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                <title>Fuel Crisis - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Fuel Crisis RSS Feed</description>
                
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                <title>MP में पेट्रोल 116 के पार, डीजल 100 रुपये पहुंचा, 11 दिन में हुई चौथी बढ़ोतरी</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल फिर महंगा हुआ। भोपाल समेत कई शहरों में पेट्रोल 116 रुपए और डीजल 100 रुपए के करीब पहुंचा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/petrol-crosses-rs-116-in-mp-diesel-reaches-rs-100/article-54158"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/madhya-pradesh-petrol-diesel-rates-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने फिर से आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार सुबह जो नए रेट जारी हुए</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनके मुताबिक कई शहरों में डीजल </span>100<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए प्रति लीटर के पार चला गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि पेट्रोल </span>115<span lang="hi" xml:lang="hi"> से </span>116<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए के बीच बिक रहा है। भोपाल की बात करें तो यहां पेट्रोल </span>114.65<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए और डीजल </span>99.74<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए प्रति लीटर हो गया है। तेल कंपनियों ने </span>11<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों में चौथी बार कीमतें बढ़ाई हैं। इस बार पेट्रोल में करीब </span>2.61<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए और डीजल में </span>2.71<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए प्रति लीटर का इजाफा देखने को मिला है। इन लगातार बढ़ते दामों से ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और आम जनता में नाराजगी भी साफ नजर आ रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रदेश के बड़े शहरों में उज्जैन अब सबसे महंगा शहर बन गया है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां पेट्रोल </span>115.03<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए और डीजल </span>100.11<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। इंदौर में पेट्रोल </span>114.54<span lang="hi" xml:lang="hi"> और डीजल </span>99.57<span lang="hi" xml:lang="hi"> रूपए पर पहुंच गया है। जबलपुर और ग्वालियर में भी दामों में तेजी देखने को मिली है। पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही लोग बढ़े हुए रेट को लेकर बातें करते दिखे। कुछ का कहना था कि पिछले डेढ़ हफ्ते में अचानक खर्च बढ़ गया है। जानकारी के मुताबिक</span>, 15<span lang="hi" xml:lang="hi"> मई से अब तक चार बार रेट बढ़ चुके हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे पेट्रोल और डीजल की कीमतें करीब </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए प्रति लीटर बढ़ गई हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">डीजल के </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">100<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए के करीब पहुंचने का असर रोजमर्रा की चीजों पर भी दिख सकता है। ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों का कहना है कि अगर कीमतें इसी तरह बढ़ती रही तो उन्हें मालभाड़ा बढ़ाना पड़ सकता है। इससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राशन और अन्य सामग्रियों की कीमतें बढ़ सकती हैं। खेती-किसानी पर भी इसका असर होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि ट्रैक्टर और डीजल पंप चलाने का खर्च बढ़ जाएगा। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बस और ऑटो किराए में बढ़ोतरी की भी संभावना जताई जा रही है। भोपाल और इंदौर में कुछ निजी स्कूल संचालकों ने यह भी कहा है कि अगर डीजल महंगा रहा तो स्कूल बस फीस पर असर पड़ सकता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अधिकारियों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी इसकी एक बड़ी वजह मानी जा रही है। हाल ही में क्रूड ऑयल करीब </span>70<span lang="hi" xml:lang="hi"> डॉलर प्रति बैरल था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अब यह </span>100<span lang="hi" xml:lang="hi"> डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है। तेल कंपनियों का कहना है कि लंबे समय तक कीमतें स्थिर रखी गई थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे उन पर दबाव बढ़ा है। सूत्रों के अनुसार सरकारी तेल कंपनियां पेट्रोल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डीजल और एलपीजी की बिक्री में भारी नुकसान झेल रही थीं। पेट्रोलियम मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों ने भी चेतावनी दी है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिति नहीं सुधरी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आने वाले दिनों में कीमतों में और बदलाव हो सकता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">असल में</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">उपभोक्ताओं तक पहुंचते-पहुंचते पेट्रोल-डीजल की कीमत कई स्तरों पर गुजरती है। कच्चे तेल की बेस कीमत के अलावा रिफाइनिंग खर्च</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डीलर कमीशन और राज्य सरकार का वैट भी इसमें शामिल होता है। मध्य प्रदेश में