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                <title>Bilaspur News - दैनिक जागरण</title>
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                <title>बिजली कटौती पर हाईकोर्ट की सख्ती, कहा- सिर्फ योजना नहीं, जनता को जमीन पर राहत दिखनी चाहिए</title>
                                    <description><![CDATA[बार-बार बिजली गुल होने पर शासन ने पेश किया एक्शन प्लान, हाईकोर्ट ने प्रगति रिपोर्ट मांगी; अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/high-courts-strictness-on-power-cuts-said-not-just/article-58286"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/bilaspur-power-cut.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">बारिश और आंधी-तूफान के दौरान बिलासपुर में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और बिजली विभाग के रवैये पर सख्त टिप्पणी की है। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया गया है और कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि हाईकोर्ट ने इस जवाब से पूरी तरह संतुष्ट होने के बजाय स्पष्ट कहा कि केवल कागजों पर योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है। जब तक उनका असर जमीन पर दिखाई नहीं देगा और आम लोगों को वास्तविक राहत नहीं मिलेगी, तब तक ऐसे दावों का कोई खास महत्व नहीं रहेगा। कोर्ट ने प्रशासन को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान देने और प्रगति रिपोर्ट शपथ पत्र के साथ पेश करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से ऊर्जा सचिव और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के प्रबंध निदेशक ने अपना जवाब अदालत में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि बिलासपुर शहर की बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्य स्तर पर बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें नौ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इन फैसलों के तहत बिजली आपूर्ति व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और भरोसेमंद बनाने की योजना तैयार की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल यह पूरा मामला बिलासपुर में कुछ दिनों पहले हुई भारी बारिश और तेज आंधी के बाद सामने आया था। शहर के कई हिस्सों में पूरी रात बिजली आपूर्ति बाधित रही। हालात ऐसे थे कि वीवीआईपी क्षेत्र माने जाने वाले कलेक्ट्रेट और सिविल लाइन जैसे इलाकों में भी लंबे समय तक बिजली नहीं रही। इससे आम लोगों के साथ-साथ प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित हुए। स्थानीय लोगों ने लगातार बिजली गुल रहने, बार-बार फॉल्ट आने और विभाग की धीमी कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई थी। इस घटना के बाद मीडिया में प्रकाशित खबरों का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने स्वतः जनहित याचिका के रूप में मामले की सुनवाई शुरू की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े सुधार प्रस्तावित हैं। शहर में अब पुराने और क्षतिग्रस्त सीमेंट के बिजली खंभों की जगह लोहे के पोल लगाए जाएंगे, ताकि तेज हवा या अन्य कारणों से बार-बार खंभे गिरने की समस्या कम हो सके। इसके अलावा जहां नए बिजली पोल लगाए जाएंगे, वहां भी स्टील के खंभों का ही उपयोग किया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे बिजली आपूर्ति अधिक सुरक्षित और स्थायी होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का तेजी से समाधान करने और बढ़ते लोड को नियंत्रित करने के लिए शहर में दो नए सप्लाई जोन बनाने की योजना भी तैयार की गई है। मंगला और कोनी क्षेत्रों को नए सप्लाई जोन के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण एवं सामान्य विकास योजना के तहत करीब 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से ऐसे क्षेत्रों में खुले बिजली तार हटाकर कवर्ड केबल बिछाई जाएगी, जहां बार-बार फॉल्ट की समस्या सामने आती रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि शहर में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए नए सब-स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एक मुख्य सब-स्टेशन और दो 33/11 केवी क्षमता वाले नए सब-स्टेशन बनाने के लिए जिला प्रशासन से भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। वहीं पेड़ों की शाखाओं से बिजली लाइनों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए अतिरिक्त स्काईलिफ्ट वाहन तैनात किए जाएंगे। विभाग में तकनीकी कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए नई भर्तियों की प्रक्रिया भी शुरू करने की जानकारी अदालत को दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से भी शपथ पत्र पेश किया गया। निगम आयुक्त ने बताया कि मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए विकास भवन में बाढ़ नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। यहां अधिकारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। निगम ने यह भी बताया कि अप्रैल 2026 से ही शहर के सभी आठ जोनों में नालियों की सफाई और गाद निकालने का अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्य की जियो-टैग्ड तस्वीरें भी अदालत में प्रस्तुत की गई हैं। जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए 14 विशेष वाहनों का बेड़ा भी चौबीसों घंटे तैयार रखा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि इन सभी दावों के बावजूद हाईकोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है। अदालत ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर बनाई गई योजनाओं का वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंचना चाहिए। यदि बारिश के दौरान फिर बिजली गुल होती है या सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनती है, तो इसका अर्थ होगा कि योजनाओं का सही ढंग से क्रियान्वयन नहीं हुआ। अदालत ने निर्देश दिया कि मानसून के पूरे दौर में बिजली आपूर्ति यथासंभव निर्बाध रखी जाए और किसी भी शिकायत का तत्काल समाधान किया जाए। डिवीजन बेंच ने नगर निगम आयुक्त और ऊर्जा सचिव को निर्देश दिया है कि वे शपथ पत्र के साथ विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। रिपोर्ट में यह स्पष्ट होना चाहिए कि अब तक घोषित योजनाओं पर कितना काम हुआ है और जनता को उसका क्या लाभ मिला है। अदालत ने यह भी कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल योजनाएं बनाकर फाइलों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका असर शहर की व्यवस्था में साफ दिखाई देना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:13:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>बिलासपुर में सर्पदंश मुआवजा घोटाला, 17 करोड़ का फर्जीवाड़ा उजागर</title>
