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                <title>Today Panchang - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Today Panchang RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>24 जून 2026 का पंचांग: आज भद्रा का प्रभाव, शुभ कार्यों से पहले जानें मुहूर्त</title>
                                    <description><![CDATA[बुधवार के दिन तिथि, नक्षत्र और शुभ-अशुभ समय पर रहेगी लोगों की नजर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/panchang-of-june-24-2026-effect-of-bhadra-today-know/article-56752"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/panchang-24-june-2026.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आइए विस्तार से जानते हैं आज 24 जून 2026 के विस्तृत पंचांग, मुख्य ग्रह गोचर, चौघड़िया, शुभ समय और राहुकाल की सटीक समय-सारणी के बारे में, ताकि आपके सभी कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न हो सकें।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>24 जून 2026 के पंचांग के मुख्य घटक</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">वैदिक पंचांग के पांच मुख्य अंग तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार होते हैं। आज के पंचांग की मुख्य स्थितियां इस प्रकार हैं:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><span class="citation-90">विक्रम संवत:</span><span class="citation-90 citation-end-90"> 2083 (सिद्धार्थी)<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><span class="citation-89">शक संवत:</span><span class="citation-89 citation-end-89"> 1948 (पराभव)<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><span class="citation-88">मास व पक्ष:</span><span class="citation-88 citation-end-88"> ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><span class="citation-87">आज की तिथि:</span><span class="citation-87 citation-end-87"> दशमी तिथि (शाम को 06 बजकर 12 मिनट तक, इसके बाद एकादशी तिथि का आरंभ होगा)।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><span class="citation-86">आज का नक्षत्र:</span><span class="citation-86 citation-end-86"> चित्रा नक्षत्र (दुपहर 01 बजकर 59 मिनट तक, इसके बाद स्वाती नक्षत्र लगेगा)।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><span class="citation-85">आज का योग:</span><span class="citation-85 citation-end-85"> परिघ योग (सुबह 10 बजकर 23 मिनट तक, इसके बाद शिव योग की शुरुआत होगी)।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><span class="citation-84">आज का करण:</span><span class="citation-84 citation-end-84"> गरज (शाम 06 बजकर 12 मिनट तक), तदुपरांत वणिज करण जो पूरी रात रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><span class="citation-83">आज का दिन:</span><span class="citation-83 citation-end-83"> बुधवार<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सूर्य और चंद्रमा के उदय व अस्त का समय</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">पंचांग के अनुसार सूर्य और चंद्र देव की स्थिति हमारे दिन के वातावरण को प्रभावित करती है। आज समय-सारणी इस प्रकार रहेगी:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><span class="citation-82">सूर्योदय:</span><span class="citation-82 citation-end-82"> सुबह 05 बजकर 25 मिनट पर<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><span class="citation-81">सूर्यास्त:</span><span class="citation-81 citation-end-81"> शाम को 07 बजकर 23 मिनट पर<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><span class="citation-80">चंद्रोदय:</span><span class="citation-80 citation-end-80"> दोपहर 02 बजकर 42 मिनट पर<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><span class="citation-79">चंद्रास्त:</span><span class="citation-79 citation-end-79"> मध्यरात्रि के बाद 01 बजकर 35 मिनट पर (25 जून)<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><span class="citation-78">सूर्य राशि:</span><span class="citation-78 citation-end-78"> सूर्य देव इस समय मिथुन राशि में विराजमान हैं।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><span class="citation-77">चंद्र राशि:</span><span class="citation-77 citation-end-77"> चंद्र देव आज तुला राशि में संचार करेंगे।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज के शुभ मुहूर्त: कार्यों की सफलता के लिए सर्वश्रेष्ठ समय</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">यदि आप आज कोई नया व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, गृह प्रवेश की रूपरेखा बना रहे हैं, या कोई बड़ा वित्तीय लेनदेन करने जा रहे हैं, तो इन शुभ समयों का उपयोग करें:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><span class="citation-76">अमृत काल:</span><span class="citation-76 citation-end-76"> सुबह 07 बजकर 01 मिनट से सुबह 08 बजकर 46 मिनट तक।<sup class="superscript"></sup></span> यह समय किसी भी प्रकार के आध्यात्मिक और मांगलिक कार्यों के लिए बहुत उत्तम है। </p>
</li>
<li>
<p><span class="citation-75">ब्रह्म मुहूर्त:</span><span class="citation-75 citation-end-75"> सुबह 03 बजकर 53 मिनट से सुबह 04 बजकर 39 मिनट तक।<sup class="superscript"></sup></span> योग, ध्यान और अध्ययन के लिए यह समय सर्वोत्तम माना गया है। </p>
</li>
<li>
<p>दिन का चौघड़िया मुहूर्त:</p>
<ul>
<li>
<p><span class="citation-74">लाभ (उन्नति):</span><span class="citation-74 citation-end-74"> सुबह 05:25 से सुबह 07:10 तक<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p>अमृत (सर्वोत्तम): सुबह 07:10 से सुबह 08:55 तक</p>
</li>
<li>
<p>शुभ (उत्तम): सुबह 10:39 से दोपहर 12:24 तक</p>
</li>
</ul>
</li>
</ul>
<blockquote>
<p>विशेष नोट: आज 24 जून 2026 को दोपहर में कोई विशिष्ट 'अभिजित मुहूर्त' उपलब्ध नहीं है, इसलिए ऊपर दिए गए अमृत काल अथवा शुभ चौघड़िया में मांगलिक कार्य संपन्न किए जा सकते हैं।</p>
