<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/assembly-elections/tag-5952" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>assembly elections - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/5952/rss</link>
                <description>assembly elections RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त संसदीय समिति का दावा- अधिकांश लोगों ने किया समर्थन, राज्यों से सुझाव लेकर तैयार हो रहा रोडमैप; संवैधानिक संशोधन और राजनीतिक सहमति होगी सबसे बड़ी चुनौती]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/preparation-to-implement-one-nation-one-election-by-2029-intensifies/article-58506"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/one-nation-one-election-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">देश में लंबे समय से चर्चा का विषय बने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ यानी एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराने की दिशा में केंद्र सरकार और संसद की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) तेजी से आगे बढ़ रही है। समिति का लक्ष्य वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव तक इस व्यवस्था को लागू करने की संभावनाओं को मजबूत करना है। समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने कहा है कि अब तक हुई बैठकों और विचार-विमर्श में शामिल लगभग 99 प्रतिशत लोगों, संगठनों और विशेषज्ञों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। </p>
<p style="text-align:justify;">जेपीसी ने हाल ही में गोवा का दौरा कर मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद के सदस्यों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से इस विषय पर चर्चा की। समिति के सदस्य और सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि बार-बार होने वाले चुनावों का प्रभाव छोटे राज्यों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। यदि गोवा जैसे छोटे राज्य में चुनावी प्रक्रिया का प्रशासनिक और आर्थिक असर इतना अधिक है, तो बड़े राज्यों और पूरे देश पर इसका प्रभाव और भी व्यापक होता है। उन्होंने कहा कि एक साथ चुनाव कराने से प्रशासनिक संसाधनों की बचत होगी और सरकारें विकास कार्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">समिति का अगला दौरा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रस्तावित है। यहां मुख्यमंत्री, विपक्ष के नेताओं, विभिन्न राजनीतिक दलों, प्रशासनिक अधिकारियों और विशेषज्ञों से विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके बाद समिति 17 जुलाई को अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देकर संसद में पेश करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार आगे की रणनीति तय करेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का मूल उद्देश्य लोकसभा, राज्य विधानसभा और स्थानीय निकायों के चुनाव अलग-अलग समय पर कराने के बजाय एक निर्धारित चुनावी चक्र के तहत एक साथ कराना है। समर्थकों का मानना है कि इससे चुनावों पर होने वाला भारी सरकारी खर्च कम होगा, बार-बार लागू होने वाली आदर्श आचार संहिता से विकास कार्य प्रभावित नहीं होंगे और प्रशासनिक मशीनरी का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि इस व्यवस्था को लागू करना आसान नहीं माना जा रहा है। इसके लिए संविधान के कई महत्वपूर्ण अनुच्छेदों में संशोधन करना होगा। विशेषज्ञों के अनुसार अनुच्छेद 83, 172 और 356 सहित कई संवैधानिक प्रावधानों में बदलाव आवश्यक होगा। इसके लिए संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत के साथ-साथ देश के कम से कम आधे राज्यों की मंजूरी भी जरूरी होगी। यही कारण है कि सरकार राजनीतिक सहमति बनाने पर विशेष जोर दे रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">सबसे बड़ा सवाल उन राज्यों को लेकर है जिनकी विधानसभा का कार्यकाल वर्ष 2029 के बाद तक रहेगा। ऐसे राज्यों के कार्यकाल को समय से पहले समाप्त कर साझा चुनावी चक्र में शामिल करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। वहीं जिन राज्यों का कार्यकाल 2029 से पहले समाप्त होगा, वहां सीमित अवधि के लिए चुनाव कराने या अन्य संवैधानिक विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। यदि किसी राज्य की सरकार बीच कार्यकाल में गिर जाती है, तो प्रस्तावित व्यवस्था के तहत मध्यावधि चुनाव केवल शेष कार्यकाल के लिए कराए जाने की संभावना है, ताकि निर्धारित चुनावी चक्र प्रभावित न हो।