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                <title>Public Policy - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Public Policy RSS Feed</description>
                
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                <title>30 दिन जेल में रहने पर PM-CM को छोड़ना पड़ सकता पद</title>
                                    <description><![CDATA[130वें संविधान संशोधन बिल पर JPC की रिपोर्ट अंतिम चरण में, प्रावधान हटाने के पक्ष में नहीं समिति; मानसून सत्र में फिर पेश हो सकता है विधेयक]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/pm-cm-may-have-to-leave-post-if-he-stays-in/article-57579"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/constitutional-amendment-bill.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">देश की राजनीतिक और संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ा एक अहम मुद्दा इन दिनों चर्चा में है। 130वें संविधान संशोधन बिल को लेकर संसद की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है। प्रस्तावित प्रावधान के तहत यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या किसी केंद्रीय एवं राज्य मंत्री को किसी गंभीर आपराधिक मामले में गिरफ्तार कर 30 दिन तक न्यायिक हिरासत में रखा जाता है, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है। इस प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक और कानूनी स्तर पर विचार-विमर्श जारी है और इसे आगामी मानसून सत्र में दोबारा पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है। समिति इस बात पर सहमति के करीब है कि सार्वजनिक पदों पर बैठे व्यक्तियों की जवाबदेही तय करने के लिए कुछ स्पष्ट नियम होने चाहिए। हालांकि इस विषय पर विभिन्न विचार सामने आ रहे हैं और सभी पक्षों की राय को रिपोर्ट में शामिल किया जा रहा है। समिति की रिपोर्ट 17 जुलाई के आसपास अंतिम रूप ले सकती है, जिसके बाद इसे संसद में प्रस्तुत किया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस पूरे मामले का उद्देश्य संवैधानिक ढांचे में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना बताया जा रहा है। सरकार की ओर से यह तर्क दिया गया है कि यदि कोई व्यक्ति गंभीर आरोपों में लंबे समय तक न्यायिक हिरासत में रहता है, तो उससे प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता और जनता के विश्वास पर असर पड़ सकता है। ऐसे में नियमों को स्पष्ट करना आवश्यक हो जाता है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अस्पष्टता न रहे। गौरतलब है कि पिछले मानसून सत्र में गृहमंत्री अमित शाह द्वारा इस विषय से जुड़े तीन विधेयक संसद के दोनों सदनों में प्रस्तुत किए गए थे। उस समय इन विधेयकों को विस्तृत विचार-विमर्श के लिए JPC को भेजने का निर्णय लिया गया था। समिति ने इसके बाद विभिन्न विशेषज्ञों, कानूनी जानकारों और संबंधित पक्षों से चर्चा की और अब रिपोर्ट अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सूत्र बताते हैं कि समिति इस बात के पक्ष में है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए उनके लिए कुछ अतिरिक्त नैतिक और कानूनी मानदंड तय किए जा सकते हैं। हालांकि यह भी ध्यान रखा जा रहा है कि किसी भी प्रस्ताव से न्यायिक प्रक्रिया या व्यक्तिगत अधिकारों पर अनावश्यक प्रभाव न पड़े। इस मुद्दे पर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा जारी है। विभिन्न दलों के नेताओं ने अलग-अलग दृष्टिकोण रखे हैं। कुछ का मानना है कि सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों को उच्च नैतिक मानदंडों पर खरा उतरना चाहिए, जबकि कुछ का कहना है कि केवल गिरफ्तारी के आधार पर किसी को पद से हटाना न्यायसंगत नहीं होगा जब तक अदालत में दोष सिद्ध न हो जाए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह प्रस्ताव भारतीय लोकतंत्र और संविधान के संतुलन को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। यदि यह नियम लागू होता है तो भविष्य में प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर एक स्पष्ट ढांचा तैयार हो सकता है। हालांकि यह भी जरूरी होगा कि इसका दुरुपयोग न हो और निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। इस बिल का उद्देश्य किसी व्यक्ति या दल विशेष को प्रभावित करना नहीं है, बल्कि शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और नैतिकता को मजबूत करना है। इसी कारण सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। सभी की नजरें 17 जुलाई को आने वाली जेपीसी रिपोर्ट और आगामी मानसून सत्र पर टिकी हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रस्तावित संशोधन किस रूप में संसद में आगे बढ़ाया जाएगा और इस पर अंतिम निर्णय क्या होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 00:36:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मध्य प्रदेश में जल्द लागू होगी UCC, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जनता से मांगे सुझाव</title>
