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                <title>LPG Crisis - दैनिक जागरण</title>
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                <description>LPG Crisis RSS Feed</description>
                
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                <title>सीतारामन ने लोकसभा सत्र में कॉर्पोरेट कानून विधेयक पेश किया</title>
                                    <description><![CDATA[मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात पर प्रधानमंत्री आज लोकसभा में रखेंगे सरकार का पक्ष; जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त रुख]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/sitharaman-introduced-corporate-law-bill-in-lok-sabha-session/article-48823"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/loksabha.jpg" alt=""></a><br /><p>मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार दोपहर 2 बजे लोकसभा में देश की स्थिति और सरकार की रणनीति पर विस्तृत बयान देंगे। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के भारत पर संभावित असर को देखते हुए यह संबोधन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p>सरकार के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बिगड़े हालात का असर भारत की ऊर्जा आपूर्ति, खासकर तेल और गैस पर पड़ सकता है। ऐसे में प्रधानमंत्री सदन को मौजूदा स्थिति, तैयारियों और आगे की रणनीति से अवगत कराएंगे। विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा था, जिसके बाद यह संबोधन तय हुआ है।</p>
<p>प्रधानमंत्री सोमवार दोपहर 2 बजे लोकसभा में बोलेंगे। इससे पहले रविवार को उनकी अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक हुई, जो करीब साढ़े तीन घंटे चली।</p>
<p><strong>कैसे संभाल रही है सरकार स्थिति?</strong><br />बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि देश में जमाखोरी और कालाबाजारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार ने आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और बाजार पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p><strong>विपक्ष का रुख</strong><br />विपक्षी दलों का दावा है कि देश में एलपीजी और अन्य ऊर्जा संसाधनों की कमी की स्थिति बन रही है। उन्होंने संसद में इस पर तत्काल चर्चा की मांग की है। हालांकि, केंद्र सरकार का कहना है कि आपूर्ति सामान्य है और घबराने की जरूरत नहीं है।</p>
<p>28 जनवरी से मिडिल ईस्ट में संघर्ष तेज हुआ है। इसके बाद से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और ऊर्जा संसाधनों की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इसका असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर पड़ना स्वाभाविक है।</p>
<p>संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में भी यह मुद्दा लगातार उठता रहा है। हाल के दिनों में एलपीजी कीमतों और उपलब्धता को लेकर सदन में कई बार हंगामा हो चुका है।</p>
<p><strong>अन्य विधायी कामकाज</strong><br />आज के सत्र में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 भी पेश करेंगी। इस विधेयक के जरिए लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप एक्ट, 2008 और कंपनी एक्ट, 2013 में बदलाव प्रस्तावित हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद संसद में इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा की संभावना है। सरकार की रणनीति और विपक्ष की प्रतिक्रिया से यह तय होगा कि आने वाले दिनों में ऊर्जा संकट और महंगाई जैसे मुद्दों पर सियासत किस दिशा में जाती है।</p>
<p>---------------------</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 13:56:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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                <title>LPG संकट पर केंद्र का बड़ा कदम: 23 मार्च से राज्यों को 20% अतिरिक्त गैस सप्लाई</title>
                                    <description><![CDATA[ढाबों-होटलों और सामुदायिक रसोई को प्राथमिकता, प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो सिलेंडर देने के निर्देश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/centers-big-step-on-lpg-crisis-additional-gas-supply-to/article-48750"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/business---2026-03-22t135435.028.jpg" alt=""></a><br /><p>देश में चल रहे LPG संकट के बीच केंद्र सरकार ने राहत देते हुए 23 मार्च से राज्यों को गैस सप्लाई में 20% की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इस बढ़ोतरी के बाद कुल आपूर्ति संकट से पहले के स्तर के लगभग 50% तक पहुंच जाएगी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र जारी कर इस निर्णय की जानकारी दी है।</p>
<p>मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने निर्देश दिया है कि अतिरिक्त गैस सप्लाई का उपयोग प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में किया जाए। इसमें होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, इंडस्ट्रियल कैंटीन और सामुदायिक रसोई शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि फूड सर्विस सेक्टर और आम लोगों के भोजन पर किसी तरह का असर न पड़े।</p>
<p>गैस की कमी के चलते कई शहरों में होटल और ढाबों को पारंपरिक चूल्हों का सहारा लेना पड़ रहा था। ऐसे में यह निर्णय इन व्यवसायों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। साथ ही, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और डेयरी सेक्टर को भी इस अतिरिक्त सप्लाई का लाभ मिलेगा।</p>
<p>केंद्र ने प्रवासी मजदूरों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राज्यों को निर्देश दिया है कि उन्हें 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं। यह कदम अस्थायी और कम आय वाले श्रमिकों को राहत देने के उद्देश्य से उठाया गया है।</p>
<p>मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त गैस की कालाबाजारी या गलत इस्तेमाल रोकने के लिए सख्त निगरानी रखी जाए। राज्यों से कहा गया है कि वे वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाएं और जरूरतमंदों तक ही गैस पहुंचे, यह सुनिश्चित करें।</p>
<p>दरअसल, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में बाधाओं के कारण कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। भारत अपनी LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिसमें से 80-85% आपूर्ति इसी मार्ग से होती है। यही वजह है कि हाल के दिनों में देश में गैस की उपलब्धता प्रभावित हुई।</p>
<p>सरकार ने हालांकि यह भी कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और भविष्य में सप्लाई को सामान्य स्तर (100%) तक बहाल करने के प्रयास जारी हैं। यह नई व्यवस्था फिलहाल अगले आदेश तक लागू रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 13:55:51 +0530</pubDate>
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