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                <title>Jabalpur News - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Jabalpur News RSS Feed</description>
                
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                <title>जबलपुर में दहेज प्रताड़ना और संदिग्ध मौत का मामला, मेजर दामाद पर हत्या के आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[3 करोड़ रुपये खर्च कर बेटी की शादी करने वाले पिता ने कोर्ट में लगाई न्याय की गुहार, पुलिस पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/case-of-dowry-harassment-and-suspicious-death-in-jabalpur-major/article-54828"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/jabalpur-dowry-case.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश में भोपाल की एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अभी चर्चा में बना हुआ है, इसी बीच जबलपुर से एक और गंभीर मामला सामने आया है जिसने दहेज प्रताड़ना और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। चेन्नई के रहने वाले व्यवसायी पी. दक्षिणामूर्ति ने अपनी 27 वर्षीय बेटी कविता नागार्जुन की मौत को हत्या बताते हुए सेना में मेजर पद पर पदस्थ अपने दामाद डॉ. ओम नागार्जुन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता का दावा है कि शादी में करोड़ों रुपये खर्च करने और महंगे उपहार देने के बावजूद अतिरिक्त दहेज की मांग की गई और मांग पूरी नहीं होने पर उनकी बेटी की जान ले ली गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मामला अब न्यायालय तक पहुंच चुका है। परिजनों का आरोप है कि घटना को एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके चलते उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। 3 जून को इस मामले में महत्वपूर्ण सुनवाई होने की जानकारी सामने आई है। मामला सामने आने के बाद यह प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। पीड़ित पिता के अनुसार उनकी इकलौती बेटी कविता पेशे से अधिवक्ता थीं। उनका विवाह 2 मार्च 2025 को तमिलनाडु निवासी डॉ. ओम नागार्जुन के साथ हुआ था, जो वर्तमान में जबलपुर के जेकेआरआरसी में मेजर के पद पर तैनात बताए जाते हैं। परिवार का कहना है कि बेटी की शादी धूमधाम से की गई थी और लगभग 3 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। शादी में करीब 100 तोला सोना, 25 लाख रुपये का हीरे का हार, लग्जरी कार सहित कई महंगे उपहार दिए गए थे। परिजनों का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही कविता को अतिरिक्त दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। बताया गया कि मेजर दामाद नया अस्पताल स्थापित करना चाहता था और इसके लिए वह कविता पर मायके से 2 करोड़ रुपये लाने का दबाव बना रहा था। परिवार का कहना है कि कविता ने इस मांग को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद से उसके साथ व्यवहार और अधिक कठोर हो गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के दिन की जानकारी देते हुए परिजनों ने बताया कि कविता की तबीयत खराब होने की सूचना मिली थी। जब उसे अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पोस्टमार्टम कराया गया। परिजनों का दावा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर चोट के निशान दर्ज किए गए थे, लेकिन मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया। यही बात परिवार के संदेह को और गहरा करती है। कविता की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार चेन्नई से जबलपुर पहुंचा। यहां पहुंचकर पिता ने बेटी की मौत को संदिग्ध बताते हुए गोराबाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई और एफआईआर की मांग की। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देकर मामला दर्ज करने से इनकार किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। जब पुलिस स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो परिवार ने अदालत की शरण ली। जिला न्यायालय में दाखिल याचिका के साथ कई दस्तावेज और कथित सबूत भी प्रस्तुत किए गए हैं। परिवार के वकील का कहना है कि शादी से पहले और बाद की परिस्थितियों से जुड़े कई ऐसे तथ्य हैं जो दहेज प्रताड़ना की ओर संकेत करते हैं। अदालत में यह भी बताया गया कि विवाह से पहले महंगी कार की मांग की गई थी, हालांकि बाद में लड़की पक्ष ने अन्य लग्जरी वाहन और बड़ी मात्रा में सोना-चांदी तथा घरेलू सामान दिया था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पिता पी. दक्षिणामूर्ति ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की मौत प्राकृतिक नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश का परिणाम है। उनका कहना है कि पति और उसके परिवार ने दहेज के लालच में कविता को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। उन्होंने अदालत से निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। यदि अदालत इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश देती है तो जांच का दायरा और व्यापक हो सकता है। ऐसे मामलों में पुलिस को दहेज प्रताड़ना, संदिग्ध मृत्यु और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच करनी पड़ती है। फिलहाल अदालत में दायर याचिका पर सभी की नजर बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 13:31:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>जबलपुर आरक्षक हत्याकांड: एक फोन कॉल से खुला पूरा राज</title>
                                    <description><![CDATA[हत्या, जांच और तीन अलग-अलग कहानियों के बीच उलझा सच]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/satyakatha/jabalpur-constable-murder-case-whole-secret-revealed-by-one-phone/article-54789"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/jabalpur-murder-case.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जबलपुर में छठवीं बटालियन में पदस्थ आरक्षक राजेश बेन की हत्या का मामला उस समय पूरे इलाके में सनसनी बन गया था, जब 2017 में उनका शव झाड़ियों में मिला। शुरुआत में यह एक अज्ञात हत्या का मामला लगा, लेकिन धीरे-धीरे पुलिस जांच, सोशल मीडिया पहचान और एक फोन कॉल की रिकॉर्डिंग ने इस केस की दिशा ही बदल दी।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस की शुरुआती जांच में शव की हालत देखकर यह स्पष्ट हो गया था कि यह सामान्य मौत नहीं, बल्कि गला दबाकर की गई हत्या है। शव की पहचान तब हुई जब सोशल मीडिया पर तस्वीरें फैलने के बाद एक आरक्षक ने कलाई पर बने टैटू देखकर पहचान की पुष्टि की। इसके बाद मामला तेजी से आगे बढ़ा और जांच का केंद्र मृतक की पत्नी पर आकर टिक गया।