                                    <description><![CDATA[समान नागरिक संहिता को लेकर सरकार ने तेज की प्रक्रिया, विभिन्न धर्मों और समाजों से राय जुटा रही समिति]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/6a1fccc85ab1f/article-54835"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/madhya-pradesh-ucc.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) को लागू करने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में यूसीसी लागू करने की तैयारी चल रही है और इसके लिए गठित समिति विभिन्न वर्गों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों तथा आम नागरिकों से सुझाव प्राप्त कर रही है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने और अपने सुझाव साझा करने का आग्रह किया है। सरकार का मानना है कि जनता की भागीदारी से तैयार होने वाला प्रारूप अधिक प्रभावी और व्यापक होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि समय के साथ समाज में कई बदलाव आए हैं और अब विभिन्न सामाजिक तथा पारिवारिक मामलों में एक समान व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की जा रही है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य प्रदेश के सभी नागरिकों को समान अधिकार और समान अवसर प्रदान करना है। सरकार इस दिशा में पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रही है और जल्द ही महत्वपूर्ण कदम देखने को मिल सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में यूसीसी को लेकर सकारात्मक वातावरण है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में समिति लगातार लोगों से संवाद कर रही है और उनके विचारों को सुन रही है। सरकार चाहती है कि हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो, ताकि तैयार होने वाला प्रारूप समाज की अपेक्षाओं के अनुरूप हो। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की राय सबसे महत्वपूर्ण होती है और इसी भावना के साथ सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य सरकार द्वारा गठित समिति का नेतृत्व न्यायिक और विधिक अनुभव रखने वाले विशेषज्ञों को सौंपा गया है। समिति विभिन्न जिलों में जाकर सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों, महिलाओं के समूहों, युवा प्रतिनिधियों और अन्य वर्गों से चर्चा कर रही है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह समझना है कि प्रदेश के नागरिक समान नागरिक संहिता को किस रूप में देखते हैं और वे इसमें क्या अपेक्षाएं रखते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता सामाजिक समरसता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है। उनका मानना है कि जब सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था होगी तो प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक सरल और प्रभावी बनेंगी। साथ ही नागरिकों को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में स्पष्ट जानकारी भी मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश सरकार ने यूसीसी से जुड़े सुझाव प्राप्त करने के लिए एक विशेष ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी उपलब्ध कराया है। इसके माध्यम से नागरिक अपने विचार और सुझाव सीधे समिति तक पहुंचा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और प्रदेश के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर अपनी राय अवश्य दें। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी के साथ एक संतुलित और व्यवहारिक व्यवस्था तैयार की जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों का अध्ययन कर समिति एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके बाद सरकार आगे की प्रक्रिया पर निर्णय लेगी। इस पहल को प्रशासनिक सुधार और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सुशासन और जनहित से जुड़े अनेक कार्य किए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश सरकार भी नागरिकों के हितों को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न क्षेत्रों में सुधारात्मक कदम उठा रही है। समान नागरिक संहिता को भी इसी श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। सरकार चाहती है कि प्रदेश विकास और सामाजिक समरसता के नए मानक स्थापित करे।