</blockquote>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>अशुभ समय और राहुकाल: इस दौरान वर्जित हैं शुभ कार्य</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">शास्त्रों के अनुसार, राहुकाल और कुछ अन्य विशिष्ट समयों में कोई भी नया या मांगलिक कार्य शुरू नहीं करना चाहिए, क्योंकि इस दौरान किए गए कार्यों में विघ्न आने की आशंका रहती है।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><span class="citation-73">राहुकाल:</span><span class="citation-73 citation-end-73"> दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से दोपहर 01 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।<sup class="superscript"></sup></span> इस डेढ़ घंटे की अवधि में किसी भी नए अनुबंध, खरीद-बिक्री या यात्रा की शुरुआत करने से बचें। </p>
</li>
<li>
<p><span class="citation-72">गुलिक काल:</span><span class="citation-72 citation-end-72"> सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजकर 00 मिनट तक।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p><span class="citation-71">यमगण्ड:</span><span class="citation-71 citation-end-71"> सुबह 07 बजकर 30 मिनट से सुबह 09 बजकर 00 मिनट तक।<sup class="superscript"></sup></span> </p>
</li>
<li>
<p>दिशाशूल: बुधवार के दिन उत्तर दिशा में दिशाशूल रहता है। यदि इस दिशा में यात्रा करना बहुत आवश्यक हो, तो सुबह घर से निकलने से पहले धनिया या तिल खाकर निकलें।</p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आज का धार्मिक महत्व और विशेष उपाय</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">24 जून 2026 को ज्येष्ठ शुक्ल दशमी तिथि होने के कारण यह दिन धार्मिक दृष्टि से बहुत पवित्र है। <span class="citation-70 citation-end-70">शाम 06:12 के बाद एकादशी तिथि शुरू हो जाएगी, जो कि अगले दिन 'निर्जला एकादशी' के रूप में मनाई जाएगी।<sup class="superscript"></sup></span> जो श्रद्धालु निर्जला एकादशी का कठिन व्रत रखते हैं, वे आज दशमी तिथि की शाम से ही चावल और तामसिक भोजन का त्याग कर देते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">आज का महाउपाय: चूंकि आज बुधवार है और परिघ के साथ शिव योग का सुंदर तालमेल बन रहा है, इसलिए सुबह के समय भगवान गणेश को 21 दूर्वा (दूब घास) अर्पित करें और मोदक का भोग लगाएं। ऐसा करने से कुंडली में बुध ग्रह मजबूत होता है, व्यापार में उन्नति होती है और धन से जुड़ी सभी परेशानियां समाप्त होती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 10:42:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>22 जून 2026 का पंचांग: जानिए आज का शुभ मुहूर्त, तिथि और ग्रहों की स्थिति</title>
                                    <description><![CDATA[सोमवार, 22 जून 2026 के पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग, करण और शुभ-अशुभ समय का विशेष महत्व माना जा रहा है। जानिए दिनभर के ज्योतिषीय संकेत और धार्मिक दृष्टि से आज का महत्व।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/panchang-of-june-22-2026-know-todays-auspicious-time-date/article-56604"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/22-june-2026-panchang.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">22 जून 2026, सोमवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। भारतीय पंचांग के अनुसार किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले तिथि, नक्षत्र, योग और करण का विचार करना परंपरा का हिस्सा रहा है। यही कारण है कि आज भी बड़ी संख्या में लोग अपने दैनिक कार्यों, यात्राओं, पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यक्रमों के लिए पंचांग का सहारा लेते हैं। आज का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए समर्पित माना जाता है, क्योंकि सोमवार का संबंध शिव पूजा से जुड़ा हुआ है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पंचांग के अनुसार आज आषाढ़ मास के प्रारंभिक दिनों का प्रभाव देखने को मिल रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा का विशेष फल प्राप्त होता है। सुबह के समय वातावरण अपेक्षाकृत शांत और सकारात्मक रहने की संभावना है। कई श्रद्धालु आज मंदिरों में दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंच सकते हैं। बताया जाता है कि सोमवार को शिवलिंग पर जल अर्पित करने से मन की शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आज की तिथि कई धार्मिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शुभ कार्य करने से पहले तिथि और नक्षत्र का विचार करना लाभकारी हो सकता है। दिनभर ग्रहों की स्थिति कुछ राशियों के लिए अनुकूल संकेत दे सकती है, जबकि कुछ लोगों को महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आज का दिन धैर्य, संयम और योजनाबद्ध तरीके से काम करने वालों के लिए बेहतर परिणाम लेकर आ सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नक्षत्र की दृष्टि से भी आज का दिन विशेष माना जा रहा है। नक्षत्रों का प्रभाव व्यक्ति के स्वभाव, निर्णय क्षमता और कार्यों की सफलता पर पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र में माना जाता है कि शुभ नक्षत्र में शुरू किए गए कार्यों के सफल होने की संभावना अधिक रहती है। यही वजह है कि विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए पंचांग का अध्ययन किया जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आज का योग भी कई मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। योग का संबंध व्यक्ति के भाग्य और कार्यों के परिणाम से जोड़ा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ योग में किए गए कार्य अपेक्षाकृत बेहतर फल प्रदान करते हैं। वहीं अशुभ समय में महत्वपूर्ण निर्णयों को टालने की सलाह दी जाती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि मेहनत और सही दिशा में किया गया प्रयास किसी भी ग्रह स्थिति से अधिक प्रभावशाली होता है। करण की बात करें तो इसका उपयोग विशेष रूप से मुहूर्त निर्धारण में किया जाता है। पंचांग के पांच प्रमुख अंगों में करण भी शामिल है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार किसी भी कार्य की सफलता में करण की भूमिका मानी जाती है। इसलिए कई लोग नए कार्यों की शुरुआत से पहले इसकी जानकारी प्राप्त करते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">धार्मिक दृष्टि से आज का दिन पूजा-पाठ, दान-पुण्य और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए अनुकूल माना जा रहा है। मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ सकती है। कई स्थानों पर विशेष पूजा और धार्मिक आयोजनों की भी संभावना है। सुबह और शाम के समय भगवान शिव के मंत्रों का जाप तथा ध्यान करना मानसिक शांति प्रदान कर सकता है। ऐसा कहा जाता है कि नियमित पूजा और सकारात्मक सोच व्यक्ति के जीवन में संतुलन बनाए रखने में मदद करती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आज के पंचांग के अनुसार राहुकाल और अन्य अशुभ समय को ध्यान में रखकर कार्य करना बेहतर माना जाता है। हालांकि आधुनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच हर व्यक्ति पंचांग के अनुसार अपने कार्य नहीं कर पाता, फिर भी धार्मिक आस्था रखने वाले लोग शुभ समय का विशेष ध्यान रखते हैं। दिनभर के दौरान संयमित व्यवहार और सकारात्मक दृष्टिकोण लाभकारी साबित हो सकता है। 