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच का सबसे अहम मोड़ तब आया जब एक महिला आरक्षक ने पुलिस को एक फोन कॉल की रिकॉर्डिंग भेजी। इस रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर मृतक की पत्नी अपने भाई से शव को ठिकाने लगाने में मदद मांगती हुई सुनाई दी। इसी रिकॉर्डिंग ने पूरे मामले को नई दिशा दी और पुलिस को शक के घेरे को मजबूत आधार मिला। इसके बाद पुलिस ने पत्नी से पूछताछ की, जिसमें शुरुआती इनकार के बाद कई अहम खुलासे हुए। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर मामले की तह तक जाने की कोशिश की। पुलिस जांच के दौरान यह सामने आया कि हत्या में केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि कई लोगों की भूमिका हो सकती है। जांच में पत्नी के साथ उसकी चचेरी बहन और एक अन्य नाबालिग सहेली के शामिल होने की बात भी सामने आई। पुलिस ने दावा किया कि हत्या में इस्तेमाल कपड़ा और वाहन भी बरामद किए गए। जांच के अनुसार घटना के बाद शव को घर में कई घंटों तक छिपाकर रखा गया और फिर देर से उसे ठिकाने लगाने की कोशिश की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, मामला और जटिल होता गया। एक ओर पुलिस की जांच में घरेलू विवाद और प्रताड़ना को कारण बताया गया, वहीं दूसरी ओर परिजनों ने पूरी कहानी को अलग नजरिए से पेश किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि हत्या के पीछे आर्थिक विवाद और बाहरी संबंधों की भूमिका हो सकती है। उनका दावा था कि यह केवल घरेलू हिंसा का मामला नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश भी हो सकती है। इस पूरे मामले की सबसे बड़ी जटिलता यह रही कि एक ही हत्या के पीछे तीन अलग-अलग कहानियां सामने आईं। पहली कहानी पुलिस और आरोपी पक्ष की ओर से घरेलू विवाद और प्रताड़ना को कारण बताती है। दूसरी कहानी परिजनों द्वारा आर्थिक और निजी संबंधों को कारण मानती है। तीसरी कहानी चर्चाओं के आधार पर व्यक्तिगत विवादों और आपसी तनाव को जिम्मेदार ठहराती है। इन अलग-अलग दावों ने जांच को और पेचीदा बना दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस केस में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती साक्ष्यों और बयानों के बीच तालमेल बैठाने की थी। फोन रिकॉर्डिंग, गवाहों के बयान और घटनास्थल से मिले सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ी। लेकिन लगातार बदलते बयान और नए आरोपों ने केस को जटिल बना दिया। पुलिस अधिकारियों का मानना था कि यह मामला केवल एक साधारण हत्या नहीं, बल्कि कई स्तरों पर जुड़ा हुआ विवाद है, जिसमें पारिवारिक और व्यक्तिगत कारण दोनों शामिल हो सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस घटना ने स्थानीय स्तर पर कई सवाल खड़े कर दिए। क्या घरेलू विवाद इतने बड़े अपराध में बदल सकते हैं? क्या तकनीक जैसे फोन रिकॉर्डिंग आज अपराध सुलझाने में सबसे बड़ा सबूत बन चुकी है? और क्या हर कहानी के पीछे एक ही सच होता है? यह मामला केवल एक हत्या तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक ऐसा केस बन गया जिसमें सच और दावों के बीच की रेखा धुंधली हो गई। जबलपुर आरक्षक हत्याकांड एक ऐसा मामला है जिसने यह दिखाया कि आधुनिक जांच तकनीक और मानवीय रिश्तों की जटिलता मिलकर कैसे एक अपराध की पूरी तस्वीर बदल सकती है। एक फोन कॉल ने जहां जांच की दिशा तय की, वहीं अलग-अलग कहानियों ने इस केस को रहस्यमय बनाए रखा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सत्यकथा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 18:31:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जबलपुर से मुंबई और बेंगलुरु उड़ानों में कटौती, इंडिगो ने जारी किया नया शेड्यूल</title>
                                    <description><![CDATA[ईंधन लागत बढ़ने का असर हवाई सेवाओं पर, यात्रियों को किराया और उपलब्धता दोनों की चिंता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/indigo-cuts-flights-from-jabalpur-to-mumbai-and-bengaluru-releases/article-54734"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/jabalpur-flight-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">जबलपुर से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले दिनों में कुछ मुश्किलें बढ़ सकती हैं। निजी विमानन कंपनी इंडिगो ने जबलपुर से मुंबई और बेंगलुरु के लिए संचालित अपनी उड़ानों के शेड्यूल में बदलाव करते हुए उड़ानों की संख्या कम करने का फैसला किया है। कंपनी की ओर से जारी नए शेड्यूल के अनुसार अब ये उड़ानें सप्ताह के चुनिंदा दिनों में ही संचालित होंगी। अब तक प्रतिदिन उपलब्ध रहने वाली कुछ सेवाएं सीमित कर दी गई हैं, जिससे यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना पहले से अधिक सावधानी से बनानी होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">एविएशन सेक्टर पर बढ़ती ईंधन लागत का असर लगातार दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक तनाव के कारण विमानन कंपनियों का परिचालन खर्च बढ़ा है। इसका असर अब छोटे और मध्यम शहरों को जोड़ने वाली घरेलू उड़ानों पर भी देखने को मिल रहा है। जबलपुर जैसे शहर, जहां हवाई यात्रा की मांग लगातार बढ़ रही थी, वहां भी उड़ानों में कटौती का निर्णय यात्रियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इंडिगो द्वारा जारी नए शेड्यूल के मुताबिक 16 जून से 30 जून के बीच जबलपुर से मुंबई और बेंगलुरु की उड़ानों में बदलाव लागू रहेगा। पहले जहां मुंबई और बेंगलुरु के लिए नियमित उड़ानें संचालित हो रही थीं, वहीं अब उनकी संख्या घटा दी गई है। नए कार्यक्रम के अनुसार मुंबई से जबलपुर और जबलपुर से मुंबई की उड़ानें सप्ताह में केवल चार दिन संचालित होंगी। इसी तरह बेंगलुरु रूट पर भी उड़ानों की संख्या सीमित कर दी गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जानकारी के अनुसार अब जबलपुर से बेंगलुरु के लिए उड़ान सप्ताह में चार दिन सोमवार, बुधवार, शनिवार और रविवार को उपलब्ध रहेगी। वहीं मुंबई के लिए उड़ानें मंगलवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को संचालित की जाएंगी। इससे उन यात्रियों को विशेष रूप से परेशानी हो सकती है जो व्यवसाय, शिक्षा, चिकित्सा या अन्य जरूरी कारणों से नियमित रूप से इन शहरों की यात्रा करते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">उड़ानों में कटौती का असर केवल समय-सारणी तक सीमित नहीं है। यात्रियों की जेब पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ने लगा है। विमानन कंपनियों ने कई रूटों पर किराए में बढ़ोतरी की है। जबलपुर से मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद और इंदौर जाने वाले यात्रियों को अब पहले की तुलना में अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है। कई मामलों में टिकट की कीमतों में चार हजार से आठ हजार रुपये तक का अंतर देखा जा रहा है। अचानक बढ़े किराए ने मध्यम वर्गीय यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">यात्रियों का कहना है कि पहले से सीमित विकल्पों वाले शहरों में उड़ानों की संख्या कम होने से टिकट मिलना