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                <title>BCCI - दैनिक जागरण</title>
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                <description>BCCI RSS Feed</description>
                
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                <title>लॉर्ड्स में भारतीय महिला टीम ने रचा इतिहास, 142 साल बाद खेला पहला महिला टेस्ट मैच</title>
                                    <description><![CDATA[क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर पहली बार महिला टेस्ट मैच खेला गया। भारत और इंग्लैंड की महिला टीमों ने इस ऐतिहासिक मुकाबले के साथ महिला क्रिकेट के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/indian-womens-team-created-history-at-lords-played-the-first/article-58470"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/india-women-cricket.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने क्रिकेट इतिहास में एक ऐसा अध्याय जोड़ दिया, जिसका इंतजार दशकों से किया जा रहा था। 10 जुलाई 2026 को लंदन के प्रतिष्ठित लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर भारत और इंग्लैंड की महिला टीमों के बीच पहला महिला टेस्ट मैच शुरू हुआ। क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले इस मैदान पर पुरुषों का पहला टेस्ट मुकाबला वर्ष 1884 में खेला गया था, लेकिन महिलाओं को यहां टेस्ट क्रिकेट खेलने का अवसर 142 साल बाद मिला। इस ऐतिहासिक मैच के साथ महिला क्रिकेट ने एक नई उपलब्धि हासिल की और खेल जगत में लैंगिक समानता की दिशा में एक मजबूत संदेश भी दिया। भारतीय टीम की कप्तानी हरमनप्रीत कौर कर रही हैं, जबकि इंग्लैंड की कमान नैट साइवर-ब्रंट के हाथों में है। दोनों टीमों के मैदान पर उतरते ही लॉर्ड्स का ऐतिहासिक मैदान एक ऐसे पल का गवाह बना, जिसे महिला क्रिकेट के विकास की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है। खिलाड़ियों के लिए यह केवल एक अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं था, बल्कि उस लंबे संघर्ष और इंतजार का परिणाम भी था, जिसने महिला क्रिकेट को आज इस मुकाम तक पहुंचाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड का इतिहास जितना गौरवशाली रहा है, उतना ही यह परंपराओं और विरासत के लिए भी जाना जाता है। लंबे समय तक यह मैदान केवल पुरुष क्रिकेट के बड़े मुकाबलों का केंद्र रहा। वर्ष 1999 तक यहां के प्रतिष्ठित पवेलियन और प्रसिद्ध 'लॉन्ग रूम' में महिलाओं के प्रवेश पर भी प्रतिबंध था। समय के साथ परिस्थितियां बदलीं और महिला क्रिकेट को वह सम्मान मिलने लगा, जिसकी वह हकदार थी। अब उसी लॉर्ड्स के मैदान पर महिला खिलाड़ियों का टेस्ट मैच खेलना इस बदलाव का सबसे बड़ा प्रतीक बन गया है। मैच शुरू होने से पहले लॉर्ड्स की वर्षों पुरानी घंटी बजाने की परंपरा को भी खास अंदाज में निभाया गया। सामान्य तौर पर यह घंटी मैदान के बाहर से बजाई जाती है, लेकिन इस ऐतिहासिक अवसर पर इंग्लैंड की कई पूर्व महिला क्रिकेटरों ने राष्ट्रगान से ठीक पहले मैदान के बीचों-बीच खड़े होकर लगभग पांच मिनट तक घंटी बजाई। इस विशेष आयोजन ने मुकाबले की गरिमा को और बढ़ा दिया। इसके बाद जब दोनों टीमें राष्ट्रगान के लिए मैदान की ओर बढ़ीं तो मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) के सदस्यों ने लॉन्ग रूम में खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ खिलाड़ियों का स्वागत किया। महिला खिलाड़ियों को इस ऐतिहासिक स्थान पर गार्ड ऑफ ऑनर मिलना भी अपने आप में एक भावुक और यादगार क्षण बन गया। खिलाड़ियों के चेहरों पर गर्व, खुशी और उत्साह साफ दिखाई दे रहा था। खेल प्रेमियों और पूर्व क्रिकेटरों ने भी इस पल को महिला क्रिकेट के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण अवसरों में से एक बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय महिला क्रिकेट ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार नई ऊंचाइयों को छुआ है। विश्व स्तर पर टीम ने अपने प्रदर्शन से पहचान बनाई है और अब लॉर्ड्स में पहला टेस्ट खेलना उस यात्रा की एक और बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। यह मुकाबला केवल भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जा रहा एक टेस्ट मैच नहीं है, बल्कि महिला क्रिकेट की बदलती तस्वीर का प्रतीक भी है। दूसरी ओर इंग्लैंड की कप्तान नैट साइवर-ब्रंट की अगुआई में मेजबान टीम भी इस ऐतिहासिक मुकाबले का हिस्सा बनकर गौरवान्वित महसूस कर रही है। क्रिकेट जगत के कई दिग्गजों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे महिला क्रिकेट के लिए नई शुरुआत बताया है। लॉर्ड्स का यह टेस्ट मैच आने वाले वर्षों में केवल स्कोरकार्ड के लिए नहीं, बल्कि महिला खिलाड़ियों को मिले सम्मान, अवसर और समान पहचान के लिए भी याद किया जाएगा। 142 वर्षों का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हुआ और क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान ने पहली बार महिला टेस्ट क्रिकेट की मेजबानी कर इतिहास के सुनहरे पन्नों में अपना एक नया अध्याय जोड़ दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 11:28:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>संजू सैमसन को नहीं किया गया बाहर, 2028 टी-20 वर्ल्ड कप की रणनीति के तहत जिम्बाब्वे दौरे से मिले आराम</title>
                                    <description><![CDATA[बीसीसीआई ने भविष्य की टीम तैयार करने पर दिया जोर, प्रभसिमरन सिंह को मिला पहला बड़ा मौका; एशियन गेम्स टीम में पहले से शामिल हैं संजू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/sanju-samson-was-not-dropped-got-rest-from-zimbabwe-tour/article-58128"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/sanju-samson.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही चर्चाओं पर अब तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। जिम्बाब्वे दौरे के लिए घोषित भारतीय टी-20 टीम में उनका नाम नहीं होने के बाद यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया है। हालांकि, अब सामने आई जानकारी के मुताबिक ऐसा नहीं है। चयन समिति और टीम प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि संजू सैमसन भारतीय टीम की भविष्य की योजनाओं का हिस्सा हैं और उन्हें बाहर नहीं किया गया है। दरअसल, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 2028 टी-20 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए नए खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव देने की रणनीति बनाई है। इसी योजना के तहत जिम्बाब्वे दौरे के लिए युवा विकेटकीपर बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह को मौका दिया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">चयनकर्ताओं ने इस फैसले की जानकारी पहले ही संजू सैमसन को दे दी थी। उन्हें सितंबर में जापान में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। ऐसे में जिम्बाब्वे दौरे से उनका बाहर रहना किसी तरह की नाराजगी या खराब प्रदर्शन की वजह नहीं माना जा रहा है, बल्कि यह टीम प्रबंधन की लंबी अवधि की रणनीति का हिस्सा है। हाल ही में बीसीसीआई ने 23 से 26 जुलाई तक जिम्बाब्वे में होने वाली तीन मैचों की टी-20 सीरीज के लिए 15 सदस्यीय भारतीय टीम की घोषणा की थी। इस टीम में टी-20 विश्व कप 2026 के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे संजू सैमसन का नाम नहीं था। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं और चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल भी उठे। हालांकि अब यह स्पष्ट हो गया है कि चयनकर्ताओं का उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करना है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एशियन गेम्स के लिए घोषित भारतीय टीम में संजू सैमसन का नाम पहले से शामिल है। इस टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे, जबकि तिलक वर्मा उपकप्तान होंगे। टीम में वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं। इससे साफ है कि संजू अब भी भारतीय टीम की योजनाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बने हुए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जिम्बाब्वे दौरे के लिए चयनकर्ताओं ने कई नए चेहरों को मौका दिया है। विकेटकीपर बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह के अलावा तेज गेंदबाज यश ठाकुर, अशोक शर्मा और ऑलराउंडर हर्ष दुबे को पहली बार भारतीय टी-20 टीम में जगह मिली है। वहीं रिंकू सिंह और मयंक यादव की भी टीम में वापसी हुई है। चयन समिति का मानना है कि इन खिलाड़ियों को समय रहते अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव देने से भविष्य में टीम को मजबूती मिलेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रभसिमरन सिंह को यह मौका उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन का इनाम माना जा रहा है। उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग में पंजाब किंग्स के लिए पिछले दो सीजन में शानदार बल्लेबाजी की है। वर्ष 2025 में उन्होंने 579 रन बनाए थे, जबकि 2026 के सीजन में 14 मैचों में 510 रन बनाए। उनका औसत 42.50 और स्ट्राइक रेट 168.87 रहा, जो टी-20 क्रिकेट के लिहाज से बेहद प्रभावशाली माना जाता है। इसके अलावा उन्होंने जून महीने में श्रीलंका दौरे पर भारत-ए की ओर से भी अच्छा प्रदर्शन किया था। चयनकर्ताओं का मानना है कि प्रभसिमरन जैसे युवा खिलाड़ियों को समय पर अवसर देने से भारतीय क्रिकेट को भविष्य के लिए मजबूत विकल्प मिलेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालिया अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में संजू सैमसन का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में उन्होंने क्रमशः 5, 0 और 1 रन बनाए। इंग्लैंड के दूसरे मुकाबले में उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर कर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका दिया गया था। हालांकि चयनकर्ताओं ने साफ किया है कि केवल हालिया प्रदर्शन के आधार पर किसी खिलाड़ी के भविष्य का फैसला नहीं किया जा रहा है। टीम चयन में आगामी बड़े टूर्नामेंटों और खिलाड़ियों के कार्यभार को भी ध्यान में रखा जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जिम्बाब्वे दौरे और सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स के दौरान भारतीय टीम के साथ राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी यानी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का सपोर्ट स्टाफ रहेगा। टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी वीवीएस लक्ष्मण संभालेंगे। उनके साथ सुनील जोशी और ऋषिकेश कानिटकर भी सहयोगी स्टाफ का हिस्सा हो सकते हैं। वहीं मुख्य कोच गौतम गंभीर और उनका नियमित कोचिंग स्टाफ आगामी श्रीलंका टेस्ट सीरीज तथा वेस्टइंडीज के खिलाफ व्हाइट-बॉल सीरीज की तैयारियों में व्यस्त रहेगा। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज 23, 25 और 26 जुलाई को हरारे में खेली जाएगी। भारतीय टीम 19 जुलाई को जिम्बाब्वे पहुंचेगी, जबकि इंग्लैंड दौरे पर व्यस्त खिलाड़ी 20 जुलाई को टीम से जुड़ेंगे। इसके बाद 20 से 22 जुलाई तक अभ्यास सत्र आयोजित होंगे। सभी मुकाबले भारतीय समयानुसार दोपहर एक बजे शुरू होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 10:12:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, डेब्यू कैप मिलते ही छलके आंसू; इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ बनाया सबसे बड़ा रनचेज रिकॉर्ड</title>
                                    <description><![CDATA[मैनचेस्टर टी-20 में वैभव सूर्यवंशी भारत के सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बने। डेब्यू कैप मिलने पर भावुक हुए, जबकि इंग्लैंड ने 191 रन का लक्ष्य हासिल कर भारत के खिलाफ अपना सबसे सफल रनचेज दर्ज किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/15-year-old-vaibhav-suryavanshi-created-history-tears-were-shed/article-57928"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/vaibhav-suryavanshi-(14).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर में खेले गए टी-20 मुकाबले में क्रिकेट प्रेमियों को कई ऐसे पल देखने को मिले, जो लंबे समय तक याद रखे जाएंगे। एक तरफ महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने भारतीय क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय लिख दिया, वहीं दूसरी ओर इंग्लैंड ने 191 रन के लक्ष्य का सफल पीछा करते हुए भारत के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना सबसे बड़ा रनचेज पूरा कर लिया। मुकाबला रोमांच, रिकॉर्ड और भावनाओं से भरपूर रहा। हालांकि भारत को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय डेब्यू चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया।</p>
<p style="text-align:justify;">मैनचेस्टर के मैदान पर जब भारतीय टीम के खिलाड़ी तिलक वर्मा ने वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू कैप सौंपी तो यह पल बेहद भावुक बन गया। कैप मिलते ही वैभव की आंखें नम हो गईं और वह अपने आंसू नहीं रोक सके। ड्रेसिंग रूम में मौजूद साथी खिलाड़ियों ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गया। महज 15 साल 99 दिन की उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले वैभव देश के सबसे युवा क्रिकेटर बन गए। उन्होंने इस उपलब्धि के साथ महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और महिला क्रिकेटर शेफाली वर्मा का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। सचिन ने 16 साल 205 दिन की उम्र में भारत के लिए पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था, जबकि शेफाली वर्मा ने 15 साल 239 दिन की उम्र में डेब्यू किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">वैभव सूर्यवंशी का पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला भले ही जीत के साथ खत्म नहीं हुआ, लेकिन उन्होंने अपनी छोटी पारी में आत्मविश्वास जरूर दिखाया। उन्होंने 10 गेंदों में 14 रन बनाए और कुछ आकर्षक शॉट भी लगाए। हालांकि उनकी पारी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी। इंग्लैंड के स्पिनर विल जैक्स की गेंद पर विकेटकीपर जोस बटलर ने उन्हें स्टंप आउट कर दिया। इसके साथ ही वैभव टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू मैच के दौरान स्टंप आउट होने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी भी बन गए। यह रिकॉर्ड उनके नाम जरूर दर्ज हुआ, लेकिन उनके प्रदर्शन ने यह संकेत भी दिया कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य के लिए एक प्रतिभाशाली बल्लेबाज मिल गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ भारतीय क्रिकेट में ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी अपनी जगह रिकॉर्ड बुक में दर्ज करा ली है। वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले दुनिया के चौथे सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का रिकॉर्ड जर्सी की महिला क्रिकेटर निया चार्लोट ग्रेग के नाम दर्ज है, जिन्होंने 11 साल 40 दिन की उम्र में टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला था। पुरुष क्रिकेट में यह रिकॉर्ड रोमानिया के मारियन गेरासिम के नाम है, जिन्होंने 14 साल 16 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। इस सूची में अब वैभव सूर्यवंशी का नाम भी शामिल हो गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मैच की बात करें तो भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 190 रन बनाए और इंग्लैंड के सामने 191 रन का लक्ष्य रखा। शुरुआती झटकों के बावजूद इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने संयम बनाए रखा और मध्यक्रम ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत दिला दी। इंग्लैंड ने चार विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और भारत के खिलाफ टी-20 क्रिकेट में अपना सबसे बड़ा सफल रनचेज दर्ज कर लिया। इससे पहले इंग्लैंड ने वर्ष 2012 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत के खिलाफ 178 रन का लक्ष्य हासिल किया था। मैनचेस्टर में मिली यह जीत इंग्लैंड के लिए ऐतिहासिक साबित हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय गेंदबाजों में रवि बिश्नोई का एक ओवर भी काफी चर्चा में रहा। उन्होंने अपनी स्पेल के दौरान एक ओवर में 29 रन खर्च कर दिए। इस ओवर में दो वाइड नो बॉल भी शामिल रहीं, जबकि इंग्लैंड के बल्लेबाज बेथेल ने तीन शानदार छक्के जड़ दिए। रवि बिश्नोई अब टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे महंगे ओवर फेंकने वाले तीसरे गेंदबाज बन गए हैं। इस सूची में सबसे ऊपर शिवम दुबे हैं, जिन्होंने वर्ष 2020 में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक ओवर में 34 रन दिए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला कई मायनों में सीख देने वाला भी रहा। बल्लेबाजी में टीम ने प्रतिस्पर्धी स्कोर जरूर बनाया, लेकिन गेंदबाज निर्णायक मौकों पर दबाव नहीं बना सके। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज अपनाते हुए लक्ष्य का पीछा किया और भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को लगातार दबाव में रखा। अंतिम ओवरों में भारत को विकेट की तलाश रही, लेकिन इंग्लैंड ने संयम बनाए रखते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 15:43:05 +0530</pubDate>