                                    <description><![CDATA[जशपुर से चार गुना ज्यादा मौतें दिखाकर सरकारी राशि हड़पी, 14 FIR दर्ज, जांच तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/snakebite-compensation-scam-fraud-of-rs-17-crore-exposed-in/article-56474"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bilaspur-snakebite-scam.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सर्पदंश मौतों के नाम पर करीब 17 करोड़ 24 लाख रुपए के मुआवजा घोटाले का बड़ा मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि जिले में वास्तविक आंकड़ों से कई गुना ज्यादा मौतें दिखाकर सरकारी राशि का गलत तरीके से वितरण किया गया। मामला तब और गंभीर हो गया जब विधानसभा में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने ध्यानाकर्षण के जरिए इस पूरे फर्जीवाड़े को उठाया। बताया जा रहा है कि बिलासपुर में 431 मौतें सर्पदंश से दिखाकर मुआवजा पास कराया गया, जबकि तुलना में जशपुर जिले में मात्र 96 मौतें दर्ज थीं। इस अंतर ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब जांच एजेंसियां लगातार दस्तावेजों की पड़ताल कर रही हैं। यह पूरा घोटाला कई स्तरों पर मिलीभगत से अंजाम दिया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन के कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है। आरोप है कि कुछ मामलों में सामान्य मौत को भी सर्पदंश बताकर फर्जी पंचनामा और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तैयार की गई। इसके बाद मुआवजे की राशि जारी कर दी गई। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि वकीलों और बिचौलियों की एक संगठित टीम इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रही थी। कई मामलों में मृतकों के परिजनों की सहमति के बिना ही दस्तावेजों में हेरफेर कर सरकारी राशि निकाली गई। अब तक इस मामले में 14 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। तोरवा, सरकंडा, सिविल लाइन, कोनी और कोतवाली थानों में अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं। जांच में यह भी पता चला है कि तहसील कार्यालय में कार्यरत कुछ कर्मचारी और बाहरी लोग मिलकर फर्जी दावे तैयार करते थे। एक मामले में तो महिला डॉक्टर और अन्य सह-आरोपियों पर सामान्य मौत को सर्पदंश बताकर चार लाख रुपए की राशि हड़पने का आरोप भी सामने आया है। प्रशासन का कहना है कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता का नहीं बल्कि एक संगठित सिंडिकेट के रूप में काम कर रहे नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होता है। विधानसभा में मामला उठने के बाद राजस्व मंत्री ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद अब कार्रवाई तेज कर दी गई है। वहीं स्थानीय लोगों के बीच इस पूरे मामले को लेकर नाराजगी और हैरानी दोनों देखी जा रही है। कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि इतनी बड़ी राशि आखिर बिना गंभीर जांच के कैसे जारी हो गई। विधायक सुशांत शुक्ला ने भी इस कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए कहा है कि जांच को और गहराई से किया जाना चाहिए ताकि सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो सके। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम दस्तावेजों, बैंक ट्रांजेक्शन और मेडिकल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 13:48:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>200 रुपये के बिल पर अस्पताल में बवाल, चाकू लहराकर दी धमकी</title>
                                    <description><![CDATA[बिलासपुर के निजी अस्पताल में देर रात हंगामा, गेट पर पत्थर फेंककर तोड़फोड़; पूरी घटना CCTV में कैद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/ruckus-in-hospital-over-rs-200-bill-threat-given-by/article-56212"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ilaspur-hospital-incident.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में एक निजी अस्पताल के भीतर मामूली बिल भुगतान को लेकर हुए विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। तिफरा स्थित न्यू जनता अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे दो युवकों पर अस्पताल कर्मचारियों को चाकू दिखाकर धमकाने, गाली-गलौज करने और तोड़फोड़ करने का आरोप लगा है। घटना देर रात हुई और इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर सिरगिट्टी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 16 जून 2026 की रात दो युवक इलाज के लिए न्यू जनता अस्पताल पहुंचे थे। उपचार के बाद जब अस्पताल प्रबंधन की ओर से ड्रेसिंग के लिए 200 रुपये का शुल्क मांगा गया, तब विवाद शुरू हो गया। अस्पताल कर्मचारियों का कहना है कि युवकों से केवल ड्रेसिंग चार्ज लिया जा रहा था और कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं मांगा गया था। इसके बावजूद दोनों युवक भुगतान को लेकर नाराज हो गए और कर्मचारियों के साथ बहस करने लगे। देखते ही देखते मामूली कहासुनी ने गंभीर रूप ले लिया और अस्पताल का माहौल तनावपूर्ण हो गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों युवक पहले कर्मचारियों से बहस करते रहे और फिर गाली-गलौज पर उतर आए। आरोप है कि विवाद बढ़ने के दौरान एक युवक ने अपनी कमर से धारदार चाकू निकाल लिया और अस्पताल स्टाफ को डराने-धमकाने लगा। कर्मचारियों का कहना है कि युवकों ने जान से मारने की धमकी भी दी। अस्पताल में उस समय अन्य मरीज और उनके परिजन भी मौजूद थे, जिसके कारण वहां कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कई लोग डर के कारण अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों में चले गए। अस्पताल कर्मचारियों ने बताया कि हंगामे के दौरान सुरक्षा गार्ड और अन्य स्टाफ ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन आरोपी युवक लगातार आक्रामक बने रहे। इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई, जिसमें कुछ कर्मचारियों के हाथों में हल्की चोटें आने की बात कही जा रही है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा को देखते हुए तुरंत पुलिस को सूचना देने की तैयारी की गई, लेकिन उससे पहले ही दोनों युवक वहां से भाग निकले।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आरोप है कि अस्पताल से निकलते समय भी दोनों युवक शांत नहीं हुए। जाते-जाते उन्होंने अस्पताल के मुख्य गेट पर पत्थर फेंक दिया, जिससे गेट क्षतिग्रस्त हो गया। अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने इस घटना को देखकर हैरानी जताई। एक स्वास्थ्य संस्थान के भीतर इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि अस्पताल मरीजों के इलाज और सेवा के लिए होते हैं, लेकिन अब यहां काम करने वाले लोग भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। शिकायत में दो युवकों की पहचान आदित्य बंसोड और युवराज के रूप में बताई गई है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में सीसीटीवी फुटेज को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सिरगिट्टी थाना पुलिस के अनुसार एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय आरोपी किसी नशे की हालत में थे या नहीं। इसके अलावा उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने शहर में अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों पर हमलों की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। कई बार मामूली विवाद भी हिंसक रूप ले लेते हैं, जिससे चिकित्सा सेवाओं पर असर पड़ता है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति अस्पताल परिसर में कानून हाथ में लेने की हिम्मत न कर सके। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत किए जाने की जरूरत है। मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए, वहीं कर्मचारियों को भी बिना डर के काम करने का अवसर मिलना चाहिए।  पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद माना जा रहा है कि जांच में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 15:55:59 +0530</pubDate>
