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                <title>Modi Government - दैनिक जागरण</title>
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                <title>केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा, राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है। राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने और भाजपा द्वारा दोबारा उम्मीदवार न बनाए जाने के बाद यह फैसला सामने आया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/resignation-of-union-minister-george-kurien-decision-after-the-end/article-56698"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/george-korean.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">केंद्र सरकार में राज्य मंत्री रहे जॉर्ज कुरियन ने मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। हालांकि इस्तीफे के पीछे की आधिकारिक वजह सार्वजनिक नहीं की गई है। 65 वर्षीय कुरियन मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनका राज्यसभा कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो गया था और भाजपा ने हालिया राज्यसभा चुनाव में उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया।</p>
<p class="isSelectedEnd">जॉर्ज कुरियन अगस्त 2024 से मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्यसभा सदस्य थे। भाजपा संगठन में उनकी पहचान लंबे समय से दक्षिण भारत, विशेषकर केरल में पार्टी के प्रमुख चेहरों में रही है। राजनीतिक हलकों में उनके इस्तीफे को आगामी संगठनात्मक और मंत्रिमंडलीय बदलावों से जोड़कर देखा जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में संपन्न केरल विधानसभा चुनावों में भाजपा के अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने को भी इस घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में 140 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को केवल तीन सीटों पर जीत मिली थी, जबकि पार्टी ने राज्य में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान चलाया था।</p>
<h3>केरल में भाजपा का चेहरा</h3>
<p class="isSelectedEnd">जॉर्ज कुरियन केरल के प्रमुख ईसाई संप्रदाय सीरो-मालाबार कैथोलिक चर्च से जुड़े रहे हैं। वे वर्षों तक टीवी डिबेट्स और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाजपा का पक्ष रखने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल रहे।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के केरल दौरों के दौरान कुरियन अक्सर उनके भाषणों का मलयालम में अनुवाद करते दिखाई देते थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2024 में उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल करना केरल के ईसाई समुदाय के बीच भाजपा की स्वीकार्यता बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा था।</p>
<h3>राज्यसभा चुनाव से संकेत</h3>
<p class="isSelectedEnd">18 जून को 12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हुए थे। इनमें अधिकांश सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए। भाजपा ने 4 जून को अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की थी, जिसमें जॉर्ज कुरियन और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को दोबारा मौका नहीं दिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों नेताओं के टिकट कटने के बाद से ही केंद्र सरकार में संभावित फेरबदल की अटकलें तेज हो गई थीं। अब कुरियन के इस्तीफे ने इन चर्चाओं को और बल दिया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि भाजपा आने वाले महीनों में संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर नई रणनीति के तहत बदलाव कर सकती है। दक्षिण भारत में पार्टी के प्रदर्शन और विस्तार को लेकर भी नेतृत्व नए सिरे से समीक्षा कर सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इससे पहले तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई के इस्तीफे ने भी दक्षिण भारत की राजनीति में हलचल पैदा की थी। ऐसे में जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा भाजपा की दक्षिण भारत रणनीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p>फिलहाल भाजपा नेतृत्व की ओर से कुरियन की भविष्य की भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जारी है कि पार्टी उन्हें संगठन में नई जिम्मेदारी दे सकती है। केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा अब राष्ट्रीय राजनीति और भारत समाचार अपडेट में प्रमुख चर्चा का विषय बन गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 13:04:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दैनिक जागरण]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>MP में भाजपा का बड़ा जनसंपर्क अभियान, हर जिले में 500 ओपिनियन मेकर्स तक पहुंचेगी पार्टी</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश भाजपा 5 से 21 जून तक बड़ा जनसंपर्क अभियान चलाएगी। हर जिले में 500 ओपिनियन मेकर्स तक पहुंचने की तैयारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bjps-big-public-relations-campaign-in-mp-party-will-reach/article-54161"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/madhya-pradesh-bjp-campaign.