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य में यूसीसी को लेकर बढ़ती चर्चा के बीच बड़ी संख्या में लोग अपने सुझाव देने में रुचि दिखा रहे हैं। विभिन्न सामाजिक मंचों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी इस विषय पर संवाद हो रहा है। सरकार का मानना है कि इस तरह की भागीदारी से नीति निर्माण की प्रक्रिया और अधिक मजबूत होती है। यही कारण है कि सुझाव लेने की प्रक्रिया को व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश लंबे समय से प्रशासनिक नवाचारों और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए जाना जाता रहा है। ऐसे में समान नागरिक संहिता को लेकर शुरू की गई यह पहल भी व्यापक ध्यान आकर्षित कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि सभी नागरिकों को समान अवसर और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि जनता के सहयोग और सुझावों के आधार पर तैयार होने वाला ढांचा प्रदेश के विकास और सामाजिक एकता को नई दिशा देगा। समिति विभिन्न जिलों में संवाद कार्यक्रम आयोजित कर रही है और सुझावों का संग्रह जारी है। आने वाले समय में इस प्रक्रिया के और तेज होने की संभावना है। सरकार का कहना है कि जनता की भागीदारी के साथ तैयार होने वाली यह पहल मध्य प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकती है। प्रदेश के नागरिक भी उत्सुकता के साथ इस प्रक्रिया को देख रहे हैं और अपने विचार साझा कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 13:33:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 21 प्रस्तावों को दी मंजूरी, 53 हजार करोड़ की योजनाएं रहेंगी जारी</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 53 हजार करोड़ की योजनाओं को 2031 तक जारी रखने का फैसला किया। 21 प्रस्तावों में पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, स्वास्थ्य और सामाजिक योजनाएं शामिल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/madhya-pradesh-cabinet-approved-21-proposals-schemes-worth-rs-53/article-52280"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/mp-cabinet-decisions.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को हुई मोहन कैबिनेट की बैठक में 53 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को 2031 तक जारी रखने का फैसला किया। बैठक में मध्य प्रदेश आतंकवादी एवं उच्छेदक गतिविधियां और संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक, 2010 को वापस लेने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही खरीफ 2020 में खरीदी गई 7.73 लाख मीट्रिक टन शेष धान के ई-ऑक्शन के निराकरण और भारतीय वन सेवा के अंतर्गत प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के एक पद के सृजन को भी स्वीकृति मिली।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए दीर्घकालिक वित्तीय प्रतिबद्धता तय की है। उन्होंने कहा कि बैठक में कुल 21 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें लोक निर्माण विभाग की 26,311 करोड़ रुपये की पांच बड़ी परियोजनाएं, सिंचाई योजनाएं, स्वास्थ्य क्षेत्र के निर्माण कार्य, सामाजिक कल्याण योजनाएं और प्रशासनिक प्रस्ताव शामिल रहे। कैबिनेट ने राज्य के बुनियादी ढांचे, सिंचाई क्षमता और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">कैबिनेट ने शाजापुर जिले की लखुंदर उच्च दाब सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को प्रशासकीय स्वीकृति दी। इस परियोजना से उज्जैन और शाजापुर जिले में करीब 9 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई संभव होगी।<span>  </span>स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कई अहम प्रस्ताव मंजूर हुए। गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल में 134 पीजी सीट वृद्धि योजना के तहत 80 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों को कार्योत्तर स्वीकृति दी गई। वहीं, श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के विस्तार के लिए 174 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई।</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">कैबिनेट ने सामाजिक कल्याण से जुड़े कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की दिल्ली छात्रावास योजना को जारी रखने का निर्णय लिया गया। इसके तहत दिल्ली के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले मध्य प्रदेश के ओबीसी छात्र-छात्राओं को अब 10 हजार रुपये प्रतिमाह सहायता मिलेगी। इसके अलावा 38,901 आंगनबाड़ी भवनों में विद्युत व्यवस्था के लिए 80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">कैबिनेट ने हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में कर्मचारियों और अधिकारियों से जुड़े दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी मंजूर किए। इनमें शकूर खान को पेंशन देने और संजय कुमार गुप्ता सहित अन्य याचिकाकर्ताओं को अमीन पद का वेतनमान स्वीकृत करने का निर्णय शामिल है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 17:16:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>MP विधानसभा विशेष सत्र में महिला आरक्षण पर प्रस्ताव, सरकार-विपक्ष आमने-सामने</title>
                                    <description><![CDATA[संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने का प्रस्ताव, पक्ष-विपक्ष आमने-सामने]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/government-opposition-face-to-face-on-proposal-on-womens-reservation-in/article-52186"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/mp-vidhansabha.png" alt=""></a><br /><p>मध्यप्रदेश विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र सोमवार को आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर व्यापक चर्चा शुरू हुई। सत्र की कार्यवाही सुबह 11 बजे आरंभ हुई और शुरुआत दिवंगत पूर्व विधायकों, सांसदों व अन्य गणमान्य व्यक्तियों को श्रद्धांजलि देने के साथ की गई। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन में महिला सशक्तिकरण से जुड़ा शासकीय संकल्प प्रस्तुत किया।</p>
<p>इस संकल्प में संसद और सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू करने और परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे प्रभावी बनाने की बात शामिल है। सरकार का कहना है कि यह कदम देश की आधी आबादी को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।</p>
<p>सत्र के दौरान महिला आरक्षण के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न महिला कल्याण योजनाओं और उपलब्धियों पर भी चर्चा हुई। सत्तापक्ष की ओर से मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बहस की शुरुआत करते हुए महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जरूरी है।</p>
<p>वहीं विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर अपनी रणनीति स्पष्ट की। कांग्रेस ने मांग की कि मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में से 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएं। विपक्षी दलों ने यह भी कहा कि आरक्षण के क्रियान्वयन में देरी नहीं होनी चाहिए और इसे जल्द लागू किया जाए।</p>
<p>राजनीतिक बयानबाजी भी सत्र का प्रमुख हिस्सा रही। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर उदासीनता का आरोप लगाया, जबकि विपक्ष ने सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की। इससे सदन में बहस का माहौल तीखा बना रहा।</p>
<p>विशेष सत्र को लेकर सुबह से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। सत्र से पहले भाजपा और कांग्रेस दोनों ने विधायक दल की बैठकें कर अपनी-अपनी रणनीति तय की। इससे यह स्पष्ट संकेत मिला कि महिला आरक्षण का मुद्दा राजनीतिक रूप से भी अहम बना हुआ है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 11:13:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज भोपाल में खास: विधानसभा विशेष सत्र के साथ शहर में राजनीतिक हलचल और सांस्कृतिक आयोजनों की भरमार</title>
                                    <description><![CDATA[सीएम मोहन यादव पेश करेंगे संकल्प, विपक्ष की रणनीति तैयार; शहर में सांस्कृतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/jagran-event/today-with-the-special-assembly-session-in-bhopal-there-is/article-52172"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/image-(40).png" alt=""></a><br /><p><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">भोपाल</span></span> में आज कला, संस्कृति और परंपरा का खूबसूरत संगम देखने को मिलेगा। शहर के अलग-अलग स्थानों पर नाट्य समारोह, आर्ट एग्जीबिशन, हैंडलूम एक्सपो और संग्रहालयों में विशेष प्रदर्शनी जैसे कई कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं।इन आयोजनों के जरिए न केवल स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को मंच मिल रहा है, बल्कि लोगों को भी शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखने और अनुभव करने का अवसर मिलेगा।</p>