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                <title>बिलासपुर में रातों-रात अमीर बनाने का झांसा, व्यापारी से 2.50 लाख की ठगी</title>
                                    <description><![CDATA[खुद को अयोध्या का पंडित बताकर फंसाया, दुर्ग से गिरफ्तार हुआ शातिर आरोपी, दूसरा अब भी फरार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/in-bilaspur-a-businessman-was-cheated-of-rs-250-lakh/article-56094"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bilaspur-fraud.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बिलासपुर में एक व्यापारी को रातों-रात अमीर बनाने का सपना दिखाकर 2 लाख 50 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। खुद को अयोध्या का पंडित बताने वाले दो शातिर ठगों ने बड़ी चालाकी से व्यापारी को अपने जाल में फंसाया और रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों व सीसीटीवी फुटेज की मदद से एक आरोपी को दुर्ग से गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दूसरा आरोपी अब भी फरार है, जिसकी तलाश लगातार जारी है। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम रोगदा निवासी 57 वर्षीय जनकराम साहू किराना व्यवसायी हैं। वे बीते 12 जून को व्यापार विहार स्थित बाजार में खरीदारी करने पहुंचे थे। उनके पास एक थैला था, जिसमें व्यापारिक लेन-देन के लिए करीब ढाई लाख रुपए रखे हुए थे। बाजार में ही उनकी मुलाकात दो अनजान व्यक्तियों से हुई, जिन्होंने बातचीत के दौरान खुद को अयोध्या से आए पंडित और धार्मिक व्यक्ति बताया। प्रारंभिक बातचीत में दोनों ने व्यापारी का विश्वास जीतने की कोशिश की और धीरे-धीरे उन्हें अपनी बातों में उलझा लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि आरोपियों ने व्यापारी से कहा कि उनके पास ऐसी विशेष सिद्धि और पूजा-पद्धति है, जिससे धन को कई गुना बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने व्यापारी को यह विश्वास दिलाया कि यदि वे कुछ समय के लिए रुपयों से भरा बैग उन्हें सौंप दें तो विशेष धार्मिक प्रक्रिया के बाद उनकी रकम कई गुना बढ़ जाएगी। शुरुआत में व्यापारी ने संकोच जताया, लेकिन ठगों ने इतनी सफाई से कहानी बुनी कि वे उनके झांसे में आ गए। ठगों की बातों पर भरोसा करते हुए जनकराम साहू ने रुपयों से भरा थैला उनके हवाले कर दिया। इसके बाद दोनों आरोपी कुछ ही मिनटों में मौके से गायब हो गए। जब काफी देर तक वे वापस नहीं लौटे तो व्यापारी को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने तत्काल आसपास तलाश की, लेकिन आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने तारबाहर थाना पहुंचकर घटना की शिकायत दर्ज कराई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। तारबाहर थाना और एसीसीयू की संयुक्त टीम गठित कर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया। पुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में दोनों संदिग्धों की गतिविधियां दिखाई दीं, जिससे उनके हुलिए और आने-जाने के रास्तों की जानकारी मिली। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन और संपर्कों की भी जांच की। लगातार जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि घटना के बाद आरोपी दुर्ग जिले में जाकर छिप गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम दुर्ग रवाना हुई और वहां पदनाभपुर थाना क्षेत्र के केला बाड़ी इलाके में दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी हैदर अली अंसारी को गिरफ्तार कर लिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पूछताछ में पुलिस को आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड से जुड़ी कई अहम जानकारियां भी मिली हैं। प्रारंभिक जांच के मुताबिक हैदर अली अंसारी के खिलाफ पहले भी चोरी, धोखाधड़ी और ठगी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक मामलों की भी पड़ताल कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने इसी तरह की घटनाओं को और किन क्षेत्रों में अंजाम दिया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि वारदात में उसका एक साथी वासिम खान भी शामिल था। वासिम खान, वकार अहमद खान का पुत्र है और दुर्ग जिले के केला बाड़ी क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। घटना के बाद से वह फरार है। पुलिस की टीम उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस तरह के ठग अक्सर धार्मिक आस्था, चमत्कार, तंत्र-मंत्र, धन दोगुना करने या रातों-रात अमीर बनाने जैसी बातों का सहारा लेकर लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। कई बार पढ़े-लिखे और व्यवसायी वर्ग के लोग भी ऐसे झांसों में फंस जाते हैं। इसलिए लोगों को किसी भी अनजान व्यक्ति की बातों पर भरोसा करने से बचना चाहिए और धन संबंधी किसी भी लालच या चमत्कारिक दावे को लेकर सतर्क रहना चाहिए। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि ठगी करने वाले अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति धन दोगुना करने, विशेष पूजा से अमीर बनाने या किसी चमत्कारिक लाभ का दावा करे तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें।  गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि फरार साथी की गिरफ्तारी के बाद इस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 15:55:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पानी मांगने के बहाने घर में घुसे युवक, नाबालिग बहनों को धमकाकर लूटे रुपए</title>
                                    <description><![CDATA[बिलासपुर के तोरवा क्षेत्र में माता-पिता के अस्पताल जाने के दौरान घर में अकेली थीं दो बहनें, घटना बताने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/youth-entered-the-house-on-the-pretext-of-asking-for/article-55989"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bilaspur-crime-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बिलासपुर शहर में नाबालिग बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाली एक घटना सामने आई है। तोरवा थाना क्षेत्र के देवरीखुर्द इलाके में दो युवकों पर पानी मांगने के बहाने घर में घुसकर नाबालिग बहनों को डराने, धमकाने और उनसे जबरन पैसे लेने का आरोप लगा है। घटना उस समय हुई जब बच्चियों के माता-पिता और बड़ा भाई इलाज के लिए अस्पताल गए हुए थे और दोनों बहनें घर पर अकेली थीं। घटना की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है और लोगों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"> देवरीखुर्द क्षेत्र में रहने वाले एक व्यापारी ने तोरवा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी अलमारी और कूलर निर्माण की फैक्ट्री है। 