<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/indore-news/tag-570" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Indore News - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/570/rss</link>
                <description>Indore News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>इंदौर में बनेगी देश की सबसे बड़ी स्वामी विवेकानंद प्रतिमा, काम अंतिम चरण में</title>
                                    <description><![CDATA[वार्ड-85 में तेजी से चल रहा निर्माण, महापौर ने किया निरीक्षण, अगले महीने भव्य अनावरण की तैयारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/countrys-largest-swami-vivekananda-statue-will-be-built-in-indore/article-57510"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/indore-swami-vivekananda-statue.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">इंदौर में देश की सबसे बड़ी स्वामी विवेकानंद प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। शहर के वार्ड क्रमांक-85 में निर्माणाधीन इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और प्रतिमा के लिए तैयार किए जा रहे विशाल पेडेस्टल का निर्माण लगभग पूरा होने की ओर है। बुधवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ मौके पर पहुंचकर पूरे कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता और तय समयसीमा की विस्तार से जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। नगर निगम के अनुसार प्रतिमा का निर्माण निर्धारित योजना के अनुसार किया जा रहा है। इस समय सबसे अधिक ध्यान प्रतिमा के आधार यानी पेडेस्टल को मजबूत और सुरक्षित बनाने पर दिया जा रहा है। अधिकारियों ने महापौर को बताया कि आधार निर्माण का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और अब अंतिम चरण का काम तेजी से किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान महापौर ने निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए क्योंकि यह परियोजना केवल इंदौर ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण बनने जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने निर्माण स्थल पर मौजूद इंजीनियरों और अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने परियोजना से जुड़े हर चरण की जानकारी ली और पूछा कि किन-किन कार्यों को अभी पूरा किया जाना बाकी है। निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि सभी काम निर्धारित समय के भीतर पूरे कर लिए जाएंगे। यदि मौसम या अन्य किसी कारण से कोई बड़ी बाधा नहीं आती है तो अगले महीने प्रतिमा के भव्य अनावरण की तैयारी पूरी कर ली जाएगी। नगर निगम का कहना है कि अनावरण कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने की योजना भी बनाई जा रही है। स्वामी विवेकानंद देश के उन महान व्यक्तित्वों में गिने जाते हैं जिन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास, राष्ट्रभक्ति और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया। उनके विचार आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। नगर निगम का मानना है कि इतनी विशाल प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं होगी, बल्कि युवाओं को स्वामी विवेकानंद के जीवन और विचारों से जोड़ने का भी माध्यम बनेगी। शहर आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह एक प्रमुख आकर्षण बनने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">निरीक्षण के बाद महापौर ने वार्ड क्रमांक-84 में निर्माणाधीन शासकीय स्कूल का भी दौरा किया। वहां उन्होंने भवन निर्माण की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं प्राथमिकता में हैं और इन्हें समय पर पूरा करना जरूरी है। स्कूल भवन बनने के बाद आसपास के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी। महापौर ने कहा कि इंदौर लगातार विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। शहर में सड़क, शिक्षा, स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधाओं के साथ-साथ सांस्कृतिक और प्रेरणादायक परियोजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उनका कहना था कि स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा शहर की नई पहचान बनेगी और आने वाले वर्षों में यह स्थान पर्यटन और सामाजिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र भी बन सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना इंदौर की प्रतिष्ठा को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या समय रहते दूर की जा सके। सुरक्षा मानकों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है और विशेषज्ञों की देखरेख में निर्माण कार्य आगे बढ़ रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण, हरियाली और नागरिक सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा ताकि यह स्थान लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके। शहर के कई नागरिकों ने भी इस परियोजना का स्वागत किया है। उनका मानना है कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं जितने पहले थे। ऐसे में उनकी विशाल प्रतिमा नई पीढ़ी को प्रेरित करने के साथ-साथ इंदौर की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/countrys-largest-swami-vivekananda-statue-will-be-built-in-indore/article-57510</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/countrys-largest-swami-vivekananda-statue-will-be-built-in-indore/article-57510</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 13:43:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/indore-swami-vivekananda-statue.jpg"                         length="111876"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अगस्त में खुलेगा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का अहम हिस्सा, एमपी से मुंबई तक सफर होगा और तेज</title>
                                    <description><![CDATA[वडोदरा-मुंबई कॉरिडोर पूरा होने की तैयारी, मध्य प्रदेश के उद्योग, किसानों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मिलेगा बड़ा फायदा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/an-important-part-of-delhi-mumbai-expressway-will-open-in-august/article-57318"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/delhi-mumbai-expressway.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा अहम हिस्सा अब जल्द ही आम लोगों के लिए खुल सकता है। यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा तो 31 अगस्त तक वडोदरा-मुंबई कॉरिडोर पर वाहनों की आवाजाही शुरू होने की संभावना है। इस हिस्से के शुरू होने के बाद मध्य प्रदेश से मुंबई तक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का रास्ता पूरी तरह तैयार हो जाएगा। इससे न सिर्फ यात्रियों का सफर आसान होगा, बल्कि व्यापार, उद्योग और कृषि क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस परियोजना की प्रगति की जानकारी देते हुए कहा कि वडोदरा से मुंबई तक का महत्वपूर्ण कॉरिडोर जल्द पूरा होने वाला है। अभी तक इसी हिस्से का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का पूरा लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा था। एक्सप्रेसवे के अधिकांश हिस्से तैयार होने के बावजूद मुंबई तक निर्बाध हाई-स्पीड यात्रा संभव नहीं थी। अब इस कमी के दूर होने के बाद पूरे कॉरिडोर की उपयोगिता काफी बढ़ जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल है। यह करीब 1,350 से 1,400 किलोमीटर लंबा एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है, जो दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र को जोड़ता है। इस एक्सप्रेसवे को आधुनिक तकनीक और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाकर 12 लेन तक की जा सकती है। मध्य प्रदेश के लिए यह परियोजना विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक्सप्रेसवे