<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/crude-oil-prices/tag-5424" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>crude oil prices - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/5424/rss</link>
                <description>crude oil prices RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद बाजार में जबरदस्त उछाल</title>
                                    <description><![CDATA[वैश्विक रैली और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से सेंसेक्स 1100 अंक उछला, निफ्टी ने भी मजबूत शुरुआत की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a2f910dcfeae/article-55952"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/stock-market-news-india.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">15 जून 2026, सोमवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद मजबूत शुरुआत लेकर आई। वैश्विक स्तर पर बने सकारात्मक माहौल और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट का सीधा असर घरेलू बाजारों पर देखने को मिला। सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव का खत्म होना और 107 दिन चले संघर्ष के बाद शांति समझौता माना जा रहा है। इस खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निवेशकों का भरोसा बढ़ा और इसका असर भारतीय इक्विटी बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सुबह के शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स ने जोरदार छलांग लगाई और 1,112.70 अंकों की बढ़त के साथ 76,648.74 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं एनएसई का निफ्टी भी मजबूती के साथ खुला और 335.55 अंकों की तेजी के साथ 23,956.40 पर कारोबार करता देखा गया। शुरुआती मिनटों में ही बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली और लगभग सभी प्रमुख सेक्टर्स हरे निशान में दिखाई दिए। बैंकिंग, आईटी, ऑटो और एनर्जी शेयरों में खास तौर पर मजबूत खरीदारी का रुझान रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिका-ईरान शांति समझौते ने वैश्विक स्तर पर जोखिम की धारणा को कम किया है। लंबे समय से चले आ रहे तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई थी, लेकिन अब स्थिति में सुधार के संकेत मिलने से निवेशकों का भरोसा वापस लौटा है। इसका असर सीधे तौर पर एशियाई बाजारों पर पड़ा और भारतीय बाजार ने भी उसी रफ्तार को पकड़ लिया। साथ ही, कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए राहत की बड़ी खबर मानी जा रही है, जिससे महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव कम होने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विदेशी बाजारों की बात करें तो एशिया के प्रमुख सूचकांक भी मजबूत बढ़त के साथ खुले। जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग के बाजारों में सकारात्मक रुझान देखा गया। अमेरिकी फ्यूचर्स में भी तेजी का माहौल रहा, जिससे वैश्विक निवेशकों की धारणा और मजबूत हुई। इस वैश्विक रैली का सीधा फायदा भारतीय बाजारों को मिला और निवेशकों ने शुरुआती कारोबार में आक्रामक खरीदारी की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घरेलू स्तर पर भी बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। निवेशकों का रुझान खासकर लार्जकैप शेयरों की ओर देखने को मिला, जिससे प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। बैंकिंग सेक्टर में सार्वजनिक और निजी दोनों तरह के बैंकों के शेयरों में खरीदारी देखी गई। आईटी सेक्टर में भी विदेशी मांग की उम्मीद के चलते तेजी रही। ऑटो और एनर्जी सेक्टर में भी निवेशकों की रुचि बनी रही, जिससे पूरे बाजार को सपोर्ट मिला।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट को इस तेजी का एक अहम कारण माना जा रहा है। ब्रेंट क्रूड में नरमी आने से तेल आयात बिल पर दबाव कम होने की उम्मीद है। इससे न केवल कंपनियों की लागत घटेगी, बल्कि महंगाई पर भी नियंत्रण रखने में मदद मिल सकती है। इसी वजह से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और बाजार में नई पूंजी का प्रवाह देखने को मिल रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि, कुछ बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह तेजी पूरी तरह स्थायी नहीं मानी जा सकती। वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं हैं और किसी भी तरह के नए तनाव से बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसके बावजूद, फिलहाल निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना हुआ है और बाजार में खरीदारी का माहौल हावी है। देखा जाए तो 15 जून 2026 का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद मजबूत शुरुआत लेकर आया है। वैश्विक शांति संकेत, तेल की कीमतों में गिरावट और निवेशकों की मजबूत धारणा ने मिलकर बाजार को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। आने वाले दिनों में यदि वैश्विक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं तो बाजार में और तेजी की संभावना जताई जा रही है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a2f910dcfeae/article-55952</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a2f910dcfeae/article-55952</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 11:41:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/stock-market-news-india.jpg"                         length="214666"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महंगाई की नई मार, खाने-पीने और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स होंगे महंगे</title>