भी कठिन हो सकता है। यदि किसी दिन की उड़ान रद्द हो जाए या सीटें भर जाएं तो यात्रियों को अगले उपलब्ध दिन का इंतजार करना पड़ सकता है। इससे व्यापारिक यात्राओं और जरूरी कामों पर भी असर पड़ सकता है। खासतौर पर दक्षिण भारत और महाराष्ट्र जाने वाले यात्रियों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एयरलाइन कंपनियां लगातार बढ़ती परिचालन लागत से जूझ रही हैं। विमान ईंधन की कीमतें कुल खर्च का बड़ा हिस्सा होती हैं। जब ईंधन महंगा होता है तो कंपनियां लागत कम करने के लिए कम लाभ वाले रूटों पर उड़ानों की संख्या घटाने का विकल्प चुनती हैं। इसके अलावा विमान उपलब्धता, रखरखाव खर्च और यात्री भार भी किसी रूट के संचालन को प्रभावित करते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि विमानन कंपनियों का कहना है कि यह बदलाव स्थायी नहीं है। यदि आने वाले समय में यात्रियों की संख्या बढ़ती है और परिचालन लागत नियंत्रित होती है तो उड़ानों की संख्या फिर से बढ़ाई जा सकती है। एयरलाइन उद्योग लगातार बाजार की स्थिति और मांग का मूल्यांकन करता है और उसी आधार पर अपने नेटवर्क में बदलाव करता है। फिलहाल कंपनियां उन रूटों पर अधिक ध्यान दे रही हैं जहां यात्रियों की संख्या और राजस्व अपेक्षाकृत अधिक है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जबलपुर शहर पिछले कुछ वर्षों में हवाई संपर्क के मामले में तेजी से विकसित हुआ है। दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु और इंदौर जैसे प्रमुख शहरों से सीधी उड़ानों ने यात्रियों को बड़ी सुविधा दी थी। ऐसे में उड़ानों की संख्या में कमी को लेकर स्थानीय व्यापारिक संगठनों और यात्रियों ने भी चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि बेहतर हवाई संपर्क किसी भी शहर के आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए जरूरी होता है। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे यात्रा की योजना पहले से बनाएं और टिकट समय रहते बुक कर लें। उड़ानों की सीमित उपलब्धता और बढ़ते किराए को देखते हुए अंतिम समय में टिकट लेना महंगा पड़ सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 13:35:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>ट्विशा शर्मा केस में सास गिरिबाला सिंह को झटका, हाईकोर्ट ने रद्द की अग्रिम जमानत</title>
                                    <description><![CDATA[जबलपुर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों का सही परीक्षण नहीं किया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/e/article-54393"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/twisha-sharma-case-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ट्विशा शर्मा मौत मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मृतका की सास और पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत रद्द कर दी है। जबलपुर हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए कहा कि निचली अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और केस डायरी का पर्याप्त परीक्षण किए बिना जल्दबाजी में राहत दे दी थी। कोर्ट ने साफ कहा कि मामले की गंभीरता, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, गवाहों के बयान और जांच की स्थिति को देखते हुए आरोपी पक्ष को अग्रिम जमानत देना उचित नहीं था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हाईकोर्ट के जस्टिस देव नारायण मिश्रा की एकलपीठ ने यह आदेश सुनाया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अग्रिम जमानत रद्द करने के लिए ठोस और गंभीर कारण होना जरूरी होता है और इस मामले में ऐसे कारण स्पष्ट रूप से मौजूद हैं। कोर्ट ने माना कि ट्रायल कोर्ट ने रिकॉर्ड पर मौजूद कई महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज किया, जिसके चलते जमानत आदेश कानूनी रूप से कमजोर हो गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मामला भोपाल निवासी ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत से जुड़ा है। परिवार की ओर से आरोप लगाए गए थे कि शादी के बाद से ही ट्विशा को दहेज और अन्य मुद्दों को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार का दावा है कि पति और सास की ओर से लगातार मानसिक दबाव बनाया जाता था। मामले में यह आरोप भी सामने आया कि ट्विशा पर गर्भपात कराने का दबाव डाला जा रहा था। इन आरोपों के समर्थन में व्हाट्सऐप चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जांच एजेंसियों को सौंपे गए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि मृतका के शरीर पर फांसी के अलावा अन्य चोटों के निशान भी पाए गए थे। अदालत ने माना कि मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार ये चोटें केवल शव को नीचे उतारने के दौरान नहीं आई थीं। कोर्ट ने इसे मामले का महत्वपूर्ण पहलू बताते हुए कहा कि पूरी घटना की गहन और निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी पक्ष इन चोटों के संबंध में संतोषजनक जवाब देने में असफल रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अदालत ने अपने आदेश में यह भी उल्लेख किया कि आरोपी पक्ष ने जांच में पूरा सहयोग नहीं किया। कोर्ट के अनुसार मामले से जुड़े कुछ व्यवहार ऐसे थे, जिनसे जांच प्रभावित होने की आशंका पैदा होती है। हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि मीडिया में बयान देकर मृतका की छवि खराब करने की कोशिश की गई, जिसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। अदालत ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां जांच को प्रभावित कर सकती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अब मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI को सौंप दी गई है। ऐसे में जांच एजेंसी को पक्षकार बनाए जाने की आवश्यकता है ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके। अदालत ने माना कि मामले की संवेदनशीलता और आरोपियों की प्रभावशाली पृष्ठभूमि को देखते हुए जांच एजेंसी को स्वतंत्र तरीके से काम करने देना जरूरी है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश पर भी सवाल उठाए। हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने यह मान लिया था कि केवल विवाह के सात साल के भीतर हुई मौत के आधार पर अग्रिम जमानत खारिज नहीं की जा सकती। निचली अदालत ने यह भी माना था कि आरोपी पक्ष ट्विशा के खाते में पैसे भेजता था और व्हाट्सऐप चैट्स में मुख्य शिकायत पति के खिलाफ दिखाई देती है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर जमानत दी गई थी। हालांकि हाईकोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों की गहराई से जांच करने पर तस्वीर अलग दिखाई देती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मामले में CBI और राज्य सरकार की ओर से भी अदालत में कई महत्वपूर्ण दलीलें पेश की गईं। जांच एजेंसियों ने कहा कि ट्विशा गर्भवती थी और इसी दौरान पति तथा सास ने उसके चरित्र पर संदेह जताना शुरू किया। आरोप है कि उस पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया गया, जिसका जिक्र व्हाट्सऐप चैट्स में भी मिलता है। जांच एजेंसियों ने यह भी कहा कि ट्विशा लगातार अपने परिवार को मानसिक प्रताड़ना की जानकारी देती रही थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सरकार की ओर से अदालत में यह तर्क भी रखा गया कि आरोपी प्रभावशाली हैं और उन्हें राहत मिलने पर जांच प्रभावित हो सकती है। ऐसे मामलों में हिरासत में पूछताछ जरूरी होती है ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके। हाईकोर्ट ने इन दलीलों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि मामले की जांच अभी प्रारंभिक और महत्वपूर्ण चरण में है, इसलिए आरोपियों को अग्रिम राहत देना उचित नहीं माना जा सकता।</p>
