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                <title>Economic News India - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Economic News India RSS Feed</description>
                
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                <title>ईरान संघर्ष का असर भारत पर: किचन से इलेक्ट्रॉनिक्स तक महंगाई बढ़ने के संकेत</title>
                                    <description><![CDATA[तेल की कीमतों में उछाल और सप्लाई चेन बाधित, घरेलू बजट पर बढ़ेगा दबाव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/impact-of-iran-conflict-on-india-signs-of-rising-inflation/article-51185"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/business---2026-04-15t092047.137.jpg" alt=""></a><br /><p>पश्चिम एशिया में जारी ईरान से जुड़े तनाव का असर अब भारत के घरेलू बाजार पर दिखने लगा है। विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक सप्लाई चेन में व्यवधान के चलते आने वाले समय में किचन से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सामान तक महंगाई बढ़ सकती है। इसका सीधा असर आम लोगों के मासिक बजट पर पड़ने की आशंका है।</p>
<p>ईरान क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़े हैं। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में हर बढ़ोतरी का सीधा असर परिवहन, उत्पादन और रोजमर्रा की वस्तुओं पर पड़ता है। यही वजह है कि खाद्य तेल, एलपीजी और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने लगे हैं।</p>
<p>घरेलू किचन बजट सबसे पहले प्रभावित हो रहा है। खाने के तेल, पैकेज्ड फूड और गैस सिलेंडर की लागत में वृद्धि दर्ज की जा रही है। इसके अलावा, वॉशिंग मशीन, फ्रिज, पंखे और एलईडी टीवी जैसे कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की कीमतों में भी 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। कंपनियां बढ़ती लागत को उपभोक्ताओं पर स्थानांतरित कर रही हैं।</p>
<p><strong>कैसे बढ़ रहा है खर्च?</strong><br />विशेषज्ञ बताते हैं कि महंगाई का यह दबाव कई स्तरों पर बन रहा है। ईंधन महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ती है, जिससे कच्चा माल और तैयार उत्पाद दोनों महंगे हो जाते हैं। साथ ही, लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा खर्च में वृद्धि से उद्योगों की लागत बढ़ती है, जिसका असर सीधे बाजार कीमतों में दिखता है।</p>
<p><strong>लोगों के व्यवहार में बदलाव</strong><br />बढ़ती कीमतों के बीच उपभोक्ताओं के व्यवहार में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। महंगे एलपीजी के कारण कुछ परिवार वैकल्पिक साधनों जैसे इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों की ओर रुख कर रहे हैं। वहीं, गैर-जरूरी खरीदारी को टालने और बजट को संतुलित करने की कोशिश भी बढ़ी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 09:22:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>RBI MPC मीटिंग, ग्लोबल तनाव से लेकर कच्चे तेल तक, शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे ये 5 फैक्टर</title>
                                    <description><![CDATA[इस हफ्ते शेयर बाजार पर RBI MPC मीटिंग, कच्चा तेल और US-ईरान तनाव का असर दिख सकता है, निवेशकों के लिए अहम संकेत।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/rbi-mpc-meeting-from-global-tension-to-crude-oil-these/article-50204"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/rbi-mpc-meeting-2026-share-market-news-hindi.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पिछले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जहां प्रमुख सूचकांक लगातार छठे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुए। वैश्विक अनिश्चितताओं और घरेलू आर्थिक संकेतों ने निवेशकों के मन में असमंजस की स्थिति पैदा कर दी। अब आने वाला सप्ताह बाजार के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकता है, क्योंकि कई ऐसे महत्वपूर्ण फैक्टर सामने हैं जो बाजार की चाल को पूरी तरह बदल सकते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">RBI की मौद्रिक नीति बैठक पर टिकी निगाहें</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक की पहली मौद्रिक नीति समिति की बैठक शुरू होने जा रही है। यह बैठक 6 से 8 अप्रैल तक चलेगी, जिसमें ब्याज दरों, महंगाई और लिक्विडिटी जैसे अहम मुद्दों पर फैसला लिया जाएगा। बाजार को उम्मीद है कि बढ़ती महंगाई और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच आरबीआई का रुख बेहद अहम रहेगा। निवेशकों के लिए यह सप्ताह की सबसे बड़ी घटना मानी जा रही है, क्योंकि इसके फैसलों का सीधा असर बैंकिंग, रियल एस्टेट और ऑटो सेक्टर पर पड़ेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और उसका असर</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव भी बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच टकराव की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। हालिया घटनाओं और सख्त बयानों ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। यदि हालात और बिगड़ते हैं, तो इसका सीधा असर ग्लोबल निवेशकों के सेंटिमेंट पर पड़ेगा, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक तेजी ने भारत जैसे आयातक देश के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सप्लाई चेन में रुकावट और भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। यह स्थिति भारत के चालू खाता घाटे और महंगाई दोनों पर दबाव बना सकती है। महंगे कच्चे तेल का असर कंपनियों की लागत और उपभोक्ताओं की जेब पर भी पड़ेगा, जिससे बाजार में नकारात्मक भावना बन सकती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">रुपये में अस्थिरता और केंद्रीय बैंक की भूमिका</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पिछले सप्ताह भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया था, हालांकि बाद में इसमें सुधार भी देखने को मिला। आरबीआई द्वारा उठाए गए कदमों से थोड़ी स्थिरता आई, लेकिन बाजार अभी भी सतर्क है। इस सप्ताह निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि रुपया किस दिशा में जाता है और केंद्रीय बैंक इसे संभालने के लिए क्या कदम उठाता है। मुद्रा की अस्थिरता विदेशी निवेश और आयात लागत दोनों को प्रभावित कर सकती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली</span></strong></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा की जा रही भारी बिकवाली ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है। पिछले महीने बड़े पैमाने पर पूंजी निकासी देखी गई, जिससे बाजार पर दबाव बना रहा। यदि यह ट्रेंड जारी रहता है, तो बाजार में तेजी की उम्मीदें कमजोर पड़ सकती हैं। निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी होगा कि विदेशी निवेश का रुख किस दिशा में जा रहा है, क्योंकि इसका सीधा असर बाजार की धारणा पर पड़ता है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 11:57:30 +0530</pubDate>
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                <title>रिकॉर्ड हाई से सोना 41 हजार और चांदी 1.84 लाख नीचे</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-इजराइल और ईरान तनाव के बीच निवेशकों की रणनीति बदली; मुनाफावसूली और कैश की मांग से सोना-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/gold-41-thousand-and-silver-184-lakh-below-record-high/article-48820"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/business---2026-03-23t131354.543.jpg" alt=""></a><br /><p>अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 24 कैरेट सोना 10 ग्राम पर ₹12,077 घटकर ₹1.35 लाख पर आ गया है। वहीं चांदी की कीमत ₹30,864 गिरकर ₹2.01 लाख प्रति किलोग्राम रह गई। यह गिरावट ऐसे समय आई है जब आमतौर पर वैश्विक संकट के दौरान कीमती धातुओं में तेजी देखी जाती है।</p>
<p><strong>क्या हुआ और कितना असर पड़ा?</strong><br />पिछले 24 दिनों में सोने की कीमत करीब ₹24 हजार तक गिर चुकी है, जबकि चांदी में ₹65 हजार तक की गिरावट आई है। जनवरी के अंत में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद दोनों धातुओं में लगातार दबाव बना हुआ है।<br />29 जनवरी 2026 को सोना ₹1.76 लाख और चांदी ₹3.86 लाख के अपने ऑल टाइम हाई पर थी। इसके मुकाबले अब सोना करीब ₹41 हजार और चांदी ₹1.84 लाख तक सस्ती हो चुकी है।</p>
<p><strong>क्यों आई गिरावट?</strong><br />विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार बाजार का व्यवहार पारंपरिक पैटर्न से अलग है। आमतौर पर युद्ध जैसी स्थिति में निवेशक सोना-चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं, लेकिन वर्तमान परिदृश्य में निवेशक नकदी को प्राथमिकता दे रहे हैं।</p>
<p>मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के चलते अनिश्चितता बढ़ी है, जिससे निवेशकों ने अपने मेटल होल्डिंग्स बेचकर कैश जमा करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा, जनवरी में कीमतों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद बड़े निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली ने भी बाजार में सप्लाई बढ़ा दी है।</p>
<p><strong>कैसे असर डाल रही हैं वैश्विक परिस्थितियां?</strong><br />अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख और डॉलर की मजबूती ने भी सोने-चांदी की मांग को कमजोर किया है। ऊंची ब्याज दरों के माहौल में निवेशक फिक्स्ड इनकम विकल्पों की ओर झुकाव दिखा रहे हैं, जिससे कीमती धातुओं की चमक फीकी पड़ी है।</p>
<p><strong>स्थानीय बाजार में कीमतें क्यों अलग?</strong><br />विशेषज्ञ बताते हैं कि अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतें ट्रांसपोर्ट लागत, स्थानीय मांग, ज्वेलरी एसोसिएशन के रेट और पुराने स्टॉक की खरीद कीमत जैसे कारकों पर निर्भर करती हैं। यही वजह है कि देशभर में रेट में मामूली अंतर देखने को मिलता है।</p>
<p>--------------------------</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 13:16:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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