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                <title>Himanta Biswa Sarma - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Himanta Biswa Sarma RSS Feed</description>
                
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                <title>हिमंत सरकार का बड़ा फैसला: असम में UCC लागू, 26 मई को विधानसभा में पेश होगा विधेयक</title>
                                    <description><![CDATA[असम कैबिनेट ने यूसीसी लागू करने को मंजूरी दी। आदिवासी समुदाय को बाहर रखा गया है। 26 मई को विधानसभा में विधेयक पेश होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/big-decision-of-himanta-government-ucc-implemented-in-assam-bill/article-53343"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-14t143650.510.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">असम में यूसीसी यानी समान नागरिक संहिता को लेकर एक अहम राजनीतिक और प्रशासनिक फैसला बुधवार को आया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब राज्य मंत्रिमंडल ने इसे लागू करने की मंजूरी दे दी। यह फैसला मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में हुई दूसरी कार्यकाल की पहली कैबिनेट बैठक में लिया गया। बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुद मुख्यमंत्री ने इसकी जानकारी दी और बताया कि यूसीसी विधेयक </span>26<span lang="hi" xml:lang="hi"> मई को नई विधानसभा में पेश किया जाएगा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार इस निर्णय को अपने चुनावी वादों से जोड़कर देख रही है और इसे एक "महत्वपूर्ण कदम" बताया जा रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि इस फैसले को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म होता दिख रहा है। सबसे खास बात यह है कि असम यूसीसी के दायरे से आदिवासी समुदाय को पूरी तरह बाहर रखा गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे सरकार ने स्थानीय सामाजिक संरचना और परंपराओं का ध्यान रखते हुए लिया गया निर्णय बताया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कैबिनेट फैसले के बाद जो जानकारी मिली है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके मुताबिक यूसीसी का दायरा मुख्य रूप से विवाह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तलाक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तराधिकार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सहजीवन यानी लिव-इन रिलेशन और उनके अनिवार्य पंजीकरण तक सीमित रहेगा। सरकार का कहना है कि इससे कानून में एकरूपता आएगी और व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े मामलों में स्पष्टता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उत्तराखंड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गोवा और गुजरात जैसे राज्यों में यूसीसी को पहले से ही अलग-अलग रूपों में लागू किया जा चुका है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और असम का मॉडल उनके मुकाबले अलग होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि इसे राज्य की जरूरतों और सामाजिक विविधता के हिसाब से तैयार किया गया है। प्रशासनिक स्तर पर यह भी कहा गया है कि असम में रहने वाले लोगों की परंपराएं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रीति-रिवाज और स्थानीय सामाजिक ढांचा काफी विविध है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए सरकार ने आदिवासी समुदाय को इस कानून से बाहर रखने का फैसला किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि उनकी पहचान और सांस्कृतिक अधिकारों पर कोई असर न पड़े। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस पूरे ढांचे को लेकर कई तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर चर्चा अभी भी आगे जारी रह सकती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दूसरी तरफ</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस फैसले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने इस कदम की आलोचना की है। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई</span>i <span lang="hi" xml:lang="hi">का आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी समान नागरिक संहिता के नाम पर समाज में एकरूपता थोपने की कोशिश कर रही है और इसके जरिए विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनका कहना है कि यूसीसी का इस्तेमाल सभी नागरिकों को समान अधिकार देने के बजाय राजनीतिक एजेंडे के रूप में किया जा रहा है। कांग्रेस का यह भी कहना है कि सरकार की मंशा पर सवाल उठते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि अलग-अलग समुदायों की परंपराओं का ध्यान रखने के बजाय एक समान कानून थोपने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल सरकार अपने फैसले को ऐतिहासिक और सुधारात्मक बता रही है जबकि विपक्ष इसे सामाजिक संतुलन के लिए चुनौतीपूर्ण मान रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 14:50:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हिमंत सरमा दूसरी बार बने असम के CM, जनता के बीच ‘मामा’ नाम से क्यों हैं सबसे ज्यादा मशहूर</title>