<p style="text-align:justify;">अपने अंतिम आदेश में हाईकोर्ट ने 15 मई 2026 को भोपाल की 10वीं अतिरिक्त सत्र अदालत द्वारा दिया गया अग्रिम जमानत आदेश निरस्त कर दिया। अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्य, मामले की गंभीरता और जांच की वर्तमान स्थिति को देखते हुए आरोपी पक्ष को राहत देना न्यायसंगत नहीं था। इस फैसले के बाद अब मामले की जांच और तेज होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 11:53:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े, जानें किस जिले में है सबसे महंगा तेल</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3 रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी। जबलपुर में तेल सबसे महंगा, भोपाल-इंदौर में भी बढ़े दाम।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/petrol-and-diesel-prices-increased-in-madhya-pradesh-know-which/article-53427"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/mp-petrol-diesle-price-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भोपाल में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अचानक बढ़ गई हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे आम लोगों पर सीधा असर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल के चलते मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े हैं। यहाँ पेट्रोल के दाम लगभग </span>3.25<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए प्रति लीटर बढ़ गए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे भोपाल में पेट्रोल की कीमत </span>109.82<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए प्रति लीटर हो गई है। एक दिन पहले यह कीमत </span>106.68<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए थी। डीजल की कीमत भी बढ़कर </span>94.98<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए प्रति लीटर हो गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे उपभोक्ताओं को मुश्किल का सामना करना पड़ा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भोपाल के अलावा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रदेश के अन्य बड़े शहरों में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में समान रूप से बढ़ोतरी देखी गई है। इंदौर में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोल की कीमत लगभग </span>109.58<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए प्रति लीटर है और डीजल </span>94.97<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए प्रति लीटर पर बिक रहा है। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्वालियर में पेट्रोल </span>109.70<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए प्रति लीटर और डीजल </span>94.99<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए प्रति लीटर है। जबलपुर में तो हालात और भी खराब हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यहाँ पेट्रोल की कीमत </span>109.87<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए प्रति लीटर तक पहुँच गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो कि राज्य में सबसे अधिक मानी जा रही है। डीजल भी यहाँ </span>95.06<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए प्रति लीटर के करीब बिक रहा है। विभिन्न शहरों में कीमतों का यह अंतर ट्रांसपोर्टेशन और टैक्स सिस्टम के कारण और भी स्पष्ट हो जाता है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और वैश्विक आपूर्ति पर प्रभाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। पहले जहाँ कच्चा तेल लगभग </span>70 <span lang="hi" xml:lang="hi">डॉलर प्रति बैरल था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब यह </span>120 <span lang="hi" xml:lang="hi">डॉलर से ऊपर जा चुका है। इस कारण भारतीय तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है और घरेलू बाजार में कीमतों में बदलाव देखने को मिल रहा है। पेट्रोलियम क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्थिति ठीक नहीं हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव संभव है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 15:15:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरगी क्रूज हादसा मामला पहुंचा हाईकोर्ट, प्रदेश में क्रूज सेवाएं रोकने की मांग की गई</title>
                                    <description><![CDATA[बरगी क्रूज हादसा मामला हाईकोर्ट पहुंचा। भोपाल निवासी की जनहित याचिका में क्रूज सेवाएं रोकने और सुरक्षा ऑडिट की मांग की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bargi-cruise-accident-case-reached-high-court-demand-to-stop/article-52886"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-08t101753.702.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी बांध में हुए बहुचर्चित बरगी क्रूज हादसा अब न्यायिक जांच के दायरे में पहुंच गया है। भोपाल निवासी कमल कुमार राठी ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर मुख्यपीठ में जनहित याचिका दायर करते हुए इस पूरे मामले को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताया है। याचिका में साफ तौर पर मांग की गई है कि प्रदेशभर में चल रही क्रूज और बोट सेवाओं को फिलहाल रोक दिया जाए</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जब तक उनकी पूरी सुरक्षा जांच और जिम्मेदारी तय नहीं हो जाती। बताया जा रहा है कि इस हादसे के बाद प्रशासनिक सिस्टम पर कई सवाल खड़े हो गए हैं और याचिकाकर्ता ने इसे सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बल्कि नियमों की अनदेखी का नतीजा बताया है। बरगी क्रूज हादसा में अब तक </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">13</span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> लोगों की मौत की पुष्टि भी की