<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/pm-modi/tag-6032" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>PM Modi - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/6032/rss</link>
                <description>PM Modi RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारत-ऑस्ट्रेलिया यूरेनियम समझौते पर मुहर, स्वच्छ ऊर्जा और गगनयान मिशन को मिलेगी नई ताकत</title>
                                    <description><![CDATA[पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज की बैठक में रक्षा, ऊर्जा, स्पेस, क्रिटिकल मिनरल्स और नई तकनीकों पर कई अहम समझौते हुए, भारत को मिलेगा ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/india-australia-uranium-agreement-approved-clean-energy-and-gaganyaan-mission-will/article-58288"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/india-australia-uranium-deal.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों में एक और बड़ा अध्याय जुड़ गया है। मेलबर्न में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक के बाद दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण समझौतों की घोषणा की। सबसे अहम फैसला भारत को ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम की आपूर्ति का रहा, जिसे भारत के स्वच्छ ऊर्जा कार्यक्रम और भविष्य की परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इसके अलावा रक्षा सहयोग, व्यापार, स्पेस टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल मिनरल्स, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों ने साझेदारी को नई दिशा देने का फैसला किया। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया से मिलने वाला यूरेनियम भारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशन को मजबूती देगा। उन्होंने बताया कि दोनों देश मिलकर क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर विकसित करेंगे, जिससे भविष्य की हाई-टेक इंडस्ट्री और ऊर्जा क्षेत्र को लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि ऑस्ट्रेलिया के कोकोस (कीलिंग) द्वीप पर भारत के लिए स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल स्थापित किया जाएगा। इससे भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन को तकनीकी सहायता और बेहतर ट्रैकिंग सुविधा मिल सकेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">यह समझौता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत अब तक केवल चार देशों से यूरेनियम का आयात करता था। ऑस्ट्रेलिया इस सूची में शामिल होने वाला पांचवां देश बन गया है। दुनिया के सबसे बड़े यूरेनियम भंडार वाले देशों में ऑस्ट्रेलिया का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। ऐसे में भारत को लंबे समय तक स्थिर और भरोसेमंद आपूर्ति मिलने की संभावना बढ़ गई है।यूरेनियम एक ऐसा खनिज है जिसका उपयोग मुख्य रूप से परमाणु ऊर्जा उत्पादन में किया जाता है। परमाणु बिजली संयंत्रों में यूरेनियम ईंधन के रूप में इस्तेमाल होता है, जिससे बड़ी मात्रा में बिजली पैदा की जाती है। इसके अलावा उच्च स्तर तक संवर्धित यूरेनियम का उपयोग परमाणु हथियारों के निर्माण में भी किया जाता है। हालांकि भारत द्वारा आयात किया जाने वाला यूरेनियम मुख्य रूप से असैन्य यानी बिजली उत्पादन और ऊर्जा जरूरतों के लिए उपयोग किया जाएगा। भारत पहले से ही अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के नियमों के तहत असैन्य परमाणु कार्यक्रम चला रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत लगातार अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए स्वच्छ और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर जोर दे रहा है। कोयले और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। देश में कई नए परमाणु बिजली संयंत्रों की योजना पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं के लिए लगातार और पर्याप्त मात्रा में यूरेनियम की आवश्यकता होगी। यही कारण है कि भारत अलग-अलग देशों के साथ दीर्घकालिक आपूर्ति समझौते कर रहा है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों की तुलना क्रिकेट से करते हुए कहा कि दोनों देशों का संबंध समय के साथ और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं की मुलाकातें क्रिकेट की तरह होती हैं। एजेंडा वनडे मैच की तरह स्पष्ट होता है, फैसले टी-20 की तरह तेजी से लिए जाते हैं और दोनों देशों की साझेदारी टेस्ट क्रिकेट की तरह लंबी और मजबूत है। उनके इस बयान को दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे और रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर भी दोनों देशों की साझा सोच का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों आतंकवाद को पूरी मानवता के लिए गंभीर खतरा मानते हैं और इस चुनौती से निपटने के लिए आपसी सहयोग लगातार मजबूत किया जा रहा है। रक्षा और सुरक्षा सहयोग को भी आगे बढ़ाने पर दोनों देशों ने सहमति जताई है।ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि अब तक दोनों देशों की सप्लाई चेन तो जुड़ी हुई थी, लेकिन नीतियों में पर्याप्त समन्वय नहीं था। उन्होंने कहा कि नए समझौते इस दूरी को कम करेंगे और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देंगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 के भारत-ऑस्ट्रेलिया परमाणु सहयोग समझौते के तहत अब भारत को यूरेनियम निर्यात की व्यवस्था पर औपचारिक हस्ताक्षर किए गए हैं। बैठक के दौरान दोनों देशों ने ऑस्ट्रेलिया-भारत साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन पार्टनरशिप (PACTS) शुरू करने की भी घोषणा की। इस पहल के तहत दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नई तकनीकों के विकास पर मिलकर काम करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था में इन क्षेत्रों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी और यह साझेदारी दोनों देशों को तकनीकी रूप से और मजबूत बनाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान कई अन्य कार्यक्रम भी आयोजित हुए। उन्होंने मेलबर्न में विक्टोरिया की गवर्नर मार्गरेट गार्डनर से मुलाकात की, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया-भारत सीईओ फोरम में भाग लेकर दोनों देशों के उद्योगपतियों और निवेशकों से चर्चा की। कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री अल्बनीज ने नरेंद्र मोदी के साथ सेल्फी भी ली, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनीं। मेलबर्न में भारतीय समुदाय ने भी प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भारत और ऑस्ट्रेलिया की साझा विरासत को प्रदर्शित किया गया। प्रसिद्ध डिडगेरिडू वादक रॉन मरे और तबला वादक डॉ. सैम इवांस की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय से मुलाकात के दौरान कहा कि विदेशों में बसे भारतीय दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/india-australia-uranium-agreement-approved-clean-energy-and-gaganyaan-mission-will/article-58288</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/india-australia-uranium-agreement-approved-clean-energy-and-gaganyaan-mission-will/article-58288</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:13:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/india-australia-uranium-deal.jpg"                         length="111494"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर पहुंचे पीएम मोदी, प्रम्बानन में की पूजा-अर्चना</title>