<h5><strong>भोपाल के आज के खास कार्यक्रम</strong></h5>
<h5><strong>अंतर्नाद नाट्य समारोह</strong></h5>
<p> स्थान: <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">दुष्यंत संग्रहालय</span></span></p>
<p>समय: शाम 7:00 बजे</p>
<p> खास: थिएटर और अभिनय प्रेमियों के लिए शानदार अवसर</p>
<h5><strong>स्टेट हैंडलूम एक्सपो</strong></h5>
<p>स्थान: <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">गौहर महल</span></span></p>
<p>समय: दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक</p>
<p>खास: हस्तकरघा और पारंपरिक वस्त्रों की प्रदर्शनी व खरीदारी</p>
<h5><strong>आर्ट एग्जीबिशन</strong></h5>
<p> स्थान: बंसल प्लाजा</p>
<p> समय: सुबह 11:00 बजे</p>
<p>खास: स्थानीय कलाकारों की कला का प्रदर्शन</p>
<h5><strong>“माह का प्रदर्श” – निंगला पा-थोई</strong></h5>
<p> स्थान: <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय</span></span></p>
<p> समय: दोपहर 12:00 बजे से</p>
<p> खास: अनुष्ठानिक परिधान पर विशेष प्रदर्शनी</p>
<h5><strong>शलाका चित्र प्रदर्शनी</strong></h5>
<p> स्थान: <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">राज्य जनजातीय संग्रहालय</span></span></p>
<p> समय: दोपहर 12:00 बजे से</p>
<p> खास: जनजातीय कला और पारंपरिक चित्रकला का प्रदर्शन</p>
<h5><strong> विधानसभा विशेष सत्र</strong></h5>
<p>आज <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">मध्य प्रदेश विधानसभा</span></span> का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है।</p>
<p>शुरुआत दिवंगतों को श्रद्धांजलि से होगी।</p>
<p><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">डॉ. मोहन यादव</span></span> शासकीय संकल्प पेश करेंगे।</p>
<p>मुख्य मुद्दे</p>
<p>महिलाओं के लिए 33% आरक्षण</p>
<p>परिसीमन प्रक्रिया पूरी कर इसे लागू करना</p>
<h5><strong>राजनीतिक हलचल</strong></h5>
<p>बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने विधायक दल की बैठक बुलाई</p>
<p>कांग्रेस बैठक: नेता प्रतिपक्ष <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">उमंग सिंघार</span></span> के निवास पर</p>
<p>बीजेपी बैठक: सीएम हाउस में</p>
<p>संभावित रणनीति</p>
<p>सरकार विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव ला सकती है</p>
<p>विपक्ष महिला आरक्षण को लेकर दबाव बनाएगा</p>
<h5><strong>मुख्यमंत्री का आज का कार्यक्रम</strong></h5>
<p>9:30 बजे: बीजेपी विधायक दल की बैठक</p>
<p>10:15 बजे: कार्यमंत्रणा समिति बैठक</p>
<p>11:00 बजे: विधानसभा सत्र में भाग</p>
<p>शाम 7:20 बजे: <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">भोपाल</span></span> से <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">जबलपुर</span></span> रवाना</p>
<h5><strong>आर्थिक अपडेट</strong></h5>
<p>राज्य सरकार 2800 करोड़ रुपये का कर्ज लेगी</p>
<p>1600 करोड़ ,8 साल</p>
<p>1200 करोड़ ,22 साल</p>
<h5><strong>जल गंगा संवर्धन अभियान</strong></h5>
<p><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">मध्य प्रदेश</span></span> देश में नंबर 1</p>
<p>प्रमुख जिले:</p>
<p><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">डिंडौरी</span></span> पहला स्थान</p>
<p><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">खंडवा</span></span> दूसरा स्थान</p>
<h5><strong>फ्लाइट अपडेट</strong></h5>
<p><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">एयर इंडिया</span></span> की भोपाल–मुंबई फ्लाइट रद्द</p>
<p>कारण: टेक्निकल इश्यू</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जागरण इवेन्ट</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 09:03:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकारी कर्मचारियों को राहत, अब एक हफ्ते में मिलेगी ग्रेच्युटी, ऑनलाइन सिस्टम भी शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[एमपी में ग्रेच्युटी भुगतान अब एक सप्ताह में होगा। ऑनलाइन प्रक्रिया लागू होने से कर्मचारियों को बड़ी राहत, सरकारी अपडेट में बड़ा बदलाव।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/government-employees-will-now-get-relief-gratuity-online-system-launched/article-50043"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/madhya-pradesh-gratuity-payment-update.