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार इस व्यवस्था को लागू करने के लिए 'टू-फेज ट्रांजिशन मॉडल' पर भी विचार कर रही है। इस मॉडल के तहत पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने के बजाय इसे दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में वर्ष 2029 में लोकसभा चुनाव के साथ लगभग 20 राज्यों के विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं। इसके बाद वर्ष 2034 तक शेष राज्यों को भी इसी चुनावी चक्र में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इस मॉडल से विधानसभाओं के कार्यकाल में अत्यधिक कटौती या विस्तार की आवश्यकता कम होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस विषय पर संवैधानिक विशेषज्ञ भी अपनी राय दे रहे हैं। विधि विशेषज्ञों का कहना है कि संविधान में इस दिशा में बदलाव की पर्याप्त गुंजाइश मौजूद है, लेकिन व्यापक राजनीतिक सहमति के बिना इसे लागू करना कठिन होगा। अतीत में भी विशेष परिस्थितियों में लोकसभा और विधानसभा के कार्यकाल में परिवर्तन किए जा चुके हैं। इसलिए कानूनी दृष्टि से यह पूरी तरह असंभव नहीं है, लेकिन इसके लिए संसद और राज्यों के बीच सहमति आवश्यक होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने सितंबर 2023 में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था। इस समिति ने करीब 191 दिनों तक विभिन्न विशेषज्ञों, राजनीतिक दलों, संवैधानिक संस्थाओं और अन्य हितधारकों से चर्चा की। विस्तृत अध्ययन के बाद समिति ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप दी थी। अब उसी रिपोर्ट और जेपीसी की सिफारिशों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत में स्वतंत्रता के बाद शुरुआती चार आम चुनावों तक लोकसभा और अधिकांश राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होते थे। वर्ष 1952, 1957, 1962 और 1967 में यह व्यवस्था बनी रही। लेकिन 1967 के बाद कई राज्यों में सरकारें समय से पहले गिरने लगीं। 1968 और 1969 में कई विधानसभाएं भंग हुईं, जबकि 1970 में लोकसभा भी अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले भंग कर दी गई। इसके बाद चुनावों का साझा चक्र टूट गया और अलग-अलग समय पर चुनाव होने लगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/preparation-to-implement-one-nation-one-election-by-2029-intensifies/article-58506</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/preparation-to-implement-one-nation-one-election-by-2029-intensifies/article-58506</guid>
                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 17:50:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/one-nation-one-election-%281%29.jpg"                         length="200059"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मध्य प्रदेश, गुजरात और बिहार की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव प्रक्रिया शुरू, नामांकन दाखिल होना प्रारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[निर्वाचन आयोग ने तीन राज्यों की रिक्त विधानसभा सीटों के लिए अधिसूचना जारी की। 13 जुलाई तक नामांकन, 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना होगी। मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश और शराबबंदी के निर्देश भी जारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/election/by-election-process-begins-on-three-assembly-seats-of-madhya-pradesh/article-58095"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/election-commission-of-india.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">देश के तीन राज्यों मध्य प्रदेश, गुजरात और बिहार में विधानसभा उपचुनाव की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। निर्वाचन आयोग ने तीनों राज्यों की रिक्त विधानसभा सीटों के लिए अधिसूचना जारी कर नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। अधिसूचना जारी होने के साथ ही राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। इन उपचुनावों के परिणाम संबंधित राज्यों की राजनीतिक स्थिति के साथ-साथ स्थानीय समीकरणों पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार मध्य प्रदेश की 22-दतिया विधानसभा सीट, गुजरात की 145-मंजलपुर विधानसभा सीट और बिहार की 182-बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराए जाएंगे। इन तीनों सीटों के लिए 6 जुलाई 2026 से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आयोग ने चुनाव कार्यक्रम जारी करते हुए सभी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उम्मीदवार 13 जुलाई 2026 तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद 14 जुलाई को सभी नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। यदि कोई उम्मीदवार चुनाव मैदान से हटना चाहता है तो वह 16 जुलाई तक अपना नाम वापस ले सकता है। नाम वापसी की अंतिम तिथि के बाद चुनाव मैदान में अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी जाएगी और इसके बाद चुनाव प्रचार पूरी तरह गति पकड़ लेगा। निर्वाचन आयोग ने बताया है कि यदि आवश्यक हुआ तो इन तीनों विधानसभा क्षेत्रों में 30 जुलाई 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतदान संपन्न होने के बाद सभी मतों की गणना 3 अगस्त 2026 को सुबह 8 बजे से शुरू होगी। आयोग का लक्ष्य है कि पूरी चुनाव प्रक्रिया 4 अगस्त 2026 तक हर हाल में पूरी कर ली जाए।</p>
