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                <title>Madhya Pradesh - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Madhya Pradesh RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दतिया में धारा-163 लागू, बिना अनुमति सभा-जुलूस पर रोक; प्रशासन अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[टिकट विवाद के बाद हुए बवाल और हाईवे जाम की घटना के बाद प्रशासन ने पूरे दतिया अनुभाग में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए हैं। बिना अनुमति प्रदर्शन, रैली और पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक रहेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/section-163-imposed-in-datia-ban-on-meetings-and-processions/article-58471"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/datia-163.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए पूरे दतिया अनुभाग में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा-163 लागू कर दी है। यह आदेश 10 जुलाई की रात 9 बजे से प्रभावी हो गया है और अगले आदेश तक लागू रहेगा। प्रशासन का कहना है कि हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन, राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबे चक्का जाम और हिंसक घटनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार उपचुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के उद्देश्य से प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। आदेश लागू होने के बाद अब बिना प्रशासन की अनुमति कोई भी सभा, जुलूस, रैली, धरना या प्रदर्शन आयोजित नहीं किया जा सकेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अनुविभागीय दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर लाठी, तलवार, भाला, फरसा, चाकू या अन्य घातक हथियार लेकर चलने पर भी प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही एक स्थान पर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाई गई है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति लाउडस्पीकर, ध्वनि विस्तारक यंत्र या अन्य सार्वजनिक प्रसारण उपकरणों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। सोशल मीडिया, पोस्टर, बैनर, नारे, भाषण या अन्य माध्यमों से ऐसी किसी भी सामग्री के प्रचार-प्रसार पर भी रोक रहेगी, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो। अधिकारियों ने बताया कि चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के पालन के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द बनाए रखना भी आवश्यक है। इसलिए हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। साथ ही राजनीतिक दलों और उनके कार्यकर्ताओं से भी चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपेक्षा जताई गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने अपने आदेश में हाल ही में झांसी-ग्वालियर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए चक्का जाम का भी उल्लेख किया है। अधिकारियों के अनुसार 10 जुलाई की रात हुए प्रदर्शन के दौरान लगभग 15 से 20 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया था, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान कुछ स्थानों पर पथराव और वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई थीं। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसलिए एहतियात के तौर पर प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं। आदेश के तहत भारतीय निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसके अलावा मध्यप्रदेश संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 1994, मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 और ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के प्रावधानों को भी प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। हालांकि यह आदेश पुलिस, होमगार्ड, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, सीआरपीएफ और अन्य प्रशासनिक एवं न्यायिक अधिकारियों पर उनके शासकीय दायित्वों के निर्वहन के दौरान लागू नहीं होगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने कहा कि दतिया विधानसभा उपचुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई है और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। धारा-163 लागू होने के बाद जिले में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>चुनाव</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 11:27:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल में 12 जुलाई को होगा कालिदास राष्ट्रीय महर्षि ज्योतिष विज्ञान सम्मेलन का समापन</title>
                                    <description><![CDATA[दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर से आए 300 से अधिक विद्वान, ज्योतिषाचार्य और शोधकर्ता वैदिक ज्योतिष, भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत पर मंथन कर रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/kalidas-national-maharishi-astrology-science-conference-will-conclude-on-12th/article-58472"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/kalidas-conference.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">भोपाल में आयोजित दो दिवसीय कालिदास राष्ट्रीय महर्षि ज्योतिष विज्ञान सम्मेलन अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। 12 जुलाई को सम्मेलन का समापन होगा, जिसमें देशभर से आए विद्वान, ज्योतिषाचार्य, शोधकर्ता और सांस्कृतिक विशेषज्ञ अंतिम सत्रों में भाग लेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक ज्योतिष और प्राचीन वैज्ञानिक विचारों पर गंभीर अकादमिक चर्चा को बढ़ावा देना है। इस आयोजन में 300 से अधिक विद्वानों और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों की भागीदारी दर्ज की गई है। दो दिनों तक चले विभिन्न तकनीकी और शैक्षणिक सत्रों में भारतीय ज्योतिष शास्त्र के विभिन्न पहलुओं, शोध कार्यों और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। आयोजकों के अनुसार सम्मेलन का मकसद केवल पारंपरिक ज्ञान को याद करना नहीं, बल्कि उसे आधुनिक समय की जरूरतों के अनुरूप समझना और शोध के माध्यम से आगे बढ़ाना भी है। यही कारण है कि इसमें देश के अलग-अलग राज्यों से आए विशेषज्ञों ने अपने अनुभव और शोध साझा किए।</p>
<p style="text-align:justify;">सम्मेलन के दौरान वैदिक ज्योतिष, पंचांग विज्ञान, भारतीय दर्शन, खगोल विज्ञान, संस्कृति और शिक्षा जैसे विषयों पर कई तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में शोधकर्ताओं ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए और विशेषज्ञों के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया। कई वक्ताओं ने भारतीय ज्ञान परंपरा की वैज्ञानिक सोच और उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उनका कहना था कि भारत की प्राचीन ज्ञान प्रणालियां केवल धार्मिक या सांस्कृतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि समाज, शिक्षा और जीवन शैली के अनेक पहलुओं से भी जुड़ी रही हैं। सम्मेलन में इस बात पर भी चर्चा हुई कि नई पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने के लिए शोध, उच्च शिक्षा और अकादमिक संस्थानों की भूमिका को और मजबूत करने की जरूरत है। प्रतिभागियों ने यह भी कहा कि प्राचीन ग्रंथों और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक की मदद से संरक्षित किया जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इनसे लाभ उठा सकें। सम्मेलन के दौरान विभिन्न राज्यों से आए विद्वानों को एक साझा मंच मिला, जहां उन्होंने अपने शोध अनुभव साझा किए और भारतीय ज्योतिष विज्ञान से जुड़े नए दृष्टिकोणों पर चर्चा की। आयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहे, जिनमें भारतीय परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। इन प्रस्तुतियों ने सम्मेलन के शैक्षणिक वातावरण को सांस्कृतिक रंग भी प्रदान किया।</p>