राज्य के रतलाम, मंदसौर और झाबुआ जिलों से होकर गुजरता है। अभी तक मुंबई की दिशा में अंतिम कनेक्टिविटी पूरी नहीं होने से माल परिवहन और लंबी दूरी की यात्रा में अपेक्षित गति नहीं मिल पा रही थी। वडोदरा-मुंबई सेक्शन चालू होने के बाद यह स्थिति बदल जाएगी और राज्य को सीधा फायदा मिलने लगेगा। सबसे बड़ा लाभ व्यापार और उद्योग जगत को मिलने की संभावना है। मध्य प्रदेश के औद्योगिक शहर इंदौर, पीथमपुर और देवास से तैयार होने वाला औद्योगिक सामान पहले की तुलना में कम समय में मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट तक पहुंच सकेगा। इससे निर्यात करने वाली कंपनियों की परिवहन लागत घटेगी और समय की भी बचत होगी। तेज और बेहतर कनेक्टिविटी से लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। कृषि क्षेत्र के लिए भी यह एक्सप्रेसवे महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। मालवा क्षेत्र से फल, सब्जियां, अनाज और अन्य कृषि उत्पाद बड़ी मात्रा में देश के विभिन्न हिस्सों में भेजे जाते हैं। मुंबई जैसे बड़े बाजार तक कम समय में कृषि उत्पाद पहुंचने से उनकी गुणवत्ता बेहतर बनी रहेगी और किसानों को बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी। परिवहन लागत कम होने का सीधा असर किसानों की आय पर भी पड़ सकता है। पर्यटन और आम यात्रियों के लिए भी यह परियोजना राहत लेकर आएगी। दिल्ली से मुंबई और मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र की ओर जाने वाले लोगों का सफर पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और आरामदायक होगा। एक्सप्रेसवे पर नियंत्रित प्रवेश व्यवस्था होने के कारण ट्रैफिक बाधाएं कम रहेंगी और यात्रा का समय काफी घट जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया गया है। इस पर वाहनों की निर्धारित गति 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक रखी गई है। मार्ग पर आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था, सर्विस रोड, इमरजेंसी सहायता, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी प्रणाली और पर्यावरण अनुकूल निर्माण तकनीकों का उपयोग किया गया है। एक्सप्रेसवे के किनारे भविष्य में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की भी संभावना जताई जा रही है। करीब एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली यह परियोजना देश के सबसे बड़े सड़क बुनियादी ढांचा विकास कार्यक्रमों में शामिल है। इसका उद्देश्य केवल यात्रा को आसान बनाना नहीं बल्कि देश के प्रमुख औद्योगिक और आर्थिक केंद्रों को तेज परिवहन नेटवर्क से जोड़ना भी है। सरकार का मानना है कि इससे निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। वडोदरा-मुंबई कॉरिडोर शुरू होने के बाद दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे अपनी पूरी क्षमता के साथ उपयोग में आ सकेगा। मध्य प्रदेश के उद्योग, व्यापार, परिवहन और कृषि क्षेत्र को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। यदि निर्धारित समय के अनुसार अगस्त के अंत तक यह हिस्सा चालू हो जाता है, तो आने वाले महीनों में लाखों यात्रियों और हजारों व्यवसायों के लिए यात्रा और माल परिवहन पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और किफायती हो जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/an-important-part-of-delhi-mumbai-expressway-will-open-in-august/article-57318</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/an-important-part-of-delhi-mumbai-expressway-will-open-in-august/article-57318</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 16:56:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/delhi-mumbai-expressway.jpg"                         length="192235"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंदौर-उज्जैन यात्री बस डंपर से टकराई, छह यात्री घायल, जांच शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[गधा टेकरी के पास रविवार सुबह हुआ हादसा, ड्राइवर ने ब्रेक फेल होने की बात कही; सभी घायलों का एमवाय अस्पताल में इलाज जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/indore-ujjain-passenger-bus-collides-with-dumper-six-passengers-injured-investigation/article-57193"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/indore-bus-accident.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंदौर से उज्जैन जा रही एक यात्री बस रविवार सुबह सड़क हादसे का शिकार हो गई। शहर के नावदा पंथ क्षेत्र में गधा टेकरी के पास बस आगे चल रहे डंपर से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बस में बैठे कई यात्री अपनी सीटों से उछल गए और अफरा-तफरी मच गई। हादसे में छह यात्री घायल हो गए, जिन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। प्रारंभिक जांच में बस चालक ने हादसे की वजह ब्रेक फेल होना बताया है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। चंदन नगर थाना प्रभारी तिलक करोले के अनुसार हादसा रविवार सुबह गधा टेकरी के पास हुआ। इंदौर से उज्जैन की ओर जा रही बस सामान्य रफ्तार से चल रही थी। इसी दौरान सामने सड़क पर चल रहे डंपर से बस पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद कुछ देर के लिए सड़क पर यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने तत्काल बस में फंसे यात्रियों की मदद की और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर के बाद बस में बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कई लोग घबरा गए और अपनी सीटों से उठकर बाहर निकलने लगे। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत बस का दरवाजा खोलकर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। कुछ घायलों को प्राथमिक उपचार मौके पर ही दिया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल यात्रियों को एंबुलेंस की मदद से एमवाय अस्पताल भेजा गया। हादसे में प्रकाश पुत्र मांगीलाल, शोभा, भूपेंद्र पुत्र मोतीलाल, रितू, दिलीप पुत्र बंशीलाल, घनश्याम नाथ और दिनेश घायल हुए हैं। सभी घायलों का चिकित्सकों की निगरानी में इलाज चल रहा है। पुलिस के अनुसार सभी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने घायलों का प्राथमिक उपचार करने के बाद आवश्यक जांच शुरू कर दी है। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भी उनकी निगरानी करेगी। बस चालक ने पुलिस को बताया कि हादसे से ठीक पहले उसने बस को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन ब्रेक ने काम नहीं किया। चालक का दावा है कि ब्रेक फेल होने के कारण बस सीधे आगे चल रहे डंपर से जा टकराई। हालांकि पुलिस केवल चालक के बयान के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकाल रही है। वाहन की तकनीकी जांच कराई जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में ब्रेक फेल हुए थे या हादसे की कोई अन्य वजह भी थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस और डंपर को सड़क किनारे हटवाकर यातायात सामान्य कराया। इसके बाद दोनों वाहनों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों का कहना है कि मैकेनिकल एक्सपर्ट की रिपोर्ट मिलने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। यदि वाहन में तकनीकी खामी पाई जाती है तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएंगे। सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में विशेषज्ञ लगातार वाहन की नियमित फिटनेस जांच और समय पर रखरखाव की जरूरत बताते रहे हैं। खासकर यात्री बसों में ब्रेक, टायर और स्टीयरिंग सिस्टम की समय-समय पर जांच बेहद जरूरी मानी जाती है। छोटी सी तकनीकी खराबी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे मामलों में चालक को भी यात्रा शुरू करने से पहले वाहन की स्थिति का परीक्षण करना चाहिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि हादसे के समय की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके। पुलिस घायलों के बयान भी दर्ज करेगी। प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/indore-ujjain-passenger-bus-collides-with-dumper-six-passengers-injured-investigation/article-57193</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/indore-ujjain-passenger-bus-collides-with-dumper-six-passengers-injured-investigation/article-57193</guid>