                                    <description><![CDATA[एक हजार साल पुराने प्रम्बानन मंदिर की जीर्णोद्धार परियोजना का उद्घाटन, राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो रहे साथ, आसमान से मंदिर का वीडियो भी किया साझा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pm-modi-reached-indonesias-largest-hindu-temple-and-offered-prayers/article-58167"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/pm-modi-indonesia.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इंडोनेशिया दौरे के तीसरे और अंतिम दिन वहां के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन पहुंचकर भारत और इंडोनेशिया के सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती देने का संदेश दिया। बुधवार को प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ इस ऐतिहासिक मंदिर परिसर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर की जीर्णोद्धार परियोजना का उद्घाटन किया, पूजा-अर्चना की और मंदिर के पुजारियों से आशीर्वाद भी लिया। प्रधानमंत्री ने इस यात्रा की कई तस्वीरें और एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें विमान से प्रम्बानन मंदिर का भव्य दृश्य दिखाई दे रहा है। उनकी इस यात्रा को दोनों देशों के साझा सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के प्रति सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। प्रधानमंत्री बुधवार शाम इंडोनेशिया से ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न के लिए रवाना होंगे, जहां उनका तीन दिवसीय आधिकारिक दौरा प्रस्तावित है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रम्बानन मंदिर इंडोनेशिया की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। करीब एक हजार वर्ष पुराने इस मंदिर का निर्माण नौवीं शताब्दी में हुआ था और यह यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। मंदिर परिसर अपनी भव्य वास्तुकला, पत्थरों पर उकेरी गई बारीक नक्काशी और विशाल शिखरों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यहां भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित मुख्य मंदिर स्थित हैं। इनमें भगवान शिव का मंदिर सबसे ऊंचा और सबसे प्रमुख माना जाता है। पूरे परिसर में लगभग 240 छोटे-बड़े मंदिर मौजूद हैं, जो प्राचीन जावानी स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण माने जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर पहुंचने के बाद सबसे पहले जीर्णोद्धार परियोजना का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की और धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। मंदिर के पुजारियों ने वैदिक परंपरा के अनुसार उनका स्वागत किया और उन्हें आशीर्वाद दिया। इस दौरान इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी प्रधानमंत्री के साथ मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने मंदिर परिसर का अवलोकन किया और इसके ऐतिहासिक महत्व पर चर्चा की। यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच सांस्कृतिक सहयोग और विरासत संरक्षण को लेकर भी बातचीत हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस यात्रा की तस्वीरें साझा करते हुए इंडोनेशिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सराहना की। उन्होंने विमान से रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें आसमान से दिखाई देता प्रम्बानन मंदिर बेहद आकर्षक नजर आता है। वीडियो में मंदिर का विशाल परिसर और उसकी ऐतिहासिक संरचना साफ दिखाई देती है। इस वीडियो को बड़ी संख्या में लोगों ने देखा और साझा किया। कई लोगों ने इसे भारत और इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक संबंधों का खूबसूरत प्रतीक बताया। भारत और इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध कई सदियों पुराने हैं। इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम बहुल देश है, लेकिन यहां हिंदू संस्कृति और परंपराओं का प्रभाव आज भी कई क्षेत्रों में दिखाई देता है। विशेष रूप से बाली और जावा जैसे क्षेत्रों में रामायण और महाभारत से जुड़ी परंपराएं आज भी जीवंत हैं। प्रम्बानन मंदिर इसी साझा विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक है। मंदिर की दीवारों पर रामायण की कथा को दर्शाने वाली अद्भुत नक्काशी आज भी पर्यटकों और शोधकर्ताओं को आकर्षित करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री की यह यात्रा केवल धार्मिक महत्व तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक कूटनीति का भी अहम हिस्सा है। भारत पिछले कुछ वर्षों में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ अपने संबंधों को लगातार मजबूत कर रहा है। ऐसे में प्रम्बानन मंदिर का दौरा साझा विरासत और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और पर्यटन के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी लगातार बढ़ रहा है। प्रम्बानन मंदिर हर वर्ष लाखों पर्यटकों और श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां नियमित रूप से धार्मिक आयोजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। रामायण बैले नृत्य नाटिका यहां की सबसे प्रसिद्ध प्रस्तुतियों में शामिल है, जिसे देखने के लिए दुनिया भर से पर्यटक पहुंचते हैं। मंदिर परिसर का संरक्षण और जीर्णोद्धार इंडोनेशिया सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है, ताकि इसकी ऐतिहासिक विरासत सुरक्षित रह सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस यात्रा को दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और सहयोग का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इंडोनेशिया में आधिकारिक कार्यक्रमों को पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री अब ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न के लिए रवाना होंगे। वहां 8 से 10 जुलाई तक विभिन्न द्विपक्षीय बैठकों, भारतीय समुदाय से संवाद और कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी तय है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pm-modi-reached-indonesias-largest-hindu-temple-and-offered-prayers/article-58167</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pm-modi-reached-indonesias-largest-hindu-temple-and-offered-prayers/article-58167</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 12:45:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/pm-modi-indonesia.jpg"                         length="166998"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चंडीगढ़ दौरे की तैयारियां तेज, पीएम मोदी के कार्यक्रम के लिए ₹2 करोड़ का टेंट प्रस्तावित</title>
                                    <description><![CDATA[17 जुलाई के संभावित दौरे से पहले प्रशासन ने एक दिन में आठ टेंडर जारी किए, रेलवे और अन्य परियोजनाओं के उद्घाटन की तैयारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/preparations-for-chandigarh-tour-intensified-tent-worth-%E2%82%B9-2-crore/article-58051"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/pm-modi-chandigarh-visit.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को प्रस्तावित चंडीगढ़ दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। कार्यक्रम का आयोजन पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC) परिसर में प्रस्तावित है और इसके लिए प्रशासन के विभिन्न इंजीनियरिंग विभागों ने एक ही दिन में आठ अलग-अलग टेंडर जारी किए हैं। इनमें सबसे बड़ा टेंडर करीब 2.02 करोड़ रुपये का है, जो कार्यक्रम स्थल पर टेंट और अस्थायी व्यवस्थाएं तैयार करने के लिए निकाला गया है। अधिकारियों के अनुसार कार्यक्रम को लेकर सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से दौरे का अंतिम आधिकारिक कार्यक्रम अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन संभावित यात्रा को देखते हुए सभी आवश्यक इंतजाम पहले से किए जा रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम स्थल पर लगभग छह हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में वाटरप्रूफ जर्मन हैंगर लगाया जाएगा। जुलाई में बारिश की संभावना को देखते हुए इस विशेष टेंट की व्यवस्था की जा रही है ताकि मौसम का असर कार्यक्रम पर न पड़े। पूरे पंडाल को आरामदायक बनाए रखने के लिए 600 टन क्षमता का एयर कंडीशनिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी और मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं आधुनिक मानकों के अनुरूप की जा रही हैं। आयोजन स्थल पर वीआईपी मेहमानों और प्रधानमंत्री के लिए अलग एयर कंडीशनड लाउंज, बैठक व्यवस्था और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">टेंडर दस्तावेजों के अनुसार कार्यक्रम स्थल पर करीब 2200 सोफे, 300 कुर्सियां, लगभग 70 हजार वर्ग फीट कारपेट, 65 हजार वर्ग फीट बैरिकेडिंग, 20 वाटर कूलर और 24 पोर्टेबल टॉयलेट लगाने की तैयारी की गई है। इसके अलावा मंच, फर्नीचर, प्रवेश और निकास मार्ग तथा अन्य अस्थायी ढांचों की भी व्यवस्था होगी। प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम में आने वाले आमंत्रित अतिथियों, अधिकारियों और अन्य लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान रखा जा रहा है। अधिकांश टेंडर शॉर्ट नोटिस पर जारी किए गए हैं ताकि चयनित एजेंसियां समय रहते काम शुरू कर सकें।</p>