जा चुकी है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जबकि कई यात्री घायल हुए थे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">याचिका में लगाए गए आरोपों के मुताबिक </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">30</span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> अप्रैल </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">2026</span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> को बरगी बांध में चल रही </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">“</span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नर्मदा क्रूज</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">” </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अचानक तेज आंधी और ऊंची लहरों के बीच असंतुलित होकर पलट गई थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार उस वक्त क्रूज में क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे। दावा किया गया है कि जहां केवल </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">29</span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> टिकट जारी किए गए थे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वहीं नाव में </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">43</span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> से </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">47</span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> लोग मौजूद थे। यह भी कहा गया कि मौसम विभाग की ओर से </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">29</span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> अप्रैल को ही खराब मौसम और तेज हवाओं का अलर्ट जारी कर दिया गया था</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसके बावजूद संचालन को नहीं रोका गया। कुछ यात्रियों के हवाले से यह भी बात सामने आई कि लाइफ जैकेट शुरू में उपलब्ध नहीं कराई गईं और जब स्थिति बिगड़ी तो आनन-फानन में इन्हें बांटा गया। इस पूरे घटनाक्रम ने बरगी क्रूज हादसा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">खासकर वाटर टूरिज्म के संचालन को लेकर।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जनहित याचिका में राज्य सरकार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">एमपी टूरिज्म बोर्ड</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आईडब्ल्यूएआई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जबलपुर कलेक्टर और एसपी सहित कुल </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">8 </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पक्षकारों को शामिल किया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह घटना </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">Inland Vessels Act-2021 </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">और </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NDMA </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">की </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">Boat Safety Guidelines-2017 </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">के स्पष्ट उल्लंघन का परिणाम है। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि बरगी बांध वेटलैंड क्षेत्र में आता है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जहां पहले से ही एनजीटी ने वर्ष </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">2023 </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">में मोटर चालित क्रूज संचालन पर रोक के संकेत दिए थे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था। इसके बावजूद संचालन जारी रहने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। याचिका में मांग की गई है कि प्रदेश के सभी जल पर्यटन स्थलों पर क्रूज</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हाउस बोट और मोटर बोट का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराया जाए और दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर आपराधिक कार्रवाई की जाए।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 11:07:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>जबलपुर नहर हादसा: रील्स बनाते समय 3 बच्चियों की मौत, एक लापता</title>
                                    <description><![CDATA[जबलपुर नहर हादसा में रील्स बनाने के दौरान चार बच्चियां बह गईं, दो के शव मिले, एक की तलाश जारी सोशल मीडिया के ‘लाइक्स’ की होड़ एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। जबलपुर से आई यह खबर न सिर्फ दर्दनाक है, बल्कि चेतावनी भी देती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/jabalpur-canal-accident-3-girls-died-while-making-reels-one/article-51988"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/mp-news-(65).jpg" alt=""></a><br /><p>मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। बरगी थाना क्षेत्र के सालीवाड़ा गांव में नहर में नहाने गई चार बच्चियों में से तीन तेज बहाव में बह गईं। इस जबलपुर नहर हादसा में करीब पांच घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दो बच्चियों के शव बरामद कर लिए गए, जबकि एक अब भी लापता है। घटना के समय एक बच्ची किनारे से मोबाइल पर वीडियो बना रही थी, जिससे आशंका जताई जा रही है कि रील्स बनाने के दौरान यह हादसा हुआ।</p>
<p>घटना गुरुवार सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ बच्चियां नहर में नहा रही थीं, जबकि उनकी एक सहेली किनारे खड़ी होकर वीडियो रिकॉर्ड कर रही थी। इसी दौरान चारों बच्चियां अचानक गहरे पानी में चली गईं और तेज बहाव में बहने लगीं। एक बच्ची को किसी तरह बचा लिया गया, लेकिन बाकी तीन पानी में डूब गईं।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, मृत और लापता बच्चियों की पहचान 16 वर्षीय शीतल पटेल, 14 वर्षीय तनु पटेल और 14 वर्षीय सानिया पटेल के रूप में हुई है। ये सभी पास के गांवों से थीं और एक शादी समारोह में शामिल होने सालीवाड़ा आई थीं।</p>
<h5><strong>रेस्क्यू ऑपरेशन</strong></h5>
<p>घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। बचाव कार्य को आसान बनाने के लिए बरगी बांध से पानी का बहाव भी रोका गया। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से चेन बनाकर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद दो बच्चियों के शव बरामद किए गए, जबकि तीसरी की तलाश देर शाम तक जारी रही।</p>