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">मध्यप्रदेश सरकार ने ग्रेच्युटी भुगतान को लेकर बड़ा प्रशासनिक सुधार लागू किया है। वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के अंतर्गत आने वाले शासकीय अधिकारी और कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद मात्र एक सप्ताह के भीतर ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाएगा। इसके लिए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन पेंशन सॉफ्टवेयर से जोड़ा गया है, जिससे कर्मचारियों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अधिकारियों के मुताबिक यह व्यवस्था राज्य में लंबे समय से लंबित भुगतान और शिकायतों को खत्म करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। यह निर्णय न सिर्फ समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करेगा, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">नई व्यवस्था के तहत सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को पहले से ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। वित्त विभाग ने निर्देश दिया है कि ग्रेच्युटी से जुड़ी सभी प्रविष्टियों का सत्यापन पेंशन सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया जाएगा। यह प्रक्रिया सेवानिवृत्ति से तीन महीने पहले शुरू की जा सकेगी, जिससे अंतिम समय में देरी की संभावना कम हो जाएगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">ऑनलाइन प्रक्रिया का लाभ</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">नई व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों को आसान और पारदर्शी सुविधा देना है। अब पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से फाइलों की देरी और मानवीय हस्तक्षेप कम होगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी शासकीय सेवक की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो भी ग्रेच्युटी से संबंधित प्रक्रिया सात दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी। इससे मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता समय पर मिल सकेगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पृष्ठभूमि देखें तो राज्य में लंबे समय से यह शिकायत रही है कि सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने बकाया भुगतान के लिए महीनों</span><span style="font-size:12pt;line-height:107%;">—</span><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कभी-कभी वर्षों तक भटकते रहते हैं। पेंशन और ग्रेच्युटी भुगतान में देरी के साथ-साथ रिश्वतखोरी की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। कई मामलों में अदालतों ने भी समय पर भुगतान को कर्मचारी का अधिकार बताते हुए सख्त टिप्पणी की है, लेकिन जमीनी स्तर पर अमल में कमी देखी जाती रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सरकार की सख्ती</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">वित्त विभाग ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तय समयसीमा का पालन अनिवार्य होगा। देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जा सकती है। अधिकारियों के अनुसार, नई व्यवस्था लागू होने से विभागों की जवाबदेही भी तय होगी। डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए हर चरण की निगरानी की जा सकेगी, जिससे किसी भी प्रकार की लापरवाही तुरंत सामने आ जाएगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">इस बीच राज्य सरकार ने हाल ही में श्रमिकों के लिए भी राहतभरा फैसला लिया है। श्रम विभाग ने 1 अप्रैल 2026 से नई न्यूनतम वेतन दरें लागू की हैं, जिससे करीब 40 लाख निजी और औद्योगिक श्रमिकों को लाभ मिलेगा। सरकारी विभागों के करीब 10 लाख श्रमिक भी इस वृद्धि से प्रभावित होंगे। परिवर्तनशील महंगाई भत्ते (VDA) के तहत दैनिक वेतन में औसतन 9 रुपये और मासिक वेतन में लगभग 234 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">विश्लेषण के तौर पर देखा जाए तो सरकार के ये कदम कर्मचारियों और श्रमिकों दोनों वर्गों को राहत देने की दिशा में हैं। ग्रेच्युटी भुगतान को समयबद्ध और पारदर्शी बनाना न केवल प्रशासनिक सुधार है, बल्कि यह कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा भी करता है।</span></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आगे आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि यह व्यवस्था जमीन पर कितनी प्रभावी साबित होती है। यदि विभाग समयसीमा का पालन करते हैं, तो यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 14:03:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PAN Card New Rules: अब पैन कार्ड बनवाना हुआ कठिन, अब लगेंगे कई तरह के डॉक्यूमेंट, देखें डिटेल</title>