22 जून 2026 का पंचांग धार्मिक और ज्योतिषीय दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तिथि, नक्षत्र, योग और करण का प्रभाव दिनभर महसूस किया जा सकता है। जो लोग धार्मिक गतिविधियों में रुचि रखते हैं, उनके लिए आज का दिन पूजा, ध्यान और आध्यात्मिक चिंतन के लिए अनुकूल माना जा रहा है। वहीं सामान्य लोगों के लिए भी यह दिन योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने और सकारात्मक सोच बनाए रखने का संदेश देता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/panchang-of-june-22-2026-know-todays-auspicious-time-date/article-56604</link>
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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 11:37:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज का पंचांग 21 जून 2026: तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और शुभ मुहूर्त</title>
                                    <description><![CDATA[21 जून 2026 का पंचांग देखें - शुक्ल अष्टमी तिथि, उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र, राहुकाल समय और शुभ मुहूर्त की पूरी डिटेल। दिल्ली सहित पूरे भारत के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/todays-panchang-21-june-2026-complete-information-about-date-constellation/article-56522"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/g.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr">आज रविवार को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में सूर्य की उत्तरायण स्थिति के साथ दिन सबसे लंबा हो गया है। लाखों हिंदू भक्त और ज्योतिष प्रेमी सुबह से ही आज का पंचांग देख रहे हैं। विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी) और शक संवत 1948 (पराभव) चल रहा है।</p>
<p dir="ltr">पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास पूर्णिमांत और अमांत दोनों ही गणना में है। सुबह से दोपहर 3:20 बजे तक शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष अष्टमी शुरू हो जाएगी, जो 22 जून को शाम तक चलेगी।</p>
<p dir="ltr">चंद्रमा पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में सुबह 9:31 बजे तक रहेगा। उसके बाद उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र लगेगा, जो पूरे दिन प्रभावी रहेगा। योग की बात करें तो सुबह 11:21 बजे तक सिद्धि योग रहेगा। इसके बाद व्यातिपात योग शुरू होगा।</p>
<p dir="ltr">ज्योतिषियों का कहना है कि इन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति आज के वित्तीय फैसलों, यात्रा और नए काम शुरू करने में खास भूमिका निभा रही है।</p>
<p dir="ltr">उत्तर भारत सहित दिल्ली में राहुकाल दोपहर 5:37 बजे से शाम 7:22 बजे तक रहेगा। इस दौरान कोई नया काम, शुभ कार्य या महत्वपूर्ण लेन-देन टालने की सलाह दी जा रही है।</p>
<p dir="ltr">अभिजीत मुहूर्त दोपहर में पड़ेगा, जिसे कई शुभ कामों के लिए उत्तम माना जाता है। इसके अलावा आज सरवार्थ सिद्धि योग जैसे कुछ खास योग भी बन रहे हैं, जो ज्योतिषियों के मुताबिक सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं।</p>
<p dir="ltr">21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भी मनाया जा रहा है। ग्रीष्म संक्रांति के साथ लंबे दिन और पंचांग के शुभ मुहूर्तों को मिलाकर कई लोग घर पर पूजा-पाठ, योगाभ्यास और आउटडोर धार्मिक गतिविधियां कर रहे हैं।</p>
<p dir="ltr">दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु समेत बड़े शहरों में सुबह-सुबह पंचांग ऐप्स और वेबसाइट्स पर ट्रैफिक सबसे ज्यादा रहता है। लोग घरेलू पूजा, व्यापार शुरू करने, वाहन खरीद या ग्रह प्रवेश जैसे कामों के लिए शुभ समय देख रहे हैं।</p>
<p dir="ltr">स्थानीय सूर्योदय और चंद्रोदय के अनुसार अलग-अलग शहरों में समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए लोग अपने शहर के अनुसार पंचांग देखने की सलाह देते हैं।</p>
<p dir="ltr">ज्येष्ठ मास में आने वाले व्रत-त्योहारों की तैयारी भी इन पंचांग विवरणों से शुरू हो जाती है। कई परिवार इन जानकारियों के आधार पर अगले दिनों के कार्यक्रम तय कर रहे हैं।</p>
<p dir="ltr">पंचांग आज भी आधुनिक व्यस्त जीवन में पारंपरिक मार्गदर्शन की भूमिका निभा रहा है। सूर्य के उत्तर दिशा में सबसे ऊंचे बिंदु पर पहुंचने के साथ आज का दिन खगोलीय और ज्योतिषीय दोनों ही दृष्टि से खास माना जा रहा है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 03:33:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दैनिक जागरण]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>18 जून 2026 का पंचांग: गुरुवार को शुभ योगों का संयोग, पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल दिन</title>
                                    <description><![CDATA[आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि, धार्मिक कार्यों और आध्यात्मिक साधना के लिए दिन रहेगा विशेष]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/almanac-of-june-18-2026-coincidence-of-auspicious-yogas-on/article-56237"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/18-june-2026-panchang.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">18 जून 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह दिन आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि के अंतर्गत आता है। गुरुवार होने के कारण यह दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की उपासना के लिए समर्पित माना जाता है। आज का दिन आध्यात्मिक साधना, पूजा-पाठ, दान-पुण्य और पारिवारिक मंगल कार्यों के लिए अनुकूल रह सकता है। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना है और कई लोग व्रत एवं धार्मिक अनुष्ठानों में भी भाग ले सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पंचांग के अनुसार दिन की शुरुआत शुभ ऊर्जा के साथ मानी जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक गुरुवार के दिन पीले वस्त्र धारण करना, भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करना और जरूरतमंदों को अन्न या वस्त्र का दान करना शुभ फलदायी माना जाता है। कई परिवार इस दिन विशेष पूजा का आयोजन करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरों तक गुरुवार को धार्मिक गतिविधियों का अलग महत्व देखा जाता है। मंदिरों में विष्णु सहस्रनाम, श्रीमद्भगवद्गीता पाठ और भजन-कीर्तन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। माना जाता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा जीवन में सकारात्मकता और स्थिरता लेकर आती है। आज कुछ शुभ योग भी बन रहे हैं, जिनका प्रभाव विभिन्न क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। धार्मिक कार्यों के अलावा शिक्षा, ज्ञान और आध्यात्मिक उन्नति से जुड़े प्रयासों के लिए भी यह समय अनुकूल माना जा रहा है। कई लोग नए कार्यों की योजना बनाने या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले पंचांग और शुभ मुहूर्त का सहारा लेते हैं। इसी कारण पंचांग का महत्व आज भी भारतीय समाज में बना हुआ है। विवाह, गृह प्रवेश, भूमि पूजन और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए शुभ समय की जानकारी लेने वालों की संख्या ऐसे दिनों में बढ़ जाती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पंचांग केवल तिथि और नक्षत्र की जानकारी भर नहीं देता, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपरा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। आज के दिन चंद्रमा की स्थिति और ग्रहों की चाल को ध्यान में रखते हुए कई धार्मिक गतिविधियां की जा सकती हैं। हालांकि अलग-अलग क्षेत्रों और परंपराओं में पंचांग की गणना में कुछ अंतर देखने को मिलता है, लेकिन इसके मूल सिद्धांत समान रहते हैं। यही वजह है कि देश के विभिन्न हिस्सों में लोग स्थानीय पंचांग के आधार पर अपने दैनिक और धार्मिक कार्यों की योजना बनाते हैं। गुरुवार को देवगुरु बृहस्पति का दिन माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन ज्ञान, विवेक और आध्यात्मिक शक्ति से जुड़े कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है। छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा भी इस दिन विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। कई लोग अपने गुरुजनों का सम्मान करते हैं और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। धार्मिक ग्रंथों में भी गुरुवार को सदाचार, संयम और सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह दी गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आज के पंचांग के अनुसार दिनभर कई शुभ समय ऐसे रहेंगे जिनमें पूजा, हवन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जा सकते हैं। सुबह का समय विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। हालांकि राहुकाल और अन्य अशुभ कालखंडों का ध्यान रखने की भी सलाह दी जाती है। परंपरागत मान्यताओं के अनुसार शुभ मुहूर्त में किए गए कार्यों के सफल होने की संभावना अधिक मानी जाती है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग पंचांग देखकर अपने महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करते हैं। पंचांग का उद्देश्य केवल भविष्य बताना नहीं बल्कि व्यक्ति को समय के महत्व और प्रकृति के साथ तालमेल का संदेश देना भी है। 18 जून 2026 का यह दिन श्रद्धा, विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का संदेश देता है। जो लोग आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि रखते हैं, उनके लिए यह दिन विशेष महत्व रख सकता है। धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ और दान-पुण्य के माध्यम से लोग अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 00:00:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>8 जून 2026 आज का पंचांग: शुभ-अशुभ समय और विवरण</title>
                                    <description><![CDATA[ज्येष्ठ माह में सोमवार को पंचांग के अनुसार दिन सामान्य प्रभाव वाला, धार्मिक गतिविधियों में दिखी रौनक]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/8-june-2026-todays-panchang-auspicious-and-inauspicious-time-and/article-55240"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/aaj-ka-panchang-8-june-2026.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">8 जून 2026 का दिन पंचांग के अनुसार धार्मिक और पारंपरिक दृष्टि से सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देशभर में आज सुबह से ही लोगों की दिनचर्या की शुरुआत पूजा-पाठ और मंदिर दर्शन के साथ होती देखी गई। खासकर मध्य भारत के शहरों में, जिसमें भोपाल भी शामिल है, सुबह के समय हल्की धार्मिक गतिविधियाँ और मंदिरों में भक्तों की आवाजाही देखी गई। ज्येष्ठ माह की तपती गर्मी के बीच भी लोगों की आस्था में कोई कमी नहीं दिखाई दी और घरों में भी कई परिवारों ने सुबह जल्दी उठकर स्नान कर भगवान की पूजा की। ऐसा माहौल आम दिनों की तुलना में थोड़ा अधिक शांत और धार्मिक बना रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">पंचांग के अनुसार आज का दिन ज्यादातर लोगों के लिए सामान्य फल देने वाला बताया जा रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं में यह संकेत मिलता है कि आज के दिन कोई बड़ा शुभ या अशुभ प्रभाव पूरी तरह हावी नहीं रहेगा, बल्कि दिन संतुलित स्थिति में आगे बढ़ेगा। सुबह के समय कुछ शुभ मुहूर्त बताए गए हैं जिनमें धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ या छोटे महत्वपूर्ण कार्य किए जा सकते हैं। वहीं दोपहर के समय राहुकाल और कुछ अशुभ समय की स्थिति भी बन रही है, जिसमें नए कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। स्थानीय पंडितों और ज्योतिष जानकारों के अनुसार इस तरह के दिन में सबसे जरूरी बात समय का सही उपयोग करना होता है, क्योंकि छोटी सी सावधानी भी दिन को बेहतर बना सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">दिन की शुरुआत के साथ ही कई मंदिरों में घंटियों की आवाज और भजन-कीर्तन का माहौल देखने को मिला। भक्तों ने भगवान के दर्शन कर परिवार की सुख-शांति की कामना की। कुछ स्थानों पर विशेष पूजा और हवन भी किए गए, जहां लोगों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। हालांकि गर्मी का असर भी साफ दिखाई दिया, जिससे दोपहर के समय सड़कों और बाजारों में थोड़ी सुस्ती रही। लेकिन जैसे-जैसे शाम का समय नजदीक आएगा, वैसे-वैसे बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर फिर से हलचल बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। लोगों का कहना है कि इस समय मौसम और पंचांग दोनों ही दैनिक जीवन की गति को कहीं न कहीं प्रभावित करते