12 जून की शाम वह अपनी पत्नी और बड़े बेटे को आंख के इलाज के लिए घुरू स्थित अमरकंटक अस्पताल लेकर गए थे। घर पर उनकी दो नाबालिग बेटियां अकेली थीं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक शाम का समय सामान्य था और बच्चियां घर के भीतर थीं। इसी दौरान रात करीब साढ़े आठ बजे से नौ बजे के बीच दो युवक उनके घर पहुंचे। आरोप है कि युवकों ने पहले घर के बाहर से पानी मांगा। बच्चियों ने सामान्य मानवीय व्यवहार के तहत उन्हें एक गिलास पानी दिया। इसके बाद दोनों युवक कुछ देर वहीं रुके रहे और फिर दोबारा पानी मांगने लगे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पीड़ित परिवार के अनुसार जब एक बच्ची दूसरी बार पानी लेने के लिए घर के अंदर गई, तभी एक युवक ने मौके का फायदा उठाकर गेट को धक्का दिया और घर के भीतर घुस गया। बच्चियों ने बताया कि युवक का व्यवहार अचानक बदल गया और उसने उनसे सवाल करना शुरू कर दिया। आरोप है कि उसने पूछा कि घर में कितने पैसे रखे हैं और उनके पास नकदी कहां है। बच्चियों ने बताया कि उनके पास ज्यादा पैसे नहीं हैं, लेकिन इसके बावजूद युवक लगातार दबाव बनाता रहा। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने डर और धमकी का माहौल बनाकर बच्चियों से मौजूद नकदी देने को कहा। आखिरकार उसने करीब 150 रुपए जबरन ले लिए। इस दौरान दूसरा युवक घर के बाहर खड़ा रहा और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखता रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बच्चियों ने अपने बयान में बताया कि घटना के दौरान वे काफी घबरा गई थीं। घर में कोई बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था और दोनों को समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें। आरोप है कि रुपए लेने के बाद दोनों युवकों ने उन्हें धमकाया कि यदि उन्होंने यह बात अपने भाई या किसी अन्य व्यक्ति को बताई तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। इस धमकी के कारण दोनों बच्चियां काफी डर गईं और कुछ समय तक उन्होंने किसी को कुछ नहीं बताया। हालांकि रात में जब उनके माता-पिता अस्पताल से वापस लौटे तो बच्चियों ने पूरी घटना उन्हें बताई। घटना सुनने के बाद परिवार के सदस्य भी हैरान रह गए और उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित परिवार ने तोरवा थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में अंश कुमार और ऋषभ भट्टाचार्य नामक युवकों पर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आरोपियों की भूमिका के संबंध में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि घटना की पूरी तस्वीर सामने आ सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। खासकर ऐसे मामलों में जहां आरोपी किसी बहाने से घर में प्रवेश करते हैं, वहां लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है। पुलिस भी समय-समय पर लोगों को अनजान व्यक्तियों से सावधान रहने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत देने की सलाह देती रही है।  इस मामले में जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद पीड़ित परिवार में भय का माहौल है। बच्चियां अब भी सदमे में बताई जा रही हैं और परिवार चाहता है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है और जल्द ही आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:05:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बिलासपुर में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर शिकंजा, ITMS और बॉडी कैमरों से होगी निगरानी</title>
                                    <description><![CDATA[SSP का सख्त संदेश, सड़क सुरक्षा से समझौता नहीं; तेज रफ्तार और नियम उल्लंघन पर विशेष अभियान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/traffic-rule-breakers-in-bilaspur-will-be-monitored-through-itms/article-55187"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bilaspur-traffic-police.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">बिलासपुर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने अब सख्त रुख अपना लिया है। शहर की सड़कों पर लापरवाही से वाहन चलाने वाले, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वाले और दूसरों की जान जोखिम में डालने वाले चालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है और यातायात अमले को नए उपकरणों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण भी दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में सड़क पर पुलिस की मौजूदगी पहले से ज्यादा दिखाई देगी और नियम तोड़ने वालों को किसी तरह की छूट नहीं मिलेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">शनिवार को आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में यातायात शाखा के अधिकारियों और कर्मचारियों को नई तकनीकों के उपयोग की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के बाद अब पुलिसकर्मी इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS), नेक्स्ट जेन एम-परिवहन ऐप और अपडेटेड पीओएस मशीनों से लैस होकर मैदान में उतरेंगे। इसके साथ ही ड्यूटी पर तैनात जवानों को बॉडी वॉर्न कैमरे का उन्नत संस्करण उपलब्ध कराया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन कैमरों से न केवल कार्रवाई की पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि किसी भी विवाद या शिकायत की स्थिति में वास्तविक घटनाक्रम रिकॉर्ड के रूप में उपलब्ध रहेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क सुरक्षा के मामले में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यातायात प्रभारियों और विवेचकों को निर्देश दिए कि केवल चालान काटना ही उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता पैदा करना भी जरूरी है। उनका कहना था कि जब तक नागरिकों में ट्रैफिक सेंस विकसित नहीं होगा, तब तक दुर्घटनाओं में स्थायी कमी लाना मुश्किल रहेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस की नई रणनीति का केंद्र बिंदु ‘विजिबल पुलिसिंग’ रहेगा। इसके तहत प्रमुख चौक-चौराहों, व्यस्त मार्गों और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी बढ़ाई जाएगी। अधिकारियों के अनुसार सड़क पर पुलिस की लगातार मौजूदगी से नियमों का उल्लंघन करने वालों में भय पैदा होगा और यातायात व्यवस्था बेहतर होगी। साथ ही संदिग्ध वाहनों की जांच और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने वालों के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">यातायात पुलिस ने शहर में व्यवस्था सुधारने के लिए ‘ट्रिपल-ई’ फॉर्मूले को अपनाने का निर्णय लिया है। इस फॉर्मूले में एजुकेशन, इंजीनियरिंग और एनफोर्समेंट तीन प्रमुख स्तंभ शामिल हैं। एजुकेशन के तहत लोगों को ट्रैफिक नियमों और सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूक किया जाएगा। इंजीनियरिंग के अंतर्गत सड़कों की बनावट, संकेतकों और यातायात प्रबंधन से जुड़ी खामियों की पहचान कर उन्हें दूर करने का प्रयास होगा। वहीं एनफोर्समेंट के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस ने सात प्रकार के यातायात उल्लंघनों को विशेष निगरानी सूची में रखा है। इनमें शराब पीकर वाहन चलाना, रॉन्ग साइड ड्राइविंग, बुलेट और अन्य मोटरसाइकिलों में मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर ध्वनि प्रदूषण फैलाना, ट्रैफिक सिग्नल तोड़ना, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना, बिना सीट बेल्ट चारपहिया