<p class="isSelectedEnd">सुरक्षा और बिजली व्यवस्था को लेकर भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। कार्यक्रम स्थल पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 125 केवीए क्षमता वाले 11 जनरेटर, 250 केवीए क्षमता वाले 28 जनरेटर और एक 500 केवीए डीजी सेट लगाया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आठ हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा एलईडी लाइटिंग, फायर सेफ्टी उपकरण, बैरिकेडिंग और लगभग चार हजार रंग-बिरंगे गमलों से पूरे परिसर को सजाया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सभी विभागों के बीच समन्वय बनाकर तैयारियों की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि कार्यक्रम में किसी तरह की बाधा न आए।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस संभावित दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण भी प्रस्तावित है। कार्यक्रम के दौरान पीजीआई और पंजाब विश्वविद्यालय से जुड़े अहम प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया जाएगा। इसके साथ ही भारतीय रेलवे की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित कालका, मोहाली, अंब अंदौरा और आनंदपुर साहिब रेलवे स्टेशनों का भी वर्चुअल लोकार्पण किया जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन स्टेशनों का आधुनिकीकरण यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है। स्टेशन परिसरों में आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ स्थानीय संस्कृति और क्षेत्रीय पहचान को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">रेलवे का कहना है कि अमृत भारत स्टेशन योजना केवल भवनों के नवीनीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य रेलवे स्टेशनों को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन केंद्र के रूप में विकसित करना है। इस योजना के तहत देशभर में 1300 से अधिक रेलवे स्टेशनों का चरणबद्ध तरीके से आधुनिकीकरण किया जा रहा है। अब तक 172 से अधिक स्टेशनों का निर्माण या पुनर्विकास कार्य पूरा किया जा चुका है। अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक स्टेशनों से यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा और स्थानीय व्यापार, पर्यटन तथा आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>रेलवे अधिकारियों ने सोमवार को प्रस्तावित लोकार्पण वाले सभी स्टेशनों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। संबंधित विभागों को अंतिम रूप से सभी कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय कला, विरासत और वास्तुकला को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इन स्टेशनों को क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का प्रयास किया गया है। प्रशासन और रेलवे दोनों का कहना है कि जैसे ही प्रधानमंत्री कार्यालय से आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि होगी, तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/preparations-for-chandigarh-tour-intensified-tent-worth-%E2%82%B9-2-crore/article-58051</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/preparations-for-chandigarh-tour-intensified-tent-worth-%E2%82%B9-2-crore/article-58051</guid>
                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 12:00:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/pm-modi-chandigarh-visit.jpg"                         length="125145"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुनील शेट्टी का दावा, नातिन रोज देखती है पीएम मोदी की तस्वीर</title>
                                    <description><![CDATA[अभिनेता बोले- 15 महीने की इवारा साईं बाबा की किताब में लगी नरेंद्र मोदी की तस्वीर को देखकर उन्हें लड्डू खिलाने की कोशिश करती है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/sunil-shetty-claims-granddaughter-looks-at-pm-modis-picture-every/article-57143"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/suniel-shetty.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी इन दिनों अपनी नई फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' के साथ-साथ एक इंटरव्यू में दिए गए बयान को लेकर भी चर्चा में हैं। एक बातचीत के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी व्यक्तिगत प्रशंसा का जिक्र करते हुए अपनी 15 महीने की नातिन इवारा से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। सुनील शेट्टी के अनुसार, उनकी नातिन रोज सुबह साईं बाबा की एक किताब में लगी नरेंद्र मोदी की तस्वीर को पहचानती है और गणपति के मंदिर से लड्डू लाकर उस तस्वीर के सामने रखती है। अभिनेता का कहना है कि परिवार में किसी ने भी उसे ऐसा करने के लिए नहीं सिखाया, लेकिन वह अपने स्तर पर ऐसा करती है। हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में सुनील शेट्टी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बड़े प्रशंसक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान किसी राजनीतिक दल के समर्थन के रूप में नहीं बल्कि एक नेता के प्रति व्यक्तिगत सम्मान के रूप में है। अभिनेता ने कहा कि नरेंद्र मोदी का व्यक्तित्व उन्हें प्रेरित करता है और देश के प्रति उनका दृष्टिकोण उन्हें प्रभावित करता है। इसी दौरान उन्होंने अपनी नातिन इवारा का जिक्र करते हुए कहा कि एक बार उसकी नैनी ने एयरपोर्ट पर उसे नरेंद्र मोदी की तस्वीर दिखाई थी। इसके बाद से वह रोज सुबह साईं बाबा की किताब खोलती है, जिसमें नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगी हुई है, और "मोदी जी" कहकर उसे पहचानती है। सुनील शेट्टी के मुताबिक, इवारा इसके बाद घर में रखी गणपति की प्रतिमा के पास जाती है, वहां से प्रसाद के रूप में रखा लड्डू उठाती है और तस्वीर के सामने ले जाकर खिलाने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि परिवार में किसी ने उसे ऐसा करने के लिए नहीं कहा और न ही किसी तरह की ट्रेनिंग दी गई। अभिनेता का कहना था कि यह पूरी तरह बच्चे की अपनी प्रतिक्रिया है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व में कुछ ऐसा है जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने यह भी याद किया कि उनकी नरेंद्र मोदी से पहली मुलाकात वर्ष 2010 में अहमदाबाद में हुई थी। अभिनेता के अनुसार, उसी मुलाकात के बाद से वह उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि देश के लिए काम करने वाले नेतृत्व की वह हमेशा सराहना करते हैं और इसी कारण नरेंद्र मोदी के प्रति उनके मन में सम्मान है। बातचीत के दौरान उन्होंने कई बार दोहराया कि वह किसी राजनीतिक विचारधारा की नहीं बल्कि नेतृत्व क्षमता की बात कर रहे हैं। सुनील शेट्टी का यह बयान सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रशंसक और कई सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो को साझा कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग इसे अभिनेता का व्यक्तिगत अनुभव और निजी राय बता रहे हैं। सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के ऐसे बयान अक्सर चर्चा का हिस्सा बन जाते हैं और इस बार भी ऐसा ही देखने को मिला। वर्कफ्रंट की बात करें तो सुनील शेट्टी इन दिनों अपनी नई फिल्म<strong> </strong>'वेलकम टू द जंगल' को लेकर व्यस्त हैं। फिल्म 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। इसमें अक्षय कुमार, रवीना टंडन, जैकलीन फर्नांडिस, दिशा पाटनी, परेश रावल और राजपाल यादव समेत कई कलाकार प्रमुख भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्म को पहले दिन अच्छी शुरुआत मिली और शुरुआती बॉक्स ऑफिस आंकड़ों के अनुसार फिल्म ने भारत में लगभग 15 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया, जबकि दुनियाभर में इसकी कमाई करीब 29 करोड़ रुपये बताई गई है। सुनील शेट्टी के परिवार की बात करें तो उनकी बेटी अथिया शेट्टी ने जनवरी 2023 में भारतीय क्रिकेटर के.एल. राहुल से शादी की थी। मार्च 2025 में दोनों माता-पिता बने और उनकी बेटी इवारा का जन्म हुआ। अथिया और के.एल. राहुल अपनी बेटी की निजता को लेकर काफी सजग हैं और अब तक उन्होंने सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीर सार्वजनिक नहीं की है। दोनों "नो फोटो पॉलिसी" का पालन करते हैं और चाहते हैं। सुनील शेट्टी के इस बयान ने एक बार फिर उनके निजी जीवन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति उनके सम्मान को चर्चा में ला दिया है। हालांकि इवारा से जुड़ा पूरा प्रसंग अभिनेता द्वारा साझा किया गया उनका व्यक्तिगत अनुभव है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद यह बयान सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में लोगों का ध्यान खींच रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/sunil-shetty-claims-granddaughter-looks-at-pm-modis-picture-every/article-57143</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/sunil-shetty-claims-granddaughter-looks-at-pm-modis-picture-every/article-57143</guid>