                                    <description><![CDATA[असम CM हिमंत बिस्वा सरमा को ‘मामा’ नाम कैसे मिला? जानें इसकी दिलचस्प कहानी और उनकी लोकप्रियता की वजह।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/himanta-sarma-became-the-cm-of-assam-for-the-second/article-53189"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-12t135514.582.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">असम की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है क्योंकि हिमंत बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NDA <span lang="hi" xml:lang="hi">की प्रचंड जीत के बाद जब हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उनके समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। खास बात यह है कि राज्य के कई हिस्सों में लोग उन्हें नाम से नहीं बल्कि प्यार से </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">मामा</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">कहकर बुलाते हैं। असम में उनकी लोकप्रियता इस हद तक पहुंच चुकी है कि बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक उन्हें इसी नाम से पहचानते हैं। जालुकबाड़ी सीट से भी उन्होंने एक बार फिर करीब </span>89<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत साबित की थी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हिमंत बिस्वा सरमा का यह </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">‘<span lang="hi" xml:lang="hi">मामा</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">वाला नाम यूं ही नहीं पड़ा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसकी कहानी काफी दिलचस्प मानी जाती है। बताया जाता है कि इसकी शुरुआत असम के कुछ स्कूलों और बच्चों के बीच बातचीत से हुई थी। शुरुआती दौर में माजुली इलाके के कुछ बच्चों ने उन्हें मजाकिया और अपनापन जताते हुए </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">मामा</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">कहना शुरू किया। धीरे-धीरे यह नाम सिर्फ एक इलाके तक सीमित नहीं रहा बल्कि पूरे राज्य में फैल गया। उस समय शिक्षा मंत्री रहते हुए और बाद में मुख्यमंत्री बनने के बाद जब उन्होंने स्कूली बच्चों के लिए साइकिल जैसी योजनाओं पर काम किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह जुड़ाव और बढ़ गया। एक चुनावी रैली के दौरान जब उन्होंने बच्चों से सीधे पूछा कि क्या उन्हें भी साइकिल चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो जवाब में बच्चों की खुशी और उत्साह ने इस नाम को और मजबूती दे दी। इसके बाद कई जगहों पर बच्चे उनसे पूछने लगे</span>—“<span lang="hi" xml:lang="hi">मामा हमें साइकिल कब मिलेगी</span>?” <span lang="hi" xml:lang="hi">यहीं से यह उपनाम आम लोगों की जुबान पर चढ़ गया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">समय के साथ उनकी छवि एक ऐसे नेता की बनती गई जो सीधे जनता से जुड़ता है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिना औपचारिक दूरी के लोगों की बात सुनता है और समाधान की कोशिश करता है। यही वजह रही कि </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">मामा</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">शब्द सिर्फ एक उपनाम नहीं रहा बल्कि एक भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बन गया। असम के कई वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हुईं जिनमें बच्चे उन्हें गले लगाते और </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">मामा</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">कहकर पुकारते नजर आते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह की जनसंपर्क शैली ने उनकी लोकप्रियता को जमीन पर और मजबूत किया है। कई जगहों पर सरकारी योजनाओं के लाभार्थी भी उन्हें इसी नाम से संबोधित करने लगे और </span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">मामा की गारंटी</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे नारे तक चल पड़े।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राजनीतिक दृष्टि से देखें तो हिमंत बिस्वा सरमा का यह सफर काफी अहम माना जाता है। </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">2015 <span lang="hi" xml:lang="hi">में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने असम की राजनीति का पूरा समीकरण बदल दिया। </span>2016 <span lang="hi" xml:lang="hi">में भाजपा सरकार बनाने में उनकी भूमिका अहम रही और बाद में </span>2021 <span lang="hi" xml:lang="hi">में वह खुद मुख्यमंत्री बने। विश्लेषकों का कहना है कि उनकी </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">मामा</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">वाली छवि ने उन्हें एक सख्त प्रशासक के साथ-साथ एक पारिवारिक और सहज नेता के रूप में स्थापित किया है। भारतीय राजनीति में </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">दीदी</span>’, ‘<span lang="hi" xml:lang="hi">अम्मा</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">दादा</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे उपनाम पहले से ही लोकप्रिय रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अब असम में </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">मामा</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">का नाम भी इसी परंपरा में जुड़ गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो जनता और नेता के बीच भावनात्मक रिश्ते को दर्शाता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 13:56:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>हिमंता बिस्वा सरमा बने बीजेपी विधायक दल के नेता, इस दिन लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ</title>