<p class="isSelectedEnd">चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही आदर्श आचार संहिता संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में प्रभावी हो गई है। राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार के दौरान निर्वाचन आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। निर्वाचन आयोग ने चुनाव वाले क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत बढ़ाने और मतदाताओं को सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष निर्देश भी जारी किए हैं। आयोग ने संबंधित राज्य सरकारों को कहा है कि मतदान के दिन सभी पात्र कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश दिया जाए ताकि वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। यह व्यवस्था जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135बी के तहत लागू होगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यवसाय, औद्योगिक इकाई, व्यापारिक प्रतिष्ठान या अन्य संस्थान में कार्यरत ऐसे कर्मचारी, जो संबंधित विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं, उन्हें मतदान के दिन वेतन सहित अवकाश दिया जाएगा। यदि कोई नियोक्ता इस प्रावधान का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। यह सुविधा केवल नियमित कर्मचारियों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि दैनिक वेतनभोगी और आकस्मिक श्रमिक भी इसके दायरे में आएंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">निर्वाचन आयोग ने उन मतदाताओं के लिए भी विशेष व्यवस्था का उल्लेख किया है जो अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर किसी अन्य शहर या जिले में कार्यरत हैं। यदि उनका नाम संबंधित विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज है तो वे भी मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश पाने के अधिकारी होंगे, जिससे वे अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र में जाकर मतदान कर सकें। आयोग का मानना है कि इससे अधिक से अधिक मतदाता लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए आयोग ने शराबबंदी को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135सी के तहत मतदान समाप्त होने से 48 घंटे पहले संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में शराब की बिक्री, वितरण और सेवन पर प्रतिबंध रहेगा। इस अवधि में होटल, बार, रेस्तरां, शराब की दुकानों और अन्य सार्वजनिक या निजी स्थानों पर मादक पेय पदार्थों की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। आयोग ने संबंधित राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि मतदान से पहले निर्धारित अवधि के लिए 'ड्राई डे' घोषित किया जाए। इसके अलावा मतगणना वाले दिन यानी 3 अगस्त 2026 को भी संबंधित क्षेत्रों में शराबबंदी लागू रहेगी। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि इस दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>चुनाव</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/election/by-election-process-begins-on-three-assembly-seats-of-madhya-pradesh/article-58095</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/election/by-election-process-begins-on-three-assembly-seats-of-madhya-pradesh/article-58095</guid>
                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 14:47:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/election-commission-of-india.jpg"                         length="109484"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीओके में हिंसा से 27 लोगों की मौत, चुनाव से पहले बढ़ा तनाव</title>
                                    <description><![CDATA[आरक्षित सीटों को लेकर आंदोलन कर रहे संगठन पर प्रतिबंध के बाद भड़की हिंसा, पुलिसकर्मियों समेत कई लोगों की जान गई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/27-people-died-due-to-violence-in-pok-tension-increased/article-55412"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/pok-violence.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में एक बार फिर राजनीतिक अस्थिरता और जन असंतोष खुलकर सामने आया है। क्षेत्र के कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़पों में कम से कम 27 लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। हालात इतने बिगड़ गए कि प्रशासन को अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने पड़े। शुरुआती जानकारी के मुताबिक मृतकों में चार पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई जारी है, जबकि प्रदर्शनकारी सरकार पर दमनात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि यह विवाद विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर शुरू हुआ था, जो अब बड़े राजनीतिक आंदोलन का रूप ले चुका है। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) लंबे समय से इन सीटों को समाप्त करने की मांग कर रही है। संगठन का आरोप है कि इन सीटों की वजह से स्थानीय लोगों का प्रतिनिधित्व प्रभावित होता है और सत्ता कुछ चुनिंदा समूहों तक सीमित रह जाती है। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि ये सीटें उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो विभिन्न युद्धों और संघर्षों के दौरान जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच टकराव लगातार बढ़ता गया और आखिरकार हालात हिंसा तक पहुंच गए।</p>