हैं, इसलिए वे अपने कामकाज को उसी अनुसार व्यवस्थित करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पंचांग से जुड़े जानकारों के मुताबिक आज चंद्रमा और सूर्य की स्थिति मिलकर दिन को मध्यम प्रभाव वाला बना रही है। इसका मतलब यह है कि किसी भी बड़े फैसले में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए और सोच-समझकर कदम बढ़ाना बेहतर रहेगा। कुछ लोगों के लिए यह दिन पुराने रुके हुए कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल हो सकता है, जबकि कुछ को थोड़ा धैर्य रखने की जरूरत हो सकती है। विशेष रूप से व्यापार और आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। हालांकि धार्मिक कार्यों और साधारण पारिवारिक गतिविधियों के लिए दिन को ठीक माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">भोपाल समेत कई शहरों में सुबह के समय मंदिरों के बाहर श्रद्धालुओं की हल्की भीड़ देखने को मिली। लोग फूल-माला और प्रसाद लेकर मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की। कई घरों में आज के दिन को शांत और आध्यात्मिक तरीके से बिताने की योजना बनाई गई। बच्चों और बुजुर्गों ने भी अपने-अपने तरीके से धार्मिक माहौल में भाग लिया। कुछ परिवारों ने आज के पंचांग को ध्यान में रखते हुए विशेष कार्य टालने का निर्णय भी लिया। कुल मिलाकर वातावरण पूरी तरह आस्था और परंपरा से जुड़ा हुआ दिखाई दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">दिन के आगे बढ़ने के साथ यह भी देखा गया कि लोग अपने कामकाज को धीरे-धीरे गति दे रहे हैं। ऑफिस जाने वाले लोगों ने सुबह के शुभ समय का ध्यान रखते हुए अपने जरूरी कार्य पूरे किए। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में खेत-खलिहान और दैनिक कामकाज सामान्य रूप से चलते रहे। मौसम गर्म जरूर है लेकिन लोगों की दिनचर्या पर इसका असर अब धीरे-धीरे सामान्य होता जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि ऐसे दिनों में मन की स्थिरता और धैर्य ही सबसे बड़ा सहारा होता है, जिससे दिन को बेहतर बनाया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">8 जून 2026 का पंचांग लोगों को एक संतुलित और साधारण दिन का संकेत दे रहा है। न तो कोई बड़ी चुनौती सामने दिख रही है और न ही कोई अत्यधिक शुभ संकेत जो अचानक बड़े बदलाव लाए। ऐसे में लोगों के लिए यह दिन अपने रोजमर्रा के कामों को शांतिपूर्वक आगे बढ़ाने का अवसर देता है। धार्मिक आस्था, पारंपरिक मान्यताएँ और दैनिक जीवन की व्यस्तता—इन सबके बीच आज का दिन एक सामान्य लेकिन अर्थपूर्ण अनुभव के रूप में देखा जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 11:06:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आज का पंचांग 3 जून 2026: शुभ मुहूर्त, तिथि और ग्रह-नक्षत्र की जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[बुधवार के दिन बनने वाले योग, तिथि, नक्षत्र और राहुकाल का समय जानें, दिनभर के शुभ-अशुभ संकेतों पर एक नजर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/6a1fb879c9ee4/article-54813"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/aaj-ka-panchang-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">आज का पंचांग 3 जून 2026 हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष के अनुसार विशेष महत्व रखता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, विवाह संबंधी चर्चा, गृह प्रवेश या नए कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखने की परंपरा काफी पुरानी रही है। पंचांग केवल तिथि और वार की जानकारी ही नहीं देता, बल्कि ग्रहों की स्थिति, नक्षत्र, योग, करण और दिन के शुभ-अशुभ समय के बारे में भी संकेत प्रदान करता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार दिन की शुरुआत सही समय और सकारात्मक ऊर्जा के साथ करने के लिए पंचांग का अध्ययन उपयोगी माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">बुधवार का दिन भगवान गणेश और बुध ग्रह को समर्पित माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, व्यापार, संचार और शिक्षा का कारक ग्रह कहा गया है। ऐसे में आज का दिन विद्यार्थियों, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए विशेष महत्व रख सकता है। माना जाता है कि बुधवार के दिन गणेश पूजा करने और हरे रंग का उपयोग करने से सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">पंचांग के अनुसार आज का दिन ज्येष्ठ माह के अंतर्गत आ रहा है। तिथि और नक्षत्र का प्रभाव दिनभर की गतिविधियों पर देखने को मिल सकता है। धार्मिक कार्यों में रुचि रखने वाले लोग आज विशेष पूजा-अर्चना और दान-पुण्य के कार्य कर सकते हैं। कई स्थानों पर सुबह के समय मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा सकती है। माना जाता है कि शुभ तिथि और अनुकूल ग्रह स्थिति में किए गए कार्य लंबे समय तक सकारात्मक परिणाम देते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज चंद्रमा की स्थिति मन और भावनाओं को प्रभावित कर सकती है। इसलिए दिनभर के दौरान धैर्य बनाए रखना और जल्दबाजी से बचना लाभकारी माना जा रहा है। जो लोग महत्वपूर्ण निर्णय लेने की योजना बना रहे हैं, उन्हें समय और परिस्थितियों का सही आकलन करने की सलाह दी जाती है। कार्यक्षेत्र में भी सोच-समझकर कदम उठाने से बेहतर परिणाम मिलने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">आज बनने वाले योगों का प्रभाव कई राशियों पर अलग-अलग रूप में दिखाई दे सकता है। कुछ लोगों को कार्यों में सफलता मिलने के संकेत हैं, जबकि कुछ को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ योग में शुरू किए गए कार्यों में सफलता की संभावना बढ़ जाती है। यही कारण है कि व्यवसाय शुरू करने, संपत्ति खरीदने या अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए लोग पंचांग का सहारा लेते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">राहुकाल को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। ज्योतिषीय परंपराओं में राहुकाल को शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। हालांकि नियमित दैनिक कार्यों पर इसका कोई विशेष प्रभाव नहीं माना जाता। कई लोग यात्रा या नए कार्य की शुरुआत से पहले राहुकाल का समय अवश्य देखते हैं। इसी तरह अभिजीत मुहूर्त और अन्य शुभ मुहूर्तों को भी महत्वपूर्ण माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">धार्मिक दृष्टि से आज का दिन भगवान गणेश की आराधना के लिए अनुकूल माना जा रहा है। मान्यता है कि गणपति की पूजा से बाधाएं दूर होती हैं और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। कई श्रद्धालु आज गणेश मंदिरों में दर्शन कर सकते हैं या घर पर विशेष पूजा का आयोजन कर सकते हैं। इसके साथ ही जरूरतमंद लोगों की सहायता और दान-पुण्य को भी शुभ माना गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">शिक्षा और करियर के क्षेत्र में प्रयास कर रहे लोगों के लिए आज का दिन योजनाएं बनाने और उन्हें व्यवस्थित करने का अवसर दे सकता है। व्यापारियों के लिए नए संपर्क और नए सौदों पर विचार करने का समय अनुकूल माना जा रहा है। हालांकि किसी भी बड़े निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लेना उचित रहेगा। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना आज के दिन का प्रमुख संदेश माना जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्वास्थ्य के लिहाज से दिन सामान्य रहने की संभावना है। हालांकि मौसम और दिनचर्या को देखते हुए खानपान पर ध्यान देना जरूरी रहेगा। मानसिक शांति बनाए रखने के लिए ध्यान, योग और सकारात्मक सोच का सहारा लिया जा सकता है। परिवार के साथ समय बिताना भी तनाव कम करने में मददगार साबित हो सकता है।</p>
<p>आज का पंचांग 3 जून 2026 संतुलन, सावधानी और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल समय का संकेत देता है। धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार दिनभर सकारात्मक सोच बनाए रखना और सही समय पर सही निर्णय लेना लाभकारी हो सकता है। जो लोग अपने कार्यों की शुरुआत शुभ मुहूर्त में करेंगे, उनके लिए दिन अपेक्षाकृत बेहतर रहने की संभावना व्यक्त की जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 11:14:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>आज का पंचांग: वैशाख शुक्ल दशमी, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और नक्षत्र स्थिति</title>
                                    <description><![CDATA[मघा नक्षत्र और वृद्धि योग के संयोग में आज का दिन धार्मिक कार्यों और पूजा-पाठ के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/todays-panchang-vaishakh-shukla-dashami-know-the-auspicious-time-rahukaal/article-52112"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/panchang5.jpg" alt=""></a><br /><p>आज का पंचांग धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण योगों से युक्त है। आज वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि का संयोग बन रहा है, जो शाम 06 बजकर 06 मिनट तक प्रभावी रहेगी, इसके बाद एकादशी तिथि का आरंभ होगा। मघा नक्षत्र और वृद्धि योग के साथ यह दिन धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ के लिए शुभ माना जा रहा है।</p>
<p><strong>क्या विशेष है आज के पंचांग में</strong><br />पंचांग के अनुसार आज चंद्रमा दिन-रात सिंह राशि में संचार करेगा, जिससे आत्मबल, नेतृत्व और पारिवारिक सम्मान से जुड़े मामलों में विशेष प्रभाव देखने को मिलेगा। सूर्यदेव मेष राशि में स्थित हैं और वसंत ऋतु का प्रभाव पूरे वातावरण में ऊर्जा और उत्साह का संचार कर रहा है।</p>
<p><strong>शुभ-अशुभ समय</strong><br />आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:17 से 05:01 बजे तक रहेगा, जिसे धार्मिक साधना और ध्यान के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:53 से 12:45 बजे तक रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए श्रेष्ठ समय है। वहीं, राहुकाल शाम 04:30 से 06:00 बजे तक रहेगा, जिसमें कोई भी नया कार्य आरंभ करने से बचने की सलाह दी गई है।</p>
<p>गुलिक काल दोपहर 03:30 से 04:30 बजे तक और यमगंड दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक रहेगा, जिन्हें अशुभ समय माना जाता है।</p>
<p><strong> ग्रह-नक्षत्रों के योग</strong><br />आज मघा नक्षत्र रात्रि 08:27 बजे तक प्रभावी रहेगा, जिसके स्वामी केतु हैं और देवता पितर माने जाते हैं। यह नक्षत्र परंपरा, सम्मान और पूर्वजों के आशीर्वाद से जुड़ा होता है। इसके बाद पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का आरंभ होगा।</p>
<p>वृद्धि योग रात्रि 10:28 बजे तक रहेगा, जिसके बाद ध्रुव योग का प्रभाव शुरू होगा। तैतिल करण सुबह 06:13 बजे तक और इसके बाद गरज करण का प्रभाव शाम 06:06 बजे तक रहेगा।</p>
<p><strong>सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र स्थिति</strong><br />आज सूर्योदय सुबह 05:45 बजे और सूर्यास्त शाम 06:53 बजे होगा। चंद्रोदय दोपहर 02:10 बजे और चंद्रास्त 27 अप्रैल की रात 03:03 बजे होगा।</p>
<p><strong>क्यों है आज का दिन महत्वपूर्ण</strong><br />धार्मिक दृष्टि से आज का दिन विशेष रूप से सूर्य उपासना के लिए श्रेष्ठ माना गया है। मघा नक्षत्र में पितरों की कृपा प्राप्त करने के लिए पूजा और तर्पण का विशेष महत्व बताया गया है। रविवार होने के कारण सूर्यदेव की आराधना से जीवन में तेज, सम्मान और सफलता की वृद्धि होती है।</p>
<p><strong>क्या करें आज</strong><br />आज सूर्यदेव को जल अर्पित करना और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना शुभ माना गया है। तांबे के पात्र या गुड़ का दान करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सामाजिक मान-सम्मान बढ़ता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 08:08:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज का पंचांग : सीता नवमी पर शुभ मुहूर्त और राहुकाल की जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[25 अप्रैल 2026 का पंचांग धार्मिक दृष्टि से विशेष है, आज सीता नवमी के साथ शुभ-अशुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्रों का महत्वपूर्ण संयोग बन रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/todays-panchang-25-april-2026-information-about-auspicious-time-and/article-52042"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/aaj-ka-panchang9.jpg" alt=""></a><br /><p>आज 25 अप्रैल 2026, शनिवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।आज वैशाख शुक्ल नवमी तिथि के साथ सीता नवमी का पावन पर्व मनाया जाएगा।इस आज का पंचांग में शुभ मुहूर्त, राहुकाल और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है।</p>
<p>आज का दिन धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ के लिए शुभ माना जा रहा है। वैदिक गणना के अनुसार आज शुक्ल नवमी तिथि, अश्लेषा नक्षत्र और गण्ड योग का संयोग बन रहा है। चंद्रमा दिन में कर्क राशि में रहकर रात में सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। वहीं सूर्यदेव मेष राशि में स्थित रहकर ऊर्जा और आत्मबल का संचार कर रहे हैं। यही कारण है कि आज का पंचांग 25 अप्रैल 2026 धार्मिक दृष्टि से अत्यंत प्रभावशाली माना जा रहा है।</p>