<p style="text-align:justify;">सम्मेलन के समापन दिवस पर कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। अंतिम दिन समापन सत्र, विशिष्ट विद्वानों के मुख्य व्याख्यान और भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण तथा संवर्धन पर विशेष चर्चा आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही सम्मेलन के दौरान प्रस्तुत शोधपत्रों और प्रमुख निष्कर्षों का भी सार प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से देशभर के शोधकर्ताओं, शिक्षकों और सांस्कृतिक संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है और पारंपरिक भारतीय ज्ञान प्रणालियों पर नए शोध को प्रोत्साहन मिलता है। सम्मेलन में शामिल विद्वानों ने शिक्षा, अनुसंधान और सांस्कृतिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि प्राचीन ज्ञान को समकालीन संदर्भों में नई पहचान मिल सके। भोपाल में आयोजित यह राष्ट्रीय सम्मेलन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। दो दिनों तक चले इस आयोजन ने न केवल देशभर के विशेषज्ञों को एक मंच पर जोड़ा, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक ज्योतिष और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को लेकर नए विचारों और शोध को भी गति दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 11:27:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंदौर में आज होगा ‘माय यूथ माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026’, 5 हजार युवा लेंगे विकसित मध्यप्रदेश का संकल्प</title>
                                    <description><![CDATA[ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाले कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। शिक्षा, स्टार्टअप, कौशल, खेल और नवाचार जैसे विषयों पर युवाओं से सीधा संवाद होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/my-youth-my-pride-conclave-2026-will-be-held-in-indore/article-58473"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/my-youth-my-pride-conclave.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">इंदौर आज प्रदेशभर के हजारों युवाओं की ऊर्जा, उत्साह और नए विचारों का साक्षी बनने जा रहा है। शहर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में<strong> </strong>‘माय यूथ माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब पांच हजार युवा भाग लेंगे। ‘वन स्टेट, वन जनरेशन, वन संकल्प’ थीम पर आधारित इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को प्रदेश के विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और उनके विचारों को नीति निर्माण की दिशा में स्थान देना है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से शामिल होंगे और युवाओं को संबोधित करेंगे। आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सुबह से ही प्रतिभागियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू होने की उम्मीद है। प्रशासन और आयोजकों ने कार्यक्रम को लेकर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं ताकि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले युवाओं को बेहतर अनुभव मिल सके। यह आयोजन केवल एक सम्मेलन नहीं बल्कि युवाओं के विचार, नवाचार और नेतृत्व क्षमता को सामने लाने का एक बड़ा मंच माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम सुबह 10 बजे शुरू होगा, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर करीब 12 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचकर युवाओं से संवाद करेंगे। इस दौरान वे विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार साझा करेंगे। आयोजन में शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप, एमएसएमई, खेल, कृषि, स्वास्थ्य, पर्यावरण, पर्यटन, संस्कृति और जनभागीदारी जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े युवा शामिल होंगे। पूरे दिन अलग-अलग विषयों पर संवाद सत्र और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें प्रतिभागी अपने अनुभव, सुझाव और नए विचार साझा करेंगे। आयोजकों के अनुसार कॉन्क्लेव की सबसे बड़ी विशेषता पांच समानांतर विषयगत कार्यशालाएं होंगी। इन कार्यशालाओं में युवा केवल चर्चा ही नहीं करेंगे, बल्कि व्यवहारिक और क्रियान्वयन योग्य सुझाव भी तैयार करेंगे। इन सुझावों को संकलित कर प्रदेश के युवाओं का सामूहिक ‘युवा संकल्प’ दस्तावेज तैयार किया जाएगा, जिसे भविष्य में विकास की योजनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण आधार माना जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को केवल श्रोता बनाना नहीं, बल्कि उन्हें विकास प्रक्रिया का सक्रिय भागीदार बनाना है। इसी सोच के साथ विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, शिक्षाविद, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और युवा उद्यमी भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे, जो प्रतिभागियों के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">कॉन्क्लेव में केवल संवाद और कार्यशालाएं ही नहीं, बल्कि कई प्रेरणादायी और सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम की शुरुआत मोटर साइकिल और साइकिल रैली से होगी, जिसमें बड़ी संख्या में युवा भाग लेंगे। इसके अलावा उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवाओं को सम्मानित किया जाएगा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, म्यूजिक स्टेज, संवादात्मक सत्र और इंदौरी फूड स्ट्रीट भी कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहेंगे। आयोजकों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित होती है और उन्हें समाज तथा प्रदेश के विकास में योगदान देने का अवसर मिलता है। कार्यक्रम के समापन पर सभी पांच हजार युवा एक साथ विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण का सामूहिक संकल्प लेंगे। यह संकल्प केवल औपचारिकता नहीं होगा, बल्कि प्रदेश के भविष्य को लेकर युवाओं की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जाएगा। राज्य सरकार का भी मानना है कि विकसित मध्यप्रदेश का सपना तभी साकार होगा, जब युवाओं की भागीदारी हर क्षेत्र में बढ़ेगी और उनके सुझावों को योजनाओं में स्थान मिलेगा। यही वजह है कि इस कॉन्क्लेव को केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं और शासन के बीच संवाद का प्रभावी मंच माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/my-youth-my-pride-conclave-2026-will-be-held-in-indore/article-58473</link>