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश में भाजपा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर बड़े पैमाने पर जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रही है। पार्टी ने 5 से 21 जून तक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है। इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ आम सभाओं तक सीमित नहीं रहेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि प्रभावशाली और शिक्षित लोगों से सीधा संपर्क करने पर भी रहेगा। भाजपा नेताओं को हर जिले में कम से कम 500 ओपिनियन मेकर्स तक पहुंचने का लक्ष्य दिया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें सांसद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विधायक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रदेश पदाधिकारी और संगठन के नेता अलग-अलग स्तरों पर सक्रिय रहेंगे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भोपाल में हुई बैठकों के बाद अभियान की योजना बनाई गई है। सांसद अपनी लोकसभा सीट के हर विधानसभा में एक दिन बिताएंगे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और विधायक अपने क्षेत्रों के हर मंडल में पहुंचेंगे। इस दौरान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मोदी सरकार की योजनाओं और 12 साल की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड लोगों के सामने रखा जाएगा। भाजपा इस अभियान को एक राजनीतिक कार्यक्रम के बजाय जनसंवाद के रूप में पेश करने की तैयारी में है। इसके तहत व्यापारियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डॉक्टरों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षकों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सामाजिक संगठनों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और विभिन्न क्षेत्रों के प्रभावशाली लोगों से व्यक्तिगत मुलाकातें भी की जाएंगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस अभियान की शुरुआत विश्व पर्यावरण दिवस यानी 5 जून से होगी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और पार्टी ने </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">एक पेड़ मां के नाम</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">कार्यक्रम को भी इससे जोड़ा है। हर मंडल में पौधरोपण किया जाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और स्कूल-कालेजों को भी इसमें शामिल करने की योजना है। कई जिलों में स्वच्छता अभियान और प्लास्टिक कचरे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। भाजपा नेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे सिर्फ मंचीय कार्यक्रमों तक सीमित न रहें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सीधे लोगों के बीच जाकर संवाद करें।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">15 से 18 जून के बीच हर जिले में मोदी सरकार की उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें केंद्र सरकार की योजनाएं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इंफ्रास्ट्रक्चर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गरीब कल्याण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और किसानों से जुड़ी योजनाओं को प्रमुखता दी जाएगी। पार्टी व्यापारी वर्ग और अन्य प्रबुद्धजनों को सभागार बैठकों के जरिए जोड़ने की योजना बना रही है। कुछ जिलों में लाभार्थियों को मंच पर बुलाकर उनके अनुभव साझा कराए जाएंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साथ ही ऑन-द-स्पॉट पेंटिंग प्रतियोगिता और वीडियो रिकॉर्डिंग जैसे कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अभियान के दौरान किसानों पर भी ध्यान दिया जाएगा। 19 और 20 जून को प्राकृतिक खेती पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें कृषि विशेषज्ञ किसानों को जैविक और प्राकृतिक खेती के तरीके समझाएंगे। पार्टी का मानना है कि खेती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर्यावरण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को साथ में जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पहुंच बनाई जा सकती है। इसकी जिम्मेदारी संगठन स्तर पर अलग-अलग टीमों को सौंपी गई है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अंत में</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के साथ अभियान का समापन होगा। हर मंडल में योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और जहां संभव होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक सप्ताह के योग प्रशिक्षण शिविर भी लगाए जाएंगे। भाजपा इस पूरे अभियान के जरिए मोदी सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाना चाहती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और विधानसभा तथा लोकसभा चुनावों के बाद संगठन की जमीनी सक्रियता बनाए रखने की कोशिश भी कर रही है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 15:36:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>CNG फिर हुई महंगी, 10 दिन में तीसरी बढ़ोतरी से बढ़ी लोगों की चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[देश में CNG की कीमत फिर बढ़ी। दिल्ली में अब CNG 81.09 रुपये प्रति किलो पहुंची। पेट्रोल-डीजल के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/cng-becomes-expensive-again-due-to-third-increase-in-10/article-54014"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/cng-price-hike.