                                    <description><![CDATA[असम में हिमंता बिस्वा सरमा को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया। वे 12 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। पीएम मोदी भी समारोह में शामिल होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/himanta-biswa-sarma-becomes-leader-of-bjp-legislature-party-and/article-53051"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-10t133744.166.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">असम में राजनीतिक हलचल के बीच एक बड़ा फैसला सामने आया है। बीजेपी ने डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा को सर्वसम्मति से विधायक दल और एनडीए विधायक दल का नेता चुन लिया है। यानी साफ हो गया है कि हिमंता बिस्वा सरमा एक बार फिर असम की सत्ता संभालने जा रहे हैं। पार्टी के अंदर हुई अहम बैठक में उनके नाम पर बिना किसी विरोध के मुहर लगी। अब वे 12 मई को असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की भी पुष्टि की गई है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे यह कार्यक्रम और ज्यादा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्रों के मुताबिक बीजेपी विधायक दल की यह बैठक काफी अहम रही</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पर्यवेक्षक बनाकर भेजा गया था। बैठक में औपचारिक प्रक्रिया के बाद नेता का चुनाव हुआ और सभी विधायकों ने एकमत होकर हिमंता बिस्वा सरमा के नाम का समर्थन किया। बताया जा रहा है कि 6 मई को उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन फिलहाल वे कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब नई सरकार के गठन के साथ उनका दोबारा सीएम बनना लगभग तय हो गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और पार्टी के भीतर भी इसे निरंतरता का फैसला माना जा रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">असम की 126 सदस्यीय विधानसभा में इस बार बीजेपी गठबंधन ने मजबूत प्रदर्शन किया है। बीजेपी ने अकेले 82 सीटों पर जीत दर्ज की है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि सहयोगी दल असम गण परिषद (</span>AGP) <span lang="hi" xml:lang="hi">और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (</span>BPF) <span lang="hi" xml:lang="hi">ने 10-10 सीटें हासिल की हैं। कुल मिलाकर गठबंधन के पास 102 सीटें हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो दो-तिहाई बहुमत से भी ज्यादा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जनादेश सरकार की नीतियों और संगठन की जमीनी पकड़ को दर्शाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसी भरोसे के साथ पार्टी ने नेतृत्व में कोई बदलाव न करते हुए फिर से सरमा पर भरोसा जताया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हिमंता बिस्वा सरमा का सियासी सफर भी काफी दिलचस्प और उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। उन्होंने 90 के दशक में ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">AASU) <span lang="hi" xml:lang="hi">के जरिए राजनीति में कदम रखा था और बाद में कांग्रेस से जुड़कर मुख्यधारा की राजनीति में आए। 2001 में जालुकबारी सीट से पहली बार विधायक बनने के बाद वे पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेहद करीबी माने जाते थे। स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे अहम विभागों में काम करते हुए उन्होंने प्रशासनिक पकड़ मजबूत की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन 2015 में कांग्रेस नेतृत्व से मतभेद के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी और बीजेपी का दामन थाम लिया। इसके बाद उनका राजनीतिक कद तेजी से बढ़ा और वे नॉर्थ ईस्ट की राजनीति में एक मजबूत रणनीतिक चेहरा बनकर उभरे।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बीजेपी में आने के बाद उन्हें </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NEDA <span lang="hi" xml:lang="hi">का संयोजक बनाया गया और उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों में पार्टी विस्तार में अहम भूमिका निभाई। 2016 में असम में पहली बार बीजेपी की सरकार बनने में उनका बड़ा योगदान रहा। इसके बाद 2021 के चुनाव में जब पार्टी को प्रचंड बहुमत मिला तो उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया। अब एक बार फिर हिमंता बिस्वा सरमा को नेतृत्व सौंपा जाना यह संकेत देता है कि पार्टी उनके कामकाज और संगठनात्मक क्षमता पर पूरा भरोसा जता रही है। 12 मई को होने वाला शपथ ग्रहण समारोह इसी राजनीतिक यात्रा का अगला बड़ा अध्याय माना जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 May 2026 13:49:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हिमंता बिस्वा सरमा का कांग्रेस पर पलटवार: बोले-पाकिस्तान से मिला चुनावी मैटेरियल</title>