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                <title>15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, भारत के सबसे युवा डेब्यूटेंट बने; सचिन-शेफाली का रिकॉर्ड टूटा</title>
                                    <description><![CDATA[इंग्लैंड के खिलाफ पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में 15 साल 99 दिन की उम्र में किया डेब्यू, 10 गेंदों में 14 रन बनाए; क्रिकेट जगत में नई उपलब्धि दर्ज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/15-year-old-vaibhav-suryavanshi-created-history-became-indias-youngest/article-57901"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/vaibhav-suryavanshi-(13).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">भारतीय क्रिकेट को एक और उभरता हुआ सितारा मिल गया है। महज 15 साल 99 दिन की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलकर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही वह भारत की ओर से सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के साथ महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज शेफाली वर्मा का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि अपने पहले मुकाबले में वैभव बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन उन्होंने जिस आत्मविश्वास और आक्रामक अंदाज से बल्लेबाजी की, उसने यह साफ कर दिया कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक बड़ा सितारा मिल चुका है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>15 साल 99 दिन की उम्र में रचा नया इतिहास</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">वैभव सूर्यवंशी ने 15 साल 99 दिन की उम्र में भारतीय टीम के लिए डेब्यू कर नया रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले भारत की ओर से सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का रिकॉर्ड शेफाली वर्मा के नाम था, जिन्होंने 15 साल 239 दिन की उम्र में भारतीय टीम के लिए पहला मैच खेला था। वहीं महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने 16 साल 205 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">इतनी कम उम्र में भारतीय टीम तक पहुंचना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका मिलना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>पहली पारी में दिखा आत्मविश्वास</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">इंग्लैंड के खिलाफ अपने पहले मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने 10 गेंदों में 14 रन बनाए। इस छोटी लेकिन प्रभावशाली पारी में उन्होंने दो शानदार छक्के लगाए। पहला छक्का दुनिया के तेज गेंदबाजों में शामिल जोफ्रा आर्चर की गेंद पर लगाया, जबकि दूसरा छक्का जोश टंग के खिलाफ जड़ा। हालांकि उनकी पारी ज्यादा लंबी नहीं चली और विल जैक्स ने उन्हें स्टंप आउट कर दिया, लेकिन जिस निडर अंदाज में उन्होंने बल्लेबाजी की, उसकी क्रिकेट विशेषज्ञों ने सराहना की है।</p>
<p style="text-align:justify;">मैच से एक दिन पहले वैभव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक तस्वीर साझा की थी। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी में अपनी फोटो पोस्ट करते हुए "New Chapter" लिखा था। इसके बाद क्रिकेट प्रशंसकों ने अंदाजा लगा लिया था कि उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिल सकता है। डेब्यू की आधिकारिक घोषणा के बाद उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>टीम इंडिया की नंबर-3 जर्सी मिली</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">23 जून को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया की नंबर-3 जर्सी सौंपी थी। थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट रघु ने उन्हें यह जर्सी दी। जर्सी लेने से पहले वैभव ने रघु के पैर छूकर आशीर्वाद लिया, जिसके वीडियो और तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी थीं। उनकी विनम्रता और संस्कार की भी क्रिकेट जगत में काफी चर्चा हुई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>आईसीसी की विशेष व्यवस्था</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">चूंकि वैभव अभी 18 वर्ष से कम उम्र के खिलाड़ी हैं, इसलिए आईसीसी की चाइल्ड सेफगार्डिंग पॉलिसी के तहत उनके लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। इंग्लैंड दौरे के दौरान उन्हें अलग चेंजिंग रूम उपलब्ध कराया गया है। साथ ही उनकी फैमिली को भी टीम होटल में ठहरने की अनुमति दी गई है ताकि युवा खिलाड़ी सहज माहौल में रह सके।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>टीम इंडिया में चयन के समय भी बनाया था रिकॉर्ड</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">डेब्यू से पहले ही वैभव सूर्यवंशी ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया था। लगभग एक महीने पहले जब उनका भारतीय टीम में चयन हुआ था, तब वह केवल 15 साल 71 दिन के थे। इस उम्र में भारतीय टीम में चुने जाने वाले भी वह सबसे युवा क्रिकेटर बने थे। उन्होंने इस मामले में भी सचिन तेंदुलकर और शेफाली वर्मा के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>लिस्ट-ए क्रिकेट में भी किया था कमाल</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">वैभव सूर्यवंशी लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम तक पहुंचे हैं। हाल ही में आयोजित ट्राई सीरीज के फाइनल में इंडिया-ए की ओर से खेलते हुए उन्होंने श्रीलंका-ए के खिलाफ सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया था। यह लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक माना जा रहा है। उनकी इस विस्फोटक बल्लेबाजी ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा और जल्द ही उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका मिला।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>आईपीएल में भी मचाया था धमाल</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आईपीएल 2026 का सीजन भी वैभव सूर्यवंशी के लिए बेहद शानदार रहा। राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 776 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 237.31 रहा, जो किसी भी बल्लेबाज के लिए बेहद शानदार माना जाता है।सीजन के दौरान उन्होंने एक शतक भी लगाया और कई मैच जिताऊ पारियां खेलीं। शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें पूरे सीजन में पांच अलग-अलग पुरस्कार भी मिले।</p>
<p style="text-align:justify;">वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के भविष्य के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं। कम उम्र में तकनीक, आत्मविश्वास और आक्रामक बल्लेबाजी का जो मिश्रण उन्होंने दिखाया है, वह उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है। हालांकि उनके सामने अभी लंबा करियर है और लगातार अच्छा प्रदर्शन करना सबसे बड़ी चुनौती होगी, लेकिन जिस तरह उन्होंने घरेलू क्रिकेट, आईपीएल और अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ी है, उससे उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वर्षों में वह भारतीय टीम के अहम खिलाड़ी बन सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 12:52:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम घोषित, हरमनप्रीत कौर को मिली कप्तानी</title>