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><strong>CNG Price Hike:</strong> देश भर में महंगाई का असर अब ईंधन की कीमतों पर लगातार नजर आ रहा है। शनिवार को</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोल और डीजल के बाद</span>, CNG <span lang="hi" xml:lang="hi">की कीमतों में भी फिर से बढ़ोतरी की गई। पिछले 10 दिनों में यह तीसरी बार है जब </span>CNG <span lang="hi" xml:lang="hi">के दाम बढ़ाए गए हैं। नई दरें लागू होने के बाद दिल्ली में अब </span>CNG <span lang="hi" xml:lang="hi">की कीमत 81.09 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। बढ़ती हुई कीमतों से खासतौर पर उन लोगों की चिंता बढ़ गई है जो रोजाना सफर के लिए </span>CNG <span lang="hi" xml:lang="hi">वाहनों पर निर्भर हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इससे पहले 15 मई को </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">CNG <span lang="hi" xml:lang="hi">की कीमत में 2 रुपये प्रति किलो का इजाफा हुआ था। फिर 18 मई को 1 रुपये की और बढ़ोतरी हुई। अब इस ताजा बढ़ोतरी के साथ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पिछले 10 दिनों में </span>CNG <span lang="hi" xml:lang="hi">कुल 4 रुपये प्रति किलो महंगी हो चुकी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ट्रांसपोर्ट और ऑटो किराए पर भी इसका असर देखने को मिलेगा। दिल्ली-एनसीआर और कई बड़े शहरों में बड़े पैमाने पर </span>CNG <span lang="hi" xml:lang="hi">वाहनों का इस्तेमाल होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे में आम लोगों का मासिक बजट प्रभावित होने की संभावना भी जताई जा रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसी बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी शनिवार को बढ़ोतरी देखने को मिली है। पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है। नई कीमतों के हिसाब से दिल्ली में अब पेट्रोल 99.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.49 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। इससे पहले 15 मई को दोनों ईंधनों की कीमत में 3-3 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी की गई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और फिर 19 मई को भी दाम बढ़ाए गए थे। इस तरह से पिछले करीब 10 दिनों में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोल और डीजल लगभग 5 रुपये तक महंगे हो चुके हैं। लगातार हो रही इन बढ़ोतरी ने आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">विपक्ष ने भी बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए सरकार को घेराव किया और महंगाई के मुद्दे पर सवाल उठाए। पार्टी ने यह आरोप लगाया कि आम जनता पर लगातार बोझ डाला जा रहा है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि तेल कंपनियों के फायदे का ध्यान रखा जा रहा है। कांग्रेस ने यह भी कहा कि दुनिया के कई देशों में जनता को राहत देने की कोशिश की जा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन हमारे यहां तो ईंधन के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। फिलहाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बढ़ती कीमतों के बीच लोगों की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिन राहत मिलते हैं या महंगाई का दबाव और बढ़ता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 11:25:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>भोजशाला विवाद पर दिग्विजय सिंह बोले- ASI रिपोर्ट में मूर्ति का जिक्र नहीं, सुप्रीम कोर्ट करेगा पूजा होगी या इबादत</title>
                                    <description><![CDATA[भोजशाला विवाद पर दिग्विजय सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से फैसले की बात कही। ASI रिपोर्ट, पूजा-अर्चना और आर्थिक मुद्दों पर भी केंद्र को घेरा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/digvijay-singh-said-on-bhojshala-controversy-there-is-no/article-53513"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/bhojshala-dispute,-digvijaya-singh.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">धार के भोजशाला विवाद पर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के बाद भोजशाला परिसर में पूजा शुरू होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और शनिवार सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां पहुंचने लगे हैं। इसी बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मामला अब एक संवेदनशील मोड़ पर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट को लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि भोजशाला एक </span>ASI <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रोटेक्टेड मॉन्यूमेंट है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए यह तय करना कि यहां पूजा होगी या इबादत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोर्ट के दायरे