                                    <description><![CDATA[रिपोर्ट के अनुसार, कई कंपनियां पहले ही 3% से 7% तक दाम बढ़ा चुकी हैं और आने वाले महीनों में ‘श्रिंकफ्लेशन’ का असर भी देखने को मिल सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/new-hit-of-inflation-food-drinks-and-personal-care-products/article-54434"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/fmcg-price-hike.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देशभर में आम लोगों की जेब पर महंगाई का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अब रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली खाने-पीने की चीजें और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स भी महंगे होने की तैयारी में हैं। सिस्टेमैटिक्स रिसर्च की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों पर बढ़ती इनपुट कॉस्ट का दबाव तेजी से बढ़ रहा है, जिसके चलते FMCG सेक्टर की बड़ी कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले एक से दो महीनों के दौरान कई कंपनियों ने अलग-अलग प्रोडक्ट्स की कीमतों में 3% से 7% तक की बढ़ोतरी कर दी है। इसकी मुख्य वजह कच्चे माल, पैकेजिंग सामग्री और क्रूड ऑयल जैसी आवश्यक वस्तुओं की लागत में तेजी से बढ़ोतरी होना है। आने वाले समय में साबुन, शैंपू, डिटर्जेंट, तेल, स्नैक्स, पैकेज्ड फूड और अन्य घरेलू इस्तेमाल के उत्पादों की कीमतें और बढ़ सकती हैं। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं के मासिक बजट पर पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियों की रॉ मटीरियल बास्केट की लागत औसतन करीब 10% तक बढ़ गई है। खास तौर पर पैकेजिंग मटीरियल और खाद्य तेलों की कीमतों में हुई तेज वृद्धि ने कंपनियों की लागत को काफी बढ़ा दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्लास्टिक आधारित पैकेजिंग सामग्री HDPE की कीमतों में करीब 56% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। HDPE का इस्तेमाल शैंपू की बोतलों, डिटर्जेंट कंटेनरों और फ्लेक्सिबल पैकेजिंग में किया जाता है। पैकेजिंग लागत बढ़ने से कंपनियों के लिए उत्पादों को पुराने दामों पर बेचना मुश्किल होता जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में भी 32% तक की तेजी आई है। वहीं पाम ऑयल के दाम करीब 11% बढ़ गए हैं। चूंकि पाम ऑयल का इस्तेमाल खाने के तेल से लेकर साबुन और कॉस्मेटिक उत्पादों तक में होता है, इसलिए इसका असर कई सेक्टरों में दिखाई देगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अप्रैल महीने की रिटेल महंगाई दर बढ़कर 3.48% पर पहुंच गई है। इससे पहले मार्च में यह 3.40% थी। खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी इसकी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। फूड इन्फ्लेशन अप्रैल में 4.20% दर्ज की गई, जबकि मार्च में यह 3.87% थी। अगर कच्चे माल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो कंपनियां केवल कीमतें बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेंगी। वे “ग्रामेज कट” या “श्रिंकफ्लेशन” का रास्ता भी अपना सकती हैं। इसका मतलब है कि प्रोडक्ट की कीमत समान रहेगी लेकिन पैकेट के अंदर मिलने वाले सामान की मात्रा कम कर दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">उदाहरण के तौर पर, पहले जहां किसी स्नैक पैकेट में 100 ग्राम सामान मिलता था, अब वही पैकेट 90 या 85 ग्राम का हो सकता है। इससे ग्राहक को पहली नजर में कीमत बढ़ी हुई महसूस नहीं होती, लेकिन वास्तव में वह कम सामान के लिए उतने ही पैसे चुका रहा होता है। यह तरीका कंपनियों द्वारा लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है, खासकर तब जब लागत तेजी से बढ़ती है और कंपनियां सीधे दाम बढ़ाने से बचना चाहती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कच्चे माल की बढ़ती कीमतों का असर कंपनियों के मुनाफे पर भी दिखाई देने लगा है। रिपोर्ट के अनुसार, मार्च तिमाही में कई बड़ी FMCG कंपनियों के ग्रॉस मार्जिन में गिरावट दर्ज की गई। सालाना आधार पर मार्जिन करीब 0.50% तक कम हुआ है। वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। कंपनियां अपने घाटे को कम करने के लिए कीमतों में बढ़ोतरी कर रही हैं, लेकिन लागत में इतनी तेज वृद्धि हुई है कि मार्जिन पर दबाव बना रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि कंपनियों की आय में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन विशेषज्ञों ने खपत घटने की आशंका भी जताई है। महंगाई बढ़ने के कारण लोग गैर-जरूरी खर्चों में कटौती कर सकते