वैट दरें ज्यादा होने की वजह से यहां ईंधन कई राज्यों की तुलना में महंगा पड़ता है। यही कारण है कि सीमावर्ती इलाकों में लोग उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से पेट्रोल भरवाने जाते भी नजर आते हैं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राजनीतिक बयानबाजी भी अब तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महंगाई का बोझ लगातार जनता पर डाला जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले ही चेतावनी दी गई थी कि कीमतें बढ़ सकती हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन समय रहते इस पर कोई कदम नहीं उठाए गए। फिलहाल बढ़ते पेट्रोल-डीजल रेट ने आम आदमी के महीने का बजट जरूर बिगाड़ दिया है और आने वाले दिनों में महंगाई का असर और बढ़ सकता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 14:49:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रायपुर में पेट्रोल के दाम 103.58 रुपये प्रति लीटर पहुंचे, पंपों पर लगी लंबी लाइनें</title>
                                    <description><![CDATA[रायपुर में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से पंपों पर लंबी लाइनें लग गईं। प्रशासन ने 24 घंटे सप्लाई के निर्देश दिए, लोगों से घबराने से बचने की अपील।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/petrol-price-reaches-rs-10358-per-liter-in-raipur-long/article-53403"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-15t123842.853.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रायपुर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी के बाद शुक्रवार सुबह से शहर के कई इलाकों में हालात ठीक नहीं रहे। राजधानी में जब पेट्रोल 103.58 रुपए प्रति लीटर और डीजल 96.57 रुपए प्रति लीटर पहुंचा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो लोगों में थोड़ी घबराहट देखने को मिली। इसके चलते फ्यूल स्टेशनों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कुछ जगहों पर तो सड़क पर 100 मीटर से ज्यादा लंबी लाइनें लग गईं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और लोग घंटों इंतजार करते रहे। प्रशासन का कहना है कि यह सब अफवाहों और पैनिक बाइंग का नतीजा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि असल में शहर में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सुबह जैसे ही दाम बढ़ने की खबर फैली</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कई लोग बिना जरूरत के भी अपने वाहनों की टंकियां भराने पहुंच गए। कुछ पेट्रोल पंपों पर दो पहिया और चार पहिया वाहनों की भीड़ अचानक बढ़ गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे मैनेजमेंट में थोड़ी गड़बड़ी आ गई। कर्मचारियों ने बताया कि सामान्य दिनों की तुलना में बिक्री एक ही समय में कई गुना बढ़ गई। इसी दौरान प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए तुरंत बैठक बुलाई और पेट्रोल पंप संचालकों तथा तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सप्लाई में कोई कमी नहीं है और लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रायपुर कलेक्टर ने बैठक के बाद सप्लाई सिस्टम को मजबूत करने के लिए डिपो से 24 घंटे ईंधन की आपूर्ति जारी रखने के निर्देश दिए हैं। पहले जहां टैंकरों की एंट्री सीमित समय के लिए होती थी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब इसे हटा दिया गया है ताकि सप्लाई लगातार सुनिश्चित हो सके और किसी भी पंप पर दबाव न बने। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक भीड़ न बढ़ाएं और आवश्यकता के अनुसार ही ईंधन भरवाएं। दूसरी ओर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शहर के कुछ इलाकों से ये शिकायतें भी आई हैं कि देर शाम तक कुछ पंपों पर स्टॉक कम हो गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर आम जीवन पर पड़ता है। डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे सब्जी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनाज और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। किसानों पर भी इसका असर पड़ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि खेती में डीजल से चलने वाली मशीनों का उपयोग बढ़ रहा है। बस और ऑटो के किराए में भी आने वाले दिनों में बदलाव की आशंका जताई जा रही है। दूसरी ओर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण बताया जा रहा है। हाल के वैश्विक तनाव के चलते क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हालांकि</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह भी सच है कि पिछले काफी समय से देश में ईंधन के दाम स्थिर रहे हैं और मार्च 2024 के बाद से कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं देखी गई थी। चुनाव से पहले सरकार ने कीमतों में थोड़ी राहत भी दी थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते स्थिति बदलती दिख रही है। फिलहाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशासन की कोशिश है कि शहर में किसी तरह की अफरातफरी न फैले और सप्लाई सुचारू बनी रहे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन लोगों की चिंता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 13:00:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>क्या दोबारा लग सकता है लॉकडाउन? PM मोदी की अपील के बाद तेल मंत्री ने कही बड़ी बात</title>