                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 16:08:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/suniel-shetty.jpg"                         length="108763"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>MP के 81 लाख किसानों को 1,634 करोड़ की सौगात की घोषणा</title>
                                    <description><![CDATA[शिवराज सिंह चौहान ने पीएम किसान की 23वीं किस्त की जानकारी दी, किसानों के खातों में सीधे ट्रांसफर होंगे करोड़ों रुपये]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/6a34d1b9e3a3d/article-56365"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/pm-kisan-yojana-23rd-installment.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भोपाल में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 1,634 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की जाएगी। यह राशि राज्य के करीब 81.67 लाख किसानों के खातों में सीधे ट्रांसफर की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह भुगतान 20 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से जारी होने वाली 23वीं किस्त के साथ जुड़ा हुआ है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले यह सहायता किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। उन्होंने बताया कि देशभर के करीब 9 करोड़ किसानों के खातों में इस किस्त के तहत लगभग 18,800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी जाएगी। इससे पहले अब तक 22 किस्तों के माध्यम से किसानों को करीब 4.28 लाख करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। उन्होंने इसे सरकार की किसान हितैषी नीतियों का हिस्सा बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी दौरान मीडिया से बातचीत में जब मीनाक्षी नटराजन के सत्याग्रह से जुड़े सवाल पूछे गए, तो शिवराज सिंह चौहान ने हल्के अंदाज में कहा कि “अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत।” उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में भी चर्चा पैदा कर दी है। हालांकि उन्होंने आगे किसी विवाद में न पड़ते हुए बातचीत को किसानों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रखा।केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के किसानों को लगातार आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के किसानों को भी अब पूरी तरह इस योजना का लाभ मिल रहा है और राज्य के करीब 44 लाख से अधिक किसान इससे जुड़े हैं। यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम को और व्यापक बनाने के लिए सरकार ने 20 जून को पीएम किसान उत्सव दिवस मनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत देशभर के 731 कृषि विज्ञान केंद्रों, 113 आईसीएआर संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों और पंचायत स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अनुमान है कि करीब 4 करोड़ किसान इन आयोजनों से जुड़कर प्रधानमंत्री का संबोधन सुनेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार मानसून और अल नीनो की स्थिति पर भी लगातार नजर बनाए हुए है। मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए राज्यों के साथ मिलकर कंटीजेंसी प्लान तैयार किया जा रहा है। मध्यप्रदेश के 16 जिलों में विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां कम वर्षा की संभावना जताई गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे क्षेत्रों में कम पानी वाली फसलों, वैकल्पिक खेती और बेहतर बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके। साथ ही यदि बारिश में कमी या अंतराल होता है, तो किसानों को तुरंत राहत देने के लिए जिला स्तर पर योजनाएं लागू की जाएंगी।पराली प्रबंधन को लेकर भी केंद्र सरकार ने राज्यों को सख्त और प्रभावी कदम उठाने की सलाह दी है। विशेषकर धान उत्पादक राज्यों में फसल अवशेष प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है ताकि पर्यावरण प्रदूषण को कम किया जा सके और कृषि व्यवस्था को संतुलित रखा जा सके। सरकार का फोकस किसानों की आय बढ़ाने, जोखिम कम करने और कृषि क्षेत्र को अधिक स्थिर बनाने पर है। पीएम किसान योजना की 23वीं किस्त इसी दिशा में एक और बड़ा कदम मानी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/6a34d1b9e3a3d/article-56365</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/6a34d1b9e3a3d/article-56365</guid>
                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 11:15:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/pm-kisan-yojana-23rd-installment.jpg"                         length="140725"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोने के आयात में 70% गिरावट, शुल्क वृद्धि का बड़ा असर</title>
                                    <description><![CDATA[पीएम मोदी की अपील और बढ़े सीमा शुल्क के बाद आयात मात्रा में भारी कमी, हालांकि मूल्य में बढ़ोतरी जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/70-decline-in-gold-imports-big-impact-of-duty-increase/article-56363"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gold-import-india-decline.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश में सोने के आयात को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सरकार की नीतियों, आयात शुल्क में वृद्धि और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से की गई सोना कम खरीदने की अपील का सीधा असर अब आंकड़ों में साफ नजर आने लगा है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, एक महीने के भीतर भारत में सोने का आयात मात्रा के हिसाब से करीब 70 प्रतिशत तक घट गया है। पहले जहां आयात 75 से 100 टन के बीच था, अब यह गिरकर लगभग 25 से 30 टन तक पहुंच गया है। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब सरकार ने 13 मई से सोने पर सीमा शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था। अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य सोने के आयात पर निर्भरता कम करना और चालू खाते के घाटे को नियंत्रित करना था। इसके साथ ही प्रधानमंत्री की ओर से लोगों से अपील की गई थी कि एक वर्ष तक सोने की खरीद में संयम बरता जाए, जिसका असर भी बाजार में देखने को मिल रहा है। हालांकि दिलचस्प बात यह है कि आयात मात्रा में भारी गिरावट के बावजूद सोने के कुल आयात मूल्य में वृद्धि दर्ज की गई है। मई महीने में सोने का आयात सालाना आधार पर 34 प्रतिशत बढ़कर 3.41 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इसका प्रमुख कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तेजी बताई जा रही है। यानी कम मात्रा में आयात होने के बावजूद कीमतों की बढ़ोतरी ने कुल मूल्य को ऊपर बनाए रखा है।</p>
<p style="text-align:justify;">अप्रैल और मई के दौरान भारत का कुल सोने का आयात 60 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 9.04 अरब डॉलर तक पहुंच गया। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने रिकॉर्ड स्तर पर 71.98 अरब डॉलर मूल्य का सोना आयात किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 24 प्रतिशत अधिक है। हालांकि मात्रा के हिसाब से इसमें 4.76 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और कुल आयात 721.03 टन पर रहा। यह स्पष्ट करता है कि देश में सोने की मांग बनी हुई है, लेकिन महंगे दामों और नीतिगत बदलावों के कारण इसका स्वरूप बदल रहा है। सोने के आयात में यह बदलाव भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सोना देश के कुल आयात का 5 प्रतिशत से अधिक हिस्सा रखता है। आयात में कमी से विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम हो सकता है, लेकिन घरेलू मांग और निवेश व्यवहार पर इसका असर भी देखने को मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी बीच चालू वित्त वर्ष 2026-27 में शुद्ध आयकर संग्रह में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 17 जून तक शुद्ध आयकर संग्रह 15 प्रतिशत बढ़कर 5.21 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इसमें कॉरपोरेट और गैर-कॉरपोरेट दोनों तरह के कर संग्रह शामिल हैं। कॉरपोरेट टैक्स संग्रह में 22 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी देखी गई है और यह 2.08 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं गैर-कॉरपोरेट टैक्स संग्रह 8 प्रतिशत बढ़कर 2.94 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यह संकेत देता है कि देश की कर प्रणाली में सुधार और आर्थिक गतिविधियों में तेजी का असर राजस्व पर भी दिखाई दे रहा है। सोने के आयात में आई भारी गिरावट और कर संग्रह में बढ़ोतरी भारतीय अर्थव्यवस्था की बदलती तस्वीर को दर्शाती है। एक तरफ जहां सरकार आयात पर नियंत्रण और राजस्व बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है, वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय कीमतें और घरेलू मांग स्थिति को संतुलित बनाए हुए हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/70-decline-in-gold-imports-big-impact-of-duty-increase/article-56363</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/70-decline-in-gold-imports-big-impact-of-duty-increase/article-56363</guid>