हैं। इसका असर FMCG सेक्टर की कुल बिक्री पर पड़ सकता है। ग्रामीण बाजारों में इसका असर और अधिक दिखाई देने की संभावना है, क्योंकि वहां पहले से ही खर्च करने की क्षमता सीमित है। अगर कीमतें लगातार बढ़ती हैं तो उपभोक्ता सस्ते विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि सरकार और रिजर्व बैंक को महंगाई पर नजर बनाए रखनी होगी। यदि खाद्य वस्तुओं और ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी रहती है, तो इसका असर देश की आर्थिक वृद्धि और उपभोक्ता मांग दोनों पर पड़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/new-hit-of-inflation-food-drinks-and-personal-care-products/article-54434</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/new-hit-of-inflation-food-drinks-and-personal-care-products/article-54434</guid>
                <pubDate>Thu, 28 May 2026 16:11:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/fmcg-price-hike.jpg"                         length="195436"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट्रोल-डीजल फिर हुआ महंगा, 10 दिन में तीसरी बढ़ोतरी से बढ़ी टेंशन</title>
                                    <description><![CDATA[पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हुई। दिल्ली में पेट्रोल 99.51 और डीजल 92.49 रुपये प्रति लीटर पहुंचा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/petrol-and-diesel-became-expensive-again-third-increase-in-10/article-54017"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/petrol-and-diesel-prices-today.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><strong>Petrol and Diesel Prices Today:</strong> देश में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए गए हैं। शनिवार को जारी नई दरों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोल की कीमत </span>87<span lang="hi" xml:lang="hi"> पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमत </span>91<span lang="hi" xml:lang="hi"> पैसे प्रति लीटर बढ़ी है। पिछले </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों के अंदर यह तीसरी बार है जब ईंधन के दामों में इजाफा हुआ है। लगातार बढ़ती कीमतों का सीधा असर अब आम लोगों पर पड़ने लगा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर उन लोगों पर जो रोजाना वाहन का इस्तेमाल करते हैं और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में इससे चिंताएं बढ़ गई हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नई दरों के लागू होने के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">99.51<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि डीजल </span>92.49<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। इससे पहले </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> मई को पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में </span>3-3<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये की बढ़ोतरी हुई थी और इसके बाद </span>19<span lang="hi" xml:lang="hi"> मई को भी दाम बढ़ाए गए थे। अब ताजा बढ़ोतरी के साथ देखते हैं तो पिछले </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमत में लगभग </span>5<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये का इजाफा हो चुका है। कई शहरों में इसका असर ऑटो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टैक्सी और मालभाड़े पर भी धीरे-धीरे देखने को मिल रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से ईंधन बचाने की अपील की थी। इसके बाद कई राज्यों के मुख्यमंत्री</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">मंत्री और बड़े नेता अपने काफिलों को छोटा करने लगे थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे सरकार ने ईंधन बचत का संदेश बताया। खुद प्रधानमंत्री मोदी के काफिले में भी गाड़ियों की संख्या कम की गई थी। इस दौरान कई जगहों से पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों और ईंधन खत्म होने की खबरें भी आई थीं। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई थी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर दबाव बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण वैश्विक बाजार पर भी असर पड़ रहा है। इस बीच खबर आई थी कि भारत ने मई महीने में सस्ता कच्चा तेल खरीदने की मात्रा बढ़ाई है। जानकारों का मानना है कि अगर आगे भी कम कीमत पर कच्चा तेल खरीदने का सिलसिला जारी रहता है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो भविष्य में पेट्रोल और डीजल के दामों पर दबाव कम हो सकता है। लेकिन फिलहाल बाजार की स्थिति को देखते हुए तुरंत राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/petrol-and-diesel-became-expensive-again-third-increase-in-10/article-54017</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/petrol-and-diesel-became-expensive-again-third-increase-in-10/article-54017</guid>