                                    <description><![CDATA[एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय महिला टीम घोषित, स्मृति मंधाना उपकप्तान बनीं, अनुभवी खिलाड़ियों पर चयनकर्ताओं ने फिर जताया भरोसा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/indian-womens-cricket-team-announced-for-asian-games-2026-harmanpreet/article-57399"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/asian-games-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की सीनियर चयन समिति ने अगले महीने जापान में आयोजित होने वाले एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम का ऐलान कर दिया है। टीम की कमान एक बार फिर अनुभवी बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर को सौंपी गई है, जबकि स्टार ओपनर स्मृति मंधाना को उपकप्तान बनाया गया है। चयनकर्ताओं ने इस बार भी अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा कायम रखते हुए टीम में ज्यादा बदलाव नहीं किए हैं। मजबूत और संतुलित टीम के साथ भारत का लक्ष्य लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतना रहेगा। घोषित टीम में स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, रेणुका ठाकुर, श्रेयांका पाटिल और राधा यादव जैसे प्रमुख खिलाड़ियों को जगह मिली है। इसके अलावा जी. कमलिनी, भारती फुलमाली, श्री चरणी, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी और नंदनी शर्मा को भी टीम में शामिल किया गया है। चयन समिति का मानना है कि अनुभव और युवा खिलाड़ियों का यह संतुलन एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट में भारत के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">भारतीय टीम की बल्लेबाजी की शुरुआत एक बार फिर स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा करती नजर आएंगी। दोनों खिलाड़ियों की जोड़ी पिछले कुछ वर्षों में भारत के लिए कई अहम साझेदारियां कर चुकी है। स्मृति अपनी तकनीकी बल्लेबाजी और बड़े मैचों के अनुभव के लिए जानी जाती हैं, जबकि शेफाली वर्मा अपनी आक्रामक शैली से शुरुआती ओवरों में विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाने की क्षमता रखती हैं। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि दोनों बल्लेबाज भारत को तेज शुरुआत दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगी। मध्यक्रम की जिम्मेदारी जेमिमा रोड्रिग्स और कप्तान हरमनप्रीत कौर के कंधों पर होगी। जेमिमा हाल के समय में लगातार अच्छी लय में नजर आई हैं और मुश्किल परिस्थितियों में पारी को संभालने की क्षमता रखती हैं। वहीं हरमनप्रीत बड़े मुकाबलों में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और नेतृत्व कौशल के लिए जानी जाती हैं। उनकी कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने कई महत्वपूर्ण जीत दर्ज की हैं और एशियन गेम्स में भी उनसे ऐसी ही उम्मीदें रहेंगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा एक बार फिर भारतीय टीम की सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल होंगी। वह गेंद और बल्ले दोनों से मैच का रुख बदलने की क्षमता रखती हैं। मध्य ओवरों में उनकी सटीक स्पिन गेंदबाजी विपक्षी टीमों के लिए चुनौती बन सकती है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर निचले क्रम में तेज रन बनाने की उनकी क्षमता टीम को अतिरिक्त मजबूती देती है। चयनकर्ताओं ने जापान की संभावित पिचों को ध्यान में रखते हुए स्पिन गेंदबाजों को विशेष महत्व दिया है। गेंदबाजी विभाग में रेणुका ठाकुर नई गेंद से आक्रमण की अगुवाई करेंगी। उनके साथ अरुंधति रेड्डी और क्रांति गौड़ तेज गेंदबाजी विकल्प के रूप में उपलब्ध रहेंगी। स्पिन आक्रमण में दीप्ति शर्मा, राधा यादव और श्रेयांका पाटिल की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है। टीम प्रबंधन को भरोसा है कि यह गेंदबाजी आक्रमण किसी भी एशियाई टीम के खिलाफ प्रभावी प्रदर्शन कर सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस बार एशियन गेम्स में क्रिकेट प्रतियोगिता टी20 प्रारूप में खेली जाएगी। भारत की महिला टीम अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग के आधार पर शुरुआती दौर में बेहतर स्थिति में रहेगी और उसे सीधे नॉकआउट चरण में प्रवेश मिलने की संभावना है। हालांकि टीम प्रबंधन किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं लेना चाहता। पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसी टीमें भी मजबूत तैयारी के साथ मैदान में उतरेंगी, इसलिए हर मुकाबला चुनौतीपूर्ण रहने की उम्मीद है। भारतीय महिला टीम ने पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और आईसीसी टूर्नामेंटों में टीम ने अपनी क्षमता का परिचय दिया है। खिलाड़ियों की फिटनेस, अनुभव और हालिया प्रदर्शन को देखते हुए चयनकर्ताओं ने संतुलित टीम चुनी है। टीम प्रबंधन खिलाड़ियों के वर्कलोड और फिटनेस पर भी लगातार नजर बनाए हुए है ताकि पूरे टूर्नामेंट के दौरान सर्वश्रेष्ठ संयोजन मैदान पर उतारा जा सके। भारत अपना पहला मुकाबला 21 सितंबर को खेलेगा। टीम का लक्ष्य जीत के साथ अभियान की शुरुआत करना और एक बार फिर एशियाई क्रिकेट में अपना दबदबा कायम रखना होगा। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी, स्मृति मंधाना की बल्लेबाजी और दीप्ति शर्मा के ऑलराउंड प्रदर्शन पर भारतीय टीम की उम्मीदें टिकी रहेंगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 12:59:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वैभव सूर्यवंशी आज कर सकते हैं टीम इंडिया में डेब्यू, सचिन का रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[आयरलैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 में मिल सकता है मौका, 15 वर्षीय बल्लेबाज बने तो भारत के सबसे कम उम्र के सीनियर इंटरनेशनल क्रिकेटर होंगे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/vaibhav-suryavanshi-can-debut-in-team-india-today-hope-to/article-57231"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/vaibhav-suryavanshi-(11).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारत और आयरलैंड के बीच टी-20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज बेलफास्ट में खेला जाएगा। पहले मैच में मिली हार के बाद भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। सबसे ज्यादा चर्चा 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की है, जिन्हें पहले मुकाबले में अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली थी। क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों का मानना है कि दूसरे मैच में टीम मैनेजमेंट इस युवा खिलाड़ी को मौका दे सकता है। यदि ऐसा होता है तो वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट इतिहास में सबसे कम उम्र में सीनियर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे और महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी पीछे छूट जाएगा। भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला सीरीज में वापसी का भी अवसर है। पहले टी-20 में मिली हार के बाद टीम संयोजन को लेकर चर्चा तेज है। बल्लेबाजी क्रम में बदलाव की संभावना भी जताई जा रही है। ऐसे में यदि वैभव को मौका मिलता है तो वह ओपनिंग में अभिषेक शर्मा के साथ उतर सकते हैं या फिर शीर्ष क्रम में किसी अन्य स्थान पर बल्लेबाजी करते दिखाई दे सकते हैं। टीम प्रबंधन फिलहाल परिस्थितियों और संयोजन को ध्यान में रखते हुए अंतिम फैसला करेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वैभव सूर्यवंशी पिछले कुछ महीनों से लगातार अपने प्रदर्शन के कारण सुर्खियों में हैं। घरेलू क्रिकेट से लेकर आईपीएल और भारत ए टीम तक उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा है। उनके आक्रामक खेल और तेज रन बनाने की क्षमता ने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। यही वजह रही कि बेहद कम उम्र में उन्हें भारतीय टी-20 टीम में जगह मिली। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या उन्हें आज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने का अवसर मिलेगा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया की प्रतिष्ठित नंबर 3 जर्सी सौंपी है। जर्सी मिलने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा। टीम के थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट रघु ने उन्हें जर्सी सौंपी तो वैभव ने सबसे पहले उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया और फिर जर्सी ग्रहण की। इस भावुक पल के बाद उन्होंने कहा कि बचपन में जो सपना बल्ला हाथ में लेकर देखा था, वह अब सच होता दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार भारतीय टीम की जर्सी पहनना उनके अब तक के क्रिकेट करियर का सबसे बड़ा सम्मान है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के दौरान वैभव सूर्यवंशी के लिए कुछ विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। चूंकि उनकी उम्र अभी 18 वर्ष से कम है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की चाइल्ड सेफगार्डिंग पॉलिसी के तहत उन्हें अलग चेंजिंग रूम उपलब्ध कराया गया है। उनकी फैमिली भी टीम होटल में उनके साथ रह सकेगी। हालांकि मैच और अभ्यास के दौरान वे टीम के अन्य खिलाड़ियों के साथ रहेंगे तथा सभी टीम मीटिंग्स