                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 11:00:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/gold-import-india-decline.jpg"                         length="190943"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>G7 शिखर सम्मेलन में बोले प्रधानमंत्री मोदी, संतुलित और समावेशी विकास के लिए वैश्विक साझेदारी जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 समिट के आउटरीच सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लोबल साउथ के हितों की जोरदार पैरवी की। उन्होंने IMPACT पहल, वैश्विक कौशल साझेदारी और विकासशील देशों के लिए आर्थिक सुरक्षा तंत्र बनाने का प्रस्ताव रखा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/prime-minister-modi-said-in-g7-summit-that-global-partnership/article-56292"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/narendra-modi-(2).jpg" alt=""></a><br /><p>फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के सामने साझा, संतुलित और टिकाऊ आर्थिक विकास का विजन प्रस्तुत किया। “Reviving a Balanced, Shared and Sustainable Economic Growth for All” विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जब दुनिया अनिश्चितताओं, संघर्षों और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही है, तब विकास का अर्थ केवल GDP वृद्धि या व्यापारिक आंकड़ों तक सीमित नहीं होना चाहिए। विकास का वास्तविक उद्देश्य लोगों का कल्याण, समावेशिता और अवसरों की समान उपलब्धता होना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने पिछले वर्षों में समावेशी विकास का जो मॉडल अपनाया है, वह “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के सिद्धांत पर आधारित है। इसी सोच के कारण भारत ने करोड़ों लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि यही दृष्टिकोण भारत की अंतरराष्ट्रीय नीतियों में भी दिखाई देता है और G20 की अध्यक्षता के दौरान “One Earth, One Family, One Future” का संदेश इसी सोच का विस्तार था।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए देशों के बीच सहयोग, विश्वास और साझेदारी आवश्यक है। उन्होंने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परियोजना केवल एक परिवहन या व्यापार मार्ग नहीं है, बल्कि यह निवेश, रोजगार, नवाचार और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण का माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसे और भी संपर्क एवं व्यापार गलियारों की आवश्यकता है, जो विभिन्न क्षेत्रों को आर्थिक रूप से जोड़ सकें। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल साउथ के देशों की चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों और भू-राजनीतिक संकटों का सबसे अधिक असर विकासशील देशों पर पड़ता है। खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति, ईंधन कीमतों और निवेश पर पड़ने वाले प्रभाव का बोझ अक्सर गरीब और उभरती अर्थव्यवस्थाओं को उठाना पड़ता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी है कि वह इन देशों को अकेला न छोड़े। इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से अपील की कि वे ऐसे सहायता तंत्र विकसित करें जो विकासशील देशों को आर्थिक झटकों से उबरने और उनकी आर्थिक मजबूती बनाए रखने में मदद कर सकें। उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था तभी टिकाऊ होगी, जब कमजोर देशों को भी समान अवसर और सुरक्षा मिलेगी।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने एक नई पहल “International Mobilization Partnership for Accelerating Connectivity and Trade” यानी IMPACT का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने बताया कि इस पहल के माध्यम से G7 देशों की पूंजी, भारत की प्रतिभा और ग्लोबल साउथ के देशों की भागीदारी को एक मंच पर लाया जा सकता है। इसका उद्देश्य संपर्क, व्यापार, तकनीक और ऊर्जा के क्षेत्र में नए अवसर पैदा करना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि IMEC की तर्ज पर अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और प्रशांत द्वीपीय देशों को जोड़ने वाली नई परियोजनाओं पर भी काम किया जाना चाहिए। इससे विकासशील क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और वैश्विक स्तर पर संतुलित विकास को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी परियोजनाओं में स्थानीय स्वामित्व, पारदर्शी वित्तपोषण और दीर्घकालिक स्थिरता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। प्रधानमंत्री ने विकसित देशों के सामने मौजूद जनसंख्या संबंधी चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई विकसित देश वृद्ध होती आबादी की समस्या का सामना कर रहे हैं, जबकि भारत और ग्लोबल साउथ के अन्य देशों के पास युवा प्रतिभा, कौशल और उद्यमशीलता की अपार क्षमता है। इस प्राकृतिक पूरकता का लाभ उठाने के लिए उन्होंने “Global Skills Partnership” स्थापित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी के तहत देशों के बीच कौशल मानचित्रण, प्रशिक्षण और विश्वसनीय कुशल मानव संसाधन की आवाजाही को बढ़ावा दिया जा सकता है। इससे विकसित देशों को आवश्यक कार्यबल मिलेगा और विकासशील देशों के युवाओं को वैश्विक अवसर प्राप्त होंगे। प्रधानमंत्री ने इसे भविष्य की आर्थिक साझेदारी का महत्वपूर्ण आधार बताया।</p>
<p>अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की आर्थिक नीतियों और वैश्विक व्यापार के प्रति प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत ने G7 देशों सहित दुनिया के कई प्रमुख देशों के साथ व्यापार समझौते किए हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि भारत संरक्षणवाद की बजाय साझेदारी और एकीकरण में विश्वास रखता है। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य केवल अपनी आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि वह एक स्थिर, भरोसेमंद और समृद्ध वैश्विक अर्थव्यवस्था के निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाना चाहता है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यदि दुनिया सहयोग, विश्वास और साझा विकास के सिद्धांतों पर आगे बढ़ेगी तो आने वाले वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था अधिक मजबूत, समावेशी और टिकाऊ बन सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/prime-minister-modi-said-in-g7-summit-that-global-partnership/article-56292</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/prime-minister-modi-said-in-g7-summit-that-global-partnership/article-56292</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 15:04:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/narendra-modi-%282%29.jpg"                         length="147053"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>G7 में पीएम मोदी का बयान, वैश्विक संकटों का बोझ अकेले न उठाए ग्लोबल साउथ</title>
                                    <description><![CDATA[ऊर्जा, खाद्य और उर्वरक आपूर्ति संकट पर चिंता जताई, स्किल पार्टनरशिप और IMPACT ढांचे का दिया प्रस्ताव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/pm-modis-statement-in-g7-global-south-should-not-bear/article-56252"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/pm-modi-g7-speech-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G7 आउटरीच सत्र में वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज को मजबूती से उठाते हुए कहा कि दुनिया में चल रहे संकटों का बोझ केवल विकासशील देशों पर नहीं डाला जा सकता। उन्होंने खास तौर पर पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित ऊर्जा, खाद्य और उर्वरक आपूर्ति श्रृंखलाओं का जिक्र किया और कहा कि इन व्यवधानों का असर लंबे समय तक कमजोर देशों पर पड़ता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी बनती है कि वह सुनिश्चित करे कि संवेदनशील और विकासशील देश अकेले इन संकटों का भार न उठाएं। पीएम मोदी ने साझा और संतुलित विकास पर बोलते हुए कहा कि आज दुनिया एक ऐसे दौर से गुजर रही है जहां सप्लाई चेन में अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहे हैं। इसका सीधा असर ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ता है, जो पहले से ही आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि वैश्विक एकजुटता को मजबूत करना है तो सबसे कमजोर देशों को अकेला नहीं छोड़ा जा सकता।</p>