में आता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दिग्विजय सिंह ने बातचीत में कहा कि वे इस मामले का अध्ययन कर रहे हैं और जो भी निर्णय होगा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">वो देश के कानून और नियमों के आधार पर ही होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कई मामले पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे वाराणसी का ज्ञानवापी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संभल की मस्जिद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और मथुरा-वृंदावन से जुड़े विवाद। भोजशाला के बारे में उन्होंने दोहराया कि यह </span>ASI <span lang="hi" xml:lang="hi">द्वारा संरक्षित स्मारक है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए इसका उपयोग कैसे होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह अंततः सर्वोच्च न्यायालय ही तय करेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हिंदू-मुसलमान के नाम पर तनाव बढ़ाना उचित नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इससे समाज में और दूरी पैदा हो सकती है। उनके इस बयान के बाद स्थानीय राजनीति में भी हलचल देखने को मिली है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जब उनसे वाग्देवी की मूर्ति के बारे में सवाल किया गया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो दिग्विजय सिंह ने कहा कि इस पर पहले भी प्रयास किए गए थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा के समय भी इस दिशा में कोशिशें हुई थीं। उन्होंने कहा कि मूर्ति का विषय भावनात्मक जरूर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन </span>ASI <span lang="hi" xml:lang="hi">की रिपोर्ट में इसका स्पष्ट जिक्र नहीं है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 13:54:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>PM मोदी बने भारत में सबसे लंबे समय तक सरकार प्रमुख रहने वाले नेता, 8931 दिन का रिकॉर्ड</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के कार्यकाल को मिलाकर पवन कुमार चामलिंग को पीछे छोड़ा; लगातार प्रधानमंत्री रहने में नेहरू अब भी आगे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pm-modi-becomes-the-leader-who-has-been-the-head/article-48769"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/pm-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत में सबसे लंबे समय तक सरकार के प्रमुख रहने वाले नेता बन गए हैं। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में कुल 8,931 दिन पूरे करने के साथ उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। चामलिंग 8,930 दिनों तक इस पद पर रहे थे।</p>
<p>यह उपलब्धि 22 मार्च 2026 को दर्ज हुई, जब मोदी ने अपने राजनीतिक जीवन में सरकार के प्रमुख के तौर पर कुल कार्यकाल के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित किया। इससे पहले वे गुजरात के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता भी रह चुके हैं।</p>
<p>मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद उन्होंने 2002, 2007 और 2012 में लगातार चुनाव जीतकर करीब 14 साल तक राज्य का नेतृत्व किया। इसके बाद 26 मई 2014 को उन्होंने पहली बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली और तब से लगातार इस पद पर बने हुए हैं। वर्तमान में वे अपने तीसरे कार्यकाल में हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री के रूप में भी मोदी ने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। 2025 में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लगातार 4077 दिनों तक प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था। 22 मार्च 2026 तक वे 4318 दिनों से अधिक समय तक प्रधानमंत्री पद पर रह चुके हैं।</p>
<p>हालांकि, देश में सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड अब भी जवाहरलाल नेहरू के नाम है, जिन्होंने 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964 तक कुल 6126 दिन इस पद पर बिताए। इस लिहाज से मोदी अभी भी इस रिकॉर्ड से पीछे हैं और इसे तोड़ने के लिए उन्हें 2029 के बाद भी पद पर बने रहना होगा।</p>
<p>जिस रिकॉर्ड को मोदी ने पीछे छोड़ा है, वह पवन कुमार चामलिंग के नाम था। चामलिंग ने 1994 से 2019 तक सिक्किम के मुख्यमंत्री के रूप में करीब 24 साल 165 दिन तक लगातार शासन किया। उनके कार्यकाल को राजनीतिक स्थिरता और विकास के लिए जाना जाता है।</p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मोदी का यह लंबा कार्यकाल भारतीय राजनीति में निरंतर नेतृत्व और जनाधार को दर्शाता है। वहीं, विपक्ष इस उपलब्धि को लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में देखता है और इसे राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर विश्लेषित करता है।</p>
<p>आगे आने वाले वर्षों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या मोदी लगातार प्रधानमंत्री के रूप में नेहरू के रिकॉर्ड को भी पार कर पाते हैं या नहीं। फिलहाल, उनका यह नया रिकॉर्ड भारतीय राजनीति में एक अहम मील का पत्थर माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 16:06:38 +0530</pubDate>
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