<h5><strong>कैसे हुआ हादसा</strong></h5>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्चियां नहर में नहाते समय अचानक गहराई में चली गईं। तेज बहाव के कारण वे खुद को संभाल नहीं पाईं। मौके पर मौजूद लोगों ने बचाने की कोशिश की, यहां तक कि एक महिला ने अपनी साड़ी का पल्लू भी फेंका, लेकिन प्रयास सफल नहीं हो सके। कुछ ही मिनटों में स्थिति बेकाबू हो गई और घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।</p>
<p>थाना प्रभारी नीलेश दोहरे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बच्चियां नहाने के बाद फोटो और वीडियो बना रही थीं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि हादसे के समय वे रील शूट कर रही थीं या नहीं। पूरे मामले की जांच की जा रही है।</p>
<p>स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नहर, नदी या अन्य खतरनाक स्थानों पर सतर्कता बरतें और बच्चों को ऐसे जोखिम से दूर रखें। गांव में इस घटना के बाद शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।आगे भी सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा और प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि लापता बच्ची को जल्द खोज लिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 12:11:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जबलपुर सड़क हादसा: तेज रफ्तार कार से पिता-पुत्र की मौत, ड्राइवर गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[जबलपुर सड़क हादसा में नशे में कार चला रहे युवक ने तीन बाइक सवारों को कुचला, दो की मौके पर मौत पानी पीने के लिए रुका परिवार, कुछ ही सेकंड में मातम में बदल गई खुशी।जबलपुर सड़क हादसा ने एक बार फिर लापरवाही की खतरनाक सच्चाई सामने रख दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/jabalpur-road-accident-father-and-son-killed-by-speeding-car/article-51842"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/mp-news-(57).jpg" alt=""></a><br /><p>मध्य प्रदेश के <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">जबलपुर</span></span> में मंगलवार को हुए भीषण जबलपुर सड़क हादसा ने पूरे इलाके को दहला दिया। धनवंतरी नगर क्षेत्र में एक तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़े तीन बाइक सवारों को टक्कर मार दी, जिसमें पिता और पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार चालक नशे की हालत में था और वाहन पर उसका नियंत्रण नहीं था। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। अधिकारियों के अनुसार मामला गंभीर लापरवाही और नशे में ड्राइविंग से जुड़ा है, जिस पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।</p>
<p>रिपोर्ट्स के अनुसार, मृतक परिवार एक शादी समारोह से लौट रहा था। रास्ते में पिता और पुत्र पानी पीने के लिए सड़क किनारे रुके थे, तभी पीछे से तेज रफ्तार में आ रही कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर इतनी भीषण थी कि कार अनियंत्रित होकर कई मीटर तक घिसटती चली गई और बाइक सवारों को कुचल दिया। कुछ ही पलों में घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।</p>
<p><strong>कैसे हुआ हादसा</strong><br />स्थानीय लोगों के मुताबिक, कार की रफ्तार काफी ज्यादा थी और चालक नियंत्रण खो बैठा।टक्कर के बाद वाहन कई बार उछला, जिससे नुकसान और बढ़ गया।हादसे के समय सड़क किनारे मौजूद लोगों ने तुरंत मदद की कोशिश की, लेकिन तब तक दो लोगों की जान जा चुकी थी।</p>
<p>जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में हाल के दिनों में सड़क हादसों के मामले बढ़े हैं। खासतौर पर तेज रफ्तार और नशे में ड्राइविंग बड़ी वजह बनकर सामने आई है।विशेषज्ञों का कहना है कि शादी और सामाजिक आयोजनों के दौरान इस तरह की घटनाएं अधिक देखने को मिलती हैं, जब लोग लापरवाही बरतते हैं।</p>
<p><strong>नशे में ड्राइविंग का खतरा</strong><br />प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि चालक शराब के नशे में था।हादसे के बाद वह मौके से भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन लोगों ने उसे पकड़ लिया।पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मेडिकल जांच के लिए भेजा है, जिसमें नशे की पुष्टि होने की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p>पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और वाहन को जब्त कर लिया गया है।जांच में यह भी देखा जा रहा है कि वाहन की गति कितनी थी और क्या किसी अन्य की भी लापरवाही इसमें शामिल थी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 14:08:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>MP Weather Update: नौगांव में पारा 44°C पार, जबलपुर में टूटा 3 साल का रिकॉर्ड, कई जिलों में लू अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[एमपी मौसम अपडेट में नौगांव 44.3°C, जबलपुर में रिकॉर्ड गर्मी। कई जिलों में लू का अलर्ट, कुछ जगह बारिश से राहत के संकेत।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/mp-weather-update-naugaon-443%C2%B0c-3-year-record-broken-in/article-51638"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/mp-weather-update-(7).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><strong>MP Weather Update:</strong> मध्य प्रदेश में मौसम का दोहरा रूप सामने आया है, जहां एक ओर भीषण गर्मी ने कई शहरों में रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ इलाकों में बादल और हल्की बारिश से राहत के संकेत मिले हैं। जबलपुर में रविवार को अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो अप्रैल में पिछले तीन वर्षों का सबसे ऊंचा स्तर है। छतरपुर के नौगांव में पारा 44.3 डिग्री तक पहुंच गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। भोपाल, रायसेन और बैतूल में सोमवार सुबह बादल छाए रहे, जबकि रतलाम और खरगोन में देर रात बूंदाबांदी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आठ जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है, जिससे अगले दो दिनों तक गर्मी का असर और तेज रहने की आशंका है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">रविवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। मंडला में 43.9 डिग्री, खजुराहो में 43.4 डिग्री और दतिया, सतना, उमरिया में 43.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, जबकि ग्वालियर, भोपाल और उज्जैन में भी पारा 41 डिग्री से ऊपर रहा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">सोमवार को भी निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, कटनी, उमरिया, जबलपुर, मंडला और छतरपुर में हीट वेव की चेतावनी जारी की गई है। अधिकारियों के अनुसार, इन इलाकों में तापमान 44 डिग्री के पार जा सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">बदलता मौसम मिजाज</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल और बूंदाबांदी से हल्का बदलाव दिखा है। रायसेन में रात के समय हल्की बारिश हुई, जबकि रतलाम और खरगोन में बिजली चमकने के साथ बूंदाबांदी दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पूर्वी हिस्से में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ के कारण यह बदलाव देखने को मिल रहा है।