<p style="text-align:justify;">तनाव उस समय और बढ़ गया जब पीओके सरकार ने 5 जून को आतंकवाद विरोधी कानून के तहत JAAC पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर दी। सरकार ने सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को इसका कारण बताया। प्रतिबंध लगने के बाद पुलिस ने संगठन से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की और कई समर्थकों को हिरासत में लिया गया। इसके विरोध में विभिन्न क्षेत्रों में प्रदर्शन शुरू हो गए। हालात तब ज्यादा बिगड़ गए जब संगठन के एक सदस्य की कथित पुलिस फायरिंग में मौत होने की खबर सामने आई। इस घटना के बाद समर्थक बड़ी संख्या में अस्पताल के शवगृह के बाहर जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे।</p>
<p style="text-align:justify;">रविवार को रावलकोट में स्थिति अचानक नियंत्रण से बाहर हो गई। प्रदर्शनकारियों को हटाने पहुंची पुलिस और JAAC समर्थकों के बीच तीखी झड़प शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। प्रशासन का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर हथियारों से हमला किया, जबकि प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने बल प्रयोग कर हालात को और बिगाड़ दिया। इस दौरान गोलीबारी और पत्थरबाजी की घटनाएं भी सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं, वहीं बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय प्रशासन के मुताबिक अब तक 30 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सुरक्षा एजेंसियां हिंसा फैलाने वालों की पहचान करने में जुटी हैं। प्रशासन का कहना है कि किसी भी कीमत पर कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं विपक्षी और स्थानीय संगठनों का आरोप है कि सरकार राजनीतिक असहमति को दबाने के लिए कठोर कदम उठा रही है। इस बीच सोशल मीडिया पर कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, जिनमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव दिखाई दे रहा है। हालांकि इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">आगामी विधानसभा चुनाव भी इस पूरे विवाद की एक बड़ी वजह हैं। पीओके में 27 जुलाई को विधानसभा चुनाव होने हैं और चुनाव से पहले बढ़ता तनाव सरकार के लिए चिंता का विषय बन गया है। यहां विधानसभा की कुल 53 सीटें हैं, जिनमें से 45 सीटों पर सीधे चुनाव होता है। बाकी सीटें महिलाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और धार्मिक विद्वानों के लिए आरक्षित हैं। ऐसे समय में आरक्षित सीटों का मुद्दा चुनावी राजनीति के केंद्र में आ गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले कुछ वर्षों में पीओके की राजनीति लगातार अस्थिर रही है। सरकारों में बदलाव, नेतृत्व संकट और राजनीतिक दलों के बीच संघर्ष ने प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित किया है। 2021 के चुनावों के बाद बनी सरकार भी कई उतार-चढ़ाव से गुजरी। कई प्रधानमंत्रियों को बीच कार्यकाल में पद छोड़ना पड़ा और राजनीतिक समीकरण लगातार बदलते रहे। ऐसे माहौल में जनता के बीच असंतोष बढ़ना स्वाभाविक माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/27-people-died-due-to-violence-in-pok-tension-increased/article-55412</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/27-people-died-due-to-violence-in-pok-tension-increased/article-55412</guid>
                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 15:33:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/pok-violence.jpg"                         length="194397"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फाल्टा सीट पर मतगणना जारी, BJP-TMC में किसके खाते में जाएगी जीत</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर मतगणना जारी है। भाजपा ने बड़ी जीत का दावा किया, जबकि TMC उम्मीदवार पहले ही चुनाव से हट चुके हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/counting-of-votes-continues-on-falta-seat-who-will-win/article-54125"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/west-bengal-falta-seat-assembly-elections-bjp-tmc.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आज सुबह से पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर वोटों की गिनती चल रही है और पूरे राज्य की निगाहें इस सीट के नतीजों पर टिकी हुई हैं। ये सीट दक्षिण 24 परगना जिले में है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां 21 मई को फिर से मतदान हुआ था। इसके पहले 29 अप्रैल को हुए चुनाव में गड़बड़ी और धांधली की शिकायतें आई थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके चलते चुनाव आयोग ने री-पोल का निर्णय लिया। शनिवार सुबह 8 बजे से डायमंड हार्बर महिला विश्वविद्यालय में मतगणना शुरू हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शुरुआती दौर से ही राजनीतिक दलों के समर्थकों की काफी भीड़ देखी जा रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">फाल्टा सीट को इस बार बंगाल की प्रमुख सीटों में माना जा रहा है। यहाँ भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला होने की उम्मीद थी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन मतदान से ठीक दो दिन पहले टीएमसी के उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव से हटने का ऐलान कर दिया। इसके बाद से भाजपा लगातार अपनी जीत का दावा कर रही है। भाजपा नेता दिलीप घोष का कहना है कि फाल्टा में कोई मुकाबला नहीं रह गया है और जनता का मूड बिलकुल साफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि हार के डर से टीएमसी ने पीछे हटने का फैसला किया। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टीएमसी की ओर से इस पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मतगणना स्थल के बाहर सुरक्षा कड़ी है। पुलिस और केंद्रीय बलों की कई कंपनियां तैनात की गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि हर राउंड की गिनती पर ध्यान रखा जा रहा है और किसी भी गड़बड़ी से बचने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। सुबह से ही समर्थकों के बीच अलग-अलग राउंड के नतीजों को लेकर चर्चा हो रही है। कुछ जगहों पर भाजपा समर्थक शुरुआती बढ़त की बातें कर रहे हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन चुनाव आयोग ने अंतिम नतीजों का इंतजार करने को कहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">फाल्टा सीट पर कुल छह उम्मीदवार हैं। भाजपा ने देबांग्शु पांडा को मैदान में उतारा है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं कांग्रेस ने अब्दुर रज्जाक मुल्ला और सीपीएम ने संभूनाथ कुर्मी को चुनाव लड़ाया है। इसके अलावा कुछ निर्दलीय उम्मीदवार भी हैं। टीएमसी उम्मीदवार के हटने के बाद मुकाबले का समीकरण बदल गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस सीट का परिणाम भविष्य में बंगाल की राजनीति पर असर डाल सकता है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">फाल्टा सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान में करीब 88 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग हुई थी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और भारी गर्मी के बावजूद लोगों में मतदान के प्रति उत्साह दिखाई दिया। कई मतदान केंद्रों पर सुबह से लंबी कतारें थीं। ग्रामीण इलाकों में महिलाओं और बुजुर्गों ने भी अच्छी भागीदारी की। अब शाम तक फाइनल नतीजे आने की उम्मीद है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और देखना दिलचस्प होगा कि क्या भाजपा यहां जीत हासिल करती है या मुकाबला आखिरी दौर तक चलेगा।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/counting-of-votes-continues-on-falta-seat-who-will-win/article-54125</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/counting-of-votes-continues-on-falta-seat-who-will-win/article-54125</guid>
                <pubDate>Sun, 24 May 2026 15:05:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/west-bengal-falta-seat-assembly-elections-bjp-tmc.jpg"                         length="137305"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फलता री-पोलिंग से पहले TMC उम्मीदवार जहांगीर खान को HC से बड़ी राहत, 25 मई तक गिरफ्तारी पर रोक</title>
                                    <description><![CDATA[फलता री-पोलिंग से पहले टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को कलकत्ता हाई कोर्ट से राहत मिली। 25 मई तक गिरफ्तारी पर रोक लगाई गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/big-relief-to-tmc-candidate-jahangir-khan-from-hc-before/article-53708"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/falta-seat-re-polling-tmc-jahangir-khan-calcutta-high-court.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पश्चिम बंगाल की चर्चित फलता विधानसभा सीट पर री-पोलिंग से पहले सियासी हलचल और बढ़ गई है। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान को कलकत्ता हाई कोर्ट से काफी राहत मिली है। अदालत ने ये साफ कर दिया है कि </span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">25</span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> मई तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। लेकिन कोर्ट ने ये भी बताया कि उन्हें जांच में पूरी मदद करनी होगी और चुनाव आयोग के सभी निर्देशों का पालन करना जरूरी रहेगा। फलता री-पोलिंग को लेकर पहले से ही राजनीतिक माहौल गर्म है</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">और अब हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद यहां चर्चा और तेज हो गई है। सोमवार दोपहर ये मामला सुर्खियों में आया</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जब टीएमसी उम्मीदवार ने तत्काल सुनवाई की मांग की। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जहांगीर खान ने अदालत में कहा कि उन पर लगातार राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है और उनके खिलाफ कई झूठे आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बात ये है कि फलता सीट पर चुनाव प्रचार अब अपने अंतिम दौर में है। इसी बीच</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">गिरफ्तारी की आशंका को लेकर जहांगीर खान ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। उनकी ओर से वरिष्ठ वकील किशोर दत्ता ने न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य के सामने अपना पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अगर कोई बहुत गंभीर मामला सामने आता है</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">तो जांच एजेंसियां अदालत को इसकी जानकारी दे सकती हैं। लेकिन फिलहाल</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, 25</span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> मई तक गिरफ्तारी से राहत रहेगी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि री-पोलिंग से ठीक पहले उम्मीदवार को राहत मिलना चुनावी समीकरणों पर असर डाल सकता है। दूसरी तरफ</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">विपक्ष लगातार टीएमसी पर हमले कर रहा है</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जबकि सत्ताधारी दल इसे राजनीतिक प्रताड़ना बता रहा है। सूत्रों के अनुसार</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जहांगीर खान ने अपनी याचिका में कहा कि गिरफ्तारी का डर उनके चुनाव प्रचार और राजनीतिक गतिविधियों को प्रभावित कर रहा था।