                                    <description><![CDATA[PAN Card New Rules के तहत पैन कार्ड बनाने की प्रक्रिया सख्त हुई, आधार के साथ अतिरिक्त दस्तावेज जरूरी किए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/pan-card-new-rules-now-making-pan-card-has-become/article-49941"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/pan-card-new-rules.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पैन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। आयकर विभाग ने PAN Card New Rules लागू करते हुए दस्तावेज सत्यापन को पहले से अधिक सख्त कर दिया है। अब केवल आधार और ओटीपी के आधार पर पैन जारी नहीं होगा, बल्कि अतिरिक्त पहचान और पते के प्रमाण भी मांगे जा सकते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">नई व्यवस्था में बदलाव</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आयकर विभाग द्वारा लागू PAN Card New Rules के अनुसार अब पैन कार्ड आवेदन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया गया है। पहले जहां आधार और मोबाइल ओटीपी के जरिए तुरंत पैन जारी हो जाता था, वहीं अब कई मामलों में विस्तृत दस्तावेज जांच अनिवार्य कर दी गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अधिकारियों के अनुसार यह बदलाव फर्जी या डुप्लीकेट पैन कार्ड की समस्या को रोकने के उद्देश्य से किया गया है। इसके तहत अब हर आवेदन का बहु-स्तरीय सत्यापन किया जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">दस्तावेज प्रक्रिया सख्त</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">नए PAN Card New Rules में दस्तावेजों की सूची को भी स्पष्ट और विस्तृत किया गया है। अब आवेदन के समय निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:107%;">—</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पहचान प्रमाण के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस मान्य होंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">जन्मतिथि प्रमाण के लिए जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट या पासपोर्ट स्वीकार किए जाएंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पते के प्रमाण के रूप में आधार, वोटर आईडी, बिजली या पानी का बिल उपयोग किया जा सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">यदि किसी व्यक्ति के नाम में बदलाव हुआ है, जैसे विवाह के बाद नाम परिवर्तन, तो उसके लिए मैरिज सर्टिफिकेट या सरकारी गजट नोटिफिकेशन अनिवार्य होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">फर्जीवाड़े पर रोक</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">PAN Card New Rules का मुख्य उद्देश्य सिस्टम में हो रहे फर्जीवाड़े को रोकना है। पहले कई मामलों में एक ही व्यक्ति के नाम पर एक से अधिक पैन कार्ड बनाए जाने की शिकायतें सामने आई थीं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आयकर विशेषज्ञों के मुताबिक, आधार आधारित सिस्टम के बावजूद कई स्तरों पर गड़बड़ी की आशंका बनी रहती है। इसी को देखते हुए अब अतिरिक्त दस्तावेज सत्यापन जोड़ा गया है, जिससे पहचान की पुष्टि और मजबूत हो सके।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">इसके अलावा आवेदन प्रक्रिया को समय-समय पर अपडेट किया जाएगा ताकि डिजिटल फ्रॉड और पहचान चोरी जैसी समस्याओं पर नियंत्रण रखा जा सके।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पैन-आधार लिंक अनिवार्य</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सरकार ने PAN Card New Rules के तहत पैन और आधार लिंकिंग को पहले की तरह अनिवार्य रखा है। यदि दोनों दस्तावेज लिंक नहीं होते हैं, तो पैन निष्क्रिय हो सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">ऐसी स्थिति में व्यक्ति आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर पाएगा और बैंकिंग, निवेश तथा वित्तीय लेनदेन में भी परेशानी आ सकती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">विशेषज्ञों का कहना है कि नाम, जन्मतिथि और अन्य विवरण दोनों दस्तावेजों में समान होना जरूरी है, अन्यथा लिंकिंग में बाधा आ सकती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">विशेषज्ञों की राय</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आयकर विशेषज्ञ सुरेश