                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 13:56:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/indore-bus-accident.jpg"                         length="193496"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंदौर में एक दिन में तीन युवकों की मौत, मानसिक तनाव के अलग-अलग कारण आए सामने</title>
                                    <description><![CDATA[लॉ स्टूडेंट, इंजीनियरिंग छात्र और एमपी ऑनलाइन संचालक की मौत के मामलों में पुलिस जांच में जुटी, शुरुआती जानकारी में मानसिक तनाव की बात सामने आई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a3e13b2367bf/article-56983"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/indore-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंदौर में गुरुवार को अलग-अलग थाना क्षेत्रों से तीन युवकों की मौत के मामले सामने आए, जिनकी शुरुआती जांच में मानसिक तनाव अलग-अलग कारणों से जुड़ा होने की बात सामने आई है। इनमें एक लॉ स्टूडेंट, एक इंजीनियरिंग छात्र और एक एमपी ऑनलाइन सेंटर संचालक शामिल हैं। तीनों मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल किसी भी मामले में कोई सुसाइड नोट मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस परिजनों, दोस्तों और परिचितों से पूछताछ कर घटनाओं की परिस्थितियों को समझने का प्रयास कर रही है। पहला मामला पलासिया थाना क्षेत्र की बड़ी ग्वालटोली का है। यहां रहने वाले 27 वर्षीय आदर्श सोलंकी ने इसी वर्ष एलएलबी की पढ़ाई पूरी की थी और अदालत में प्रैक्टिस शुरू की थी। परिवार के अनुसार उनका पेशेवर लाइसेंस जारी होने की प्रक्रिया चल रही थी। घटना के समय वह घर पर अकेले थे। शाम को परिजन लौटे तो घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। परिजनों ने बताया कि आदर्श के माता-पिता का कई वर्ष पहले अलगाव हो गया था और वह अपने मामा के परिवार के साथ रह रहे थे। दोस्तों के अनुसार पिछले कुछ समय से वह काफी शांत रहने लगे थे और कम लोगों से बातचीत करते थे। बताया जा रहा है कि वह मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। पुलिस उनके करीबी लोगों के बयान दर्ज कर रही है ताकि घटनाक्रम की पूरी जानकारी सामने आ सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरा मामला हीरानगर थाना क्षेत्र के गौरी नगर का है। यहां 20 वर्षीय राजकुमार कुशवाह की मौत हुई। परिवार के अनुसार वह हैदराबाद स्थित एक राष्ट्रीय तकनीकी संस्थान में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे। पढ़ाई के लिए उन्होंने शिक्षा ऋण भी लिया था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक पढ़ाई से जुड़ी चुनौतियों और आर्थिक जिम्मेदारियों के कारण वह लंबे समय से दबाव महसूस कर रहे थे। कुछ समय पहले वह इंदौर आए थे और यहीं रह रहे थे। घटना के समय उनके परिचित घर पर मौजूद नहीं थे। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। शिक्षा ऋण, पढ़ाई का दबाव और व्यक्तिगत परिस्थितियों सहित सभी बिंदुओं को जांच में शामिल किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि परिवार और परिचितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके। तीसरा मामला आजाद नगर थाना क्षेत्र के मूसाखेड़ी का है। यहां रहने वाले 45 वर्षीय गजेंद्र, जो एमपी ऑनलाइन सेंटर संचालित करते थे, की भी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार करीब डेढ़ वर्ष पहले उनकी पत्नी का बीमारी के कारण निधन हो गया था। इसके बाद से वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगे थे। घटना के समय घर पर परिवार के अन्य सदस्य मौजूद नहीं थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। तीनों मामलों में एक समान बात यह सामने आई है कि संबंधित लोग किसी न किसी तरह के मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निश्चित कारण की पुष्टि नहीं की जा सकती। फिलहाल सभी मामलों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पढ़ाई, आर्थिक जिम्मेदारियां, पारिवारिक परिस्थितियां और व्यक्तिगत चुनौतियां कई बार लोगों पर गहरा मानसिक दबाव बना सकती हैं। ऐसे समय में परिवार, दोस्तों और समाज की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a3e13b2367bf/article-56983</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a3e13b2367bf/article-56983</guid>
                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 13:22:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/indore-news-%281%29.jpg"                         length="105521"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिशुकुंज स्कूल मामला: बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद घर-घर पहुंची डॉक्टरों की टीम</title>
                                    <description><![CDATA[लंच के बाद 150 से अधिक छात्रों में दिखे बीमारी के लक्षण, किचन सील; स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की निगरानी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/shishu-kunj-school-case-team-of-doctors-reached-door-to/article-56784"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/shishukunj-school-indore.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंदौर के प्रतिष्ठित शिशुकुंज स्कूल में छात्रों की तबीयत बिगड़ने की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। स्कूल में लंच करने के बाद 150 से अधिक बच्चों के बीमार पड़ने के मामले ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। घटना के बाद अब डॉक्टरों की टीमें प्रभावित बच्चों के घर-घर जाकर उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी कर रही हैं। शुरुआती जांच में कई बच्चों में गैस्ट्रोएंटेराइटिस और डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण पाए गए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी भी बच्चे की हालत गंभीर नहीं बताई जा रही है और सभी को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।मामला सामने आने के बाद मंगलवार को स्कूल का माहौल सामान्य दिनों से अलग नजर आया। बड़ी संख्या में अभिभावकों ने अपने बच्चों को घर से टिफिन देकर स्कूल भेजा। कई छात्रों ने स्कूल का भोजन लेने के बजाय घर का बना खाना ही खाना उचित समझा। वहीं कुछ अभिभावकों ने एहतियात के तौर पर बच्चों को स्कूल नहीं भेजा, जिसके चलते उपस्थिति भी अपेक्षाकृत कम रही। स्कूल प्रबंधन ने भी अभिभावकों को ई-मेल भेजकर फिलहाल बच्चों के लिए घर से भोजन भेजने का अनुरोध किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह पूरा मामला शनिवार को सामने आया था। स्कूल में दोपहर का भोजन करने के कुछ समय बाद कई बच्चों ने पेट दर्द, उल्टी, कमजोरी, घबराहट और बेचैनी की शिकायत की। धीरे-धीरे प्रभावित बच्चों की संख्या बढ़ने लगी। अभिभावकों को सूचना मिलने के बाद वे बच्चों को अस्पताल और क्लीनिक लेकर पहुंचे। देखते ही देखते यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया। प्रभावित छात्रों में बड़ी संख्या चौथी कक्षा तक के बच्चों की बताई जा रही है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल सक्रियता दिखाई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हसानी के निर्देश पर डॉक्टरों की टीम गठित की गई। मंगलवार को टीम ने करीब 30 बच्चों के घर पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉक्टरों ने बच्चों की स्थिति का आकलन किया और अभिभावकों से बीमारी के लक्षणों तथा वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में अन्य प्रभावित बच्चों के घर भी जाकर जांच की