में हिस्सा भी लेंगे। यह व्यवस्था युवा खिलाड़ियों की सुरक्षा और देखभाल को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है। वैभव सूर्यवंशी पहले ही भारतीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में राष्ट्रीय टीम के लिए चुने जाने वाले खिलाड़ी बन चुके हैं। उन्हें 15 साल 71 दिन की उम्र में भारतीय टीम में शामिल किया गया, जिससे उन्होंने शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर जैसे बड़े नामों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। इससे पहले शेफाली वर्मा को 15 साल 220 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुना गया था, जबकि सचिन तेंदुलकर को 16 साल 194 दिन की उम्र में राष्ट्रीय टीम में पहली बार जगह मिली थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उनके संभावित डेब्यू रिकॉर्ड पर है। यदि वैभव आज आयरलैंड के खिलाफ मैदान पर उतरते हैं तो वे भारत के लिए सबसे कम उम्र में सीनियर अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले क्रिकेटर बन जाएंगे। फिलहाल यह रिकॉर्ड शेफाली वर्मा के नाम है, जिन्होंने 15 साल 239 दिन की उम्र में भारत के लिए पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला था। वहीं सचिन तेंदुलकर ने 16 साल 205 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। वैभव इन दोनों रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकते हैं। हाल के प्रदर्शन ने भी उनके चयन को मजबूती दी है। भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेली गई ट्राई सीरीज के फाइनल में उन्होंने केवल 11 गेंदों में लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक लगाकर नया इतिहास रच दिया था। इस पारी ने उन्हें देशभर में नई पहचान दिलाई। इससे पहले आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 776 रन बनाए थे। उनका स्ट्राइक रेट 237.31 रहा और उन्होंने एक शानदार शतक भी लगाया। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें भारतीय टी-20 टीम में शामिल किया गया। वैभव सूर्यवंशी भविष्य में भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारे बन सकते हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव घरेलू क्रिकेट से अलग होता है और युवा खिलाड़ी के लिए यह चुनौतीपूर्ण भी रहेगा। यदि उन्हें मौका मिलता है तो सभी की नजर उनकी बल्लेबाजी और मानसिक मजबूती पर होगी। दूसरी ओर भारतीय टीम भी सीरीज में वापसी के इरादे से मैदान पर उतरेगी।आज का मुकाबला केवल भारत और आयरलैंड के बीच सीरीज का दूसरा मैच नहीं होगा, बल्कि यह एक युवा क्रिकेटर के सपनों के साकार होने का भी अवसर बन सकता है। यदि वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है तो भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 16:28:27 +0530</pubDate>
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                <title>श्रेयस अय्यर बोले- हार से मिली सीख, कप्तानी की अच्छी शुरुआत रही</title>
                                    <description><![CDATA[आयरलैंड से पहले टी-20 में हार के बाद नए कप्तान ने कहा- इस अनुभव से आगे टीम और बेहतर प्रदर्शन करेगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/shreyas-iyer-said-learning-from-defeat-was-a-good/article-57151"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/shreyas-iyer.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारत के नए टी-20 कप्तान श्रेयस अय्यर ने कप्तानी की शुरुआत हार के साथ जरूर की, लेकिन उनका मानना है कि यह अनुभव आगे टीम के लिए काफी उपयोगी साबित होगा। आयरलैंड के खिलाफ पहले टी-20 मुकाबले में मिली हार के बाद श्रेयस ने कहा कि कप्तान के तौर पर यह उनके करियर की सीख देने वाली शुरुआत रही। उन्होंने माना कि टीम से कुछ गलतियां जरूर हुईं, लेकिन इन्हीं परिस्थितियों से सीखकर आने वाले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है। भारतीय टीम हाल ही में टी-20 विश्व चैंपियन बनी थी और उसके बाद यह पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला था, जिसमें उसे आयरलैंड के हाथों 34 रन की हार झेलनी पड़ी। मैच के बाद बातचीत में श्रेयस अय्यर ने कहा कि क्रिकेट ऐसा खेल है जिसमें किसी भी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि जीत हासिल करने के लिए हर मैच में बुनियादी चीजों पर ध्यान देना पड़ता है। केवल मैदान पर उतर जाना काफी नहीं होता, बल्कि हर गेंद, हर ओवर और हर मौके पर पूरी मेहनत करनी पड़ती है। कप्तान ने माना कि टीम ने कुछ अहम मौकों पर अपनी योजनाओं के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया, जिसका फायदा विपक्षी टीम ने उठाया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">श्रेयस अय्यर ने कहा कि इस दौरे की परिस्थितियां भारतीय खिलाड़ियों के लिए अलग थीं। ऐसे माहौल में खेलने का अनुभव मिला और विकेट के व्यवहार को समझने का मौका भी मिला। उनके मुताबिक नई जिम्मेदारी संभालने के दौरान ऐसी चुनौतियां भविष्य के लिए काफी अहम होती हैं। उन्होंने कहा कि कप्तान के रूप में यह शुरुआत भले ही जीत के साथ नहीं हुई, लेकिन इससे मिली सीख आगे लंबे समय तक काम आएगी। मैच में भारतीय बल्लेबाजी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। खुद कप्तान श्रेयस अय्यर भी बल्ले से प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे और सात गेंदों पर केवल तीन रन बनाकर पवेलियन लौट गए। टीम के कई बल्लेबाज अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल सके, जिसका असर पूरे मैच पर पड़ा। भारतीय टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए लगातार दबाव में दिखाई दी और अंत में मुकाबला 34 रन से गंवा बैठी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">श्रेयस ने मैच के दौरान गेंदबाजों के प्रदर्शन पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि शुरुआती ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार शुरुआत दिलाई और जल्दी विकेट निकालकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। हालांकि मिडिल ओवरों में गेंदबाजी योजनाओं पर सही तरीके से अमल नहीं हो सका। कप्तान के मुताबिक बल्लेबाजों को ऐसे क्षेत्रों में रन बनाने का मौका मिला जहां बाउंड्री अपेक्षाकृत छोटी थी। उनका मानना है कि यदि आयरलैंड की टीम को करीब 140 रन के आसपास रोक लिया जाता तो मुकाबले का नतीजा अलग हो सकता था। भारतीय टीम के लिए यह हार इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि टी-20 विश्व कप जीतने के बाद टीम का यह पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला था। इसके अलावा आयरलैंड ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत को हराकर इतिहास भी रच दिया। इस जीत से आयरलैंड का आत्मविश्वास बढ़ा है, जबकि भारतीय टीम के लिए यह हार कई सवाल भी छोड़ गई है। हालांकि टीम प्रबंधन और खिलाड़ी इसे सीख के रूप में लेकर आगे बढ़ने की बात कर रहे हैं। श्रेयस अय्यर की कप्तानी को लेकर लंबे समय से चर्चा थी और इस मुकाबले के साथ उन्होंने पहली बार भारतीय टीम की कमान संभाली। युवा खिलाड़ियों से सजी इस टीम के सामने नई परिस्थितियों में बेहतर तालमेल बैठाने की चुनौती भी थी। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि नई कप्तानी में शुरुआती उतार-चढ़ाव सामान्य बात होती है और किसी भी कप्तान को अपनी रणनीतियों को बेहतर बनाने के लिए समय चाहिए होता है। सीरीज के अगले मुकाबले पर हैं। पहले मैच में मिली हार के बाद टीम वापसी की कोशिश करेगी। बल्लेबाजों से बड़े स्कोर की उम्मीद होगी, जबकि गेंदबाज मिडिल ओवरों में बेहतर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश करेंगे। कप्तान श्रेयस अय्यर भी व्यक्तिगत प्रदर्शन में सुधार करना चाहेंगे ताकि टीम को मजबूत शुरुआत मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 16:09:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वैभव सूर्यवंशी कर सकते हैं इंटरनेशनल डेब्यू, आयरलैंड के खिलाफ भारत की नई टी-20 शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[श्रेयस अय्यर पहली बार संभालेंगे भारतीय टी-20 टीम की कप्तानी, 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी सभी की नजरें, बेलफास्ट में बारिश भी बन सकती है चुनौती।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/6a3e3fd42e473/article-57020"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/vaibhav-suryavanshi-(10).