और फिर तकनीकी खराबी के चलते वह बीच में ही अटक गई। घटना की जानकारी जैसे ही बाहर पहुंची</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्टेशन पर मौजूद लोगों में भी हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में यात्री मौके पर इकट्ठा हो गए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्रों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लिफ्ट में फंसे लोगों को राहत देने के लिए बीच-बीच में गैप बनाकर पानी और जूस पहुंचाया गया ताकि किसी को घबराहट या स्वास्थ्य संबंधी परेशानी न हो। इस दौरान कई यात्री लगातार मदद की गुहार लगाते रहे। मौके पर सांसद प्रतिनिधि संजीव शुक्ला और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंच गए थे। उन्होंने तुरंत तकनीकी टीम को बुलाकर लिफ्ट खोलने के प्रयास शुरू करवाए। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद तकनीकी खराबी को ठीक किया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बाहर निकलते ही यात्रियों ने राहत की सांस ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि कुछ लोगों में अभी भी घबराहट और कमजोरी देखी गई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">घटना के बाद रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों और उनके परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते सही सूचना बोर्ड लगाए गए होते या मेंटेनेंस के दौरान लिफ्ट को पूरी तरह बंद किया गया होता</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह स्थिति नहीं बनती। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीएमएचओ की ओर से भेजी गई मेडिकल टीम ने सभी यात्रियों का मौके पर स्वास्थ्य परीक्षण किया और बताया कि किसी को गंभीर चोट या समस्या नहीं है। फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इस घटना ने स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था और लिफ्ट संचालन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 10:24:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>2 घंटे तक लैंड नहीं कर सकी हैदराबाद-हुबली फ्लाइट, यात्रियों में फैली दहशत</title>
                                    <description><![CDATA[हैदराबाद-हुबली फ्लाइट खराब मौसम के कारण 2 घंटे हवा में रही और बेंगलुरु डायवर्ट हुई। यात्रियों के डर के वीडियो वायरल हुए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/hyderabad-hubli-flight-could-not-land-for-2-hours-panic-spread/article-51681"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/hyderabad-hubli-flight.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">हैदराबाद से हुबली जा रही Fly-91 एयरलाइन की फ्लाइट IC3401 को रविवार शाम खराब मौसम के कारण निर्धारित समय पर लैंडिंग नहीं मिल सकी और करीब दो घंटे तक हवा में होल्ड पर रखना पड़ा। यह हैदराबाद-हुबली फ्लाइट दोपहर 3 बजे रवाना हुई थी और इसे शाम 4:30 बजे हुबली पहुंचना था, लेकिन मौसम बिगड़ने के चलते विमान पहले हुबली के आसमान में करीब एक घंटे तक चक्कर लगाता रहा। इसके बाद स्थिति अनुकूल न होने पर पायलट ने सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत फ्लाइट को बेंगलुरु डायवर्ट कर दिया, जहां इसे शाम 6:30 बजे सुरक्षित उतारा गया। इस दौरान फ्लाइट में सवार 22 यात्री घबराए नजर आए और कई लोग रोते व प्रार्थना करते दिखे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">रिपोर्ट्स के अनुसार, विमान जब हुबली के नजदीक पहुंचा तो वहां मौसम तेजी से बिगड़ गया। तेज हवाओं और खराब विजिबिलिटी के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने तत्काल लैंडिंग की अनुमति नहीं दी। पायलट ने विमान को सुरक्षित ऊंचाई पर होल्ड में रखा और लगातार स्थिति का आकलन करते रहे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">करीब एक घंटे तक इंतजार के बाद भी मौसम में सुधार नहीं हुआ, जिसके चलते फ्लाइट को डायवर्ट करने का निर्णय लिया गया। बेंगलुरु एयरपोर्ट पर विमान सुरक्षित लैंड हुआ और बाद में रात 11 बजे उसी फ्लाइट को हुबली के लिए रवाना किया गया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">यात्रियों में घबराहट</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कई यात्री स्पष्ट रूप से डरे हुए दिखते हैं। कुछ लोग रोते हुए और भगवान से प्रार्थना करते नजर आए, जबकि कुछ अन्य यात्री एक-दूसरे को ढांढस बंधाते रहे।