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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 11:27:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दतिया में नरोत्तम मिश्रा समर्थकों का बवाल, NH-44 जाम; पुलिस पर पथराव, एसपी-एएसपी समेत 6 घायल</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा की ओर से विधानसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद दतिया में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। एनएच-44 पर लंबा जाम लगा और पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/narottam-mishra-supporters-create-ruckus-in-datia-stone-pelting-at/article-58468"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/datia-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">दतिया में आगामी विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद शुक्रवार शाम से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन देर रात और शनिवार तड़के हिंसक रूप ले बैठा। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने से नाराज उनके समर्थकों ने नेशनल हाईवे-44 पर चक्का जाम कर दिया, जिससे करीब 15 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। हालात उस समय और बिगड़ गए जब पुलिस ने हाईवे खाली कराने का प्रयास किया। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पथराव किया गया, जिसमें दतिया के पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित छह से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि पुलिस ने हालात पर नियंत्रण पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और अतिरिक्त बल तैनात किया। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार शाम करीब छह बजे से बड़ी संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्र होने लगे थे। प्रशासन का कहना है कि तीन हजार से अधिक लोगों की भीड़ ने पहले बाजार बंद कराने का प्रयास किया और फिर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैठकर चक्का जाम कर दिया। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे दतिया के साथ-साथ आसपास के जिलों की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने कई बार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जाम समाप्त करने की अपील की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। अधिकारियों के मुताबिक तड़के करीब चार बजे स्थिति अचानक बिगड़ गई और पुलिस टीम पर पत्थर फेंके जाने लगे। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले आंसू गैस का इस्तेमाल किया, लेकिन पथराव जारी रहने पर अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई और कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">विरोध प्रदर्शन की वजह भारतीय जनता पार्टी द्वारा दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया जाना बताया जा रहा है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों को उम्मीद थी कि पार्टी एक बार फिर उन्हें टिकट देगी। बताया जा रहा है कि उन्होंने नामांकन की तैयारी भी शुरू कर दी थी। जैसे ही पार्टी ने आशुतोष तिवारी के नाम की घोषणा की, समर्थकों में नाराजगी बढ़ गई और वे सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान कुछ समर्थकों ने सड़क पर लेटकर विरोध जताया और पार्टी नेतृत्व से फैसला बदलने की मांग की। दूसरी ओर भाजपा के जिला मंत्री भानु सिंह ने दावा किया कि कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे थे और पूरी रात रामधुन गाकर पार्टी नेतृत्व से टिकट पर पुनर्विचार करने की अपील कर रहे थे। उनका आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने सख्ती दिखाई, जिससे हालात बिगड़ गए। वहीं पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए और भीड़ द्वारा पहले हिंसक व्यवहार किया गया। इस बीच भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा उनके वरिष्ठ नेता और अभिभावक हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी के सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे और डॉ. मिश्रा का मार्गदर्शन उन्हें मिलता रहेगा। हाईवे पर यातायात धीरे-धीरे सामान्य कराया जा रहा है, जबकि पुलिस संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की हिंसा या उपद्रव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>चुनाव</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 11:27:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 12 जुलाई को लहार दौरे पर, लाड़ली बहना योजना की 38वीं किस्त करेंगे जारी</title>
                                    <description><![CDATA[भिण्ड जिले के लहार में आयोजित कार्यक्रम से मुख्यमंत्री लाभार्थियों के खातों में राशि हस्तांतरित करेंगे। साथ ही भाजपा विधायक अम्बरीश शर्मा की माताजी के निधन पर उनके निवास पहुंचकर श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/chief-minister-dr-mohan-yadav-will-release-the-38th-installment/article-58452"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/mohan-yadav-(3).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 12 जुलाई को भिण्ड जिले के लहार के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे प्रदेश की महत्वाकांक्षी <strong>लाड़ली बहना योजना</strong> की 38वीं किस्त की राशि प्रदेशभर की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से हस्तांतरित करेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और लाभार्थी महिलाओं के शामिल होने की संभावना है। मुख्यमंत्री लहार पहुंचने के बाद भाजपा विधायक अम्बरीश शर्मा (गुड्डू) के निवास भी जाएंगे, जहां वे उनकी माताजी के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा पहले मेहगांव में प्रस्तावित था, लेकिन अंतिम समय में कार्यक्रम में बदलाव कर इसे लहार स्थानांतरित कर दिया गया। गुरुवार देर रात इस बदलाव की आधिकारिक जानकारी सामने आई, जिसके बाद प्रशासन ने नई व्यवस्थाओं के अनुसार तैयारियां तेज कर दीं।</p>
<p>मुख्यमंत्री का कार्यक्रम दोपहर करीब 1 बजे शुरू होगा और वे लगभग दो घंटे तक लहार में रहेंगे। इस दौरान उनका सार्वजनिक कार्यक्रम दोपहर 3 बजे तक प्रस्तावित है। गुरुवार शाम तक कार्यक्रम स्थल को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका था। प्रशासन की ओर से बारिश की संभावना को देखते हुए ऐसे स्थान की तलाश की जा रही थी, जहां बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति के बावजूद आयोजन सुचारु रूप से कराया जा सके। अधिकारियों के अनुसार कार्यक्रम के लिए पक्के और सुरक्षित स्थल को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, मंच व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। इससे पहले जब कार्यक्रम मेहगांव में प्रस्तावित था, तब भी संबंधित अधिकारियों ने मंडी परिसर का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए थे। अब कार्यक्रम स्थल बदलने के बाद पूरी तैयारियों को नए सिरे से व्यवस्थित किया जा रहा है।</p>