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारतीय क्रिकेट टीम आज आयरलैंड के खिलाफ तीन मैचों की टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला खेलने उतरेगी। बेलफास्ट में होने वाला यह मैच कई मायनों में खास माना जा रहा है। एक तरफ श्रेयस अय्यर पहली बार भारतीय टी-20 टीम की कप्तानी करते नजर आएंगे, वहीं दूसरी ओर 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के इंटरनेशनल डेब्यू की संभावना ने क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह बढ़ा दिया है। भारतीय टीम इस सीरीज के साथ आने वाले टी-20 वर्ल्ड कप और 2028 ओलिंपिक की तैयारियों की दिशा में नए अभियान की शुरुआत करेगी। सबसे ज्यादा चर्चा वैभव सूर्यवंशी को लेकर हो रही है। महज 15 साल 71 दिन की उम्र में भारतीय टीम में जगह बनाकर उन्होंने पहले ही इतिहास रच दिया है। यदि उन्हें पहले टी-20 मुकाबले में डेब्यू का मौका मिलता है तो वे भारत के लिए सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो जाएंगे। इतना ही नहीं, वह महिला क्रिकेटर शेफाली वर्मा के सबसे कम उम्र में भारतीय टीम से डेब्यू करने के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ सकते हैं। क्रिकेट जगत की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि टीम प्रबंधन उन्हें प्लेइंग-11 में शामिल करता है या नहीं। हालांकि वैभव का डेब्यू आसान नहीं माना जा रहा। भारतीय टीम का टॉप ऑर्डर इस समय काफी मजबूत नजर आता है। संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन शानदार फॉर्म में हैं। इन तीनों बल्लेबाजों ने पिछले कुछ महीनों में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। संजू सैमसन बतौर ओपनर लगातार रन बना रहे हैं, जबकि अभिषेक शर्मा अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के कारण विपक्षी टीमों के लिए चुनौती बने हुए हैं। ईशान किशन भी इस साल भारत के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल हैं। ऐसे में वैभव को मौका देने के लिए बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करना टीम मैनेजमेंट के लिए आसान फैसला नहीं होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">संभावना यह भी जताई जा रही है कि यदि वैभव को अंतिम एकादश में जगह मिलती है तो किसी अनुभवी बल्लेबाज को नीचे बल्लेबाजी करनी पड़ सकती है। श्रेयस अय्यर चौथे नंबर पर खेल सकते हैं, जबकि तिलक वर्मा पांचवें स्थान पर उतर सकते हैं। ऐसे में वैभव को मध्यक्रम में मौका देने की संभावना भी पूरी तरह से खारिज नहीं की जा सकती। हालांकि छठे नंबर पर आमतौर पर ऑलराउंडर खेलते हैं और भारत के पास शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर और सूर्यांश शेडगे जैसे विकल्प मौजूद हैं। श्रेयस अय्यर के लिए भी यह मुकाबला बेहद अहम रहेगा। लंबे समय बाद टी-20 टीम में वापसी करने वाले श्रेयस पहली बार इस प्रारूप में भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे। उनसे पहले महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली, रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव जैसे खिलाड़ी इस जिम्मेदारी को निभा चुके हैं। चयनकर्ताओं ने श्रेयस पर भरोसा जताते हुए टीम को नई दिशा देने की जिम्मेदारी सौंपी है और अब उनकी कप्तानी की भी परीक्षा होगी। गेंदबाजी विभाग में भी कई युवा खिलाड़ियों के पास खुद को साबित करने का अच्छा मौका रहेगा। जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और वरुण चक्रवर्ती इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं। ऐसे में प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा और प्रिंस यादव पर नजर रहेगी। प्रसिद्ध कृष्णा हाल के मुकाबलों में अच्छी लय में दिखाई दिए हैं, जबकि चोट से वापसी कर रहे हर्षित राणा भी प्रभाव छोड़ने की कोशिश करेंगे। अर्शदीप सिंह टीम के सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज के रूप में आक्रमण की अगुआई करेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आयरलैंड की टीम को हल्के में लेना भारत के लिए आसान नहीं होगा। कप्तान लॉरकन टकर इस समय शानदार फॉर्म में हैं और बल्लेबाजी में लगातार रन बना रहे हैं। वहीं गेंदबाजी में मैथ्यू हम्फ्रीज टीम के सबसे सफल गेंदबाज रहे हैं। हालांकि दोनों टीमों के बीच अब तक खेले गए आठों टी-20 मुकाबलों में भारतीय टीम ने जीत दर्ज की है, जिससे मनोवैज्ञानिक बढ़त भारत के पास रहेगी। मौसम भी इस मुकाबले का अहम फैक्टर बन सकता है। मौसम विभाग के अनुसार मैच के दौरान बारिश की संभावना काफी ज्यादा है। यदि बारिश होती है तो ओवरों में कटौती या मैच बाधित होने की आशंका बनी रहेगी। बेलफास्ट के इस मैदान पर अब तक खेले गए टी-20 मुकाबलों में पहले गेंदबाजी करने वाली टीम को ज्यादा सफलता मिली है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी का फैसला कर सकती है। भारतीय क्रिकेट के लिए यह मुकाबला केवल एक और टी-20 मैच नहीं बल्कि नई पीढ़ी की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं को मौका देकर टीम भविष्य की मजबूत नींव तैयार करना चाहती है। यदि वैभव सूर्यवंशी को आज डेब्यू कैप मिलती है तो यह उनके करियर का सबसे बड़ा दिन होगा और भारतीय क्रिकेट को एक और युवा सितारा अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 14:38:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वैभव सूर्यवंशी को मिली टीम इंडिया की नंबर-3 जर्सी, आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे पर रवाना</title>
                                    <description><![CDATA[वैभव सूर्यवंशी को पहली बार भारतीय सीनियर टीम में शामिल किया गया है। टीम इंडिया की नंबर-3 जर्सी मिलने के बाद युवा बल्लेबाज ने इसे अपने क्रिकेट करियर का सबसे बड़ा क्षण बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/vaibhav-suryavanshi-gets-team-indias-number-3-jersey-leaves-for/article-56700"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/vaibhav-suryawanshi.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी के लिए मंगलवार का दिन बेहद खास रहा। महज 15 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बने सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम इंडिया की नंबर-3 जर्सी सौंपी। इसके साथ ही वह आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टीम के साथ रवाना हो गए। युवा बल्लेबाज ने इस पल को अपने जीवन का सबसे बड़ा सपना पूरा होने जैसा बताया।</p>
<p class="isSelectedEnd">वैभव सूर्यवंशी हाल के महीनों में लगातार अपने प्रदर्शन से सुर्खियों में रहे हैं। आईपीएल 2026 में शानदार बल्लेबाजी और जूनियर स्तर पर रिकॉर्डतोड़ पारियों के बाद उन्हें पहली बार भारतीय सीनियर टीम में जगह मिली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, बीसीसीआई ने उनकी नंबर-3 जर्सी होटल में भिजवाई, जहां भारतीय टीम के थ्रो-डाउन स्पेशलिस्ट रघु ने उन्हें यह जर्सी सौंपी। जर्सी प्राप्त करने के बाद सूर्यवंशी ने सम्मान स्वरूप उनके पैर छुए और आशीर्वाद लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">युवा खिलाड़ी ने भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस उपलब्धि को शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है। उनके मुताबिक, जिस दिन उन्होंने पहली बार बल्ला हाथ में लेकर क्रिकेट मैदान पर कदम रखा था, उसी दिन से भारतीय टीम के लिए खेलने का सपना देखा था और अब वह सपना साकार होने जा रहा है।</p>
<h2>रिकॉर्डों की चर्चा</h2>
<p class="isSelectedEnd">वैभव सूर्यवंशी ने हाल ही में ट्राई-नेशनल वनडे सीरीज के फाइनल में केवल 11 गेंदों पर अर्धशतक लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इस प्रदर्शन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में नई पहचान दिलाई। चयनकर्ताओं ने भी उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए सीनियर टीम में मौका दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">आईपीएल 2026 में सूर्यवंशी ने 16 मैचों में 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की थी। इस दौरान उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतक लगाए। इसके साथ ही वह आईपीएल इतिहास में ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी भी बने। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में इस तरह का प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है।</p>
<h2>सचिन का रिकॉर्ड निशाने पर</h2>