वाहन चलाना और मालवाहक वाहनों में यात्रियों को बैठाना शामिल है। अधिकारियों ने कहा है कि इन मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">शहर में बढ़ते वाहन दबाव और लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए पुलिस का यह अभियान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में यातायात नियमों की अनदेखी के कारण कई गंभीर हादसे सामने आए हैं। खासकर तेज रफ्तार, मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाना और हेलमेट या सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करना दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में शामिल रहे हैं। पुलिस का मानना है कि तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे मामलों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">नई व्यवस्था के तहत चालान प्रक्रिया को भी पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। अपडेटेड पीओएस मशीनों के जरिए मौके पर ही डिजिटल चालान जारी किया जा सकेगा। इससे न केवल कार्रवाई की गति बढ़ेगी बल्कि रिकॉर्ड रखने में भी आसानी होगी। नागरिकों को भी ऑनलाइन भुगतान जैसी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।</p>
<p>प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है। यदि नागरिक स्वयं नियमों का पालन करें तो दुर्घटनाओं की संख्या में काफी कमी लाई जा सकती है। बिलासपुर में शुरू किया गया यह अभियान आने वाले दिनों में और व्यापक रूप ले सकता है। पुलिस की कोशिश है कि आधुनिक तकनीक, जागरूकता और सख्त कार्रवाई के जरिए शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 16:26:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भरण-पोषण मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पत्नी जहां रहेगी वहीं होगी सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी जहां वर्तमान में रह रही है, वहीं की फैमिली कोर्ट में भरण-पोषण का मामला दायर करने का अधिकार रखती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/big-decision-of-high-court-in-maintenance-case-hearing-will/article-55091"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/chhattisgarh-high-court.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भरण-पोषण से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में ऐसा फैसला सुनाया है, जिसका असर भविष्य में इसी तरह के कई मामलों पर पड़ सकता है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई महिला अपने वर्तमान निवास स्थान पर रह रही है, तो उसे वहीं की सक्षम अदालत में भरण-पोषण का दावा पेश करने का अधिकार है। केवल इस आधार पर कि उसका स्थायी पता या पैतृक घर किसी दूसरे जिले में है, अदालत के अधिकार क्षेत्र को चुनौती नहीं दी जा सकती। हाईकोर्ट के इस फैसले के साथ ही एक डॉक्टर पति की ओर से दायर पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">मामला सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के एक डॉक्टर और उनकी पत्नी से जुड़ा है। दोनों का विवाह 16 मई 2019 को हुआ था। विवाह के बाद उनके परिवार में दो बेटियों का जन्म हुआ। कुछ समय बाद पति-पत्नी के संबंधों में विवाद शुरू हो गया। पत्नी ने आरोप लगाया कि विवाह के बाद उसे दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया गया। इसके अलावा उसने अपने पति पर गंभीर व्यक्तिगत आरोप भी लगाए। इन परिस्थितियों के बाद दोनों अलग-अलग रहने लगे और मामला कानूनी विवाद तक पहुंच गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">पत्नी ने बिलासपुर स्थित फैमिली कोर्ट में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 144 के तहत भरण-पोषण के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। अपने आवेदन में उसने कहा कि उसके पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं है और दोनों नाबालिग बेटियां उसकी देखरेख में रह रही हैं। उसने अदालत से अपने लिए एक लाख रुपए प्रतिमाह तथा दोनों बेटियों के लिए 20-20 हजार रुपए प्रतिमाह भरण-पोषण राशि देने की मांग की। इस प्रकार कुल 1 लाख 40 हजार रुपए मासिक भरण-पोषण की मांग अदालत के समक्ष रखी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">दूसरी ओर डॉक्टर पति ने इस आवेदन का विरोध किया। उन्होंने फैमिली कोर्ट में क्षेत्राधिकार को लेकर आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना था कि विवाह सारंगढ़ में हुआ था और पत्नी का स्थायी निवास भी वहीं है। इसलिए बिलासपुर की फैमिली कोर्ट को इस मामले की सुनवाई का अधिकार नहीं है। पति ने यह भी तर्क दिया कि आवेदन दाखिल किए जाने के समय दोनों बच्चियां सारंगढ़ में पढ़ाई कर रही थीं और केवल किरायानामा प्रस्तुत कर बिलासपुर में मामला दर्ज कराया गया है। उन्होंने स्वयं को पोलियो से प्रभावित दिव्यांग बताते हुए यह भी कहा कि पत्नी उन्हें परेशान करने की नीयत से बिलासपुर में मामला चला रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पत्नी ने इन आरोपों का अदालत में विरोध किया। उसने कहा कि वह वर्तमान में बिलासपुर जिले के लगरा क्षेत्र में किराए के मकान में रह रही है। इसके समर्थन में उसने आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत किए। पत्नी ने यह भी बताया कि उसकी दोनों बेटियां अब बिलासपुर के एक निजी विद्यालय में पढ़ाई कर रही हैं और उनका पूरा जीवन वर्तमान में बिलासपुर से जुड़ा हुआ है। उसके अनुसार उसने किसी भी प्रकार का फर्जी दस्तावेज अदालत के सामने प्रस्तुत नहीं किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">फैमिली कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पति की क्षेत्राधिकार संबंधी आपत्ति को खारिज कर दिया था। इसके बाद डॉक्टर पति ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती दी। मामले की सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति बीडी गुरु ने पूरे रिकॉर्ड और दस्तावेजों का अवलोकन किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पत्नी ने स्पष्ट रूप से बिलासपुर के लगरा क्षेत्र को अपना वर्तमान निवास बताया है और उसके समर्थन में पर्याप्त दस्तावेज भी पेश किए हैं। अदालत ने माना कि यदि कोई व्यक्ति किसी स्थान पर वास्तविक रूप से निवास कर रहा है, तो उसे उस क्षेत्र की सक्षम अदालत में कानूनी राहत मांगने का अधिकार है। केवल इस वजह से कि उसका स्थायी पता किसी अन्य जिले में है, वर्तमान निवास वाले क्षेत्र की अदालत का अधिकार समाप्त नहीं हो जाता। अदालत ने यह भी कहा कि फैमिली कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश में कोई कानूनी त्रुटि या प्रक्रिया संबंधी खामी नजर नहीं आती। इसलिए हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने डॉक्टर पति की पुनरीक्षण याचिका प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज कर दी और फैमिली कोर्ट की कार्यवाही को जारी रखने का रास्ता साफ कर दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह फैसला महिलाओं और बच्चों से जुड़े भरण-पोषण मामलों में महत्वपूर्ण नजीर साबित हो सकता है। कई बार पति-पत्नी अलग-अलग स्थानों पर रहने लगते हैं और क्षेत्राधिकार को लेकर विवाद उत्पन्न हो जाता है। ऐसे मामलों में हाईकोर्ट की यह टिप्पणी स्पष्ट करती है कि वर्तमान निवास स्थान भी न्यायिक अधिकार क्षेत्र तय करने का महत्वपूर्ण आधार हो सकता है। इस फैसले के बाद बिलासपुर फैमिली कोर्ट में भरण-पोषण मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी। वहीं यह आदेश उन महिलाओं के लिए भी राहत का संदेश माना जा रहा है जो अलग रहने की स्थिति में अपने वर्तमान निवास स्थान से न्याय पाने की कोशिश करती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 14:13:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अफेयर के शक ने ली जान, केस लड़ रहे वकील की आरोपी ने कर दी हत्या</title>