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us"> </span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">फलता विधानसभा सीट पर </span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">21 </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मई को दोबारा मतदान कराया जाएगा। चुनाव आयोग ने पहले ही दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान कई बूथों पर ईवीएम गड़बड़ी और मतदान प्रक्रिया को लेकर मिली शिकायतों के बाद री-पोलिंग का आदेश दिया था। आयोग के निर्देश के मुताबिक</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">क्षेत्र के सभी </span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">285 </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मतदान केंद्रों पर सुबह सात से शाम पांच बजे तक मतदान होगा। सहायक बूथ भी इसमें शामिल रहेंगे। प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए कहा गया है। ऐसा बताया जा रहा है कि इस बार हर बूथ पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी ताकि कोई विवाद न हो। मतगणना </span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">24 </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मई को होगी। वहीं</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जहांगीर खान पहले भी चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक आईपीएस अजय पाल शर्मा को लेकर दिए गए अपने बयानों की वजह से विवादों में रह चुके हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/big-relief-to-tmc-candidate-jahangir-khan-from-hc-before/article-53708</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/big-relief-to-tmc-candidate-jahangir-khan-from-hc-before/article-53708</guid>
                <pubDate>Mon, 18 May 2026 17:18:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/falta-seat-re-polling-tmc-jahangir-khan-calcutta-high-court.jpg"                         length="77849"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल में बनी BJP की पहली सरकार, शुभेंदु अधिकारी बने CM</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार बनी। शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, पीएम मोदी समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/bjps-first-government-formed-in-west-bengal-subhendu-adhikari-became/article-52992"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-09t153851.629.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;" xml:lang="hi">पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार का दिन बड़ा बदलाव लेकर आया। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार बन गई। कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में भारी भीड़ जुटी रही। मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">गृह मंत्री अमित शाह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई बड़े नेता मौजूद थे। राज्यपाल आर. एन. रवि ने शुभेंदु अधिकारी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। लंबे समय से बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस का दबदबा रहा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इस बार चुनावी नतीजों ने पूरी तस्वीर बदल दी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;" xml:lang="hi">शुभेंदु अधिकारी के साथ पांच मंत्रियों ने भी शपथ ली। इनमें दिलीप घोष</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अग्निमित्रा पॉल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अशोक कीर्तनिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खुदीराम टुडु और निशीथ प्रमाणिक शामिल हैं। बीजेपी ने कैबिनेट गठन में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है। समारोह के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। कई लोग सुबह से ही ब्रिगेड परेड मैदान पहुंचने लगे थे। सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे। अधिकारियों के अनुसार अलग-अलग राज्यों से भी पार्टी समर्थक और नेता कोलकाता पहुंचे थे। मंच पर एनडीए शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री मौजूद रहे। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत कई नेताओं की मौजूदगी चर्चा में रही।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;" xml:lang="hi">बताया जा रहा है कि बीजेपी ने चुनाव प्रचार के दौरान बंगाल में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया था और इसका असर नतीजों में साफ दिखा। 