                                    <description><![CDATA[PM मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद लॉकडाउन की चर्चाओं पर तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्थिति साफ की। जानिए पूरा मामला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/can-lockdown-be-imposed-again-oil-minister-said-a-big/article-53214"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-12t171421.069.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पश्चिम एशिया में तनाव और युद्ध की स्थिति को देखते हुए</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में अचानक लॉकडाउन की चर्चा काफी बढ़ गई थी। सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे किए जा रहे थे कि केंद्र सरकार जल्द बड़ा फैसला ले सकती है। इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वह अपील सामने आई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें उन्होंने लोगों से ईंधन बचाने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विदेश यात्रा टालने और जरूरत पड़ने पर वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी थी। इसी बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मंगलवार को केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट कर दिया कि देश में लॉकडाउन लगाने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को डराना नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उन्हें आने वाले वैश्विक आर्थिक दबावों के लिए तैयार करना है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दिल्ली में आयोजित </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">CII <span lang="hi" xml:lang="hi">वार्षिक बिजनेस समिट 2026 के दौरान हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि पश्चिम एशिया में हालात बदल रहे हैं और इसका असर दुनिया भर के तेल बाजार पर पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भारत ने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है ताकि कोई भी ईंधन संकट पैदा न हो। मंत्री ने बताया कि </span>LPG <span lang="hi" xml:lang="hi">का उत्पादन बढ़ाकर प्रतिदिन लगभग 54 हजार टन कर दिया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि पहले यह आंकड़ा लगभग 35 हजार टन था। सरकार लगातार तेल की आपूर्ति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डॉलर के खर्च और आयात बिल पर नजर बनाए हुए है। पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में फिर लॉकडाउन</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे शब्द तेजी से ट्रेंड कर रहे थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन मंत्री के बयान के बाद अब स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लोगों से बचत करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए मेट्रो</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक इस्तेमाल किया जाए। कंपनियों को भी यह सलाह दी गई है कि जहां संभव हो वहां कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दी जाए ताकि ईंधन की बचत हो सके। इसके साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोने की खरीददारी और विदेशी यात्राओं को कुछ समय के लिए टालने की भी सलाह दी गई थी। सरकार का मानना है कि भारत बड़े पैमाने पर कच्चा तेल और सोना आयात करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे विदेशी मुद्रा पर दबाव बढ़ता है। यदि वैश्विक हालात और बिगड़ते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इसका आर्थिक असर सीधे देश पर पड़ सकता है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्रों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार अब आत्मनिर्भरता पर ज्यादा जोर दे रही है। इसमें प्राकृतिक खेती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वदेशी उत्पादों और खाने के तेल की खपत कम करने जैसे मुद्दे शामिल हैं। पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि यह समय घबराने का नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि समझदारी से संसाधनों का उपयोग करने का है। उन्होंने दोहराया कि लॉकडाउन जैसी कोई स्थिति नहीं है और सरकार केवल एहतियाती कदम उठा रही है ताकि अंतरराष्ट्रीय संकट का असर भारत पर कम से कम पड़े। फिलहाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्र की कोशिश यही है कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और डॉलर की मांग बढ़ने के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था स्थिर बनी रहे।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 17:32:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>पेट्रोल-डीजल घाटा: तेल कंपनियां प्रति लीटर 18 तक नुकसान में</title>
                                    <description><![CDATA[Petrol Diesel Loss के बीच कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं, LPG पर 80,000 करोड़ का दबाव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/petrol-diesel-losses-oil-companies-incur-losses-of-up-to-rs/article-52390"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/petrol-diesel-loss-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भले ही स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन इससे तेल कंपनियों पर वित्तीय दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। “पेट्रोल-डीजल लॉस” की स्थिति में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को हर लीटर पेट्रोल पर करीब ₹14 और डीजल पर लगभग ₹18 तक का नुकसान झेलना पड़ रहा है।</p>
<p>रेटिंग एजेंसी की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, लेकिन घरेलू स्तर पर कीमतें नहीं बढ़ाई गईं। इसका सीधा असर कंपनियों के मुनाफे (मार्जिन) पर पड़ा है, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति पर दबाव और बढ़ गया है।</p>