                                    <description><![CDATA[बिलासपुर के कोटा क्षेत्र में सनसनीखेज वारदात, आरोपी ने आंखों में मिर्च झोंककर किया हमला, पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/the-person-whose-case-he-was-fighting-killed-the-lawyer/article-55090"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bilaspur-murder-case.jpg" alt=""></a><br /><p>छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली हत्या की वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। कोटा थाना क्षेत्र में एक 27 वर्षीय वकील की कथित तौर पर प्रेम संबंधों के शक में हत्या कर दी गई। आरोप है कि जिस व्यक्ति का कानूनी केस मृतक वकील देख रहा था, उसी ने घात लगाकर उस पर हमला किया और पत्थर से सिर कुचलकर उसकी जान ले ली। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है, जबकि पुलिस आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।</p>
<p>मृतक की पहचान निखिल गोस्वामी के रूप में हुई है, जो बिलासपुर के कोनी क्षेत्र का निवासी था। निखिल पेशे से वकील था, साथ ही वह जिम का संचालन भी करता था। इसके अलावा वह एक निजी बार में बाउंसर के रूप में भी काम करता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि निखिल एक आपराधिक प्रवृत्ति के युवक भोला मानिकपुरी का कानूनी मामला देख रहा था। इसी दौरान उसकी पहचान भोला की पत्नी से हुई। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और इसे लेकर भोला को लंबे समय से शक था।</p>
<p>पुलिस सूत्रों के अनुसार, भले ही पिछले कुछ समय से निखिल और महिला के बीच बातचीत बंद हो चुकी थी, लेकिन आरोपी भोला को विश्वास था कि दोनों के बीच संबंध अब भी बने हुए हैं। इसी शक ने धीरे-धीरे दुश्मनी का रूप ले लिया। प्रारंभिक जांच के मुताबिक आरोपी ने पहले से ही निखिल की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी थी और मौका मिलते ही हमला करने की योजना बनाई।</p>
<p>गुरुवार रात निखिल अपने एक दोस्त के साथ किसी काम से बाहर निकला था। बताया जा रहा है कि आरोपी पहले से रास्ते में घात लगाकर बैठा हुआ था। जैसे ही निखिल वहां पहुंचा, आरोपी ने उसकी आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया। अचानक हुए हमले से निखिल कुछ समझ नहीं पाया और खुद को संभालने की कोशिश करने लगा। इसी दौरान उसका दोस्त घबराकर मौके से भाग गया। इसके बाद आरोपी ने जमीन पर पड़े बड़े पत्थर से निखिल पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।</p>
<p>प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक हमले का मुख्य निशाना निखिल का सिर था। पत्थर से किए गए लगातार वार के कारण वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने घटना की सूचना मिलने पर उसे तत्काल स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे बिलासपुर रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही उसकी हालत और बिगड़ गई। बाद में मंगला चौक स्थित एक निजी अस्पताल में जांच के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।</p>
<p>घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की। प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश और अवैध संबंधों के शक को मुख्य वजह माना जा रहा है।</p>
<p>एडिशनल एसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह ने बताया कि आरोपी अपनी पत्नी के चरित्र को लेकर संदेह करता था। उसे आशंका थी कि उसकी पत्नी और निखिल गोस्वामी के बीच संबंध हैं। इसी शक के चलते उसने हत्या जैसी गंभीर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।</p>
<p>घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी आक्रोश देखा जा रहा है। निखिल को जानने वाले लोगों का कहना है कि वह अपने पेशे और अन्य कार्यों में व्यस्त रहता था तथा इलाके में उसकी अच्छी पहचान थी। अचानक हुई इस घटना ने उसके परिवार और परिचितों को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजन आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। मृतक के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच होगी ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके। मुख्य आरोपी फरार बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 14:13:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बिल्हा के सुशासन तिहार में भिड़े नेता, मंच पर शुरू हुआ विवाद बना राजनीतिक मुद्दा</title>
                                    <description><![CDATA[कृषक संगोष्ठी के दौरान बैनर में नाम और फोटो को लेकर शुरू हुई बहस ने तूल पकड़ा, कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला और विधायक धरमलाल कौशिक के समर्थक भी आमने-सामने आए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/leaders-clash-in-bilhas-good-governance-tihar-controversy-started-on/article-54555"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/bilha-sushasan-tihar.jpg" alt=""></a><br /><p>बिलासपुर जिले के बिल्हा क्षेत्र में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया जब मंच पर मौजूद कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला और बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों की समस्याओं को सुनना और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की समीक्षा करना था, लेकिन कुछ ही देर में माहौल पूरी तरह बदल गया। देखते ही देखते दोनों नेताओं के बीच शुरू हुई नोकझोंक ने राजनीतिक रंग ले लिया और कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान किसानों के मुद्दों से हटकर विवाद पर केंद्रित हो गया।</p>
<p>जानकारी के अनुसार यह कार्यक्रम बिल्हा क्षेत्र के गोड़ी गांव में पंचायत स्तर पर आयोजित किया गया था। बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण यहां पहुंचे थे। शिविर में सड़क, बिजली, पानी, खाद और सिंचाई जैसी समस्याओं पर चर्चा हो रही थी। किसान भी खुलकर अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान मंच पर लगाए गए बैनर में नाम और फोटो को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद सामने आया, जो कुछ ही समय में बहस में बदल गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने पहले इसे सामान्य राजनीतिक असहमति माना, लेकिन बाद में स्थिति लगातार गर्म होती चली गई।</p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों नेताओं के समर्थक भी अपनी-अपनी बात को लेकर सक्रिय हो गए। माहौल ऐसा बन गया कि कुछ समय के लिए कार्यक्रम की व्यवस्था प्रभावित होती दिखाई दी। हालांकि वहां मौजूद अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की। कार्यक्रम में शामिल कई किसानों का कहना था कि वे अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन राजनीतिक विवाद ने पूरे आयोजन का केंद्र बदल दिया। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन नेताओं के बीच विवाद के कारण वह मुद्दा पीछे छूट गया।</p>