                <pubDate>Sat, 23 May 2026 11:25:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/petrol-and-diesel-prices-today.jpg"                         length="115839"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आम आदमी को लगेगा झटका! आने वाले दिनों में बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम</title>
                                    <description><![CDATA[पेट्रोल कीमत बढ़ने के संकेत, चुनाव बाद पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है, जानें कारण और असर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/common-man-will-get-a-shock-prices-of-petrol-and/article-51120"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/petrol-price-hike.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने भारत में ईंधन कीमतों को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है। विदेशी ब्रोकरेज रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू बाजार में कीमतें अभी स्थिर रखी गई हैं, लेकिन कंपनियां लगातार नुकसान झेल रही हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">चुनाव के बाद बढ़ सकते हैं दाम</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">जानकारों का कहना है कि पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में चुनाव प्रक्रिया खत्म होने के बाद तेल कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं। अभी तक कीमतों को स्थिर रखने का कारण राजनीतिक संवेदनशीलता माना जा रहा है, लेकिन बाजार दबाव बढ़ने के साथ ही राहत ज्यादा दिन तक जारी रहना मुश्किल दिख रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">पिछले डेढ़ महीने में कच्चे तेल के दाम में भारी उछाल देखा गया है। फरवरी के अंत में जहां कीमत लगभग 73 डॉलर प्रति बैरल थी, वहीं मार्च के मध्य तक यह 120 डॉलर तक पहुंच गई। फिलहाल इसमें कुछ गिरावट आई है, लेकिन कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। इस उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">तेल कंपनियों को भारी नुकसान</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">कच्चे तेल की महंगाई के कारण तेल विपणन कंपनियों को हर लीटर पेट्रोल पर करीब 18 रुपए और डीजल पर 35 रुपए तक का नुकसान हो रहा है। पहले यह घाटा और अधिक था, लेकिन सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में कटौती के बाद इसमें कुछ कमी आई है। इसके बावजूद कंपनियां रोजाना हजारों करोड़ रुपये का नुकसान झेल रही हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">आयात पर निर्भरता बढ़ा रही दबाव</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। इसमें बड़ा हिस्सा मध्य पूर्व और रूस से आता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में कीमतों में बदलाव का असर सीधे देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। बढ़ती कीमतों से चालू खाता घाटा भी बढ़ने की आशंका है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">सरकारी राजस्व पर असर</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">ईंधन पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी से सरकार को मिलने वाला राजस्व लगातार घट रहा है। कुछ वर्षों पहले जहां इसका योगदान काफी ज्यादा था, अब यह कम होकर सीमित स्तर पर आ गया है। अगर सरकार और कटौती करती है, तो राजस्व पर और दबाव बढ़ सकता है, जबकि कंपनियों का घाटा पूरी तरह खत्म होना भी मुश्किल है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">वैश्विक स्तर पर बढ़े दाम</span></strong></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">भारत ही नहीं, बल्कि कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाई जा चुकी हैं। अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें लंबे समय बाद फिर ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका में भी ईंधन महंगा हो चुका है, जिससे साफ है कि यह एक वैश्विक ट्रेंड बन चुका है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/common-man-will-get-a-shock-prices-of-petrol-and/article-51120</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/common-man-will-get-a-shock-prices-of-petrol-and/article-51120</guid>
                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 15:23:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/petrol-price-hike.jpg"                         length="115801"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोने की कीमत में 3 हजार की तेजी, चांदी ₹6 हजार बढ़कर 2.28 लाख हुई</title>
                                    <description><![CDATA[IBJA के अनुसार 10 ग्राम सोना 1.46 लाख रुपए और 1 किलो चांदी 2.28 लाख रुपए पर पहुंचा; बाजार की दिशा अमेरिका-ईरान तनाव और डॉलर के आंकड़ों पर निर्भर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/gold-price-increased-by-%E2%82%B9-3-thousand-silver-increased-by/article-49566"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/business---2026-03-30t133255.196.jpg" alt=""></a><br /><p>30 मार्च 2026 को सोने और चांदी के दाम में तेज वृद्धि दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 3 हजार रुपए बढ़कर 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया, जबकि 1 किलो चांदी की कीमत 6 हजार रुपए बढ़कर 2.28 लाख रुपए हो गई।</p>
