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                <title>Atal Setu - दैनिक जागरण</title>
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                <title>जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन, घाटे के बावजूद टाटा प्रोजेक्ट्स को मिली बड़ी जिम्मेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[अटल सेतु और संसद भवन जैसे प्रोजेक्ट पूरे कर चुकी कंपनी को नए प्रोजेक्ट्स से मुनाफे की उम्मीद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/69c78336a6fd2/article-49374"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/pm-modi-(2).jpg" alt=""></a><br /><p>उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। देश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल इस एयरपोर्ट का निर्माण टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा प्रोजेक्ट्स ने किया है, जो हाल के समय में वित्तीय घाटे का सामना कर रही है।</p>
<p>परियोजना के पहले चरण पर करीब 11,282 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, जबकि पूरे एयरपोर्ट के निर्माण पर लगभग 29,560 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इसे चार चरणों में विकसित किया जा रहा है। एयरपोर्ट का संचालन यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट कंपनी करेगी, जो ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की सहायक इकाई है। इस परियोजना में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की भी भागीदारी है।</p>
<p>टाटा प्रोजेक्ट्स पिछले कई दशकों से देश के बड़े निर्माण कार्यों में शामिल रही है। कंपनी ने मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (अटल सेतु), संसद की नई इमारत, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, मुंबई और चेन्नई मेट्रो जैसे कई प्रमुख प्रोजेक्ट पूरे किए हैं। बड़े और जटिल प्रोजेक्ट्स को तय समय में पूरा करना कंपनी की पहचान रही है।</p>
<p>हालांकि, कंपनी की वित्तीय स्थिति पिछले वित्त वर्ष में दबाव में रही। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी को 751 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जबकि उससे पहले के वित्त वर्ष में उसने 81.97 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया था। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि यह नुकसान मुख्य रूप से कोविड-19 के दौरान शुरू हुए पुराने प्रोजेक्ट्स के कारण हुआ, जिनकी लागत और समयसीमा दोनों बढ़ गई थीं।</p>
<p>टाटा प्रोजेक्ट्स के सीईओ और एमडी विनायक पई के अनुसार, कंपनी अब नए और ज्यादा लाभदायक क्षेत्रों पर ध्यान दे रही है। इसमें सेमीकंडक्टर निर्माण, डेटा सेंटर और सोलर मैन्युफैक्चरिंग जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। उनका कहना है कि पुराने प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के बाद कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार की संभावना है।</p>
<p>विशेषज्ञ मानते हैं कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स कंपनी के लिए अवसर और चुनौती दोनों लेकर आते हैं। एक ओर ये कंपनी की साख को मजबूत करते हैं, वहीं दूसरी ओर लागत नियंत्रण और समयबद्ध निर्माण की कसौटी पर भी खरा उतरना पड़ता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 14:06:52 +0530</pubDate>
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