2026 विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 207 सीटों पर जीत दर्ज की</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों तक सिमट गई। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक इस बार रिकॉर्ड मतदान हुआ। दोनों चरणों को मिलाकर करीब 92 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई। राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि ग्रामीण इलाकों में हुए भारी मतदान ने बीजेपी को फायदा पहुंचाया। शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को 15 हजार से ज्यादा वोटों से हराया। वहीं नंदीग्राम सीट पर भी उन्होंने मजबूत जीत दर्ज की। मतगणना के दौरान भवानीपुर सीट पर लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन आखिर में बीजेपी उम्मीदवार आगे निकल गए।</span></span></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;" xml:lang="hi">शपथ ग्रहण के बाद शुभेंदु अधिकारी ने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि उनकी सरकार विकास</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">उद्योग और कानून व्यवस्था को प्राथमिकता देगी। उन्होंने कहा कि बंगाल को नई दिशा देने की कोशिश की जाएगी। वहीं तृणमूल कांग्रेस की ओर से चुनाव परिणामों को लेकर अभी भी राजनीतिक बयानबाजी जारी है। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे विपक्ष की भूमिका मजबूती से निभाएंगे।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/bjps-first-government-formed-in-west-bengal-subhendu-adhikari-became/article-52992</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/bjps-first-government-formed-in-west-bengal-subhendu-adhikari-became/article-52992</guid>
                <pubDate>Sat, 09 May 2026 16:56:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%B2-5-%E0%A4%AE%E0%A4%88-2026-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95%2C-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9%2C-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AD-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AD---2026-05-09t153851.629.jpg"                         length="145145"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भाजपा ने TMC पर चुनाव हाईजैक का आरोप, असम में कांग्रेस-AIDUF झड़पें; बंगाल में वोटर्स को धमकाने की शिकायत</title>
                                    <description><![CDATA[पांच राज्यों में चुनावी गतिविधियां तेज; राहुल गांधी केरल पहुंचे, तमिलनाडु में DMK घोषणापत्र चर्चा में]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/election/bjp-accuses-tmc-of-election-hijacking-congress-aiduf-clashes-in-assam/article-49558"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/tmc,-bjp,-assam,-.jpg" alt=""></a><br /><p>पश्चिम बंगाल में भाजपा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी TMC चुनाव को हाईजैक कर रही है। भाजपा प्रतिनिधि मंडल ने सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलकर शिकायत की कि राज्य में टीएमसी घर-घर जाकर मतदाताओं को डराकर धमका रही है। केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि प्रशासनिक ढांचा, वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर निचले स्तर तक, TMC के नियंत्रण में काम कर रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग से पूरी तरह निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने की मांग की।</p>
<p>उधर, असम के श्रीभूमि में कांग्रेस और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIDUF) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। यह घटना स्थानीय चुनाव प्रचार के दौरान हुई। AIDUF असम में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है और इसके समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच टकराव से इलाके में तनाव बढ़ गया।</p>
<p>पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) के बाद चौथी सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी की। हालांकि, आयोग ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कितने नाम जोड़े या हटाए गए। पहले प्रकाशित अंतिम सूची में लगभग 60 लाख नाम “निर्णयाधीन” के रूप में चिह्नित किए गए थे।</p>
<p>तमिलनाडु में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने चेन्नई के कोलाथुर सीट से नामांकन दाखिल किया। DMK का घोषणापत्र महिलाओं और छात्रों पर केंद्रित है। इसके तहत इनकम टैक्स दायरे से बाहर परिवारों की महिला मुखिया को ₹8,000 का कूपन मिलेगा, जिससे वे घरेलू उपकरण खरीद सकेंगी। DMK सांसद कनिमोझी ने कहा कि यह फ्रीबीज नहीं बल्कि सामाजिक निवेश है, जो आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।</p>
<p>कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोमवार को दिल्ली से केरल के लिए रवाना हुए। वे चुनाव प्रचार के तहत मीटिंग करेंगे और जनसभाओं को संबोधित करेंगे। वहीं, केरल में 85 वर्ष से अधिक उम्र और दिव्यांग मतदाताओं के लिए होम वोटिंग आज से शुरू हो गई। कुल 2.07 लाख से अधिक मतदाताओं ने इस सुविधा का लाभ लेने का विकल्प चुना।</p>