</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">इस साल फरवरी और मार्च में प्रदेश में कई बार मौसम बदला। चार-चार बार बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने फसलों को नुकसान पहुंचाया। मार्च के दूसरे पखवाड़े में बारिश का लंबा दौर चला, जिससे 45 से अधिक जिलों में असर पड़ा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में आमतौर पर तापमान तेजी से बढ़ता है। पिछले वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में इस दौरान तापमान 43 से 45 डिग्री तक पहुंच चुका है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">आधिकारिक बयान</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">मौसम केंद्र के अनुसार, “प्रदेश में अगले दो दिनों तक गर्मी का असर बना रहेगा। 23 अप्रैल के आसपास पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, लेकिन इसका प्रभाव सीमित रहेगा।</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;" xml:lang="en-us">”</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us"> </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने और हीट वेव से बचाव के निर्देश दिए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">जनजीवन पर असर</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">तेज गर्मी के चलते दिन के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। लोग केवल जरूरी काम के लिए ही घर से बाहर निकल रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में लू के कारण पशुधन और फसलों पर भी असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ते तापमान से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ सकते हैं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">आगे क्या</span></strong></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटे प्रदेश के लिए चुनौतीपूर्ण रहेंगे। तापमान ऊंचा बना रहेगा, हालांकि कुछ क्षेत्रों में आंशिक बादल छाने से हल्की राहत मिल सकती है। एमपी मौसम अपडेट के अनुसार, अप्रैल के अंतिम सप्ताह में भी गर्मी का असर जारी रहने की संभावना है, जिससे प्रदेश में लू की स्थिति और गंभीर हो सकती है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 11:08:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चमत्कारी बाबा बनकर ठगी: जबलपुर में 5 करोड़ का लालच देकर ठेकेदार से लूट, 70 किमी पीछा कर आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[मिट्टी को पैसा बनाने का दिखाया ‘चमत्कार’, 38 हजार रुपए लेकर फरार हुए बदमाश; सिवनी में पुलिस ने दबोचा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/cheating-by-posing-as-miracle-baba-in-jabalpur-looting-from/article-51214"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/mp-news-(43).jpg" alt=""></a><br /><p>मध्य प्रदेश के <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">जबलपुर</span></span> में ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ‘चमत्कारी बाबा’ बनकर आए बदमाशों ने एक ठेकेदार को 5 करोड़ रुपए का लालच देकर 38 हजार रुपए ठग लिए। हालांकि पीड़ित की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपियों को करीब 70 किलोमीटर पीछा करने के बाद <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">सिवनी</span></span> जिले में गिरफ्तार कर लिया गया।</p>
<p>तिलवारा थाना क्षेत्र के इटखरी गांव निवासी पवन कुमार पटेल अपने साथी के साथ बाइक से जा रहे थे, तभी खमरिया तिराहे के पास एक कार सवार दो लोग बाबा के वेश में उनके पास पहुंचे। बातचीत के दौरान उन्होंने ‘चमत्कार’ दिखाते हुए मिट्टी को पैसे में बदलने का दावा किया और पीड़ित का विश्वास जीत लिया।</p>
<p><strong>कैसे हुई ठगी</strong></p>
<p>बदमाशों ने पवन को झांसा दिया कि यदि वह 38 हजार रुपए देगा, तो उसे अपनी कथित शक्ति से 5 करोड़ रुपए में बदल देंगे। जैसे ही पवन ने पैसे निकाले, आरोपियों ने झपट्टा मारकर रकम छीनी और कार से फरार हो गए।</p>
<p><strong>कैसे पकड़े गए आरोपी</strong><br />घटना के बाद पवन ने तुरंत बाइक से उनका पीछा शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कंट्रोल रूम के जरिए अलर्ट जारी कर <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">जबलपुर</span></span> और <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">सिवनी</span></span> की टीमों को सक्रिय किया। हाईवे पर करीब 70 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद सिवनी के जोबा गांव के पास घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ लिया गया।</p>
<p><strong>जांच में क्या सामने आया</strong><br />पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों में उत्तर प्रदेश और हरियाणा के निवासी शामिल हैं। प्रारंभिक पूछताछ में यह संकेत मिले हैं कि यह एक अंतरराज्यीय गिरोह हो सकता है, जो बाबा बनकर लोगों को ठगता है।</p>
<p>पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के पास से लूटी गई रकम बरामद कर ली गई है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। मामले में आगे की पूछताछ जारी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 12:15:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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                <title>जबलपुर में गैस संकट से होटल-रेस्टोरेंट प्रभावित, इंडियन कॉफी हाउस ने अपनाया कोयले का सहारा</title>
                                    <description><![CDATA[एक हफ्ते से रसोई गैस की कमी; इंडक्शन और भट्ठियों पर खाना बनाकर सेवा जारी रखने की कोशिश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/hotel-restaurant-affected-by-gas-crisis-in-jabalpur-indian-coffee-house/article-48775"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/mp---2026-03-22t164231.198.jpg" alt=""></a><br /><p>मध्यप्रदेश के जबलपुर में रसोई गैस की कमी ने होटल और रेस्टोरेंट कारोबार को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। पिछले एक सप्ताह से गैस सिलेंडर की अनियमित आपूर्ति के चलते कई प्रतिष्ठानों को वैकल्पिक व्यवस्था अपनानी पड़ रही है। इस स्थिति में इंडियन कॉफी हाउस ने अपने संचालन को बनाए रखने के लिए कोयले की भट्ठियों और इंडक्शन कुकर का सहारा लिया है।</p>
<p>कॉफी हाउस के जनरल मैनेजर राजगोपालचार्य के अनुसार, गैस एजेंसियों से पर्याप्त सिलेंडर नहीं मिलने के कारण यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने बताया कि ग्राहकों को बिना किसी बाधा के सेवा देने के लिए पुरानी पद्धति को फिर से अपनाया गया है। हालांकि, कोयले की भट्ठियों से धुआं निकलने और इंडक्शन पर खाना बनने में अधिक समय लगने से कामकाज प्रभावित हो रहा है।</p>