<p style="text-align:justify;">अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने वैश्विक कौशल साझेदारी (Global Skills Partnership) का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों में प्रतिभा और उद्यमिता की कोई कमी नहीं है, लेकिन उसे सही अवसर और वैश्विक मंच की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने स्किल मैपिंग और भरोसेमंद स्किल मोबिलिटी को बढ़ावा देने की बात कही, जिससे विकसित देशों की उम्रदराज होती आबादी और विकासशील देशों की युवा शक्ति के बीच संतुलन बनाया जा सके। पीएम मोदी ने इसके साथ ही IMPACT यानी “International Mobilisation Partnership for Accelerating Connectivity and Trade” ढांचे का भी सुझाव दिया। इस पहल का उद्देश्य व्यापार, तकनीक और ऊर्जा के नए कॉरिडोर विकसित करना है, जिसमें G7 देशों की पूंजी, भारत की प्रतिभा और ग्लोबल साउथ की भागीदारी को जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहलें स्थानीय स्वामित्व, पारदर्शी वित्तपोषण और दीर्घकालिक स्थिरता पर आधारित होनी चाहिए ताकि वास्तविक विकास संभव हो सके।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर (IMEC) का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह के कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स को और आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिया कि अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और प्रशांत द्वीप क्षेत्रों के साथ भी इसी तरह की कनेक्टिविटी योजनाएं विकसित की जा सकती हैं। इससे न केवल व्यापार को बढ़ावा मिलेगा बल्कि रोजगार, निवेश और नवाचार के नए अवसर भी पैदा होंगे। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत की वैश्विक आर्थिक नीति केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जमीनी स्तर पर दिखाई देती है। उन्होंने बताया कि भारत ने G7 में शामिल कई देशों के साथ व्यापार समझौते किए हैं, जो इस बात का संकेत है कि भारत संरक्षणवाद की बजाय साझेदारी और एकीकरण में विश्वास रखता है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि आज दुनिया दो बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है—एक तरफ विकसित देशों में उम्रदराज आबादी की समस्या है, तो दूसरी तरफ विकासशील देशों में युवा और कुशल जनशक्ति की प्रचुरता है। इस असंतुलन को अवसर में बदलने की जरूरत है। इसी के तहत उन्होंने एक ग्लोबल स्किल्स पार्टनरशिप की परिकल्पना रखी, जिससे देशों के बीच कौशल का आदान-प्रदान और भरोसेमंद श्रम गतिशीलता को बढ़ावा दिया जा सके। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भारत हमेशा से वैश्विक सहयोग और साझा समृद्धि का समर्थक रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की नीति “विभाजन नहीं, एकीकरण”, “संरक्षणवाद नहीं, साझेदारी” और “अनिश्चितता नहीं, साझा समृद्धि” पर आधारित है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से भी अपील की कि वे विकासशील देशों को आर्थिक झटकों से निपटने के लिए मजबूत समर्थन तंत्र विकसित करें। G7 मंच पर पीएम मोदी का यह संदेश वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में संतुलन, सहयोग और समावेशी विकास की दिशा में एक मजबूत अपील के रूप में देखा जा रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/pm-modis-statement-in-g7-global-south-should-not-bear/article-56252</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/pm-modis-statement-in-g7-global-south-should-not-bear/article-56252</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 11:36:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/pm-modi-g7-speech-%281%29.jpg"                         length="123981"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>G7 सम्मेलन में पीएम मोदी बोले, भारतीय नाविकों की मौत चिंता का विषय</title>
                                    <description><![CDATA[समुद्री व्यापार सुरक्षा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव पर जताई चिंता, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद तीन भारतीयों की मौत का मुद्दा उठा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/pm-modi-said-in-g7-conference-that-death-of-indian/article-56154"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/pm-modi-g7-speech.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">फ्रांस के इवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक नेताओं के सामने समुद्री सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों की स्थिरता और हाल की घटनाओं में भारतीय नागरिकों की मौत का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। इस बैठक में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई प्रमुख देशों के नेता मौजूद थे। पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों का असर सिर्फ क्षेत्रीय देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और व्यापार व्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का जिक्र किया, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। पीएम ने कहा कि इस मार्ग से बड़ी मात्रा में तेल और वाणिज्यिक सामान दुनिया भर में भेजा जाता है और किसी भी तरह की बाधा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">पीएम मोदी ने कहा, “इस संघर्ष में हमारे कई भारतीय नागरिकों ने भी अपनी जान गंवाई है।” उन्होंने आगे कहा कि समुद्री व्यापार को सुरक्षित और स्थिर बनाए रखना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है, क्योंकि हजारों नाविक रोजाना समुद्र के रास्ते देशों को जोड़ते हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था को गति देते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है ताकि वे बिना किसी डर के अपना काम कर सकें। पीएम मोदी का यह बयान हाल ही में सामने आई उन घटनाओं से जुड़ा माना जा रहा है, जिनमें अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई थी। हालांकि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में किसी देश या घटना का सीधा नाम नहीं लिया, लेकिन उनका संकेत उन्हीं घटनाओं की ओर माना जा रहा है, जिनमें अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में कई जहाजों पर कार्रवाई की गई थी। हाल के दिनों में अमेरिकी बलों ने ओमान की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में कुछ विदेशी झंडे वाले तेल टैंकरों पर कार्रवाई की थी। इन जहाजों पर भारतीय चालक दल के सदस्य भी मौजूद थे। इनमें से एक घटना में तीन भारतीय नागरिकों की मौत की पुष्टि हुई थी, जबकि अन्य घटनाओं में कई नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था। इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है और समुद्री सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन घटनाओं के बाद भारत सरकार ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है। विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी पक्ष के साथ बातचीत कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया और कहा कि इस तरह की घटनाएं तुरंत रोकी जानी चाहिए। भारत ने स्पष्ट किया कि समुद्री मार्गों पर काम करने वाले नागरिकों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत अपने समुद्री समुदाय के कल्याण और सुरक्षा को अत्यंत महत्व देता है। जब यह घटना हुई, तब भारत ने तुरंत अमेरिकी पक्ष के सामने अपनी गंभीर चिंता दर्ज कराई और कड़ा विरोध जताया। भारत ने अमेरिकी दूतावास के प्रतिनिधि को तलब कर अपनी स्थिति स्पष्ट की और कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा को जन्म दिया है क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यहां से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल और व्यापारिक सामान गुजरता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई या तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था को सीधे प्रभावित कर सकता है। पीएम मोदी का यह बयान भारत की उस नीति को दर्शाता है जिसमें वह अपने नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक शांति और व्यापार स्थिरता पर भी जोर देता है। भारत लंबे समय से समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की बात करता रहा है। G7 जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह मुद्दा उठना इस बात का संकेत है कि भारत अब वैश्विक मंचों पर अपने नागरिकों की सुरक्षा और समुद्री व्यापार के मुद्दों को अधिक मजबूती से रख रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/pm-modi-said-in-g7-conference-that-death-of-indian/article-56154</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/pm-modi-said-in-g7-conference-that-death-of-indian/article-56154</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 11:24:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/pm-modi-g7-speech.jpg"                         length="132480"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मैक्रों ने मोदी की फ्रांस यात्रा को बॉलीवुड टच देकर सराहा</title>