<p class="isSelectedEnd">भारतीय टीम का आयरलैंड दौरा 26 जून से शुरू होगा, जबकि इसके बाद टीम इंग्लैंड में सीमित ओवरों की श्रृंखला खेलेगी। यदि वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड के खिलाफ बेलफास्ट में होने वाले मुकाबले में पदार्पण का मौका मिलता है, तो वह भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">फिलहाल यह रिकॉर्ड महान बल्लेबाज Sachin Tendulkar के नाम दर्ज है, जिन्होंने 16 वर्ष 205 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। सूर्यवंशी के पास इस उपलब्धि को पीछे छोड़ने का अवसर होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">भारतीय टी-20 टीम की कमान Shreyas Iyer के हाथों में है, जबकि टीम में Tilak Varma, Sanju Samson, Ishan Kishan और Arshdeep Singh जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं।</p>
<p>क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब आयरलैंड दौरे पर टिकी है, जहां वैभव सूर्यवंशी के संभावित डेब्यू को लेकर उत्साह लगातार बढ़ रहा है। यदि उन्हें अंतिम एकादश में मौका मिलता है, तो यह भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार पदार्पणों में से एक हो सकता है। आज की ताज़ा ख़बरें, भारत समाचार अपडेट और ट्रेंडिंग न्यूज इंडिया में यह कहानी फिलहाल सबसे अधिक चर्चा में रहने वाली खबरों में शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 13:08:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दैनिक जागरण]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मैच से एक दिन पहले हर्षित राणा की टीम इंडिया में वापसी, अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे में मिल सकता है मौका</title>
                                    <description><![CDATA[सर्जरी और लंबे रिहैबिलिटेशन के बाद भारतीय टीम से जुड़े तेज गेंदबाज, चेन्नई में सीरीज के आखिरी मुकाबले में पेस अटैक को मिलेगी मजबूती]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/a-day-before-the-match-harshit-ranas-return-to-team/article-56406"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/harshit-rana-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज के अंतिम मुकाबले से पहले भारतीय टीम को बड़ी राहत मिली है। तेज गेंदबाज हर्षित राणा की टीम इंडिया में वापसी हो गई है और उन्हें तीसरे वनडे के लिए भारतीय स्क्वाड में शामिल कर लिया गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने शुक्रवार को इसकी आधिकारिक जानकारी दी। बताया गया कि हर्षित राणा ने बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपना रिहैबिलिटेशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और फिटनेस टेस्ट भी पास कर लिया है। इसके बाद उन्हें चेन्नई में मौजूद भारतीय टीम से जुड़ने की अनुमति दे दी गई। भारत और अफगानिस्तान के बीच सीरीज का तीसरा और आखिरी वनडे मुकाबला 20 जून को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय टीम पहले ही शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम कर चुकी है। पहले मैच में टीम इंडिया ने सात विकेट से जीत दर्ज की थी, जबकि दूसरे वनडे में अफगानिस्तान को 170 रन के बड़े अंतर से हराया था। ऐसे में तीसरा मुकाबला औपचारिक जरूर माना जा रहा है, लेकिन भारतीय टीम इसमें भी जीत दर्ज कर क्लीन स्वीप के इरादे से मैदान पर उतरेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हर्षित राणा की वापसी ऐसे समय में हुई है जब भारतीय टीम अपने तेज गेंदबाजी आक्रमण को और मजबूत करना चाहती है। इस सीरीज में भारत के प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में शुरुआती दो मुकाबलों में तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी मुख्य रूप से अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा ने संभाली है। अब हर्षित राणा के टीम से जुड़ने के बाद कप्तान शुभमन गिल के पास तेज गेंदबाजी के अतिरिक्त विकल्प मौजूद होंगे। चेन्नई की परिस्थितियों को देखते हुए टीम प्रबंधन तीन तेज गेंदबाजों के संयोजन पर भी विचार कर सकता है। बताया जा रहा है कि टीम प्रबंधन तीसरे वनडे में कुछ खिलाड़ियों को मौका देने के विकल्प पर भी विचार कर सकता है। सीरीज पहले ही भारत के नाम हो चुकी है, इसलिए बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को अंतिम एकादश में शामिल किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में हर्षित राणा को भी लंबे समय बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी का मौका मिल सकता है। हालांकि अंतिम फैसला मैच के दिन पिच और मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए लिया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हर्षित राणा पिछले कुछ महीनों से क्रिकेट मैदान से दूर थे। टी-20 वर्ल्ड कप से पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए एक अभ्यास मैच के दौरान उन्हें गंभीर चोट लग गई थी। शुरुआती जांच में चोट अपेक्षा से ज्यादा गंभीर पाई गई, जिसके बाद उन्हें सर्जरी करानी पड़ी। चोट के कारण वह न सिर्फ टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गए, बल्कि इंडियन प्रीमियर लीग का पूरा सीजन भी नहीं खेल सके। यह उनके करियर के लिए बड़ा झटका माना गया था क्योंकि उस समय वह शानदार फॉर्म में चल रहे थे और लगातार चयनकर्ताओं की नजर में बने हुए थे। सर्जरी के बाद हर्षित ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में विशेषज्ञ डॉक्टरों और फिजियोथेरेपिस्ट की निगरानी में पुनर्वास प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान उनकी फिटनेस, गेंदबाजी लोड और मैच तैयारी पर विशेष ध्यान दिया गया। सूत्रों के अनुसार उन्होंने सभी निर्धारित फिटनेस मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसके बाद मेडिकल टीम ने उन्हें प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलने की मंजूरी दे दी। यही वजह रही कि चयनकर्ताओं ने उन्हें तीसरे वनडे के लिए टीम में शामिल करने का फैसला लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारतीय टीम प्रबंधन भी हर्षित राणा को भविष्य की योजनाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रहा है। युवा तेज गेंदबाज ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपनी गति, आक्रामकता और विकेट लेने की क्षमता से प्रभावित किया है। टीम इंडिया लगातार ऐसे तेज गेंदबाजों की तलाश में है जो आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टीम को मजबूती दे सकें। ऐसे में हर्षित की फिट होकर वापसी भारतीय क्रिकेट के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। भारत जहां सीरीज में क्लीन स्वीप के लक्ष्य के साथ मैदान पर उतरेगा, वहीं अफगानिस्तान सम्मान बचाने के लिए जीत दर्ज करने की कोशिश करेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 15:54:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>धोनी जैसे मेंटर की जरूरत, कोचिंग शैली पर श्रीसंत ने उठाए सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व तेज गेंदबाज एस श्रीसंत ने गौतम गंभीर की कार्यशैली पर जताई आपत्ति, कहा- खिलाड़ियों को दबाव नहीं बल्कि भरोसा और मार्गदर्शन चाहिए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/need-of-a-mentor-like-dhoni-sreesanth-raised-questions-on/article-56405"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/s-sreesanth.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज एस श्रीसंत ने एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज से क्रिकेट जगत में चर्चा छेड़ दी है। इस बार उन्होंने टीम इंडिया के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि भारतीय टीम को पारंपरिक कोचिंग मॉडल से ज्यादा एक ऐसे मेंटर की जरूरत है जो खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर सके और उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाए। श्रीसंत का मानना है कि महेंद्र सिंह धोनी जैसे व्यक्तित्व की सोच और नेतृत्व शैली टीम के लिए अधिक प्रभावी साबित हो सकती है। 