<hr />
<h5><strong><span>तिथि और योग स्थिति</span></strong></h5>
<h5><span><strong>पंचांग विवरण</strong></span></h5>
<p>आज शुक्ल नवमी तिथि सायं 06 बजकर 27 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ होगी। अश्लेषा नक्षत्र रात 08:04 बजे तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद मघा नक्षत्र का प्रवेश होगा। गण्ड योग रात्रि 11:43 बजे तक रहेगा और उसके बाद वृद्धि योग आरंभ होगा। बालव करण सुबह 06:50 बजे तक और उसके बाद कौलव करण प्रभावी रहेगा।</p>
<h5><span><strong>शुभ-अशुभ समय</strong></span></h5>
<p>आज का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:18 से 05:02 बजे तक रहेगा, जो ध्यान और साधना के लिए अत्यंत उत्तम समय माना गया है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:53 से 12:46 बजे तक रहेगा। वहीं अमृत काल शाम 06:29 से रात 08:04 बजे तक रहेगा, जिसे शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ बताया गया है।</p>
<h5><span><strong>अशुभ काल</strong></span></h5>
<p>राहुकाल सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक रहेगा। इसके अलावा गुलिक काल सुबह 06:00 से 07:30 बजे तक और यमगंड दोपहर 01:30 से 03:30 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस समय में शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है</p>
<h5><span><strong>सीता नवमी का महत्व</strong></span></h5>
<p>वैशाख शुक्ल नवमी को माता सीता के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन माता सीता और भगवान श्रीराम की पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है। सुहागिन महिलाओं के लिए यह दिन विशेष फलदायी माना जाता है। पूजा मुहूर्त सुबह 11:01 से दोपहर 01:38 बजे तक अत्यंत शुभ माना गया है।</p>
<h5><span><strong>धार्मिक प्रभाव और मान्यता</strong></span></h5>
<p> धार्मिक परंपराओं के अनुसार आज का दिन आध्यात्मिक साधना और पारिवारिक सुख के लिए महत्वपूर्ण है। अश्लेषा नक्षत्र और गण्ड योग के बावजूद सीता नवमी का प्रभाव शुभ फल प्रदान करने वाला माना गया है।</p>
<p>धार्मिक मान्यताओं में कहा गया है कि इस दिन किए गए दान-पुण्य से शनि दोष का प्रभाव भी कम होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।</p>
<hr />
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 08:07:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज का पंचांग 24 अप्रैल 2026: वैशाख शुक्ल अष्टमी पर जानें शुभ मुहूर्त</title>
                                    <description><![CDATA[राहुकाल, नक्षत्र और पूजा का सही समय जानें आज वैशाख शुक्ल अष्टमी के साथ पुष्य नक्षत्र का संयोग, जानिए दिनभर के शुभ-अशुभ समय।
आज का दिन धार्मिक और शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सही मुहूर्त में किए गए कार्य बेहतर फल दे सकते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/todays-panchang-24-april-2026-know-the-auspicious-time-on/article-51954"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/panchan.jpg" alt=""></a><br /><p>24 अप्रैल 2026, शुक्रवार को आज का पंचांग 24 अप्रैल 2026 के अनुसार वैशाख माह की शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि का संयोग बन रहा है। इस दिन पुष्य नक्षत्र और शूल योग का प्रभाव रहेगा, जो धार्मिक अनुष्ठानों और पूजन के लिए विशेष महत्व रखता है। सूर्य मेष राशि में स्थित हैं और चंद्रमा कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे भावनात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा में वृद्धि देखी जा रही है।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, अष्टमी तिथि सायं 7:21 बजे तक रहेगी, इसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। वहीं पुष्य नक्षत्र रात्रि 8:14 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस दिन बगलामुखी जयंती भी मनाई जा रही है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है।</p>
<h5><span><strong>दिनभर के शुभ-अशुभ समय</strong></span></h5>
<p>आज के पंचांग के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:19 बजे से 5:03 बजे तक रहेगा, जिसे पूजा और ध्यान के लिए सर्वोत्तम समय माना गया है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:53 बजे से 12:46 बजे तक रहेगा, जिसमें महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत की जा सकती है।</p>
<p>अमृत काल दोपहर 2:01 बजे से 3:35 बजे तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल समय है।वहीं राहुकाल सुबह 10:30 बजे से 12:00 बजे तक रहेगा। इस दौरान नए या शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा गुलिक काल सुबह 7:30 से 9:00 बजे तक और यमगंड दोपहर 3:30 से 4:30 बजे तक रहेगा।</p>
<h5><span><strong>ग्रहों की स्थिति और प्रभाव</strong></span></h5>
<p>आज चंद्रमा कर्क राशि में पूरे दिन गोचर कर रहे हैं, जिससे मानसिक संवेदनशीलता और भावनात्मक सोच में बढ़ोतरी हो सकती है। सूर्य मेष राशि में रहकर आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को मजबूत कर रहे हैं।</p>
<p>रिपोर्ट्स के अनुसार, पुष्य नक्षत्र को अत्यंत शुभ और पोषण देने वाला नक्षत्र माना जाता है। इसका स्वामी शनिदेव है और देवता बृहस्पति हैं, जो ज्ञान और धर्म का प्रतीक हैं। इस नक्षत्र में किए गए कार्य दीर्घकालिक लाभ देने वाले माने जाते हैं।</p>
<h5><span><strong>धार्मिक महत्व</strong></span></h5>
<p>वैशाख शुक्ल अष्टमी के दिन बगलामुखी जयंती मनाई जाती है। यह दिन शक्ति उपासना के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन माता लक्ष्मी और देवी बगलामुखी की पूजा करने से जीवन में स्थिरता और समृद्धि आती है।</p>
<p>इस दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व है। सफेद वस्त्र, चावल या मिठाई का दान करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।</p>
<hr />
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 08:22:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज का पंचांग : वैशाख शुक्ल षष्ठी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त का समय</title>