</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">वीडियो में ‘ओह माय गॉड</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;" xml:lang="en-us">’</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us"> </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">जैसी आवाजें सुनाई देती हैं और एक यात्री पायलट से बेंगलुरु या बेलगाम ले जाने की अपील करता सुनाई देता है। वहीं, केबिन क्रू और पायलट यात्रियों को शांत रहने और निर्देशों का पालन करने की अपील करते रहे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">आधिकारिक बयान</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">एयरलाइन के अधिकारियों के अनुसार, इस हैदराबाद-हुबली फ्लाइट में किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी नहीं थी। कंपनी ने स्पष्ट किया कि डायवर्जन केवल खराब मौसम के कारण किया गया और यह पूरी तरह से निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं के अनुरूप था।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">एयरलाइन ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर तकनीकी गड़बड़ी से जुड़ी खबरें भ्रामक और बेबुनियाद हैं। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रही और सभी आवश्यक कदम समय पर उठाए गए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला है। इसी कारण उड़ानों के संचालन पर असर पड़ रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इसी दिन मुंबई से कोल्हापुर जा रही एक अन्य फ्लाइट को भी खराब मौसम के चलते गोवा डायवर्ट करना पड़ा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">प्रभाव और विश्लेषण</span></strong></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">इस घटना ने एक बार फिर खराब मौसम के दौरान एयर ट्रैफिक प्रबंधन और यात्री सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया है। हालांकि डायवर्जन एक सामान्य और सुरक्षित प्रक्रिया है, लेकिन यात्रियों के लिए यह अनुभव तनावपूर्ण हो सकता है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 16:58:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>हवाई सफर में दर्दनाक घटना: महिला की मौत के बाद 13 घंटे तक विमान में रहा शव</title>
                                    <description><![CDATA[ब्रिटिश एयरवेज फ्लाइट में टेकऑफ के एक घंटे बाद मौत, यात्रियों ने बदबू और असुविधा की शिकायत की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/tragic-incident-in-air-travel-after-womans-death-dead-body/article-48730"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/international-(40).jpg" alt=""></a><br /><div class="flex flex-col text-sm pb-25">

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<p>आज  <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">British Airways</span></span> की एक लंबी दूरी की फ्लाइट में उस समय असामान्य स्थिति पैदा हो गई, जब टेकऑफ के करीब एक घंटे बाद एक 60 वर्षीय महिला यात्री की मौत हो गई। इसके बाद उनका शव पूरे 13 घंटे तक विमान में ही रखा रहा, जिससे पीछे बैठे यात्रियों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ा।</p>
<p>यह घटना हॉन्गकॉन्ग से लंदन जा रही उड़ान में हुई। फ्लाइट क्रू ने महिला को बचाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहने पर शव को कंबल में लपेटकर विमान के पिछले हिस्से यानी गैली में रख दिया गया। गैली वह जगह होती है जहां क्रू मेंबर्स यात्रियों के लिए भोजन और पेय पदार्थ तैयार करते हैं।</p>
<p>यात्रियों के अनुसार, शव को जिस स्थान पर रखा गया था, वहां फर्श गर्म था, जिसके कारण समय के साथ बदबू फैलने लगी। खासतौर पर पीछे बैठे यात्रियों ने इससे काफी परेशानी की शिकायत की। हालांकि, क्रू ने स्थिति को नियंत्रित रखने और अन्य यात्रियों को कम से कम प्रभावित करने की कोशिश की।</p>
<p>फ्लाइट के पायलट ने विमान को बीच रास्ते में डायवर्ट करने के बजाय तय गंतव्य लंदन तक जारी रखने का निर्णय लिया। एविएशन नियमों के अनुसार, किसी यात्री की मृत्यु को हर स्थिति में इमरजेंसी नहीं माना जाता, जब तक कि अन्य यात्रियों या विमान की सुरक्षा पर सीधा खतरा न हो।</p>
<p>लंदन पहुंचने के बाद पुलिस और मेडिकल टीम विमान में दाखिल हुई। जांच प्रक्रिया के चलते यात्रियों को लगभग 45 मिनट तक सीटों पर ही बैठाए रखा गया। इसके बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं।</p>
<p>एयरलाइन ने अपने बयान में कहा कि उसने सभी अंतरराष्ट्रीय दिशा-निर्देशों का पालन किया और इस कठिन समय में वह मृतक महिला के परिवार के साथ खड़ी है।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">International Air Transport Association</span></span> (IATA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, ऐसी स्थिति में पहले यात्री को बचाने की पूरी कोशिश की जाती है। मृत्यु की पुष्टि होने के बाद शव को ढककर अलग स्थान पर रखा जाता है और लैंडिंग तक सुरक्षित रखा जाता है।</p>
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                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 13:24:11 +0530</pubDate>
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