<p>विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने की कीमत में यह वृद्धि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और निवेश धाराओं के कारण हुई है। बीते साल के अंत में सोने का भाव 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम था, जो अब 1.46 लाख रुपए हो गया है। इसका मतलब है कि इस साल सोने की कीमत में कुल 13 हजार रुपए की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, चांदी की कीमत में इस अवधि के दौरान 2 हजार रुपए की गिरावट देखी गई थी, लेकिन आज इसके दाम बढ़कर 2.28 लाख रुपए पहुंच गए।</p>
<p>बाजार के जानकार मानते हैं कि आगे की दिशा मुख्य रूप से दो कारकों पर निर्भर करेगी। पहला, मिडिल ईस्ट की स्थिति, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव। अगर तनाव बढ़ता है, तो निवेशक सुरक्षित संपत्ति की तलाश में सोने और चांदी में निवेश बढ़ा सकते हैं। दूसरा, अमेरिका के आर्थिक आंकड़े। यदि डेटा उम्मीद से बेहतर आते हैं और डॉलर मजबूत होता है, तो सोने की कीमतों पर दबाव बन सकता है।</p>
<p>वित्तीय विशेषज्ञों ने निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि सोना फिलहाल 'करेक्शन फेज' में है, यानी कीमतों में थोड़ी स्थिरता या सुधार देखे जा सकते हैं। शॉर्ट टर्म में मोमेंटम कमजोर होने के बावजूद, लॉन्ग टर्म में सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि का रुझान बरकरार है। इसीलिए विशेषज्ञ निवेशकों को सुझाव देते हैं कि छोटे निवेश करके सोने में पोर्टफोलियो तैयार किया जा सकता है।</p>
<p>देश के प्रमुख शहरों में सोने-चांदी की कीमतों में अंतर देखने को मिल रहा है। मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े बाजारों में कीमतें स्थानीय मांग और सप्लाई के अनुसार थोड़ी भिन्न हो सकती हैं। IBJA ने निवेशकों को यह भी सलाह दी है कि खरीदी से पहले नवीनतम स्थानीय रेट की जांच अवश्य करें।</p>
<p>विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों की वजह से इस समय कीमती धातुओं का बाजार अस्थिर है। निवेशक अपनी लंबी अवधि की रणनीति के हिसाब से ही खरीदारी करें और जल्दबाज़ी में निवेश से बचें।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/gold-price-increased-by-%E2%82%B9-3-thousand-silver-increased-by/article-49566</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/gold-price-increased-by-%E2%82%B9-3-thousand-silver-increased-by/article-49566</guid>
                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 13:34:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-03/business---2026-03-30t133255.196.jpg"                         length="189131"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर: डॉलर के मुकाबले 94 के पार पहुंची भारतीय करेंसी</title>
                                    <description><![CDATA[वैश्विक तनाव और महंगे कच्चे तेल के दबाव में रुपया कमजोर, महंगाई बढ़ने की आशंका]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/rupee-hits-record-low-indian-currency-crosses-94-against-dollar/article-49228"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/business---2026-03-27t120632.015.jpg" alt=""></a><br /><p>आज27 मार्च को रुपया पहली बार इतिहास में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94 के पार पहुंच गया। रुपये ने 93.98 के पिछले स्तर से गिरकर 94.14 पर कारोबार की शुरुआत की। यह गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक अहम संकेत मानी जा रही है और इसे भारत समाचार अपडेट में प्रमुखता से देखा जा रहा है।</p>
<p>रुपये में आई यह कमजोरी सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके दूरगामी आर्थिक प्रभाव हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रुपये की गिरावट से आयात महंगा होगा, जिससे पेट्रोल-डीजल, गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर असर पड़ सकता है। इससे आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका है।</p>
<p>इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में डॉलर मजबूत होने पर रुपये पर दबाव बढ़ता है। पिछले एक महीने में ही रुपया करीब 3.5% तक कमजोर हुआ है।</p>
<p>वहीं, वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और शेयर बाजार में गिरावट ने भी रुपये को प्रभावित किया है। निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे डॉलर की मांग बढ़ रही है और रुपये पर दबाव बना हुआ है। विदेशी निवेशकों की निकासी भी इस गिरावट का एक प्रमुख कारण मानी जा रही है।</p>
<p>विश्लेषकों के अनुसार, अगर वैश्विक तनाव लंबा खिंचता है और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो रुपये पर दबाव आगे भी जारी रह सकता है। इससे देश का चालू खाता घाटा (Current Account Deficit) बढ़ सकता है और आर्थिक संतुलन प्रभावित हो सकता है।</p>