कोठारी के अनुसार PAN Card New Rules का उद्देश्य पूरी प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है। उनके मुताबिक अब दस्तावेजों की जांच पहले की तुलना में अधिक गहराई से की जाएगी, जिससे गलत पहचान के आधार पर पैन जारी होने की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आगे क्या होगा</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">आने वाले समय में पैन कार्ड आवेदन प्रक्रिया और अधिक डिजिटल और सुरक्षित की जा सकती है। सरकार लगातार ऐसे बदलाव कर रही है जिससे कर प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे और पहचान से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।</span></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">PAN Card New Rules लागू होने के बाद उम्मीद है कि पैन जारी करने की प्रक्रिया भले ही थोड़ी लंबी हो जाए, लेकिन इसकी विश्वसनीयता और सुरक्षा पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 15:43:03 +0530</pubDate>
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                <title>भोपाल नगर निगम बजट बैठक आज: 3500 करोड़ के प्रस्ताव पर विपक्ष के तीखे तेवर</title>
                                    <description><![CDATA[गोमांस विवाद, लोकायुक्त कार्रवाई और नई बिल्डिंग मुद्दे पर घमासान तय; टैक्स बढ़ोतरी की संभावना कम]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal-municipal-corporation-budget-meeting-today-oppositions-sharp-stance-on/article-48746"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/mp---2026-03-22t134100.096.jpg" alt=""></a><br /><p>भोपाल नगर निगम परिषद की 23 मार्च को होने वाली बैठक में करीब 3500 करोड़ रुपए का बजट पेश किया जाएगा। बजट से पहले ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है और विपक्ष ने कई मुद्दों पर ‘शहर सरकार’ को घेरने की रणनीति बना ली है। गोमांस बरामदगी, लोकायुक्त की हालिया कार्रवाई और नई निगम बिल्डिंग से जुड़े विवाद बैठक में मुख्य चर्चा का केंद्र रहेंगे।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, इस बार प्रॉपर्टी टैक्स और जल कर बढ़ाने की संभावना कम है। जनप्रतिनिधियों की आपत्तियों के चलते प्रशासन कर बढ़ोतरी से बचने के संकेत दे रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में निगम ने 3611 करोड़ रुपए का बजट पेश किया था, जबकि इस बार बजट का आकार थोड़ा कम रखा गया है।</p>
<p>निगम के स्लॉटर हाउस में 26 टन गोमांस मिलने का मामला एक बार फिर गरमाएगा। इस मुद्दे पर पिछली बैठक में भी विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया था। वहीं, लिंक रोड नंबर-2 पर करीब 40 करोड़ रुपए से बनी नई निगम बिल्डिंग को लेकर भी सवाल उठेंगे। अधूरी तैयारियों के बीच इसके संचालन शुरू करने और हाल ही में एक बुजुर्ग की मौत ने इस मामले को संवेदनशील बना दिया है।</p>
<p>बैठक में शहर की पार्किंग समस्या भी प्रमुख एजेंडे में शामिल है। नगर निगम 14 नई पार्किंग विकसित करने का प्रस्ताव पेश करेगा, जिनमें से 5 मेट्रो स्टेशनों के नीचे बनाई जाएंगी। इन पार्किंग स्थलों पर लगभग 40 चारपहिया और 250 दोपहिया वाहन खड़े किए जा सकेंगे। पुलिस से सहमति मिलने के बाद यह प्रस्ताव परिषद के सामने रखा जाएगा।</p>
<p>दरअसल, भोपाल मेट्रो के 6.22 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर पर बने 8 स्टेशनों पर फिलहाल पार्किंग की सुविधा नहीं है। यात्रियों को केवल पिक-एंड-ड्रॉप की व्यवस्था मिल रही है, जिससे दैनिक यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम इस कमी को दूर करने के लिए वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था विकसित करने की योजना लेकर आया है।</p>
<p>इसके अलावा, आदमपुर खंती में जमा लीगेसी वेस्ट के निपटान के लिए 55.54 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है।</p>
<p>निगम के 145 अनुपयोगी वाहनों को कंडम घोषित करने का प्रस्ताव भी बैठक में आएगा, जिससे रखरखाव खर्च में कटौती की जा सके।</p>
<p>कुल मिलाकर, यह बैठक केवल बजट प्रस्तुति तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शहर के विकास, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बनेगी। आने वाले समय में यह तय करेगा कि भोपाल के शहरी ढांचे और सुविधाओं को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।</p>
<p>-------------------------</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 13:43:53 +0530</pubDate>
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