<p>युवा मतदाता वोटिंग को लेकर असमंजस में हैं। कई युवा NOTA विकल्प पर विचार कर रहे हैं, जबकि कुछ सोचते हैं कि वोट देने से बदलाव नहीं आएगा। चुनाव आयोग ने ‘My Vote, My Strength’ अभियान शुरू किया है, ताकि युवाओं को मतदान के लिए जागरूक किया जा सके।</p>
<p>पश्चिम बंगाल में BJP और कांग्रेस उम्मीदवारों ने भी आरोप लगाए कि राज्य में योजनाओं का लाभ जनता तक नहीं पहुँच रहा और सरकार भत्तों पर निर्भर रही है। वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रोड शो के दौरान जनता का आशीर्वाद मिलने की जानकारी दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/election/bjp-accuses-tmc-of-election-hijacking-congress-aiduf-clashes-in-assam/article-49558</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/election/bjp-accuses-tmc-of-election-hijacking-congress-aiduf-clashes-in-assam/article-49558</guid>
                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 13:11:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-03/tmc%2C-bjp%2C-assam%2C-.jpg"                         length="129377"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तमिलनाडु चुनाव: DMK ने 164 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, चुनाव से पहले रणनीति साफ</title>
                                    <description><![CDATA[तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले डीएमके ने 164 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/tamilnadu-elections-dmk-fields-candidates-on-164-seats-strategy-clear/article-49419"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/dmk-candidate-list.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम ने 23 अप्रैल को होने वाले चुनाव के लिए 164 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। इस घोषणा के साथ ही पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति को स्पष्ट कर दिया है और एक बार फिर अपने प्रमुख नेताओं पर भरोसा जताया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">स्टालिन और उदयनिधि फिर चुनावी मैदान में</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन एक बार फिर कोलाथुर सीट से चुनाव लड़ेंगे। वहीं उनके बेटे और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को चेपॉक-ट्रिप्लिकेन सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी ने अपने कई वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों को भी दोबारा टिकट देकर स्थिरता का संदेश देने की कोशिश की है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">वरिष्ठ नेताओं को मिला दोबारा मौका</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">डीएमके ने दुरई मुरुगन, के एन नेहरू, अनबिल महेश पोय्यामोझी, थंगम थेनारासु, मा सुब्रमण्यम और ईवी वेलु जैसे अनुभवी नेताओं को फिर से चुनावी मैदान में उतारा है। इससे साफ है कि पार्टी अपने अनुभवी चेहरों के सहारे चुनाव में मजबूती बनाए रखना चाहती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पन्नीरसेल्वम को मिला नया राजनीतिक ठिकाना</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">पूर्व में अन्नाद्रमुक से जुड़े रहे ओ. पन्नीरसेल्वम को डीएमके ने बोदिनायक्कनूर सीट से उम्मीदवार बनाया है। हाल ही में पार्टी में शामिल हुए पन्नीरसेल्वम ने विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद नई पारी शुरू की है। उनके साथ पॉल मनोज पांडियन और आर वैथिलिंगम को भी टिकट दिया गया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">सहयोगी दलों के साथ तालमेल पूरा</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">चुनाव से पहले डीएमके ने अपने सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। इसमें कांग्रेस, वामपंथी दलों, वीसीके और डीएमडीके जैसे दल शामिल हैं। सभी सहयोगियों को उनकी राजनीतिक स्थिति के अनुसार सीटें आवंटित की गई हैं, जिससे गठबंधन मजबूत नजर आ रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">किस दल को कितनी सीटें मिलीं</span></strong></p>
<p><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">प्रेमलता विजयकांत के नेतृत्व वाली डीएमडीके को 10 सीटें दी गई हैं। वहीं थोल थिरुमावलवन की वीसीके को 8 सीटें मिली हैं। माकपा और भाकपा को 5-5 सीटें दी गई हैं। इसके अलावा वाइको की पार्टी एमडीएमके को 4 सीटें आवंटित की गई हैं। इस तरह डीएमके ने अपने सहयोगियों के साथ संतुलित समीकरण बनाने की कोशिश की है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/tamilnadu-elections-dmk-fields-candidates-on-164-seats-strategy-clear/article-49419</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/tamilnadu-elections-dmk-fields-candidates-on-164-seats-strategy-clear/article-49419</guid>
                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 12:20:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-03/dmk-candidate-list.jpg"                         length="77288"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        