                                    <description><![CDATA[‘Aari Aari’ गाने पर वीडियो शेयर कर भारत-फ्रांस रिश्तों को दिखाया सांस्कृतिक रंग, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ क्लिप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/macron-praised-modis-visit-to-france-by-giving-it-a/article-55951"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/pm-modi-france-visit.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नाइस यात्रा को एक खास बॉलीवुड ट्विस्ट देते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होंने फिल्म ‘धुरंधर’ के लोकप्रिय गाने ‘Aari Aari’ का इस्तेमाल किया, जिससे पूरी क्लिप को एक भारतीय सांस्कृतिक रंग मिल गया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है और दोनों देशों के बीच बढ़ते सांस्कृतिक और कूटनीतिक रिश्तों की एक नई झलक के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मैक्रों द्वारा पोस्ट किया गया यह वीडियो एक्स और इंस्टाग्राम दोनों पर साझा किया गया। इसमें पीएम मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति की मुलाकात के कई अहम पल दिखाए गए हैं, जहां दोनों नेताओं को गर्मजोशी से हाथ मिलाते और गले मिलते हुए देखा जा सकता है। वीडियो की शुरुआत इसी मित्रतापूर्ण मुलाकात से होती है और आगे इसमें नाइस शहर में हुए विभिन्न कार्यक्रमों की झलक दिखाई गई है। इस दौरान दोनों नेताओं की तकनीक, नवाचार, अंतरिक्ष और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर बातचीत को भी प्रमुखता से दिखाया गया है। वीडियो में भारत-फ्रांस साझेदारी को एक मजबूत और भविष्य उन्मुख रिश्ते के रूप में पेश किया गया है। खास बात यह रही कि बॉलीवुड गाने के इस्तेमाल ने इस कूटनीतिक दौरे को एक सांस्कृतिक उत्सव जैसा बना दिया। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने मैक्रों की इस पहल की काफी सराहना की और इसे भारत की सॉफ्ट पावर का उदाहरण बताया। कई लोगों ने लिखा कि यह पहली बार नहीं है जब फ्रांस के राष्ट्रपति ने भारतीय सिनेमा या संगीत का उपयोग अपने पोस्ट में किया हो, बल्कि इससे पहले भी वह ऐसा कर चुके हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पीएम मोदी की यह यात्रा फ्रांस के नाइस शहर में हुई, जहां उन्होंने ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कॉन्क्लेव में हिस्सा लिया। इस दौरान दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया, जिसमें टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप, अंतरिक्ष, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरते उद्योगों पर चर्चा की गई। यह सम्मेलन दोनों देशों के बीच नवाचार और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। यात्रा के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने विला केरीलोस में द्विपक्षीय वार्ता भी की। इस बैठक में रक्षा सहयोग, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष अनुसंधान और उन्नत तकनीक जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बैठक में यह भी चर्चा हुई कि दोनों देश भविष्य में मानव अंतरिक्ष उड़ान और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। इस दौरान यह स्पष्ट किया गया कि भारत और फ्रांस आने वाले समय में तकनीकी और रक्षा क्षेत्र में और अधिक करीब आएंगे। दोनों देशों ने यह भी माना कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में आपसी सहयोग और भी महत्वपूर्ण हो गया है। इस पूरी यात्रा ने एक बार फिर भारत और फ्रांस के बीच मजबूत होते रिश्तों को दुनिया के सामने रखा है। जहां एक ओर राजनीतिक और रणनीतिक चर्चा हुई, वहीं दूसरी ओर सांस्कृतिक जुड़ाव ने इस दौरे को और भी खास बना दिया। मैक्रों का बॉलीवुड टच वाला वीडियो इसी बढ़ते सांस्कृतिक मेलजोल का प्रतीक बन गया है, जिसे वैश्विक स्तर पर काफी पसंद किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/macron-praised-modis-visit-to-france-by-giving-it-a/article-55951</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/macron-praised-modis-visit-to-france-by-giving-it-a/article-55951</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 11:18:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/pm-modi-france-visit.jpg"                         length="183800"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी के 12 वर्ष पूरे, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया नए भारत का स्वर्णिम दौर</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कालजयी और त्रिकालदर्शी नेता बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत ने विकास, सुशासन, सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के नए आयाम स्थापित किए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/pm-modi-is-a-timeless-and-timeless-leader-the-face/article-55517"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/pm-modi-12-years.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक विस्तृत ब्लॉग के माध्यम से उनके कार्यकाल की उपलब्धियों और नेतृत्व क्षमता को रेखांकित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में जब नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी, तब देश ने केवल एक नई सरकार नहीं चुनी थी, बल्कि शासन की एक नई सोच, नई कार्यशैली और विकास की नई दिशा को स्वीकार किया था। पिछले 12 वर्षों में भारत ने जिस गति से विकास, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में प्रगति की है, वह देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हुआ है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने लेख में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सबसे बड़ी विशेषता सेवा, सुशासन और संकल्प की भावना रही है। उन्होंने गरीब, किसान, महिला, युवा और समाज के वंचित वर्गों को विकास की मुख्यधारा में लाने का लगातार प्रयास किया। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य केवल लाभ पहुंचाना नहीं था, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ सुनिश्चित करना था। इसी सोच के कारण देश में कल्याणकारी योजनाओं का दायरा बढ़ा और करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए तकनीक का प्रभावी उपयोग किया। डिजिटल इंडिया अभियान, ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना इसी सोच का हिस्सा रहा। इससे आम नागरिक और सरकार के बीच की दूरी कम हुई तथा योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचना संभव हुआ। मुख्यमंत्री के अनुसार यह सुशासन का ऐसा मॉडल है जिसने प्रशासनिक व्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की संवाद शैली को भी उनकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार जनता से जुड़े रहते हैं और विभिन्न वर्गों के लोगों से सीधा संवाद करते हैं। चाहे ‘मन की बात’ कार्यक्रम हो या छात्रों के साथ ‘परीक्षा पर चर्चा’, उन्होंने हर वर्ग के लोगों को प्रेरित करने और उनका मार्गदर्शन करने का काम किया है। इससे लोकतंत्र में जनता की भागीदारी और विश्वास दोनों मजबूत हुए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व निर्णायक नेतृत्व का उदाहरण है। उन्होंने हमेशा बड़े और चुनौतीपूर्ण निर्णय लेने का साहस दिखाया है। विकसित भारत का संकल्प भी इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है। प्रधानमंत्री ने देश को केवल विकासशील राष्ट्र के रूप में नहीं बल्कि विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल करने का लक्ष्य रखा है। इस सोच ने देश के युवाओं और नागरिकों में आत्मविश्वास और राष्ट्रीय गौरव की भावना को मजबूत किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने अपने लेख में मध्य प्रदेश के विकास में प्रधानमंत्री मोदी के योगदान का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति मिली है। केन-बेतवा लिंक परियोजना, पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना और पीएम मित्र पार्क जैसी योजनाएं इसका उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि धार में पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन स्वयं प्रधानमंत्री द्वारा किया जाना मध्य प्रदेश के प्रति उनके विशेष स्नेह को दर्शाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि प्रदेश में साइबर तहसील की व्यवस्था, भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजनाएं, एयरपोर्ट नेटवर्क का विस्तार और नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण जैसी उपलब्धियों के पीछे भी प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सुरक्षा के मामले में हमेशा स्पष्ट नीति अपनाई और यह संदेश दिया कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही मुख्यधारा में लौटने वालों के लिए पुनर्वास की बेहतर व्यवस्था पर भी बल दिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उद्योग और निवेश के क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री के नेतृत्व को महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मध्य प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे आयोजनों में प्रधानमंत्री की भागीदारी ने राज्य को नई पहचान दिलाई है। इससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से राज्य सरकार ने श्रमिकों और आम नागरिकों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को कालजयी और त्रिकालदर्शी नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान दिलाई है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी के पुनर्विकास और योग को वैश्विक पहचान दिलाने जैसे प्रयासों ने देश की सांस्कृतिक चेतना को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की ताकत केवल उसकी अर्थव्यवस्था और सेना में नहीं होती, बल्कि उसकी संस्कृति और आत्मविश्वास में भी होती है। प्रधानमंत्री ने इसी आत्मविश्वास को नई ऊर्जा दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों का मूल्यांकन केवल योजनाओं और आंकड़ों के आधार पर नहीं किया जा सकता। यह वह दौर है जिसने भारत को नई दिशा दी, लोगों में विश्वास जगाया और देश को आत्मनिर्भर तथा आत्मविश्वासी बनाने की मजबूत नींव रखी। मुख्यमंत्री के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कार्यकाल नए भारत के निर्माण और राष्ट्रीय पुनर्जागरण का स्वर्णिम अध्याय है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/pm-modi-is-a-timeless-and-timeless-leader-the-face/article-55517</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/pm-modi-is-a-timeless-and-timeless-leader-the-face/article-55517</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 15:05:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/pm-modi-12-years.jpg"                         length="231698"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोदी बने सबसे लंबे निर्वाचित पीएम, नेहरू का रिकॉर्ड टूटा</title>
                                    <description><![CDATA[कन्या, मकर और कुंभ राशि वालों के लिए दिन खास, करियर में नई संभावनाएं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/modi-becomes-longest-elected-pm-nehrus-record-broken/article-55464"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">नई दिल्ली, 10 जून। राजधानी दिल्ली में आज का राजनीतिक माहौल सुबह से ही काफी गर्म है और हर तरफ एक ही चर्चा चल रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से उनका कार्यकाल अब 4399 दिनों तक पहुंच चुका है और इसी के साथ उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 4398 दिनों के निर्वाचित कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। यह आंकड़ा केवल एक संख्या नहीं माना जा रहा, बल्कि भारतीय लोकतंत्र के लंबे राजनीतिक सफर में एक बड़ा मोड़ बताया जा रहा है। सुबह से ही सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस बात की चर्चा तेज है कि यह उपलब्धि देश की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत है, हालांकि इस पर अलग-अलग राजनीतिक मत भी सामने आ रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">दिल्ली में आज दोपहर होने वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की अहम बैठक को लेकर भी हलचल तेज है। भारत मंडपम में होने वाली इस बैठक में केंद्र सरकार के सहयोगी दलों के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता शामिल हो रहे हैं। जहां आने वाले समय की नीतियों और विकास योजनाओं पर विस्तृत चर्चा होगी। बैठक में प्रधानमंत्री के इस नए रिकॉर्ड को लेकर एक औपचारिक प्रस्ताव के जरिए बधाई भी दी जाएगी। इसके साथ ही ‘विकसित भारत 2047’ के विजन डॉक्यूमेंट पर विस्तार से चर्चा होगी और केंद्र तथा राज्यों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर भी कई सुझाव रखे जाएंगे। सुबह से ही भारत मंडपम के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है और मीडिया की मौजूदगी लगातार बनी हुई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अगर पिछले बारह वर्षों के राजनीतिक घटनाक्रम को देखा जाए तो प्रधानमंत्री मोदी का कार्यकाल कई बड़े और ऐतिहासिक फैसलों के लिए जाना जाता है। डिजिटल सेवाओं का विस्तार, जीएसटी जैसी एकीकृत कर प्रणाली का लागू होना, नोटबंदी का फैसला, सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर स्ट्राइक जैसी सैन्य कार्रवाइयां, तीन तलाक कानून, अनुच्छेद 370 में बदलाव और कोरोना महामारी के दौरान बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान जैसे कदम देश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर गहरा असर डालते हैं। इन सभी फैसलों के बीच सरकार को कई बार आलोचनाओं और विरोध का भी सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद लगातार तीन आम चुनावों में सत्ता में वापसी ने राजनीतिक स्थिरता की एक अलग तस्वीर भी पेश की है। 2014, 2019 और 2024 के चुनावों में जनता के जनादेश ने इस नेतृत्व को लगातार मजबूत आधार दिया और इसी वजह से यह रिकॉर्ड और अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह उपलब्धि सिर्फ एक व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं है बल्कि भारतीय लोकतंत्र में नेतृत्व की निरंतरता और जनसमर्थन की प्रवृत्ति को भी दर्शाती है। हालांकि इस पर विपक्ष का नजरिया अलग है और वह इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं और बहस के संदर्भ में देखता है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि आने वाले वर्षों में भारतीय राजनीति किस दिशा में जाएगी। क्या यह नेतृत्व इसी तरह आगे भी मजबूत बना रहेगा या फिर राजनीतिक परिदृश्य में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। भाजपा के भीतर भी नए नेताओं के उभरने और राज्यों में नए चेहरों के सामने आने को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर अभी भी किसी एक स्पष्ट विकल्प की तस्वीर सामने नहीं आई है। ऐसे में आने वाले समय में नेतृत्व और संगठन दोनों की परीक्षा मानी जा रही है।</p>
<p>इसी बीच दिल्ली की सियासत में यह भी चर्चा है कि 2029 के आम चुनाव तक राजनीतिक समीकरण किस तरह बदल सकते हैं। सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती नीतियों के क्रियान्वयन के साथ-साथ जनता के भरोसे को बनाए रखने की होगी। वहीं विपक्ष भी अपनी रणनीति को मजबूत करने में जुटा है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए कहा जा सकता है कि भारतीय राजनीति एक ऐसे मोड़ पर पहुंच चुकी है जहां नेतृत्व, नीतियां और जनभावनाएं सभी मिलकर भविष्य की दिशा तय करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/modi-becomes-longest-elected-pm-nehrus-record-broken/article-55464</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/modi-becomes-longest-elected-pm-nehrus-record-broken/article-55464</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 12:02:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/narendra-modi.jpg"                         length="143842"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        