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                <title>Water Tax - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Water Tax RSS Feed</description>
                
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                <title>रायपुर में अवैध नल कनेक्शन नियमित कराने का शुल्क बढ़ा, कांग्रेस ने उठाए सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम की नई योजना के तहत घरेलू कनेक्शन वैध कराने के लिए 20,882 रुपये जमा करने होंगे, विपक्ष ने आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/congress-raised-questions-on-increase-in-fee-for-regularizing-illegal/article-57127"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-water-connection.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रायपुर नगर निगम ने शहर में वर्षों से चल रहे अवैध नल कनेक्शनों को नियमित करने के लिए विशेष अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। निगम का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य जलकर राजस्व बढ़ाना और सभी जल उपभोक्ताओं को आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल करना है। हालांकि योजना की घोषणा के साथ ही इसे लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। घरेलू अवैध नल कनेक्शन को वैध कराने के लिए 20 हजार रुपये से अधिक की राशि तय किए जाने पर कांग्रेस ने निगम प्रशासन और राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि पहले इसी प्रक्रिया के लिए केवल 600 रुपये शुल्क लिया जाता था, जबकि अब आम लोगों पर भारी आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार रायपुर शहर में लगभग 3.50 लाख संपत्तियां हैं, लेकिन इनमें से केवल 2.21 लाख संपत्तियों के नल कनेक्शन ही निगम के रिकॉर्ड में वैध रूप से दर्ज हैं। इसका मतलब यह है कि करीब 90 हजार संपत्तियों में ऐसे जल कनेक्शन हैं जो वर्षों से पानी की आपूर्ति ले रहे हैं, लेकिन उनका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। निगम प्रशासन का मानना है कि ऐसे कनेक्शनों की वजह से जलकर के रूप में मिलने वाला राजस्व प्रभावित हो रहा है और इससे नगर निगम को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी जोन कार्यालय अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध जल कनेक्शनों की पहचान करें और उन्हें नियमित करने की प्रक्रिया तेज करें। इसी उद्देश्य से 'एकमुश्त जलकर निपटान योजना' लागू की गई है। इस योजना के तहत 15 जुलाई से 15 अक्टूबर 2026 तक नागरिकों को अपने अवैध नल कनेक्शन नियमित कराने का अवसर मिलेगा। निगम ने इसे अंतिम मौका बताया है और स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा के बाद कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">योजना के अनुसार आधा इंच के घरेलू नल कनेक्शन को वैध कराने के लिए 5 हजार रुपये नियमितीकरण शुल्क और 15,882 रुपये वैध कनेक्शन शुल्क देना होगा। इस तरह कुल 20,882 रुपये एकमुश्त जमा करने होंगे। वहीं व्यावसायिक उपयोग के लिए आधा इंच के कनेक्शन पर 15 हजार रुपये नियमितीकरण शुल्क और 15,882 रुपये कनेक्शन शुल्क मिलाकर कुल 30,882 रुपये का भुगतान करना होगा। निगम ने यह भी साफ किया है कि पूरी राशि एक बार में जमा करनी होगी। इसके अलावा संबंधित संपत्ति की यूनिक आईडी से कनेक्शन को लिंक करना और निर्धारित प्रारूप में अनुबंध करना भी अनिवार्य रहेगा। नगर निगम का कहना है कि इस अभियान के पूरा होने के बाद अवैध कनेक्शनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति निर्धारित अवधि के भीतर आवेदन नहीं करता है तो उसका जल कनेक्शन काटा जा सकता है। इसके साथ ही नियमितीकरण शुल्क की तीन गुना तक जुर्माना राशि भी वसूली जा सकती है। अधिकारियों के अनुसार इस कदम का उद्देश्य सभी उपभोक्ताओं को नियमों के दायरे में लाना और जल वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी ओर कांग्रेस ने इस योजना को आम लोगों के हितों के खिलाफ बताते हुए विरोध शुरू कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में अवैध नल कनेक्शन को वैध कराने के लिए केवल 600 रुपये का शुल्क लिया जाता था। अब उसी प्रक्रिया के लिए 20 हजार रुपये से अधिक की राशि तय कर दी गई है, जिससे मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवार जो वर्षों से पानी का उपयोग कर रहे हैं, उनके लिए इतनी बड़ी राशि एक साथ जमा करना आसान नहीं होगा। नगर निगम का पक्ष है कि जल वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित बनाने और राजस्व बढ़ाने के लिए यह अभियान जरूरी है। अधिकारियों का कहना है कि वैध कनेक्शन होने से भविष्य में उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की कानूनी या प्रशासनिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही जल आपूर्ति से जुड़ी योजनाओं का लाभ भी केवल पंजीकृत उपभोक्ताओं तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 14:07:14 +0530</pubDate>
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                <title>भोपाल नगर निगम बजट बैठक आज: 3500 करोड़ के प्रस्ताव पर विपक्ष के तीखे तेवर</title>
                                    <description><![CDATA[गोमांस विवाद, लोकायुक्त कार्रवाई और नई बिल्डिंग मुद्दे पर घमासान तय; टैक्स बढ़ोतरी की संभावना कम]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal-municipal-corporation-budget-meeting-today-oppositions-sharp-stance-on/article-48746"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/mp---2026-03-22t134100.096.jpg" alt=""></a><br /><p>भोपाल नगर निगम परिषद की 23 मार्च को होने वाली बैठक में करीब 3500 करोड़ रुपए का बजट पेश किया जाएगा। बजट से पहले ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है और विपक्ष ने कई मुद्दों पर ‘शहर सरकार’ को घेरने की रणनीति बना ली है। गोमांस बरामदगी, लोकायुक्त की हालिया कार्रवाई और नई निगम बिल्डिंग से जुड़े विवाद बैठक में मुख्य चर्चा का केंद्र रहेंगे।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, इस बार प्रॉपर्टी टैक्स और जल कर बढ़ाने की संभावना कम है। जनप्रतिनिधियों की आपत्तियों के चलते प्रशासन कर बढ़ोतरी से बचने के संकेत दे रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में निगम ने 3611 करोड़ रुपए का बजट पेश किया था, जबकि इस बार बजट का आकार थोड़ा कम रखा गया है।</p>
<p>निगम के स्लॉटर हाउस में 26 टन गोमांस मिलने का मामला एक बार फिर गरमाएगा। इस मुद्दे पर पिछली बैठक में भी विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया था। वहीं, लिंक रोड नंबर-2 पर करीब 40 करोड़ रुपए से बनी नई निगम बिल्डिंग को लेकर भी सवाल उठेंगे। अधूरी तैयारियों के बीच इसके संचालन शुरू करने और हाल ही में एक बुजुर्ग की मौत ने इस मामले को संवेदनशील बना दिया है।</p>
<p>बैठक में शहर की पार्किंग समस्या भी प्रमुख एजेंडे में शामिल है। नगर निगम 14 नई पार्किंग विकसित करने का प्रस्ताव पेश करेगा, जिनमें से 5 मेट्रो स्टेशनों के नीचे बनाई जाएंगी। इन पार्किंग स्थलों पर लगभग 40 चारपहिया और 250 दोपहिया वाहन खड़े किए जा सकेंगे। पुलिस से सहमति मिलने के बाद यह प्रस्ताव परिषद के सामने रखा जाएगा।</p>
<p>दरअसल, भोपाल मेट्रो के 6.22 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर पर बने 8 स्टेशनों पर फिलहाल पार्किंग की सुविधा नहीं है। यात्रियों को केवल पिक-एंड-ड्रॉप की व्यवस्था मिल रही है, जिससे दैनिक यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम इस कमी को दूर करने के लिए वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था विकसित करने की योजना लेकर आया है।</p>
<p>इसके अलावा, आदमपुर खंती में जमा लीगेसी वेस्ट के निपटान के लिए 55.54 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है।</p>
<p>निगम के 145 अनुपयोगी वाहनों को कंडम घोषित करने का प्रस्ताव भी बैठक में आएगा, जिससे रखरखाव खर्च में कटौती की जा सके।</p>
<p>कुल मिलाकर, यह बैठक केवल बजट प्रस्तुति तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शहर के विकास, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बनेगी। आने वाले समय में यह तय करेगा कि भोपाल के शहरी ढांचे और सुविधाओं को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।</p>
<p>-------------------------</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 13:43:53 +0530</pubDate>
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