                                    <description><![CDATA[आर्द्रा नक्षत्र और अतिगण्ड योग का प्रभाव, राहुकाल में सावधानी जरूरी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/todays-panchang-22-april-2026-vaishakh-shukla-shashthi-date-know/article-51795"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/panchang-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>आज बुधवार को वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि का शुभ संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार, आज आर्द्रा नक्षत्र और अतिगण्ड योग का प्रभाव रहेगा, जो दिनभर के कार्यों और निर्णयों पर विशेष असर डाल सकता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आज का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p>आज षष्ठी तिथि रात्रि 10 बजकर 49 मिनट तक रहेगी, इसके बाद सप्तमी तिथि का आरंभ होगा। आर्द्रा नक्षत्र रात्रि 10 बजकर 13 मिनट तक प्रभावी रहेगा, जिसके पश्चात पुनर्वसु नक्षत्र शुरू होगा। वहीं अतिगण्ड योग सुबह 09 बजकर 08 मिनट तक रहेगा, इसके बाद सुकर्मा योग प्रारंभ होगा, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।</p>
<p>सूर्योदय प्रातः 05:49 बजे और सूर्यास्त सायं 06:51 बजे होगा। चंद्रमा आज मिथुन राशि में गोचर करेगा, जिससे संवाद और बौद्धिक गतिविधियों में वृद्धि देखने को मिल सकती है। चंद्रोदय सुबह 09:50 बजे और चंद्रास्त रात्रि 12:25 बजे (23 अप्रैल) होगा।</p>
<p><strong>शुभ मुहूर्त की बात करें तो</strong> आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:21 से 05:05 बजे तक रहेगा, जो ध्यान और पूजा के लिए सर्वोत्तम माना गया है। अमृत काल दोपहर 12:57 से 02:26 बजे तक रहेगा, जिसमें महत्वपूर्ण कार्य करना लाभकारी हो सकता है। हालांकि, आज अभिजीत मुहूर्त का अभाव रहेगा।</p>
<p><strong>अशुभ समय की दृष्टि से</strong>, राहुकाल दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक रहेगा, इस दौरान नए कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, गुलिक काल सुबह 10:30 से 12:00 बजे तक और यमगंड सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक रहेगा, जिन्हें अशुभ समय की श्रेणी में रखा जाता है।</p>
<p>धार्मिक दृष्टि से आज <strong>स्कंद षष्ठी व्रत</strong> का विशेष महत्व है। आर्द्रा नक्षत्र के स्वामी राहु माने जाते हैं और इसके देवता रुद्र (भगवान शिव का रूप) हैं। ऐसे में आज भगवान शिव की पूजा-अर्चना करना विशेष फलदायी माना गया है।</p>
<p><strong>ज्योतिषीय विश्लेषण के अनुसार</strong>, आर्द्रा नक्षत्र परिवर्तन और नई शुरुआत का संकेत देता है, जबकि सुकर्मा योग दिन के दूसरे हिस्से में सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा। यह दिन विशेष रूप से आत्मचिंतन, आध्यात्मिक साधना और योजनाओं को व्यवस्थित करने के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।</p>
<p><strong>आज का उपाय:</strong> भगवान शिव को जल अर्पित करें और मूंग की दाल का दान करें। यह उपाय मानसिक शांति और बौद्धिक विकास में सहायक माना जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 08:22:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोम प्रदोष व्रत पर शिव उपासना का विशेष संयोग, जानें आज का पंचांग और शुभ समय</title>
                                    <description><![CDATA[चैत्र शुक्ल त्रयोदशी पर प्रदोष काल में पूजा का विशेष महत्व, राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त पर रखें ध्यान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/know-the-special-coincidence-of-shiva-worship-on-som-pradosh/article-49500"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-03/panchang6.jpg" alt=""></a><br /><div class="flex flex-col text-sm pb-25">

<div class="text-base my-auto mx-auto pb-10 [--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-xs,calc(var(--spacing)*4))] @w-sm/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-sm,calc(var(--spacing)*6))] @w-lg/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-lg,calc(var(--spacing)*16))] px-(--thread-content-margin)">
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<p>चैत्र शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर सोमवार को सोम प्रदोष व्रत का विशेष संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिन भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। आज प्रदोष काल में शाम 6:38 बजे से रात 8:57 बजे तक पूजा का शुभ समय निर्धारित है, जिसे व्रत और अनुष्ठान के लिए सर्वोत्तम माना गया है।</p>
<p>पंचांग के अनुसार, आज तिथि प्रातः 7:09 बजे तक द्वादशी रहेगी, जिसके बाद त्रयोदशी प्रारंभ होगी। यह त्रयोदशी तिथि अगले दिन सुबह तक प्रभावी रहेगी। सुबह 6:14 बजे सूर्योदय और शाम 6:38 बजे सूर्यास्त होगा, जो प्रदोष व्रत के लिए अनुकूल समय बनाता है।</p>
<p>ज्योतिषीय दृष्टि से आज का दिन भी महत्वपूर्ण है। चंद्रमा दोपहर 2:38 बजे तक कर्क राशि में रहेगा और इसके बाद सिंह राशि में प्रवेश करेगा। मघा नक्षत्र का प्रभाव दिनभर बना रहेगा, जो साहस, नेतृत्व और उदारता से जुड़ा माना जाता है। हालांकि, शूल योग के कारण व्यवहार में संयम और वाणी में मधुरता बनाए रखने की सलाह दी गई है।</p>
<p>आज के शुभ और अशुभ समय भी दैनिक कार्यों के लिए अहम हैं। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:01 बजे से 12:51 बजे तक रहेगा, जिसे नए कार्यों की शुरुआत के लिए उपयुक्त माना जाता है। वहीं राहुकाल सुबह 7:47 बजे से 9:20 बजे तक रहेगा, इस दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा यमगण्ड और गुलिकाल भी दिन के मध्य समय में प्रभावी रहेंगे।</p>
<p>धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्रदोष व्रत विशेष रूप से मानसिक शांति, पारिवारिक सुख और वैवाहिक जीवन में मधुरता लाने वाला माना जाता है। सोमवार के दिन पड़ने के कारण इसका महत्व और बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखकर विधिपूर्वक पूजा करने से चंद्रमा से जुड़े दोषों में कमी आती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के व्रत केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह मानसिक संतुलन और आत्मनियंत्रण को भी मजबूत करते हैं। वर्तमान समय में, जब तनाव और अस्थिरता बढ़ रही है, ऐसे अवसर लोगों को आंतरिक शांति की ओर प्रेरित करते हैं।</p>
<p>आगे भी चैत्र माह में कई महत्वपूर्ण व्रत और पर्व आने वाले हैं, जिन्हें लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। आज का दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पब्लिक इंटरेस्ट स्टोरी के रूप में भी लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का संदेश देता है।</p>
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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 07:50:14 +0530</pubDate>
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