जाएगी ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अधिकांश बच्चों में गैस्ट्रोएंटेराइटिस और डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखाई दिए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक दूषित भोजन या पानी के सेवन से ऐसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। हालांकि बीमारी की वास्तविक वजह का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल डॉक्टर बच्चों को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ देने और स्वास्थ्य पर नजर रखने की सलाह दे रहे हैं। इस घटना के बाद सोमवार को अभिभावकों का गुस्सा भी देखने को मिला। बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंचे और पूरे मामले को लेकर चिंता जताई। उनका कहना था कि बच्चों की सुरक्षा और भोजन की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कई अभिभावकों ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों को भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। सोमवार को दोनों विभागों की संयुक्त टीम ने स्कूल परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। करीब चार घंटे तक चली जांच के दौरान किचन और खाद्य भंडारण व्यवस्था की पड़ताल की गई। निरीक्षण के दौरान कुछ खाद्य सामग्री और मसालों की एक्सपायरी डेट समाप्त होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए स्कूल के किचन को सील कर दिया। जांच दल ने किचन से विभिन्न खाद्य पदार्थों और पेय सामग्री के नमूने भी एकत्र किए हैं। इनमें पनीर, दूध, आइसक्रीम, दाल, तैयार भोजन, मसाले और पानी के नमूने शामिल हैं। कुल 23 नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने की असली वजह क्या थी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने बताया कि विभाग को अब तक कई अभिभावकों की ओर से शिकायतें और जानकारी प्राप्त हुई हैं। स्कूल प्रशासन ने भी अस्वस्थ महसूस करने वाले करीब 85 विद्यार्थियों को एहतियातन घर भेजा था। फिलहाल किसी भी बच्चे को अस्पताल में भर्ती रखने की आवश्यकता नहीं पड़ी है और सभी की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। अभिभावक, प्रशासन और स्कूल प्रबंधन यह जानना चाहते हैं कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की तबीयत अचानक क्यों बिगड़ी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। तब तक स्वास्थ्य विभाग बच्चों की निगरानी जारी रखेगा और एहतियाती कदम उठाता रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/shishu-kunj-school-case-team-of-doctors-reached-door-to/article-56784</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/shishu-kunj-school-case-team-of-doctors-reached-door-to/article-56784</guid>
                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 12:17:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/shishukunj-school-indore.jpg"                         length="295698"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लॉ स्टूडेंट ने NEET पेपर बेचने का झांसा देकर छात्रों से ठगी, इंस्टाग्राम के जरिए वसूले पैसे</title>
                                    <description><![CDATA[इंदौर क्राइम ब्रांच ने फर्स्ट ईयर लॉ छात्र को किया गिरफ्तार, 30 से 35 छात्रों से ऑनलाइन भुगतान लेने का आरोप; फर्जी लिंक और एडिटेड सामग्री के जरिए चला रहा था खेल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a38dc8ab116e/article-56636"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/neet-paper-scam.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंदौर में NEET परीक्षा को लेकर छात्रों को गुमराह कर ऑनलाइन ठगी करने का एक मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने एक ऐसे लॉ स्टूडेंट को गिरफ्तार किया है जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने का दावा कर छात्रों से पैसे वसूल रहा था। आरोपी छात्रों को यह विश्वास दिलाता था कि उसके पास परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री और प्रश्नपत्र मौजूद हैं। जांच में सामने आया है कि उसने फर्जी लिंक और भ्रामक पोस्ट के जरिए कई छात्रों को अपने जाल में फंसाया और उनसे ऑनलाइन भुगतान प्राप्त किया। क्राइम ब्रांच के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान अक्षय मालवीय के रूप में हुई है, जो लसूड़िया क्षेत्र के आंगन शक्करखेड़ी का निवासी है। वह इंदौर के एक लॉ कॉलेज में प्रथम वर्ष का छात्र बताया जा रहा है। आरोपी के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और उसके डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।  मामले की शुरुआत तब हुई जब राजस्थान के कोटा से पुलिस ने इंदौर पुलिस को एक ई-मेल भेजकर आरोपी की गतिविधियों की जानकारी साझा की। बताया जा रहा है कि आरोपी की ऑनलाइन गतिविधियां कई दिनों से संदिग्ध थीं और उसकी प्रोफाइल पर लगातार ऐसे पोस्ट डाले जा रहे थे जिनमें NEET परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने का दावा किया जाता था। सूचना मिलने के बाद इंदौर क्राइम ब्रांच की एसआईटी सक्रिय हुई और शनिवार देर रात आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर आकर्षक पोस्ट और संदेश वायरल करता था। इन पोस्ट में दावा किया जाता था कि छात्रों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र या विशेष अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। कई छात्र परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद में इन दावों पर विश्वास कर लेते थे। पोस्ट के साथ एक लिंक भी साझा किया जाता था, जिस पर क्लिक करने के बाद छात्रों को भुगतान करने के लिए कहा जाता था। बताया जा रहा है कि भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रों को ऐसी सामग्री भेजी जाती थी जिसे परीक्षा का असली पेपर बताया जाता था। हालांकि जांच में सामने आया है कि यह सामग्री वास्तविक प्रश्नपत्र नहीं थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी पुराने प्रश्नपत्रों और पहले से उपलब्ध अध्ययन सामग्री को एडिट कर नए पेपर के रूप में प्रस्तुत करता था। छात्र यह समझते थे कि उन्हें परीक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिल रही है, जबकि वास्तव में उन्हें गुमराह किया जा रहा था। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने यूपीआई और अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों के जरिए करीब 30 से 35 लोगों से रकम प्राप्त की है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कुल कितनी राशि एकत्र की गई और किन-किन राज्यों के छात्र इस ठगी का शिकार बने। जांच एजेंसियां आरोपी के बैंक खातों, मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट की भी जांच कर रही हैं ताकि लेन-देन का पूरा विवरण सामने आ सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आरोपी पहले भी साइबर पुलिस की निगरानी में रहा है। NEET परीक्षा को लेकर पिछले वर्ष हुए विवाद और परीक्षा रद्द होने की चर्चाओं के दौरान भी उसने इसी तरह की भ्रामक पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा की थीं। उस समय भी उसकी गतिविधियों को लेकर शिकायतें मिली थीं, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो सकी थी। इस बार डिजिटल सबूत मिलने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच कर रहे अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की ऑनलाइन ठगी केवल आर्थिक अपराध नहीं है बल्कि छात्रों के भविष्य और मानसिक स्थिति से भी जुड़ा मुद्दा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले कई छात्र तनाव और दबाव में रहते हैं। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति परीक्षा का पेपर या विशेष सामग्री उपलब्ध कराने का दावा करता है तो कुछ छात्र उसके झांसे में आ जाते हैं। इसी मनोविज्ञान का फायदा उठाकर आरोपी कथित तौर पर पैसे वसूल रहा था। क्राइम ब्रांच अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके साथ कोई और व्यक्ति या समूह भी जुड़ा हुआ था। पुलिस को संदेह है कि सोशल मीडिया पर पोस्ट को व्यापक स्तर पर फैलाने और भुगतान की प्रक्रिया संभालने में अन्य लोगों की भी भूमिका हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि यदि नेटवर्क में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी परीक्षा से जुड़ी ऐसी भ्रामक पोस्ट, लिंक या संदेश पर भरोसा न करें। परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने का दावा करने वाले अधिकांश संदेश फर्जी होते हैं और उनका उद्देश्य लोगों से पैसे ठगना होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a38dc8ab116e/article-56636</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a38dc8ab116e/article-56636</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 14:08:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/neet-paper-scam.jpg"                         length="98568"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंदौर में MCA छात्रा ने फांसी लगाई, परीक्षा के तनाव की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[सहेलियां घूमकर लौटीं तो कमरे में फंदे पर लटका मिला शव, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/apprehension/article-56635"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/indore-mca-student.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एमसीए की 22 वर्षीय छात्रा ने अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुरुआती जानकारी में यह बात सामने आई है कि छात्रा परीक्षा के दबाव और पढ़ाई को लेकर मानसिक तनाव में थी। घटना के बाद इलाके में सन्नाटा और शोक का माहौल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और पूरे मामले को हर एंगल से खंगाला जा रहा है। मृतका की पहचान लेखा, उम्र 22 वर्ष, पुत्री उत्तम के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बुरहानपुर जिले की रहने वाली थी और पिछले करीब एक साल से इंदौर में रहकर चमेली देवी कॉलेज से एमसीए की पढ़ाई कर रही थी। बताया जा रहा है कि वह पढ़ाई में सामान्य रूप से ठीक थी लेकिन पिछले कुछ दिनों से परीक्षा और रिजल्ट को लेकर काफी दबाव महसूस कर रही थी। उसके साथ रहने वाली सहेलियों के अनुसार वह पहले की तुलना में ज्यादा शांत रहने लगी थी और कई बार अकेले बैठी रहती थी। हालांकि किसी को यह अंदाजा नहीं था कि हालात इस तरह अचानक बिगड़ जाएंगे। घटना उस वक्त सामने आई जब उसकी सहेलियां रविवार रात करीब 11 बजे कमरे पर वापस लौटीं। बताया जा रहा है कि शाम के समय सहेलियां उसे राजबाड़ा घूमने चलने के लिए कहकर गई थीं, लेकिन लेखा ने जाने से मना कर दिया था। सहेलियां जब बाहर से लौटकर आईं तो कमरे का दरवाजा खुला मिला और अंदर का दृश्य देखकर वे घबरा गईं। लेखा फंदे पर लटकी हुई मिली। इसके बाद आसपास के लोगों को सूचना दी गई और तुरंत पुलिस को बुलाया गया। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारकर जांच शुरू की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">परदेशीपुरा थाना प्रभारी आरडी कानवा के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि छात्रा एमसीए सेकंड सेमेस्टर की परीक्षा दे रही थी और उसके कुछ पेपर अपेक्षा के अनुसार नहीं गए थे। इसी वजह से वह मानसिक रूप से परेशान चल रही थी। पुलिस ने उसके कमरे की तलाशी ली, लेकिन किसी प्रकार का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे के कारणों को लेकर अभी पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस का कहना है कि मोबाइल फोन, बातचीत और सहेलियों के बयान के आधार पर आगे जांच की जा रही है। पिछले कुछ दिनों से छात्रा का व्यवहार थोड़ा बदला हुआ था। वह पहले की तुलना में कम बोलती थी और ज्यादातर समय पढ़ाई या अकेले रहने में बिताती थी। सहेलियों ने बताया कि परीक्षा को लेकर वह काफी चिंतित रहती थी और कई बार अपने पेपर खराब होने की बात भी करती थी। हालांकि उसने कभी सीधे तौर पर किसी परेशानी या आत्महत्या जैसे विचार की बात नहीं कही थी। लेकिन अंदर ही अंदर वह तनाव से गुजर रही थी, ऐसा अब सामने आ रहा है। घटना के बाद पूरे हॉस्टल और आसपास के छात्र समुदाय में भी माहौल गंभीर हो गया है। कई छात्राएं इस घटना से सहमी हुई हैं और आपस में चर्चा कर रही हैं कि पढ़ाई का दबाव किस तरह मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। वहीं पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सोमवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह मामला संदिग्ध आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन सभी तकनीकी और परिस्थितिजन्य पहलुओं की जांच की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">परिजनों को जैसे ही घटना की सूचना मिली, वे तुरंत बुरहानपुर से इंदौर के लिए रवाना हो गए। परिवार में गहरा सदमा है और घर का माहौल पूरी तरह गमगीन बताया जा रहा है। पड़ोसियों के अनुसार लेखा शुरू से ही पढ़ाई में मेहनती थी और अपने करियर को लेकर काफी गंभीर रहती थी। परिवार भी उसकी पढ़ाई को लेकर पूरी तरह सहयोग कर रहा था। लेकिन अचानक हुई इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और कॉलेज से जुड़ी जानकारी भी खंगाली जाएगी ताकि यह समझा जा सके कि छात्रा किस मानसिक स्थिति से गुजर रही थी। फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक कारण सामने आने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/apprehension/article-56635</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/apprehension/article-56635</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 14:08:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/indore-mca-student.jpg"                         length="93482"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंदौर में पुरानी रंजिश में युवक की चाकू मारकर हत्या</title>
                                    <description><![CDATA[बाणगंगा इलाके में एमआर-4 रोड पर देर रात वारदात, पुलिस जांच में जुटी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a362ae33e7d2/article-56458"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/indore-ujjain-green-field-corridor-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">इंदौर में एक बार फिर खून खराबे की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया है। बाणगंगा थाना क्षेत्र के एमआर-4 रोड पर शुक्रवार देर रात पुरानी रंजिश के चलते एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि युवक को पहले घेरा गया और फिर उस पर ताबड़तोड़ हमला किया गया। अचानक हुई इस वारदात से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल युवक को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत एमवाय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान विशाल उर्फ नानू वर्मा (26) निवासी रफेली, भागीरथपुरा के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में साफ हुआ है कि यह पूरा मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा हुआ है, जो लंबे समय से दोनों पक्षों के बीच चल रहा था। बताया जा रहा है कि शुक्रवार देर रात किसी बात को लेकर विवाद फिर से भड़क गया और देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया। इसी दौरान आरोपियों ने चाकू से हमला कर दिया। अधिकारियों के अनुसार घायल अवस्था में जब विशाल को अस्पताल लाया गया तो उसने हमलावरों के नाम भी बताए थे, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ा दिया है। एसीपी रुबिना मिजवानी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी और पूरे इलाके को घेरकर साक्ष्य जुटाए गए। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात में शामिल आरोपी कम उम्र के बताए जा रहे हैं, जिनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने उनके संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है और परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि जल्द से जल्द सुराग मिल सके। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों के भागने के रास्ते और उनकी गतिविधियों की पुष्टि हो सके। घटना के बाद एमआर-4 रोड और आसपास के इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि देर रात अचानक हुई इस वारदात ने सभी को हिला कर रख दिया। कई लोग मौके पर पहुंचे तो वहां खून के निशान और दहशत का माहौल था। पुलिस ने तुरंत क्षेत्र को सील कर दिया और फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया। शुरुआती जांच में यह बात भी सामने आ रही है कि घटना में शामिल कुछ आरोपी नाबालिग हो सकते हैं, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह मामला पूरी तरह से आपसी रंजिश का है, लेकिन इसके पीछे असली वजह क्या थी, इसका खुलासा आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और हर एंगल से जांच की जा रही है। शहर में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है और लोग कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वहीं मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा और मामले का पूरा खुलासा किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a362ae33e7d2/article-56458</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a362ae33e7d2/article-56458</guid>
                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 12:49:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/indore-ujjain-green-field-corridor-%281%29.jpg"                         length="120303"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इंदौर पहुंचीं, ओंकारेश्वर दर्शन के साथ 5 दिवसीय दौरा शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया स्वागत, मध्यप्रदेश में सुरक्षा और ट्रैफिक के कड़े इंतजाम लागू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/president-draupadi-murmu-reaches-indore-starts-5-day-tour-with/article-56254"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/president-draupadi-murmu-indore-visit.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बुधवार को मध्यप्रदेश के इंदौर शहर पहुंचीं। उनका विमान देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर उतरा, जहां राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यह दौरा मध्यप्रदेश में राष्ट्रपति के पांच दिवसीय आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत माना जा रहा है, जो 18 जून से 22 जून तक चलेगा। एयरपोर्ट पर कुछ समय रुकने के बाद राष्ट्रपति सीधे ओंकारेश्वर के लिए रवाना हुईं, जहां उन्होंने ज्योतिर्लिंग भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन और पूजा-अर्चना की। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए इंदौर और ओंकारेश्वर दोनों क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों को अस्थायी रूप से नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है, ताकि किसी भी तरह की सुरक्षा चूक से बचा जा सके। प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था में भी बड़े बदलाव किए हैं और कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम भीड़ प्रबंधन और राष्ट्रपति के काफिले की सुरक्षित आवाजाही को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर पहुंचने पर वीर हनुमान मंदिर स्थित ऐतिहासिक बावड़ी का अवलोकन किया। यह स्थान शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर से जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री ने स्थानीय विकास और धार्मिक स्थलों के संरक्षण को लेकर भी अधिकारियों से चर्चा की। प्रशासनिक स्तर पर इस पूरे दौरे को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक गतिविधियां एक साथ शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के इस दौरे के दौरान 19 जून को विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें वे अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। इसके बाद उनके ग्वालियर और श्योपुर जाने की भी संभावना है, जहां वे विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होंगी। राज्य सरकार और प्रशासन ने सभी कार्यक्रमों की तैयारियां पहले से पूरी कर ली हैं। ओंकारेश्वर में राष्ट्रपति के दर्शन को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए अलग पार्किंग और बस व्यवस्था की गई है, ताकि भीड़ को व्यवस्थित तरीके से संभाला जा सके। प्रशासन ने आम नागरिकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के अनुसार, एयरपोर्ट से लेकर ओंकारेश्वर तक पूरे रूट पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। 17 से 19 जून तक कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। भारी वाहनों के लिए विशेष रूट प्लान तैयार किया गया है ताकि सामान्य यातायात प्रभावित न हो। भारी वाहनों की आवाजाही के लिए भी अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर चलने वाले वाहनों को डायवर्ट किया गया है। इंदौर से खंडवा जाने वाले भारी वाहन तेजाजी नगर, महू, मानपुर, धामनोद, खरगोन, भीकनगांव और देशगांव होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। वहीं सिमरोल और बड़वाह से आने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह पूरी व्यवस्था राष्ट्रपति के दौरे को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए की गई है। ओंकारेश्वर जैसे धार्मिक स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐसे में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। पूरे क्षेत्र में पुलिस बल, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह मध्यप्रदेश दौरा न सिर्फ आधिकारिक महत्व रखता है बल्कि धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से भी काफी अहम माना जा रहा है। राज्य सरकार इस दौरे को सफल बनाने के लिए पूरी तरह सतर्क है और हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/president-draupadi-murmu-reaches-indore-starts-5-day-tour-with/article-56254</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/president-draupadi-murmu-reaches-indore-starts-5-day-tour-with/article-56254</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 11:36:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/president-draupadi-murmu-indore-visit.jpg"                         length="190252"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का पांच दिवसीय मध्य प्रदेश दौरा कल से, ओंकारेश्वर से होगी शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[इंदौर, ओंकारेश्वर, ग्वालियर और श्योपुर में कार्यक्रम; सुरक्षा के मद्देनजर नो-फ्लाइंग जोन और ट्रैफिक डायवर्जन लागू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/president-draupadi-murmus-five-day-visit-to-madhya-pradesh-will-begin/article-56168"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/droupadi-murmu-mp-visit.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पांच दिवसीय दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। राष्ट्रपति 18 जून से 22 जून तक राज्य के विभिन्न शहरों में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। इस दौरान इंदौर, ओंकारेश्वर, ग्वालियर और श्योपुर में उनके कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम निर्धारित हैं। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और कई इलाकों में यातायात संबंधी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि निर्धारित डायवर्जन और सुरक्षा नियमों का पालन किया जाए ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सकें। राष्ट्रपति का दौरा इंदौर से शुरू होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे सबसे पहले ओंकारेश्वर पहुंचकर भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करेंगी। धार्मिक महत्व वाले इस कार्यक्रम को लेकर स्थानीय प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं। ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए पार्किंग, सुरक्षा और यातायात की अलग व्यवस्था बनाई गई है। प्रशासन का कहना है कि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान आम श्रद्धालुओं को दर्शन में असुविधा न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्ग और विशेष पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">दौरे के दूसरे दिन 19 जून को राष्ट्रपति अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम में शामिल होंगी। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, जनप्रतिनिधि और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। सिकल सेल बीमारी को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर उन क्षेत्रों के लिए जहां यह बीमारी अधिक प्रभावित करती है। राष्ट्रपति के दौरे को लेकर इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हैं। जिला प्रशासन के अनुसार एयरपोर्ट और उसके आसपास के क्षेत्र को अस्थायी रूप से नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। इसका उद्देश्य राष्ट्रपति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस अवधि में बिना अनुमति किसी भी प्रकार की उड़ान गतिविधि पर प्रतिबंध रहेगा। सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन संचालन पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यातायात व्यवस्था को लेकर भी व्यापक बदलाव किए गए हैं। इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर चलने वाले भारी मालवाहक वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट तय किए गए हैं। इंदौर से खंडवा की ओर जाने वाले वाहनों को तेजाजी नगर, महू, मानपुर, धामनोद, खरगोन, भीकनगांव और देशगांव के रास्ते भेजा जाएगा। इसी तरह अन्य मार्गों पर भी भारी वाहनों का संचालन डायवर्ट किया गया है ताकि राष्ट्रपति के काफिले के आवागमन के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। प्रशासन ने तय किया है कि 18 और 19 जून को आने वाले वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा कराया जाएगा। इंदौर, खंडवा और मूंदी की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को अलग-अलग मार्गों से पार्किंग तक पहुंचाया जाएगा। वहां से उन्हें पैदल मंदिर तक जाना होगा। प्रशासन का मानना है कि इससे भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर तरीके से लागू की जा सकेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">बसों के संचालन को लेकर भी अलग व्यवस्था बनाई गई है। इंदौर और खंडवा से आने वाली श्रद्धालुओं की बसों को मोरटक्का में पार्क कराया जाएगा। इसके बाद यात्रियों को लोक परिवहन के माध्यम से ओंकारेश्वर पहुंचाया जाएगा। नियमित बस सेवाओं को भी निर्धारित पार्किंग स्थल तक ही अनुमति दी जाएगी। इसके आगे श्रद्धालुओं को पैदल यात्रा करनी होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कुछ समय के लिए कुछ मार्ग पूरी तरह बंद भी किए जा सकते हैं, इसलिए यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है। राष्ट्रपति के काफिले के गुजरने के दौरान कुछ प्रमुख मार्गों को अस्थायी रूप से नो-व्हीकल जोन घोषित किया जाएगा। सुरक्षा कारणों से इन मार्गों पर आम वाहनों की आवाजाही रोक दी जाएगी। हालांकि प्रशासन का कहना है कि जैसे ही राष्ट्रपति का काफिला आगे बढ़ जाएगा, यातायात को फिर से सामान्य कर दिया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य सुरक्षा के साथ-साथ लोगों को कम से कम असुविधा पहुंचाना है।</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के इस दौरे को राज्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। धार्मिक, सामाजिक और जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी को लेकर स्थानीय स्तर पर उत्साह भी देखा जा रहा है। प्रशासन और पुलिस विभाग लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं ताकि दौरे के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था दोनों बनाए रखी जा सकें। अधिकारियों का कहना है कि सभी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं और विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। आम लोगों और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ट्रैफिक डायवर्जन को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनाएं और सुरक्षा जांच में सहयोग करें। आने वाले पांच दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में राष्ट्रपति के कार्यक्रमों के कारण प्रशासनिक गतिविधियां बढ़ी रहेंगी और सुरक्षा व्यवस्था विशेष रूप से सक्रिय रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/president-draupadi-murmus-five-day-visit-to-madhya-pradesh-will-begin/article-56168</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/president-draupadi-murmus-five-day-visit-to-madhya-pradesh-will-begin/article-56168</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 12:36:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/droupadi-murmu-mp-visit.jpg"                         length="258740"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंस्टाग्राम से पानी बोतल ऑर्डर के बाद 2.99 लाख की ठगी</title>
                                    <description><![CDATA[रिफंड लिंक और अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी देकर छात्रा से लाखों की साइबर ठगी, पुलिस जांच में जुटी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/cheated-of-rs-299-lakh-after-ordering-water-bottle-from/article-55962"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/instagram-scam-indore.jpg" alt=""></a><br /><p>इंदौर के खजराना क्षेत्र में रहने वाली एक कॉलेज छात्रा के साथ इंस्टाग्राम पर पानी की बोतल ऑर्डर करने के बाद साइबर ठगी और ब्लैकमेलिंग का बड़ा मामला सामने आया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक छात्रा ने एक इंस्टाग्राम पेज से दो पानी की बोतलें ऑर्डर की थीं और ऑनलाइन भुगतान भी कर दिया था। इसके बाद जो घटनाक्रम सामने आया, उसने पूरे मामले को गंभीर बना दिया। इस घटना में ठगों ने पहले रिफंड का झांसा देकर लिंक भेजा और फिर धीरे-धीरे छात्रा को डराकर बड़ी रकम ऐंठ ली। पुलिस के अनुसार यह पूरा मामला साइबर फ्रॉड का सुनियोजित पैटर्न दिखाता है जिसमें पहले छोटे लेनदेन का भरोसा दिलाया जाता है और बाद में मानसिक दबाव बनाकर पैसे वसूले जाते हैं। इस तरह के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है और युवा वर्ग खासकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए अधिक निशाने पर आ रहा है। बताया जा रहा है कि आरोपी पहले सामान्य ग्राहक सेवा प्रतिनिधि बनकर संपर्क करते हैं और फिर बातचीत को धोखाधड़ी की दिशा में ले जाते हैं। इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन शॉपिंग और इंस्टाग्राम आधारित पेजों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खजराना पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पाया कि ठगों ने बेहद योजनाबद्ध तरीके से छात्रा को फंसाया और अलग-अलग चरणों में उसे मानसिक रूप से दबाव में रखा।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, यह पूरा मामला 11 मई का बताया जा रहा है जब छात्रा वरीदा की बहन अलीना ने इंस्टाग्राम पेज “सॉफ क्यूक इंडिया” से पानी की दो बोतलें ऑर्डर की थीं। ऑर्डर के बाद कुछ समय तक सब सामान्य रहा, लेकिन इसके बाद एक कॉल आया जिसमें कहा गया कि ऑर्डर कैंसिल हो गया है और रिफंड के लिए एक लिंक भेजा जा रहा है। ठगों ने यह भी कहा कि छोटी राशि सीधे वापस नहीं हो सकती, इसलिए लिंक के जरिए प्रक्रिया पूरी करनी होगी। जैसे ही छात्रा ने उस लिंक पर क्लिक किया, उसके बैंक डिटेल्स कथित तौर पर ठगों के हाथ लग गए। इसके बाद धीरे-धीरे खाते से लेनदेन शुरू हो गया। इसी बीच 20 मई को फिर एक कॉल आया जिसमें आरोपियों ने दावा किया कि उनके पास छात्रा की अश्लील तस्वीरें हैं और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा। इस धमकी के बदले 30 हजार रुपये की मांग की गई और डर के कारण छात्रा ने बताए गए यूपीआई खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि ठग लगातार अलग-अलग नंबरों से संपर्क कर रहे थे ताकि पीड़िता पर दबाव बना रहे और वह किसी को जानकारी न दे सके। यह पूरा नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था और हर कदम पर पीड़िता को उलझाया जा रहा था।</p>