<p>जबलपुर में इंडियन कॉफी हाउस की करीब 14 शाखाएं हैं, जहां इसी तरह की वैकल्पिक व्यवस्था लागू की गई है। देशभर में इस संस्थान की लगभग 190 शाखाएं और 11 लॉज संचालित हैं, जिनमें से कई स्थानों पर जरूरत के अनुसार अलग-अलग ऊर्जा स्रोतों का उपयोग किया जा रहा है।</p>
<p>गैस संकट के बावजूद प्रबंधन ने मेन्यू में किसी प्रकार की कटौती नहीं की है। सभी व्यंजन पहले की तरह उपलब्ध कराए जा रहे हैं, लेकिन संचालन लागत में वृद्धि दर्ज की गई है। खासतौर पर कोयले की कीमतों में बढ़ोतरी से खर्च बढ़ गया है, जिसका असर मुनाफे पर पड़ सकता है।</p>
<p>रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि गैस आपूर्ति में आई इस बाधा से न केवल काम की गति धीमी हुई है, बल्कि कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव भी बढ़ा है। हालांकि, पुराने कर्मचारियों के पास कोयले के चूल्हों पर काम करने का अनुभव होने से स्थिति को कुछ हद तक संभाला जा सका है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गैस आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो इसका व्यापक असर शहर के फूड बिजनेस पर पड़ सकता है। फिलहाल, सभी प्रतिष्ठान सप्लाई बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं और अस्थायी उपायों के सहारे काम चला रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 16:43:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर डॉ. मुकेश शारदा को Guinness World Records से मिली पहचान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आयुर्वेद ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान स्थापित करते हुए यह साबित किया है कि इसकी प्राकृतिक उपचार पद्धति प्रभावी होने के साथ-साथ लगभग बिना दुष्प्रभावों के भी है। Dr. Mukesh Sharda, जो Dr. Sharda Ayurveda की सीईओ और संस्थापक हैं, ने एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया और उन्हें Guinness World Records द्वारा सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि ने पूरे देश को गर्व महसूस कराया और आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई। लगभग 5000 वर्ष पुरानी यह चिकित्सा प्रणाली प्राकृतिक है, जो दीर्घकालिक राहत प्रदान करती है और अस्पताल में हजारों मरीजों को लाभ पहुँचा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/dr-mukesh-sharda-gets-recognition-from-guinness-world-records-on/article-48225"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/mp---2026-03-16t112054.084.jpg" alt=""></a><br /><p>आयुर्वेद ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान स्थापित करते हुए यह साबित किया है कि इसकी प्राकृतिक उपचार पद्धति प्रभावी होने के साथ-साथ लगभग बिना दुष्प्रभावों के भी है। Dr. Mukesh Sharda, जो Dr. Sharda Ayurveda की सीईओ और संस्थापक हैं, ने एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया और उन्हें Guinness World Records द्वारा सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि ने पूरे देश को गर्व महसूस कराया और आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई। लगभग 5000 वर्ष पुरानी यह चिकित्सा प्रणाली प्राकृतिक है, जो दीर्घकालिक राहत प्रदान करती है और अस्पताल में हजारों मरीजों को लाभ पहुँचा चुकी है। आयुर्वेद और इसके निवारक स्वास्थ्य उपायों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया।</p>
<p>8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लुधियाना के किंग्सविल रिज़ॉर्ट में डॉ. शारदा आयुर्वेद द्वारा सबसे बड़ा आयुर्वेदिक लेसन आयोजित किया गया। इस सत्र में 1200 से अधिक लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई, जिनमें मरीजों के साथ-साथ वे लोग भी शामिल थे जो आयुर्वेद की शक्ति में विश्वास रखते हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने एक लाइव सत्र में भाग लिया, जिसमें बताया गया कि आयुर्वेद किस प्रकार लोगों के जीवन को बेहतर बनाता है और कई दीर्घकालिक रोगों में दीर्घकालिक राहत प्रदान करता है।</p>
<p>इस विशाल आयुर्वेदिक सत्र का मुख्य उद्देश्य आधुनिक समय में महिलाओं से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं और उनके आयुर्वेदिक समाधान पर प्रकाश डालना था। मंच पर संस्थापक डॉ. मुकेश शारदा सहित 5 आयुर्वेदिक चिकित्सकों के पैनल ने महिलाओं से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा की और बताया कि आयुर्वेदिक ग्रंथों में महिला स्वास्थ्य के बारे में क्या कहा गया है। कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा की जाने वाली आम गलतियाँ, संतुलित आहार और व्यायाम का महत्व, महिला रोग, हार्मोनल संतुलन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में आयुर्वेद की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।</p>
<p>इस अवसर पर कई प्रसिद्ध हस्तियाँ भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। लुधियाना के मेयर, कई सर्जन, डॉक्टर और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए, जिससे आयोजन की गरिमा और भी बढ़ गई। डॉ. मुकेश शारदा ने सभी अतिथियों को सम्मानित किया और उपस्थित सभी लोगों ने उनके वर्षों के परिश्रम और आयुर्वेदिक विज्ञान के प्रति समर्पण की सराहना की। कार्यक्रम सुबह लगभग 11 बजे शुरू होकर दोपहर 3 बजे तक चला, जिसने आयुर्वेद की प्रामाणिकता और समाज पर उसके सकारात्मक प्रभाव को दर्शाया।<br />डॉ. मुकेश शारदा – गठिया की विशेषज्ञ</p>
<p>डॉ. मुकेश शारदा आयुर्वेद के माध्यम से गठिया, अस्थमा, त्वचा रोग, जोड़ों के दर्द और अन्य कई पुरानी बीमारियों के उपचार के लिए जानी जाती हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि आयुर्वेद एक प्राकृतिक और प्रभावी चिकित्सा पद्धति है, जो ऐसी दीर्घकालिक बीमारियों को जड़ से नियंत्रित करने में सहायक हो सकती है। उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य के महत्व को भी रेखांकित किया और समाज में महिलाओं की भूमिका को मजबूत बनाने के लिए उनके स्वास्थ्य की देखभाल को अत्यंत आवश्यक बताया।</p>
<p>डॉ. शारदा आयुर्वेद को मिला यह Guinness World Record वर्षों की कड़ी मेहनत, प्रेरणा, विश्वास और विशेषज्ञों के उस संकल्प का परिणाम है, जिसका उद्देश्य लोगों का उपचार कर दुनिया को स्वस्थ बनाना है। इस उपलब्धि पर देश और विदेश में रहने वाले लोग गर्व महसूस कर रहे हैं कि एक आयुर्वेदिक चिकित्सक ने वैश्विक स्तर पर भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति को नई पहचान दिलाई है।</p>
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                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 11:25:20 +0530</pubDate>
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