<p>नई दिल्ली से जारी आंकड़ों के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका असर यह हुआ कि कुछ ही हफ्तों में कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 120 डॉलर के पार पहुंच गईं। ऐसे में कंपनियों को महंगा कच्चा तेल खरीदना पड़ रहा है, जबकि उपभोक्ताओं को पुराने रेट पर ईंधन बेचना पड़ रहा है।</p>
<p>27 फरवरी से 30 अप्रैल के बीच इंडियन बास्केट में कच्चे तेल की कीमत करीब 42 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ गई। इसी अवधि में ब्रेंट क्रूड और ओपेक बास्केट में भी तेज उछाल दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि सप्लाई चेन में बाधा और भू-राजनीतिक तनाव इस तेजी की मुख्य वजह हैं।</p>
<h5><strong>मिडिल ईस्ट असर</strong></h5>
<p>हॉर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल गुजरता है।इस रूट पर तनाव बढ़ने से वैश्विक सप्लाई प्रभावित हो रही है।ऊर्जा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा सीधे तौर पर तेल की कीमतों को प्रभावित करती है। यही कारण है कि मौजूदा संकट का असर केवल भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजारों पर भी दिख रहा है।</p>
<h5><strong>रसोई और खेती पर असर</strong></h5>
<p>महंगे कच्चे तेल का असर अब आम उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है।LPG सिलेंडर और खाद की लागत में भी तेजी देखी जा रही है। रसोई गैस के मामले में कंपनियों को लागत से कम कीमत पर सिलेंडर बेचना पड़ रहा है, जिससे इस वित्त वर्ष में करीब ₹80,000 करोड़ का अंडर-रिकवरी बोझ बनने का अनुमान है। वहीं, उर्वरक सब्सिडी का खर्च भी बढ़ सकता है, जो पहले तय बजट से काफी अधिक हो सकता है।</p>
<p>विशेषज्ञ बताते हैं कि “अंडर-रिकवरी” का मतलब है कि कंपनियों को उत्पाद तैयार करने या खरीदने में जितनी लागत आती है, उससे कम कीमत पर बेचने से होने वाला अंतर नुकसान के रूप में दर्ज होता है। फिलहाल पेट्रोल, डीजल और LPG तीनों में यही स्थिति बन रही है।</p>
<p>इसका असर CNG और औद्योगिक क्षेत्रों पर भी पड़ रहा है। केमिकल, प्लास्टिक और उर्वरक उद्योगों की लागत बढ़ने से उनका भविष्य दबाव में दिखाई दे रहा है। कुछ एजेंसियों ने इन सेक्टरों के आउटलुक को “नेगेटिव” करार दिया है।सरकार फिलहाल कीमतों को स्थिर रखने की रणनीति पर काम कर रही है, ताकि आम जनता पर महंगाई का सीधा असर न पड़े। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 12:15:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
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                <title>जंग के बीच ईंधन संकट पर PM मोदी की अपील: अफवाहों से बचें</title>
                                    <description><![CDATA[‘मन की बात’ में बोले—वैश्विक युद्ध से पेट्रोल-डीजल पर असर, भारत तैयार; सरकार की जानकारी पर भरोसा रखने को कहा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pm-modi-appeals-to-avoid-rumors-on-fuel-crisis-amid/article-49443"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/pm-modi-(3).jpg" alt=""></a><br /><p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 132वें एपिसोड में वैश्विक हालात और उसके भारत पर पड़ने वाले असर पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण दुनिया में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे ऊर्जा संकट की स्थिति बन रही है। हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत इस चुनौती से निपटने के लिए तैयार है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने नागरिकों से साफ शब्दों में अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि कुछ तत्व माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे देश को नुकसान हो सकता है। ऐसे में लोगों को केवल सरकार की आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए।</p>
<p>अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि जिस क्षेत्र में युद्ध चल रहा है, वही इलाका वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में वहां की अस्थिरता का असर पूरी दुनिया पर पड़ना स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत ने पिछले वर्षों में अपने अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत किया है और ऊर्जा आपूर्ति के लिए विविध स्रोत विकसित किए हैं, जिससे वर्तमान स्थिति का सामना करने में मदद मिल रही है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने मार्च महीने को वैश्विक स्तर पर उथल-पुथल भरा बताया। उन्होंने याद दिलाया कि दुनिया कोविड महामारी से उबरने के बाद स्थिरता की ओर बढ़ रही थी, लेकिन अलग-अलग क्षेत्रों में संघर्ष की वजह से हालात फिर जटिल हो गए हैं। उनके अनुसार, यह समय संयम और सतर्कता का है।</p>
<p>खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां करीब एक करोड़ भारतीय काम कर रहे हैं और स्थानीय सरकारें उन्हें हर संभव मदद दे रही हैं। इसके लिए उन्होंने उन देशों का आभार जताया।</p>
<p>घरेलू मुद्दों पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर की रणजी टीम की ऐतिहासिक जीत का उल्लेख किया और युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की। इसके अलावा उन्होंने गर्मियों के मौसम को देखते हुए जल संरक्षण के महत्व पर जोर दिया और लोगों से पानी बचाने के प्रयासों को आगे बढ़ाने की अपील की।</p>
<p>मछुआरों के योगदान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाते हैं और सरकार उनके जीवन को आसान बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 13:52:37 +0530</pubDate>
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