43 वर्षीय श्रीसंत ने एक बातचीत के दौरान कहा कि टीम के खिलाड़ियों पर जरूरत से ज्यादा दबाव बनाने के बजाय उन्हें भरोसा देना और सही दिशा दिखाना ज्यादा महत्वपूर्ण है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत को केवल एक कोच की नहीं, बल्कि ऐसे मेंटर की आवश्यकता है जो खिलाड़ियों को समझे और उनके साथ बड़े भाई जैसा रिश्ता बनाए। उनके मुताबिक केवल जीत पर खुश होना और हार पर नाराज हो जाना नेतृत्व की पहचान नहीं हो सकती। खिलाड़ियों को कठिन समय में समर्थन और विश्वास की जरूरत होती है, जिससे वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पूर्व तेज गेंदबाज की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारतीय टेस्ट टीम के हालिया प्रदर्शन को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। श्रीसंत ने न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार का जिक्र करते हुए कहा कि टीम की रणनीति और कोचिंग दृष्टिकोण पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उनका मानना है कि जब कोई टीम लगातार दबाव में नजर आती है तो केवल खिलाड़ियों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होता। टीम के प्रदर्शन में कोचिंग स्टाफ और नेतृत्व समूह की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट केवल तकनीक का खेल नहीं है, बल्कि यह मानसिक मजबूती और टीम के भीतर विश्वास के माहौल पर भी निर्भर करता है। अगर खिलाड़ी खुद को स्वतंत्र महसूस करेंगे और उन्हें नेतृत्व से समर्थन मिलेगा तो वे मैदान पर बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे। श्रीसंत के अनुसार कई बार खिलाड़ी दबाव में अपनी स्वाभाविक शैली भूल जाते हैं और इसका असर पूरे टीम संयोजन पर पड़ता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महेंद्र सिंह धोनी का उदाहरण देते हुए श्रीसंत ने कहा कि भारतीय क्रिकेट की कई बड़ी सफलताओं के पीछे उनकी नेतृत्व क्षमता रही है। उन्होंने कहा कि धोनी खिलाड़ियों की क्षमता को समझते थे और उन्हें मौके देने में विश्वास रखते थे। यही वजह थी कि कई युवा खिलाड़ियों ने उनके नेतृत्व में शानदार प्रदर्शन किया। श्रीसंत का मानना है कि टीम के साथ भावनात्मक जुड़ाव और भरोसे का रिश्ता बनाना किसी भी सफल नेतृत्व की सबसे बड़ी पहचान होती है। उन्होंने 2026 टी-20 विश्व कप जीत को लेकर भी अपनी राय रखी। श्रीसंत ने कहा कि किसी बड़ी जीत का पूरा श्रेय केवल कोच को देना उचित नहीं है। उनके अनुसार क्रिकेट एक टीम गेम है और इसमें कप्तान, खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ तथा रणनीतिक फैसलों की बराबर भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि अगर महत्वपूर्ण मौकों पर खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया होता तो केवल कोचिंग के दम पर विश्व कप जीतना संभव नहीं था। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सही समय पर लिए गए फैसले, खिलाड़ियों का प्रदर्शन और मैदान पर दिखाई गई समझदारी भी जीत की बड़ी वजह होती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एस श्रीसंत भारतीय क्रिकेट के उन खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं जिन्होंने टीम इंडिया के दो विश्व कप जीतने वाले अभियानों का हिस्सा बनने का गौरव हासिल किया। वे 2007 के टी-20 विश्व कप और 2011 के वनडे विश्व कप विजेता भारतीय दल में शामिल थे। अपने करियर के दौरान उन्होंने 27 टेस्ट मैचों में 87 विकेट हासिल किए और सीमित ओवरों के प्रारूप में भी टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपनी आक्रामक गेंदबाजी और जुझारू रवैये के कारण वे लंबे समय तक चर्चा में रहे।उनका करियर विवादों से भी अछूता नहीं रहा। वर्ष 2013 में आईपीएल के दौरान उन पर स्पॉट फिक्सिंग के आरोप लगे थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था। बाद में अदालत से राहत मिलने और लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद उनके खिलाफ लगे कई आरोप समाप्त हुए। इसके बाद उनके प्रतिबंध की अवधि भी कम की गई और अंततः वह समाप्त हो गई। बावजूद इसके, उनका क्रिकेट करियर पहले जैसी रफ्तार नहीं पकड़ सका।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 15:54:03 +0530</pubDate>
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                <title>अफगानिस्तान सीरीज से पहले टीम इंडिया में लौटे हर्षित राणा</title>
                                    <description><![CDATA[चोट से उबरकर तेज गेंदबाज ने की वापसी, चेन्नई में तीसरे वनडे में खेलने की संभावना; भारत सीरीज में 2-0 से आगे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/harshit-rana-returns-to-team-india-before-afghanistan-series/article-56398"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/harshit-rana.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के तीसरे और अंतिम मुकाबले से ठीक एक दिन पहले भारतीय टीम को बड़ी राहत मिली है। युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा की टीम इंडिया में वापसी हो गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि हर्षित राणा ने बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपना रिहैबिलिटेशन पूरा कर लिया है और फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद उन्हें भारतीय टीम से जुड़ने की अनुमति दे दी गई है। राणा अब चेन्नई पहुंच चुके हैं और टीम के साथ अभ्यास सत्र में हिस्सा लेने की तैयारी कर रहे हैं। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला 20 जून को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम यानी चेपॉक में खेला जाएगा। भारतीय टीम पहले ही शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम कर चुकी है। पहले वनडे में टीम इंडिया ने सात विकेट से जीत दर्ज की थी, जबकि दूसरे मुकाबले में अफगानिस्तान को 170 रन के बड़े अंतर से हराया था। ऐसे में तीसरे मैच में भारतीय टीम की नजर क्लीन स्वीप पर होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हर्षित राणा की वापसी को भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस सीरीज में टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में अब तक तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा संभाल रहे थे। हर्षित के आने से कप्तान शुभमन गिल को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा और चेपॉक की परिस्थितियों के अनुसार गेंदबाजी संयोजन तय करने में आसानी होगी। बीसीसीआई के अनुसार राणा पिछले कई सप्ताह से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में विशेषज्ञ डॉक्टरों और फिजियोथेरेपिस्ट की निगरानी में थे। चोट से पूरी तरह उबरने के बाद उन्होंने फिटनेस टेस्ट दिया और सभी मानकों पर खरे उतरने के बाद राष्ट्रीय टीम में वापसी का रास्ता साफ हुआ। टीम प्रबंधन भी उनकी प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए था। दरअसल, हर्षित राणा टी-20 विश्व कप से ठीक पहले चोटिल हो गए थे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक अभ्यास मुकाबले के दौरान उन्हें गंभीर चोट लगी थी। चोट इतनी गंभीर थी कि उन्हें सर्जरी तक करानी पड़ी। इसके बाद वह लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहे और न सिर्फ टी-20 विश्व कप बल्कि इंडियन प्रीमियर लीग का पूरा सीजन भी नहीं खेल सके। उनकी अनुपस्थिति टीम और फ्रेंचाइजी दोनों के लिए बड़ा झटका मानी गई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हर्षित राणा की वापसी भारतीय टीम के लिए भविष्य के लिहाज से भी अहम है। युवा तेज गेंदबाज ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी गति, उछाल और आक्रामक गेंदबाजी से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को देखते हुए टीम प्रबंधन उन्हें लगातार तैयार कर रहा है। अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे में यदि उन्हें मौका मिलता है तो यह उनके लिए लंबे अंतराल के बाद प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी होगी। चेन्नई की पिच पारंपरिक रूप से स्पिन गेंदबाजों की मददगार मानी जाती है, लेकिन नई गेंद से तेज गेंदबाजों को भी शुरुआती ओवरों में मदद मिलती है। ऐसे में टीम इंडिया तीन तेज गेंदबाजों के साथ उतर सकती है। कप्तान शुभमन गिल के सामने अब गेंदबाजी आक्रमण को लेकर विकल्प बढ़ गए हैं। सीरीज जीतने के बाद भारतीय टीम कुछ नए खिलाड़ियों को भी मौका दे सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला केवल औपचारिकता नहीं होगा। टीम प्रबंधन आगामी बड़े टूर्नामेंटों को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों की फिटनेस और संयोजन पर भी नजर रखेगा। ऐसे में हर्षित राणा जैसे युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर विशेष ध्यान रहेगा। यदि वह इस मैच में प्रभाव छोड़ने में सफल रहते हैं तो आने वाले महीनों में टीम इंडिया की योजनाओं में उनकी भूमिका और मजबूत हो सकती है। अफगानिस्तान की टीम भी अंतिम मुकाबले में सम्मान बचाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। हालांकि सीरीज गंवाने के बाद उसके सामने चुनौती कठिन होगी। दूसरी ओर भारतीय टीम लगातार तीसरी जीत दर्ज कर सीरीज को शानदार अंदाज में समाप्त करना चाहेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 15:15:39 +0530</pubDate>
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