<p>लाड़ली बहना योजना मध्यप्रदेश सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं में शामिल है। इस योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे उन्हें घरेलू जरूरतों को पूरा करने और आर्थिक रूप से सशक्त बनने में मदद मिलती है। योजना की प्रत्येक किस्त का लाभ प्रदेश की लाखों महिलाओं को मिलता है और लाभार्थी हर माह निर्धारित तिथि का इंतजार करती हैं। 12 जुलाई को जारी होने वाली 38वीं किस्त भी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ऑनलाइन हस्तांतरित की जाएगी। सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और परिवार में उनकी भागीदारी को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान योजना से जुड़ी अन्य जानकारियां भी साझा की जा सकती हैं। वहीं, मुख्यमंत्री का भाजपा विधायक अम्बरीश शर्मा के निवास पहुंचकर उनकी माताजी को श्रद्धांजलि देना भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा। हाल ही में विधायक की माताजी का निधन हुआ था, जिसके बाद मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से शोक व्यक्त करने के लिए उनके निवास जाने वाले हैं। मुख्यमंत्री के लहार आगमन की सूचना मिलते ही विधायक अम्बरीश शर्मा ने स्थानीय कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कार्यकर्ताओं को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपते हुए कार्यक्रम को व्यवस्थित और सफल बनाने के निर्देश दिए। दूसरी ओर प्रशासन भी मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ आम लोगों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर स्थानीय स्तर पर भी उत्साह देखा जा रहा है और बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त का इंतजार कर रहीं लाभार्थी महिलाओं के लिए भी यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसी दौरान उनके खातों में नई किस्त की राशि हस्तांतरित की जाएगी। ऐसे में 12 जुलाई का यह दौरा भिण्ड जिले के साथ-साथ प्रदेशभर की लाखों महिलाओं के लिए भी विशेष महत्व रखता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 00:01:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दतिया उपचुनाव में BJP का बड़ा सरप्राइज, आशुतोष तिवारी को मिला टिकट; नरोत्तम मिश्रा की दावेदारी खत्म</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद भाजपा ने उम्मीदवार घोषित किया, चुनावी तैयारियों में जुटे पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को नहीं मिला मौका; कांग्रेस और अन्य दल भी तेज कर रहे प्रचार अभियान।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/election/bjps-big-surprise-ashutosh-tiwari-got-ticket-in-datia-by-election/article-58439"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/bjp-candidate.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने लंबे इंतजार के बाद अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारने का फैसला किया है। इस घोषणा के साथ ही दतिया की राजनीति में कई दिनों से चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। खास बात यह रही कि पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम सबसे मजबूत दावेदारों में माना जा रहा था। उन्होंने चुनाव की तैयारियां भी शुरू कर दी थीं, कई जनसभाएं कर चुके थे और नामांकन पत्र भी खरीद लिया था, लेकिन अंतिम समय में पार्टी नेतृत्व ने आशुतोष तिवारी पर भरोसा जताया। भाजपा ने यह फैसला ऐसे समय लिया है, जब दतिया उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेजी से बढ़ चुकी हैं। उम्मीदवार घोषित होते ही भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई दिया और पार्टी ने चुनाव प्रचार को नई गति देने की तैयारी शुरू कर दी है। संगठन अब आशुतोष तिवारी को लेकर क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने की रणनीति बना रहा है। आशुतोष तिवारी भाजपा संगठन के पुराने और अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने वर्षों तक संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे भाजपा के संभागीय संगठन मंत्री भी रह चुके हैं। इसके अलावा उन्हें मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड का अध्यक्ष भी बनाया गया था, जहां उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त था। संगठन और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए पार्टी ने उन्हें इस महत्वपूर्ण उपचुनाव के लिए उपयुक्त उम्मीदवार माना है। हालांकि, इस फैसले ने पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों को जरूर चौंकाया है। चुनाव की घोषणा के बाद से ही नरोत्तम मिश्रा लगातार दतिया क्षेत्र में सक्रिय थे। उन्होंने कई सार्वजनिक सभाओं को संबोधित किया और लोगों से संवाद स्थापित करने का प्रयास किया। उनकी सभाओं में बड़ी संख्या में समर्थक भी पहुंचे थे, जिससे यह माना जा रहा था कि पार्टी एक बार फिर उन पर भरोसा जता सकती है।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/bjp-candidate.jpg" alt="BJP Candidate" width="1366" height="1556"></img></p>
<p>चुनावी अभियान के दौरान नरोत्तम मिश्रा ने अपने संबोधनों में जनता से भावनात्मक अपील भी की थी। उन्होंने कहा था कि यदि उनसे पूर्व में कोई गलती हुई हो तो लोग उन्हें क्षमा करें। उन्होंने अपने व्यवहार में बदलाव लाने की बात भी कही थी और भरोसा दिलाया था कि भविष्य में जनता की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उनकी यह अपील राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा का विषय बनी रही। इसके अलावा एक अन्य जनसभा में उन्होंने कांग्रेस के आरोपों का भी जवाब दिया था। उन्होंने विपक्ष द्वारा लगाए गए खरीद-फरोख्त के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि भाजपा सिद्धांतों पर चलने वाली पार्टी है और बेबुनियाद आरोपों का कोई आधार नहीं है। इन बयानों के जरिए वे चुनावी माहौल को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रहे थे। भाजपा द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद अब चुनावी मुकाबला और रोचक हो गया है। कांग्रेस भी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। दूसरी ओर अन्य राजनीतिक दल और निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी समीकरणों पर नजर बनाए हुए हैं। दतिया सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इस बीच कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की कानूनी लड़ाई भी चर्चा में रही। उनकी ओर से दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिल सकी। इसके बाद कांग्रेस के सामने भी उम्मीदवार चयन को लेकर नई परिस्थितियां बनीं। राजेंद्र भारती ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यदि पार्टी चाहे तो उनके परिवार के बजाय किसी अन्य नेता को उम्मीदवार बनाया जा सकता है और वे पूरी निष्ठा के साथ पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी का समर्थन करेंगे। दतिया उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया भी जारी है। अब तक कई उम्मीदवार नामांकन पत्र खरीद चुके हैं और कुछ ने अपने नामांकन दाखिल भी कर दिए हैं। चुनाव आयोग की तय समय-सीमा के अनुसार आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की अंतिम तस्वीर साफ हो जाएगी। इसके बाद सभी प्रमुख राजनीतिक दल प्रचार अभियान को और तेज करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>चुनाव</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/election/bjps-big-surprise-ashutosh-tiwari-got-ticket-in-datia-by-election/article-58439</link>
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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 18:53:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भोपाल मास्टर प्लान पर दिशा बैठक में बवाल, विधायक और जनपद अध्यक्ष आमने-सामने</title>