                                    <description><![CDATA[गुवाहाटी प्रेस कॉन्फ्रेंस में CM ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं पवन खेड़ा और गौरव गोगोई को पाकिस्तान से मिली सामग्री के जरिए असम चुनाव में नैरेटिव बनाया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/himanta-biswa-sarma-hits-back-at-congress-says-election-material/article-50294"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/iran-us-ceasefire-2026-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को गुवाहाटी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं पवन खेड़ा और गौरव गोगोई को जो सामग्री प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेश की गई, वह पाकिस्तान के सोशल मीडिया ग्रुप से आई थी। मुख्यमंत्री ने इसे चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप और विदेशी साजिश के रूप में बताया।</p>
<p>हिमंता ने मीडिया से कहा कि पिछले 10 दिनों में पाकिस्तान के चैनलों ने 11 टॉक शो किए, जिनमें हर बार यही निष्कर्ष दिया गया कि कांग्रेस को असम में जीतना चाहिए। उन्होंने कहा, "कल की प्रेस कॉन्फ्रेंस से कांग्रेस का पाकिस्तान कनेक्शन और स्पष्ट हो गया।"</p>
<p>मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उनकी पत्नी रिंकी भुइयां सरमा के खिलाफ लगाए गए फर्जी दस्तावेजों के आरोपों पर FIR दर्ज कराई गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि IPC की धारा 420 और 468 के तहत मामले में आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।</p>
<p>सरमा ने सवाल उठाया कि कांग्रेस ने पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप से मदद क्यों ली और गौरव गोगोई इस स्तर तक क्यों गिर गए। उन्होंने कहा, "हर बात के लिए कोर्ट जाएंगे और जवाब देंगे।"</p>
<p>यह विवाद पवन खेड़ा के आरोपों से जुड़ा है, जिन्होंने दावा किया था कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास कई पासपोर्ट हैं और विदेशों में व्यवसाय छुपाया गया है। यह मामला 2026 के असम विधानसभा चुनाव के संदर्भ में सामने आया है, जहां राजनीतिक दल प्रचार और विपक्षी पर हमले में सक्रिय हैं।</p>
<p>इससे पहले कांग्रेस ने सरमा पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपनी पत्नी के माध्यम से अवैध गतिविधियों को छुपाया। वहीं, BJP ने आरोपों का समर्थन करते हुए चुनावी प्रचार में इसे मुद्दा बनाया। इसके अलावा, पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के पुत्र गौरव गोगोई भी इस विवाद में शामिल हैं।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि असम में चुनावी अभियान में यह घटना राजनीतिक तापमान बढ़ा सकती है। पाकिस्तान से कथित सामग्री मिलने का आरोप राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी हस्तक्षेप के नजरिए से गंभीर माना जा रहा है। चुनाव आयोग की निगरानी और न्यायिक प्रक्रिया इस मामले में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।</p>
<p>असम में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार जारी है। अगले हफ्तों में राज्य में कई प्रमुख रैलियां होंगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि FIR दर्ज होने के बाद कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से मामला सुलझाया जाएगा। कांग्रेस ने अभी तक इस आरोप पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 11:02:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असम में BJP का घोषणा पत्र जारी: महिलाओं को 3000 रुपये और 2 लाख नौकरियों का वादा, जानें और क्या?</title>
                                    <description><![CDATA[असम विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपना संकल्प पत्र जारी किया है, जिसमें महिलाओं को 3000 रुपये मासिक सहायता, 2 लाख नौकरियों, 5 लाख करोड़ निवेश....]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/bjps-resolution-letter-released-in-assam-promise-of-rs-3000/article-49684"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/assam-elections-2026-bjp-manifesto.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">असम विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपना चुनावी संकल्प पत्र जारी किया है। इस मौके पर गुवाहाटी में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मौजूद रहे। पार्टी ने इसे असम के विकास और भविष्य की दिशा तय करने वाला दस्तावेज बताया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">विकास और निवेश पर बड़ा फोकस</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए बड़े निवेश की योजना पेश की है। इसमें असम को पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख व्यापारिक केंद्र बनाने के लिए लगभग 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार का दावा है कि इससे राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">महिलाओं और युवाओं के लिए विशेष योजनाएं</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">संकल्प पत्र में महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है। अरुणोदय योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये देने का वादा किया गया है। इसके अलावा युवाओं के लिए 2 लाख नई नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे बेरोजगारी को कम किया जा सके।