<p>मामला तब सामने आया जब 9 जून को छात्रा कॉलेज फीस जमा करने बैंक पहुंची। वहां उसे पता चला कि उसके खाते में पैसे नहीं हैं। बैंक से जानकारी लेने पर सामने आया कि अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए उसके खाते से करीब 2 लाख 99 हजार रुपये निकाल लिए गए हैं। इसके बाद छात्रा ने तुरंत खजराना थाने और साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जिन बैंक खातों और यूपीआई आईडी में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उनकी पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और तकनीकी टीम आरोपियों के लोकेशन ट्रेस करने में लगी हुई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और सोशल मीडिया पर आने वाले ऑफर्स या रिफंड कॉल्स पर तुरंत भरोसा न करें। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/cheated-of-rs-299-lakh-after-ordering-water-bottle-from/article-55962</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/cheated-of-rs-299-lakh-after-ordering-water-bottle-from/article-55962</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 12:42:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/instagram-scam-indore.jpg"                         length="131109"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजा रघुवंशी हत्याकांड में फिर उठी CBI जांच की मांग, भाई बोले- इंसाफ अभी अधूरा</title>
                                    <description><![CDATA[सोनम के जमानत पर बाहर आने के बाद परिवार की चिंता बढ़ी, राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा- निष्पक्ष जांच के लिए मामला CBI को सौंपा जाए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/demand-for-cbi-investigation-raised-again-in-raja-raghuvanshi-murder/article-55715"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raja-raghuvanshi-murder-case-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">राजा रघुवंशी हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है। मामले में मृतक राजा रघुवंशी के परिवार ने सीबीआई जांच की मांग दोहराई है। राजा के भाई विपिन रघुवंशी का कहना है कि इतने चर्चित और गंभीर मामले में अभी तक सीबीआई जांच नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। उनका आरोप है कि मामले की मुख्य आरोपी मानी जा रही सोनम रघुवंशी फिलहाल जमानत पर बाहर है और ऐसे में सबूतों के प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। परिवार का कहना है कि उन्हें अब भी न्याय का इंतजार है और सच्चाई पूरी तरह सामने आना बाकी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या का मामला सामने आने के बाद पूरे देश में इसकी चर्चा हुई थी। राजा अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ हनीमून मनाने शिलांग गए थे। आरोप है कि इसी दौरान सुनियोजित तरीके से उनकी हत्या कर दी गई और शव को खाई में फेंक दिया गया। घटना के बाद कई दिनों तक मामले को लेकर रहस्य बना रहा। बाद में पुलिस जांच के दौरान सोनम सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दावा किया था कि हत्या की साजिश पहले से रची गई थी और इसमें कई लोग शामिल थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि जांच आगे बढ़ने के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया भी चलती रही। इसी बीच सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के बाद राजा के परिवार की चिंता बढ़ गई है। विपिन रघुवंशी का कहना है कि जब तक मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा नहीं की जाएगी, तब तक परिवार पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो सकता। उनका मानना है कि सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसी मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर सकती है और उन तथ्यों को भी सामने ला सकती है जो अब तक सामने नहीं आए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">विपिन ने कहा कि देश में कई संवेदनशील मामलों में सीबीआई जांच कराई जाती है। यदि किसी युवती की मौत या अन्य चर्चित मामलों में सीबीआई जांच हो सकती है तो राजा रघुवंशी हत्याकांड को भी उसी गंभीरता से देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक हत्या का मामला नहीं है, बल्कि इसमें कई राज्यों से जुड़े पहलू भी सामने आए हैं। घटना मध्य प्रदेश से जुड़े परिवार की है जबकि वारदात मेघालय में हुई। ऐसे में अंतरराज्यीय पहलुओं को देखते हुए भी केंद्रीय एजेंसी की जांच जरूरी लगती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">परिवार का आरोप है कि अब तक की जांच में कई सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब उन्हें नहीं मिले हैं। विपिन का कहना है कि सोनम के जमानत पर बाहर रहने से परिवार के मन में आशंकाएं पैदा हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर सबूतों के साथ छेड़छाड़ होती है तो न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि वे लगातार सरकार से मांग कर रहे हैं कि मामले को सीबीआई को सौंपा जाए ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस पूरे मामले ने शुरुआत से ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। सोशल मीडिया से लेकर राष्ट्रीय मीडिया तक इस केस को लेकर लगातार चर्चाएं होती रही हैं। पुलिस की कार्रवाई, गिरफ्तारी और अदालत में चल रही प्रक्रिया को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी बनी रही। लेकिन परिवार का कहना है कि मीडिया में चर्चा होना और न्याय मिलना दो अलग बातें हैं। उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि राजा की मौत के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आए और दोषियों को कड़ी सजा मिले।</p>
<p class="isSelectedEnd">परिवार आने वाले दिनों में अपनी मांग को लेकर और सक्रिय हो सकता है। यदि जरूरत पड़ी तो वे राज्य सरकार और केंद्र सरकार के सामने भी अपनी बात रखने की तैयारी में हैं। परिवार का मानना है कि मामले की निष्पक्ष जांच से ही लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा। अदालत में कानूनी प्रक्रिया जारी है और जांच एजेंसियां भी अपने स्तर पर कार्रवाई कर रही हैं।</p>
<p>उधर इस मामले में अब तक किसी नई जांच एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपे जाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। सरकार की ओर से भी सीबीआई जांच की मांग पर फिलहाल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में राजा रघुवंशी के परिवार की निगाहें आने वाले फैसलों पर टिकी हुई हैं। परिवार का कहना है कि वे अपने भाई के लिए न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे और तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक उन्हें पूरी तरह संतोषजनक जांच और न्याय नहीं मिल जाता।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/demand-for-cbi-investigation-raised-again-in-raja-raghuvanshi-murder/article-55715</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/demand-for-cbi-investigation-raised-again-in-raja-raghuvanshi-murder/article-55715</guid>
                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 13:58:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/raja-raghuvanshi-murder-case-%281%29.jpg"                         length="149122"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        