                                    <description><![CDATA[मास्टर प्लान लागू करने को लेकर कांग्रेस विधायकों और जनपद अध्यक्ष के बीच गरमागरम बहस, भाजपा विधायक ने भी स्मार्ट सिटी परियोजना पर उठाए सवाल; सांसद ने मुख्यमंत्री से जल्द चर्चा का भरोसा दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/ruckus-in-disha-meeting-on-bhopal-master-plan-mla-and/article-58424"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/bhopal-master-plan.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">भोपाल कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक उस समय विवादों में आ गई, जब शहर के मास्टर प्लान को लेकर जनप्रतिनिधियों के बीच तीखी बहस छिड़ गई। बैठक में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद, विधायक आतिफ अकील और फंदा जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत के बीच हुई नोकझोंक ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की ओर उंगली उठाकर तीखी टिप्पणियां कीं और कुछ समय के लिए बैठक का माहौल पूरी तरह गरमा गया। बैठक के दौरान शहर के नए मास्टर प्लान को लागू करने में हो रही देरी और विकास कार्यों को लेकर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने मास्टर प्लान की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि शहर का विकास इसी तरह चलता रहा तो भोपाल का संतुलित विकास संभव नहीं हो पाएगा। उनका कहना था कि लंबे समय से मास्टर प्लान लंबित होने के कारण शहर में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और आम लोगों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी बीच फंदा जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत ने चर्चा के दौरान हस्तक्षेप किया। उनके बीच में बोलने और उंगली दिखाकर अपनी बात रखने पर विधायक आरिफ मसूद नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि वह सांसद से चर्चा कर रहे हैं और बीच में इस तरह बोलना उचित नहीं है। मसूद ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा मास्टर प्लान किस काम का है, जो वर्षों बाद भी लागू नहीं हो पा रहा। इस पर प्रमोद सिंह राजपूत ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए विधायक को "औकात में रहकर बात करने" की नसीहत दी। दोनों नेताओं के बीच करीब दस मिनट तक तीखी बहस चलती रही। बैठक में मौजूद अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी माहौल शांत कराने का प्रयास करते रहे, लेकिन कुछ समय तक दोनों पक्ष अपने-अपने तर्कों पर अड़े रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">विवाद के दौरान कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि वह केवल सांसद से संवाद कर रहे थे और जनपद अध्यक्ष का इस तरह बीच में हस्तक्षेप करना उचित नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्यशैली से गंभीर विषयों पर सार्थक चर्चा प्रभावित होती है। विधायक आतिफ अकील भी इस मुद्दे पर मसूद के समर्थन में दिखाई दिए। बाद में दोनों विधायक बैठक से उठकर बाहर चले गए। बैठक में केवल मास्टर प्लान ही नहीं बल्कि स्मार्ट सिटी परियोजना को लेकर भी कई जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को कठघरे में खड़ा किया। भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी ने स्मार्ट सिटी परियोजना की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस योजना के नाम पर भोपाल की मूलभूत व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा कि शहर में बड़ी-बड़ी इमारतें तो बना दी गईं, लेकिन उनमें आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। कई स्थानों पर लिफ्ट खराब रहती हैं, सामुदायिक भवनों की कमी है और सार्वजनिक स्थानों के विकास पर भी अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि स्मार्ट सिटी क्षेत्र में बड़े व्यावसायिक प्लॉटों को छोटे हिस्सों में विभाजित किया जाए, ताकि अधिक निवेशक आगे आएं और परियोजना की आय बढ़ सके। उनका मानना था कि वर्तमान स्वरूप में बड़े प्लॉटों की बिक्री नहीं हो पा रही है, जिससे परियोजना की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">दिलचस्प बात यह रही कि कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी की बातों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यदि वरिष्ठ जनप्रतिनिधि इस तरह की समस्याएं उठा रहे हैं तो निश्चित रूप से इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाए। बैठक में भोपाल की महापौर मालती राय ने भी स्मार्ट सिटी परियोजना की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शहर में स्मार्ट सिटी के तहत लगाई गई कई स्ट्रीट लाइटें समय पर ठीक नहीं हो पातीं, जिससे नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से व्यवस्था में सुधार करने की आवश्यकता बताई। स्मार्ट सिटी बोर्ड के चेयरमैन एवं कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बैठक में भरोसा दिलाया कि सभी शिकायतों और समस्याओं की अलग-अलग समीक्षा कर उनका समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक की अध्यक्षता कर रहे सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि भोपाल के सुनियोजित और दीर्घकालिक विकास के लिए मास्टर प्लान का जल्द लागू होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर वे जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और मास्टर प्लान को शीघ्र लागू कराने का आग्रह करेंगे। सांसद ने यह भी कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी दिखाई देती है। इसी कारण कई विकास कार्यों में टकराव की स्थिति बन रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि पूरे प्रोजेक्ट के लिए एक नोडल एजेंसी बनाई जाए, जो सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर सके। बैठक के दौरान भोपाल की झीलों और जलाशयों के संरक्षण के लिए "भोजपाल वेटलैंड प्राधिकरण" गठित करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। प्रस्ताव में संभागायुक्त को इसका अध्यक्ष बनाने तथा भोपाल और सीहोर के कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और जनप्रतिनिधियों को सदस्य बनाने की सिफारिश की गई। इस प्रस्ताव को राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा। साथ ही भोपाल को आधिकारिक रूप से वेटलैंड सिटी घोषित करने की मांग भी रखी गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 17:11:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एमपी के 48 लाख ग्रामीण परिवारों को बड़ी सौगात, अब मुफ्त होगी भूमि रजिस्ट्री</title>
                                    <description><![CDATA[स्वामित्व अधिकार योजना के तहत स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क पूरी तरह माफ, राजस्व अधिकारियों को मिले सब रजिस्ट्रार के अधिकार; ग्रामीणों को आसानी से मिलेगा मालिकाना हक और बैंक ऋण]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/big-gift-to-48-lakh-rural-families-of-mp-now/article-58367"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/madhya-pradesh-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी की भूमि पर वर्षों से काबिज लाखों परिवारों को बड़ी राहत देते हुए स्वामित्व अधिकार योजना के क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने तहसीलदार, प्रभारी तहसीलदार और नायब तहसीलदार को सब रजिस्ट्रार के अधिकार प्रदान कर दिए हैं। अब ये अधिकारी भी ग्रामीणों की भूमि की रजिस्ट्री कर सकेंगे। इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ प्रदेश के 48 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को मिलेगा, जिन्हें बिना किसी स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क के अपनी संपत्ति का कानूनी मालिकाना हक प्राप्त होगा। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि के स्वामित्व से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवाद कम होंगे और लोगों को अपनी संपत्ति के वैध दस्तावेज आसानी से मिल सकेंगे। अब तक ग्रामीणों को रजिस्ट्री कराने के लिए उप-पंजीयक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन नए आदेश के बाद तहसील स्तर पर ही यह प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। इससे समय की बचत होगी और प्रशासनिक प्रक्रिया भी अधिक सरल बनेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य सरकार ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 के तहत स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क पूरी तरह माफ करने का निर्णय पहले ही लिया था। इसके साथ अब पंचायत उपकर की राशि भी लाभार्थियों से नहीं ली जाएगी। पंचायतों को मिलने वाली यह राशि राज्य सरकार स्वयं उपलब्ध कराएगी। इस फैसले को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद संबंधित विभागों ने अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कर दी हैं। सरकार के अनुसार इस पूरी योजना पर लगभग 3,800 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा। हालांकि सरकार का कहना है कि यह खर्च ग्रामीणों को कानूनी अधिकार दिलाने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इससे गांवों में संपत्ति संबंधी दस्तावेजों का डिजिटलीकरण और रिकॉर्ड भी अधिक व्यवस्थित होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि स्वामित्व योजना के अंतर्गत जिन ग्रामीण परिवारों को आबादी भूमि का स्वामित्व प्रमाणपत्र दिया जाएगा, उनकी रजिस्ट्री अब केवल उप-पंजीयक कार्यालयों तक सीमित नहीं रहेगी। प्रदेश के तहसीलदार, प्रभारी तहसीलदार और नायब तहसीलदार भी सब रजिस्ट्रार के अधिकारों का उपयोग करते हुए रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इससे प्रदेश के 235 सब रजिस्ट्रार कार्यालयों पर कार्यभार भी कम होगा और ग्रामीणों को अपने ही क्षेत्र में सुविधा मिल सकेगी। भूमि का कानूनी स्वामित्व मिलने के बाद ग्रामीण परिवारों के लिए बैंक से ऋण प्राप्त करना भी आसान हो जाएगा। अभी तक कई लोगों के पास जमीन पर कब्जा तो था, लेकिन स्वामित्व संबंधी वैध दस्तावेज नहीं होने के कारण उन्हें बैंक या अन्य वित्तीय संस्थानों से ऋण मिलने में कठिनाई होती थी। अब पंजीकृत दस्तावेज मिलने के बाद लोग गृह निर्माण, कृषि कार्य, छोटे उद्योग, स्वरोजगार और अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए आसानी से वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार का उद्देश्य केवल रजिस्ट्री कराना नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी है। कानूनी स्वामित्व मिलने से संपत्ति का आर्थिक मूल्य बढ़ेगा और लोग अपनी भूमि का उपयोग विकास और निवेश के लिए कर सकेंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है। योजना के प्रभावी संचालन के लिए राज्य सरकार आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन करेगी। इस समिति में महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, आयुक्त कोष एवं लेखा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा एमपीएसईडीसी के प्रबंध संचालक सदस्य होंगे। आवश्यकता पड़ने पर विषय विशेषज्ञों को भी समिति में शामिल किया जा सकेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह समिति योजना के दिशा-निर्देश तय करेगी, कार्यप्रणाली की निगरानी करेगी और समय-समय पर इसकी समीक्षा भी करेगी। साथ ही योजना के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करने और आवश्यक स्पष्टीकरण जारी करने का अधिकार भी राजस्व विभाग को दिया गया है। राज्य सरकार ने योजना के प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता अभियान के लिए 10 करोड़ रुपये का अलग बजट भी स्वीकृत किया है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर आयोजित किए जाएंगे, लोगों को स्वामित्व अधिकार के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी और रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 17:11:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बृहस्पति कुंड में डूबे नर्सिंग छात्र का शव 36 घंटे बाद मिला, दो दिन चला रेस्क्यू ऑपरेशन</title>
                                    <description><![CDATA[सतना के निजी कॉलेज में पढ़ने वाला बिहार का छात्र दोस्तों के साथ घूमने आया था, नहाने के दौरान गहरे पानी और तेज बहाव में लापता हो गया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/the-body-of-a-nursing-student-who-drowned-in-brihaspati/article-58376"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/brihaspati-kund.jpg" alt=""></a><br /><p class="zlAe0W_TextBase zlAe0W_Text" style="text-align:justify;">सतना जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बृहस्पति कुंड में डूबे नर्सिंग छात्र का शव करीब 36 घंटे बाद गुरुवार को पानी में तैरता मिला। दो दिनों तक लगातार चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शव दिखाई देने पर बरौंधा पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से उसे बाहर निकाला गया। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना से छात्र के साथियों और कॉलेज के विद्यार्थियों में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान 25 वर्षीय <span class="zlAe0W_TextBase zlAe0W_Text rFU14q_Emphasis">कुनाल ठाकुर</span> के रूप में हुई है, जो बिहार के समस्तीपुर जिले के नामपुर गांव का रहने वाला था। वह सतना के एक निजी नर्सिंग कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था और किराए के मकान में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा था। बताया जा रहा है कि 7 जुलाई को वह अपने पांच दोस्तों के साथ बृहस्पति कुंड घूमने गया था। सभी दोस्त कुंड में नहाने के लिए उतरे थे। इसी दौरान कुनाल गहरे पानी की ओर चला गया। वहां तेज बहाव होने के कारण वह संतुलन नहीं बना सका और देखते ही देखते पानी में लापता हो गया। उसके दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन बहाव इतना तेज था कि वे सफल नहीं हो सके। घटना की सूचना तुरंत बरौंधा पुलिस और प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस, स्थानीय गोताखोर और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। देर शाम तक छात्र की तलाश की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। अगले दिन सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। रेस्क्यू टीम ने कुंड के अलग-अलग हिस्सों में खोजबीन की, जबकि स्थानीय ग्रामीण भी तलाश में जुटे रहे। लगातार करीब 36 घंटे तक चले अभियान के बाद गुरुवार सुबह पानी की सतह पर एक शव तैरता दिखाई दिया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर शव को बाहर निकाला। पहचान होने पर पुष्टि हुई कि वह कुनाल ठाकुर का ही शव है। शव मिलने की खबर मिलते ही उसके साथियों की आंखें नम हो गईं और कॉलेज के कई छात्र भी मौके पर पहुंच गए।</p>