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">भूमि, सुरक्षा और पहचान से जुड़े वादे</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">घोषणापत्र में भूमि सुरक्षा और असमिया पहचान की रक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। पार्टी ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मूल निवासियों की जमीन व विरासत की सुरक्षा का वादा किया है। इसके साथ ही राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुधार</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">बीजेपी ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े बदलावों की बात कही है। हर जिले में मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय और इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित करने की योजना भी घोषणापत्र में शामिल है। इसके साथ ही प्रशासनिक सुधारों के जरिए राज्य को अधिक सक्षम बनाने का लक्ष्य रखा गया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">समान नागरिक संहिता और सामाजिक नीतियां</span></strong></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पार्टी ने असम में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की घोषणा की है। इसके अलावा सामाजिक संतुलन और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई कड़े कानूनों और नीतियों का प्रस्ताव रखा गया है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 15:40:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असम चुनाव से पहले BJP में असंतोष, टिकट बंटवारे को लेकर बगावत के संकेत</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस से आए नेताओं को टिकट मिलने पर नाराजगी; CM हिमंत बिस्वा सरमा ने संभाली कमान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/election/dissatisfaction-in-bjp-before-assam-elections-signs-of-rebellion-over/article-48771"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/chunav-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>असम विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर टिकट वितरण को लेकर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी के कई मौजूदा विधायक और दावेदार टिकट कटने से नाराज हैं और निर्दलीय चुनाव लड़ने की चेतावनी दे चुके हैं। यह स्थिति चुनाव से ठीक पहले पार्टी के लिए चुनौती बनती दिख रही है।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, इस नाराजगी को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया सक्रिय हो गए हैं। दोनों नेताओं ने असंतुष्ट नेताओं से मुलाकात कर उन्हें मनाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि कई नेताओं को समझा लिया गया है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में असंतोष अभी भी बना हुआ है।</p>
<p>विवाद की मुख्य वजह हाल ही में कांग्रेस छोड़कर BJP में शामिल हुए नेताओं को टिकट दिया जाना बताया जा रहा है। प्रद्युत बोरदोलोई को दिसपुर और भूपेन बोरा को बिहपुरिया सीट से उम्मीदवार बनाए जाने के फैसले ने पार्टी के पुराने दावेदारों को नाराज कर दिया है।</p>
<p>दिसपुर सीट पर सबसे ज्यादा विरोध देखने को मिला है। यहां लंबे समय से सक्रिय नेता जयंत दास को टिकट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अंतिम समय में बोरदोलोई को उम्मीदवार घोषित किए जाने से कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं में असंतोष बढ़ गया। कई नेताओं ने इसे ‘बाहरी उम्मीदवार को प्राथमिकता’ देने का मामला बताया है।</p>
<p>मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि टिकट कटना राजनीति का हिस्सा है और इससे आगे बड़े अवसर भी मिल सकते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी हित में काम करने की अपील की। सरमा ने यह भी दावा किया कि BJP राज्य में 160 तक सीटें जीतने की क्षमता रखती है, हालांकि उन्होंने माना कि वास्तविक स्थिति का अंदाजा प्रचार शुरू होने के बाद ही लगेगा।</p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले इस तरह का असंतोष अगर समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह वोटों के बंटवारे का कारण बन सकता है। खासकर उन सीटों पर जहां मुकाबला कड़ा है, वहां बागी उम्मीदवार पार्टी के समीकरण बिगाड़ सकते हैं।</p>
<p>असम के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों—पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी—में भी चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। विभिन्न दल उम्मीदवारों की सूची जारी कर रहे हैं और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।</p>
<p>फिलहाल, BJP नेतृत्व का फोकस असम में आंतरिक एकजुटता बनाए रखने पर है, ताकि चुनावी मुकाबले में किसी तरह की कमजोरी सामने न आए। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि पार्टी बगावत को पूरी तरह थाम पाती है या नहीं।</p>
<p>---------------</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 16:14:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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