<p>सरकार और रिजर्व बैंक की नजर इस स्थिति पर बनी हुई है। जरूरत पड़ने पर बाजार में हस्तक्षेप कर रुपये को स्थिर करने के उपाय किए जा सकते हैं। हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों में वैश्विक कारकों का प्रभाव अधिक होने के कारण त्वरित राहत मिलना आसान नहीं दिख रहा।</p>
<p>यह राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समाचार संकेत देते हैं कि आने वाले समय में आर्थिक मोर्चे पर चुनौतियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में निवेशकों और आम लोगों को सतर्क रहने और बदलती परिस्थितियों के अनुसार वित्तीय फैसले लेने की जरूरत है।</p>
<hr />
<h3> </h3>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/rupee-hits-record-low-indian-currency-crosses-94-against-dollar/article-49228</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/rupee-hits-record-low-indian-currency-crosses-94-against-dollar/article-49228</guid>
                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 12:07:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-03/business---2026-03-27t120632.015.jpg"                         length="143777"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1000 अंक टूटा; निफ्टी 23,000 के करीब</title>
                                    <description><![CDATA[ऑटो और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली, वैश्विक संकेतों और क्रूड कीमतों ने बढ़ाया दबाव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/heavy-fall-in-stock-market-sensex-fell-by-1000-points/article-49211"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/stock-market.jpg" alt=""></a><br /><p> शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।आज27 मार्च को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 1000 अंक टूटकर 74,300 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी भी 300 अंक गिरकर 23,000 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार की इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है और इसे ट्रेंडिंग न्यूज इंडिया में प्रमुखता से देखा जा रहा है।</p>
<p>बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से ऑटो और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली के कारण आई। सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, जिससे साफ संकेत मिलता है कि बिकवाली व्यापक स्तर पर रही। निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए मुनाफावसूली का रास्ता चुना।</p>
<p>विश्लेषकों के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का भी भारतीय बाजार पर सीधा असर पड़ा है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान और दक्षिण कोरिया के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट रही, जबकि हांगकांग और चीन के बाजार हल्की बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। यह अस्थिरता वैश्विक निवेशकों की अनिश्चितता को दर्शाती है।</p>
<p>वहीं, अमेरिकी बाजारों में भी पिछले कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई थी। प्रमुख सूचकांक दबाव में बंद हुए, जिसका असर आज भारतीय बाजार में खुलते ही दिखा। वैश्विक स्तर पर निवेशकों की सतर्कता और जोखिम से बचने की रणनीति ने घरेलू बाजार पर दबाव बनाया।</p>
<p>कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी बाजार की दिशा तय करने वाला अहम कारक बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 99 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। ऊर्जा कीमतों में इस तरह की अस्थिरता से महंगाई और कंपनियों के लागत ढांचे पर असर पड़ता है, जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित होती है।</p>
<p>पिछले कारोबारी सत्र पर नजर डालें तो बाजार में मजबूती देखने को मिली थी। छुट्टी से पहले हुए सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई थी। हालांकि, आज का रुख बताता है कि बाजार फिलहाल स्थिर नहीं है और छोटी अवधि में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।</p>
<p>बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रम, क्रूड ऑयल की कीमतों और विदेशी निवेशकों के रुख पर नजर रखनी होगी। फिलहाल बाजार में सतर्कता का माहौल है और निवेशकों को सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/heavy-fall-in-stock-market-sensex-fell-by-1000-points/article-49211</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/heavy-fall-in-stock-market-sensex-fell-by-1000-points/article-49211</guid>
                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 11:15:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-03/stock-market.jpg"                         length="139375"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        