<p class="zlAe0W_TextBase zlAe0W_Text" style="text-align:justify;">बरौंधा पुलिस ने मौके पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और हादसे की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है। बृहस्पति कुंड सतना जिले का एक प्रसिद्ध प्राकृतिक पर्यटन स्थल है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। बरसात के मौसम में यहां पानी का बहाव काफी तेज हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर पानी की गहराई अचानक बढ़ जाती है, जिससे अनजान पर्यटकों के लिए खतरा बढ़ जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय भी कुंड में पानी का बहाव सामान्य दिनों की तुलना में अधिक था। कुनाल के दोस्तों ने बताया कि वह नहाते-नहाते थोड़ा आगे चला गया था। कुछ ही सेकंड में वह गहरे हिस्से में पहुंच गया और फिर नजरों से ओझल हो गया। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों से सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि बरसात के मौसम में जलप्रपातों और कुंडों में नहाने के दौरान विशेष सतर्कता जरूरी है। तेज बहाव और गहरे पानी का अनुमान लगाना कई बार मुश्किल होता है, जिससे दुर्घटनाएं हो सकती हैं। कुनाल ठाकुर के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है। परिवार के सदस्य बिहार से सतना के लिए रवाना हो चुके हैं। कॉलेज प्रशासन ने भी छात्र के निधन पर शोक व्यक्त किया है और कहा है कि संस्थान हर संभव सहायता परिवार को उपलब्ध कराएगा। कुनाल के साथ पढ़ने वाले छात्रों ने बताया कि वह पढ़ाई में मेहनती और मिलनसार स्वभाव का था। उसके अचानक चले जाने से पूरे कॉलेज परिसर में गहरा दुख है। कई छात्र उसे याद कर भावुक हो गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 11:30:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मालवा को विकास की नई रफ्तार, 5,017 करोड़ की उज्जैन-जावरा फोरलेन परियोजना का होगा भूमि पूजन</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे 98.73 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड फोरलेन का शुभारंभ, 35 लाख लोगों और 62 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ, सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को भी मिलेगी मजबूती।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/new-pace-of-development-for-malwa-bhoomi-pujan-of-5017/article-58373"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/ujjain-jaora-greenfield-fourlane.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश में आधारभूत संरचना के विकास को नई गति देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को 5,017 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क परियोजना का भूमि पूजन करेंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद मालवा क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। साथ ही व्यापार, उद्योग, पर्यटन और कृषि क्षेत्र को भी इसका व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है। करीब 98.73 किलोमीटर लंबी यह आधुनिक फोरलेन सड़क उज्जैन को सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जोड़ेगी। इससे प्रदेश के पश्चिमी हिस्से की कनेक्टिविटी पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत होगी। सरकार का मानना है कि यह परियोजना केवल एक सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे मालवा क्षेत्र के आर्थिक विकास और निवेश को नई दिशा देने वाली आधारभूत परियोजना साबित होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस सड़क का निर्माण मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) द्वारा किया जाएगा। परियोजना को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए दो वर्ष का लक्ष्य तय किया गया है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा। सड़क के दोनों ओर आधुनिक यातायात सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे भविष्य की बढ़ती ट्रैफिक जरूरतों को भी आसानी से पूरा किया जा सके। उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना उज्जैन दक्षिण, घट्टिया, नागदा-खाचरौद, आलोट और जावरा विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। इसके दायरे में आने वाले लगभग 62 गांवों के लोगों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध होगी। अनुमान है कि करीब 35 लाख नागरिक इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क नेटवर्क मिलने से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस परियोजना को प्रदेश के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह सड़क सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर और तेज यातायात सुविधा उपलब्ध होगी। इससे धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी और उज्जैन की पहुंच पहले से अधिक आसान हो जाएगी। परियोजना के अंतर्गत केवल फोरलेन सड़क का निर्माण ही नहीं किया जाएगा, बल्कि आधुनिक इंजीनियरिंग सुविधाओं का भी समावेश होगा। इसमें तीन रेल ओवरब्रिज, नौ बड़े पुल, 26 मध्यम पुल तथा 417 पुलियों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा जावरा बायपास पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे इंटरचेंज से महू-नीमच फोरलेन तक दोनों ओर सर्विस रोड विकसित की जाएगी। इससे स्थानीय यातायात और लंबी दूरी के वाहनों की आवाजाही अलग-अलग सुचारु रूप से संचालित हो सकेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">नई सड़क बनने से किसानों को सबसे बड़ा लाभ मिलने की संभावना है। कृषि उपज को मंडियों तक पहुंचाने में समय कम लगेगा और परिवहन लागत में भी कमी आएगी। बेहतर सड़क नेटवर्क के कारण फल, सब्जी और अन्य कृषि उत्पाद तेजी से बाजार तक पहुंच सकेंगे, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी। इसके साथ ही डेयरी, बागवानी और कृषि आधारित उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">औद्योगिक विकास की दृष्टि से भी यह परियोजना काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बेहतर सड़क संपर्क मिलने से लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और नए उद्योगों के लिए निवेश का वातावरण मजबूत होगा। मालवा क्षेत्र पहले से ही कृषि, उद्योग और व्यापार का प्रमुख केंद्र रहा है। आधुनिक परिवहन सुविधाओं के जुड़ने से यहां औद्योगिक गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है। छोटे और मध्यम उद्योगों को भी बाजार तक आसान पहुंच मिलने से प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।पर्यटन क्षेत्र को भी इस परियोजना से नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। उज्जैन विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। सड़क संपर्क बेहतर होने से महाकाल लोक, श्री महाकालेश्वर मंदिर और आसपास के अन्य धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंचना अधिक सुविधाजनक होगा। इससे होटल, परिवहन, पर्यटन सेवाओं और स्थानीय व्यापार को भी लाभ मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 11:29:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>राकेश यादव ने बदला राजनीतिक ठिकाना, कांग्रेस को दिया बड़ा झटका</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व कांग्रेस प्रवक्ता और प्रदेश महासचिव राकेश सिंह यादव ने कांग्रेस नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाने के बाद भाजपा का दामन थामा। उनके फैसले से प्रदेश की राजनीति में नए समीकरणों पर चर्चा तेज हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/rakesh-yadav-changed-political-destination-gave-a-big-blow-to/article-58371"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/madhya-pradesh-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश की राजनीति में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिला, जब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव और पूर्व प्रवक्ता राकेश सिंह यादव भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। राजधानी भोपाल स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। राकेश यादव के भाजपा में शामिल होने को प्रदेश की राजनीति का अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। राकेश सिंह यादव लंबे समय तक कांग्रेस संगठन से जुड़े रहे और विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। प्रदेश महासचिव और प्रवक्ता के