<p>घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मंच के पास काफी हलचल दिखाई दे रही है और दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच बहस का माहौल नजर आता है। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोग इसे राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का परिणाम बता रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में इस तरह की स्थिति से बचा जाना चाहिए।</p>
<p>पंचायत और ग्रामीण स्तर के कार्यक्रम अक्सर स्थानीय राजनीति का केंद्र बन जाते हैं। ऐसे आयोजनों में विभिन्न दलों के नेताओं की मौजूदगी के कारण कई बार श्रेय लेने या राजनीतिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर विवाद की स्थिति बन जाती है। बिल्हा की घटना को भी इसी नजरिए से देखा जा रहा है। हालांकि अब तक किसी पक्ष की ओर से इस मामले को लेकर कोई औपचारिक शिकायत सामने नहीं आई है, लेकिन वायरल वीडियो ने मामले को व्यापक चर्चा में ला दिया है।</p>
<p>इस पूरे घटनाक्रम के बीच किसानों के मुद्दे भी चर्चा में बने हुए हैं। कार्यक्रम में मौजूद किसानों ने सड़क निर्माण, नाली व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, खाद की उपलब्धता और पेयजल जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया था। ग्रामीणों का कहना है कि इन मुद्दों का समाधान उनके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है। ऐसे में वे चाहते हैं कि जनप्रतिनिधि राजनीतिक विवादों से ऊपर उठकर स्थानीय समस्याओं के समाधान पर ध्यान दें। यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में इस घटना पर संबंधित नेताओं की प्रतिक्रिया भी सामने आ सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 13:57:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बिलासपुर में 180 क्विंटल अमानक खाद जब्त, कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[पांच दुकानों की जांच में मिली गड़बड़ियां, कई विक्रेताओं को नोटिस जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/big-action-by-agriculture-department-180-quintals-of-non-standard-fertilizer/article-54458"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/_bilaspur-news.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr">बिलासपुर जिले में किसानों को बेचे जा रहे खाद और कृषि आदानों की गुणवत्ता को लेकर कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। रतनपुर क्षेत्र में जांच के दौरान करीब 180 क्विंटल अमानक खाद जब्त की गई है। मामले के सामने आने के बाद कृषि विभाग ने संबंधित विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद और बीज उपलब्ध कराने के निर्देश पहले ही जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद कुछ दुकानों में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था।</p>
<p dir="ltr">बताया जा रहा है कि कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम ने बुधवार को रतनपुर और आसपास के इलाकों में खाद-बीज दुकानों की जांच की। इस दौरान सेवा सहकारी समिति चपोरा, महेश्वरी कृषि केंद्र रतनपुर, मेंसर्स गुप्ता ग्रेन मर्चेंट रतनपुर, सेवा सहकारी समिति रतनपुर और उन्नत कृषि सेवा केंद्र रतनपुर में दस्तावेजों और भंडारण व्यवस्था की जांच की गई। जांच के दौरान कई जगह रिकॉर्ड में गड़बड़ी और भंडारण से जुड़ी अनियमितताएं सामने आईं। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद दस्तावेजों का मिलान किया तो कई जानकारियां मेल नहीं खाईं। इसके बाद संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।</p>
<p dir="ltr">कृषि विभाग की टीम जब मेंसर्स गुप्ता ग्रेन मर्चेंट पहुंची तो वहां बड़ी मात्रा में एनपीके 20:20:0:13 उर्वरक रखा मिला। प्रारंभिक जांच में इसे अमानक पाया गया। अधिकारियों के अनुसार करीब 180 क्विंटल खाद को तत्काल प्रभाव से जब्त कर उसके विक्रय पर रोक लगा दी गई है। विभाग का कहना है कि खाद के नमूने परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे, ताकि गुणवत्ता की पुष्टि हो सके। जांच के दौरान दुकान में मौजूद कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई।</p>
<p dir="ltr">स्थानीय किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन शुरू होने से पहले खाद की मांग तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे समय में अगर अमानक या नकली खाद बाजार में बिके तो इसका सीधा असर फसल पर पड़ता है। कुछ किसानों ने बताया कि पिछले साल भी कई इलाकों में खराब गुणवत्ता वाले खाद और बीज की शिकायतें सामने आई थीं। हालांकि कार्रवाई कम होने से ऐसे मामलों में रोक नहीं लग पाई। अब कृषि विभाग की सख्ती के बाद उम्मीद की जा रही है कि बाजार में गुणवत्ता को लेकर निगरानी बढ़ेगी।</p>
<p dir="ltr">जांच के दौरान अधिकारियों ने स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर और लाइसेंस दस्तावेजों की भी जांच की। कुछ प्रतिष्ठानों में रिकॉर्ड अपडेट नहीं मिला। वहीं कुछ जगहों पर भंडारण नियमों का पालन नहीं होने की बात सामने आई। सूत्रों के मुताबिक विभाग आने वाले दिनों में जिले के दूसरे इलाकों में भी इसी तरह का अभियान चला सकता है। खासतौर पर उन दुकानों पर नजर रखी जा रही है जहां पहले भी शिकायतें मिल चुकी हैं।</p>
<p dir="ltr">कृषि विभाग के उप संचालक पीडी हथेश्वर ने कहा कि किसानों के हितों से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि अमानक उर्वरक और कृषि आदानों के विक्रय में शामिल पाए जाने वाले विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई होगी। विभाग लगातार निरीक्षण कर रहा है और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी वहां कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने किसानों से भी अपील की है कि खाद या बीज खरीदते समय पक्का बिल जरूर लें और किसी तरह की शिकायत होने पर तुरंत विभाग को जानकारी दें।</p>
<p dir="ltr">रतनपुर इलाके में हुई इस कार्रवाई के बाद खाद कारोबारियों में भी हलचल देखी जा रही है। कई दुकानदार अपने रिकॉर्ड दुरुस्त करने में लगे हुए हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि खरीफ सीजन को देखते हुए जिले में निगरानी और बढ़ाई जाएगी। फिलहाल जब्त खाद को सुरक्षित रखा गया है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट आने के बाद तय की जाएगी। ऐसा कहा जा रहा है कि जांच का दायरा और बढ़ सकता है, क्योंकि विभाग को कुछ और दुकानों के बारे में भी शिकायतें मिली हैं। किसानों का कहना है कि समय पर सही खाद मिलना खेती के लिए सबसे जरूरी है। अगर बाजार में अमानक खाद खुलेआम बिकेगी तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 11:40:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अफेयर के शक में पत्नी ने हंसिए से काटा पति का प्राइवेट पार्ट, पुलिस में किया गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[बिलासपुर में अफेयर के शक में पत्नी ने पति पर हंसिए से हमला कर दिया। घायल पति का सिम्स अस्पताल में इलाज जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/wife-cuts-husbands-private-part-with-sickle-on-suspicion-of/article-54170"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/bilaspur-crime-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक पति-पत्नी के बीच का झगड़ा देर रात काफी गंभीर हो गया। चकरभाठा क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने अपने पति पर हंसिए से हमला कर दिया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस का कहना है कि महिला को लंबे समय से पति के किसी दूसरी महिला से संबंध होने का शक था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इस बात पर अक्सर उनके बीच विवाद होता था। यह घटना शुक्रवार की रात की बताई जा रही है। घायल को गंभीर हालत में सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राजेश कौशिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो एक राजमिस्त्री है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">के परिवार वालों का कहना है कि पिछले काफी समय से पति-पत्नी के बीच तनाव चला आ रहा था। पत्नी द्रौपती बाई को शक था कि उसका पति किसी दूसरी महिला के साथ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे घर में अक्सर बहस होती रही। शुक्रवार रात को भी दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। बताया जा रहा है कि राजेश शराब के नशे में घर लौटा था और खाना खाने के बाद सो गया था।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रारंभिक जांच के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">रात करीब एक बजे फिर से उनके बीच तकरार होने लगी। इसी दौरान गुस्से में महिला ने घर में रखा हंसिया उठाया और अपने पति पर हमला कर दिया। इस हमले में पति गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद वह खून से लथपथ होकर कमरे से बाहर आया और चिल्लाने लगा। उसकी आवाज सुनकर परिवार के अन्य सदस्य और रिश्तेदार जाग गए और तुरंत पुलिस को सूचित किया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">घटना के बाद परिजन घायल को अस्पताल ले गए। पुलिस के मुताबिक उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं। अस्पताल में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। मौके पर पहुंची पुलिस ने हंसिया को जब्त कर लिया है और आरोपी पत्नी से पूछताछ की जा रही है।</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पुलिस अधिकारियों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">शुरुआती जांच में घरेलू विवाद और अफेयर के शक की बातें सामने आई हैं। आस-पास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। इस घटना के बारे में इलाके में काफी चर्चा हो रही है और पड़ोस के लोग इस अचानक हुए हमले से दहशत में हैं। पुलिस ने महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और कार्यवाही जारी है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 16:24:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>छत्तीसगढ़ में नौतपा की तपिश शुरू, रायपुर में पारा 45°C पहुंचा, 4 दिन तक नहीं मिलेगी गर्मी से राहत</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ में नौतपा की शुरुआत के साथ भीषण गर्मी बढ़ी। रायपुर में पारा 45 डिग्री पहुंचा, अगले 4 दिन हीटवेव का असर रहेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/nautapa-heat-starts-in-chhattisgarh-mercury-reaches-45%C2%B0c-in-raipur/article-54167"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/chhattisgarh-weather-update-(9).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ में नौतपा की शुरुआत से ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। राजधानी रायपुर और कई अन्य जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में हीटवेव जैसी स्थिति बनी रह सकती है। दिन में तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच रात की हवा भी आराम नहीं दे रही है। रविवार रात तक शहरों में गर्म हवा चलती रही</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे लोगों को भरी उमस और बेचैनी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिलहाल मौसम पूरी तरह से शुष्क बना हुआ है और तापमान में किसी भी तरह की बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रायपुर</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्ग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राजनांदगांव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बलौदाबाजार और महासमुंद जैसे जिलों में दोपहर के समय सड़कें काफी खाली नजर आने लगी हैं। लोग बस जरूरी काम से ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। सोमवार को नौतपा का पहला दिन था और सुबह से ही तेज धूप ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। रायपुर में अधिकतम तापमान 45 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि न्यूनतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले चार दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में 45.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि अंबिकापुर सबसे ठंडा रहा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां न्यूनतम तापमान 24 डिग्री दर्ज हुआ। बिलासपुर में तापमान 44 डिग्री तक पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों को ज्यादा पानी पीने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">धूप से बचने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। खासकर बच्चों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को ज्यादा सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">गर्मी का असर इंसानों के साथ-साथ जानवरों पर भी दिखने लगा है। कोरबा जिले के पाली विकासखंड में हीटस्ट्रोक से लगभग 200 चमगादड़ों की मौत हो गई। नौकोनिया तालाब के पास पेड़ों से कई चमगादड़ नीचे गिरे मिले। वन विभाग के अधिकारियों ने शुरुआती जांच में लू और अत्यधिक गर्मी को इसकी वजह बताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में तापमान लगातार 42 से 43 डिग्री के बीच बना हुआ है। घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर गई और मृत चमगादड़ों को हटाया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घरों में रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लगातार धूप में रहना हीटस्ट्रोक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिहाइड्रेशन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिरदर्द और नाक से खून आने जैसी समस्याएं बढ़ा सकता है। कई अस्पतालों में गर्मी से परेशान मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होने लगी है। कुछ इलाकों में बिजली कटौती की भी शिकायतें मिल रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मौसम विभाग का कहना है कि चार दिन बाद तापमान में 1 से 3 डिग्री तक गिरावट आ सकती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन फिलहाल नौतपा के शुरुआती दिन लोगों के लिए कठिन हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 16:24:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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