<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/india-market-news/tag-6082" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>India Market News - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/6082/rss</link>
                <description>India Market News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कंडोम 50% तक महंगे होने की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान युद्ध से सप्लाई चेन प्रभावित, अमोनिया और सिलिकॉन ऑयल की कमी; फैमिली प्लानिंग पर असर का खतरा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/condoms-expected-to-become-expensive-by-rs-50/article-49464"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/condom-price.jpg" alt=""></a><br /><p>मध्य-पूर्व में जारी युद्ध का असर अब रोजमर्रा की जरूरतों पर भी दिखने लगा है। कंडोम की कीमतों में 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ईरान क्षेत्र में तनाव और समुद्री मार्गों पर बाधा के कारण कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे उत्पादन लागत तेजी से बढ़ रही है।</p>
<p>कंडोम निर्माण में उपयोग होने वाले प्रमुख कच्चे पदार्थ—एनहाइड्रस अमोनिया और सिलिकॉन ऑयल—की उपलब्धता पर सीधा असर पड़ा है। अमोनिया की आपूर्ति मुख्य रूप से खाड़ी देशों से होती है और भारत इसकी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। समुद्री मार्गों, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के चलते शिपमेंट में देरी और कमी दर्ज की गई है।</p>
<p>अमोनिया लेटेक्स को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी होता है, जबकि सिलिकॉन ऑयल का इस्तेमाल लुब्रिकेंट के रूप में किया जाता है। इनके बिना उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित होती है। उद्योग के प्रतिनिधियों का कहना है कि कच्चे माल के साथ पैकेजिंग से जुड़े उत्पाद—जैसे पीवीसी और एल्युमीनियम फॉयल—भी महंगे हो गए हैं, जिससे कुल लागत बढ़ गई है।</p>
<p>भारत का कंडोम बाजार करीब 1.7 बिलियन डॉलर का माना जाता है। इस क्षेत्र में सक्रिय कंपनियां बढ़ती लागत और अनिश्चित सप्लाई के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं। कुछ कंपनियों ने कच्चे माल का अतिरिक्त स्टॉक जुटाना शुरू किया है, जिससे बाजार में कीमतों पर और दबाव बढ़ने की संभावना है।</p>
<p>स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस स्थिति पर चिंता जताई है। उनके अनुसार, कंडोम की कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर पड़ सकता है। यदि उपयोग में कमी आती है, तो अनचाहे गर्भ और यौन संचारित संक्रमणों के मामलों में वृद्धि हो सकती है। इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों, विशेषकर परिवार नियोजन मिशन पर असर पड़ने की आशंका है।</p>
<p>इस बीच, वैश्विक तनाव का असर अन्य क्षेत्रों में भी दिख रहा है। ड्राई फ्रूट्स और दवाओं के कच्चे माल की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। व्यापारियों के अनुसार, खाड़ी और आसपास के देशों से आने वाली सप्लाई प्रभावित होने से बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/condoms-expected-to-become-expensive-by-rs-50/article-49464</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/business/condoms-expected-to-become-expensive-by-rs-50/article-49464</guid>
                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 15:23:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-03/condom-price.jpg"                         length="68057"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        