रूप में उन्होंने संगठन के लिए सक्रिय भूमिका निभाई। हालांकि पिछले कुछ समय से वे कांग्रेस नेतृत्व की कार्यप्रणाली को लेकर असहमति जता रहे थे। अंततः उन्होंने पार्टी से अलग होने का निर्णय लिया और अब भारतीय जनता पार्टी के साथ अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत की है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद राकेश यादव ने कहा कि उन्होंने प्रदेश और देश के विकास की सोच को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। उनके अनुसार, भारतीय जनता पार्टी ने बीते वर्षों में विकास, सुशासन और जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण योजनाओं को जमीन पर उतारा है। उन्होंने कहा कि वे अब भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में संगठन को मजबूत बनाने और आम जनता के बीच पार्टी की नीतियों को पहुंचाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। आधारभूत संरचना, डिजिटल सेवाओं, गरीब कल्याण योजनाओं, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में हुए कार्यों से प्रेरित होकर उन्होंने भाजपा से जुड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा के मंच से उन्हें समाज और प्रदेश की जनता के लिए अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने का अवसर मिलेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने राकेश यादव का स्वागत करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी राष्ट्र प्रथम की विचारधारा पर काम करने वाला संगठन है। उन्होंने कहा कि पार्टी में प्रत्येक कार्यकर्ता को समान सम्मान और आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राकेश यादव का राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक समझ पार्टी के लिए उपयोगी साबित होगी और उनके आने से संगठन को मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा लगातार अपने संगठन का विस्तार कर रही है और समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े अनुभवी लोग पार्टी की नीतियों और नेतृत्व से प्रभावित होकर जुड़ रहे हैं। पार्टी का उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग तक विकास की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। ऐसे में अनुभवी नेताओं का पार्टी में स्वागत किया जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">किसी भी वरिष्ठ नेता का एक दल छोड़कर दूसरे दल में शामिल होना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। ऐसे फैसलों का असर राजनीतिक गतिविधियों और संगठनात्मक रणनीतियों पर भी देखने को मिलता है। राकेश यादव के भाजपा में शामिल होने से प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं और आने वाले समय में उनकी भूमिका पर सभी की नजर रहेगी। मध्य प्रदेश में भाजपा लगातार अपने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के अभियान में जुटी हुई है। पार्टी सदस्यता अभियान, संगठन विस्तार और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से लगातार नए लोगों को जोड़ रही है। ऐसे समय में राकेश यादव जैसे अनुभवी नेता का पार्टी से जुड़ना संगठन के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 11:15:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>मझगवां अस्पताल के डॉक्टर कक्ष में घुसा जहरीला सांप, वन विभाग ने रेस्क्यू कर टाला बड़ा हादसा</title>
                                    <description><![CDATA[सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सांप दिखते ही मरीजों और स्टाफ में मची अफरातफरी, वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/a-poisonous-snake-entered-the-doctors-room-of-majhgawan-hospital/article-58333"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/majhgawan-hospital.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">जिले के मझगवां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया, जब अस्पताल के डॉक्टर कक्ष के भीतर एक जहरीला सांप दिखाई दिया। सांप को देखते ही अस्पताल में मौजूद मरीज, उनके परिजन और स्वास्थ्य कर्मियों में दहशत फैल गई। कुछ देर के लिए अस्पताल परिसर में हड़कंप जैसी स्थिति बन गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर हटने लगे। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक सांप को पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह अस्पताल की नियमित गतिविधियां चल रही थीं। मरीज उपचार के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, जबकि डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी अपने कार्य में व्यस्त थे। इसी दौरान डॉक्टर कक्ष में अचानक एक जहरीला सांप दिखाई दिया। जैसे ही इसकी जानकारी अस्पताल के कर्मचारियों को मिली, उन्होंने तत्काल कमरे को खाली कराया और मरीजों को भी सुरक्षित दूरी पर रहने की सलाह दी।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ ही मिनटों में यह खबर पूरे अस्पताल परिसर में फैल गई। कई मरीज और उनके परिजन घबराकर अस्पताल के बाहर निकल आए। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने स्थिति को शांत बनाए रखने की कोशिश की और किसी भी प्रकार की अफवाह फैलने से रोका। इसके बाद तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर वन विभाग की रेस्क्यू टीम बिना देर किए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। टीम के सदस्य विनोद पाण्डेय और लखन यादव ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया और सांप की गतिविधियों पर नजर रखी। काफी सावधानी और अनुभव के साथ उन्होंने सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। रेस्क्यू के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि न तो किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचे और न ही सांप को किसी प्रकार की चोट आए।</p>
<p style="text-align:justify;">रेस्क्यू टीम ने बताया कि सांप जहरीली प्रजाति का था। यदि समय रहते उसे नहीं पकड़ा जाता तो अस्पताल में मौजूद लोगों के लिए खतरा बढ़ सकता था। सांप को पकड़ने के बाद उसे सुरक्षित कंटेनर में रखा गया और वन क्षेत्र में ले जाकर प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बरसात के मौसम में इस तरह की घटनाएं बढ़ जाती हैं। लगातार बारिश के कारण बिलों और झाड़ियों में रहने वाले सांप सुरक्षित स्थानों की तलाश में आबादी वाले इलाकों, मकानों, स्कूलों और सरकारी भवनों तक पहुंच जाते हैं। अस्पताल, जहां हर समय बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहते हैं, वहां इस प्रकार की घटनाओं को गंभीरता से लेना जरूरी होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">अस्पताल प्रशासन ने वन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि यदि रेस्क्यू टीम समय पर नहीं पहुंचती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। कर्मचारियों ने भी राहत की सांस ली कि बिना किसी नुकसान के पूरे घटनाक्रम का सफलतापूर्वक समाधान हो गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर की साफ-सफाई और निरीक्षण भी कराया गया। अधिकारियों ने भवन के आसपास झाड़ियों और घास की सफाई कराने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की संभावना कम हो सके। साथ ही अस्पताल परिसर में मौजूद पुराने सामान और अनुपयोगी वस्तुओं को हटाने की भी योजना बनाई गई है, क्योंकि ऐसे स्थानों पर अक्सर सांप और अन्य जीव छिप जाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 10:08:47 +0530</pubDate>
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